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पौड़ी गढ़वाल: क्वारंटाइन में रह रहे युवक ने पेड़ पर फांसी लगाकर की आत्महत्या

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Youth living in home quarantine commits suicide
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सतपुली : तहसील लैन्सडौन के अन्तर्गत द्वारीखाल ब्लाक के जसपुर गांव में होम क्वारंटाइन में रह रहे युवक ने पेड़ पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। उक्त युवक कुछ ही दिनो पूर्व हरिद्वार से अपने गांव जसपुर लौटा था। युवक के आत्महत्या का समाचार मिलते ही प्रशासन के लोग गांव में पंहुच चुके है और शव को पोस्टमार्टम के लिए कोटद्वार भेजा जा रहा है।

लैन्सडौन तहसील के द्वारीखाल विकासखण्ड के जसपुर गांव में 31 वर्षीय संदीप पुत्र भूपेन्द्र सिंह ने घर के ही निकट भीमल के पेड़ में फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली है। मृतक संदीप 21 मई को हरिद्वार से अपने परिवार समेत गांव लौटा था और 22 मई से उसे परिवार समेत प्रशासन द्वारा प्रथामिक विद्यालय जसपुर में क्वारंटन किया गया था। 27 मई को मृतक संदीप के परिवार को होम कवरंटन कर दिया गया था। उसी रात संदीप विना किसी को बताये घर से बाहर चला गया। बाद में संदीप का शव घर के पास ही भीमल के पेड़ पर लटका पाया गया। परिजनों द्वारा प्रशासन को सूचना दिये जाने के बाद तहसील प्रशासन के लोग घटनास्थल पर पहुंच गये है और शव का पंचमाना कर उसे पोस्टमार्टम के लिए कोटद्वार भेजने की तैयारी कर रहे है। संदीप द्वारा आत्महत्या किये जाने के कारणों का पता नही चल पाया है। युवक के आत्महत्या करने से गांव में मातम का माहौल है।

लैन्सडौन तहसील के जसपुर गांव के युवक द्वारा पेड़ फांसी लगाकर आत्महत्या करने की जानकारी मिलते ही तहसील प्रशासन की टीम को घटनास्थल पर रवाना कर दिया गया था। युवक द्वारा फांसी लगाये जाने के कारणों का पता नही चल पाया है। युवक 21 मई को सपरिवार अपने गांव लौटा था और संस्थागत क्वारंटन के बाद 27 मई से अपने घर में ही होम क्वारंटन में रह रहा था।

उपजिलाधिकारी लैन्सडौन अपर्णा ढौंडियाल ने कहा युवक के शव को पोस्टमार्टम के कोटद्वार भेजा जा रहा है। एहतियात के तौर पर उसके शव का कोराना टेस्ट भी कराया जाएगा।

मनीष खुगशाल स्वतंत्र

उत्तराखंड के इस जिले में पूरा क्वारंटीन सेंटर ही निकला कोरोना पॉजिटिव

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coronavirus : उत्तराखंड में पिछले कुछ दिनों में कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढे हैं। आंकड़ों के मुताबिक इसका प्रमुख कारण बाहरी राज्यों से उत्तराखंड लौट रहे प्रवासियों का कोरोना संक्रमित होना है। लोक डाउन 3.0 तक ग्रीन जोन मे शुमार टिहरी गढ़वाल में एक भी कोरोना का केस नहीं था परन्तु लॉकडाउन 4.0 शुरू होने के बाद वही टिहरी जिला कोरोना  संक्रमण के मामले में राज्य में सीधे तीसरे नंबर पर पहुँच गया है। कारण जैसे ही महांराष्ट्र, दिल्ली व अन्य राज्यों से प्रवासियों का यहाँ लौटना शुरू हुआ, अचानक इस जिले में कोरोना का ग्राफ बढ़ गया है।

टिहरी जिले में एक पूरा क्वारंटीन सेंटर ही कोरोना पॉजिटिव निकला है। 27 मई को जिले के ढालवाला में एक निजी संस्थान में क्वांरटीन रह रहे 32 लोग कोरोना जांच में पॉजिटिव पाए गए। जिसके बाद हड़कंप मच गया।

