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कुमाऊँ मण्डल के स्कूलों में 5वीं तक के पाठ्यक्रम में कुमाऊंनी पुस्तकें धगुलि, हंसुलि, छुबकि..हुई शामिल, सीएम त्रिवेन्द्र ने किया विमोचन

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नैनीताल : कुमाऊँ मण्डल के सरकारी स्कूलों में भी अब कक्षा 1 से 5वीं तक के बच्चों को कुमाऊंनी भाषा मे तैयार की गई पुस्तकें पढ़ाई जाएँगी. मुख्यमंत्री ने शनिवार को डॉ. आरएस टोलिया प्रशासनिक अकादमी नैनीताल में कुमाऊंनी भाषा की चार पुस्तकों ‘‘धगुलि, हंसुलि, छुबकि एवं झुमकि’’ का भी विमोचन किया। इससे पहले बीते जून महीने में पौड़ी गढ़वाल के सरकारी स्कूलों में कक्षा एक से लेकर पांचवीं तक के पाठ्यक्रम में गढ़वाली पाठ्य पुस्तकों धगुली, हंसुळि, छुपकी, पैजबि और झुमकी को शामिल किया गया था।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने चिन्ता व्यक्त करते हुये कहा कि दुनिया में एक घन्टे मे एक बोली समाप्त हो रही है, इसलिए हमे अपनी बोलियों व भाषा को जीवित रखने के लिए आगे आकर कार्य करने होंगे, तभी हमारी बोलियां, भाषा संरक्षित व विकसित होगी यह हमारा दायित्व भी है। इससे पूर्व मुख्यमंत्री अकादमी एवं केएमवीएम वेबसाइट का माउस दबाकर उदघाटन किया। इससे पहले मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिह रावत ने शनिवार को डॉ. आरएस टोलिया प्रशासनिक अकादमी नैनीताल में लोक सेवकों के 14 वें आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारम्भ किया।
आयुक्त कुमायू एवं निदेशक एटीआई राजीव रौतेला ने प्रशासनिक अकादमी के इतिहास एवं क्रियाकलापों की विस्तृत जानकारी देते हुये कहा कि अकादमी में उच्च गुणवत्ता पूर्ण प्रशिक्षण दिया जाता है, ताकि लोक सेवक दक्ष होकर अच्छे अधिकारी बनकर यहां से निकलें व अपने क्षेत्रों में जाकर अपनी जिम्मेदारियों का बखूबी निर्वहन करें। रौतेला ने बताया कि वर्तमान में 47 विभिन्न सेवाओं के अधिकारी आधारभूत ट्रेनिंग ले रहे हैं, जिनमें 13 महिला व 34 पुरूष अधिकारी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि हम अकादमी में और गुणवत्ता पूर्ण प्रशिक्षण प्रशिणार्थियों को दे सकें। उन्होंने बताया कि मण्डल के जनपदों के एक-एक ब्लाक में 1 से 5 तक की कक्षाओं में कुमाऊंनी भाषा पुस्तकें चलाई जायेंगी, 20 हजार पुस्तकें प्रकाशित कर जनपदों को उपलब्ध करा दी गई है।
इस अवसर पर जिलाधिकारी सविन बंसल ने बेतालघाट मे संचालित टेलीमेडिसन की अद्यतन जानकारी के साथ ही नैनीझील का इसरो के माध्यम से कराये गये बैथीमेट्री विश्लेषण की भी जानकारियां दी। उन्होने बताया कि जनपद में 8 प्रसव केन्द्र प्रारम्भ किये गये है साथ ही आशा कार्यकत्रियों को पोर्टल के माध्यम से भुगतान किया जा रहा है। प्रबन्ध निदेशक कुमाऊं मण्डल विकास निगम/ उपाध्यक्ष एनडीडीए रोहित मीणा के द्वारा नैनीताल, भीमताल, नकुचियाला, सातताल के सौन्दर्यीकरण कार्यक्रम की विस्तृत जानकारियां कम्प्यूटर के माध्यम से दी गई।
कार्यक्रम में विधायक संजीव आर्य, अपर सचिव माननीय मुख्यमंत्री/महानिदेशक सूचना डा0 मेहरबान सिंह बिष्ट, मीडिया सलाहकार मुख्यमंत्री रमेश भटट, उपाध्यक्ष केएमवीएन रेनु अधिकारी आदि उपस्थित थे।

