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पुरानी पेंशन बहाली को लेकर 19 फरवरी को हल्द्वानी में होने वाली महारैली की तैयारियां जोरों पर, प्रदेश कार्यकारिणी की समीक्षा बैठक में हुई चर्चा

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OPS Maharally in Haldwani: 19 फरवरी को कुमाऊं के हल्द्वानी में होने वाली पुरानी पेंशन क्रांति महारैली के संबंध में राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा के प्रदेश कार्यकारिणी एवं कुमाऊं मंडल की कार्यकारिणी द्वारा एक समीक्षा बैठक गूगल के माध्यम से की गई। बैठक में महारैली को सफल बनाने पर विचार विमर्श किया गया। महारैली की तैयारियों से संबंधित समीक्षा करते हुए कुमाऊं के प्रभारी आनंद सिंह पुजारी ने बताया कि इस हेतु प्रशासन की परमिशन ले ली गई है।

महारैली के लिए सभी विभागों को प्रतिभाग करने हेतु सूचित कर लिया गया है।  रैली ठीक 11:00 बजे बैठक में इस बात पर भी रोष प्रकट किया गया कि सरकार पुरानी पेंशन बहाली के लिए गंभीर नहीं है। जहां एक ओर गैर-भाजपा शासित प्रदेशों में लगातार पुरानी पेंशन बहाल की जा रही है वहीं केंद्र सरकार लगातार देश की आर्थिक स्थिति एवं पुरानी पेंशन बहाल करने से दिवालिया होने की बात तक कह रही है। यह दोहरा मापदंड कैसे। जबकि पेंशन कर्मचारियों का अधिकार है। सभी ने एक सुर से इस बात को माना कि एक नेशन एक पेंशन की व्यवस्था होनी चाहिए।

उन्होंने बताया कि नई पेंशन योजना में बहुत खामियां हैं। जिससे कि लगातार सरकारी कर्मचारियों में आक्रोश उत्पन्न हो रहा है। जहां सेवानिवृत्ति के अंतिम माह में कर्मचारी 80 से 90 हजार वेतन पा रहा है। वहीं सेवानिवृत्ति के अगले माह उसे मात्र 1000 से लेकर 2000 पेंशन मिल रही है। जिससे उसके सम्मुख आर्थिक संकट उत्पन्न हो रहा है तथा वह मानसिक कुंठा मे जी रहा है। वक्ताओं ने कहा कि सरकार को इस पर जल्द ही सकारात्मक निर्णय लेना होगा अन्यथा पूरे देश में कर्मचारी 2024 लोकसभा चुनाव में अपना निर्णय देने को मजबूर होंगे और सरकार को उसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।

वक्ताओं ने कहा कि सरकार उस उम्र में कर्मचारी को अकेला छोड़ रही है जबकि उसे सबसे अधिक पैसे की आवश्यकता होती है और सहारे की आवश्यकता होती है। बिना पेंशन के वह अपने बुढ़ापे को सही ढंग से नहीं बिता सकता है। ऐसी स्थिति में मात्र हजार या ₹2000 से उसे कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बैठक में 19 फरवरी को कुमाऊं के हल्द्वानी में होने वाली महारैली के माध्यम से सरकार को यह चेताने का का संकल्प लिया गया कि अब लड़ाई आर-पार की है। हमें पुरानी पेंशन से कम कुछ भी मंजूर नहीं। राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा की एक ही मांग है पुरानी पेंशन बहाली।

बैठक की अध्यक्षता महिला प्रदेश अध्यक्षा बबीता रानी एवं प्रदेश के कार्यकारी अध्यक्ष जयदीप रावत ने की। इस अवसर पर कुमाऊं प्रभारी आनंद सिंह पुजारी, रैली के प्रभारी मोहन सिंह राठौर, दीप जोशी, पान सिंह मेहता, प्रदेश प्रभारी विक्रम सिंह रावत, प्रदेश महासचिव सीताराम पोखरियाल, गढ़वाल मंडल मंत्री नरेश भट्ट, कुमाऊं मंडल के अध्यक्ष योगेश घिल्डियाल, गढ़वाल मंडल की महिला अध्यक्षा रश्मि गौड़, कंचन कुमार आर्य, सुरेन्द्र सिंह सोन, हिमेश सनवाल, हयात चन्द्र, भाष्कर पाण्डेय, गीता जोशी, गुंजन मेहता, शीतल साह,बंदना चौधरी, कन्नू जोशी, लक्ष्मण रौतेला, भगवान नैनवाल गिरीश जोशी, नन्दा बल्लभ जोशी, चन्द्र सिंह रौतेला, जय पाण्डेय, मनोज कुमार, टिका सिंह खोलिया सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी एवं राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा के विभिन्न स्तरों के पदाधिकारियों ने प्रतिभाग किया।

IPL 2023 SCHEDULE: आईपीएल का शेड्यूल जारी, पहला मुकाबला धोनी एवं हार्दिक की टीमों के बीच, 52 दिनों तक चलेगा टूर्नामेंट, देखें पूरा शेड्यूल

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first match of IPL will be played on 31st March

