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औली विंटर गेम्स तीसरी बार रद्द : औली में 23 से 26 फरवरी तक होने वाली नेशनल स्कीइंग चैंपियनशिप रद्द, जानिए वजह

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Auli Winter Games 2023

Auli Winter Games 2023 : उत्तराखंड के औली में 23 से 26 फरवरी तक होने वाली नेशनल स्कीइंग चैंपियनशिप रद्द कर दी गई है। यह तीसरा मौका है जब औली में स्कीइंग चैंपियनशिप रद्द की गई है।  स्की एंड स्नोबोर्ड एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड देहरादून के सचिव प्रवीण शर्मा ने कहा कि बर्फ न होने के कारण चैंपियनशिप रद्द कर दी गई है। पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि औली में विंटर गेम करवाने के लिए तैयारी पूरी थी। लेकिन इस बार बर्फबारी नहीं हुई है।

औली की ढलानों पर बर्फ नहीं है, जिस कारण से नेशनल स्कीइंग चैंपियनशिप को रद्द किया गया है। इस साल बर्फबारी कम होने से पहले ही फिश रेस फेडरेशन ऑफ इन्टर नेशनल स्की प्रतियोगिता भो रद्द हो चुकी है। औली में 2012 में पहली बार फिश रेस का आयोजन करने का मौका मिला, लेकिन समय पर बर्फ न पड़ने की वजह से तारीखों को आगे बढ़ा दिया गया, लेकिन फिर बर्फ पड़ी ही नहीं जिसके बाद इसे रद्द कर दिया गया था। इसके बाद 2017 में फिश रेस की मेजबानी करने का मौका मिला, लेकिन उस बार भी बर्फ न पड़ने की वजह से पहले तारीखों को बढ़ाया गया और फिर इसे रद्द करना पड़ा। इस बार भी फरवरी के पहले हफ्ते में फिश रेस होने वाली थी लेकिन अब इसे एक बार फिर से आगे बढ़ा दिया गया है।

वहीं दूसरी ओर कश्मीर के गुलमर्ग में इन दिनों पर्यटक स्कीइंग का लिया लुत्फ उठा रहे हैं। ‌बुधवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी गुलमर्ग में स्कीइंग का लुत्फ उठाया। बता दें कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने पिछले महीने 30 जनवरी को जम्मू कश्मीर के श्रीनगर में भारत जोड़ो यात्रा का समापन किया था। राहुल गांधी को यहां की सुंदरता इतनी पसंद आई कि एक बार फिर वह घाटी दौरे पर पहुंच गए हैं। राहुल गांधी कश्मीर के खूबसूरत पर्यटन स्थल गुलमर्ग में हैं। यहां वे बुधवार को पहुंचे। इस दौरान उन्होंने यहां स्कीइंग का लुत्फ भी उठाया। साथ ही प्रसिद्ध गोंडोला केबल कार की सवारी भी की।

राहुल यहां गुरुवार को भी रहेंगे। वे बुधवार को श्रीनगर एयरपोर्ट से सीधे गुलमर्ग रवाना हो गए। कुछ देर तंगमर्ग में भी रुके। इस दौरान उन्होंने मीडिया बात नहीं की और सिर्फ उन्हें दूर से ही नमस्कार किया। उन्होंने यहां स्थानीय लोगों से मुलाकात भी की। उनके साथ सेल्फी भी खिंचवाई।

बता दें कि मंगलवार को खेलो इंडिया विंटर गेम्स के तीसरे संस्करण का कल गुलमर्ग के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल में समापन हुआ है। इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री और ठाकुर भी शामिल हुए थे। 5 दिवसीय इस आयोजन में देश भर के 1,500 से अधिक एथलीटों ने 11 खेल प्रतियोगिताओं में भाग लिया। खेलो इंडिया विंटर गेम्स का पहला संस्करण 2020 में गुलमर्ग में आयोजित किया गया था। राहुल गांधी ने दो हफ्ते पहले श्रीनगर में भारत जोड़ो यात्रा पूरी की थी, जिसके दौरान उन्होंने घंटा घर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया और 30 जनवरी को भारी बर्फबारी के बावजूद, हजारों कांग्रेस और अन्य राजनीतिक नेताओं के साथ शेरे कश्मीर क्रिकेट स्टेडियम, श्रीनगर में एक जनसभा की थी।

Agniveer Recruitment 2023: अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया में हुआ बदलाव, रजिस्ट्रेशन के लिए खुला पोर्टल, जानें नई शर्तें एवं प्रक्रिया

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Agniveer Recruitment 2023

Agniveer Recruitment 2023: अग्निवीर योजना के तहत अग्निवीर भर्ती 2023 के लिए छह महीने में भर्ती रैली का दरवाजा खुल गया है। अग्निवीर सेना भर्ती के लिए 16 फरवरी से 15 मार्च तक पोर्टल खुला रहेगा। इस बार इंडियन आर्मी ने अग्निपथ योजना के तहत हो रही अग्निवीर भर्ती की चयन प्रक्रिया में कुछ बदलाव भी किया है।

अग्निवीर योजना के तहत सेना भर्ती रैली (पुरुषों के लिए) सेना भर्ती कार्यालय, मुजफ्फरपुर के अन्तर्गत आने वाले सभी 8 जिले (पूर्वी चंपारण (मोतिहारी), पश्चिम चंपारण (बेतिया), शिवहर, सीतामढ़ी, दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर और मुजफ्फरपुर) के अभ्यर्थियों के लिए 16 फरवरी से 15 मार्च 2023 तक रजिस्ट्रेशन होगा। इन जिलों के अभ्यर्थी www. joinindianarmy. nic. in पर 16 फ़रवरी 2023 से 15 मार्च 2023 तक रजिस्टेशन करा सकते हैं। इस बार अग्निवीर योजना के अंतर्गत साढ़े 17 से 21 साल के युवा भर्ती प्रक्रिया में भाग ले सकते है।

इस भर्ती प्रक्रिया के दौरान अग्निवीर सामान्य ड्यूटी, अग्निवीर क्लर्क / SKT, अग्निवीर टेक्नीकल एंव आग्निवीर Tradesmen की भर्ती होंगी। यह परीक्षा अप्रैल 2023 में होगी। इसमें जो अभ्यर्थी पास होंगे और मेरिट लिस्ट में आएंगे उनको भर्ती रैली के लिए बुलाया जाएगा। रैली की तिथि बाद में तय की जाएगी। इस बार निबंधन, योग्यता और बोनस अंक में भी काफी बदलाव किया गया है। इसलिए अभ्यर्थियों को सलाह दिया गया है कि आवेदन करने से पहले अधिसूचना को ध्यान से पढ़ें।