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पौडी-कोटद्वार राजमार्ग पर डंपर की टक्कर से खाई में गिरी बोलेरो, एक की मौत, एक घायल

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सतपुली : पौडी-कोटद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग पर सतपुली से करीब 4 किलोमीटर दूरी पर वन विभाग गेस्ट हाउस के समीप शनिवार शाम करीब 4 बजकर 30 मिनट पर एक डंपर ने बोलेरो पिकअप वाहन को टक्कर मार दी। टक्कर की मार से बोलेरो पिकअप खाई में गिर गयी। इस दुर्घटना में बोलेरो सवार दो व्यक्तियों में से एक की मौके पर ही मौत हो गयी। जबकि एक घायल हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि बोलेरो पिचअप UK15CA 1078 सड़क किनारे खड़ा था जिसे विपरीत दिशा कोटद्वार की ओर से आ रहे डंपर ने टक्कर मार दी. जिससे पिकअप खाई में गिर गया। शोर मचाने पर चालक ट्रक छोड़ कर भाग गया।

थाना सतपुली एसआई लक्ष्मी सकलानी ने बताया कि मृतक दीपक निवासी कोटद्वार को पोस्टमार्टम के लिए कोटद्वार भेज दिया गया है। तथा घायल अंकुश पुत्र लखन सिंह निवासी कोटद्वार को उपचार के लिए सतपुली भेज दिया है। मौके पर थानाध्यक्ष त्रिभुवन रौतेल, तहसीलदार दिनेश चन्द्र डबराल, कांस्टेबल भीष्म शाह,महेन्द्र आदि मौजूद थे। मनीष खुगशाल

पौड़ी जनपद में नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों को दिलाई गई शपथ

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पौड़ी गढ़वाल : पंचायत सचिव के आदेशों के अनुसार शुक्रवार 27 दिसम्बर को एक बार फिर से पौड़ी जनपद के सभी विकास खण्डों के उन सभी ग्राम प्रधानों को शपथ दिलायी गई जो पिछली बार हुए शपथ ग्रहण में शामिल नहीं हो पाए थे. पौड़ी जनपद के कोट, कल्जीखाल, पाबौ, पौड़ी ब्लॉक में खण्ड विकास अधिकारियों ने नवनिर्वाचित प्रधानों एवं ग्राम पंचायत सदस्यों को शपथ दिलवाई. इसीक्रम में कल्जीखाल ब्लॉक सभागार में खण्ड विकास अधिकारी महाबीर सिंह ने आज 70 ग्राम प्रधानों एवं पंचायत सदस्यों को शपथ दिलवाई. इस अवसर पर खण्ड विकास अधिकारी ने कहा कि सभी ग्राम प्रधान कल अपनी-अपनी ग्राम पंचायतों में बैठक करेंगे. हालांकि अभी तक ग्राम प्रधानों को चार्ज नही दिलवाया गया है. पंचायत सचिवों की कमी झेल रहे विभाग के लिए एक दिन में सभी ग्राम प्रधानों को चार्ज दिलवाना और बैठक करवाना सम्भव नही. वहीं नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों का कहना है। कि अभी तक उन्हें बस्ता, मोहर भी उपलब्ध नही हुई है ऐसे में बैठक कर केवल औपचारिताएं निभाकर जनता के साथ किए खिलवाड़ होगा। इस अवसर पर पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख महेन्द्र कुमार, पूर्व प्रधान संगठन के अध्यक्ष जगपाल नेगी, नवनिर्वाचित प्रधान थनुल एनएस नेगी, ग्राम प्रधान बेडग़ांव प्रमोद रावत,  ग्राम प्रधान बिलखेत सुमित्रा देवी, भाजपा मंडल अध्यक्ष अशोक डुकलानं, समाजसेवी अशोक रावत तथा जगमोहन डांगी सामिल रहे.

