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जोशीमठ आपदा में क्षतिग्रस्त भवनों के मुआवजे की दर घोषित, देखें किस हिसाब से मिलेगी आवासीय भवनों व दुकानों की मुआवजा राशि

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Joshimath Landslide

Joshimath disaster: उत्तराखंड के जोशीमठ में भू-धंसाव से आई आपदा से प्रभावित परिवारों के क्षतिग्रस्त भवनों के मुआवजे की दरें तय कर दी गई हैं। बुधवार को कैबिनेट बैठक में जोशीमठ में विस्थापन और पुनर्वास नीति समेत राहत पैकेज को मंजूरी दी गई थी। इसके तहत जमीन, आवासीय और व्यावसायिक भवनों का मुआवजा दर तय किया गया है। मुआवजा केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) की दरों में लागत सूचकांक (कोस्ट इंडेक्स) जोड़कर दिया जाएगा। व्यावसायिक भवनों का मुआवजा स्लैब बनाकर केदारनाथ की तर्ज पर दिया जाएगा। इसके अलावा स्थायी पुनर्वास के लिए तीन विकल्प दिए गए हैं। भूमि का मुआवजा तकनीकी संस्थाओं की रिपोर्ट आने के बाद तय किया जाएगा। जिसे मंजूरी के लिए कैबिनेट की अगली बैठक में रखा जाएगा।

आज मुख्यमंत्री सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम और आपदा प्रबंधन सचिव रंजीत कुमार सिन्हा ने जोशीमठ में विस्थापन और पुनर्वास नीति को लेकर जारी की गई मानकों पर स्थिति स्पष्ट की। इस दौरान उन्होंने पॉलिसी के कई बिंदुओं की विस्तार से जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि जोशीमठ प्रभावितों के लिए तय की गई क्षतिपूर्ति दर के तहत आवासीय भवनों के नुकसान पर 100% भुगतान किया जाएगा। ईंट से बने आवासीय भवन के लिए 31,031 रुपए प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से भुगतान किया जाएगा। जबकि, बीम और कॉलम के बने आवासीय भवनों के लिए 36,386 रुपए प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से दिया जाएगा।

वहीं, ईंट के बने व्यावसायिक भवनों के लिए 39,030 रुपए प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से भुगतान किया जाएगा। इसके अलावा बीम और कॉलम से बने व्यावसायिक भवनों के लिए 45,921 रुपए प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से भुगतान दिया जाएगा।

व्यावसायिक भवनों के लिए तय स्लैबः

5 लाख तक के व्यावसायिक भवन को 100% भुगतान दिया जाएगा। जबकि, 5 से 15 लाख तक के व्यावसायिक भवन को 5 लाख रुपए तक पूरा भुगतान किया जाएगा। इससे ऊपर 40% भुगतान किया जाएगा। वहीं, 15 से 30 लाख तक के व्यावसायिक भवनों के लिए 15 लाख तक 9 लाख रुपए दिया जाएगा। उससे ऊपर 30% भुगतान किया जाएगा।

वहीं, 30 से 50 लाख तक के व्यावसायिक भवन के लिए, 30 लाख तक 30।5 लाख रुपए भुगतान किया जाएगा। इससे ऊपर 20% भुगतान किया जाएगा। 50 लाख से ऊपर के व्यावसायिक भवन के लिए 50 लाख तक 17।5 लाख भुगतान किया जाएगा, इससे ऊपर 10% भुगतान किया जाएगा।

आवासीय जमीन की क्षति पर मुआवजाः

आवासीय जमीन की क्षति पर 75 वर्ग मीटर भूमि दी जाएगी। इससे अधिक की भूमि के नुकसान पर भूमि का मुआवजा दिया जाएगा। व्यवसाय जमीन के क्षति पर 15 वर्ग मीटर भूमि दी जाएगी। वहीं, किराए पर लेकर दुकान चला रहे प्रभावित को एकमुश्त 2 लाख रुपए दिए जाएंगे।