IPL 2023 Full Schedule: BCCI ने शुक्रवार को इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2023) के 16वें सीजन का शेड्यूल जारी कर दिया है। आईपीएल का पहला मैच 31 मार्च को खेला जाएगा। पहला मुकाबला गुजरात टाइटंस यानी हार्दिक पांड्या की टीम और एमएस धोनी की कप्तानी वाली CSK के बीच होगा। ये मैच अहमदाबाद में खेला जाएगा। आईपीएल 2023 का लीग राउंड 52 दिनों तक चलेगा, लीग राउंड में 18 डबल हेडर भी शामिल हैं। फाइनल मुकाबला 28 मई को अहमदाबाद में खेला जाएगा।

पिछले साल खेले गए आईपीएल के 15वें सीजन में पहली बार हिस्सा ले रही गुजरात टाइटंस ने फाइनल मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स को हराकर खिताब जीता था। टूर्नामेंट के 74 मैच 12 अलग-अलग शहरों में होंगे। आईपीएल टीमों के 10 शहरों के अलावा गुवाहाटी और धर्मशाला में भी मुकाबले होंगे। गुवाहाटी राजस्थान रॉयल्स टीम का और धर्मशाला का स्टेडियम पंजाब का होम ग्राउंड रहेगा। आईपीएल टीमों के 10 शहर मुंबई, चेन्नई, अहमदाबाद, जयपुर, बेंगलुरु, लखनऊ, हैदराबाद, दिल्ली, मोहाली और कोलकाता होंगे।

आईपीएल मैच की शुरुआत भारतीय समय अनुसार शाम 7 बजकर 30 मिनट से होगी। एक अप्रैल को डबल हेडर खेला जाएगा। तीन सीजन बाद टूर्नामेंट का आयोजन होम और अवे फॉर्मेट में होगा। यानी टीम एक मैच घरेलू मैदान और दूसरा मैच दूसरी टीम के घरेलू मैदान पर खेलेगी। एक टीम 7 मैच अपने घरेलू मैदान पर खेलेगी और 7 मैच बाहर खेलेगी। लीग स्टेज का आखिरी मैच 21 मई को खेला जाएगा। इस सीजन का खिताबी मुकाबला 28 मई को खेला जाएगा।

लीग स्टेज के मुकाबले 12 स्थान पर खेले जाएंगे। पंजाब किंग्स और राजस्थान रॉयल्स को क्रमशः धर्मशाला और गुवाहाटी में दो-दो घरेलू मैच खेलने हैं। टूर्नामेंट के लिए टीमों को दो ग्रुप में बांटा गया है। ग्रुप ए में Mumbai Indians, Rajasthan Royals, KKR, Delhi Capitals and Lucknow Super Giants हैं। ग्रुप बी में Chennai Super Kings, Punjab Kings, Sunrisers Hyderabad, RCB, Gujarat Titans को रखा गया है।

ट्विटर ने दो मुंबई और दिल्ली के ऑफिस किए बंद, भारत की टीम में अब सिर्फ 3 कर्मचारी ही बचे

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Mumbai and Delhi offices

सोशल मीडिया कंपनी ट्विटर के सीईओ एलन मस्क ने भारत में तीन में से दो ऑफिस मुंबई और दिल्ली को बंद कर दिया है। भारत टीम में अब सिर्फ तीन कर्मचारी बचे हुए हैं। ट्विटर की भारत टीम में तीन लोगों में कंट्री हेड और दो अन्य शामिल हैं जो उत्तर और पूर्व, और दक्षिण और पश्चिम क्षेत्रों को कवर करते हैं। हालांकि ये सभी कर्मचारी घर से काम करेंगे। इस बीच ट्विटर का बेंगलुरु ऑफिस में कर्मचारी काम कर रहे हैं। इस ऑफिस में ज्यादातर ऐसे कर्मचारी हैं जो सीधे अमेरिकी ऑफिस को रिपोर्ट करते हैं और भारत टीम का हिस्सा नहीं हैं।

भारत में तीन में से दो ऑफिस को बंद करने का कदम 2022 के अंत में ट्विटर इंडिया में बड़े पैमाने पर हुई छंटनी को माना जा रहा है। बता दें कि एलन मस्क ने यह कदम लागत में कटौती को लेकर उठाया था। इससे पहले गुरुवार देर रात गूगल इंडिया ने अलग-अलग डिपॉर्टमेंट से 453 कर्मचारियों को कंपनी से बाहर का रास्ता दिखा दिया। एलन मस्क द्वारा कंपनी के टेकओवर के बाद ही इसके 50 फीसदी कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया था।

मस्क ने ट्विटर को 44 बिलियन डॉलर में खरीदा था। इसके बाद से अपनी रकम की वसूली के लिए लगातार कंपनी के खर्च को कम करने की कोशिश कर रहे हैं। मस्क ने सबसे पहले कंपनी के उस समय के सीईओ पराग अग्रवाल को नौकरी से निकाल दिया था। इसके अलावा उन्होंने कंपनी और भी कई टॉप अधिकारियों को फायर किया था। कंपनी की ओर से बताया गया है कि अभी कॉस्ट यानी लागत को कम करने के लिए भारत में 2 दफ्तरों को बंद किया जा रहा है।