देहरादून: सीएम त्रिवेन्द्र ने किया नेशनल हैण्डलूम एक्सपो का उद्घाटन

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देहरादून : मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शुक्रवार को परेड ग्राउण्ड देहरादून में उत्तराखण्ड हथकरघा एवं हस्तशिल्प विकास परिषद द्वारा आयोजित नेशनल हैण्डलूम एक्सपो का उद्घाटन किया। इस एक्सपो का आयोजन 12 जनवरी 2020 तक किया जायेगा। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि पिछले कुछ सालों से देहरादून में लगातार नेशनल हैण्डलूम एक्सपो का आयोजन किया जा रहा है। इससे लोगों को अपनी पसंद के उत्पाद एवं अनेक राज्यों के पहनावे मिल जाते हैं। देशभर से आये शिल्पकारों को इससे अच्छी आमदनी भी प्राप्त होती है। अपने परम्परागत हस्तशिल्पों एवं लोक कलाओं, के संरक्षण व प्रोत्साहन हेतु सभी को आगे आने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि नेशनल हैण्डलूम एक्सपो एक ऐसा मंच है जिसके माध्यम से राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों के महिला स्वयं सहायता समूह, सहकारी समितियां, शिल्पकार, बुनकर अपने उत्पादों को बड़े मार्केट से जोड़ पाते है। इस प्रकार के आयोजन से प्रतिभागी बुनकरों व शिल्पियों को आपस में अनुभव बांटने का भी अवसर मिलता है।
निदेशक उद्योग सुधीर नौटियाल ने बताया कि इस वर्ष के नेशनल हैण्डलूम एक्सपों में 14 राज्यों के 200 से अधिक स्टॉल लगाये गये हैं। उत्तराखण्ड से 60 हथकरघा बुनकरों द्वारा प्रतिभाग किया गया है। एक्सपो में विभिन्न राज्यों के शॉल, जयपूरी रजाई, कांजीवरम सिल्क, बनारसी साड़ियां, बेडशीट, बेडकवर, ऊनी पश्मीना शॉल, टोपी, कालीन, शॉल आदि बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। नेशनल हैण्डलूम एक्सपो में हथकरघा मण्डप के अन्तर्गत विभिन्न प्रांतों एवं क्षेत्रों के विशिष्ट हथकरघा उत्पादों को प्रदर्शन हेतु रखा गया है। उत्तराखण्ड हथकरघा एवं हस्तशिल्प विकास परिषद द्वारा राज्य के विशिष्ट उत्पादों को हिमाद्रि ब्राण्ड नेम के अन्तर्गत प्रोत्साहित किया जा रहा है। हिमाद्रि मण्डप में हथकरघा उत्पादों के साथ-साथ हस्तशिल्प उत्पादों को भी बेचा जा रहा है।

लोक गायक गजेन्द्र राणा, गोपाल मठपाल रविवार 29 दिसम्बर को ग्रेटर नोएडा में बिखेरेंगे पहाड़ की लोक संस्कृति का जलवा