सीएमओ डॉ. मीनू रावत ने बताया कि 27 मई को टिहरी जिले में 35 कोरोना पॉजिटिव मिले थे, जिनमें 32 लोग ढालवाला के एक निजी शिक्षण संस्थान में क्वांरटीन थे। यह सभी 22 मई को मुंबई से टिहरी पंहुचे थे। सभी को कोविड केयर सेंटर सुरसिंगधार लाया जा रहा है। अब तक प्रदेश में कोरोना संक्रमित मरीजों की कुल संख्या 493 हो गई है, वहीँ कुल 79 लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि 4 लोगों की मौत हो चुकी है।

उत्तराखंड में अब तक कोरोना covid-19 के जिलेवार मामले

जनपद कोरोना के मरीज
नैनीताल138
देहरादून80
टिहरी62
उधमसिंह नगर57
हरिद्वार43
पौड़ी23
अल्मोड़ा21
पिथौरागढ़20
चमोली11
उत्तरकाशी10
बागेश्वर8
चंपावत8
रुद्रप्रयाग3
प्राइवेट लैबस9
कुल493

स्पीक इंडिया के तहत कांग्रेस ने पूरे भारत में फेसबुक लाइव द्वारा सरकार से की अपील

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पौड़ी : कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी के आह्वान पर आज स्पीक इंडिया अभियान के तहत पौड़ी नगर में भी समस्त कांग्रेसियों द्वारा मजदूरों के पक्ष में एवं न्याय योजना के पक्ष में फेसबुक पर लाइव आकर अपनी समस्याएं एवं सुझाव सरकार को दिए गए। अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सदस्य राजपाल बिष्ट ने सरकार को सुझाव के साथ साथ समस्याओं से भी अवगत कराया। राजपाल बिष्ट ने केंद्र सरकार से फेसबुक लाइव के माध्यम से प्रमुख मांग रखीं। जिसमें कहा गया कि महात्मा गाँधी रोजगार गारंटी का काम 100 दिन के बजाए 200 दिन दिया जाये, छोटे व्यापारियों को कर्ज नहीं आर्थिक सहायता दी जाए, प्रत्येक गरीब परिवार के खाते में 10 हजार रूपये जमा कराए जाए एवं अगले 5 माह तक 7500 रूपये प्रतिमाह सहायता राशि दी जाए, न्याय योजना के अंतर्गत 7500 रुपए प्रतिमाह प्रत्येक परिवार को 5 माह तक एवं 10,000 रुपए तुरंत गरीब असहाय व मजदूर लोगों की राहत के लिए दिए जाएँ. अधिक से अधिक टेस्टिंग की जाए जिससे कि इस महामारी को रोका जा सके, जो कि अभी तक ना के बराबर हो रही है, जितने भी मजदूर जगह-जगह फंसे हुए हैं और अपने घर नहीं जा पा रहे हैं. केंद्र सरकार उन्हें राहत सामग्री के साथ साथ जल्द से जल्द घर पहुंचाने का कार्य करें जिससे कि वो अपने घर सकुशल पहुंच सके। वही उत्तराखंड सरकार से आग्रह हैं कि वह अपने रोजगार ऐजन्डा को सार्वजनिक करें।

फेसबुक लाइव में अपनी बात रखने के लिए वरिष्ठ कांग्रेसी महेश ढोडियाल, पूर्व ब्लाक प्रमुख कोर्ट नवल किशोर, जिला उपाध्यक्ष युवा कांग्रेस आशीष नेगी, प्रदेश सचिव एनएसयूआई मोहित सिंह, नगर अध्यक्ष युवा कांग्रेस अंकित सुंद्रियाल, नगर अध्यक्ष कांग्रेस नीलम रावत, छात्रसंघ सचिव गोपाल नेगी, पूर्व नगर अध्यक्ष महिला कांग्रेस रेखा भंडारी, जिला अध्यक्ष महिला कांग्रेस कमला रावत, संजना गुजराल, निशा, दीपक नौटियाल, आकाश रावत आदि रहे।

