Restoration of Old Pension Scheme

पौड़ी: गढ़वाल मंडल मुख्यालय पौड़ी में आज राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा के बैनर तले कर्मचारियों द्वारा एक विशाल रैली निकाली गई। यह रैली पौड़ी बस अड्डे से शुरू होकर एजेंसी चौक और कंडोलिया मार्ग से होते हुए कमिश्नरी परिसर तक पहुँची, जहाँ कर्मचारियों ने जोरदार नारेबाजी कर अपना विरोध दर्ज कराया।

रैली में शामिल कर्मचारियों ने कहा कि लंबे समय से संघर्ष और लगातार आंदोलनों के बावजूद सरकार द्वारा पुरानी पेंशन बहाली पर कोई ठोस और सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया है। उनका कहना था कि वे लगातार सड़कों पर उतरकर अपनी मांग उठा रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी इस महत्वपूर्ण मांग की अनदेखी कर रही है।

मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीपी सिंह रावत ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव तक पुरानी पेंशन बहाली पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो कर्मचारी वर्ग चुनाव में अपना रुख स्पष्ट करने को बाध्य होगा।

प्रदेश अध्यक्ष मनोज अवस्थी ने कहा कि बुढ़ापे में कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन ही एकमात्र सहारा है, जिसे उनसे छीन लिया गया है। वहीं प्रदेश प्रभारी विक्रम सिंह रावत ने कहा कि जहां एक दिन का विधायक या सांसद पुरानी पेंशन का लाभ लेता है, वहीं 30–35 वर्षों तक सेवा देने वाले सरकारी कर्मचारी इससे वंचित हैं।

संगठन के मुख्य संयोजक जयदीप रावत ने कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे संकल्प लें कि भविष्य में उसी राजनीतिक दल का समर्थन करेंगे, जो अपने घोषणा पत्र में पुरानी पेंशन बहाली को शामिल करेगा। प्रदेश महिला अध्यक्षा रानीता विश्वकर्मा ने कहा कि यह लड़ाई केवल किसी एक वर्ग की नहीं, बल्कि हर उस परिवार की है, जो अपने भविष्य को सुरक्षित और सम्मानजनक देखना चाहता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुरानी पेंशन बहाली कोई विकल्प नहीं, बल्कि समय की आवश्यकता है।

गढ़वाल मंडल अध्यक्ष एवं मंत्री शंकर भट्ट और राजीव उनियाल ने संयुक्त वक्तव्य में कहा कि नई पेंशन योजना (एनपीएस) एक बाजार आधारित व्यवस्था है, जिसमें किसी प्रकार की निश्चित गारंटी नहीं है। रैली में बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी भी देखने को मिली। कर्मचारियों ने यह भी खेद जताया कि गढ़वाल कमिश्नरी मुख्यालय होने के बावजूद यहां नियमित रूप से कमिश्नर की उपस्थिति नहीं रहती। अंत में कमिश्नरी पहुंचकर मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपा, जिसे कमिश्नर की ओर से अपर जिलाधिकारी ने प्राप्त किया।

इस अवसर पर प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए सैकड़ों कार्मिक उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से मंजू नेगी, सरिता माहारी, अनिता बिष्ट, भारती जुयाल, सूचिता, सुमित्रा रावत, प्रीति, हेमंती, सालिनी चौधरी, विधि, मंजू असवाल, निर्मला राणा, प्राची, कामिनी, रश्मि गौड़, शशि चौधरी, ऋषि सेमवाल, अनूप बरतवाल, सुबोध कुकरेती, संतोष खंडूरी, विजय नेगी, मनोज बिष्ट, संग्राम नेगी, भवान नेगी, राजपाल बिष्ट, प्रेम चन्द्र ध्यानी, जसपाल रावत, जसपाल गुसाईं, माखन लाल, अमित नौडियाल, देवी गोस्वामी, महेंद्र चौहान, संजय, संजय नेगी, रेवती नंदन डंगवाल, राकेश रावत, मनोज भंडारी, प्रवीण पंवार, सुजीत लिंगवाल, मनोज काला, विक्रम रावत, शंकर भट्ट, नरेश भट्ट, आलोक भट्ट, रणवीर सिंघवाल, सतीश कुमार, पुरण फर्स्वाण, जगत फर्स्वाण, हेमलता कोठियाल, हर्षी बहुगुणा, कैलाश, रोशन गुसाईं, सुरेंद्र बर्तवाल, राजकुमार, प्रदीप कोहली, लक्ष्मण सजवान, जगदीश विष्ट, अभिषेक नवानी, विकास रावत, अंकित भट्ट, प्रवीण घिल्डियाल, अंकित रौठान, अंकुश नौटियाल, आशीष शुक्ला, रणवीर सिंधवाल, सौरभ नौटियाल, संदीप मैठाणी, विनोद चौहान, चंद्रशेखर उनियाल, धनवीर रमोला, राकेश चंद्र, दीपक मियां, शैलेन्द्र मैठाणी, चमनेश्वर भट्ट, कुलदीप रावत, दीपक नेगी, आनंद सिंह लिंगवाल, प्रतीक पोखरियाल, रघुराज सिंह चौहान, बिजलवान, शिवदयाल भंडारी, मदन भंडारी, दीपक गोदियाल, अंकित, कीर्ति भट्ट, दिगंबर रावत, दयाशंकर उनियाल, नरेंद्र, दिनेश नेगी, आयुष चौहान, सुबोध जोशी सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।