इस दौरान कंपनी ने अपने कुछ स्टाफ को घर जाने के लिए भी कह दिया है। बता दें कि ट्विटर पहले भी भारत में 90 फीसदी लोगों की छंटनी कर चुका है। वहीं पिछले साल 200 स्टाफ में से कंपनी ने 90 फीसदी लोगों को निकाल दिया था। मालूम हो कि अरबपति एलन मस्क ने 44 अरब डॉलर में अक्टूबर में ट्विटर पर कब्जा कर लिया था। मस्क ने ट्विटर वेरिफाइट ब्लू टिक सहित कई बदलाव किए थे।

अमेरिकी उद्योगपति जॉर्ज सोरोस ने पीएम मोदी के खिलाफ दिया बयान, अडानी और प्रधानमंत्री के संबंधों पर उठाए सवाल, भाजपा का पलटवार, बताया ‘राष्ट्र पर हमला’

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George Soros statement against PM Modi

American industrialist George Soros: अमेरिकी अरबपति जॉर्ज सोरोस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए उन पर क्रोनी कैपटलिज्म को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। सोरोस ने दावा किया कि उनके भारतीय उद्योगपति गौतम अडानी से मधुर संबंध हैं। सोरोस ने यह टिप्पणी गुरुवार को जर्मनी में म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन से पहले टेक्निकल यूनिवर्सिटी आफ म्यूनिख में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए की।

उन्होंने पीएम मोदी पर अडानी के स्टॉक में हेरफेर करने का आरोप है। अडानी विवाद पर उन्होंने कहा, अडानी एंटरप्राइजेज ने शेयर बाजार में धन जुटाने की कोशिश की, लेकिन वह असफल रहा। उनका स्टॉक रेत की महल की तरह ढह गया है। सोरोस के इस बयान के बाद भाजपा ने पलटवार करते हुए इसे पीएम मोदी को बदनाम करने के लिए विदेशी साजिश बताया है। जॉर्ज ने कहा कि हिंडनबर्ग रिसर्च के दावों के बाद गौतम अडानी के साम्राज्य में उथल पुथल मची हुई है। इसकी वजह से निवेशकों का विश्वास हिल गया है।

मोदी और अडानी एक दूसरे के सहयोगी हैं। अडानी ने स्टॉक मार्केट से फंड रेज करने की कोशिश की जिसमें वो फेल हो गए। उन पर स्टॉक मार्केट के नियमों का उल्लंघन करने के आरोप हैं। मोदी इस पूरे मामले में चुप्पी साधे हुए हैं लेकिन विदेशी निवेशकों और संसद में उठ रहे सवालों का जवाब देना होगा। जॉर्ज सोरोस ने कहा, यह भारत की संघीय सरकार पर मोदी की पकड़ को काफी कमजोर कर देगा और बहुत जरूरी संस्थागत सुधारों को आगे बढ़ाने के दरवाजा खोल देगा। उन्होंने कहा था, मुझे उम्मीद है कि भारत में एक लोकतांत्रिक परिवर्तन होगा।

बता दें कि सोरोस इससे पहले 2020 में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में भी भारत और पीएम मोदी को लेकर इस तरह बयान दे चुके हैं। तब उन्होंने कहा था कि मोदी के नेतृत्व में भारत तानाशाही व्यवस्था की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने और नागरिकता संसोधन कानून (सीएए) का भी खुलकर विरोध किया था।

कौन है जॉर्ज सोरोस?

जॉर्ज सोरोस का जन्म 12 अगस्त, 1930 को हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट में हुआ था। वो सटोरिए, शेयरों के निवेशक और व्यापारी हैं। हालांकि उन पर दुनिया के कई देशों की राजनीति और समाज को प्रभावित करने का एजेंडा चलाने का आरोप लगता रहता है। उन पर दुनिया कई देशों में कारोबार और समाजसेवा की आड़ लेकर पैसे के जोर पर वहां की राजनीति में दखल देने के गंभीर आरोप लगते रहते हैं। उन्होंने कई देशों में चुनावों को प्रभावित करने के लिए खुलकर भारी-भरकम फंडिंग की। यही कारण है कि यूरोप और अरब के कई देशों में सोरोस की संस्थाओं पर भारी जुर्माना लगाकर पाबंदी लगा दी गई।