अग्निवीर योजना के अंतर्गत शुरुआत में चार साल का अनुबंध होगा। जिसके पश्चात अग्निवीरों की उनकी चार साल के कार्यकाल के दौरान प्रदर्शन के आधार पर 25% अग्निवीरों को सेलेक्ट किया जायेगा। जिन्हें 15 वर्ष और सेवा का मौका मिलेगा। जो अग्निवीर चार साल के बाद वापस आएंगे उन्हें एक मुस्त सेवा निधी प्रदान की जाएगी। सभी अभ्यर्थी ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन ध्यान से भरे और दलालों से सावधान रहे।

नई भर्ती प्रणाली में इस तरह किया परिवर्तन

  • उम्मीदवार nic.in पर पंजीकरण करें और फिर आवेदन करें।
  • उम्मीदवार को 10वीं/12वीं कक्षा में प्राप्त अंकों सहित अपना डेटा भरना होगा। कोई भी विसंगति अस्वीकृति के लिए उत्तरदायी है।
  • आवेदन शुल्क 250/- रुपये प्रति उम्मीदवार।
  • ऑनलाइन कॉमन एंट्रेंस एग्जाम नामांकित ऑनलाइन कंप्यूटर केंद्रों पर आयोजित होने वाला पहला कदम होगा।
  • ऑनलाइन परीक्षा के लिए उम्मीदवार केवल रंगीन एडमिट कार्ड लाए।
  • ऑनलाइन परीक्षा के बाद मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी और सिर्फ मेरिट में आने वाले उम्मीदवारों की रैली के लिए बुलाया जाएगा।
  • अब एनसीसी ‘सी’ सर्टिफिकेट धारक भी ऑनलाइन परीक्षा में शामिल होंगे। एनसीसी ‘सी’ सर्टिफिकेट के भी बोनस अंक होंगे।
  • ऑनलाइन परीक्षा के बाद शारीरिक परीक्षण शारीरिक माप, दस्तावेज़ीकरण और मेडिकल होगा।
  • मेडिकल क्लियर करने वाले उम्मीदवारों को अंतिम चयन के लिए फिर से मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी।

NOIDA: 22 साल के ट्रेनी इंजीनियर ने HCL कंपनी की 11वीं मंजिल से लगाई छलांग, मौके पर ही हुई मौत, जांच में जुटी पुलिस

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hcl buildong sector 126 noida

Noida News: नोएडा के सेक्टर 126 स्थित HCL कंपनी में बुधवार शाम करीब साढ़े पांच बजे एक ट्रेनी इंजीनियर ने कंपनी की बिल्डिंग के 11वीं मंजिल से छलांग लगा दी। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक इंजीनियर मूल रूप से नागपुर का रहने वाला था। वह नोएडा के रायपुर स्थित एक पीजी में रहता था। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची ने मृतक इंजीनियर के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

पुलिस के मुताबिक युवक ने आत्महत्या की है, उसकी पहचान नागपुर के क्षितिज इंगोले (22) के रूप में हुई है। क्षितिज इंगोले ने पांच महीने पहले ही एचसीएल कंपनी में एक ट्रेनी इंजीनियर के रूप में करियर की शुरुआत की थी। बुधवार शाम को करीब साढ़े बजे के आसपास इसने इमारत की 11वीं मंजिल से छलांग लगा दी। पुलिस को मृतक की जेब से 4 पन्ने का एक सुइसाइड नोट मिला है,जो मराठी में है, अंतिम पेज पर अंग्रेजी में लिखा है कि मौत के बाद किसी को परेशान न किया जाए। पुलिस ने सुइसाइड नोट को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है।

जानकारी के मुताबिक मृतक युवक ने सुइसाइड नोट में अपनी कंपनी की तारीफ करते हुए लिखा है, कंपनी का स्टाफ सहयोगी बहुत अच्छे मिले। आखिरी सैलरी को परिवार वालों को दे दिया जाए। परिवार वालों के नंबर भी स्यूसाइड नोट में लिखे हैं। पुलिस ने परिजनो को सूचना दे दी गई है। सभी तथ्यों पर जांच की जा रही है।

जीआईसी हिंसरियाखाल की 4 छात्र/छात्राओं ने मिशन शतक परीक्षा में सफलता हासिल की

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Mission Shatak exam

मिशन शतक परीक्षा : राजकीय इण्टर कॉलेज हिंसरियाखाल ब्लॉक-देवप्रयाग, जिला-टिहरी गढ़वाल के चार छात्र/छात्राएँ कु. मनीषा, श्रेयश सेमवाल, कुमारी सानिया और सुमित, मिशन शतक परीक्षा में सफल हुए हैं।

जिला मजिस्ट्रेट (टिहरी) द्वारा आयोजित, त्रिस्तरीय परीक्षा में इन मेधावी छात्र/छात्राओं का चयन हुआ है।  इन विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य हेतु इन्हें बोर्ड परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक लाने और JEE तथा NEET की तैयारी हेतु निःशुल्क कोचिंग दी जायेगी।

विद्यालय से इन चार छात्र/ छात्राओं का मिशन शतक परीक्षा में सफल होने पर समस्त शिक्षक/शिक्षिकाओं, आफिस स्टाफ और अभिभावकों ने प्रसन्नता जाहिर की और इनके उज्जवल भविष्य हेतु इन्हे शुभकामनायें प्रेषित की।

उत्तराखंड में जमीनों के सर्किल रेट में औसत 33.6 प्रतिशत बढ़ोतरी, कुछ इलाकों में 100 फीसदी बढ़े रेट, देखें कहाँ कितनी की हुई बढ़ोत्तरी

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Circle of lands in Uttarakhand

Land circle rate in uttarakhand : उत्तराखंड में अब घर बनाना और महंगा हो गया है। राज्य सरकार ने उत्तराखंड में जमीनों के सर्किल रेट में 33.6 फीसदी की बढ़ोत्तरी कर दी है। वहीँ पांच फीसदी इलाकों में जहां 100 फीसदी तक की बढ़ोत्तरी हुई, जबकि 85 फीसदी क्षेत्रों में 50 फीसदी से कम रेट बढ़ाए गए। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी की अध्यक्षता में बुधवार को सीएम आवास में हुई कैबिनेट बैठक में ये फैसले में लिए गए।

