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दुखद: खाई में गिरा मैक्स वाहन, चालक की मौत

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max fell in deep ditch near chaubattakhal

Pauri News: पौड़ी जिले के चौबटटाखाल तहसील क्षेत्र से एक दुखद हादसे की खबर आई है। चौबटटाखाल के कोला-पणियां मोटरमार्ग पर कोलाखाल के समीप एक मैक्स वाहन अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गया। इस हादसे में वाहन चालक की मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक वाहन चालक सवारियों को छोड़कर घर लौट रहा था। राजस्व पुलिस ने पंचनामा कर शव परिजनों के सौंप दिया।

राजस्व पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक जजेड़ी गांव निवासी कीरत सिंह (36 वर्ष) पुत्र राजेंद्र प्रसाद शनिवार की देर शाम को कांडा गांव से सवारियां छोड़कर घर वापस लौट रहा था। तभी कोलाखाल बाजार से करीब डेढ सौ मीटर आगे कोला-पणिंयां मोटरमार्ग पर उसका वाहन अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर जा गिरा। वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना ग्रामीणों ने राजस्व पुलिस को दी। जिस पर ग्रामीणों और राजस्व पुलिस ने घायल का रेस्क्यू किया। ग्रामीणों ने निजी वाहन से उसे अस्पताल पहुंचाया। जहां उसकी मौत हो गई। राजस्व पुलिस ने शव की औपचारिकताएं पूर्ण करने के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया। जानकारी के मुताबिक मृतक परिवार का इकलौता बेटा था और कुछ साल पहले ही मृतक विवाह हुआ था, तथा उसके दो छोटे बच्चे व पत्नी है।

श्रीनगर-ऋषिकेश नेशनल हाईवे पर सड़क हादसे में एक शख्स की मौत

इसबीच आज एक और दुखद हादसे की खबर मिली है। श्रीनगर-ऋषिकेश राष्ट्रीय राजमार्ग पर बागवान से 200 मीटर आगे एक पिकअप वाहन और एक कार की आमने-सामने की टक्कर हो गयी। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई है। जबकि पिकअप चालक बुरी तरह से घायल हो गया है। घायल व्यक्ति को 108 की मदद से मेडिकल कॉलेज श्रीनगर लाया गया, जहां उसका इलाज किया जा रहा है। मृतक के परिजनों की तहरीर पर पिकअप चालक के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया गया है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।

सर्दियों की विदाई: फरवरी महीने में सताने लगी गर्मी, गर्म कपड़े पैक होने लगे, दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों में बढ़ा तापमान

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weather-updates: फरवरी महीने में ही समूचे उत्तर भारत में गर्मी का एहसास होने लगा है। जबकि यह महीना बसंत के लिए जाना जाता है। तेजी से बढ़ रही गर्मी को देखते हुए लोगों ने अपने गर्म कपड़े भी अब पैक करने शुरू कर दिए हैं। ‌ भारतीय मौसम विभाग के अनुसार देश के सात राज्यों में पारे की चाल मार्च मध्य में रहने वाले तापमान के बराबर है। राजस्थान, चंडीगढ़, दिल्ली-एनसीआर, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, हिमाचल, बिहार, छत्तीसगढ़ से सर्दी का दौर लगभग जा चुका है। इन राज्यों में दिन में तेज गर्मी पड़ रही है, तो रातें ठंडी हो रही हैं। उत्तर भारत में दिल्ली-पंजाब-हरियाणा से ज्यादा गर्म हिमाचल है।

मौसम विभाग के मुताबिक शनिवार को दिल्ली के दो इलाकों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री से ऊपर पहुंच गया था, जबकि औसत अधिकतम तापमान 29.6 डिग्री दर्ज किया। यह सामान्य से पांच डिग्री अधिक था। वहीँ सोमवार तक दिल्ली का अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। इससे पहले दिल्ली में 17 फरवरी 2006 को अधिकतम तापमान 34.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।

शिमला में शनिवार को फरवरी की सबसे गर्म रात 14.4 डिग्री तापमान के साथ दर्ज की गई। वहीं राजस्थान में गर्मी फरवरी से ही रिकॉर्ड तोड़ने पर आमादा है। यहां के बाड़मेर में दिन का तापमान 37.6 डिग्री दर्ज किया गया। आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ेंगे। हल्के गर्म कपड़े भी बर्दाश्त से बाहर हो जाएंगे। अगले 4 दिनों में राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, ओडिशा, आंध्र प्रदेश में तापमान 40 डिग्री के आसपास रहेगा। वहीं पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड आदि में तापमान 31 से 36 डिग्री के आसपास रह सकता है।

20 और 21 फरवरी को तापमान सबसे अधिक हो सकता है। देश के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से 6 से 12 डिग्री तक अधिक रह सकता है। फरवरी के अंत तक गर्मी से राहत की संभावना नहीं हैं। दूसरी तरफ पहाड़ों में हल्की बर्फबारी हो रही है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, अगले 72 घंटों में आंधी-तूफान के साथ तेज बारिश हो सकती है। पश्चिमी विक्षोभ के चलते हिमाचल, उत्तराखंड, लद्दाख और जम्मू-कश्मीर के कुछ इलाकों में बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, 19 और 20 फरवरी को महाराष्ट्र और गोवा के साथ गुजरात का अधिकतम तापमान 37 से 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की उम्मीद है।

अगले हफ्ते में उत्तर पश्चिम और मध्य भारत में न्यूनतम तापमान भी बढ़ेगा और इसमें दो से तीन डिग्री सेल्सियम की बढ़ोतरी होगी। मौसम विभाग के मुताबिक राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अगले एक हफ्ते तक अधिकतम तापमान 30 से 32 डिग्री के बीच ही बना रहेगा। 20 फरवरी को भी अधिकतम तापमान 32 और न्यूनतम तापमान भी बढ़कर 14 डिग्री तक हो जाएगा। इसके बाद 21 फरवरी से बढ़ते तापमान में थोड़ी कमी आएगी। 21 फरवरी को अधिकतम तापमान 30 और न्यूनतम तापमान 14 डिग्री तक रह सकता है।

