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युवा कांग्रेस पौड़ी ने शहीदो को श्रद्धांजलि देकर मनाया राहुल गांधी का जन्मदिन

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Youth Congress Pauri celebrates Rahul Gandhi's bithday by paying tribute to the martyrs

पौड़ी गढ़वाल : युवा कांग्रेस पौड़ी के पदाधिकारियों द्वारा अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के 50वें जन्मदिन को हर्षोल्लास से न मना कर भारत चीन सीमा विवाद को लेकर जो चीन द्वारा कायरता पूर्ण हमला भारतीय जवानों पर किया गया, जिसमें कि भारत के 20 जवान शहीद हो गए, उन 20 शहीदो को श्रद्धांजलि देकर मनाया गया। इसके साथ ही बीजीआर परिसर पौड़ी में मास्क वितरण कर पौड़ी में जरूरतमन्द लोगो को मास्क व फल वितरण किया गया। अन्य सामग्री वितरित करके सादगी के साथ राहुल गाँधी के जन्मदिवस को मनाया गया। युवा कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष आशीष नेगी ने कहा कि एक तरफ वैश्विक महामारी कोरोना से आम जनजीवन प्रभावित है, तो वहीं दूसरी ओर सीमाओं पर हमारे जवान शहीद हो रहे हैं। इसलिए वीर जवानों को श्रद्धांजलि देकर और कोरोना महामारी को देखते हुए इस बार कांग्रेस ने राहुल गांधी के जन्मदिन को सादगी से मनाने का फैसला लिया है। लॉकडौन में राहुल गांधी के नेतृत्व में युवा साथियों ने गरीब लोगों तक सहायता पहुचाने का काम किया चाहे वह खाद्य सामग्री रही हो, चाहे प्रवासियों को उनके घर तक अपने निजी वाहनों से पहुचाने की बात रही हो वह सराहनीय है। जिस प्रकार से राहुल जी द्वारा लॉकडौन में प्रवासियों के साथ एक आम आदमी की तरह उनका दर्द बांटा व राशुखदार नेताओं के लिए भी मिसाल बने। प्रदेश सचिव एनएसयूआई मोहित सिंह ने राहुल गांधी की लंबी उम्र के साथ कामना की की वह ऐसे ही गरीब मजलूम लोगो की आवाज बने रहे और नगर अध्यक्ष महिला कांग्रेस नीलाम रावत ने कहा कि राहुल आमजनमानस की समस्याओं को सरकार तक पहुचाते रहे और सभी युवा साथी चाहते हैं कि आने वाले समय में देश की बागडोर राहुल जी के हाथों में आये और देश तरक्की के नए आयाम छुए।

मास्क व फल सामग्री वितरण करने वालों में नगर अध्यक्ष महिला कांग्रेस नीलम रावत, जिला उपाध्यक्ष युवा कांग्रेस आशीष नेगी, प्रदेश सचिव एनएसयूआई मोहित सिंह, संजना गुजराल, विधानसभा अध्यक्ष युवा कांग्रेस आईटी शोभित ठाकुर, छात्रसंघ सचिव गोपाल नेगी, राहुल नेगी आदि शामिल रहे।

पौड़ी जिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के 50वें जन्मदिन पर शहीद जवानों को दी श्रधांजलि

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पौड़ी गढ़वाल : कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के 50वें जन्मदिन पर शुक्रवार को पौड़ी जिला कांग्रेस कार्यालय में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चीन सीमा पर शहीद हुए देश के जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस मौके पर कांग्रेस विशेष आमंत्रित सदस्य व ब्लॉक प्रमुख द्वारीखाल महेंद्र सिंह राणा द्वारा जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों को मास्क व सेनिटीज़र्स जरूरतमंदों व कोरोना वारियर्स को वितरित करने के लिए प्रदान किये गए। महेंद्र राणा द्वारा फल भी वितरित किये गए व साथ ही कोरोना संकट काल में लगातार रक्त दान कर रहे NSUI नेताओं व कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहित करने के लिए सम्मानित किया।