दरसल कोविड के चलते सरकार ने लोगों को राहत देने के लिए सर्किल रेट नहीं बढ़ाए थे। अब चूंकि स्थिति सामने हो चुकी है। ऐसे में सरकार ने नए सर्किल रेट जारी कर दिए हैं। एक-दो दिन के भीतर पूरे राज्य में सर्किल रेट लागू होने की उम्मीद है।

कैबिनेट बैठक के हुए निर्णयों की जानकारी देते हुए मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु ने बताया कि सर्किल रेट में औसत बढ़ोतरी 33.6 प्रतिशत है। कृषि की जमीनों की दरों में 32.47 और अकृषि जमीनों की दरों औसत 34.83 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। पूरे राज्य में कृषि क्षेत्र में 22,912 और अकृषि में 34082 यूनिट (क्षेत्र) के आधार पर सर्किल रेट तय किया गया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 86 प्रतिशत क्षेत्र ऐसा है जहां सर्किल रेट में 50 प्रतिशत से कम बढ़ोतरी हुई है। 9 प्रतिशत क्षेत्र में सर्किल रेट में 50 से 100 प्रतिशत और पांच प्रतिशत क्षेत्र में 100 से 300 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है। वहीं दून व अल्मोड़ा के कुछ हिस्सों में मौजूदा सर्किल रेट में गिरावट भी आई है।

उन्होंने बताया कि राज्य स्थापना से लेकर अब तक प्रदेश में सर्किल रेट औसत 20 गुना बढ़ गया है। इस साल सर्किल रेट में बढ़ोतरी के बाद 1700 करोड़ राजस्व मिलेगा। सभी राजस्व ग्रामों को जीआईएस मैपिंग के माध्यम से जोड़ा गया है। सर्किल रेट में विसंगतियों को दूर करने का प्रयास किया गया है। उन्होंने बताया कि पर्वतीय जिलों में भी जमीनों की खरीद-फरोख्त बढ़ने की वजह से सर्किल रेट में करीब 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है।

जोशीमठ में 15 फीसदी तक की बढ़ोत्तरी

आपदा प्रभावित जोशीमठ शहर में सर्किल रेट में 15 फीसदी की बढ़ोत्तरी की गई है। अभी वहां चार लाख रुपये प्रति नाली सरकारी दर है। अब इसे 4.60 लाख रुपये प्रति नाली कर दिया है। माना जा रहा है कि सर्किल रेट बढ़ने से सरकार को आपदा प्रभावितों को मुआवजा के रूप में अतिरिक्त रकम देनी पड़ती।

नैनीताल माल रोड प्रदेश की सबसे महंगा क्षेत्र

नए सर्किल रेट की दृष्टि से नैनीताल माल रोड प्रदेश की सबसे महंगा क्षेत्र है। वहां सर्किल रेट 66 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर से बढ़ाकर एक लाख रुपये प्रति वर्गमीटर निर्धारित किया गया है। प्रदेश में बीते तीन वर्षों से सर्किल रेट में वृद्धि नहीं हुई थी। यद्यपि उत्तराखंड स्टांप (संपत्ति मूल्यांकन) नियमावली, 2015 के अनुसार सर्किल रेट प्रति वर्ष बढ़ाए जाने हैं। कोरोना महामारी के चलते सर्किल रेट बढ़ाने का निर्णय टलता रहा।

कहाँ कितना बढ़ा सर्किल रेट

जनपद अल्मोड़ा के गरकोट, लोहेडा, रीठा, कुनियाल गांव आदि कुल 47 क्षेत्रों के सर्कल रेट में 46 प्रतिशत तक की कमी की गयी है अर्थात 49 लाख से घटाकर 25 लाख प्रति हेक्टर की गयी है। जनपद देहरादून के विकासनगर के भलैर, पपडियान, बावनधार, मदर्स एवं मटोगी आदि क्षेत्रों में कोई वृद्धि नहीं की गयी है। जनपद नैनीताल के डोली गांव, जसपुरिया लाईन कसेरा लाईन, खन्सयू, काला आगर आदि 33 क्षेत्रों में 10 प्रतिशत से कम वृद्धि की गयी है। जनपद हरिद्वार के रोशनाबाद- बिहारीगढ़ मार्ग पर सर्किल रेट में कोई वृद्धि नहीं की गयी है। हरिद्वार के अब्दुल हसनपुर, अलमासपुर1300 से 1350 रू प्रति वर्ग मीटर, सलेमपुर बकवाल 3350 से 3500 रू प्रति वर्ग मीटर, पठानपुरा में 18000 से 19000 रु प्रति वर्ग मीटर, भगवानपुर मेन बजार, मेवड़ खुर्द, अलमासपुर इत्यादि 13 क्षेत्रों में वृद्धि 10 प्रतिशत से भी कम है। जनपद चमोली में बदीनाथ, बामडी एवं अन्य 526 क्षेत्रों में वृद्धि 10 प्रतिशत से भी कम है। जनपद रूद्रप्रयाग में दानकोट बडकोट बासी, धारकोट, नरकोटा, जखोली, कोठीपाडा आदि कुल 203 क्षेत्रों में वृद्धि 10 प्रतिशत से भी कम है। जनपद अल्मोड़ा के लोअर माल रोड, जनपद देहरादून के विकास नगर में इस्ट हॉप टाउन, केशोदाला आरकेडिया ग्राण्ट, डोईवाला, जनपद हरिद्वार में बीएचईएल रोड एवं जनपद नैनीताल के माल रोड (झील के किनारे) क्षेत्रों में 50-100 प्रतिशत तक वृद्धि की गयी है। जनपद देहरादून के गुनियाल गांव, जनपद हरिद्वार के बहादराबाद जनपद ऊधम सिंह नगर के किच्छा में एम्स / पराग फॉम / इण्डस्ट्रीयल पार्क एवं जनपद नैनीताल के सतरंगा क्षेत्रों में 100 प्रतिशत से अधिक वृद्धि की गयी है।