बता दें कि सर्दियां हिमालय में आने वाले वेस्टर्न डिस्टरबेंस पर निर्भर करती हैं। इनकी वजह से पहाड़ों पर बर्फ और बारिश होती है। इसकी वजह से मैदानी इलाकों का तापमान कंट्रोल में रहता है। इस बार फरवरी में वेस्टर्न डिस्टरबेंस तो आए, लेकिन ये काफी कमजोर रहे। साथ ही, यह एक के बाद एक आते रहे। अगर इनके बीच 5-6 दिन का गैप होता है, तो पहाड़ों से ठंडी हवाएं राजधानी में आती हैं। वहीं इस बार सर्दियों के सीजन में बारिश भी काफी कम रही। स्काईमेट के महेश पलावत ने बताया कि फरवरी और मार्च में इस बार गर्मी अधिक रहेगी। तापमान लगातार सामान्य से ऊपर ही बना रहेगा। बारिश की संभावनाएं नजर नहीं आ रहीं। फरवरी में अधिकतम तापमान 32 से 33 डिग्री तक रह सकता है, तो वहीं मार्च में अधिकतम तापमान 39 डिग्री तक भी पहुंच सकता है।

16 मार्च से शुरू होने वाली उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने के लिए शिक्षक अखिलेश चन्द्र चमोला से खास बातचीत

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श्रीनगर गढ़वाल: विगत कई वर्षों से ग्रामीण आन्चलिक में अध्ययनरत छात्रों को प्रोत्साहित करने वाले, हमारा संकल्प नशा मुक्त खुशहाल उत्तराखंड की मुहिम चलाने वाले नशा उन्मूलन प्रभारी,विभिन्न राष्ट्रीय सम्मानोपाधियों से सम्मानित, बाल प्रतिभा सम्मान समारोह परिषद के निदेशक, हिन्दी अध्यापक अखिलेश चन्द्र चमोला ने आगामी 16 मार्च को होने वाली उत्तराखण्ड बोर्ड परीक्षा में सम्मिलित छात्रों को शुभकामनायें देते हुए, अपनी खास बातचीत में बिन्दुवार चर्चा करते हुए कहा कि जीवन में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त करने के लिए मेहनत और प्रयास बहुत जरुरी है। हम सुन्दर गुलाब व पुष्प की कल्पना करते हैं तो उनकी प्राप्ति के लिए आधार भूमि भी तैयार करनी पड़ती है। मात्र कपोल कल्पना से कुछ भी प्राप्त नहीं किया जा सकता है। अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए इन बातों पर ध्यान देना बहुत जरुरी है

  1. समय :

परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए समय का ध्यान रखना बहुत जरुरी है। कम से कम नियमित 5-6 घन्टे पढाई करना आवश्यक है। बीच-बीच में हल्का संगीत भी सुनना बहुत जरुरी है। जिससे मन बोझिल न हो। अध्ययन में निरन्तरता बनी रहनी चाहिए।

  1. नोट्स :

नोट्स अच्छे अंक की प्राप्ति में सहायक होते हैं। यह सभी भली भांति जानते हैं कि परीक्षा का मानक लिखने पर ही निर्भर करता है। आपकी अभिव्यक्ति की क्षमता अधिक है लेकिन आप सही तरह से नहीं लिख पाते हैं तो आप को अच्छे अंक नहीं मिल सकते। पढना लिखना दोनों तरह का अभ्यास जरूरी है।

  1. लिखावट :

प्रश्न पत्र हल करते समय उत्तर पुस्तिका पर आपका लेख मोती की तरह चमकना चाहिए। यदि आप अपना लिखा हुआ स्वयं नहीं पढ़ पा रहे हैं तो दूसरे से क्या कल्पना कर सकते हैं।

  1. स्व मूल्यांकन :

अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए समय-समय पर अपना मूल्यांकन करने की क्षमता भी विकसित करनी चाहिए। इस के लिए छात्रों को पिछले वर्ष के प्रश्न पत्र का हल करने का अभ्यास करना चाहिए। कहीं कोई प्रश्न नहीं आ रहा है तो उसे पुनः समझने का प्रयास करना चाहिए।

  1. उद्धरण :

उद्धरण का अर्थ है कि प्रश्न के उत्तर के सन्दर्भ में विद्वानों द्वारा कहे हुए कथन,जो अपने आप में प्रमाणिकता को स्पष्ट करते हैं। उन्हें रेखांकित भी किया जाना चाहिए।

  1. प्रश्न की समझ विकसित होना :

प्रश्न की समझ बिकसित होनी बहुत जरुरी है, प्रश्न के अनुसार ही उत्तर देना प्रश्न की समझ कहलाता है। प्रश्न क्या पूछा गया है ? उसका उत्तर क्या दे दिया। ऐसे में अच्छे अंक नहीं मिल सकते। प्रश्न की समझ पूर्व प्रश्न पत्र के आधार पर तैयार की जा सकती है।

  1. सही उत्तर :

प्रश्न का सही उत्तर देना बहुत जरुरी है। बहुधा छात्र इस तरह की भ्रांत धारणा रखते हैं कि बहुत ज्यादा लिखने से अधिक अंक मिलते हैं।यह सोच गलत है।

  1. दिशा निर्देशन:

समय समय पर अपने विषयाध्यापकों से मार्गदर्शन लेना चाहिए। जो बात सही तरह से समझ में नहीं आ रही है। उसे बिना संकोच के पूछ लेना चाहिए।

  1. पूरे प्रश्नों को हल करें:

परीक्षा में पूरे प्रश्न हल करने बहुत ही जरुरी हैं। पूरा प्रश्न पत्र हल करने पर ही आप शत प्रतिशत अंक प्राप्त करने की सोच सकते हैं।

  1. खान पान :

खान पान में भारी भोजन का प्रयोग बिल्कुल भी न करें। जितना हो सके प्रोटीन युक्त भोजन का ही प्रयोग करें।

  1. परीक्षा का पैटर्न जानना :

अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए परीक्षा का पैटर्न जानना जरुरी है। कौन प्रश्न कितने अंक का है,इसकी जानकारी बिगत वर्षों के प्रश्न पत्रों से ली जा सकती है।

  1. कठोर परिश्रम :

उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने के लिए कठोर परिश्रम करना जरूरी है।

  1. आलस्य का परित्याग

उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने के लिए आलस्य का परित्याग करें। कोई भी कार्य कल पर न टालें।

  1. समय सारणी :

उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने के लिए समय सारणी के अनुसार अध्ययन करॅ।