NSUI जिलाध्यक्ष गौरव सागर ने का कि महेंद्र राणा द्वारा लगातार युवाओं को प्रोत्साहित किया जाता है, उन्होंने इसके लिए राणा का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष कामेश्वर राणा, प्रदेश सचिव सरिता नेगी, कार्यकारी नगर अध्यक्ष अनूप कण्डारी, छात्रसंघ अध्यक्ष आस्कर रावत, सेवादल नगर अध्यक्ष युधवीर सिंह रावत, नवल किशोर,  विनोद नेगी, अजय राणा, सचिन रावत, शुभम रावत, मोहन रावत, राजेश भंडारी आदि शामिल थे।

क्रांतिगुरु चन्द्रमोहन के जन्मदिन पर की गई सवा लाख वृक्षारोपण अभियान की शुरुआत

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सतपुली : नगर पंचायत सतपुली के आदर्श इंटर कॉलेज में परमधाम न्यास अरिहंतपुरम मेरठ के संस्थापक क्रांतिगुरु चंद्र मोहन के जन्मदिवस पर इंटर कॉलेज प्रांगण में सवा लाख वृक्षारोपण अभियान की शुरुआत की गई।

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वृक्षारोपण कार्यक्रम में नगर पंचायत अध्यक्षा श्रीमती अंजना वर्मा, वार्ड सदस्य रामेश्वर कुकरेती, थाना सतपुली एसआई कैलाश चंद्र सेमवाल, महेश मिश्रा, मनमोहन गुसाईं, परमधाम न्यास के सदस्य विकास, विमला देवी आदि ने इण्टर कॉलेज सतपुली के प्रांगण में वृक्षारोपण किया।

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क्रांतिगुरु चंद्रमोहन के संदेश में विकास ने कहा कि जैसे वृक्षों से पृथ्वी पर पर्यावरण खुशहाल होता है वैसे ही जाति रहित एकजुटता से मानवता खुशहाल होगी। आध्यात्म का पहला सूत्र प्रकृति प्रेम है हमें हृदय से प्रकृति से प्रेम करना चाहिए क्योंकि बृक्ष साक्षात शंकर हैं, पशुपतिनाथ हैं अर्थात पशुओं को पालने वाला है।

उत्तराखंड के एक खूबसूरत एवं रमणीक पर्यटन स्थल “रामजी ताल”, जिसके बारे में ज्यादा लोगों को जानकारी नहीं

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Ramji Tal

प्रक्रति ने पूरे उत्तराखंड पर भरपूर सौंदर्य लुटाया है, पर्यटन कि दृष्टि से उत्तराखंड विश्व प्रसिद्ध  है। धार्मिक व पर्यटन के लिहाज से यहाँ कई रमणीक स्थल है जो किसी परिचय के मोहताज नहीं। किन्तु अभी भी सम्पूर्ण उत्तराखंड में अनेकों स्थल ऐसे हैं जहाँ प्रकृति के सभी नज़ारे देखने को मिल जायेंगे किन्तु उनसे अभी तक लोग अनभिज्ञ हैं। ऐसे ही एक अज्ञात स्थल से मै आपका परिचय कराना चाहता हूँ। जिसे राम जी ताल के नाम से जाना जाता है।

यह खूबसूरत स्थल कर्णप्रयाग नौटी मार्ग पर कर्णप्रयाग से करीब 13 किलोमीटर आगे जाख गाँव के पास पड़ता है।  यहाँ से रामजी ताल लगभग 1500 मीटर कि ऊंचाई पर स्थित है। जहाँ पैदल मार्ग द्वारा ही जाया जा सकता है। रामजी जाते समय पैदल मार्ग पर कुछ मनमोहक एवं दर्शनीय गाँव पड़ते हैं, जहाँ रुक कर आप अपनी थकान मिटा सकते हैं। जाख से आधे घंटे के सफ़र के बाद पहला पड़ाव बजानधार पड़ता है। यहाँ पर विश्राम के लिए पीपल के पेड़ की छाँव का आनंद उठा सकते हैं।ramji-tal-uttarakhand

