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‘दैनिक जीवन में व्यवहार्यता’ विषय पर सत्र आयोजित

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Session on 'Practability in Daily Life' held

Srinagar News: श्रीनगर के अजीम प्रेमजी फाउंडेशन सभागार में आज सत्र “दैनिक जीवन में व्यवहार्यता” आयोजित किया गया। यह सत्र अजीम प्रेमजी फाउंडेशन व स्वैच्छिक मंच श्रीनगर द्वारा आयोजित किया गया। जिसमें स्वैच्छिक शिक्षक मंच श्रीनगर के 28 शिक्षक उपस्थित रहे। वक्ता डॉ हर्षमणि पाण्डेय ने सम्बंधित विषय पर प्रभावशाली तरीके से अपने विचार व्यक्त किये तथा श्रोताओं को 2 घंटे तक बांधे रखा।

उन्होंने कहा गणित विषय का नाम सुनते ही विद्यार्थी डरने लगते हैं और यह डर जीवन भर बना रहता है। जबकि हम अपने दैनिक जीवन में गणित का उपयोग कर रहे होते हैं। किसी भी बात को समझने तथा समझाने के लिए हमें गणित का सहारा लेना पड़ता है। इसलिए आज गणित की लगभग 120 शाखाएं हैं। उन्होंने गणित की व्यवहार्यता को ध्यान में रखते हुए गणित की कुछ शाखाओं जैसे अंक गणित, बीजगणित, जैविक गणित, अवकलन व समाकलन, रैखिक प्रोग्राम, त्रिकोण मिति, ज्यामिति आदि को दैनिक जीवन के उदाहरणों से जोड़ते हुए सरल व सहज तरीके से श्रोताओं के समक्ष रखा।

उन्होंने कहा गणित का उपयोग करते हुए बहुत समय पहले इंसान ने एवरेस्ट की ऊंचाई व आकाशीय पिंडों को नाप लिया था। दैनिक जीवन की आवश्यकताओं व विभिन्न विषयों की जरूरतों को पूरा करने के लिए गणित की नईं नईं अवधारणओं/शाखाओं का विकास होता रहा। जैसे- जंग के लिए बेलास्टि मिशालें बनाने के लिए बेलास्टि गणित की शाखा विकसित की गयी।

आखिर में प्रतिभागियों ने सवाल-जबाव के माध्यम से चर्चा जारी रखी लेकिन समय को देखते हुए सुगमकर्ता ने सत्र को समेकित करते हुए समाप्त किया।

प्रयागराज में एनकाउंटर: यूपी में बीजेपी नेता उमेश पाल हत्याकांड में शामिल एक हमलावर अरबाज को पुलिस ने किया ढेर

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यूपी के प्रयागराज में शुक्रवार को बीजेपी नेता उमेश पाल हत्याकांड में शामिल एक बदमाश को पुलिस, एसटीएफ और एसओजी की टीम ने मिलकर एनकाउंटर में ढेर कर दिया है। हत्यारोपी का नाम अरबाज है और यह उमेश हत्याकांड में शामिल था। मुठभेड़ सोमवार दोपहर धूमनगंज में नेहरू पार्क के पास हुई। पुलिस के मुताबिक, वारदात के बाद से अरबाज नेहरू पार्क इलाके में छिपा था।

यूपी पुलिस की सोमवार की दोपहर अरबाज के साथ धूमनगंज इलाके में नेहरू पार्क के में मुठभेड़ हुई। उमेश पाल पर हमला करने के बाद अरबाज का चेहरा सीसीटीवी फुटेज में आया था। पुलिस को पता चला था कि पुरामुफ्ती के सल्लाहपुर निवासी अरबाज नाम का शातिर अपराधी कार चला रहा था, उसने हमला भी किया था। हमलावरों की तलाश में पुलिस लगी थी और हमलावार के बारे में क्राइम ब्रांच को पता चला कि वह नीवां क्षेत्र में छिपा है। नेहरू पार्क पर क्राइम ब्रांच की उससे मुठभेड़ हो गई और उसने पुलिस पर गोली चलाई जिससे एक सिपाही जख्मी हो गया। पुलिस ने भी उसे गोली मारी और उसके सीने और पैर में गोली लगी। धूमनगंज पुलिस ने घायल अरबाज को इलाज के लिए स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल भेजा है, जहां उसकी मौत हो गई। इसने ही बाकी बदमाशों को इस हत्याकांड के लिए हथियार उपलब्ध कराए थे।

अरबाज अतीक अहमद के बेटे असद का ड्राइवर था। हमलावरों की क्रेटा गाड़ी पुलिस ने बरामद की है। अरबाज को बाहुबली अतीक अहमद का बेहद खास माना जाता था। उसका पिता भी अतीक अहमद की गाड़ी चलाता था। उमेश पाल हत्याकांड में शामिल हुए बाकी हत्यारों क्योंकि पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही है। सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रयागराज और आसपास जनपदों में पुलिस, एसटीएफ और एसओजी की टीम ने डेरा डाल रखा है। ‌ प्रयागराज से बाहर जाने वाले रास्तों पर पुलिस विशेष चेकिंग अभियान चला रही है। हत्यारे प्रयागराज छोड़कर न भाग जाएं, इसलिए जिले की सीमा पर भी चेकिंग चल रही है।