  1. प्रश्नों को क्रमानुसार ही करें।
  2. प्रश्न न. बीच में डालें।
  3. नया प्रश्न पांच लाइन छोड़कर ही लिखें।
  4. प्रश्नों की उत्तर संख्या साफ-साफ व स्पष्ट लिखें।
  5. अच्छे अंक प्राप्त कर ने तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए एक नही अनेकों छात्र सपने देखते हैं। इसलिए अपना प्रदर्शन बेहतर से बेहतर करें।
  6. अपने मन को हमेशा शान्त रखें। शान्त मन ही उच्च बिचारों का परिचायक होता है।

इस प्रकार आत्म विश्वास के साथ अपनी परीक्षा की तैयारी करते हुए जो सुझाव दिए गए हैं, उनका विधिवत तरीके से अध्ययन करने के उपरांत अपने जीवन मे उतारने का प्रयास करें। निश्चित रूप से सफलता तुम्हारे कदम चूमेगी।

सीएम धामी ने चंपावत के सप्तेश्वर महादेव मंदिर पहुंचकर भगवान शिव के दर्शन किए, प्रदेश की खुशहाली के लिए की प्रार्थना

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को चंपावत स्थित सप्तेश्वर महादेव मंदिर पहुंचकर भगवान शिव के दर्शन किए। शिवरात्रि के पावन अवसर पर भगवान शिव की आराधना कर मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सुखशान्ति समृद्धि एवं खुशहाली की कांमना की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनता को संबोधित करते हुए समस्त क्षेत्रवासियों व प्रदेशवासियों  को महाशिवरात्रि पर्व की हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर भगवान सप्तेश्वर महादेव मंदिर के पुर्ननिर्माण का भूमि पूजन करने का शौभाग्य जो मुझे देवभूमि के मुख्य सेवक के रूप में आज प्राप्त हुआ है यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है।

उन्होंने कहा कि सप्त ऋषियों ने जहाँ तपस्या की, ऐसा पवित्र व आस्था के इस केन्द्र पर कोई किसी के बुलाने से नहीं आता, यह महादेव का ही आशिर्वाद ही है कि मैं यहाँ पंहुचा हूँ। उन्होंने कहा कि सपतेश्वर प्राचीन मंदिर की स्थापना करने वाले बाबा भैरव गिरि ने जो स्वप्न देखा था आज वह स्वप्न मंदिर के भव्य व दिव्य पुर्ननिर्माण के रूप में पूर्ण होने जा रहा है, भविष्य में भी यहाँ के लिए अनेक  योजनाएं सरकार बना रही है, जिसका लाभ क्षेत्रीय जनता को अवश्य मिलेगा। उन्होंने अवगत कराया कि सरकार द्वारा सपतेश्वर के लिए 7 किमी सड़क निर्माण का कार्य चल रहा उसके पूर्ण होने से निश्चित रूप यह स्थान स्वयं में जो भव्यता और दिव्यता से भरा है विकास की ओर आगे बढ़ेगा।

उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सनातन संस्कृति की पताका पूरे विश्व में लहरा रही है और दुनिया भर के देश हमारी प्राचीन संस्कृति और उसके परम वैभव से परिचित हो रहे हैं।   उन्होंने कहा कि हमारे धर्म ने कभी भी “स्व“ अर्थात स्वयं की बात नहीं की, इसने सदा “सर्व“ अर्थात सभी की बात की है, यही हमारी विशेषता है, तभी तो हमारे यहां ’“सर्वे भवन्तु सुखिनः“’ बोला जाता है। यही कारण है कि हजारों वर्षों के पश्चात भी विश्व हमारी आस्थाओं, संस्कृति और मान्यताओं के सामने नतमस्तक है। उन्होंने कहा कि हम अपने धर्म मार्ग से विचलित न हों और जो हमारे सनातन संस्कृति है उस सनातन संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्द्धन के लिए, उसको बचाने के लिए सदैव प्रयत्नशील रहें। उन्होंने कहा कि एक ओर जहां देश में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की भावना पुनः जागृत हुई है वहीं हमारी प्रदेश सरकार भी उत्तराखंड के प्राचीन मंदिरों के पुर्ननिर्माण और जीर्णोद्वार के लिए कृत संकप्लिप, प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक एवं धार्मिक रूप से उत्तराखंड को महादेव की भूमि माना जाता है। यही कारण है कि गढ़वाल मंडल के पर्वतीय क्षेत्रों को भगवान केदारनाथ की भूमि मानते हुए जहां केदारखंड पुकारा जाता है वहीं कुमाऊं मंडल के पर्वतीय क्षेत्रों को कैलाश मानसरोवर की भूमि मानते हुए मानसखंड कहा जाता है। यही कारण है कि केदारखंड के मंदिरों को विकसित करने के साथ ही हम मानसखंड कॉरिडोर को भी विकसित करने कि दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, जिसके अंतर्गत कुमांऊ के गोलज्यू मंदिर, पाताल भुवनेश्वर, कोट भ्रामरी, गुरूगोरखनाथ, मॉ पूर्णागिरि, देवीधुरा, कैंचीधाम, बाल सुंदरी समेत अनेक मंदिरों को प्रथम चरण लिया है और दूसरे चरण में अन्य मंदिरों को लिया जायेगा। इसके लिए हम महायोजना तैयार कर रहे है और उसी अनुसार कार्य कर रहे है। यह हमारे लिए गर्व का विषय है कि मानसखंड कॉरिडोर पर आधारित हमारी झांकी को गणतंत्र दिवस की परेड में प्रथम पुरुष्कार मिला।

उन्होंने कहा कि चंपावत जिले के विकास हेतु वह कृत संकल्पित हैं इसी उद्देश्य से  जिला मुख्यालय एवं टनकपुर में जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए सी.एम. कैंप कार्यालय भी खोला है। सरकार चंपावत को आदर्श जिला बनाने के लिए लगातार मिशन मोड़ में कार्य कर रही हैं। जल्द ही इसी माह चम्पावत में विकास कार्यां को लेकर एक बैठक प्रस्तावित की गई है। उन्होंने कहा कि सिप्टी वॉटर फॉल का सौंदर्यीकरण हेतु धनराशि भी आवंटित कर दी गई है। चंपावत के साथ साथ पूरे प्रदेश को आगे बढ़ाने का कार्य निरंतर जारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चम्पावत जिले के विकास हेतु अभी तक कुल 95 घोषणाएं की जिसमें जिसमें 45 घोषणाएं पूर्ण हो चुकी है और शेष घोषणाओं पर कार्य किया जा रहा है। टकनपुर में बनने वाले आईएसबीटी बस अडडे हेतु 58 करोड़ की धनराशि स्वीकृत हो गयी है