मनीष खुगशाल ‘स्वतन्त्र’

पोखड़ा, रिखणीखाल, देवप्रयाग, पंतनगर और चंपावत में बने क्वारंटीन सेंटरों में रह रहे प्रवासियों को खाद्य सामग्री उपलब्ध करवा रहा है हंस फाउंडेशन

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उत्तराखंड में क्वारंटीन सेंटर रह रहे लोगों की मदद के लिए हंस फाउंडेशन ने बढ़ाया हाथ

वैश्विक महामारी कोरोना से बचाव के लिए देश भर में लॉकडाउन चल रहा है। जिसके चलते शहरों में रह कर अपना जीवन यापन कर रहे लाखों की संख्या में  लोगों अपने घर-गॉव को लौटे है। इन में कई लोगों तो शहरों से कई किलो मीटर की पैदल यात्रा कर अपने गांव की ओर लौटे है।

लाखों की संख्या में अपने खेत-खलिहानों को लौटे  इन लोगों को केंद्र एवं राज्य सरकारों ने अपने घरों तक पहुंचने से पहले जगह-जगह बनाएं गए क्वारंटीन सेटरों में ठहराया है। इन सेंटरों में इन प्रवासियों के लिए रहने-खाने की व्यवस्थाएं राज्य सरकारों के माध्यम से तो की ही जा रही है। साथ ही कई सामाजिक संगठन इन क्वारंटीन सेटरों में रह रहे प्रवासियों की मदद के लिए आगे आए है। जिसमें अग्रणीय भूमिका निभा रहा द हंस फाउंडेशन। जो उत्तराखंड में प्रवासियों के  लिए राज्य सरकार द्वारा बनाए गए क्वारंटीन सेंटरों में रह रहे लोगों के लिए बड़ी मदद के तौर पर खाद्य सामग्री एवं रोजमर्रा के काम में आने वाला जरूरी उपलब्ध करवा रहा है।

उत्तराखंड के पोखड़ा, रिखणीखाल, देवप्रयाग, चंपावत और ऊधम सिंह नगर में बने क्वारंटीन सेंटरों में प्रदान की जा रही है खाद्य सामग्री

हंस फाउंडेशन ने कोविड-19 संक्रमण के चलते उत्तराखंड लौटे प्रवासी उत्तराखंडियों के लिए स्थापित क्वारंटीन सेंटर में रह रहे लोगों की मदद के हाथ बढ़ाया है। इस दिशा में उत्तराखंड के पोखड़ा,रिखणीखाल और देवप्रयाग में राज्य सरकार द्वारा बनाए गए क्वारंटीन सेंटरों में रह रहे लोगों के लिए खाद्य सामग्री एवं अन्य जरूरी सामान प्रदान कर रहा है। जिससे बाद इन क्वारंटीन सेंटरों में रह रहे प्रवासियों उत्तराखंडियों को समय पर भोजन और अन्य जरूरत का सामान  उपलब्ध हो रहा है।

इसी के साथ उत्तराखंड के चंपावत एवं ऊधम सिंह नगर में बने क्वारंटीन सेंटरों में रह रहे प्रवासियों के लिए हंस फाउंडेशन ने राशन किट के साथ-साथ 5000 बेडिंग सैट, तकिया कवर, मोसक्यूटो मेट और 500 टेबल फैन, चंपावत के लिए 100 टेबल फैन प्रदान किए है। ताकि इन लोगों को किसी तरह की दिक्कतों का सामना न करना पड़े।

आपको बता दें कि हंस फाउंडेशन माता मंगला जी एवं श्री भोले जी महाराज के आशीष से ऑपरेशन नमस्ते अभियान के माध्मय से पोखड़ा ब्लॉक में 92 रिखणीखाल ब्लॉक 109 और देवप्रयाग ब्लॉक में स्थापित क्वांरटीन सेंटरों में रह रहे प्रवासी उत्तराखंडियों की मदद के लिए शासन-प्रशासन के दिशा-निर्देशों का अनुपालन करते हुए निरंतर खाद्य सामग्री और उनकी जरूर का सामना प्रदान कर रहा है।