तय की गईं क्षतिग्रस्त भवनों की मुआवजा दरें

  • ईंट वाले आवासीय भवनों के लिए 31 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर
  • आरसीसी वाले आवासीय भवनों के लिए 36 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर
  • व्यावसायिक ईंट वाले भवनों के लिए 39 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर
  • व्यावसायिक आरसीसी वाले भवनों के लिए 45 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर
  • दुकान मालिकों को 15 वर्ग मीटर की दुकान या एकमुश्त मुआवजा दिया जाएगा
  • एक वर्ष से अधिक समय से जोशीमठ में किरायेदार दुकानदारों को एकमुश्त दो लाख रुपये की राशि और भविष्य में स्थायी पुनर्वास वाली जगह पर दुकान के लिए प्राथमिकता

देवप्रयाग महाविद्यालय में एंटी ड्रग्स समिति के द्वारा गोष्ठी का आयोजन

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Anti Drugs Committee

Devprayag News: ओंकारानंद सरस्वती राजकीय महाविद्यालय देवप्रयाग टिहरी गढ़वाल में आज प्राचार्य प्रोफेसर प्रीति कुमारी की अध्यक्षता में एंटी ड्रग्स समिति के द्वारा गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में समिति के नोडल अधिकारी मोहम्मद आदिल कुरैशी ने गोष्ठी के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज की गोष्ठी में धुम्रपान मद्यपान को रोकने के लिए व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है।

गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य प्रोफेसर प्रीति कुमारी ने इस अभियान में उच्च शिक्षा विभाग की भूमिका पर प्रकाश डाला तथा कहा कि महाविद्यालय में एनएसएस के छात्र छात्राएं दूसरे छात्र छात्राओं को नशा मुक्ति के प्रति जागरूक कर सकते हैं। प्राचार्य ने महाविद्यालय के छात्र छात्राओं, प्राध्यापकों, कर्म चारियों, को धुम्रपान मद्यपान निषेध की शपथ भी दिलाई।

देवप्रयाग महाविद्यालय में बैंकिंग के क्षेत्र में रोजगार के अवसर विषय पर कार्यशाला आयोजित

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Workshop on employment opportunities

Devprayag News: ओंकारानंद सरस्वती राजकीय महाविद्यालय देवप्रयाग, टिहरी गढ़वाल में आज बैंकिंग के क्षेत्र में रोजगार के अवसर विषय पर कार्यशाला आयोजित हुई। कार्यशाला का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्य ने भारतीय स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की देवप्रयाग शाखा की शाखा प्रबंधक श्रीमती श्वेता रानी एवं कैशियर ‌सोनू विश्वकर्मा के स्वागत संबोधन के साथ किया।

इस मौके पर श्रीमती श्वेता रानी ने छात्र छात्राओं को बैंकिंग के क्षेत्र में रोजगार के अवसरों पर विस्तृत जानकारी दी। इसके पश्चात सोनू विश्वकर्मा ने छात्र छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि बीए, बीएससी के प्रथम वर्ष से ही प्रतियोगिताओं की तैयारी समर्पित भाव से शुरू कर देनी चाहिए। सामान्य ज्ञान, गणित व अंग्रेजी विषय का गहन अध्ययन करना चाहिए। उक्त कार्य शाला में महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक तथा कर्मचारी उपस्थित थे।

अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर उत्तराखंड भाषा आंदोलन को लेकर मातृभाषा सप्ताह का आयोजन करेगा धाद