यहाँ से आपको हिमालय के दर्शन भी हो जायेंगे, जो यहाँ से मुकुट कि भांति प्रतीत होता है। धीरे-धीरे आगे बढ़ने पर सुन्गरखाली जगह पड़ती है, यहाँ तक लगभग खड़ी चढ़ाई है। यहाँ से ठीक सामने दिख रहे कर्णप्रयाग की ख़ूबसूरती देखा जा सकता है। यहाँ से आगे की यात्रा के लिए घने जंगलों से होकर गुजरना पड़ता है, उसके बाद ज्ञान्तोली नामक स्थान पड़ता है। ज्ञान्तोली होता हुआ रामजी ताल पुहंचा जा सकता है। पूरी पैदल यात्रा के दौरान आप प्रकृति के अनूठे सौंदर्य का आनन्द उठा सकते हैं। इस राह पर चलते हुए अक्सर यात्री महानगरों कि चकाचौंध, दौड़भाग, नौकरी व्यवसाय की सारी चिंताएं छोड़ स्वर्ग की तरह महसूस करते हैं। रास्ते में बांज कि जड़ों से रिश्ता हुआ शीतल जल शरीर की सारी थकान मिटा देता है। आगे बढ़ते हुए हिमालय का विहंगम दृश्यावलोकन कर सकते हैं।

अतीत में ज्ञान्तोली के मैदान को समतल कर इसमें हैलीपैड बनाने का प्रस्ताव था, किन्तु स्थानीय गाँव के लोगों के द्वारा विरोध स्वरुप यह योजना बंद करनी पड़ी अन्यथा यहाँ का जो प्राकृतिक सौन्दर्य है वो छिन चुका होता और पर्यावरण की दृष्टि से भी यहाँ भारी नुकसान होता। खैर ज्ञान्तोली से निकल कर रामजी ताल कि और चलते है जो यहाँ से केवल 100 मीटर दूरी पर है। ज्ञान्तोली से खड़ी चढ़ाई पर 25 मिनट चलने के बाद एक बहुत सुंदर व दर्शनीय स्थल रामजी ताल पहुँच जाते है। जैसा कि नाम से ही प्रतीत हो जाता है। किम्वदन्तियों के अनुसार भगवान रामचंद्र जी ने सीता माता एवं लक्ष्मण जी के संग 12 वर्षों के वनवास काल में भ्रमण करते-करते यहाँ पर भी कुछ दिन बिताये थे। तभी से यह स्थान रामजी ताल के नाम से विख्यात है, यहाँ पर प्राचीन काल में एक सुंदर ताल (झील) मौजूद थी जो कि समय के साथ-साथ सूखती चली गयी। आज भी लम्बी घुमावदार आकृति के रूप मै इस झील को देखा जा सकता है, वर्षाकाल में वर्षा के पानी से यह झील लबालब भरी रहती है, तब इसका सौंदर्य देखने योग्य होता है। झील के चारों और बांज के वृक्षों के समूह इसके सौंदर्य मै चार चाँद लगा देते है।

प्राचीन काल से ही यहाँ रामजी का मंदिर है, जिसका वर्तमान में स्थानीय लोंगों ने नवनिर्माण किया है। यहाँ पर यात्री रामजी के दर्शन कर सकते हैं। यह स्थल समुद्रतल से 3000 मीटर कि ऊंचाई पर स्थित है।  इसलिए आप यहाँ से चारों और के मनभावन विहंगम दृश्यों का अवलोकन कर सकते है। यहाँ कुछ देर विश्राम करने के बाद वापस ज्ञान्तोली होते हुए रात्री विश्राम के लिए कर्णप्रयाग आ सकते है।

द्वारिका चमोली की कलम से

 