सरकार और प्रवासियों ने कहा धन्यवाद हंस फाउंडेशन

कोविड-19 संक्रमण के चलते महामारी की आगोश में फंसे देश को उभारने के लिए हंस फाउंडेशन माता मंगला जी एवं श्री भोले जी महाराज की प्रेरणा से उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार-झारखंड, पश्चि बंगाल, आंध्र प्रदेश, दुचेरी, महाराष्ट्र, सिक्किम, अरूणाचल प्रदेश,  छत्तीसगढ़, केरला, दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक और पंजाब सहित देश के कई अन्य हिस्सों में ऑपरेशन नमस्ते अभियान के माध्यम से सोशल डिस्टेसिंग का अनुपालन करते हुए डिजिटल इंडिया के माध्यम से लाखों गरीब परिवारों तक राशन,मास्क और तमाम दूसरी सेवाएं पहुंचा रहा है।

इस सेवा के मार्ग को आगे बढ़ाते हुए हंस फाउंडेशन अब देश भर में कोविड-19 से निपटने के लिए सरकार द्वारा अपने घरों को लौट रहे लोगों के ठहरे के लिए बनाए गए क्वांरटीन सेंटरों में रह रहे प्रवासियों के लिए खाद्य सामग्री एवं रोजमर्रा में काम में आने वाले जरूरी सामान उपलब्ध करवा रहा है। जिसके लिए केंद्र एवं राज्य सरकार और क्वांरटीन सेंटर में रह रहे लोगों ने हंस फाउंडेशन और माता मंगला जी एवं श्री भोले जी महाराज का आभार प्रकट किया है। पहाड़ लौटे लोग हमारे अपने है, उनसे घृणा न करें, उनको इस संकट के समय में सम्मान दे- माता मंगला जी कोविड-19 संक्रमण के चलते लॉकडाउन होने से देशभर से लगभग 2 लाख प्रवासी उत्तराखंडी पहाड़ लौटे है। पहाड़ लौटे प्रवासियों को आश्वस्त करते हुए माता मंगला जी ने अपने संदेश में कहा हैं कि कोरोना वायरस संक्रमण ने पुरी दुनिया की रफ्तार रोक दी है। दुनिया में कोई देश ऐसा नहीं है जो इस महामारी की चपेट में न आया हो। कई लोगों ने अपने पूरे परिवार को खो दिया है। हजारों लोगों की रोजी-रोटी छिन गई है,जो लोगों रोजी-रोटी की तलाश में अपने गांव से शहरों को गए थे। वह इस महामारी के डर से,कई दिक्कतों का सामना करते हुए अपने घरों को लौटे है। क्योंकि उनके पास लौटने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं था। ऐसे में कई बार सुनने में आ रहा हैं कि अपने घरों को लौटे इन लोगों को घृणा की दृष्टि से देखा जा रहा है। यह बहुत ही दुःखद है।

हम सब को सोचना होगा की समझना होगा की यह सब हमारे अपने है। इनसे घृणा न करें,इस संकट के समय में इन्हें सम्मान दें। इन्हें अपने होने का एहसास कराएं। आज हम सब एक ऐसे मुकाम पर खड़े है। जहां हमारे साथ सिर्फ और सिर्फ कष्ट चल रहे है। हमें इन कष्टों को हराकर आगे बढ़ना है।

माता मंगला जी ने अपने संदेश में कहा हैं कि उत्तराखंड में आज बड़ी संख्या में लोगों अपने घरों को लौटे है। ऐसे में हमारी प्राथमिकता है। इन लोगों के चूल्हों की आंच कम न हो,इनके घरों में चूल्हें जलते रहे। लॉकडाउन के दौरान कोई भूखा न रहे इसके लिए हम निरंतर कार्य कर रहे है।