पीएम मोदी को बदनाम करने के लिए हो रही विदेशों में साजिश : स्मृति ईरानी

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पीएम मोदी के खिलाफ विदेशी साजिश किए जाने का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि पीएम मोदी को बदनाम करने के लिए अमेरिकी अरबपति जॉर्ज सोरोस की भारत में राजनीतिक दलों को फंडिंग करके लोकतांत्रक ढ़ंग से चुनी हुई सरकार को अस्थिर करना चाहता है। उन्होंने इस संबंध देश के नागरिकों से अपील की। उन्होंने कहा कि आज देश की जनता को एक नागरिक होने के नाते मैं यह आह्वान करना चाहती हूं कि एक विदेशी ताकत जिसके केंद्र में हैं एक व्यक्ति जिनका नाम है जॉर्ज सोरोस, उन्होंने ऐलान किया है कि वो हिंदुस्तान के लोकतांत्रिक ढांचे पर चोट करेंगे।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सोरोस ने एलान किया है कि वो पीएम मोदी को अपने अटैक का मेन प्वाइंट बनाएंगे। उन्होंने बताया कि सोरोस ने एलान किया है कि वो हिंदुस्तान में अपनी विदेशी ताकत के जरिए एक ऐसी व्यवस्था बनाएंगा जो हिंदुस्तान ही नहीं बल्कि उसके फायदे के लिए काम करेगा। स्मृति ने अपील करते हुए कहा कि जॉर्ज सोरोस का यह ऐलान कि वो हिंदुस्तान में मोदी को झुका देंगे, हिंदुस्तान की लोकतांत्रिक तरीके से चुनी सरकार को ध्वस्त करेंगे, यह भारत पर हमला है और इस हमले का जवाब हर भारतीय को मुंहतोड़ तरीके से देना चाहिए।

ग्रेटर नोएडा: मुख्य सचिव ने यमुना प्राधिकरण के औद्योगिक सेक्टरों का किया स्थलीय निरीक्षण, विकास कार्यों का लिया जायजा

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Yamuna authority News: उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा द्वारा शुक्रवार को यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के औद्योगिक सेक्टर 28, 29, 32, 33 में प्रस्तावित मेडिकल डिवाइसेज पार्क, टॉय पार्क, अपेरल पार्क, एमएसएमई पार्क आदि का स्थलीय निरीक्षण किया गया। इस दौरान मुख्य सचिव ने प्राधिकरण द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों पर संतोष व्यक्त किया। इस मौके पर उन्होंने कार्यों की विकास की गति को और बढ़ाने तथा लैंडस्केपिंग पर अधिक कार्य करने के निर्देश भी दिए गए।

मुख्य सचिव द्वारा प्राधिकरण के सेक्टर 32 में स्थापित एवरी डेनिसन कंपनी का निरीक्षण भी किया गया। एवरी डैनीसन कंपनी के कार्यालय विश्व के 50 देशों में है। यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण में 12 एकड़ में स्थापित इस कंपनी में लेटेस्ट हाई स्पीड कोटिंग टेक्नोलॉजी की मशीनरी लगाई गई है। कंपनी के एचआर साउथ एशिया निदेशक अमिताभ सागर वाइस प्रेसिडेंट एवं अजय कुमार द्वारा अपनी टीम के साथ मुख्य सचिव का स्वागत किया गया। एवरी डेनिशन कंपनी के प्रतिनिधियों द्वारा यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण द्वारा कदम कदम पर दिये गये सहयोग के लिए धन्यवाद भी ज्ञापित किया गया। तदोपरांत मुख्य सचिव द्वारा फैक्ट्री परिसर का भ्रमण किया गया तथा फैक्ट्री में लगी नवीनतम टेक्नोलॉजी की मशीनरी से सम्बंधित जानकारी प्राप्त की गयी।

इस कार्यक्रम में मुख्य सचिव के अतिरिक्त अनिल सागर, प्रमुख सचिव औद्योगिक विकास विभाग, डॉक्टर अरुण वीर सिंह, मुख्य कार्यपालक अधिकारी, यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण, मोनिका रानी, अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी, रवीन्द्र सिंह, अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी, शैलेंद्र भाटिया, विशेष कार्याधिकारी, शैलेंद्र कुमार सिंह, विशेष कार्याधिकारी, केके सिंह, महा प्रबंधक परियोजना सहित प्राधिकरण के अन्य अधिकारियों के साथ उपस्थित रहे।

भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य चयनकर्ता चेतन शर्मा ने स्टिंग ऑपरेशन के बाद दिया इस्तीफा, एक महीने पहले संभाला था दोबारा पद

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chetan-sharma

भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य चनयकर्ता चेतन शर्मा ने स्टिंग ऑपरेशन के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। एक महीने पहले ही उन्हें दोबारा भारतीय क्रिकेट टीम का मुख्य चयनकर्ता बनाया गया था। रिपोर्ट की मानें तो जय शाह ने चेतन शर्मा के इस्तीफे को स्वीकार भी कर लिया है। बता दें कि बीते मंगलवार को भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के मुख्य चयनकर्ता चेतन शर्मा का एक वीडियो सामने आया था। इस वीडियो में वह खिलाड़ियों के चयन, तरीके और फिटनेस को लेकर कई तरह की बातें उजागर कर रहे थे।

चेतन शर्मा को विराट कोहली और जसप्रीत बुमराह जैसे खिलाड़ियों पर आक्षेप लगाते हुए दिखाया गया है। चेतन शर्मा ने यह भी आरोप लगाया था कि सितंबर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ T-20 सीरीज के लिए बुमराह की वापसी को लेकर उनके और टीम प्रबंधन के बीच मतभेद थे। बुमराह अभी टीम से बाहर हैं और उनके ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चार टेस्ट मैचों की बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी और उसके बाद तीन एकदिवसीय मैचों की श्रृंखला में खेलने की संभावना नहीं है। चेतन शर्मा एक महीने पहले दूसरी बार भारतीय क्रिकेट टीम के चीफ सिलेक्टर बने थे।

