देहरादून: उत्तराखंड के अधिकांश हिस्सों में लगातार हो रही बारिश से हालात बेहद खराब नजर आ रहे हैं। इस बीच मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में देहरादून समेत पांच जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने कहीं-कहीं भारी से बेहद भारी बारिश का अनुमान जताया है।
लगातार बारिश के बीच पहाड़ियों से मलबा और पत्थर गिरने के कारण चमोली जिले में बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग तथा रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ यात्रा मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ है।
अधिकारियों ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए रुद्रप्रयाग जिले में सोनप्रयाग-मुनकटिया मार्ग पर एहतियातन वाहनों और पैदल यात्रियों की आवाजाही अस्थायी रूप से रोक दी गई है।
उत्तराखंड में 30 जून को मानसून ने दस्तक दी थी और बुधवार तक यह पूरे प्रदेश में सक्रिय हो गया। इसके बाद से देहरादून सहित कई क्षेत्रों में रुक-रुककर बारिश हो रही है।
बीते 24 घंटों में कहां कितनी बारिश?
देहरादून स्थित मौसम केंद्र के अनुसार, पिछले 24 घंटे के दौरान नरेंद्रनगर में 110 मिलीमीटर, धनोल्टी में 100 मिलीमीटर, खटीमा में 85.5 मिलीमीटर, जौलीग्रांट में 80.4 मिलीमीटर, देहरादून में 79.6 मिलीमीटर, मसूरी में 77.8 मिलीमीटर, लक्सर में 73.5 मिलीमीटर, बनबसा में 72 मिलीमीटर, पंतनगर में 70.6 मिलीमीटर, बड़कोट में 65 मिलीमीटर, रुद्रप्रयाग में 64.5 मिलीमीटर, जखोली में 63 मिलीमीटर और यमकेश्वर में 60 मिलीमीटर बारिश हुई। मौसम विभाग ने बताया कि अन्य स्थानों पर भी मध्यम बारिश हुई।
बारिश के कारण पूरे प्रदेश में तापमान में गिरावट दर्ज की गई। पिछले 24 घंटे के दौरान मैदानी और पर्वतीय क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य से काफी कम रहा। मौसम केंद्र के अनुसार, बुधवार को देहरादून का अधिकतम तापमान 25.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से छह डिग्री कम था। वहीं, बृहस्पतिवार को न्यूनतम तापमान 20.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से तीन डिग्री कम है।
उत्तराखंड मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के पांच जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अगले 24 घंटे के लिए अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी से बेहद भारी बारिश की चेतावनी देते हुए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। वहीं, हरिद्वार, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों के लिए कहीं-कहीं भारी बारिश का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र के अलर्ट को देखते हुए राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलों के लिए एडवाइजरी जारी कर दी है।
पूर्वानुमान को देखते हुए राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) ने संबंधित जिलाधिकारियों को आवश्यक सतर्कता बरतने और एहतियाती उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग एक बार फिर बंद
लगातार हो रही बारिश के बीच श्रीनगर-रुद्रप्रयाग के बीच सिरोबगड़ स्लाइड जोन में पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और पत्थर गिरने के कारण बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग एक बार फिर बंद हो गया है। लगातार हो रहे भूस्खलन से मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। सिरोबगड़ स्लाइड जोन पिछले करीब तीन दशकों से राष्ट्रीय राजमार्ग का सबसे बड़ा जख्म बना हुआ है। हर मानसून में यह क्षेत्र चारधाम यात्रा, स्थानीय लोगों और आवश्यक आपूर्ति के लिए गंभीर चुनौती बन जाता है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद इस स्लाइड जोन का स्थायी समाधान अब तक नहीं निकल सका है।
अधिकारियों ने बताया कि रुद्रप्रयाग जिले के मुनकटिया क्षेत्र में पहाड़ी से अचानक पत्थर गिरने के कारण केदारनाथ यात्रा मार्ग अवरुद्ध हो गया। यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से इस मार्ग पर वाहनों और पैदल यात्रियों की आवाजाही अस्थायी रूप से रोक दी है।
रुद्रप्रयाग के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि जेसीबी की मदद से मलबा और बड़े पत्थर हटाने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। उन्होंने कहा कि मार्ग पूरी तरह सुरक्षित और मलबा हटने के बाद ही यातायात बहाल किया जाएगा। उन्होंने श्रद्धालुओं से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और मार्ग खुलने की आधिकारिक सूचना का इंतजार करने की अपील की।
उधर, चमोली जिले में सुबह से जारी बारिश के बीच चमोली और जोशीमठ के बीच गुलाबकोटी गांव के पास पहाड़ी से मलबा आने के कारण बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध हो गया। अधिकारियों ने बताया कि मार्ग अवरुद्ध होने से बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब आने-जाने वाले श्रद्धालुओं तथा स्थानीय लोगों के वाहनों की दोनों ओर लंबी कतारें लग गईं।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) की मशीनों की मदद से मलबा हटाकर यातायात जल्द से जल्द बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है।