इस दौरान मुख्यमंत्री ने जिले के विकास हेतु विभिन्न  घोषणाएं भी की जिसमें श्यामलाताल झील में पूरे राज्य के अन्दर चल रही 13 डिस्ट्रिक 13 डेस्टिनेशन के अन्तर्गत पर्यटन संस्थाओं के लिए बनी डीपीआर को जल्द ही स्वीकृति प्रदान करने किए जाने की घोषणा।

बाराकोट ब्लॉक मुख्यालय क्षेत्र में सड़कों का डामरीकरण किया जाएगा। जिला मुख्यालय में स्थित गोरलचोड़ मैदान को स्टेडियम का स्वरूप दिया जायेगा,इसके लिए विस्तृत डीपीआर बनायी जायेगी । टनकपुर स्थित साहसिक खेल केंद्र को संचालित करते हुए ऐरो स्पोटर्स गतिविधियों एवं आधारभूत ढांचा तैयार किया जायेगा। सप्तेश्वर महादेव मंदिर के पूरे स्थान का सौन्दर्यीकरण किया जायेगा और यहा के स्नान घाट एवं अन्तिम संस्कार के स्थान का पुर्ननिर्माण एवं सौन्दर्यीकरण किया जायेगा। मुख्यमंत्री बीएडीपी योजनान्तर्गत पौराणिक लधौन धूरा मेला स्थल का सौन्दर्यीकरण किया जायेगा। सिप्टि पंपिंग योजना को स्वीकृत किए जाने की घोषणा की।

कार्यक्रम के दौरान  मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री घोषणा अंतर्गत स्वीकृत लागत रुपए 81.97 लाख के पर्यटक आवास गृह टनकपुर का उच्चीकरण, स्वीकृत लागत रुपए 89.41 लाख के पर्यटक आवास गृह लोहाघाट का उच्चीकरण, स्वीकृत लागत रुपए 61.35 लाख के पर्यटक आवास गृह चंपावत का उच्चीकरण तथा स्वीकृत लागत रुपए 78.20 लाख के सिप्टी वाटरफाल का सौंदर्यीकरण एवं ट्रैक रूट का विकास योजनाओं का शिलान्यास किया।  इस दौरान मुख्यमंत्री द्वारा मंदिर में आयोजित होली गायन,झोड़ा गीत कार्यक्रम में भी सामिल होकर गायन किया।

इस अवसर पर लोहाघाट विधायक खुशाल सिंह अधिकारी, भाजपा जिलाध्यक्ष निर्मल महरा, पूर्व दर्जा मंत्री हयात सिंह महरा, जिलाधिकारी नरेन्द्र सिंह भंडारी, पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पिंचा, प्रभागीय वनाधिकारी आरसी कांडपाल, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत,एडीएम हेमंत कुमार वर्मा, भाजपा नगर अध्यक्ष कैलाश अधिकारी, मंडल अध्यक्ष प्रकाश बिलवाल, सुभाष बगोली, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सतीश पांडे, अध्यक्ष भाजयूमो गौरव पांडे, श्याम नारायण पांडे, जिला महामंत्री पूरन सिंह महरा,विभिन्न विभागीय अधिकारी, जन प्रतिनिधि समेत स्थानीय लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन मुकेश कलखुड़िया द्वारा किया गया।

महाशिवरात्रि पर्व पर गंगा घाटों पर लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी, शिवालयों में जलाभिषेक करने के लिए उमड़ी भारी भीड़, 700 साल बाद बना है पंच महायोग

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महाशिवरात्रि का पर्व देश भर में धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। यूपी से लेकर उत्तराखंड तक भक्तों में अलग ही उत्साह देखने को मिल रहा है। महाशिवरात्रि पर्व को लेकर शिवालय सज हुए हैं। भक्तों का हुजूम मंदिरों में उमड़ रहा है। वाराणसी में श्रीकाशी विश्वनाथ के दरबार में भारी संख्या में भक्त पहुंचे हैं। वहीं, कांवड़ लेकर प्रसिद्ध शिव मंदिरों में भगवान भोले को जलाभिषेक कर रहे हैं। महाशिवरात्रि के मौके पर प्रयागराज में सुबह से भक्तों का जमावड़ा संगम तट पर हो गया। संगम और गंगा घाटों पर भक्त डुबकी लगा रहे हैं।

महाशिवरात्रि के स्नान के साथ ही माघ मेले का समापन हो जाएगा। वहीं हरिद्वार से ऋषिकेश तक लाखों भक्त गंगा में स्नान कर मंदिरों में पहुंचकर पूजा-अर्चना और जल चढ़ा रहे हैं। बता दें कि 700 साल बाद ऐसा मौका आया है जब महाशिवरात्रि पर पंच महायोग बना है। इसलिए आज पूजा-पाठ के अलावा खरीदी और नए कामों की शुरुआत भी शुभ रहेगी। शिवरात्रि पर केदार, शंख, शश, वरिष्ठ और सर्वार्थसिद्धि योग मिलकर पंच महायोग बना रहे हैं। इस दिन तेरस और चौदस दोनों तिथियां है। ग्रंथों में ऐसे संयोग को शिव पूजा के लिए बहुत खास बताया है।

आज शनि और सूर्य के अलावा चंद्रमा भी कुंभ राशि में विराजमान रहेंगे। कुंभ राशि में शनि, सूर्य और चंद्रमा के मिलने से त्रिग्रही योग का निर्माण होगा। इसके अलावा महाशिवरात्रि पर शनि प्रदोष व्रत का भी शुभ संयोग भी है। ऐसे में अगर आपकी राशि पर शनि की साढ़ेसाती या शनि की ढैय्या का प्रभाव है, तो इस विशेष दिन कुछ उपाय करने से आपको राहत मिल सकती है। जल में काले तिल मिलाकर भगवान शिव का जलाभिषेक करना चाहिए। इससे साढ़ेसाती का दुष्प्रभाव कम होगा। बता दें के कि प्रयागराज में लगभग सवा महीने से माघ मेला चल रहा था। वहीं, संगम तट पर लगे माघ मेले का महाशिवरात्रि स्नान के बाद औपचारिक समापन हो जाएगा।