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ग्रेटर नोएडा में रह रहे प्रवासी उतराखंडियों की सामाजिक संस्था “उत्तराखंड सांस्कृतिक समिति” द्वारा आगामी रविवार 29 दिसम्बर 2019 को बीटा-2, क्लब ग्राउंड, ग्रेटर नोएडा में एक भव्य उत्तराखंडी सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा। इस बार कार्यक्रम में लोकगायक गजेन्द्र राणा, गोपाल मठपाल, पन्नू गुसाईं, दीपा चौहान, प्रीति मठपाल आदि उत्तराखंड के लोक कलाकार अपने लोक गीत-संगीत एवं सांस्कृतिक झलकियों के माध्यम से ग्रेटर नोएडा एवं दिल्ली-एनसीआर से आये दर्शकों को पहाड़ की लोक संस्कृति से रूबरू कराएँगे। समिति के अध्यक्ष जेपीएस रावत ने बताया कि इस बार कड़ाके की ठण्ड को देखते हुए कार्यक्रम के समय में फेरबदल कर दिया गया है। अब यह कार्यक्रम रात के बजाय दिन में किया जा रहा है। कार्यक्रम 29 दिसम्बर को दिन में 11 बजे से शुरू हो जायेगा। जिसमे उत्तराखंड से आये रामगंगा सांस्कृतिक कला केंद्र के लोक कलाकारों द्वारा लोकगायक गोपाल मठपाल के निर्देशन में नॉन स्टॉप सांस्कृतिक प्रस्तुतियां पेश की जाएँगी।

कार्यक्रम में संगीतकार मोतीशाह होंगे जबकि मंच संचालन उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध हास्य कलाकार पन्नू गुसाईं, उत्तराखंड समिति ग्रेटर नोएडा के वरिष्ठ सदस्य डीएस नेगी तथा त्रिलोक पंवार द्वारा संयुक्त रूप से किया जायेगा। कार्यक्रम के दौरान भगवत मनराल के नृत्य निर्देशन में कलाकारों द्वारा पारम्परिक वेशभूषा में देवभूमि उत्तराखण्ड की सुप्रसिद्ध नन्दा देवी राजजात की झांकी प्रस्तुत की जाएगी। इसके साथ ही “रामी बौराणी” और “हम छौं उत्तराखंडी” नृत्य नाटिकाएं भी प्रस्तुत की जाएँगी।

आपको बतादें कि पहले यह कार्यक्रम 10 नवम्बर को होना तय किया गया था। कार्यक्रम को लेकर सभी तैयारियां भी पूरी हो चुकी थी। परन्तु कार्यक्रम से एक दिन पहले ही अयोध्या मामले का वर्डिक्ट आने के बाद गौतमबुद्धनगर सहित पूरे प्रदेश में धारा 144 लग जाने की वजह से संस्था को अपने पूर्वनिर्धारित कार्यक्रम के आयोजन की अनुमति नहीं मिल पायी। नतीजन संस्था को उक्ततिथि को पूर्वनिर्धारित सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थगित (पोस्टपोंड) करना पड़ा। संस्था के पदाधिकारियों ने इस कार्यक्रम के आयोजन को लेकर एक बार फिर जिला प्रशासन तथा कलाकारों से बात की। जिसके बाद समिति की मासिक बैठ में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि उत्तराखंड सांस्कृतिक समिति का सांस्कृतिक कार्यक्रम अब आगामी 29 दिसम्बर (रविवार) को क्लब ग्राउंड बीटा-2 में आयोजित किया जायेगा।

हर बार की भांति इस बार भी समिति द्वारा ग्रेटर नोएडा के विभिन्न स्कूलों में पढ़ रहे उत्तराखंड मूल के मेधावी छात्र-छात्राओं तथा शहर के समाज सेवी व्यक्तियों को सम्मानित किया जायेगा। साथ ही संस्था की वार्षिक पुस्तिका “देवभूमि स्मारिका–भाग 8” का भी विमोचन किया जायेगा। इस दौरान कार्यक्रम स्थल पर उत्तराखंड के करीब 140 पहाड़ी उत्पादों के साथ-साथ खान-पान के स्टाल भी लगाये जायेंगे। उत्तराखंड सांस्कृतिक समिति के अध्यक्ष जीपीएस रावत ने बताया कि समिति का इस तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करवाने का मुख्य उद्देश्य वर्तमान में ग्रेटर नोएडा में रह रहे हजारों प्रवासी उतराखंडियों व उनके बच्चों को अपनी संस्कृति से रूबरू कराना हैं।