कोरोना महामारी के बाद भारतीय युवा ही विश्व के लिए बनेंगे आशा की किरण

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ग्रेटर नोएडा : वैश्विक महामारी कोरोना के चलते पैदा हुए संकट के हालात से निपटने और नये सिरे से आगे की संभावनाएं तलाशने के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। लोगों में विशेषकर युवा पीढ़ी में निराशा का भाव पैदा न हो इसलिए विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए उनमें नये ऊर्जा का संचार किया जा रहा है। इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए गौतमबुद्ध विविद्यालय द्वारा ऑनलाइन स्टूडेंट इंडक्शन पखवाड़ा की शुरूआत की गई है। इसके जरिए विवि के नये एवं पुराने छात्रों को कोविड महामारी के बाद युवाओं के सामने आने वाली संभावनाएं एवं चुनौतियों से अवगत कराना है। बृहस्पतिवार को कार्यक्रम की शुरूआत करते हुए विविद्यालय के कुलपति प्रो. भगवती प्रकाश शर्मा ने इस बात पर बल दिया कि आज के भारतीय युवा विश्व के लिए एक आशा की किरण हैं। विश्व की कुल युवा शक्ति का 20 प्रतिशत युवा भारतीय है और साथ ही विश्व की सबसे ज्यादा कृषि योग्य लगभग 16 करोड़ हेक्टेयर भूमि भारत की है। ऐसी परिस्थिति में पूरे विश्व का ध्यान भारत और भारत के युवाओं पर है। प्रो. शर्मा ने कहा कि भारत की शिक्षा पण्राली में कोई कमी नहीं है, उन्होंने यहीं से पढ़ने के बाद बहुत से ऐसे भारतीयों का उदाहरण दिया जिन्हें नोबल पुरस्कार तक मिला है। उन्होंने ऑप्टिकल फाइबर के जनक नरेंद्र सिंह कपानी, सीवी रमन, हरगोविंद खुराना आदि का उदाहरण किया। आगरा विविद्यालय से पढ़े नरेंद्र सिंह कपानी का ऑप्टिकल फाइबर आज ग्लोबल विलिज में परिवर्तित हो चुका है। कुलपति ने कहा कि अगर छात्र गहन एवं एकाग्रचित होकर अध्ययन करें तो आने वाले समय में कोई भी चमत्कार कर सकते हैं और इसके लिए आने वाली चुनौतियों से सामना करने के लिए तैयार रहने की जरूरत है। कार्यक्रम के आयोजन का मकसद छात्रों को कोरोना महामारी के बाद आने वाली चुनौतियों का सामना करने और उन्हीं चुनौतियों से अपने लिए संभावना निकालने का मंत्र ढूंढने में छात्रों की मदद के लिए एक उपयुक्त मंच देने का प्रयास हैं। वहीं कई अन्य बुद्धिजीवियों ने उद्यमशीलता व कौशल के विकास पर जोर दिया। नवाचार और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सफल भारतीय के कई उदाहरण दिए गए। सामाजिक और पर्यावरणीय मुद्दों के समाधान के विकास, वित्त पोषण और कार्यान्वयन के लिए सामाजिक उद्यमिता पर भी जोर दिया गया। सामाजिक उद्यमशीलता ग्रामीण विकास को मजबूत कर सकती है। ऑनलाइन स्टूडेंट इंडक्शन कार्यक्रम में प्रो.एचपी बंसल, प्रो.वीके पाठक, रविंद्र बांगर, प्रो.संजीव शर्मा, डॉ.कुमार विास, प्रो.वीके कूथियल, प्रो.वंदना पांडेय, प्रो.महिमा बिड़ला, यशदेव सिंह, प्रो.नीलिमा गुप्ता आदि ने अपने विचार रखे।

सीएल मौर्य

कोरोना संकट काल में बोर्ड परीक्षा मूल्यांकन में लगे शिक्षकों मास्क भेंट किये

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Teachers engaged in board exam evaluation during corona crisis presented masks