चेतन शर्मा 7 जनवरी 2023 को ही दोबारा बीसीसीआई के चीफ सेलेक्टर बने थे। यह उनका दूसरा कार्यकाल था, लेकिन इस बार 40 दिन में ही उनका यह कार्यकाल खत्म हो गया। कमाल की बात ये है कि चेतन शर्मा को दोनों ही कार्यकाल में पद गंवाना पड़ा है, पिछले कार्यकाल में बीसीसीआई ने टी-20 वर्ल्ड कप में बुरे प्रदर्शन के बाद पूरी समिति को ही हटा दिया था। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की नई सीनियर सिलेक्शन कमेटी में शर्मा के अलावा शिवसुंदर दास, सलिल अंकोला, सुब्रतो बनर्जी और श्रीधरन शरत चार अन्य मेंबर्स हैं। वे नवंबर में टी-20 वर्ल्ड कप से टीम के बाहर होने के बाद चीफ सिलेक्टर पद से हटाए गए थे।

बॉलीवुड एक्ट्रेस स्वरा भास्कर ने सपा नेता फहाद अहमद के साथ की शादी, दूसरे धर्म में शादी करने के बाद सोशल मीडिया पर ट्रोल हुईं अभिनेत्री

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Swara Bhaskar marries SP leader Fahad Ahmed

बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने समाजवादी पार्टी के नेता फहाद अहमद से शादी कर ली है। अभिनेत्री भास्कर ने इसकी जानकारी गुरुवार को सोशल मीडिया पर दी। बता दें कि बॉलीवुड एक्ट्रेस स्वरा भास्कर अभिनय के अलावा राजनीति में भी अपनी बेबाक टिप्पणी की वजह से सुर्खियों में बनी रहती हैं। केंद्र सरकार की नीतियों की स्वरा भास्कर खुलकर विरोध करती रही हैं। ‌पिछले महीने अभिनेत्री स्वरा भारत जोड़ो यात्रा के दौरान मध्यप्रदेश में राहुल गांधी के साथ नजर भी आई थीं।

बता दें कि स्वरा भास्कर ने कोर्ट मैरिज के लिए 6 जनवरी 2023 को आवेदन किया था। उन्होंने जो वीडियो शेयर की है उसमें दोनों कोर्ट में मैरिज के पेपर पर दस्तखत करते भी नजर आ रहे हैं। गुरुवार को बॉलीवुड अभिनेत्री ने अपनी शादी की जानकारी सोशल मीडिया पर शेयर की। अब सोशल मीडिया यूजर्स फहाद अहमद के साथ शादी करने को लेकर स्वरा को ट्रोल कर रहे हैं। एक तरफ लोग उन्हें शादी की बधाई दे रहे हैं, जबकि दूसरी ओर स्वरा की शादी को लव जिहाद भी बताया जा रहा है। एक यूजर ने लिखा, अच्छा किया, अब पूरी तरह मुसलमान बन जाओ। एक यूजर ने लिखा, “ठीक है ये हमारी कोई खास प्रॉडक्ट नहीं थी। हमें कोई परवाह नहीं है, ये हिंदू थी ही नहीं। एक अन्यू यूजर ने लिखा, स्वरा भास्कर क्या आप बता सकती हैं कि हिंदू आबादी, मुस्लिम देशों – पाकिस्तान और बांग्लादेश में कम क्यों हो रही है? और भारत की मुस्लिम आबादी बढ़ क्यों रही है। एक यूजर ने लिखा, ‘आप जैसी लड़कियां इस देश के लिए गलत उदाहरण पेश कर रही हैं। आपकी एजुकेशन और फैमिली बैकग्राउंड देखकर दुख होता है।’ एक ने लिखा, ‘यह पक्का सूटकेस में पैक हो जाएगी एक दिन।’ कुछ यूजर्स ने स्वरा भास्कर को धर्म बदलकर पाकिस्तान जाने की सलाह दे दी। साथ ही, कुछ यूजर्स ने उन्हें एंटी हिंदू तक बता दिया।

सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए स्वरा ने अपनी और फहाद की लव स्टोरी का खुलासा किया। वीडियो में बताया कि उनकी मुलाकात एक विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई थी। प्रोटेस्ट के दौरान दोनों ने पहली बार एक साथ सेल्फी ली थी। इसके बाद फहाद ने उन्हें अपनी बहन की शादी में आमंत्रित किया, जिसके बाद वह दोनों गहरे दोस्त बन गए और इसके बाद से उनके बीच प्यार का सिलसिला शुरू हो गया। उन्होंने छह जनवरी 2023 को कोर्ट मैरिज कर ली। आइए जानते हैं स्वरा भास्कर ने जिससे शादी की है समाजवादी पार्टी नेता कौन हैं।