महाकौथिग : उत्तराखंडी माँगल समूह प्रतियोगिता में देहरादून की सुरसंगम टीम बनी विजेता

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इंदिरापुरम : गाजियाबाद शक्ति खंड-2 स्थित रामलीला मैदान में चल रहे 9वें महाकौथिग के छठे दिन का आरम्भ उत्तराखंडी माँगल समूह प्रतियोगिता से हुआ. माँगल समूह प्रतियोगिता में कुल 7 टीमो ने प्रतिभाग किया. प्रतियोगिता के निर्णायक मण्डल में आकाशवाणी के कलाकार सतेंद्र परण्डियाल,देव राज रंगीला तथा रेखा डबराल थे।

माँगल समूह प्रतियोगिता में देहरादून से आई सुरसंगम टीम ने प्रथम स्थान हासिल किया। जबकि विनोद नगर (दिल्ली) की वैभवलक्ष्मी टीम द्वितीय तथा रोहिणी (दिल्ली) की सुंदरियाल टीम तीसरे स्थान पर रही। इसके अलावा सीमा डांस दा राइजिंग स्टार एकेडमी द्वारा पहली बार जुम्बा योग नृत्य आयोजित किया गया।uttarakhandi mangal

आज शाम के सत्र के आयोजनकर्ता महाकौथिग व्यवसायी नरेंद्र सिंह बिष्ट व लाजपत नगर गाज़ियाबाद से पार्षद अनिल राणा रहे। शाम को उत्तराखंडी समूह नृत्य की प्रतियोगिता का आयोजन हुआ जिसमे विभिन्न टीमो ने प्रतिभाग किया।

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जिनके परिणाम निम्न हैं।
पर्वतीय कला संगम टीम- प्रथम
यूके रॉक टीम-द्वितीय
इन्फ़्रीटी टीम-तृतीय
विजेता रही टीमों को नगद, ट्राफी व प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर राजेन्द्र चौहान, कल्पना चौहान, हरेंद्र, अलंकार गुप्ता, भगवती प्रसाद जुयाल, बीना कोठारी, विकास शाह, तानिया आर्या, बलराज सिंह नेगी आदि उपस्थित रहे।

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उत्तराखंड ने आयात की 240 आस्ट्रेलियन मेरिनों भेड़, जानिए खासियत और फायदे

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Australian Merino sheep

देहरादून : उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश में भेडो़ं की नस्ल में सुधार कर ऊन गुणवत्ता और ऊन उत्पादन में वृद्धि करने के लिए राष्ट्रीय पशुधन मिशन योजना के तहत आस्ट्रेलिया से 240 मैरिनो भेड़ें आयात की हैं। गुरुवार को मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि उत्तराखण्ड को आस्ट्रेलियन मेरिनों भेड़ें प्राप्त होने से भविष्य में भेड़ पालकों को काफी फायदा होगा। यह प्रदेश में पशुपालन के क्षेत्र में क्रान्तिकारी एवं प्रगतिशील कदम है। इन भेड़ों से जहां उच्च गुणवत्ता की ऊन प्राप्त होगी, वहीं ऊन की मात्रा में भी वृद्धि होगी। जिससे किसानों की आर्थिकी तेजी से वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में भेड़ों की नश्ल सुधार कार्यक्रम जरूरी था। इस उद्देश्य से आस्ट्रेलिया से उच्च गुणवत्ता की 240 मेरिनों भेड़ें आयातित कर राजकीय भेड़ प्रजनन प्रक्षेत्र कोपडधार, घनसाली टिहरी में व्यवस्थित की गयी हैं।Australian Merino sheep in uttarakhand