पौड़ी गढ़वाल : कोरोना संकट काल में भारत स्काउट गाइड जनपद पौड़ी गढ़वाल द्वारा स्काउट गाइड छात्र-छात्राओं के द्वारा स्वयं बनाये गए मास्क बोर्ड परीक्षा मूल्यांकन केंद्र राजकीय बालिका इंटर कॉलेज पौड़ी नगर को भेंट किये गए. गुरुवार को संस्था के सचिव केशर सिंह अस्वाल द्वारा मूल्यांकन केंद्र की उपनियंत्रक श्रीमती विनीता शाह/प्रधानाचार्य राजकीय बालिका इंटर कॉलेज पौड़ी नगर को मूल्यांकन कर रहे अध्यापक/ अध्यापिकाओं हेतु मास्क भेंट किए गए. इस अवसर पर राजकीय शिक्षक संघ के अध्यक्ष जयदीप रावत, उपाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह रावत, विद्यालय के शहर नियंत्रक श्रीमती शैलबाला नेगी, श्रीमती पदमा रावत, कुलदीप सिंह रावत एवं दिनेश सिंह गुसाईं आदि उपस्थित थे.

संस्था के द्वारा उप नियंत्रक विनीता शाह ने इस सराहनीय पहल पर संस्था का धन्यवाद किया. बाद में संस्था ने मास्क, सैनिटाइजर एवं ग्लब्स भी प्रदान किए. संस्था के द्वारा इस कोविड-19 महामारी में लगातार कार्य किया जा रहा है इससे पूर्व जिला मुख्य शिक्षा अधिकारी पौड़ी को 500 मास्क दिए गए थे.

पौड़ी गढ़वाल में 19 कोरोना पॉजिटिव सहित उत्तराखंड में आज मिले 80 नए केस, कुल संक्रमितों की संख्या 2102 हुई

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देहरादून : उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। बुधवार को जहाँ 81 कोरोना के मामले सामने आये थे, वहीँ आज गुरुवार को एक बार फिर 80 नये कोरोना पॉजिटिव सामने आये हैं। जिसके बाद राज्य में अब संक्रमित मरीजों की संख्या बढक़र 2102 हो गई है। हालांकि कुल संक्रमित मरीजों में से अब तक 1386 (करीब 66 प्रतिशत) लोग स्वस्थ्य होकर अस्पतालों से डिस्चार्ज हो चुके हैं। जबकि विभिन्न अस्पतालों में 716 एक्टिव मरीज चिकित्सकों की निगरानी में भर्ती हैं। वहीँ अब तक कोरोना से 26 मरीजों की मौत भी हो चुकी है।

स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार आज गुरुवार को दोपहर में 57 कोरोना के मामले सामने आये, वहीँ रात 9 बजे आई रिपोर्ट में 23 और लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है। आज राज्य में मिले कुल 80 कोरोना पॉजिटिव मरीजों में से सबसे ज्यादा 28 मामले देहरादून से सामने आये हैं। इसके अलावा पौड़ी में 19, अल्मोड़ा में 13,  नैनीताल में 06, हरिद्वार में 05, रुद्रप्रयाग में 04, चमोली में 03 तथा टिहरी और उत्तरकाशी में एक-एक कोरोना पॉजिटिव मरीज मिला है।

उत्तराखंड में अब तक कोरोना covid-19 के जिलेवार मामले

जनपद कोरोना के मरीज
देहरादून562
नैनीताल353
टिहरी318
हरिद्वार246
उधमसिंह नगर125
पौड़ी91
अल्मोड़ा112
पिथौरागढ़60
चमोली47
उत्तरकाशी41
बागेश्वर47
चंपावत48
रुद्रप्रयाग52
कुल2102

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लोकगायक हीरा सिंह राणा को राजनेता, साहित्यकार, पत्रकार और उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों ने किया याद

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उत्तराखंड के लोकगायक हीरा सिंह राणा के निधन पर राजनेताओं, संस्कृति, साहित्य, पत्रकारिता और उत्तराखंड राज्य से जुडे लोगों ने अपनी संवेदना व्यक्त की है। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता विजय बहुगुणा ने हीरा सिंह राणा के निधन पर अफसोस जाहिर करते हुए कहा कि हीरा सिंह राणा के निधन से उत्तराखंड ने साहित्य और कला जगत के एक सच्चे हीरे को खो दिया है। बहुगुणा ने कहा कि हीरा सिंह राणा के गीत चिरंजीवी हो इसके लिए जरूरी है कि उनके गीतों को उत्तराखंड के स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए वो मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से बातचीत करेंगे।