44 दिनों तक संगम तट पर चले माघ मेले का आखिरी स्नान पर्व बेहद खास माना जाता है। श्रद्धालु त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। महादेव और माता पार्वती के विवाह के उत्सव महाशिवरात्रि पर उत्तराखंड और यूपी के अगल-अलग जिलें समेत वाराणसी में हर हर महादेव का जयघोष गूंज रहा है। बता दें की शिव भक्तों का दशाश्वमेध घाट समेत प्रमुख गंगा घाटों पर स्नान का क्रम लगातार जारी है। वहीं, सुबह मंगला आरती के बाद बाबा विश्वनाथ दरबार भक्तों के लिए खोल दिया गया। मान्यता है कि भगवान शिव के त्रिशूल पर बसी नगरी काशी केवल विश्व का एक ऐसा स्थान है, जहां पर चतुर्दश शिवलिंग उपस्थित है। वहां पर पूजन एवं दर्शन करके आप समस्त बाधाओं से मुक्त हो सकते हैं। लोगों को अपनी राशि के हिसाब से रुद्राभिषेक करने के बाद समस्त बाधाओं से मुक्ति मिल सकती है।

हरिद्वार में फाल्गुन और सावन में दो बार कांवड़ यात्रा चलती है। इन दिनों फाल्गुन कांवड़ यात्रा चल रही है। यहां हजारों की संख्या में पहुंचे शिवभक्त गंगाजल लेकर वापस अपने गंतव्य की ओर लौट रहे हैं। श्रद्धालुओं में महिला, बच्चे और बुजुर्ग सहित सभी वर्गों के लोग शामिल हैं। इन दिनों बोल बम के जयकारों से हरिद्वार का वातावरण गूंज रहा है। मान्यता है कि पौराणिक नगरी कनखल में भगवान शंकर की ससुराल में स्थापित शिवलिंग दुनिया का पहला शिवलिंग है। यहां पर भगवान शंकर और पार्वती विवाह का विवाह हुआ था, जो दुनिया का पहला विवाह माना जाता है। इस दिन को भक्त महाशिवरात्रि के रूप में मनाते हैं। इस दिन दक्षेश्वर महादेव मंदिर में शिव का जलाभिषेक करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती है।

देहरादून का सबसे पौराणिक मंदिर टपकेश्वर महादेव भी सज गया है। इस मंदिर में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं भोलेनाथ के दर्शन करने के लिए भारी भीड़ है। देहरादून शहर से सात किलोमीटर की दूरी पर टपकेश्वर मंदिर स्थित है। बाबा के इस धाम पर देशभर से कई लोग दर्शन करने आते हैं। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। पौराणिक मान्यता है कि आदिकाल में भगवान शंकर ने यहां देवताओं की प्रार्थना से प्रसन्न होकर उन्हें देवेश्वर के रूप में दर्शन दिए थे। मान्यता है कि इसी जगह को द्रोणपुत्र अश्वत्थामा की जन्मस्थली व तपस्थली माना गया है। जहां अश्वत्थामा के माता-पिता गुरु द्रोणाचार्य व कृपि की पूजा-अर्चना से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें पुत्र प्राप्ति का वरदान दिया था। जिसके बाद ही उनके घर अश्वत्थामा का जन्म हुआ था।

उत्तराखंड में BRP, CRP के 955 पदों पर आउटसोर्सिंग से होगी भर्ती

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Uttarakhand News : उत्तराखंड के बेरोजगार युवाओं के लिए अच्छी खबर है। प्रदेश में समग्र शिक्षा के अंतर्गत राज्य एवं जिला स्तरीय कार्यालयों में रिक्त ब्लॉक रिसोर्स पर्सन (BRP) और क्लस्टर रिसोर्स पर्सन (CRP) के 955 पदों को आउट सोर्स के माध्यम से भरा जायेगा, जिसके लिये नियमानुसार आउटसोर्स एजेंसी का चयन करने का निर्देश विभागीय अधिकारियों को दे दिये गये हैं। विद्यालयी शिक्षा परिषद की बोर्ड की परीक्षाओं में अनुत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को एक विषय में अंक सुधार का मौका दिये जाने संबंधी प्रस्ताव आगामी कैबिनेट में लाया जायेगा।

विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की अध्यक्षता में आज सचिवालय स्थित मुख्य सचिव सभागार में विद्यालयी शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक हुई, जिसमें मुख्य सचिव एवं वित्त सचिव सहित विभागीय अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। कैबिनेट मंत्री डॉ. रावत ने बताया कि समग्र शिक्षा के अंतर्गत राज्य एवं जिला स्तरीय कार्यालयों में रिक्त चल रहे बीआरपी-सीआरपी के करीब 955 पदों को शीघ्र ही आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से भरा जायेगा।

इसके लिये विभागीय अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर नियमानुसार आउटसोर्स एजेंसी के चयन एवं बीआरपी-सीआरपी के रिक्त पदों को भरने हेतु शैक्षिक अर्हताएं तैयार करने के निर्देश दे दिये गये हैं। विभागीय मंत्री ने बताया कि गत वर्षों में विद्यालयी शिक्षा परिषद की बोर्ड की परीक्षाओं में काफी छात्र-छात्राएं एक विषय में कम अंक आने के कारण उत्तीर्ण नहीं हो पाये जबकि अन्य विषयों में उनके द्वारा अच्छे अंक प्राप्त किये गये। जिसे देखते हुये राज्य सरकार ने 10वीं एवं 12वीं की परिषदीय परीक्षाओं में एक विषय में अनुत्तीर्ण छात्रों के लिये अंक सुधार की व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है।

जिसका प्रस्ताव आगामी कैबिनेट बैठक में लाया जायेगा। बैठक में विद्यालयी शिक्षा के अंतर्गत अध्ययनरत मेधावी छात्र-छात्राओं को मुख्यमंत्री छात्रवृत्ति योजना से अच्छादित करने का निर्णय लिया गया, जिस हेतु विभागीय अधिकारियों को आगामी कैबिनेट में प्रस्ताव लाने के निर्देश दिये गये। शिक्षा मंत्री डॉ. रावत ने बताया कि राज्य में 31 मार्च से पहले विद्या समीक्षा केन्द्र की स्थापना कर दी जायेगी इसके लिये कार्यदायी संस्था टीसीआईएल के अधिकारियों को नियत समय में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दे दिये गये है।

डॉ0 रावत ने बताया कि राज्य के जिन विद्यालयों में छात्र संख्या 250 से अधिक है उनमें हाईब्रिड मोड में वर्चुअल एवं आईसीटी लैब की स्थापना की जायेगी जबकि शेष विद्यालयों में आईसीटी लैब ही स्थापित की जायेगी। शासन स्तर पर लम्बित एससीईआरटी के अंतर्गत शिक्षक-शिक्षा संवर्ग के ढांचे पर शीघ्र निर्णय लेने के निर्देश अधिकारियों को दिये गये।