फहाद अहमद महाराष्ट्र सपा युवजन कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष हैं। फहाद, यूपी के बरेली के बहेड़ी क्षेत्र के रहने वाले हैं। मुस्लिम बंजारा जाति से आते हैं। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से इन्होंने पढ़ाई की है। अभी, टाटा इंस्टीट्यूट मुंबई में पीएचडी कर रहे हैं। सीएए एनआरसीसी आंदोलन के दौरान इनकी मुलाकात स्वरा भास्कर से हुई थी। फहाद के पिता जर्रार अहमद कांग्रेस से जुड़े हुए हैं। फहद अहमद को समाजवादी पार्टी वरिष्ठ नेता अबू आजमी का करीबी माना जाता है। आजमी ही फहद अहमद को समाजवादी पार्टी में लेकर आए थे।

जुलाई 2022 में अबू आजमी और रईस शेख की मौजूदगी में फहद ने अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी ज्वाइन की। इसके बाद उन्हें यूथ विंग में पदाधिकारी बना दिया गया। गौरतलब है कि इससे पहले राइटर हिमांशु शर्मा के साथ स्वरा की डेटिंग की खबरें आई थीं। दोनों की मुलाकात रांझणा के सेट पर हुई थी। करीब पांच साल डेट करने के बाद 2019 में दोनों के ब्रेकअप की खबरें भी आई थीं।

स्वरा भास्कर तनु वेड्स मनु, रांझणा और वीरे दी वेडिंग जैसी फिल्मों में नजर आ चुकी हैं। इसके अलावा वो ‘रसभरी’ नाम की वेब सीरीज में भी दिखीं थीं। उनकी पिछली फिल्म ‘जहां चार यार’ थी। अपकमिंग फिल्म मिमांसा है। इसके अलावा वो ‘मिसेज फलानी’ में भी नजर आएंगी।

भारतीय मूल के नील मोहन बने यूट्यूब के नए सीईओ, जानिए इनके बारे में

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Neal Mohan New CEO YouTube

YouTube New CEO Neal Mohan: गूगल, इंफोसिस के बाद अब यूट्यूब के सीईओ भी भारतीय मूल के होंगे। भारतीय मूल के नील मोहन को यूट्यूब YouTube का नया सीईओ बनाया गया है। इससे पहले नील मोहन यूट्यूब के CPO थे। यूट्यूब के उन्हें प्रमोट कर ये जिम्मेदारी दी है। नील मोहन Google के साथ 2008 से काम कर रहे हैं। साल 2013 में कंपनी ने उन्हें 544 करोड़ रुपए का बोनस दिया था।

हाल ही में यूट्यूब की पूर्व सीईओ सुसान वोज्स्की ने पद से इस्तीफा दिया है, इसके बाद नील को यह जिम्मेदारी दी गई है। सुसान वोज्स्की नौ साल बाद यूट्यूब के सीईओ के रूप में पद छोड़ रही हैं। वह गूगल में लगभग 25 साल रहीं। ‘वैरायटी’ की रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनी के भारतीय अमेरिकी चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर नील मोहन उनकी जगह लेंगे। वैरायटी’ के अनुसार, वोज्स्की ने गुरुवार को यूट्यूब स्टाफ को एक मेमो में अपने जाने की घोषणा की। उन्होंने लिखा, मैंने यूट्यूब के प्रमुख के रूप में अपनी भूमिका से पीछे हटने और अपने परिवार, स्वास्थ्य और व्यक्तिगत परियोजनाओं पर केंद्रित एक नया अध्याय शुरू करने का फैसला किया है।

सुसान अभी गूगल और अल्फाबेट में बतौर सलाहकार काम करेंगी। उन्होंने कहा कि उन्हें आज भी यूट्यूब को लेकर उतना ही भरोसा है जितना कि उन्हें 9 साल पहले था। यूट्यूब के सर्वोत्तम दिन अभी आने वाले हैं। नील मोहन अब माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला, एडोब के सीईओ शांतनु नारायण और अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई सहित यूएस-आधारित वैश्विक दिग्गजों के शीर्ष पर भारतीय मूल के सीईओ की बढ़ती सूची में शामिल होंगे।

कौन हैं नील मोहन?

नील मोहन ने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग में स्नातक किया है। वो लंबे वक्त से सुसान वोजिकी के सहयोगी रहे, 2007 में DoubleClick अधिग्रहण के साथ Google में शामिल हुए थे। मोहन को 2015 में YouTube में चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर नियुक्त किया गया था। उन्होंने YouTube में चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर के रूप में अपनी भूमिका निभाते हुए शॉर्ट्स, म्यूजिक और सब्सक्रिप्शन पर फोकस किया। नील मोहन माइक्रोसॉफ्ट के साथ भी काम कर चुके हैं।

उत्तराखंड: पिरूल से आजीविका सृजन, वैकल्पिक ईंधन आदि के क्षेत्र में कार्य करने के इच्छुक उद्यमियों के लिए अच्छी खबर