उक्त क्षेत्रों में विकासात्मक गतिविधियां जैसे कि नई टाउनशीप / प्रस्तावित नेशनल हाइवे / रिंग रोड / रेल परियोजनाएं एवं औद्योगिक विकास आदि के तीव्र होने एवं अनौपचारिक बाजारी सर्वे एवं रियल स्टेट पोर्टल पर उच्च दरें तथा उपनिबंधक कार्यालयों में उच्च मूल्य पर लेख पत्र पंजीकृत होने के दृष्टिगत सर्किल दरों का पुनरीक्षण किया गया है।

सर्किल दरों के पुनरीक्षण से राजस्व वृद्धि के अतिरिक्त काश्तकारों की मुआवजा राशि में वृद्धि होगी, भू स्वामी को उचित दाम प्राप्त होगा, गृह स्वामी / व्यवसायियों एवं निवेशकों को वित्तीय संस्थाओं से ऋण की प्राप्ति होगी, जिससे विकास को गति मिलेगी एवं सर्किल दरों और प्रचलित वास्तविक बाजार दरों में अंतर को कम करने से रियल स्टेट में काले धन के प्रवाह को रोकने में सहायता प्राप्त होगी।

जोशीमठ के आपदा प्रभावितों के लिए भवन मुआवजे की दरें तय, पुनर्वास के इन तीन विकल्पों को कैबिनेट की मंजूरी, देखें क्या हैं तीन विकल्प

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चमोली जनपद में जोशीमठ क्षेत्र के आपदा प्रभावित परिवारों / व्यक्तियों की भूमि तथा भवनों के मुआवजे तथा स्थायी विस्थापन के सम्बन्ध में प्रस्तावित नीति पर बुधवार को कैबिनेट ने मुहर लगा दी है। कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए मुख्य सचिव डॉ.एसएस संधु ने बताया कि जोशीमठ में आपदा प्रभावितों की भूमि, भवनों के मुआवजे और स्थायी विस्थापन नीति के प्रस्ताव पर चर्चा के बाद भवनों के मुआवजे की दरों को स्वीकृति प्रदान की गई है।

दुकान व व्यावसायिक भवनों के मुआवजे के निर्धारण को क्षति के आधार पर पांच श्रेणियां बनाई गई हैं। दोनों ही मामलों में भवन मुआवजे को तीन-तीन विकल्प रखे गए हैं, जिन प्रभावित परिवारों के पास भूमि व भवन के स्वामित्व के वैध अभिलेख नहीं हैं, उन्हें भी पानी, बिजली, जलकर, सीवर कर आदि के बिल व शपथ पत्र के आधार पर मुआवजा दिया जाएगा।

किराये पर रहने वाले उन व्यक्तियों को रोजगार के लिए दो लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी, जिनकी दुकान व व्यावसायिक प्रतिष्ठान की भूमि एवं भवन असुरक्षित होने से रोजगार प्रभावित हुआ है। भूमि के मुआवजे की दरें जोशीमठ में जांच कार्य में जुटे तकनीकी संस्थानों की रिपोर्ट मिलने के बाद निर्धारित की जाएगी।

मुआवजे हेतु दरों का निर्धारण

भवनों हेतु मुआवजे की दर

(क) आवासीय भवनों हेतु दरें: भवनों की लागत सीपीडब्ल्यूडी की प्लिंथ एरिया दरों में कोस्ट इंडेक्स लगाकर निकाली जायेगी। उक्तानुसार आने वाली भवन की लागत में से प्रभावित भवन के मूल्यह्रास (Depreciation) की धनराशि को घटाने के उपरान्त शेष धनराशि का मुआवजा दिया जायेगा।

(ख) दुकान तथा अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान (होटल, ढाबे आदि) के निर्मित भवन के मुआवजे के निर्धारण हेतु 5 क्षति स्लैब निर्धारित किये गये है। निर्धारित क्षति स्लैब के आधार पर मुआवजा प्रदान किया जायेगा।

आवासीय भवनों के लिए तीन विकल्प

(क) आपदा प्रभावित आवासीय भू-भवन स्वामी निम्न विकल्प 1, 2 अथवा 3 में से एक विकल्प का चयन कर सकते हैं

विकल्प-1

आपदा प्रभावित अपने क्षतिग्रस्त आवासीय भवन का मुआवजा निर्धारित दर पर तथा भूमि का मुआवजा तकनीकी संस्थानों की रिपोर्ट के आधार पर भविष्य में निर्धारित होने वाली दरों के आधार पर प्राप्त कर सकते हैं।

विकल्प-2

आपदा प्रभावित व्यक्ति द्वारा भवन का मुआवजा प्राप्त करते हुये आवासीय भवन के निर्माण हेतु अधिकतम क्षेत्रफल 75 वर्ग मी0 (50 मीटर भवन निर्माण हेतु तथा 25 मीटर गौशाला / अन्य कार्यों हेतु) तक की भूमि प्रदान की जा सकती है।

विकल्प-3

आपदा प्रभावित द्वारा अपनी भूमि एवं भवन के सापेक्ष निर्मित आवासीय भवन की मांग की जा सकती है। अधिकतम 50 वर्ग मीटर क्षेत्रफल की सीमा तक की भूमि पर राज्य सरकार द्वारा भवन निर्माण कर दिया जायेगा तथा 25 मीटर भूमि गौशाला / अन्य कार्यों हेतु उपलब्ध करायी जायेगी।

व्यावसायिक भवनों के लिए तीन विकल्प

विकल्प-1

आपदा प्रभावित अपने क्षतिग्रस्त व्यवसायिक भवन / दुकान का मुआवजा निर्धारित दर पर तथा भूमि का मुआवजा तकनीकी संस्थानों की रिपोर्ट के आधार पर भविष्य में निर्धारित होने वाली दरों के आधार पर मुआवजा प्राप्त कर सकते है।

विकल्प-2

आपदा प्रभावित व्यक्ति द्वारा भवन का मुआवजा प्राप्त करते हुये दुकान / व्यावसायिक प्रतिष्ठान हेतु भूमि की मांग की जाती है तो ऐसी स्थिति में दुकान / व्यावसायिक प्रतिष्ठान निर्माण के लिए अधिकतम क्षेत्रफल 15 वर्ग मी0 तक की भूमि प्रदान की जायेगी।

विकल्प-3

आपदा प्रभावित दुकान / व्यावसायिक प्रतिष्ठान स्वामी द्वारा निर्मित दुकान / व्यावसायिक प्रतिष्ठान की मांग की जाती है, तो ऐसी स्थिति में चिन्हित स्थल पर अधिकतम 15 वर्ग मीटर क्षेत्रफल की सीमा तक की भूमि पर दुकान / व्यावसायिक प्रतिष्ठान का निर्माण राज्य सरकार द्वारा करते हुये उपलब्ध करायी जायेगी।