बैठक में मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधू, वित्त सचिव दिलीप जावलकर, सचिव श्री राज्यपाल एवं विद्यालयी शिक्षा रविनाथ रमन, अपर सचिव योगेन्द्र यादव, महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा बंशीधर तिवारी, निदेशक माध्यमिक शिक्षा सीमा जौनसारी, अपर निदेशक एवं प्रभारी निदेशक बेसिक शिक्षा आर.के. उनियाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

निक्की यादव मर्डर केस में बड़ा खुलासा, साहिल और निक्की की 2020 में हो चुकी थी शादी!, हत्याकांड में शामिल था आरोपी का परिवार, पिता समेत 5 गिरफ्तार

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nikki yadav shahil gahlot

Nikki Murder Case: देश की राजधानी दिल्ली में बीते 9 फरवरी की रात को हुए निक्की यादव हत्याकांड में अब तक कई सनसनीखेज खुलासे हो चुके हैं। दिल्ली पुलिस को जाँच के दौरान पता चला कि इस हत्याकांड के मुख्य आरोपी साहिल गहलोत और मृतिका निक्की यादव की शादी पहले ही हो चुकी थी। सूत्रों के मुताबिक साहिल और निक्की की शादी अक्टूबर 2020 मे नोएडा के आर्य समाज मंदिर में ही हुई थी। पुलिस को शादी से संबंधित सर्टिफिकेट भी मिले हैं। साहिल के परिवार को निक्की से शादी के बारे में जानकारी थी। परंतु उसका परिवार उनकी शादी से खुश नहीं था। पुलिस ने साहिल के पिता, उसके दो चचेरे भाइयों और दो दोस्तों को निक्की से छुटकारा पाने और दूसरी लड़की के साथ शादी करने की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया है।

इस शादी से नाखुश साहिल के परिवार ने दिसंबर 2022 में उसकी शादी कहीं और तय की और लड़की के परिवार से यह छिपाया कि साहिल ने निक्की से पहले ही शादी कर ली थी। दिल्ली पुलिस ने रिमांड के दौरान पूछताछ के बाद साहिल और निक्की की शादी से जुड़े सर्टिफिकेट भी बरामद किए हैं। पुलिस ने उस आर्य समाज मंदिर के पुजारी से भी पूछताछ की जहां निक्की की शादी हुई थी।

साहिल के पिता समेत 5 आरोपी गिरफ्तार

अब तक मिली जानकारी के मुताबिक साहिल के साथ हत्या की साजिश रचने में उसके परिवार के लोग और दोस्त भी शामिल थे। दिल्ली क्राइम ब्रांच के मुतबिक निक्की यादव हत्याकांड में पुलिस रिमांड में साहिल गहलोत से पूछताछ की गई। उसने निक्की की हत्या करने के बाद उसके साथ अन्य सह-आरोपियों को इसके बारे बताया, और फिर सभी विवाह समारोह में शामिल हुए। पुलिस द्वारा सभी 5 सह-आरोपियों से पूछताछ की गई। उनकी भूमिका की पुष्टि और पता लगाने के बाद उन्हें गिरफ़्तार किया गया। दिल्ली पुलिस की टीम ने जिन 5 लोगों को गिरफ्तार किया उनमें आरोपी के पिता वीरेंद्र गहलोत, भाई अशीष और नवीन, दोस्त लोकेश और अमर शामिल हैं। इसमें नवीन दिल्ली पुलिस में कॉन्स्टेबल के पद पर तैनात है और मिली जानकारी के अनुसार साहिल का मौसेरा भाई है। पुलिस अब इनसे लगातार पुछताछ कर हत्या से जुड़े राज उगलवाने में जुटी है। आगे की जांच जारी है।

निक्की हत्याकांड कब क्या हुआ था

दिल्ली के नजदीक नजफगढ़ के मित्रांव गांव के रहने वाले साहिल गहलोत की 2018 में हरियाणा के झज्जर से रहने वाली निक्की यादव से दोस्ती हुई थी। साहिल ने ग्रेटर नोएडा के एक कॉलेज में दाखिला लिया। बाद में निक्की भी यहाँ एक कॉलेज से अंग्रेजी ऑनर्स करने लगी।

ग्रेटर नोएडा में दोनों किराए के एक घर में रहने लगे। पढ़ाई के दौरान दोनों मनाली, ऋषिकेश, हरिद्वार और देहरादून गए। कोरोना संकट की शुरुआत होने पर दोनों अपने घर लौट आए लेकिन कोविड संकट जब खत्म हुआ तो दोनों द्वारका में किराए के एक मकान में रहने लगे। दोनों लिव इन रिलेशन में रहने लगे। सब कुछ ठीक चल रहा था। लेकिन दिक्कत पिछले साल से शुरू हुई, जब साहिल के परिजन उस पर शादी का दबाव डालने लगे। साहिल परिजनों की मर्जी से शादी करने के लिए तैयार हो गया। इंगेजमेंट की तारीख 9 और शादी की तारीख 10 फरवरी तय की गई। 9 फरवरी को साहिल की इंगेजमेंट हुई। जैसे ही यह बात निक्की को पता चली, वह बिखर गई। इस बात को लेकर निक्की और साहिल को लेकर झगड़ा हुआ।

रिपोर्ट के मुताबिक साहिल ने निक्की को फोन कर कहा कि आओ घूमने चलते हैं। 9 फरवरी की रात साहिल निक्की के फ्लैट पर पहुंचा। यहां से उसने निक्की को अपनी कार में बैठाया। इसके बाद दोनों की कार में फिर से कहासुनी हुई। और साहिल ने 9 फरवरी की रात को निक्की की कार में मोबाइल फोन चार्जिंग केबल से गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को कार की आगे की सीट पर रखा। वह दिल्ली की सड़कों पर घुमाता रहा। इसके बाद 35 किमी दूर मित्रांव गांव पहुंचा। साहिल ने यहां अपने ढाबे के फ्रिज में निक्की का शव छिपा दिया। इसके बाद 14 फरवरी को पुलिस ने निक्की के शव को साहिल के ढाबे के फ्रिज से बरामद किया था। दिल्ली पुलिस ने सबसे पहले हत्यारोपी साहिल को गिरफ्तार किया। साहिल ने पूछताछ के दौरान खुलासा किया कि 9 फरवरी की रात निक्की उसके साथ थी जिसके बाद उसने उसकी हत्या कर दी। हत्या को अंजाम देने के बाद अपने दोस्त के ढाबे के फ्रीज में शव छिपाया। साहिल की दूसरी शादी उसी दिन थी। यानी वह प्रेमिका की हत्या करने के बाद मंडल में जा बैठा था। उसके बाद अब उसके पिता सहित 5 अन्य सह आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।