एडिशनल एसपी रैंक के अधिकारी की अगुवाई में यूपी एसटीएफ की प्रयागराज यूनिट उमेश पाल हत्याकांड के आरोपियों की छानबीन में लगी है। गौरतलब है कि प्रयागराज के बहुचर्चित राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल की शुक्रवार शाम गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। साल 2005 के बसपा विधायक राजू हत्याकांड में उमेश पाल अहम गवाह थे। इस हत्याकांड के पूर्व सांसद अतीक अहमद आरोपी हैं। पुलिस के अनुसार, उमेश पाल पर उस वक्त हमला किया गया, जब वह कहीं से अपने घर लौट रहे थे। जैसे ही वह गाड़ी से उतरे उस पर एक युवक ने फायरिंग शुरू कर दी। जबकि दूसरे युवक उन पर बम बरसाने शुरू कर दिए। यह पूरी वारदात सीसीटीवी में कैद हो गई। अरबाज का चेहरा मौके पर लगे सीसीटीवी कैमरों में आ गया था। उसने भी उमेश पर हमला किया था। उमेश पाल और उनके गनर सुनील की मौत हो गई थी।

उत्तराखंड के पूर्व डीजीपी अनिल रतूड़ी के उपन्यास ‘भंवर एक प्रेम कहानी’ का दिल्ली में विमोचन

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नई दिल्ली। नेशनल बुक ट्रस्ट के तत्वावधान में दिल्ली के प्रगति मैदान में चल रहे विश्व पुस्तक मेला में उत्तराखंड के पूर्व पुलिस महानिदेशक एवं लेखक श्री अनिल रतूड़ी के उपन्यास “भंवर एक प्रेम कहानी” के द्वितीय संस्करण का यहां लेखक से संवाद कार्यक्रम में विमोचन किया गया। संवाद कार्यक्रम का शुभारंभ उत्तराखंड की अपर मुख्य सचिव राधा रतूडी द्वारा पारंपरिक मंगल गीत गाकर किया गया। इस अवसर पर उपन्यास “भंवर एक प्रेम कहानी” श्री रतूड़ी का एक अलग अंदाज में लिखा गया उपन्यास है।

देहरादून की प्रतिष्ठित प्रकाशन विनसर पब्लिशिंग कम्पनी ने इसे प्रकाशित किया है। उपन्यास में आईएएस अधिकारी की मनोदशा,उपलब्धियां, चुनौतियां तथा निजी जीवन के घटनाक्रमों को विस्तार से उकेरा गया है। खासकर उत्तराखंड के पर्वतीय समाज से निकले युवाओं की कर्मठता, समर्पण और चुनौतियों से दो चार होने की परिस्थितियों का लेखक ने बखूबी वर्णन किया है। कदाचित यही कारण है कि उपन्यास का पहला संस्करण हाथोंहाथ बिक गया और अब विनसर पब्लिशिंग कम्पनी ने इसका दूसरा संस्करण प्रकाशित किया है।

यहां पुस्तक मेले में विमोचन के मौके पर आयोजित “लेखक से संवाद” कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने प्रतिभाग किया। लेखक श्री रतूड़ी ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों के सवालों के जवाब दिए तथा अपनी बात भी पाठकों के सामने रखी।
उल्लेखनीय है कि उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व पुलिस महानिदेशक अनिल रतूड़ी द्वारा लिखित उपन्यास “भंवर एक प्रेम कहानी” के प्रथम संस्करण का विमोचन किया था। अब इसका दूसरा संस्करण उपलब्ध है और पुस्तक मेले में पाठकों ने इसके बारे में खासी दिलचस्पी दिखाई।

उत्तराखंड की दो महिला सरपंचों का स्वच्छ सुजल शक्ति सम्मान के लिए चयन, 04 मार्च को राष्ट्रपति करेंगी सम्मानित, मुख्यमंत्री धामी ने दी बधाई

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केन्द्रीय जल शक्ति मंत्रालय द्वारा स्वच्छ सुजल शक्ति सम्मान के तहत 04 मार्च से अर्न्तराष्ट्रीय महिला दिवस सप्ताह मनाया जाएगा। इस वर्ष उत्तराखण्ड की दो महिलाओं का चयन भी स्वच्छ सुजल शक्ति सम्मान 2023 के लिए हुआ है। 04 मार्च को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू तथा केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत इन्हें सम्मानित करेंगे। भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा जनपद बागेश्वर से सरपंच सुकविता देवी तथा देहरादून जिले से सरपंच सुनिकिता चौहान को अपने गांवो को ओडीएफ (खुले में शौच से मुक्त) प्लस मॉडल बनाने की दिशा में उत्कृष्ट कार्य तथा असाधारण योगदान देने हेतु स्वच्छ सुजल शक्ति सम्मान 2023 के लिए चयनित किया गया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बागेश्वर जिले की सुकविता देवी तथा देहरादून जिले की सुनिकिता चौहान को भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय द्वारा स्वच्छ सुजल शक्ति सम्मान 2023 के लिए चयनित होने पर बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारे राज्य की महिला सरपंचों को यह सम्मान मिलना प्रदेशवासियों विशेषकर यहाँ की महिलाओं के लिए गौरव का विषय है। यह सम्मान उत्तराखण्ड में जमीनी स्तर पर महिला नेतृत्व के असाधारण योगदान का सम्मान है। यह सम्मान उन सभी लोगों को प्रेरित करेगा जो अपने गांवों को स्वच्छ बनाने तथा गांवों में जल संरक्षण के लिए कार्य कर रहे हैं।