इस संकट के समय में देश के खड़ा है हंस फाउंडेशन

आपको बता दें कि हंस फाउंडेशन इस संकट के समय में इस महामारी से लड़ने  के लिए पीएम केयर्स फंड में 4 करोड़ रुपये और मुख्यमंत्री राहत कोष 1 करोड़ 51 लाख रुपये की राशि प्रदान तो कर ही चुका है। साथ ही कोरोना वायरस से लड़ने के देश भर में तैयार कई अस्पतालों को सहयोग भी प्रदान कर रहा है। ताकि इस महामारी से देश को जल्द से जल्द बाहर निकाला जा सके।

“मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना’’ का हुआ शुभारम्भ, युवाओं को मिलेगा स्वरोजगार का अवसर, रिवर्स पलायन को मिलेगा बढ़ावा

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Mukhyamantri Swarozgar Yojana

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने गुरूवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना का शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि इस योजना की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाई जाय ताकि युवा इस योजना का लाभ उठा सकें। जन प्रतिनिधियों एवं जिलास्तरीय अधिकारियों के माध्यम से योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाय। इस योजना के तहत लाभार्थियों को लोन लेने में कोई समस्या न हो इसके लिए जिलाधिकारी, बैंकर्स से समन्वय करें।

युवाओं को मिलेगा स्वरोजगार का अवसर, रिवर्स पलायन को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, राज्य के उद्यमशील युवाओं और कोविड-19 के कारण उत्तराखण्ड वापस लौटे लोगों को स्वरोजगार के अवसर उपलब्घ कराने के उद्देश्य से शुरू की गई है। इससे कुशल और अकुशल दस्तकार, हस्तशिल्पि और बेरोजगार युवा खुद के व्यवसाय के लिए प्रोत्साहित होंगे। राष्ट्रीयकृत बैंकों, अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों और सहकारी बैंकों के माध्यम से ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।  राज्य सरकार द्वारा रिवर्स पलायन के लिए किए जा रहे प्रयासों में योजना महत्वपूर्ण सिद्ध होगी।

मार्जिन मनी होगी अनुदान के रूप में समायोजित

मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में राष्ट्रीयकृत बैंकों, अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों, सहकारी बैंकों के माध्यम से सभी पात्र विनिर्माणक, सेवा और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए वित्त पोषित किया जायेगा। एमएसएमई विभाग द्वारा योजना के अन्तर्गत मार्जिन मनी की धनराशि अनुदान के रूप में उपलब्ध कराई जायेगी। विनिर्माण क्षेत्र में परियेाजना की अधिकतम लागत 25 लाख रूपये और सेवा व व्यवसाय क्षेत्र के लिए अधिकतम लागत 10 लाख रूपये होगी। एमएसएमई नीति के अनुसार वर्गीकृत श्रेणी ए में मार्जिन मनी की अधिकतम सीमा कुल परियोजना लागत का 25 प्रतिशत, श्रेणी बी व बी़ में 20 प्रतिशत तथा सी व डी श्रेणी में कुल परियोजना लागत का 15 प्रतिशत तक मार्जिन मनी के रूप में देय होगी। उद्यम के 02 वर्ष तक सफल संचालन के बाद मार्जिन मनी, अनुदान के रूप में समायोजित की जायेगी। योजना के अन्तर्गत सामान्य श्रेण्ी के लाभार्थियों द्वारा परियोजना लागत का 10 प्रतिशत जबकि विशेष श्रेणी के लाभार्थियों को कुल परियोजना लागत का 05 प्रतिशत स्वयं के अंशदान के रूप में जमा करना होगा।

मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में पात्रता की शर्तें एवं अहर्ता

इस योजना के अन्तर्गत आवेदक की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए। शैक्षिक योग्यता की बाध्यता नहीं है। योजना के अन्तर्गत उद्योग, सेवा एवं व्यवसाय क्षेत्र में वित्त पोषण सुविधा उपलब्ध होगी। आवेदक अथवा उसके परिवार के सदस्य को योजना के तहत केवल एक बार लाभान्वित किया जायेगा। लाभार्थियों का चयन अधिक आवेदन प्राप्त होने पर प्रोजेक्ट वायबिलिटी को देखते हुए ‘पहले आओ पहले पाओ’ के आधार पर किया जायेगा।