उत्तराखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डाक्टर इंदिरा हृदयेश ने कहा कि हीरा सिंह राणा सही मायनों में धरती के गीतकार थे। उनका निधन साहित्य,कला और संगीत जगत के लिए अपूर्णीय क्षति है। उत्तराखंड कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने उत्तराखंड आंदोलन में हीरा सिंह राणा के गीतों को याद करते हुए कहा कि राणा जी के गीत उत्तराखंड आंदोलन में खूब गाए और सुनाए जाते थे।

उत्तराखंड की लोकगायिका पद्मश्री बसंती बिष्ट ने लोकगायक हीरा सिंह राणा को कुमाऊंनी और गढ़वाली का एक विशिष्ट रचनाकार बताते हुए कहा कि हीरा सिंह राणा गीतों की रचना करने और उन्हें स्वंय गाने वाले अद्भुत कलाकार थे।

उत्तराखंड के प्रख्यात लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी ने हीरा सिंह राणा को कुमाऊंनी भाषा का प्रतिनिधि कवि,गीतकार और गायक बताते हुए कहा कि उन्होंने राणा जी के साथ देश-विदेश में लगभग सौ से ज्यादा सांस्कृतिक  कार्यक्रम किए हैं।

वरिष्ठ पत्रकार और साहित्यकार प्रदीप वेदवाल ने हीरा सिंह राणा को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि हीरा सिंह राणा के जनगीत उत्तराखंड राज्य आंदोलन में आंदोलनकारियों में ऊर्जा और जोश का संचार करते थे। वहीं प्रकृति प्रेम और नारी सौंदर्य का वर्णन करने में हीरा सिंह राणा की कलम सशक्त थी।

श्रद्धांजलि सभा का संयोजन चिह्नित राज्य आंदोलनकारी समिति के संरक्षक और पूर्व राज्यमंत्री उत्तराखंड धीरेंद्र प्रताप ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए किया। इस मौके पर धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि लोकगायक हीरा सिंह राणा की स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिए उत्तराखंड में किसी योजना,सड़क और संस्थान का नाम हीरा सिंह राणा के नाम पर रखा जाना चाहिए। उन्होंने दिल्ली सरकार और उत्तराखंड सरकार से हीरा सिंह राणा के परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान करने और हीरा सिंह राणा के पुत्र को सरकारी सेवा में नियुक्ति देने की भी मांग की है।

श्रद्धांजलि सभा में उत्तराखंड के लोकगायक पद्मश्री प्रीतम भरतवाण, गायिका संगीता ढौंडियाल, उक्रांद नेता काशी सिंह ऐरी, कांग्रेस के राष्ट्रीय संयुक्त-सचिव हरिपाल रावत, उत्तराखंड कांग्रेस के उपाध्यक्ष रणजीत रावत, अल्मोड़ा से पी सी तिवारी, कोटद्वार से दैनिक जयंत के संपादक नागेंद्र उनियाल,चंपावत से नवीन मुरारी, ऊधमसिंह नगर से कैलाश पंडित,किच्छा से अनिल जोशी, उत्तरकाशी से डाॅक्टर विजेंद्र शाह, दिल्ली से नंदन सिंह रावत, संगीता ध्यानी और मनमोहन शाह ने दिवंगत हीरा सिंह राणा को श्रद्धांजलि दी।

प्रदेश की त्रिस्तरीय पंचायतों को 143 करोड़ 50 लाख की धनराशि अवमुक्त

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three-tier panchayats

15 वें वित्त आयेाग की संस्तुतियों के क्रम में प्रदेश की त्रिस्तरीय पंचायतों को प्राथमिक अनुदान के अंतर्गत धनराशि अवमुक्त करने का शासनादेश जारी।