गांवों को स्वच्छ बनाने, ओडीएफ प्लस मॉडल गांवो के निर्माण, हर घर जल मिशन व जल संरक्षण में ग्राम प्रधानों एवं सरपंचों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उत्तराखण्ड में महिला ग्राम प्रधान, महिला सरपंच, महिला स्वच्छाग्रही, महिला स्वयं सहायता समूह, आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्री बहनें धरातल स्तर पर अपनी प्रभावी नेतृत्व क्षमता और कुशल प्रबन्धन के माध्यम से राज्य के विकास में असाधारण योगदान दे रही हैं।

होलाष्टक शुरू : होलाष्टक से ही रंगीला हो जाता है समूचा ब्रज, आज मथुरा के बरसाना में खेली जा रही लड्डू मार होली

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Laddu Mar Holi

आज से होलाष्टक शुरू हो गए हैं। यह 8 दिनों तक रहते हैं। लेकिन इस बार होलाष्टक 9 दिन 27 फरवरी से लेकर 8 मार्च तक रहेंगे। होलाष्टक के शुरू होते ही होली की भी शुरुआत मानी जाती है। वहीं आज से मथुरा में होली की शुरुआत हो गई है। मथुरा के बरसाना में लड्डू मार होली खेली जा रही है। होलाष्टक के दिनों में विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन जैसे शुभ कर्म नहीं किए जाते हैं। इन दिनों में पूजा-पाठ के साथ ही ग्रंथों का पाठ करने की भी परंपरा है। इसके साथ ही जरूरतमंद लोगों को दान-पुण्य भी जरूर करें।

होलाष्टक में विष्णु पुराण और भागवत कथा जैसे ग्रंथों का पाठ करना चाहिए या इनका पाठ सुनना चाहिए। विष्णु पुराण में विष्णु जी की महिमा बताई गई है, जबकि भागवत कथा में विष्णु जी के अवतार श्रीकृष्ण की कथा है। इन कथाओं का पाठ करें और इनमें बताए गए संदेशों को जीवन में उतारने का संकल्प लेना चाहिए। इन ग्रंथों का मूल संदेश यह है कि हमें धर्म का पालन करते हुए कर्म करना चाहिए और फल की इच्छा नहीं करनी चाहिए। धर्म-कर्म करने वाले लोगों को भगवान की कृपा से सभी सुख प्राप्त होते हैं। जो लोग अधर्म करते हैं, उन्हें भगवान की कृपा नहीं मिलती है।

होलाष्टक शब्द होली और अष्टक दो शब्दों से मिलकर बना है। जिसका भावार्थ होता है होली के आठ दिन। होलाष्टक फाल्गुन शुक्ल पक्ष अष्टमी से शुरू होकर फाल्गुन शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तक रहता है। अष्टमी तिथि से शुरू होने से भी इसे होलाष्टक कहा जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार होलिका दहन से 8 दिन पहले तक प्रह्लाद को उनके पिता हिरण्यकश्यप ने बहुत प्रताड़ित किया था। प्रह्लाद को ये यातनाएं विष्णु भक्ति छुड़ाने के लिए दी गई थीं जिस कारण से भी होलाष्टक के दिनों में किसी भी प्रकार का मंगलकारी कार्य नहीं किया जाता। ऐसा माना जाता है कि इस समय नकारात्मक ऊर्जा हावी रहती है और इन 8 दिन में हर दिन अलग-अलग ग्रह अस्त और रुद्र अवस्था में होते हैं। इसके अतिरिक्त, तांत्रिक विद्या की साधना भी इस अवधि में ज्यादा होती है।

मथुरा-वृंदावन, बरसाना और नंदगांव में 8 दिनों तक होली की रहती है धूम, लाखों लोग देश-विदेश से आते हैं

मथुरा-वृंदावन की होली केवल देश ही बल्कि पूरे विश्व में मशहूर मानी जाती है। दुनिया भर से लाखों लोग इस होली को देखने के लिए आते हैं। बरसाना में सबसे पहले आज 27 फरवरी को लड्डू की होली हो रही है। यह मथुरा से लगभग 50 किमी दूर है। लड्डू होली में उत्सव के दौरान एक दूसरे पर लड्डू फेंके जाते हैं।

बता दें की बरसाना के लाडली जी मंदिर में लड्डू मार होली खेली जा रही है। पौराणिक कथा के अनुसार द्वापर युग में राधा रानी के पिता वृषभानु जी नंदगांव में श्रीकृष्ण के पिता को होली खेलने का न्योता देते हैं। बरसाने की गोपियां होली का आमंत्रण पत्र लेकर नंदगांव जाती है। जिसे कान्हा के पिता नंदबाबा सहहर्ष स्वीकार करते हैं। एक पुरोहित के जरिए न्योता स्वीकृति पत्र बरसाना पहुंचाया जाता है। बरसाने में पुरोहित का आदत सत्कार किया जाता है। इसके अलावा लट्ठमार होली 28 फरवरी को बरसाना में होगी। लठ का अर्थ है ‘छड़ी’ और मार का अर्थ है ‘पीटना’। लठमार होली उत्तर प्रदेश के ब्रज में सबसे लोकप्रिय उत्सव है।