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mother tongue week dhaad

International Mother Language Day : धाद संस्था द्वारा आगामी 21 फरवरी को अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर उत्तराखण्ड की भाषाओं के आंदोलन की उपलब्धियों और लक्ष्यों पर केंद्रित मातृभाषा सप्ताह का आयोजन किया जायेगा। आयोजन की सूचना धाद मातृभाषा एकांष के संयोजक वीरेंद्र पंवार और सचिव शिवदयाल शैलज द्वारा दी गयी। उन्होंने बताया कि हर वर्ष आयोजित होने वाले मात्रभाषा आयोजन की इस वर्ष की थीम नई पीढ़ी को उनकी मातृभाषा से जोड़ना है। आयोजन का सूत्रवाक्य दिया गया है अपनी भाषा को नई पीढ़ी तक पहुंचाएं

सभी स्कूलों में यहां की भाषाएं पढ़ाएं

आयोजन की जानकारी देते हुये धाद मातृभाषा एकांष के सचिव शिव दयाल शैलज ने बताया कि  21 फरवरी मातृभाषा दिवस पर श्रीनगर गढ़वाल में उत्तराखण्ड की भाषाओं के चार दशक की उपलब्धियों पर विमर्श और कविता पाठ के साथ प्रारम्भ होगा। भाषा सप्ताह में ऑनलाइन कथा, गजल और व्याकरण पर विभिन्न विषय विशेषज्ञ के साथ विमर्श आयोजित होंगे। सप्ताह का समापन 26 फरवरी को देहरादून में गढ़वाली नाटक “इंसक्पेक्टर नेगी चले चांद पर” के मंचन और उत्तराखंडी भोज कल्यो फूड फेस्टिवल के साथ होगा। प्रदेश की प्रतिष्ठित विवाह वेबसाइट माँगल डॉट कॉम आयोजन की सहयोगी है।

मातृभाषा एकाँश के संयोजक वीरेंद्र पंवार ने बताया कि धाद ने उत्त्तराखण्ड की भाषाओं के पक्ष में 1987 से पत्रिका के प्रकाशन और उत्तराखण्ड की भाषाओं को लेकर मूल समाज में जागृति लाने और अपनी भाषाओं को बचाने के लिए एक व्यापक सामाजिक अभियान आरंभ किया।

यूनेस्को द्वारा मातृभाषा दिवस 21 फरवरी की घोषणा के बाद धाद वर्ष 2010 से हर वर्ष उत्तराखंड की मातृभाषाओं को दुनिया की तमाम छोटी भाषाओं की चिंता से जोड़ते हुए हर वर्ष यह आयोजन करती है। उन्होंने बताया कि इस बार का आयोजन नई पीढ़ी को उनकी दूधबोली से जोड़ने की चुनौतीयों पर केंद्रित रहेगा। इसके साथ भाषा के विभिन्न सवालों पर राज्य सरकार को मांग पत्र सौंपा जाएगा।

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की तबीयत बिगड़ी, मैक्स अस्पताल में भर्ती

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Former CM Harish Rawat's health deteriorated

Uttarakhand News: उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की गुरुवार को अचानक तबीयत खराब हो गई। उन्हें देहरादून के मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां डॉक्टरों की टीम ने उनका मेडिकल परीक्षण करने के बाद कार्डियक विभाग में भर्ती कर लिया है।

जानकारी के अनुसार, आज सुबह रामनगर हल्द्वानी जाते हुए लछीवाला टोल प्लाजा के पास उन्हें अचानक अपच और घबराहट की शिकायत हुई। जिसके बाद उन्होंने तुरंत अपने ड्राइवर को गाड़ी वापस मोड़ते हुए घर चलने के लिए कहा। घर जाने से पहले वे मैक्स अस्पताल में चेकअप के लिए पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें कुछ जरूरी टेस्ट करवाने की सलाह दी और भर्ती कर लिया। बताया जा रहा है कि अब उनका स्वास्थ्य सामान्य है, और देर शाम तक उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल सकती है।

प्रदर्शन के दौरान हरीश रावत हुए थे बेहोश

वहीं बीती 10 फरवरी को देहरादून में आयोजित प्रदर्शन के दौरान भी हरीश रावत बेहोश हो गए थे। 10 फरवरी को उत्तराखंड बंद के दौरान कांग्रेस के पैदल मार्च के दौरान ही उनकी अचानक तबीयत बिगड़ गई और वो बेहोश हो गए थे, जिन्हें पुलिस वाले उठा कर अस्पताल ले गए थे।