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Pirul Collection

Uttarakhand news: मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु ने गुरूवार को सचिवालय में पिरूल से आजीविका सृजन, वैकल्पिक ईंधन आदि के क्षेत्र में कार्य करने के इच्छुक विभिन्न उद्यमियों के साथ विचार विमर्श किया। मुख्य सचिव ने पिरूल से निर्मित अन्य उत्पादों और उपयोगों के लिए सुझाव भी मांगे।

मुख्य सचिव ने वन विभाग को पिरूल कलेक्शन कर रहे स्वयं सहायता समूहों को नियमित भुगतान के लिए व्यवस्था सुनिश्चित किए जाते हुए एक कॉर्पस फंड बनाए जाने के निर्देश दिए, ताकि स्वयं सहायता समूहों के भुगतान में देरी न हो। उन्होंने कहा कि उद्यमियों को शुरूआती सहायता प्रदान किए जाने हेतु पहले 5 सालों में उद्यमियों द्वारा दिए जाने वाले जीएसटी का 70 प्रतिशत सब्सिडी दिए जाने के भी निर्देश दिए। साथ ही कहा कि इस दिशा में विभिन्न पर्वतीय प्रदेशों में प्रयोग हो रही बेस्ट प्रेक्टिसेज को भी प्रदेश में अपनाया जाए। उन्होंने कहा कि वनों से जितना अधिक से अधिक पिरूल का निस्तारण हो सकेगा, वनों को आग से बचाने में कारगर साबित होगा।

मुख्य सचिव ने कहा कि पिरूल के ट्रांसपोर्टेशन में कोई समस्या न हो इसके लिए ई-रवन्ना जारी करते हुए इसकी ट्रांजिट फीस को न्यूनतम किया जाए। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में कार्य कर रहे स्वयं सहायता समूहों एवं लोगों की क्षमता निर्माण हेतु प्रशिक्षण उपलब्ध कराए जाने हेतु वन एवं उद्योग विभाग को मिलकर कार्य करने की आवश्यकता है। मुख्य सचिव ने कहा कि ईंधन के रूप में प्रयोग होने वाले ब्रिकेट्स/पैलेट्स की मार्केटिंग आदि की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने ब्रिकेट्स बनाने हेतु आवश्यक ‘बाइंडिंग डस्ट’ के अन्य विकल्प तलाशे जाने हेतु वन विभाग को निर्देशित किया।

मुख्य सचिव ने कहा कि वनों से पिरूल का अधिक से अधिक निस्तारण हो सके इसके लिए इसके विभिन्न उत्पादों को बढ़ावा दिए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सीजन में पिरूल का अधिक से अधिक कलेक्शन हो सके इसके लिए पिरूल कलेक्शन में लगे स्वयं सहायता समूहों को ब्लोवर मशीनें भी उपलब्ध करायी जा सकती हैं। उन्होंने वन विभाग और एमएसएमई को इस दिशा में कार्य कर रहे उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों को हर सम्भव सहायता उपलब्ध कराए जाने की बात कही।

इस अवसर पर पिरूल से विभिन्न उत्पादों को तैयार करने की दिशा में कार्य कर रहे विभिन्न उद्यमियों ने मुख्य सचिव के समक्ष अपने अपने सुझाव दिए और अपनी समस्याओं से अवगत कराया। इस दौरान उद्यमियों ने उनके द्वारा निर्मित विभिन्न उत्पादों को भी प्रदर्शित किया, जिनकी मुख्य सचिव द्वारा सराहना की गयी। उन्होंने रसोई (एलपीजी) गैस के विकल्प के रूप में पैलेट्स से चलने वाले चूल्हे की उपयोगिता के लिए सैम्पल लेकर प्रयोग किए जाने के भी निर्देश दिए।

इस अवसर पर प्रमुख वन संरक्षक (हॉफ) विनोद कुमार, सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, विजय कुमार यादव एवं निदेशक उरेडा श्रीमती रंजना राजगुरू सहित पिरूल से सम्बन्धित विभिन्न उद्यमी उपस्थित थे।

उत्तराखंड : ड्रोन ने 30 मिनट में AIIMS ऋषिकेश से टिहरी ज़िला अस्पताल पहुंचाई दवा, ऐसा करने वाला देश का पहला एम्स बना ऋषिकेश, स्वास्थ्य मंत्री ने शेयर किया वीडियो

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Rishikesh news: देश में ड्रोन का विस्तार बड़ी तेजी से हो रहा है। ड्रोन की मदद से स्वास्थ्य सेवाओं में भी अब नई क्रांति की शुरुआत होने जा रही है। उत्तराखंड के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में अब ड्रोन के जरिए दवाएं भेजने का शुभारंभ हो चुका है। ड्रोन के जरिए ऋषिकेश एम्स से दवा टिहरी पहुंचाई जा रही है। ऋषिकेश एम्स ऐसा करने वाला देश का पहला एम्स बन चुका है। गुरुवार को एम्स ऋषिकेश से टिहरी स्थित जिला चिकित्सालय दवा पहुंचाकर इसका सफल ट्रायल किया गया। देश का यह पहला एम्स है जो इस तकनीक का उपयोग कर जरूरतमंदों तक आवश्यक दवा पहुंचाएगा।