इस दिन महिलाएं पुरुषों को लट्ठ मारकर होली मनाती है जबकि पुरुष ढाल के जरिए लट्ठ से बचने के प्रयास करते हैं। बरसाना की होली के बाद 1 मार्च को नंदगांव में लठमार होली का आयोजन होगा। इसके बाद तीन मार्च को रंगभरी एकादशी के अवसर मथुरा और वृंदावन में फूलों की होली होगी। यह मुख्य तौर पर यहां के बांके बिहारी मंदिर में मनायी जाती है जिसे दुनिया में भगवान कृष्ण का सबसे पवित्र और सबसे प्रसिद्ध मंदिर माना जाता है। वृंदावन स्थित बांके बिहारी मंदिर में ठाकुरजी अपने भक्तों संग होली खेलेंगे। इसके साथ ही इस मौके पर देश-विदेश से आए श्रद्धालु-पर्यटक वृंदावन की परिक्रमा भी करेंगे, जिसमें जमकर अबीर-गुलाल उड़ेगा।

सुबह से शुरू होकर देर रात तक परिक्रमा का सिलसिला जारी रहता है। वहीं रंगभरनी एकादशी के मौके पर ही मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर भी होली खेली जाएगी। चार मार्च को गोकुल में छड़ी मार होली का आयोजन किया जाएगा। मान्यता है कि श्रीकृष्ण ने गोकुल में अपने बचपन के दिन बिताए थे। इस प्रकार वहां के उत्सवों में कृष्ण को एक बच्चे के रूप में माना जाता है। 7 मार्च को होलिका दहन का आयोजन किया जाएगा। 8 मार्च को पूरे देश में होली का त्योहार मनाया जाएगा।

दुखद: पौड़ी गढ़वाल में दर्दनाक हादसा, 300 मीटर गहरी खाई में गिरी कार, चालक की मौके पर ही मौत, SDRF ने किया शव बरामद

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पौड़ी: पौड़ी गढ़वाल के कल्जीखाल ब्लॉक से एक दर्दनाक सड़क हादसे की खबर मिली है. SDRF से मिली जानकारी के मुताबिक आज (27 फरवरी 2023 को) कल्जीखाल-भेटी मोटर मार्ग पर भेटी से लगभग 3 किमी आगे मवाधार के पास एक इको कार (UK12- TA 1264) अचानक अनियंत्रित होने से लगभग 300 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। इस हादसे में वाहन चालक की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई ।

हादसे की सूचना पर सतपुली से एसडीआरएफ की रेस्क्यू टीम तत्काल मोके के लिए रवाना हुई। SDRF टीम द्वारा मोके पर पहुँचकर रेस्क्यू कार्य आरम्भ किया। हादसे के वक्त वाहन में एक ही व्यक्ति सवार था जिसकी घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई।

रेस्क्यू टीम द्वारा गहरी खाई में उतरकर उक्त युवक के शव को निकाला व कड़ी मशक्कत करते हुए वैकल्पिक मार्ग से होते हुए शव को मुख्य मार्ग तक पहुँचाकर राजस्व पुलिस के सुपर्द किया गया।

मृतक का नाम पंकज कुमार पुत्र नागेंद्र कुमार, 28 वर्ष, निवासी- ग्राम- भंगडू, पो. रोडखाल, कल्जीखाल, पौड़ी है।

जोशीमठ भूधंसाव पर एसडीसी फाउंडेशन की रिपोर्ट से बड़ा खुलासा, रिपोर्ट में भूधंसाव के हर पहलू को छूने का प्रयास

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देहरादून : देहरादून स्थित थिंक टैंक एसडीसी फाउंडेशन हर महीने उत्तराखंड में आने वाली प्रमुख प्राकृतिक आपदाओं और दुर्घटनाओं पर रिपोर्ट जारी कर रहा है। इस क्रम मे एसडीसी ने अपनी अब तक की चौथी और इस वर्ष की पहली, जनवरी 2023 की रिपोर्ट जारी कर दी है। फाउंडेशन के अध्यक्ष अनूप नौटियाल के अनुसार उत्तराखंड डिजास्टर एंड एक्सीडेंट सिनोप्सिस (UDAS) रिपोर्ट का उद्द्शेय राज्य में पूरे महीने आने वाली प्रमुख आपदाओं और दुर्घटनाओं का डॉक्यूमेंटेशन है। यह रिपोर्ट राज्य में प्रमुख आपदाओं और दुर्घटनाओं को एक स्थान पर संग्रहित करने का प्रयास है। रिपोर्ट मुख्य रूप में विश्वसनीय हिन्दी और अंग्रेजी अखबारों और न्यूज़ पोर्टल्स में छपी खबरों पर आधारित है।