(ग) किराये पर रहने वाले परिवारों / व्यक्तियों के रोजगार के लिये व्यवस्था

यदि जोशीमठ में कोई ऐसा व्यक्ति, जो कि एक वर्ष से अधिक समय से जोशीमठ के आपदा प्रभावित क्षेत्र में किराये पर दुकान लेकर कार्य कर रहा है एवं आपदा के कारण दुकान / व्यावसायिक प्रतिष्ठान की भूमि एवं भवन दोनों असुरक्षित होने के कारण उसका रोजगार प्रभावित हुआ है, तो ऐसे व्यक्तियों को एक मुश्त रू0 2.00 लाख की वित्तीय सहायता उपलब्ध करायी जायेगी।

(घ) Retrofitting क्षति हेतु व्यवस्था

तकनीकी संस्थानों द्वारा किये गये सर्वेक्षण की रिपोर्ट के आधार पर सुरक्षित भूमि पर स्थित भवनों की Retrofitting क्षति की तीव्रता के अनुसार सहायता राशि दिये जाने के सम्बन्ध में पृथक से निर्णय लिया जायेगा।

उक्त विकल्प निम्नलिखित शर्तों के अधीन होगें :

  1. यदि किसी प्रभावित परिवार के पास भूमि / भवन के स्वामित्व के वैध अभिलेख उपलब्ध नहीं है तो ऐसे परिवारों को सरकारी विभागों द्वारा प्रदत्त विभिन्न देयक बिलों यथा-विद्युत बिल, जलकर, सीवर कर भवन कर आदि के साथ ही शपथ-पत्र के आधार पर मुआवजा प्रदान किया जायेगा। उक्त देयकों के बिल दिनांक 02 जनवरी, 2023 से पूर्व के होने आवश्यक है।
  2. भूमि की राहत राशि के भुगतान से पूर्व यह भी सुनिश्चित कर लिया जाय कि उनके द्वारा भूमि से सम्बन्धित समस्त देयतायें पूर्ण कर दी गई हो। सम्बन्धित विभागों के द्वारा इस सम्बन्ध में No Dues Certificate देने के उपरान्त ही सम्बन्धित प्रभावितों को राहत राशि का अन्तिम भुगतान किया जायेगा।
  3. प्रभावित परिवारों / व्यक्तियों को स्वीकृत धनराशि सर्वेक्षण टीम के द्वारा किये सर्वेक्षण एवं मापन के आधार पर राहत सहायता वितरित की जायेगी।
  4. पुनर्वास पैकेज / राहत सहायता के भुगतान से पूर्व प्रभावित परिवारों को पूर्व में वितरित पैकेज की अग्रिम धनराशि रू0 1,00,000/- (एक लाख रूपये मात्र ) / गृह अनुदान (यदि कोई हो) का समायोजन कर लिया जाए।
  5. प्रभावित हुए भूमि / भवन / दुकान के स्वामी द्वारा चाहे गये विकल्प के अनुसार मुआवजा दिये जाने का कार्य तथा भूमि / आवास / दुकान आवंटन का कार्य उप जिलाधिकारी जोशीमठ की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा किया जाएगा।
  6. मुआवजे से असंतुष्ट प्रभावित व्यक्ति अपर जिलाधिकारी चमोली की अध्यक्षता में गठित समिति के समक्ष अपील कर सकता है।

सीएम धामी से पर्वतारोही रोहित भट्ट ने की भेंट, माउंट किलिमंजारो पर 361 फीट लंबा तिरंगा फहराकर बनाया था विश्व रिकॉर्ड

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Mountaineer Rohit Bhatt

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास स्थित केम्प कार्यालय में टिहरी निवासी पर्वतारोही रोहित भट्ट ने भेंट की। टिहरी गढ़वाल के 22 वर्षीय रोहित भट्ट ने अपने नाम एक बड़ी उपलब्धि दर्ज करायी है। वे विश्व की सबसे ऊंची पर्वत चोटियों में शामिल तीसरी व अफ्रीका की सबसे ऊँची चोटी माउंट किलिमंजारो पर इस वर्ष जनवरी में 361 फिट का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराकर रिकॉर्ड बनाने वाले पहले पर्वतारोही बने हैं। रोहित भट्ट ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि उनका चयन इस वर्ष मार्च/अप्रैल में विश्व की सबसे ऊँची चोटी माउंट एवरेस्ट पर फतह करने के लिये हुआ है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने युवा पर्वतारोही रोहित भट्ट को युवाओं का प्रेरणास्त्रोत बताते हुए अफ्रीका की सबसे ऊँची चोटी किलिमंजारो की फतह करने के साथ 361 फिट का राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिये उन्हें बधाई दी। मुख्यमंत्री ने भट्ट को माउंट एवरेस्ट पर फतह करने की भी शुभकामनायें दी।

उत्तराखंड में जमीन खरीदना हुआ महंगा, कैबिनेट बैठक में सर्किल रेट बढ़ाने समेत 52 प्रस्तावों पर लगी मुहर, देखें अन्य फैसले

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uttarakhand cabinet meeting

Uttarakhand cabinet meeting : राजधानी देहरादून में आज उत्तराखंड कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित हुई कैबिनेट की बैठक में 52 प्रस्तावों पर मुहर लगी। जिसमें रियल एस्टेट विनियामक और विकास अधिनियम के ढांचे के लिए 31 पदों को सृजित किया गया। कैबिनेट ने जमीनों के सर्किल रेट बढ़ाने के प्रस्ताव पर मुहर लगाई है। वहीं, उत्तराखंड में 26 नए एसडीएम के पदों को सृजित किया गया है। इसके साथ ही पिथौरागढ़ का नैनी सैनी एयरपोर्ट एयरफोर्स को ट्रांसफर किया जाएगा।

सर्किल रेट में 33.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी

उत्तराखंड में जमीन खरीदना अब और महंगा पड़ेगा। तीन साल के बाद जमीनों के सर्किल रेट में 33.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो गई है। बुधवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में सर्किल रेट पर मुहर लग गई। अधिसूचना जारी होने के बाद नई दरें प्रदेशभर में लागू हो जाएंगी।