आवेदन की प्रक्रिया एवं योजना का क्रियान्वयन

आवेदक, महाप्रबंधक एवं जिला उद्योग केन्द्रों में आॅनलाईन एवं मैनुअल आवेदन कर सकते हैं। योजना के क्रियान्वयन के लिए एमएसएमई विभाग के नियंत्रणाधीन उद्योग निदेशालय, उत्तराखण्ड नोडल विभाग होगा। योजना का क्रियान्वयन जिला स्तर पर जिला उद्योग केन्द्र द्वारा किया जायेगा।

बैठक में अपर मुख्य सचिव श्रीमती मनीषा पंवार, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रमेश भट्ट, आईटी सलाहकार रवीन्द्र दत्त, निदेशक उद्योग सुधीर नौटियाल आदि उपस्थित थे।

उत्तराखंड में आज फिर मिले 24 नए कोरोना पॉजिटिव, 493 हुई मरीजों की संख्या

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Coronavirus Update uttarakhand : उत्तराखंड में आज फिर कोरोना वायरस के 24 नए मामले सामने आये हैं. स्वास्थ्य विभाग द्वारा आज दोपहर में जारी रिपोर्ट के अनुसार राज्य में कोरोना के 24 नए मामलों की पुष्टि हुई है. जिसके बाद अब तक प्रदेश में कोरोना संक्रमित मरीजों की कुल संख्या 493 हो गई है. इससे पहले बुधवार को उत्तराखंड में कोरोना के 69 मामले सामने आये थे. अब तक कुल 79 लोग ठीक हो चुके हैं. जबकि 4 लोगों की मौत हो चुकी है.

अभी अभी जारी हेल्थ बुलेटिन के अनुसार टिहरी गढ़वाल के 10 लोग (सभी महाराष्ट्र से), हरिद्वार के 08 लोग (सभी महाराष्ट्र से), देहरादून के 06 लोग कोरोना पॉजिटिव मिले हैं.

उत्तराखंड में अब तक कोरोना covid-19 के जिलेवार मामले

जनपद कोरोना के मरीज
नैनीताल138
देहरादून80
टिहरी62
उधमसिंह नगर57
हरिद्वार43
पौड़ी23
अल्मोड़ा21
पिथौरागढ़20
चमोली11
उत्तरकाशी10
बागेश्वर8
चंपावत8
रुद्रप्रयाग3
प्राइवेट लैबस9
कुल493

ग्रेटर नोएडा : हाउसिंग सोसायटी के फ्लैट की छत का प्लास्टर गिरने से बच्चा घायल

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ग्रेटर नोएडा : ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित अजनारा हाउसिंग सोसायटी के एक फ्लैट के कमरे की छत का प्लास्टर गिरने से एक बच्चा घायल हो गया। बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीड़ित परिवार ने पुलिस में शिकायत की है। वहीं अजनारा होम्स के जीएम आदित्य अग्रवाल का कहना है कि क्षतिग्रस्त छत की तुरंत मरम्मत कराना शुरू कर दिया है। इस मामले में प्रोजेक्ट के ठेकेदार को भी कारण बताओ नोटिस भेजा है। भविष्य में इस तरह की घटना किसी अन्य फ्लैट में न हो, इसके लिए ग्रुप प्रतिबद्ध है।

जानकारी के मुताबिक अजनारा होम्स सोसायटी के फ्लैट नम्बर जे 1902 में मंगलवार की सुबह यह हादसा हुआ। फ्लैट में रहने वाले सिद्धार्थ अग्रवाल के कमरे की छत का प्लास्टर अचानक टूट कर गिर गया। जिससे उनके बच्चे के चोट लग गयी। आरोप है कि बिल्डर के कंस्ट्रक्शन की क्वालिटी अच्छी नहीं है। पुलिस का कहना है कि मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी। उधर दादरी के विधायक तेजपाल सिंह नागर का कहना है कि इस प्रकार के आपराधिक कृत्य के लिए अवश्य दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।

कोरोना संकट में अपने सिद्धान्त वाक्य Creating better world को सार्थक कर रहा है भारत स्काउट-गाइड