चतुर्थ राज्य वित आयोग से भी सभी जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत, ग्राम पंचायत, नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत को वित्तीय वर्ष 2020-21 की मासिक किश्त की  95 करोड़ से अधिक की धनराशि अवमुक्त की गई है। 

15 वें वित्त आयेाग की संस्तुतियों के क्रम में प्रदेश की त्रिस्तरीय पंचायतों को प्राथमिक अनुदान के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2020-21 की प्रथम किश्त में 143.50 करोड़ रूपए की धनराशि अवमुक्त कर दी गई है। आज सचिव वित्त अमित सिंह नेगी द्वारा इसका शासनादेश जारी किया गया है। इसमें राज्य के समस्त जिला पंचायतों को 21 करोड़ 52 लाख 50 हजार रूपए, क्षेत्र पंचायतों को 14 करोड़ 35 लाख रूपए, समस्त ग्राम पंचायतों को 107 करोड़ 62 लाख 50 हजार रूपए की धनराशि अवमुक्त की गई है।

इससे पूर्व चतुर्थ राज्य वित्त आयोग की संस्तुतियों पर राज्य सरकार द्वारा सभी जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत, ग्राम पंचायत, नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत को वित्तीय वर्ष 2020-21 की मासिक किश्तों की धनराशि अवमुक्त कर दी गई है। इसके तहत राज्य की समस्त जिला पंचायतों को वित्तीय वर्ष 2020-21 की तृतीय व चतुर्थ मासिक किश्त (माह-जून व जुलाई) के लिए 28 करोड़ 43 लाख 22 हजार रूपए की धनराशि अवुमक्त की गई है। राज्य की समस्त क्षेत्र पंचायतों को वित्तीय वर्ष 2020-21 की चतुर्थ मासिक किश्त (माह-जुलाई) के लिए 07 करोड़ 23 लाख 78 हजार रूपए की धनराशि अवुमक्त की गई है। राज्य की समस्त ग्राम पंचायतों को वित्तीय वर्ष 2020-21 की चतुर्थ मासिक किश्त (माह-जुलाई) के लिए 09 करोड़ 65 लाख 12 हजार रूपए की धनराशि अवुमक्त की गई है। राज्य की समस्त नगर निगमों को वित्तीय वर्ष 2020-21 की चतुर्थ मासिक किश्त (माह-जुलाई) के लिए 22 करोड़ 10 लाख 97 हजार रूपए की धनराशि अवुमक्त की गई है। राज्य की समस्त नगर पालिकाओं को वित्तीय वर्ष 2020-21 की चतुर्थ मासिक किश्त (माह-जुलाई) के लिए 22 करोड़ 11 लाख 99 हजार रूपए की धनराशि अवुमक्त की गई है। राज्य की समस्त नगर पंचायतों को वित्तीय वर्ष 2020-21 की चतुर्थ मासिक किश्त (माह-जुलाई) के लिए 05 करोड़ 35 लाख 17 हजार रूपए की धनराशि अवुमक्त की गई है। राज्य के तीन गैर निर्वाचित निकायों को वित्तीय वर्ष 2020-21 की चतुर्थ मासिक किश्त (माह-जुलाई) के लिए 17 लाख 17 हजार रूपए की धनराशि अवुमक्त की गई है।

 

उत्तराखंड में महंगा हुआ बसों में सफर करना, दोगुना हुआ किराया, पढ़ें जानिए कैबिनेट के अन्य फैसले

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Uttarakhand Roadways buses fare hike