कैबिनेट बैठक के हुए निर्णयों की जानकारी देते हुए मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु ने बताया कि सर्किल रेट में औसत बढ़ोतरी 33.6 प्रतिशत है। कृषि की जमीनों की दरों में 32.47 और अकृषि जमीनों की दरों औसत 34.83 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में 86 प्रतिशत क्षेत्र ऐसा है जहां सर्किल रेट में 50 प्रतिशत से कम बढ़ोतरी हुई है। 9 प्रतिशत क्षेत्र में सर्किल रेट में 50 से 100 प्रतिशत और पांच प्रतिशत क्षेत्र में 100 से 300 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है।

उन्होंने बताया कि राज्य स्थापना से लेकर अब तक प्रदेश में सर्किल रेट औसत 20 गुना बढ़ गया है। इस साल सर्किल रेट में बढ़ोतरी के बाद 1700 करोड़ राजस्व मिलेगा। सभी राजस्व ग्रामों को जीआईएस मैपिंग के माध्यम से जोड़ा गया है। सर्किल रेट में विसंगतियों को दूर करने का प्रयास किया गया है। उन्होंने बताया कि पर्वतीय जिलों में भी जमीनों की खरीद-फरोख्त बढ़ने की वजह से सर्किल रेट में करीब 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है।

जोशीमठ में 15 फीसदी तक की बढ़ोत्तरी

आपदा प्रभावित जोशीमठ शहर में सर्किल रेट में 15 फीसदी की बढ़ोत्तरी की गई है। अभी वहां चार लाख रुपये प्रति नाली सरकारी दर है। अब इसे 4.60 लाख रुपये प्रति नाली कर दिया है। माना जा रहा है कि सर्किल रेट बढ़ने से सरकार को आपदा प्रभावितों को मुआवजा के रूप में अतिरिक्त रकम देनी पड़ती।

इन प्रस्तावों पर लगी मुहर।

  1. रेरा का ढांचा, 31 पद सृजित किये गए
  2. दिव्यांग बच्चों की शिक्षा के लिए स्कूल, 3000 वर्ग मीटर सरकारी भूमि, पुरकुल में खुलेगा
  3. आवास- मसूरी में पीडब्ल्यूडी के गेस्ट हाउस की जगह मल्टी स्टोरी पार्किंग बननी है। उसे 15 मीटर तक बनाने की शिथिलता दी गई
  4. ऋषिकेश एम्स की ब्रांच किच्छा के पास खुल रही है। इसकी बाउंडरी के चारों तरफ 1 किलोमीटर में मास्टर प्लान। तब तक निर्माण पर रोक
  5. सहसपुर के राजकीय। आईटीआई को लैब बनेगी
  6. बंदीरक्षक कारागार के नियुक्ति प्राधिकारी बदले
  7. खेल कूद- मुख्यमंत्री खेल विकास निधि- को देखने के लिए समिति बनाई गई। सीएम की अध्यक्षता में। छह सदस्यीय। सीएस, सचिव खेल भी सदस्य।
  8. स्टार्टअप नीति 2023 को मंजूरी। सभी प्रदेशों की नीतियों को देखने के बाद ये बनाई गई है। इससे उत्तराखंड को लाभ मिलेगा। दिल्ली से यहां आकर स्टार्टअप काम करेंगे।
  9. एमएसएमई – निजी क्षेत्र में औद्योगिक विकास को नीति। प्राइवेट डेवेलोपर निजी इंडस्ट्रियल एस्टेट बना सकेंगे। इन्वेस्टमेंट का 2% सरकार खर्च करेगी। सिडकुल के साथ एस्क्रो एकाउंट खुलेगा।
  10. निवेशक पहाड़ में 2 एकड़ और मैदान में 30 एकड़ में इंडस्ट्रियल एस्टेट बना सकेगा।
  11. सिविल कोर्ट परिसर खटीमा में अधिवक्ता चैंबर के लिए लीज पर जमीन 90 साल के लिए दी जाएगी।
  12. सिंगल यूज प्लास्टिक120 माइक्रोन बैन हुआ था। भारत सरकार की नीति के हिसाब से बदलाव किए गए।
  13. आयुर्वेदिक महाविद्यालय के प्रिंसिपल के रिटायरमेंट की अवधि 60 से बढ़ाकर 65 वर्ष की गई।
  14. अब दो दुधारू पशु भी स्वीकार होंगे। सब्सिडी सामान्य वर्ग की 50%, एससी की 75%
  15. विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए 285 विशेष शिक्षकों के पद सृजित किए।
  16. गृह विभाग- मुख्यालय पर लिपिकीय वर्ग का एकीकरण किया गया
  17. अर्थ एवं संख्या विभाग में अपर निदेशक का पद सृजित
  18. देहरादून में नियो मेट्रो- सभी विभाग 1 रुपये में 99 साल के लिए जमीन मेट्रो के लिए उपलब्ध कराएगा
  19. गन्ना विकास- खंडसारी नीति- खंडसारी मालिक को राहत। न चल पाने पर लेट फीस से
  20. परिवहन निगम 100 बसें खरीदेगा। इसके लिए 30 करोड़ लोन लिया जाएगा। जिसका ब्याज सरकार देगी
  21. रवाईं जौनपुर संस्कृति जन कल्याण समिति को जमीन
  22. एमएसएमई- केवल ऑनलाइन आवेदन होंगे
  23. कृषि- स्टेट मिलेट मिशन को स्वीकृति। मंडुआ को 16 करोड़ की कार्ययोजना से खरीदा जाएगा।
  24. अब 16 रुपये प्रति किलो पर खरीदा जाएगा। राशन के साथ 1 किलो,
  25. उधमसिंह नगर, हरिद्वार, नैनीताल और देहरादून में दिया जाएगा। 1 रुपये पर दिया जाएगा
  26. मिड डे मील में भी 40 सप्ताह तक बच्चों को दिया जाएगा।
  27. श्रम विभाग- 20 दिन में पंजीकरण न किया तो स्वतः माना जायेगा
  28. पर्यटन- फारेस्ट में पर्यटन को बढ़ावा देने को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में इको टूरिज्म समिति बनाई गई। इसमें पर्यटन सचिव भी होंगे। पर्यटन संबंधी समस्याओं का भी समाधान करेगी।
  29. ग्राम विकास विभाग- छोटे सेल्फ हेल्प ग्रुप के उत्पादों की मार्केटिंग को बढ़ाने के लिए राज्य स्तरीय संस्था बनाने का निर्णय लिया गया है। ये देखेगी की बाजार में कोस तरह से उत्पाद बिक रहे
  30. हरिद्वार में पर्सनल रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम पीआरटी की डीपीआर बन गई। कैबिनेट ने औपचारिक अनुमोदन दे दिया है। इसके सफल होने के बाद अन्य शहरों में भी। 4 किलोमीटर के 4 रूट
  31. राजस्व विभाग- कम्प्यूटरीकरण के तहत नियमावली में संशोधन
  32. एमएसएमई- उत्तराखंड में पैकेज की नीति। 200 करोड़ से ऊपर और 500 से ज्यादा रोजगार वालों को सरकार विशेष राहत देगी
  33. सितारगंज चीनी मिल को लीज पर देने के लिए- पेराई सत्र खत्म होने के बाद दे दी जाएगी।
  34. 35 से 37 करोड़ की बचत के साथ ही उद्योगपति 5 करोड़ 30 साल के लिए सरकार को देगा।
  35. वीआरएस के बाद बचे हुए करीब 32 कर्मचारी समायोजित होंगे
  36. जिला खनिज न्यास में जमा होने वाली राशि 15% की जाए। भारत सरकार के निर्देश को औपचारिक अनुमोदन दिया
  37. पीएम पोषण योजना के तहत स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक सप्ताह में दो दिन मीठा दूध दिया जाएगा
  38. सिंगल यूज प्लास्टिक पर पाबंदी पर बंद होने वाले उद्योगों को एमएसएमई पॉलिसी के साथ ही 10% अलग से टॉपअप दिया जाएगा। सभी को विकल्प देना होगा उत्पाद का।
  39. जमीनों के सर्कल रेट, तीन साल बाद रिवीजन हुआ
  40. कुछ क्षेत्रों में सर्कल रेट कम हुए लेकिन कई जगह पर बढ़ाई गई।
  41. कोई आपत्ति आई तो मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति सुनेगी और सीएम को निर्णय लेने को अधिकृत किया गया
  42. पहाड़ में 15% तक बढ़े।
  43. 57 हजार क्षेत्र में – 86% 49 हजार एरिया में 50% तक
  44. 5% क्षेत्रों में 100 या इससे अधिक प्रतिशत की बढ़ोतरी
  45. वाहन खरीद पॉलिसी 2023। 2016 में नीति थी। अब संशोधित की गई है। 25 लाख की सबसे महंगी गाड़ी इवी 35 लाख
  46. सितारगंज में एक एक्वा पार्क बनेगा। इसमें मछली से जुड़ी हर गतिविधि होगी। राजस्व विभाग ने इसके लिए 41 एकड़ जमीन मत्स्य विभाग को दी
  47. आईटीआई में लेटेस्ट ट्रेंड के टीचर नहीं हैं… इसलिए डोमेन एक्सपर्ट को हायर किया जाएगा। बाजार की जरूरत के हिसाब से।
  48. यूजेवीएनएल के वार्षिक प्रतिवेदन को विधानसभा में रखने को मंजूरी नकल रोधी कानून को औपचारिक अनुमोदन। अब विधानसभा में आएगा
  49. लोक सेवा आयोग में अपर निजी सचिव की नियमावली में संशोधन
  50. प्रांतीय रक्षक दल सेवा नियमावली में संशोधन। अब तक यूपी की थी। अब उत्तराखंड की बनाई गई। 55 व्यायाम प्रक्षिक्षक, 28 अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी। उनकी फिटनेस भी देखी जाएगी