गुरूवार को सचिवालय में राष्ट्रीय पशुधन मिशन योजना के अन्तर्गत उत्तराखण्ड राज्य में भेडों की नस्ल सुधार, ऊन गुणवत्ता एवं ऊन उत्पादन में वृद्धि हेतु आयातित आस्ट्रेलियन मेरिनों भेड़ के सम्बन्ध में प्रेस प्रतिनिधियों को जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इन भेड़ों से प्राप्त होने वाली ऊन से वूलन मिलों की विदेशी ऊन पर आत्मनिर्भरता कम होगी। वही उत्तरखण्ड में अच्छी किस्म की ऊन की उत्पादकता में तेजी से वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि सीआईआई के माध्यम से भारत के ऊन उद्योग से जुड़े व्यापारियों से वार्ता के दौरान यह जानकारी प्राप्त हुई कि देश में 95 प्रतिशत ऊन का आयात आस्ट्रेलियन मेरिनों ऊन का होता है। इसी के दृष्टिगत कैबिनेट की स्वीकृति के उपरान्त आस्ट्रेलियन हाई कमीशन, नई दिल्ली के सहयोग से इसकी निविदा प्रक्रिया को अन्तिम रूप दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आस्ट्रेलिया से आयातित मेरिनों भेड से राज्य के भेडपालकां को उच्च गुणवत्ता के नर मेढें उपलब्ध होगें साथ ही ऊन की गुणवत्ता में एवं उत्पादन के साथ-साथ शरीरिक भार में वृद्वि होगी तथा इससे भेड़ पालकों को आशातीत लाभ प्राप्त होगा।

सचिव पशुपालन डॉ. आर मीनाक्षी सुन्दरम ने कहा कि भारत सरकार की राष्ट्रीय पशुधन मिशन योजना के अन्तर्गत 03 पर्वतीय राज्यों उत्तराखण्ड, हिमाचल प्रदेश एवं जम्मू कश्मीर हेतु भेड़ों में नस्ल सुधार, ऊन गुणवत्ता एवं ऊन उत्पादन में सुधार के लिए भेड़ों के आयात की स्वीकृत प्राप्त हुई। उत्तराखण्ड राज्य हेतु योजनान्तर्गत 240 मेरिनों भेड़ (40 नर व 200 मादा) के लिए कुल धनराशि रु 850.00 लाख (90 प्रतिशत केन्द्रांश एवं 10 प्रतिशत राज्यांश) की धनराशि उपलब्ध करायी गयी।

उन्होंने बताया कि भारत सरकार के निर्देशों के क्रम में उत्तराखण्ड की भेडें राजकीय भेड़ प्रजनन प्रक्षेत्र, कोपड़धार, घनसाली, टिहरी पर एक माह के Quarantine हेतु रखी जा रही है। इस बीच पुनः भारतीय कृषि अनुसन्धान परिषद (ICAR) की High Security Animal Disease Laboratory, Bhopal एवं Indian Veterinary Research Institute (IVRI) से भेड़ों की जांच करायी जायेगी। पुनः रोग मुक्त पाये जाने पर ही भेड़ें प्रक्षेत्र पर प्रयोग में लायी जायेगी। आस्ट्रेलिया से आयातित उच्च गुणवत्ता की भेड़ों को आगामी 05 वर्षों तक एक निर्धारित Breeding Plan के तहत  Pure line एवं  Cross Breeding कार्यक्रमों में उपयोग में लायी जायेगी एवं राज्य की भेड़ों में व्याप्त अन्तः प्रजनन ¼Inbreeding) की समस्या से निजात दिलाया जायेगा। आधुनिक प्रजनन तकनीकि Artificial Insemination  in Sheep  and Embryo Transfer Technology  के प्रयोग से उच्च कोटि के  Germplasm को उत्तराखण्ड के भेड़ पालकों को उपलब्ध कराया जायेगा।

इस सम्बन्ध में निदेशक आईटीडीए अमित सिन्हा के नेतृत्व में आईटीडीए की टीम द्वारा भेड़ प्रजनन प्रक्षेत्र कोपड़धार, घनसाली टिहरी में व्यवस्थित की गयी मेरिनों भेड़ों को ड्रोन के माध्यम से सीधा प्रसारण कराया गया।