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कल्जीखाल : वैश्विक महामारी कोविड-19 में भारत स्काउट-गाइड के सदस्य अपनी अहम् भूमिका निभा रहे हैं। लॉकडाउन के दौरान इन दिनों जब सब लोग अपने अपने घरों में कैद हैं तब ये अपने सिद्धान्त वाक्य Creating better world को सार्थक सिद्ध कर रहे हैं। पौड़ी गढ़वाल के  भारत स्काउट एंड गाइड के जिला सचिव केशर सिंह व जिला पीआरओ राकेश भारती के दिशानिर्देश में पूरे जनपद में वृहद् स्तर पर स्काउट गाइड को कपड़े के मास्क बनाना सिखाना, बने हुए मास्क को जनता में वितरित करना आदि कार्य किये जा रहे हैं।  राकेश भारती द्वारा स्वयं मास्क बनाकर लोगों को भी दिए जाने के साथ ही बच्चों को इसका प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।

कोरोना महामारी में विश्व स्वास्थ्य संगठन व भारत सरकार कि गाइड लाइन के मुताबिक नियमित अन्तराल पर सही तरीके से हाथों को धोना भी बहुत हद तक कारगर साबित हो सकता है। सभी लोग सही तरीके से हाथ धोएं इसके लिए स्काउट व गाइड को प्रशिक्षित किया जा रहा है। प्रशिक्षण राकेश भारती व केशर असवाल के द्वारा दिया गया। इस अवसर पर ऑनलाइन उपस्थित रहने वाले विभिन्न विद्यालयों के स्काउट मास्टर व गाइड कैप्टेन में बबीता देवी, इंदु नेगी, सुभाष चन्द्र, दिवाकर, विकास, केसी कुकरेती,  मीनाक्षी ध्यानी सहित कुल 25 लोग उपस्थित रहे।

जगमोहन डांगी

राज्य प्राथमिक शिक्षक संगठन खिर्सू ने कोरोना संकट काल में ड्यूटी दे रहे शिक्षकों के हितों को लेकर सरकार से की मांग   

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श्रीनगर गढ़वाल : उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ खिर्सू ब्लॉक, पौड़ी गढ़वाल के पदाधिकारियों ने कोरोना संकट काल में क्वॉरंटाइन सेंटरों में ड्यूटी दे रहे अध्यापकों (कोरोना वारियर्स) के हितों को ध्यान में रखकर सरकार को शिक्षकों की कुछ मांगों से अवगत कराया है।

संगठन का कहना है कि कोरोना संक्रमण के चलते किये गए लॉकडाउन में सभी शिक्षण कार्य ऑनलाइन किए जा रहे हैं साथ ही सभी शिक्षक इस संकट की घड़ी में सरकार का सहयोग भी कर रहे हैं। इसके साथ ही कई शिक्षक/शिक्षिकायें जान जोखिम में डालकर संकट की इस घड़ी में क्वॉरेंटाइन सेंटरों में अपनी सेवायें दे रहे हैं।

• क्वॉरंटाइन सेंटरों में ड्यूटी दे रहे सभी लोगों को सुरक्षा संबंधी उपकरणों को शीघ्र उपलब्ध कराया जाए।
• बाहर से आने वाले प्रत्येक व्यक्ति का टेस्ट कराया जाए।
• कोरोना वारियर्स की अकस्मात मृत्यु हो जाने पर बीमा निश्चित किया जाए।
• क्वॉरेंटाइन सेंटरों में विभाग द्वारा फलदार पौधों को अतिशीघ्र उपलब्ध कराया जाए।
• गरीब लोगों को राहत सामग्री शीघ्र प्रदान की जाए
• क्वॉरेंटाइन सेंटरों में अध्यापकों को चक्रीय ड्यूटी शीघ्र प्रदान की जाए।
• सभी शिक्षकों की जीपीएफ व सीपीडी पुस्तिकाओं को शीघ्र पूर्ण किया जाए।
• शिक्षकों के हितों को अनदेखा ना किया जाए, प्रत्येक शिक्षक को प्रतिकर दिया जाए।
• कोरोना वारियर्स शिक्षकों का एक करोड़ रुपए का बीमा सुनिश्चित किया जाए।
• रोजगार परक समिति का गठन कर समाज के बुद्धिजीवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं शिक्षकों को समिति में शामिल किया जाए।
• उत्तराखंड की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए अधिक से अधिक फलदार पौधे लगाए जाएं।
• संबंधित विभागों को उक्त प्रक्रिया सुचारू करने हेतु अतिशीघ्र शासनादेश जारी किया जाए।
• रोजगार हेतु प्रत्येक विकासखंड कि बेरोजगार को 5-5 लाख का ऋण मुक्त किया जाए।