उसके बाद हरीश रावत ने बयान जारी करते हुए कहा था कि ‘नहीं, मुझे किसी स्वास्थ्य समस्या का सामना नहीं करना पड़ा। पुलिस की धक्का-मुक्की में मुझे चोट लगी है। ऐसा आंदोलन के दौरान होता है। ऐसा नहीं है कि पुलिस ने जानबूझकर कुछ किया है’।

नकल विरोधी कानून पर भाजपा युवा मोर्चा के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री धामी से मुलाकात कर जताया आभार

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BJP Yuva Morcha officials met CM Dhami

uttarakhand news: उत्तराखण्ड में नकल विरोधी कानून लागू किये जाने पर सचिवालय में भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया। भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष शशांक रावत ने कहा कि उत्तराखण्ड के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य एवं प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में भारत का सबसे कठोर नकल विरोधी अध्यादेश जारी किया गया है।

मुख्यमंत्री के द्वारा उठाया गया यह ऐतिहासिक कदम ईमानदार, मेहनती एवं मेधावी युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए मददगार साबित होगा। उन्होंने कहा कि पहली बार नकल माफियाओं पर इतनी कठोर कारवाई की गई है। भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राज्य में लागू किये गये नकल विरोधी कानून के ऐतिहासिक निर्णय के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए भाजयुमो द्वारा प्रदेशभर में जागरूकता रैली का आयोजन किया जायेगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश के बेटे एवं बेटियों के भविष्य के साथ कोई खिलवाड़ नहीं होने दिया जायेगा। गरीब बच्चों को भी नौकरी के पूरे अवसर मिले, इसके लिए राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल करने वालों और करवाने वालों के लिए सख्त सजा का इसमें प्राविधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोग भर्ती परीक्षाओं की जांच सीबीआई से कराने की मांग को लेकर युवाओं को बरगलाने का कार्य कर रहे हैं। क्योंकि ये लोग चाहते हैं, कि आने वाले कुछ सालों में राज्य में भर्ती परीक्षाएं न हों, जिससे सरकार की छवि खराब हो। सरकार राज्य में भर्ती प्रक्रियाओं में तेजी लाने के लिए निरन्तर प्रयास कर रही है। हमारे युवा बेटों और बेटियों की सरकार से बहुत उम्मीदें हैं। राज्य में नकल विरोधी कानून लागू होने से प्रदेश के युवाओं में ऊर्जा का संचार हुआ है। इस अवसर पर भाजयुमो के अन्य पदाधिकारी भी मौजूद थे।

बिहार में दुश्मनी खत्म कर एक दूसरे से गले मिले ये दो बाहुबली नेता

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Pappu Yadav and Anand Mohan hug each other in Bihar

Bihar News: 90 के दशक में बिहार की राजनीति में बाहुबलियों का बोलबाला हुआ करता था। ‌‌इन्हीं में से पप्पू यादव और आनंद मोहन की भी बिहार राजनीति में तूती बोलती थी। लेकिन दोनों के बीच हमेशा 36 का आंकड़ा रहा है। पप्पू यादव और आनंद मोहन की दुश्मनी ही बिहार में सुर्खियों में रहा करती थी। 1990 के दौर में पप्पू यादव अति पिछड़े के लिए संघर्ष कर रहे थे, तो वहीं आनंद मोहन फॉरवर्ड जाति के लिए लड़ाई लड़ रहे थे।

आनंद मोहन और पप्पू यादव के बीच दुश्मनी के कई किस्से हैं। दोनों की दुश्मनी के बारे में हर कोई जानता है। लंबे समय तक दोनों एक दूसरे के खून के प्यासे थे। बिहार के कोसी इलाके सहरसा, मधेपुरा, पुर्णिया में दोनों के बीच वर्चस्व की लड़ाई में कई बार मुठभेड़ हुई थी। एक समय दोनों के ऊपर रासुका भी लगा था।