एसडीएम के पद बढ़े

  • उत्तराखंड में एसडीएम के पद बढ़े। 26 नए पद सृजित। नियमावली के हिसाब से आएंगे। अब 199 एसडीएम का कैडर हो जाएगा
  • प्रांतीय रक्षक दल सेवा नियमावली में संशोधन। अब तक यूपी की थी। अब उत्तराखंड की बनाई गई।
  • 55 व्यायाम प्रक्षिक्षक, 28 अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी। उनकी फिटनेस भी देखी जाएगी

जोशीमठ आपदा-के लिए पुनर्वास नीति को तीन भाग में रखा

  • व्यावसायिक भवनों को लेकर 5 स्लैब बनाए गए, उसी हिसाब से सरकार देगी भूमि की मुआवजा।
  • दर अगली कैबिनेट में आएगी
  • अगर जमीन और घर प्रभवित तो पूरा मुआवजा
  • भूमि का मुआवजा लेने के साथ ही 75 वर्ग मीटर जमीन ले सकते हैं। अगर इससे ज्यादा जमीन है तो बाकी का मुआवजा
  • दुकान मालिक को 15 वर्ग मीटर, किरायेदार को 2 लाख और दुकान के लिए जमीन
  • पट्टेदार या अपनी जमीन न होने वालों को अपने बिजली और पानी के बिल देने होंगे। 2 जनवरी से पहले

ईंट की बनी आवास 31000/ वर्ग मीटर  (रुपये प्रति वर्ग मीटर)

  • आरसीसी 36000/वर्ग मीटर
  • कॉमर्शियल के लिए -ईंट का बना है तो 39000
  • आरसीसी के लिए 40000
  • नैनी सैणी एयरपोर्ट को वायुसेना को दिया जाएगा। हमारी फ्लाइट भी चलेंगे। जैसे चंडीगढ़, प्रयागराज एयरपोर्ट है
  • बीईसीआईएल को उत्तराखंड में काम करने को स्वीकृति दी गई है

 

दिल्ली में फिर जघन्य हत्याकांड: दरिंदे प्रेमी ने प्रेमिका का गला घोंट कर हत्या के बाद लाश फ्रीज में छुपा दी, अरेस्ट के बाद हत्यारोपी ने पुलिस को बताया- घटना को कैसे अंजाम दिया

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lover hid the dead body in the freeze after strangulating the girlfriend

Delhi News: राजधानी दिल्ली में एक बार फिर प्रेमी ने प्रेमिका का बेरहमी से कत्ल कर दिया। कुछ महीनों पहले दिल्ली में  श्रद्धा मर्डर कांड को पूरा देश भुला भी नहीं पाया था। प्रेमी आफताब ने श्रद्धा के कई टुकड़े करके लाश फ्रीज में महीनों तक छुपाई रखी। अब दिल्ली में एक और दरिंदे ने अपनी प्रेमिका का गला घोंट कर लाश को फ्रीज में छुपा दिया था। मंगलवार यानी वैलेंटाइन डे के दिन हत्यारोपी युवक पकड़ा गया है।