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, एम्स ऋषिकेश ने बृहस्पतिवार को मेडिकल के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित कर ड्रोन द्वारा दवा पहुंचाने में सफलता हासिल की है। इस ट्रायल द्वारा टीबी के मरीजों हेतु टिहरी जिला चिकित्सालय में दवा भेजी गई। एम्स ऋषिकेश के हेलीपैड से टिहरी तक 36 किलोमीटर। की यह हवाई दूरी ड्रोन ने 29 मिनट में पूरी की।

एम्स ऋषिकेश से टीबी के मरीजों को ड्रोन से दवा भेजने का यह ट्रायल पूर्णतः सफल रहा। ड्रोन से दवा भेजने की शुरुआत करने वाला एम्स ऋषिकेश अब देश का पहला एम्स संस्थान बन गया है। इस मौके पर एम्स की कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर( डॉ. )मीनू सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुरूप टीबी मुक्त भारत अभियान को सफल बनाने में यह सुविधा विशेष लाभदायक सिद्ध होगी।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाला राज्य है। पहाड़ के दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले बीमार लोगों तक इस माध्यम से दवा पहुंचाकर उनका समय रहते इलाज शुरू किया जा सकता है। इसके अलावा इस सुविधा से आपात स्थिति में फंसे लोगों तक भी तत्काल दवा अथवा इलाज से संबन्धित मेडिकल उपकरण पहुंचाए जा सकेंगे।

संस्थान की कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर (डॉ.) मीनू सिंह ने बताया कि चारधाम यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों के घायल हो जाने अथवा गंभीर बीमार हो जाने की स्थिति में, उच्च हिमालयी क्षेत्रों में फंसे जरूरतमंदों तक दवा पहुंचाने तथा दूरस्थ क्षेत्रों से एम्स तक आवश्यक सैंपल लाने में इस तकनीक का विशेष लाभ मिलेगा। इसके अलावा आंखों की कार्निया के प्रत्यारोपण की प्रक्रिया में भी इस तकनीक का उपयोग कर समय की बचत की जा सकेगी।

उल्लेखनीय है चारधाम यात्रा के दौरान ऑक्सीजन की कमी के चलते कई तीर्थयात्रियों को तत्काल दवा अथवा मेडिकल उपकरणों की आवश्यकता पड़ जाती है। इसके अलावा पैदल यात्रा के दौरान कई लोग हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक तथा अन्य स्वास्थ्य कारणों के चलते गंभीर रूप से बीमार हो जाते हैं। ऐसे में एम्स ऋषिकेश की यह सुविधा उन्हें तत्काल दवा पहुंचाने में कारगर सिद्ध हो सकती है।

इस अवसर पर चिकित्सा अधीक्षक प्रो. संजीव कुमार मित्तल, उप निदेशक (प्रशासन) ले. कर्नल एआर मुखर्जी, रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. मनोज गुप्ता, रजिस्ट्रार राजीव चौधरी, विधि अधिकारी प्रदीप चन्द्र पाण्डेय, प्रशासनिक अधिकारी गौरव बडोला, संस्थान के जनसंपर्क अधिकारी हरीश मोहन थपलियाल, माइक्रोबायलॉजी विभाग के डा. जितेन्द्र गैरोला, फार्मोकोलॉजी विभाग के डॉक्टर विनोद के अलावा गुड़गांव स्थित टेकेग्ल इनोवेशन कंपनी के अधिकारी गौरव आसुधानी और विश्वास कपूर आदि मौजूद रहे।

एम्स के हेलीपैड से टिहरी के बौराड़ी स्थित जिला चिकित्सालय तक पहुंचने में सड़क मार्ग से लगभग 3 घंटे का समय लगता है। ड्रोन ने यह दूरी 29 मिनट में पूरी की है। एम्स से दवा लेकर ड्रोन पूर्वाह्न 10 बजकर 44 मिनट पर उड़ा था और 11 बजकर 14 मिनट पर टिहरी में लैंड हुआ। वापिसी में इसने टिहरी जिला चिकित्सालय से 11 बजकर 44 मिनट पर उड़ान भरी और यह 12 बजकर 15 मिनट पर एम्स में हेलीपैड पर सकुशल लैंड हो गया। प्रति घंटा 120 किमी की गति से उड़ने वाले यह ड्रोन 3 किलोग्राम भार ले जा सकता है। ड्रोन का अपना वजन 16।5 किलोग्राम है जबकि एम्स से जिला चिकित्सालय की हवाई दूरी लगभग 36 किमी है।

हेल्थ मिनिस्टर ने शेयर किया वीडियो

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने भी इसका वीडियो शेयर किया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “ड्रोन का उपयोग कर स्वास्थ्य सेवा वितरण में क्रांतिकारी बदलाव! ऋषिकेश एम्स में ड्रोन आधारित सफल परीक्षण किया गया। एम्स हेलीपैड से जिला अस्पताल टिहरी गढ़वाल तक टीबी रोधी दवाओं के परिवहन के लिए 40 किमी की हवाई दूरी 30 मिनट में तय कर पहाड़ी इलाकों तक आसानी से पहुंचा जा सकता है।”