लेकिन धीरे-धीरे वक्त बदलता चला गया और इन दोनों नेताओं की दबंगई भी कमजोर होती चली गई। बुधवार को दोनों नेता आपस में गले मिलते हुए नजर आए। यह मुलाकात आनंद मोहन की बेटी सुरभि आनंद की शादी के दौरान हुई। पूर्व सांसद आनंद मोहन की बेटी सुरभि की शादी 15 फरवरी को संपन्न हुई। इस शादी में जन अधिकार पार्टी के प्रमुख पप्पू यादव को निमंत्रण मिला था। वे शादी समारोह में शरीक हुए। जिससे लगा कि अब पुरानी दुश्मनी खत्म हो गई। दोनों दोस्त तरह नजर आए। उन्होंने वर-वधू को आशीर्वाद दिया।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत कई बड़े नेता शादी समारोह में शामिल हुए। शादी में बीजेपी नेता शाहनवाज हुसैन, राजीव प्रताप रूडी समेत सभी दलों के कई नेता भी मौजूद थे। आनंद मोहन गोपालगंज के तत्कालीन डीएम कृष्णैया हत्याकांड में बिहार के कटिहार जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। वे बेटी की शादी में शामिल होने के लिए 15 दिन की पैरोल पर जेल से बाहर आए हैं।

NSA अजीत डोभाल को डी. लिट की मानद उपाधि, पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल गुरमीत सिंह ने किया सम्मानित

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NSA Ajit Doval : राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल आज उत्तराखंड के पंतनगर पहुंचे। यहां पर अजीत डोभाल पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय के 34 वें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। इस कार्यक्रम में राज्यपाल गुरमीत सिंह ने अजीत डोभाल को मानद उपाधि से सम्मानित किया। ‌दीक्षांत समारोह में 2503 छात्र और छात्राओं को उपाधि दी गई।

इस मौके पर समारोह को संबोधित करते हुए अजीत डोभाल ने कहा कि हिंदुस्तान के विभाजन के समय पाकिस्तान के पास 22 मिलियन हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि चली गई। ये भारत का वो भाग था जहां सबसे ज्यादा अनाज पैदा होता था। इसके बाद कई लोगों का मानना था कि देश की 35 करोड़ की जनता के लिए अन्न पैदा नहीं हो पाएगा। यह गौरव का विषय है कि आजादी के 75 साल बाद हमारी आबादी 135 करोड़ हो गई। देश के स्वतंत्र होने पर हमारे पास खाद्यान 50 मिलियन टन था जो आज बढ़कर 315 मिलियन टन हो गया।

इस दौरान महामहिम राज्यपाल लेफ्टि. जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह, कृषि मंत्री गणेश जोशी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इस दौरान 70 श्रेष्ठ विद्यार्थियों को पदक से नवाजा गया। शैक्षणिक सत्र 2020-21 के लिए रोशनी चंद और 2021-22 के लिए सुरवी रावत को कुलाधिपति पदक से नवाजा गया। दोनों सत्रों के 26 विद्यार्थियों को कुलपति स्वर्ण पदक, 22 विद्यार्थियों को रजत और 21 विद्यार्थियों को कांस्य पदक से सम्मानित किया गया।

जी-20 समिट के लिए सीईओ ने खींचा नोएडा-ग्रेनो को चमकाने का खाका, स्कल्पचर्स, ग्रीनरी व लाइटिंग से बढ़ेगी खूबसूरती

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G-20 Summit Noida-Greater Noida