इस अवसर पर ब्लॉक अध्यक्ष श्रीमती रेखा नेगी, कोषाध्यक्ष आनन्द पंवार, ब्लॉक संरक्षक धीरेन्द्र घिल्डियाल, मनोज घिल्डियाल आदि उपस्थित थे।

स्वजल कर्मचारी संघ ने मुख्यमंत्री राहत कोष में दी एक लाख चालीस हजार रुपये की सहायता राशि

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पौड़ी गढ़वाल : स्वजल कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री अरविन्द पयाल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल ने बुधवार को मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से भेंट कर कोविड-19 की लड़ाई हेतु प्रदेश भर के समस्त स्वजल निदेशालय एवं राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारियों के द्वारा स्वेच्छा से अपने एक दिन के वेतन से एकत्रित धन राशि ₹1,40,000/- भेंट की. इस अवसर पर संघ के परिनिधियों द्वारा मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि मुख्यालय सहित समस्त जनपद मुख्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों के द्वारा बीते 27 अप्रैल 2020 को सामूहिक रूप से सुरक्षा से घोषणा की गई थी कि सभी कर्मचारियों के द्वारा अपने एक दिन के वेतन के बराबर की धनराशि को एकत्रित कर मुख्यमंत्री राहत कोष में कोविड-19 की लड़ाई हेतु दी जाएगी. इसके अतिरिक्त मुख्यालय सहित जनपद मुख्यालयों की अनेक कर्मचारियों के सहयोग पीएम केयर फंड के साथ-साथ मुख्यमंत्री राहत कोष में अलग से भी आर्थिक सहयोग दिया गया है. संघ द्वारा मुख्यमंत्री को विस्तृत रूप से यह भी अवगत कराया गया कि वर्तमान में स्वजल निदेशालय एवं राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन द्वारा भारत सरकार के महत्वपूर्ण समयबद्धद कार्यक्रम “जल जीवन मिशन” एवं “स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), द्वितीय चरण” इत्यादि के विभिन्न कार्यक्रमों, जिनको कि वर्ष 2024 तक पूर्ण किया जाना है को विभिन्न स्तरों पर युद्धस्तर पर किया जा रहे हैं. इसके लिए प्रदेश भर में कर्मचारियों के द्वारा लॉकडाउन की अवधियों में भी समय-समय पर भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा जारी निर्देशों का पालन करते हुए ग्रामीण पेयजल एवं स्वच्छता के कार्यों के साथ-साथ जिला प्रशासन द्वारा दिए गए दायित्वों का भी भलीभांति निर्वहन किया जा रहा है.

इसके अतिरिक्त कर्मचारी संघ द्वारा मुख्यमंत्री को यह भी अवगत कराया गया कि विगत 9 माहों से विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सेवा विस्तार संबंधी पत्रावली वित्त विभाग-2 में लंबित है, जिस कारण से कर्मचारियों को विगत कई माहों से वेतन भक्तों का भुगतान भी नही प्राप्त हो पाया है, जिस पर मुख्यमंत्री द्वारा पुनः वित्त विभाग को निर्देशित करने का आश्वासन दिया गया।

प्रतिनिधि मंडल में वीरेंद्र भट्ट, प्रदेश संरक्षक, अरविंद पयाल, प्रदेश महामंत्री, आलोक सेमवाल, प्रदेश संगठन मंत्री एवं बबेन्द्र चौहान, प्रदेश सचिव सम्मिलित थे।