उत्तराखंड उदास की जनवरी 2023 की रिपोर्ट

उत्तराखंड डिजास्टर एंड एक्सीडेंट सिनोप्सिस (UDAS) की रिपोर्ट के अनुसार राज्य में जनवरी 2023 में कोई ऎसी बड़ी आपदा या दुर्घटना नहीं हुई जिसमें एक ही दिन या एक समय विशेष पर कोई बड़ी दुर्घटना या जान और माल की क्षति हुई हो। जनवरी 2023 महीने की रिपोर्ट पूरी तरह से जोशीमठ भूधंसाव पर आधारित है। इसके अलावा इस रिपोर्ट में इस महीने आये भूकम्प के झटके और चमोली जिले में हिमस्लखन का भी जिक्र किया गया है।

UDAS की जनवरी 2023 महीने की रिपोर्ट की सबसे खास बात यह है कि जोशीमठ में इस महीने में हुई हलचलों की हर रोज़ की तिथि वार जानकारी दी गई है। रिपोर्ट में जोशीमठ भूधंसाव के हर पहलू को छूने का प्रयास किया गया है। इसमें जमीन और मकानों में आने वाली दरारों की स्थिति का जिक्र भी है तो वहां लोगों को होने वाली परेशानियों पर भी यह रिपोर्ट प्रकाश डालती है। रिपोर्ट में जोशीमठ में लोगों को राहत देने के लिए किये जा रहे सरकारी प्रयासों का हवाला दिया गया है। इसके अलावा वहां होने वाले सरकारी और वैज्ञानिक सर्वेक्षणों और जोशीमठ के ठीक नीचे जेपी कॉलोनी में लगातार हो रहे पानी के रिसाव पर भी उदास की रिपोर्ट बात करती है।

जनवरी 2023 महीने की उदास रिपोर्ट में जोशीमठ की प्रमुख घटनाओं को डेटवाइज दर्ज किया गया है। मसलन पहली जनवरी को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली के डीएम हिमांशु खुराना से विस्तृत जानकारी मांगी तो दो जनवरी को जोशीमठ के लोगों ने देहरादून में प्रेस कांफ्रेंस कर आरोप लगाया कि जोशीमठ में धंसाव की बड़ी वजह एनटीपीसी तपोवन-विष्णुगाड जलविद्युत परियोजना की 20 किमी लंबी टनल है, जो जोशीमठ के ठीक नीचे है। इसके साथ ही इस रिपोर्ट में जोशीमठ में लोगों के सड़कों पर प्रदर्शन और राज्य सरकार की ओर से उठाये गये कदमों का भी तिथिवार ब्योरा देने का प्रयास किया गया है।

इस रिपोर्ट में जोशीमठ के निचले हिस्से में मारवाड़ी स्थित जेपी आवासीय कॉलोनी में अचानक जलस्रोत फूटने की घटना को न सिर्फ प्रमुखता से दर्ज किया गया है, बल्कि पहले दिन से लेकर अगले कई दिनों से यहां से डिस्चार्ज होने वाले पानी की मात्रा भी दर्ज की गई है। जोशीमठ के निवासियों के हवाले से रिपोर्ट कहती है कि सरकार द्वारा उठाए गए कदम पर्याप्त नहीं हैं। 2021 में पहली बार जोशीमठ में दरारें देखी गई थी। सरकार ने उसी समय उनकी बात सुनी होती तो आज यह नौबत न आती। वाडिया भू विज्ञान संस्थान देहरादून के वैज्ञानिकों के हवाले से उदास की रिपोर्ट में कहा गया है कि जोशीमठ में भूमि धंसने की दर दोगुनी हुई है। रिपोर्ट में चमोली जिले के कर्णप्रयाग, टिहरी के अटाली गांव आदि में भी जमीन धंसने की घटनाओं का जिक्र किया गया है।

उदास की रिपोर्ट पर्यावरणविद् प्रो. रवि चोपड़ा के हवाले से कहती है कि यह मानने के पर्याप्त कारण हैं कि जोशीमठ में भूधंसाव की प्रमुख वजह टनल है। इसके साथ ही रिपोर्ट में आठ विभिन्न संस्थानों द्वारा जोशीमठ भूधंसाव के कारणों की अध्ययन करने, उत्तराखंड कैबिनेट की ओर से पहाड़ी इलाकों के शहरों में वहन क्षमता अध्ययन करने के प्रस्ताव को मंजूरी देने, भूमि धंसाव प्रभावित प्रत्येक परिवार को 1.5 लाख रुपये अंतरिम सहायता की घोषणा, प्रति माह 5000 रुपये किराया, राहत शिविरों में भोजन के लिए हर व्यक्ति को 450 प्रतिदिन देने, पानी और बिजली पर भी राहत देने जैसी घोषणाओं का जिक्र भी किया गया है।

उत्तराखंड और आपदा प्रबंधन

अनूप नौटियाल ने उम्मीद जताई कि उत्तराखंड UDAS मंथली रिपोर्ट राजनीतिज्ञों, नीति निर्माताओं, अधिकारियों, शोधार्थियों, शैक्षिक संस्थाओं, सिविल सोसायटी आग्रेनाइजेशन और मीडिया के लोगों के लिए सहायक होगी। साथ ही दुर्घटना और आपदाओं से होने वाले नुकसान के न्यूनीकरण के लिए नीतियां बनाते समय भी इसका इस्तेमाल किया जा सकेगा।