ग्रेटर नोएडा : आगामी सितंबर में जी-20 समिट की मेजबानी के लिए नोएडा-ग्रेटर नोएडा ने कमर कस ली है। नोएडा-ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी ने बृहस्पतिवार को बैठक कर दोनों शहरों को चमकाने का खाका खींच दिया है। स्कल्पचर, लाइटिंग, ग्रीनरी और सड़कों को चमका कर नोएडा-ग्रेटर नोएडा को नया लुक देने की तैयारी शुरू हो गई है।

नोएडा-ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी ने दोनों प्राधिकरणों के अधिकारियों  संग बृहस्पतिवार को बोर्ड रूम में बैठक की। इसकी शुरुआत कराबी आर्ट कम्युनिटी के प्रस्तुतिकरण से हुई। एजेंसी ने नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे को सजाने के लिए स्कल्पचर की डिजाइन प्रस्तुत की। डीएनडी फ्लाईओवर, फिल्म सिटी गेट, महामाया फ्लाईओवर, एमिटी विवि के पास, ग्रेटर नोएडा प्रवेश द्वार, परी चौक, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण दफ्तर समेत कई प्रमुख लोकेशनों को कैसे सजाया जा सकता है, इसकी विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की।

परी चौक को जी-20 के लोगो के साथ ही स्कल्पचर लगाकर और सुंदर बनाया जाएगा। अच्छी प्रजाति पौधे लगाकर ग्रीनरी को और बेहतर बनाने की योजना है। ग्रेटर नोएडा के प्रमुख गोलचक्करों पर भी स्कल्पचर व लाइटिंग के जरिए और आकर्षक बनाया जाएगा। नॉलेज पार्क के आसपास शिक्षाप्रद स्कल्पचर लगाए जाएंगे। जी-20 समिट के दौरान ग्रेटर नोएडा को डाटा सेंटर के हब के रूप में प्रस्तुत करने के लिए विशेष आकृतियां लगवाई जाएंगी। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के दफ्तर के पास पार्क व गोलचक्कर को भी विशेष रंग-रूप दिया जाएगा।

इस प्रस्तुतिकरण के बाद सीईओ ने ग्रेटर नोएडा के सभी वर्क सर्किल इंजीनियरों के साथ बैठक की। सीईओ ने ग्रेटर नोएडा के सभी प्रमुख सड़कों को इस वैश्विक आयोजन के हिसाब से चमकाने के निर्देश दिए। इसके लिए सभी प्रमुख सड़कों की री-सर्फेसिंग की जाएगी। सीईओ ने सेंट्रल वर्ज व रोड साइड ग्रीनरी को आकर्षक बनाने के लिए फ्लावर बेड विकसित करने को कहा है। साइनेज बोर्ड को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। क्षतिग्रस्त साइनेज का मरम्मत कर उनको पेंट करवाया जाएगा। रोड किनारे लैंड स्केपिंग व प्लांटर्स के जरिए ग्रेटर नोएडा को नया लुक दिया जाएगा। मेट्रो पिलर पर चित्रकारी की जाएगी।

सीईओ ने विद्युत अभियांत्रिकी विभाग को भी ट्राई कलर पोल लगाने समेत अन्य कार्यों के लिए शीघ्र टेंडर जारी करने के निर्देश दिए। सीईओ ने अभियान चलाकर इन सभी कार्यों को अगले तीन माह में पूरा करने का लक्ष्य दिया है। वैश्विक आयोजन को देखते हुए इस कार्य में तत्काल जुट जाने के निर्देश दिए। लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी। बैठक में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ अमनदीप डुली, नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ प्रभाष समेत कई वरिष्ठ अधिकारीगण शामिल रहे।

औली विंटर गेम्स तीसरी बार रद्द : औली में 23 से 26 फरवरी तक होने वाली नेशनल स्कीइंग चैंपियनशिप रद्द, जानिए वजह