प्रेमी साहिल गहलोत और प्रेमिका निक्की यादव के बीच कार में 9 फरवरी को झगड़ा हो गया था। बात इतनी बिगड़ गई की गुस्साए साहिल ने कश्मीरी गेट स्थित आईएसबीटी पर मोबाइल चार्जर की केबल (तार) से निक्की का गला घोंट दिया। इसके बाद 35 किमी दूर मित्रांव गांव पहुंचा। साहिल ने यहां अपने ढाबे के फ्रिज में निक्की का शव छिपा दिया। साहिल निक्की की लाश को ठिकाने लगा पाता इससे पहले ही किसी ने पुलिस को खबर कर दी। पुलिस ने 10 फरवरी को ही यहां से लाश बरामद कर ली।

क्राइम ब्रांच ने साहिल गहलोत को मंगलवार 14 फरवरी को अरेस्ट किया। इसके बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उसे 5 दिन की रिमांड पर भेज दिया है। वहीं, निक्की का शव पोस्टमॉर्टम के लिए दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल भेज दिया है। इस निर्मम हत्या कांड के बाद एक बार फिर पूरा देश सहम गया है। श्रद्धा मर्डर कांड के बाद देश में जैसे एक चलन चल गया है कि युवतियों की बेरहमी से हत्या करना और शव फ्रिज में रख देना। देश में यह निर्मम अपराध भयावह संदेश भी दे रहा है। एक बार फिर सोशल मीडिया पर इस जघन्य हत्याकांड की कड़ी आलोचना शुरू हो गई है। दिल्ली समेत पूरा देश एक बार फिर इस हत्याकांड को लेकर गुस्से में है। आइए जानते हैं पूरा घटनाक्रम।

बता दें कि दिल्ली के नजदीक नजफगढ़ के मित्रांव गांव के रहने वाले साहिल गहलोत की 2018 में हरियाणा के झज्जर से रहने वाली निक्की यादव से दोस्ती हुई थी। दोनों उत्तम नगर में कोचिंग करते थे। धीरे धीरे दोनों की दोस्ती प्यार में बदल गई। निक्की यहां मेडिकल की तैयारी कर रही थी। उसने उत्तम नगर के एक अन्य कोचिंग सेंटर में दाखिला लिया था। दोनों एक ही बस से कोचिंग आते-जाते थे। यहीं से इनकी दोस्ती और फिर प्यार की शुरुआत हुई। फरवरी 2018 में साहिल ने ग्रेटर नोएडा के एक कॉलेज में दाखिला लिया। बाद में निक्की भी एक कॉलेज से अंग्रेजी ऑनर्स करने लगी।

ग्रेटर नोएडा में दोनों किराए के एक घर में रहने लगे। पढ़ाई के दौरान दोनों मनाली, ऋषिकेश, हरिद्वार और देहरादून गए। कोरोना संकट की शुरुआत होने पर दोनों अपने घर लौट आए लेकिन कोविड संकट जब खत्म हुआ तो दोनों द्वारका में किराए के एक मकान में रहने लगे। निक्की के साथ लिव इन में रहते हुए भी साहिल ने अपने इस रिश्ते की जानकारी अपने परिवार को नहीं दी थी। दोनों लिव इन रिलेशन में रहने लगे। सब कुछ ठीक चल रहा था। लेकिन दिक्कत पिछले साल से शुरू हुई, जब साहिल के परिजन उस पर शादी का दबाव डालने लगे। साहिल परिजनों की मर्जी से शादी करने के लिए तैयार हो गया। इंगेजमेंट की तारीख 9 और शादी की तारीख 10 फरवरी तय की गई। 9 फरवरी को साहिल की इंगेजमेंट हुई। जैसे ही यह बात निक्की को पता चली, वह बिखर गई। इस बात को लेकर निक्की और साहिल को लेकर झगड़ा हुआ।

रिपोर्ट के मुताबिक साहिल ने निक्की को फोन कर कहा कि आओ घूमने चलते हैं। 9 फरवरी की रात साहिल निक्की के फ्लैट पर पहुंचा। यहां से उसने निक्की को अपनी कार में बैठाया। इसके बाद दोनों की कार में फिर से कहासुनी हुई। निक्की लगातार साहिल से दूसरी लड़की से शादी न करने की बात कह रही थी। वह साहिल को उसके साथ गोवा जाने के लिए भी मना रही थी। लेकिन साहिल ने उसके साथ जाने से इनकार कर दिया। इसके बाद दोनों का झगड़ा हुआ और साहिल ने कार के अंदर ही निक्की की हत्या करने का मन बना लिया। साहिल गहलोत ने कश्मीरी गेट आईएसबीटी के पास निक्की की हत्या कर दी। साहिल ने मोबाइल डेटा केबल से निक्की का गला घोंट दिया। इसके बाद वह निक्की के शव को बगल वाली सीट पर रखकर 40 किलोमीटर तक दिल्ली की सड़कों पर घुमाता रहा। इसके बाद वह शव को लेकर मित्राऊ गांव में अपने ढाबे पर पहुंचा। ढाबा काफी दिनों से बंद था। उसने इसी ढाबे में फ्रिज में निक्की का शव छिपा दिया। निक्की की हत्या के बाद साहिल ने दूसरी लड़की के साथ शादी कर ली।

उसे लगता था कि उसका राज नहीं खुलेगा। साहिल ने चार दिन तक निक्की के शव को फ्रिज में छिपाए रखा। उधर, जब तीन-चार दिन तक निक्की के परिजनों की उससे बात नहीं हुई, तो उन्होंने क्राइम ब्रांच में मौजूद अपने एक जानने वाले पुलिसकर्मी को इसकी जानकारी दी। जब निक्की का फोन सर्विलांस पर लगाया गया, तो ढाबे का लोकेशन मिला, इसके बाद पुलिस वहां पहुंची और शव को बरामद किया। हालांकि, पहले कहा जा रहा था कि पुलिस को सूचना मिली थी कि एक लड़की की हत्या कर शव को ढाबे के फ्रिज में रखा गया है। दिल्ली पुलिस ने हत्यारोपी साहिल को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस पूछताछ में हत्यारोपी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। पुलिस ने साहिल के खिलाफ धारा 302, 201 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।