आपदा प्रबंधन का ओडिशा मॉडल

उत्तराखंड आपदाओं की दृष्टि से बेहद संवेदनशील है और अपने अध्ययनों के आधार पर वैज्ञानिक यहां भूस्खलन, भूकंप आने की आशंका लगातार जताते रहे हैं। ऐसे में उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्र में विशेष तौर पर आपदा तंत्र को मजबूत करने की सख्त जरूरत है।

अनूप नौटियाल ने कहा की उत्तराखंड को आपदा प्रबंधन के लिए ओडिशा मॉडल से सीख लेने की ज़रूरत है। ओडिशा मॉडल की सराहना यूनाइटेड नेशंस ने भी की हैं। आपदा जोखिम शासन को मजबूत करने, तैयारियों और परिदृश्य योजना में निवेश करने और आपदा जोखिम की अधिक समझ फैलाने पर ओडिशा मॉडल महत्वपूर्ण सबक देता है। ओडिशा मे 1999 के चक्रवात मे लगभग 10,000 लोग मारे गए और यह कभी दोहराया नहीं गया है।

मेघालय और नागालैंड में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान जारी, चार राज्यों में भी उपचुनाव के लिए डाले जा रहे वोट

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Nagaland-Meghalaya assembly election 2023 voting

Nagaland-Meghalaya assembly election 2023 voting: पूर्वोत्तर के राज्य मेघालय और नगालैंड में विधानसभा चुनाव के लिए सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हो गया है। मतदान करने के लिए सुबह से ही लोगों की लंबी-लंबी लाइनें लगनी शुरू हो गई। मेघालय की 60 और नगालैंड में 59 विधानसभा सीटों के लिए मतदान हो रहे हैं। दूसरी ओर चार राज्यों- तमिलनाडु, अरुणाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल और झारखंड की विधानसभा सीटों पर भी आज उपचुनाव उपचुनाव कराए जा रहे हैं।

चुनाव के नतीजे 2 मार्च को आएंगे। नगालैंड में 60 सीटें हैं, लेकिन एक सीट से कांग्रेस प्रत्याशी के नाम वापस लेने के बाद 59 सीटों पर ही वोटिंग होगी। यहां भाजपा प्रत्याशी को निर्विरोध निर्वाचित कर दिया गया है। बता दें कि नागालैंड विधानसभा में आज तक कोई महिला चुनकर नहीं पहुंची है। ऐसा तब है जब राज्य में महिलाओं की आबादी ज्यादा है। इस बार 4 महिलाएं मैदान में हैं। इन पर सभी की नजर होगी। इस समय दोनों ही राज्यों में भाजपा की गठबंधन की सरकार है।

मेघालय में नेशनल पीपल्स पार्टी ने भाजपा के साथ मिलकर सरकार बनाई है, लेकिन इस बार मेघालय में सभी पार्टियां अकेले चुनाव मैदान में है। 2018 के मुकाबले इस बार बीजेपी और नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) ने चुनाव पूर्व कोई गठबंधन नहीं किया है। मेघालय के पूर्व मंत्री और यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (UDP) के उम्मीदवार एचडीआर लिंगदोह के निधन के कारण Sohiong सीट में मतदान टल गया। इसलिए 60 में से 59 सीटों पर मतदान होगा। मेघालय में बीजेपी और कांग्रेस ने सभी सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। एनपीपी 57 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। तृणमूल कांग्रेस ने राज्य में 58 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं।

वहीं नगालैंड में नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी और भाजपा गठबंधन की सरकार है। नागालौंड में 60 सीटों में से 59 पर वोटिंग होनी है। राज्य की अकुलुतो विधानसभा सीट से बीजेपी के उम्मीदवार काजेतो किमिनी निर्विरोध जीत गए हैं। नागालैंड में सत्ताधारी नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (NDPP) और बीजेपी के गठबंधन का मुकाबला नगा पीपल्स फ्रंट के साथ है। नागालैंड में एनडीपीपी ने 40 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं जबकि बीजेपी 20 सीटों पर मैदान में है। कांग्रेस 23 सीट और एनपीएफ 22 सीटों पर चुनाव लड़ रही है।

मेघालय में वोटिंग को बढ़ावा देने के लिए चुनाव आयोग ने सबसे पहले मतदान केंद्र पहुंचने वाले पांच मतदाताओं को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया है। वहीं झारखंड के रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव के लिए कड़ी सुरक्षा में मतदान जारी हैं। उपचुनाव में 14 निर्दलीय सहित 18 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। पश्चिम बंगाल के सागरदिघी विधानसभा सीट के लिए वोटिंग जारी है। ऐसे ही तमिलनाडु के इरोड (पूर्व) उपचुनाव के लिए मतदान चल रहे हैं।

मेघालय में सुबह 9 बजे तक 12.6 फीसदी मतदान

निर्वाचन आयोग ने जानकारी देते हुए बताया कि सुबह 9 बजे तक मेघालय में 12.6 फीसदी मतदान हुआ है।