पुलिस जांच में साहिल ने खुलासा किया कि उसकी और निक्की की 2020 में ग्रेटर नोएडा के डेल्टा-1 स्थित आर्य समाज मंदिर में शादी हो गई थी। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा के अनुसार वह दोनों लिव-इन में नहीं बल्कि पति-पत्नी के रूप में साथ रह रहे थे। इस शादी में साहिल के मित्र गवाह बने थे।

मंदिर के पुजारी का कहना है कि इस शादी के दो लोग गवाह थे लेकिन उन्हें नहीं पता कि वह निक्की की तरफ से थे या साहिल की तरफ से। पुजारी ने बताया कि दोनों जब शादी के लिए आए थे तो बेहद खुश दिख रहे थे। वह तो ऐसी किसी वारदात के बारे में सोच भी नहीं पा रहे।

महाशिवरात्रि पर तय हुई केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि, 25 अप्रैल को पूरे विधि विधान के साथ खोले जाएंगे बाबा के द्वार

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Kedarnath Dham

Kedarnath Dham : देशभर में महाशिवरात्रि का पावन पर्व धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। इस मौके पर उत्तराखंड से लेकर उत्तर प्रदेश तक गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की स्नान करने की भारी भीड़ लगी हुई है। वहीं हरिद्वार हर की पैड़ी, प्रयागराज संगम और वाराणसी के घाटों पर लाखों की संख्या में श्रद्धालु गंगा में डुबकी लगा रहे हैं।

दूसरी ओर आज उत्तराखंड में स्थित विश्व प्रसिद्ध बाबा केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि घोषित कर दी गई है। महाशिवरात्रि पर उखीमठ में परंपरागत पूजा-अर्चना के बाद पंचांग की गणना के बाद केदारनाथ मंदिर के कपाट खोलने को लेकर मुहूर्त निश्चित किया गया। इस साल केदारनाथ मंदिर के कपाट मेघ लग्न में खुलेंगे। मंदिर के कपाट 25 अप्रैल को सुबह 6 बजकर 20 मिनट पर खुलेंगे। जानकारी के अनुसार केदारनाथ मंदिर के कपाट 25 अप्रैल को मेघ लग्न में सुबह 6 बजकर 20 मिनट पर खुलेंगे।

केदारनाथ मंदिर के कपाट खुलने के साथ ही बाबा दरबार में श्रद्धालुओं की उस्थिति शुरू हो जाएगी। केदारनाथ मंदिर के कपाट खुलने से पहले निभाई जाने वाली परंपराएं, अनुष्ठान चार दिन पहले यानी 21 अप्रैल से ही शुरू हो जाएंगे। 21 अप्रैल को डोली शीतकालीन गद्दी स्थल ओमकारेश्वर मंदिर, उखीमठ से केदारनाथ के लिए रवाना होगी।

बाबा केदार की पैदल डोली यात्रा 24 अप्रैल को केदारनाथ पहुंचेगी। पैदल डोली यात्रा के ओमकारेश्वर मंदिर, उखीमठ से केदारनाथ पहुंचने के बाद अगले दिन सुबह 6 बजकर 20 मिनट पर केदारनाथ मंदिर के कपाट खुलेंगे।

उत्तराखंड राज्य का पहला वेस्ट टू एनर्जी प्लांट काशीपुर में हुआ शुरू, अब प्लास्टिक वेस्ट से बनेगी बिजली

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plastic waste to Energy Plant kashipur

Waste to Energy Plant kashipur : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को राज्य की पहली वेस्ट टू एनर्जी प्लांट, काशीपुर ईकाई का वर्चुअल एवं प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट पर आधारित लघु फिल्म का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट पर आधारित स्टॉलों का अवलोकन भी किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस कार्यशाला में प्लास्टिक प्रदूषण से होने वाली चुनौतियों के निस्तारण के सबंध में की जाने वाली चर्चा निश्चित रूप से राज्य में पर्यावरण के मानक व स्थिति को बेहतर बनाने की दिशा में कारगर सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि आज हमारे घरों, उद्योगों, होटलों, रेस्टोरेंट, प्रतिष्ठानों से निकलने वाला प्लास्टिक वेस्ट हमारे लिए बहुत बड़ी चुनौती बन गया है। इस चुनौती से निपटने के लिए हमें आधुनिक तकनीक से प्लास्टिक कचरे के रिसाइक्लिंग तकनीक को विकसित करने की दिशा में जागरूक और संवेदनशील बनने की आवश्यकता है।  सिंगल यूज प्लास्टिक को हमारे जीवन की उपयोगिता से बाहर करने की दिशा में हम सबको सामुहिक रूप से अधिक गम्भीर होने की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा प्लास्टिक उत्पादन से संबन्धित उद्योग/इकाई द्वारा ई.पी.आर रजिस्ट्रेशन के सम्बन्ध में उत्तर भारत में उत्तराखण्ड वर्तमान में अग्रणी है, जो निश्चित रूप से एक गौरव का विषय है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस कार्यशाला में किया जाने वाला मन्थन निश्चित रूप से हमारे उद्यमियों और आम जनता को अपने प्रतिष्ठान, घर, शहर और गांव के साथ ही पूरे राज्य को स्वच्छ बनाने में सहयोग करेगा। अब समय आ गया है कि हमें उत्तराखण्ड में वेस्ट टू वैल्थ और वेस्ट टू एनर्जी की दिशा में काम करने की ओर अग्रसर होना होगा। अब सर्कुलर इकोनॉमी का कॉन्सेप्ट आ चुका है, जो कार्बन उत्सर्जन को कम करने की दिशा में कारगर साबित होगा। कचरे को सिर्फ कचरा न समझ कर एक संसाधन के तौर पर देखने की आवश्यकता है। इससे आम लोगों को आजीविका के साथ-साथ रोजगार के अनेक अवसर उपलब्ध होंगे। आज देश में कई स्टार्टअप इस दिशा में नई तकनीक व उत्पाद के साथ सामने आ रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में स्वच्छ भारत अभियान के द्वारा तथा अन्य स्वच्छता कार्यक्रमों के माध्यम से प्लास्टिक हटाओ अभियान में तेजी आयी है। प्लास्टिक व अन्य प्रकार के वेस्ट मैनेजमेंट हेतु रिड्यूस, रियूज और रीसाइकिल के सिद्धान्त को अपनाते हुए भारत सरकार व राज्य सरकार द्वारा नीति, गाईडलाईन्स व एसओपी बनाये गये हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पर्यावरण प्रदूषण की जो बड़ी चुनौती हमारे सामने खड़ी है, उससे निपटा जा सकता है और धरती को एक बड़े खतरे से बचाया जा सकता है। पर्यावरण संरक्षण से सम्बन्धित जीवनशैली व दिनचर्या को अपनाते हुए हम पूरे विश्व को यह सन्देश दे सकते हैं कि हमारे प्रदेश व देश के नागरिक पर्यावरण संरक्षण के प्रति सजग व प्रतिबद्ध हैं।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव वन एवं पर्यावरण आर.के सुधांशु, निदेशक पर्यावरण एस. पी सुबुद्धि, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव सुशांत पटनायक, संयुक्त निदेशक पर्यावरण नितेश मणि, वर्चुअल माध्यम से विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, जिलाधिकारी ऊधमसिंह नगर युगल किशोर पंत एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

