नई दिल्ली। दिल्ली के मालवीय नगर में 3 जून को हुए अग्निकांड के मामले में गिरफ्तार शेफ केसर सिंह नेगी (केशव नेगी) को न्याय दिलाने की मांग को लेकर रविवार को जंतर-मंतर पर उत्तराखंड समाज के सैकड़ों लोगों ने शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच की मांग करते हुए कहा कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति को बिना पर्याप्त साक्ष्यों के आरोपी नहीं बनाया जाना चाहिए।
उत्तराखंड लोक मंच के बैनर तले आयोजित इस धरना-प्रदर्शन में दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न सामाजिक संगठनों, पत्रकारों, होटल व्यवसायियों तथा भाजपा, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) समेत विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े उत्तराखंड समाज के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए।
प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखी। वक्ताओं ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी जांच प्रक्रिया को प्रभावित करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि जांच पूरी तरह तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर हो। उन्होंने न्यायपालिका और जांच एजेंसियों पर विश्वास जताते हुए कहा कि यदि केसर सिंह नेगी दोषी हैं तो कानून अपना कार्य करे, लेकिन यदि वे निर्दोष हैं तो उन्हें शीघ्र न्याय मिलना चाहिए।
धरना स्थल पर कई वक्ताओं ने दावा किया कि इस मामले में वास्तविक जिम्मेदार लोगों की भूमिका की भी गंभीरता से जांच की जानी चाहिए। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि घटना के लिए जिम्मेदार अन्य पक्षों की भूमिका पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया है।
गढ़वाल हितैषिणी सभा के महासचिव पवन मैठाणी ने कहा कि जांच पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ होनी चाहिए। उन्होंने कहा, “यदि कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसे कानून के अनुसार कठोर दंड मिलना चाहिए, लेकिन किसी भी निर्दोष व्यक्ति को बिना पर्याप्त साक्ष्यों के आरोपी बनाना न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है।”
इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार चारु तिवारी ने जनकवि गिरीश तिवारी ‘गिर्दा’ का प्रसिद्ध गीत “जैंता एक दिन तो आलो, उ दिन यो दुनी में, चाहे हम नि ल्यै सकूं चाहे तुम नि ल्यै सको मगर क्वे न क्वे त ल्यालो, उ दिन यो दुनी में…” सुनाकर उपस्थित लोगों में उत्साह का संचार किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य भी जनआंदोलन के बल पर बना था और समाज को न्याय के लिए लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाते रहना चाहिए।
उत्तराखंड से विशेष रूप से पहुंचे वरिष्ठ पत्रकार रमेश भट्ट ने कहा कि वे इस पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने जांच प्रक्रिया से जुड़े कई सवाल उठाते हुए कहा कि घटना के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने होटल संचालन, अग्नि सुरक्षा मानकों तथा प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़े मुद्दों की भी जांच किए जाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि इस ममाले में जिस विभाग या अधिकारी ने रिहायशी इलाके में व्यावसायिक होटल चलाने की अनुमति दी, जिस विभाग को यह देखना था कि 6 कमरों की परिमिशन पर खुला यह होटल 25 कमरों का कब और कैसे बना, होटल के पास फायर सेफ्टी NOC नहीं थी, 25 कमरों के होटल में एंट्री और एग्जिट के लिए केवल एक ही गेट था। इन सब के लिए जिम्मेदार लोगों को गिरफ्तार करने के बजाय पुलिस ने होटल के एक मामूली कर्मचारी को गिरफ्तार कर अपना पल्ला झाड़ दिया। उन्होंने कहा कि केसर सिंह नेगी पर यह आरोप है कि घटना के दौरान उन्होंने मुख्य विद्युत स्विच बंद किया था। उनके अनुसार किसी भी विद्युत दुर्घटना की स्थिति में बिजली का मुख्य स्विच बंद करना सामान्य सुरक्षा प्रक्रिया का हिस्सा माना जाता है। इसलिए इस पहलू की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
वहीं, देहरादून से अपनी टीम के साथ पहुंचे यूकेडी नेता एवं पत्रकार आशुतोष नेगी ने कहा कि उत्तराखंड समाज इस मामले में न्याय मिलने तक अपनी आवाज बुलंद करता रहेगा। उन्होंने “जय पहाड़, जय पहाड़ी” के नारों के साथ समाज से एकजुट रहने का आह्वान किया।
प्रदर्शन में शामिल लक्ष्मण रावत ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती है तो आगे बड़े जनआंदोलन पर विचार किया जाएगा। वहीं उत्तराखंड लोक मंच के अध्यक्ष बृजमोहन उप्रेती ने कहा कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और साक्ष्यों पर आधारित होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी ज्ञापन सौंपा गया है।
धरना-प्रदर्शन में उत्तराखंड लोक मंच, गढ़वाल हितैषिणी सभा सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसके अलावा प्रदर्शन में वरिष्ठ पत्रकार व्योमेश जुगराण, प्रदीप बेदवाल, चारु तिवारी, पूनम बिष्ट, रजनी जोशी ढौंडियाल, दीप सिलोड़ी, द्वारिका चमोली तथा उत्तराखंड फिल्म जगत से राकेश गौड़, कोमल राणा नेगी, गीता नेगी, कमला रावत, रेनू उनियाल, प्रताप थलवाल, संजय चौहान, सुरेन्द्र हालसी, उदय राठी, वीरेन्द्र जुयाल उपरि, दिनेश ध्यानी, कुलदीप रावत, विपिन नेगी, पंकज पैन्यूली, हुकुम सिंह कंडारी समेत सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।