नागालैंड में सुबह 9 बजे तक 14.87 फीसदी मतदान

चुनाव आयोग ने जानकारी देते हुए बताया कि नागालैंड विधानसभा चुनाव में सुबह 9 बजे तक 14.87 फीसदी हुआ मतदान हुआ है।

सीएम धामी ने ‘आत्मनिर्भर टिहरी की संकल्पना’ विषय पर स्कूली छात्र-छात्राओं एवं बाल विधायकों के साथ किया संवाद

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Aatmanirbhar Tehri ki sankalpana

Aatmanirbhar Tehri ki sankalpana: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘आत्मनिर्भर टिहरी की संकल्पना’ विषय पर प्रतिभाशाली स्कूली छात्र-छात्राओं एवं बाल विधायकों के साथ संवाद किया। मुख्यमंत्री ने इन मेधावी बच्चों का उत्साहवर्द्धन करते हुए कहा कि  हमेशा एक प्रण लेकर आगे बढ़ें, कि जिस भी क्षेत्र में कार्य करें, लीडर की भूमिका में रहकर कार्य करें। जिस समय जो कार्य कर रहे हों, उस समय पूरा ध्यान उस कार्य पर होना चाहिए। समय के महत्व को समझना जरूरी है। जो समय निकल गया वह कभी वापस नहीं आयेगा, इसलिए समय का पूरा सदुपयोग करें। मुख्यमंत्री ने स्कूली बच्चों से कहा कि परीक्षा के समय तनाव मुक्त होकर पढ़ाई करें। कोई भी कार्य बोझ समझकर नहीं करना चाहिए। कार्य के प्रति मन में उत्साह हो तो कोई भी मुकाम हांसिल किया जा सकता है। बच्चों ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम का उन्होंने लाइव प्रसारण देखा। इस कार्यक्रम के माध्यम से उन्हें अनेक नई चीजें सीखने को मिली।

कक्षा 07 की इप्सिता चमियाल ने कहा कि यह गौरव की बात है कि हमें आत्मनिर्भर टिहरी के लिए मुख्यमंत्री जी से संवाद करने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा आत्मनिर्भर भारत की दिशा में देश को आगे बढ़ाने के लिए अनेक कार्य किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि टिहरी जनपद को आत्मनिर्भर बनाने के लिए युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ना होगा। स्वयं सहायता समूहों को  और मजबूत करना होगा। टिहरी बांध में पर्यटन आधारित अनेक गतिविधियों को और बढ़ावा देने होगा। इसको अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्धि दिलानी होगी। न्याय पंचायत स्तर तक स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कार्य करने होंगे।

स्वास्थ्य मंत्री बाल सरकार सूरज रतूड़ी ने कहा कि टिहरी जनपद को आत्मनिर्भर बनाने के लिए रोजगार, स्वास्थ्य एवं शिक्षा पर विशेष ध्यान देना होगा। होम स्टे एवं स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना होगा। जनपद में उच्च शिक्षण संस्थानों को बढ़ावा देना जरूरी है। 12 वीं छात्रा शनानाज ने कहा कि जनपद में मोटे अनाजों पर आधारित उत्पादों को बढ़ावा देना होगा। जैविक खेती को और अधिक बढ़ावा देना होगा।  पर्यटन और तीर्थाटन को बढ़ावा देने के साथ ही मंदिरों में स्थानीय उत्पादों पर आधारित प्रसाद को बढ़ावा देना होगा, जिससे स्थानीय स्तर पर लोगों की आजीविका के संसाधन बढ़ सके।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इससे पूर्व कलक्ट्रेट परिसर में मिलेट आधारित स्टालों का अवलोकन भी किया। इस अवसर पर सांसद श्रीमती माला राज्य लक्ष्मी शाह, विधायक किशोर उपाध्याय, विनोद कण्डारी, शक्तिलाल शाह, प्रीतम सिंह पंवार, जिलाधिकारी टिहरी डॉ. सौरभ गहरवार, एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर, बाल विधायक पंकज रावत, अंशिका, आशीष कुमार, सोनिका, प्रियंका रतूड़ी, मधावी छात्र-छात्राओं में तुलसी पण्डित, अभिनव रावत, विशाल कुशवाहा, अतुल भट्ट उपस्थित थे।

दुनिया की विविधता के लिए उसकी सभी भाषाओं का संरक्षण जरूरी : लोकेश नवानि

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गढ़वाली नाटक, पहाड़ी भोज लाल चावल, तोर की दाल और तैडू के साथ समाप्त हुआ धाद का मातृभाषा सप्ताह

अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर धाद मातृभाषा एकांष  द्वारा आयोजित मातृभाषा सप्ताह का समापन देहरादून में गढ़वाली नाट्य प्रस्तुति और पहाड़ी भोज के साथ संपन्न हुआ। ढोल दमाऊ और मंडाण के साथ महिला पॉलिटेक्निक कौलागढ़ में आयोजित समारोह में स्कूलों में एक चिट्ठी लिखिए अभियान के पुरुस्कार भी वितरित किये गए।