देहरादून : उत्तराखंड में कोरोना संकट काल में बसों से सफर करना महंगा हो गया है। उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश में बसों के किराये में दोगुने से अधिक वृद्धि कर दी है। प्रदेश में अब लोग बसों में सफर तो कर सकेंगे लेकिन किराया दोगुना या उससे ज्यादा देना पड़ेगा। हालाँकि ये बढ़ी हुई दरें केवल कोरोना काल तक ही लागू रहेंगी जब स्थिति सामान्य हो जाएगी तो फिर से पुरानी दरें लागू हो जाएंगी। दरअसल कोरोना के कारण निजी या सरकारी बसों को सोशल डिस्टेंसिंग के चलते 50% सवारियां ही ले जाने की इजाजत थी इस कारण बस संचालकों की मांग थी कि सरकार या तो उन्हें बसें पूरी भर कर चलाने दे या फिर किराया दोगुना वसूलने की इजाजत दे। ऐसे में सरकार ने कोरोना संकट काल तक बसों के किराये में वृद्धि का निर्णय लिया है। बृहस्पतिवार को सचिवालय में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला लिया गया. अभी बसों का संचालन राज्य के भीतर ही होगा, लेकिन दूसरे राज्यों के लिए यात्रा शुरू होने पर वहां के रूटों पर भी बढ़ी दरों से किराया लिया जाएगा।

बढ़े हुए किराए की लिस्ट

सिटी बस स्लैब पहले किराया (रुपये)नया किराया (रुपये)
0 से 2 किमी714
2 से 6 किमी1020
6 से 10 किमी1530
10 से 14किमी2040
14 से 19 किमी2650
19 से 24 किमी3060
24 से 29 किमी3670
29 से अधिक4080

नॉन-डीलक्स बस किराया
साधारण बसें (मैदानी क्षेत्र) – 1.05 से बढ़ाकर 2.10 रुपये प्रति किमी
साधारण बसें (पर्वतीय क्षेत्र)- 1.50 से बढ़ाकर 3 रुपये प्रति किमी

वातानुकुलीत श्रेणी बस किराया
थ्री बाय टू सीटर बसें – 1.25 गुणा वृद्धि
टू बाय टू सीटर बसें – 1.9 गुणा वृद्धि
सुपर डीलक्स (वॉल्वो) – तीन गुणा वृद्धि

जानिए कैबिनेट बैठक के अन्य फैसले

  • कोविड अवधि के दौरान संचालित निजी एवं निगम बसों के किराये में सोशल डिस्टेंसिंग की शर्त के साथ दोगुना किराया की वृद्वि की गई।
  • मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत प्रथम चरण में सहकारिता विभाग के माध्यम से डेरी, ठेली, फेली, व्यवसाय दुकानदारों के लिए 50 हजार बेरोजगारों को लोन की 02 प्रतिशत की ब्याज दर बिना गारंटी के राज्य सरकार वहन करेगी।
  • मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत 20 हजार से अधिक बेरोजगारों को प्रथम चरण में सहकारिता विभाग के माध्यम से मोटरसाईकिल टैक्सी योजना में 60 हजार रूपये तक का लोन की ब्याज दर 02 वर्ष तक राज्य सरकार देगी।
  • नर्स भर्ती नियमावली को मंजूरी
  • कोविड अवधि के दौरान संचालित निजी एवं निगम बसों के किराये में सोशल डिस्टेंसिंग की शर्त के साथ दोगुना किराया की वृद्वि की गई।
  • उत्तराखण्ड ऑन डिमांड परिवहन सुविधा के लिए नियमावली बनाई गई। ओला टैक्सी तरीके पर मोबाईल एप से टैक्सी बुक की जा सकती है।
  • आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत गाइडलाइन को सरल किया गया। इसके अंतर्गत अब छोटे पुल पेयजल लाईन, चैक डेम, स्कूल भवन, सिंचाई नहर सुरक्षात्मक कार्य भी किया जा सकेगा।
  • उत्तराखंड मोबाइल टावर नियमावली के तहत नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में प्रति पोल (खंभा) 500 रुपये किराये की जगह शहरी क्षेत्रों में 100 रुपये और ग्रामीण क्षेत्रों में 50 रुपये किराया लिया जाएगा।
  • कुंभ 2021 में श्रद्वालुओं एवं संतों की व्यवस्था के लिए शौचालय इत्यादि के लिए धन प्रबंधन का निर्णय लेने का अधिकार मुख्यमंत्री को दिया गया।