देहरादून: उत्तराखंड में मानसून ने दस्तक दे दी है। मानसून की दस्तक के साथ ही मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक प्रदेश में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया है। मुख्य रूप से एक और दो जुलाई को देहरादून, बागेश्वर, टिहरी, पौड़ी और नैनीताल जिले में भारी बारिश के आसार है। हालाँकि मौसम विज्ञान केंद्र ने पूर्वानुमान जारी किया है कि इस साल मानसून सीजन के दौरान सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है।
देहरादून मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार, उत्तराखंड में मानसून की दस्तक का असर अलगे कुछ दिनों तक देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने एक और दो जुलाई को जहां प्रदेश के तमाम जिलों में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है तो वहीं तीन और चार जुलाई को येलो अलर्ट जारी किया है।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, एक जुलाई को प्रदेश के देहरादून और बागेश्वर जिले में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश होने के आसार है, जिसके चलते ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत, उधम सिंह नगर और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश होने से आसार है।
इसके अलावा उत्तराखंड के सभी पर्वतीय जिलों में कहीं-कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने, वर्षा के तीव्र से अत्यंत तीव्र दौर और झोकेदार हवाएं चलने का भी पूर्वानुमान जारी किया गया है। इसीलिए इन जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।
इसी क्रम में 2 जुलाई को देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल और बागेश्वर जिले में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश होने की सम्भावना है, जिसके चलते इन जिलों में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा राज्य के हरिद्वार, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली जिले में कहीं-कहीं भारी वर्षा की संभावना है। साथ ही राज्य के सभी पर्वतीय जनपदों में कहीं-कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने, वर्षा के तीव्र से अत्यंत तीव्र दौर की सम्भावना है। जिसके चलते येलो अलर्ट जारी किया गया है।
भूस्खलन और बाढ़ का खतरा
मौसम विभाग ने चेताया है कि लगातार बारिश के चलते पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन, चट्टान गिरने और मलबा आने की घटनाएं हो सकती हैं। नदियों और गदेरों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा भी बना रहेगा। कई स्थानों में सड़कें और राजमार्ग बाधित हो सकते हैं, जिससे आवागमन प्रभावित होगा। ऐसे में प्रशासन ने चारधाम यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं से अनावश्यक यात्रा से बचने और सतर्क रहने की अपील की है। संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की हिदायत दी गई है। भारी बारिश के दौरान नदी-नालों से दूर रहने और जलभराव वाले क्षेत्रों में प्रवेश न करने की सलाह दी गई है।
किसानों और एजेंसियों के लिए निर्देश
किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी करने और फसल को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है। वहीं बांध, बैराज और जलविद्युत परियोजनाओं से जुड़े अधिकारियों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।