आयोजन का स्वागत संबोधन करते हुए धाद के केंद्रीय अध्यक्ष लोकेश नवानि ने कहा कि दुनिया की भाषायी विविधता और उत्तराखण्ड की तमाम भाषाओं के पक्ष में धाद इस आयोजन को हर वर्ष आयोजित करती रही है। यूनेस्को द्वारा 1999 में 21 फरवरी को दुनिया की सभी भाषाओं के पक्ष में आयोजन करने के लिए प्रस्ताव पारित किया गया। धाद ने 2010 से इस दिशा एम पहल की जो आज भी जारी है। इस वर्ष इसका प्रारंभ श्रीनगर गढ़वाल से हुआ जिसके साथ भाषा विमर्श कविता पाठ और आज का आयोजन किया गया है। उन्हेंने इस दिशा में समाज और शासन दोनों से गंभीर पहल करने की अपील की।

नाट्य प्रस्तुति इंस्पेक्टर नेगी चले चांद पर

इस अवसर पर धाद नाट्य मंडल की तरफ से गढ़वाली और हिंदी में नाटक प्रस्तुत किया गया। नाटक इनस्पेक्टर नेगी चाँद पर हरिशंकर परसाई के व्यंग इंस्पेक्टर मातादीन चाँद पर का गढ़वाली रूपांतरण है।  जिसमे चाँद सरकार ने भारत सरकार को अनुरोध किया कि उन्हें कोई ऐसा अधिकारी भेजा जाए जो वहां कानून प्रशासन को सुधार सके और नए विचार दे सके।  भारत सरकार ने अपने सुयोग्य अधिकारी इंस्पेक्टर नेगी को चाँद पर भेजा। बड़ा मोड़ तब आया जब नेगी ने इन्वेस्टीगेशन का फार्मूला बताया कि किस तरह से एविडन्स को पहले ढूंढे  और फिर गवाहों को पकड़े। कुछ दिन सब ठीक चला लेकिन धीरे धीरे सब बिगडने लगा।  चाँद अधिकारीयों ने भारत सरकार से अनुरोध कर उन्हें वापिस भिजवा दिया।

पूरी कहानी भारतीय पुलिस के भर्स्ट आचरण पर करारा व्यंग है जो कि दूसरे गृह को भी परेशान कर डालता है। नाटक में भाग लेने कैलाश कंडवाल, प्रताप सिंह, मिनाक्षी जुयाल, पवन डबराल ने हिस्सा  लिया। नाटक का गढ़वाली रूपांतरण और निर्देशन कैलाश कंडवाल ने किया।

एक चिट्ठी लिखिए पुरुस्कार

आज मातृ भाषा सप्ताह के समापन समारोह में “एक कोना कक्षा का” के अंतर्गत बाल दिवस 2022 से प्रारंभ किये गए एक चिट्ठी लिखिये अभियान के पुरस्कार भी घोषित किए गए। धाद के उपाध्यक्ष गणेश उनियाल ने पुरस्कारों की घोषणा करते हुए बताया कि पुरस्कार तीन वर्गों प्राथमिक, जूनियर एवं माध्यमिक स्तर पर दिये गए हैं तथा प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों के 36 छात्रों को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम में पुरस्कार प्राप्त करने वाले बच्चों में नव्य बेलवाल, साक्षी, महक, अनिरुद्ध, प्रियांशु, अंश एवं दिव्यांशी उपस्थित रहे।

कल्यो फ़ूड फेस्टिवल

आयोजन का मुख्य आकर्षण फंचि का कार्यक्रम कल्यो फ़ूड फेस्टिवल में बने पहाड़ी भोजन रहें। पहाड़ के कन्द तैडू, पीला रायता, झंगोरे की खीर, लाल चावल, तोर की दाल, हरी सब्जी के साथ बना भोजन खूब सराहा गया।

इस मौके पर महिला पॉलीटेक्निक के अध्यक्ष हर्षमणी व्यास ने धाद की सराहना की। धन्यवाद ज्ञापन डी सी नौटियाल द्वारा दिया गया। आयोजन का संचालन शांति बिंजोला ने किया।

इस अवसर पर हर्षमणी ब्यास,डी सी नौटियाल,विकास बहुगुणा,चन्द्रभागा शुक्ला,सिद्धि भण्डारी,विजय रावत, शिव प्रकाश जोशी,अनिल जखमोला, सोनिया जखमोला,प्रभा नेगी,उर्मिला रावत, बीना नेगी, बसंती पटवाल, मधु पटवाल, सुधा पटवाल, लीला बहुगुणा, जीएस नेगी, सुधा नेगी, संजय कुकसाल, रजनी गोसाईं, हिमांशु आहुजा, बीरेंद्र खंडूरी, अनुराधा खंडूरी, सुनील भट्ट, गीता शाह, शान्तनु ममगाईं, सुशील यादव, राजीव पान्थरी, ज्योति जोशी, मीना घिल्डियाल, अरविंद सोलंकीडा, अतुल बमराडा, कृष्ण कुमार कोटनाला, रक्षा बौड़ाई, दिनेश ध्यानी, अनिता ध्यानी, शान्ति अमोली बिन्जोला, अर्चना ग्वाडी, शशांक ग्वाड़ी, महावीर सिंह रावत, मंजू रावत, कीर्ति भण्डारी, गणेश उनियाल, उत्तम सिंह रावत, विजय जुयाल, आशा डोभाल, तन्मय ममगाईं, विनोद, योगेश आदि मौजूद थे।