इस अवसर पर पशुपालन मंत्री श्रीमती रेखा आर्य, विधायक गोपाल सिंह रावत, आस्ट्रेलिया में भेड़ पालन के क्षेत्र में कार्य कर रहे मैथ्यू कांडिक्टन, बेन वाट्स, चार्ली कांडिक्टन, एलिसा वाट्स, उत्तराखण्ड भेड़ एवं ऊन विकास बोर्ड के मुख्य अधिशासी अधिकारी डॉ. अविनाश आनंद आदि उपस्थित थे।

उत्तराखंड की जूनियर बैडमिंटन टीम ने नेशनल चैंपियनशिप 2019 में रचा इतिहास

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नयी दिल्ली : आंध्रप्रदेश के राजमुंदरी में 24 दिसम्बर से चल रही 44वीं इंटर स्टेट-इंटर जोनल जूनियर नेशनल बैडमिंटन चैंपियनशिप 2019 में उत्तराखंड की जूनियर बैडमिंटन टीम ने रजत पदक जीत इतिहास रच दिया है। उत्तराखंड की टीम ने क्वार्टरफाइनल में तेलंगाना को तथा सेमीफाइनल में महाराष्ट्र जैसे सशक्त टीम को हराकर पहली बार राष्ट्रीय बैडमिंटन प्रतियोगिता के फाइनल में प्रवेश किया। हालाँकि फाइनल में उत्तराखंड की टीम को मणिपुर से 2-3 से हार जाने के बाद रजत पदक से ही संतोष करना पड़ा, परन्तु जूनियर बैडमिंटन टीम के लिए राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के फाइनल में पहुंचना भी बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। उत्तराखंड के बैडमिंटन इतिहास में नेशनल टीम चैंपियनशिप में प्रथम बार उत्तराखंड को रजत पदक प्राप्त हुआ है।

बैडमिंटन चैंपियनशिप के फाइनल का पहला मुकाबला (पुरुष एकल) उत्तराखंड के ध्रुव रावत और मणिपुर के मिशनाम मिराब्बा के बीच खेला गया। जिसमे ध्रुव रावत को 18-21 व 17-21 से हार का सामना करना पड़ा। जबकि दूसरे मैच (महिला एकल) में उत्तराखंड की उन्नति बिष्ट ने मणिपुर की महेश्वरी देवी को आसानी से 21-13 व 21-7 से हराकर टीम को बराबरी पर ला दिया। तीसरे मैच (पुरुष युगल) में उत्तराखंड के भावेश पाण्डेय व सोहेल अहमद की जोड़ी मणिपुर के दिन्कू सिंह व मंजीत सिंह की जोड़ी से 11-21 व 16-21 से हार गई। हालाँकि चौथे मुकाबले में उतराखंड की महिला जोड़ी उन्नति बिष्ट व अदिति भट्ट ने एक बार फिर जबर्दस्त खेल दिखाते हुए उत्तराखंड की टीम को चैंपियनशिप में 2-2 की बराबरी पर ला दिया। उन्नति व अदिति की जोड़ी ने मणिपुर की महेश्वरी देवी व प्रिया की जोड़ी को 15-21, 21-15 व 21-14 से हराकर स्कोर बराबर कर दिया। परन्तु पांचवे एवं निर्णायक (मिश्रित युगल) मुकाबले में उत्तराखंड की ध्रुव रावत व अदिति भट्ट की जोड़ी को मणिपुर के दिन्कू सिंह व प्रिया की जोड़ी से 14-21 व 17-21 से हार का सामना करना पड़ा। और इस तरह जूनियर नेशनल बैडमिंटन चैंपियनशिप 2019 में उत्तराखंड की जूनियर बैडमिंटन टीम ने रजत पदक के साथ ही संतोष करना पड़ा।