किसानों को आबादी भूखंड आवंटित करने की प्रक्रिया अब और हुई पारदर्शी

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  • अब भू-अर्जन के अवार्ड की तिथि से बनेगी वरीयता सूची
  • ग्रेनो प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में हुए फैसले का कार्यालय आदेश जारी
  • अवार्ड की तिथि एक समान होने पर भूलेख विभाग की सूची को वरीयता
  • एरिया के आधार पर 40 से 500 वर्ग मीटर तक के भूखंडों की छह कैटेगरी

Greater Noida News : किसानों को चार व छह फीसदी आबादी भूखंड आवंटित करने की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी की पहल पर अहम निर्णय लिया गया है। अब भू-अर्जन के अवार्ड की तिथि को वरीयता देते हुए किसानों की सूची तय की जाएगी। अगर अवार्ड की तिथि एक समान है तो किसानों के आवेदन के आधार पर भूलेख विभाग से प्राप्त होने वाली सूची को वरीयता दी जाएगी। अब तक किसानों के नाम के अल्फाबेट के आधार पर प्लॉट दिए जाते थे।

दरअसल, किसानों के नाम के अल्फाबेट के आधार पर भूखंड दिए जाने से कई बार इस तरह की समस्या सामने आ जाती थी, कि जिन किसानों की जमीन पहले ली गई है, उनको छह फीसदी आबादी का भूखंड बाद में मिलता था और जिन किसानों की जमीन बाद में ली गई है, उनको भूखंड पहले मिल जाता था।  मसलन, जिन किसानों का नाम ए अल्फाबेट से शुरू होता है, उनको  चार व छह फीसदी आबादी भूखंड पहले मिल जाता था, चाहे उस किसान की जमीन बाद में ली गई हो। इसी तरह जिन किसानों का नाम पी अल्फाबेट से शुरू होता है, उनको भूखंड बाद में ही मिलता है, भले ही उस किसान की जमीन पहले ली गई है। इससे विवाद की स्थिति उत्पन्न होती थी। किसानों ने इस समस्या को सुलझाने के लिए सीईओ रितु माहेश्वरी के समक्ष भी मांग रखी थी। सीईओ की पहल पर विगत बोर्ड बैठक में भू-अर्जन के अवार्ड की तिथि के आधार पर आबादी भूखंड दिए जाने का निर्णय लिया गया। इस आशय का कार्यालय आदेश जारी कर तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ अमनदीप डुली ने बताया कि ग्रामवार भू अर्जन के अवार्ड की तिथि (सबसे पुराने को वरीयता देते हुए) को वरीयता देते हुए चार व छह फीसदी आबादी भूखंडों देने के लिए किसानों की सूची तैयार की जाएगी। एक समान तिथि होने पर भूलेख विभाग में किसान के आवेदन पत्र के आधार पर तैयार सूची को वरीयता दी जाएगी। इसी प्रक्रिया के तहत भूखंडों का आवंटन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि किसानों की जमीन के हिसाब से कम से कम 40 वर्ग मीटर और अधिकतम 500 वर्ग मीटर तक के भूखंड देने का प्रावधान है। इसके चलते भूखंडों के आकार के आधार पर छह श्रेणी बना दी गई है। ये श्रेणी 40 से 60, 61 से 120, 121 से 200, 201 से 300, 301 से 400 और 401 से 500 वर्ग मीटर के भूखंड की है। अमनदीप डुली ने बताया कि किसान जितना एरिया पाने का हकदार है, उतने एरिया का भूखंड नियोजित किया जाएगा। मसलन अगर किसी किसान को 260 वर्ग मीटर भूखंड मिलना है तो उसके लिए 200 वर्ग मीटर का एक भूखंड और 60 मीटर का दूसरा भूखंड नियोजित किया जाएगा।

एसीईओ ने बताया कि पात्र किसान को सबसे पहले उसी के गांव में भूखंड दिया जाएगा। वहां उपलब्ध न होने पर आसपास के तीन किलोमीटर की परिधि  में स्थित गांव में भूखंड नियोजित किए जाएंगे। हालांकि पहले इस गांव के मूल काश्तकार को भूखंड दिए जाने के बाद दूसरे गांव के किसान के भूखंड नियोजित किए जाएंगे। इतना ही नहीं, दूसरे गांव के काश्तकार को भूखंड दिए जाने से पूर्व इस पर सीईओ का अप्रूवल भी लेना होगा। इसके अलावा अगर तीन किलोमीटर की परिधि में भी भूखंड उपलब्ध नहीं हैं तो सीईओ के समक्ष अलग से प्रस्ताव रखा जाएगा। किसानों के एक समान भूखंड होने पर ड्रा के जरिए आवंटित किए जाएंगे, जबकि यूनिक आकार के भूखंड सीधे आवंटित किए जाएंगे।

सीईओ रितु माहेश्वरी का कहना है कि किसानों की मांग पर प्राधिकरण के इस फैसले से कई पुराने मसले जल्द सुलझने की उम्मीद है।