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Auli Winter Games 2023

Auli Winter Games 2023 : उत्तराखंड के औली में 23 से 26 फरवरी तक होने वाली नेशनल स्कीइंग चैंपियनशिप रद्द कर दी गई है। यह तीसरा मौका है जब औली में स्कीइंग चैंपियनशिप रद्द की गई है।  स्की एंड स्नोबोर्ड एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड देहरादून के सचिव प्रवीण शर्मा ने कहा कि बर्फ न होने के कारण चैंपियनशिप रद्द कर दी गई है। पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि औली में विंटर गेम करवाने के लिए तैयारी पूरी थी। लेकिन इस बार बर्फबारी नहीं हुई है।

औली की ढलानों पर बर्फ नहीं है, जिस कारण से नेशनल स्कीइंग चैंपियनशिप को रद्द किया गया है। इस साल बर्फबारी कम होने से पहले ही फिश रेस फेडरेशन ऑफ इन्टर नेशनल स्की प्रतियोगिता भो रद्द हो चुकी है। औली में 2012 में पहली बार फिश रेस का आयोजन करने का मौका मिला, लेकिन समय पर बर्फ न पड़ने की वजह से तारीखों को आगे बढ़ा दिया गया, लेकिन फिर बर्फ पड़ी ही नहीं जिसके बाद इसे रद्द कर दिया गया था। इसके बाद 2017 में फिश रेस की मेजबानी करने का मौका मिला, लेकिन उस बार भी बर्फ न पड़ने की वजह से पहले तारीखों को बढ़ाया गया और फिर इसे रद्द करना पड़ा। इस बार भी फरवरी के पहले हफ्ते में फिश रेस होने वाली थी लेकिन अब इसे एक बार फिर से आगे बढ़ा दिया गया है।

वहीं दूसरी ओर कश्मीर के गुलमर्ग में इन दिनों पर्यटक स्कीइंग का लिया लुत्फ उठा रहे हैं। ‌बुधवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी गुलमर्ग में स्कीइंग का लुत्फ उठाया। बता दें कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने पिछले महीने 30 जनवरी को जम्मू कश्मीर के श्रीनगर में भारत जोड़ो यात्रा का समापन किया था। राहुल गांधी को यहां की सुंदरता इतनी पसंद आई कि एक बार फिर वह घाटी दौरे पर पहुंच गए हैं। राहुल गांधी कश्मीर के खूबसूरत पर्यटन स्थल गुलमर्ग में हैं। यहां वे बुधवार को पहुंचे। इस दौरान उन्होंने यहां स्कीइंग का लुत्फ भी उठाया। साथ ही प्रसिद्ध गोंडोला केबल कार की सवारी भी की।

राहुल यहां गुरुवार को भी रहेंगे। वे बुधवार को श्रीनगर एयरपोर्ट से सीधे गुलमर्ग रवाना हो गए। कुछ देर तंगमर्ग में भी रुके। इस दौरान उन्होंने मीडिया बात नहीं की और सिर्फ उन्हें दूर से ही नमस्कार किया। उन्होंने यहां स्थानीय लोगों से मुलाकात भी की। उनके साथ सेल्फी भी खिंचवाई।

बता दें कि मंगलवार को खेलो इंडिया विंटर गेम्स के तीसरे संस्करण का कल गुलमर्ग के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल में समापन हुआ है। इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री और ठाकुर भी शामिल हुए थे। 5 दिवसीय इस आयोजन में देश भर के 1,500 से अधिक एथलीटों ने 11 खेल प्रतियोगिताओं में भाग लिया। खेलो इंडिया विंटर गेम्स का पहला संस्करण 2020 में गुलमर्ग में आयोजित किया गया था। राहुल गांधी ने दो हफ्ते पहले श्रीनगर में भारत जोड़ो यात्रा पूरी की थी, जिसके दौरान उन्होंने घंटा घर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया और 30 जनवरी को भारी बर्फबारी के बावजूद, हजारों कांग्रेस और अन्य राजनीतिक नेताओं के साथ शेरे कश्मीर क्रिकेट स्टेडियम, श्रीनगर में एक जनसभा की थी।