महरौली : सांस्कृतिक कार्यक्रम में राज्य आंदोलकारियों को किया सम्मानित

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दिल्ली : सांस्कृतिक और सामाजिक स्तर पर पूरी दिल्ली में रविवार को ऊत्तराखण्ड के ढोल-दमाऊ की धमक पर थिरक रही. वहीँ दिल्ली की ऐतहासिक धरोहरों को संजोकर रखे महरौली कुतुबमीनार क्षेत्र में हमारी महिला टोली”, महरौली दिल्ली की टीम द्वारा किये आयोजन में ऊत्तराखण्ड राज्य आन्दोलन के भगीदारो को सम्मानित ही नही किया गया अपितु मंच से यह भी आग्रह हुआ कि प्रवास में जिस ऊत्तराखण्ड नाम से हम संगठित हो रहे हैं उस राज्य को किन विषम परिस्थितियों में प्राप्त किया गया. इस सन्दर्भ में राज्यन्दोलनकारी नन्दन सिंह रावत, दलबीर सिंह रावत तथा दिलबर सिंह फर्त्याल के अनुमोदन को दर्शको खासकर युवा पीढ़ी ने ध्यान पूर्वक सुना. साथ ही गैरसेंण राजधानी के समर्थन में खड़े होकर हौसलाअफजाई की. इस अवसर पर युवा व्यवसाई वीरेंदर राणा को सम्मनित किया गया.

कार्यक्रम में भगवत मनराल टीम एवं गोरी एजुकेशन ट्रस्ट के बच्चो द्वारा बेहतरीन कला का प्रदर्शन किया गया. कार्यक्रम में “हमारी महिला टोली” की अध्यक्षा ज्योति डंगवाल, बीना सती की टीम तथा सतेंदर सिंह रावत का विशेष सहयोग रहा.

पौड़ी गढ़वाल: 8 वर्षीय मासूम को निवाला बनाने वाला गुलदार आख़िरकार मारा गया

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कोटद्वार : अभी अभी प्राप्त जानकारी के मुताबिक बीरोंखाल ब्लॉक के देवकुंडई (मली) गाँव में वन विभाग पोखडा की टीम द्वारा आदमखोर गुलदार को मार गिराया गया है. बतादें कि  बीते 8 दिसम्बर पौड़ी गढ़वाल के बीरोंखाल ब्लॉक के देवकुंडई गांव में अपनी माँ के साथ घर के पास गौशाला में गए 8 साल के मासूम अंकित रावत को तेंदुए ने मौत के घाट उतार दिया था। यह घटना उसी बहादुर बच्ची राखी रावत के गांव देवकुंडई की है। जिसने बड़ी बहादुरी से अपने छोटे भाई को तेंदुए के चंगुल से बचाया था।

बीते 8 दिसम्बर को देवकुंडई गांव में बलवंत सिंह रावत की पत्नी ज्योति देवी घर से कुछ दूर स्थित गोशाला में दूध दुह रही थी। उनका 8 वर्षीय बेटा अंकित गौशाला के पास ही में खेल रहा था। तभी घात लगाकर बैठे तेंदुए ने अचानक अनिकेत पर हमला कर दिया। बच्चे के चिल्लाने पर मां ज्योति देवी गोशाला से बाहर की ओर भागी और  चिल्लाने लगी। मां के चिल्लाने की आवाज सुनकर तेंदुआ बच्चे को छोड़कर भाग गया, परन्तु तब तक मासूम ने दम तोड़ दिया था। इस घटना के बाद क्षेत्र में दहशत फ़ैल गई थी. तभी से वन विभाग की टीम ने वहां पिंजड़े लगाने के साथ साथ शिकारी भी तैनात कर रखे थे जो लगातार गुलदार पर नजर गढ़ाए हुए थे. देवकुंडई के ग्राम प्रधान यशपाल रावत ने बताया कि आज शाम शिकारियों को गुलदार नजर आया, जिसके बाद शिकारियों द्वारा गुलदार को मार गिराया गया. आदमखोर गुलदार के मारे जाने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली. हालाँकि ग्रामीणों कहना कि अभी भी क्षेत्र में कई और गुलदार घूम रहे हैं.

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