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सलाखों के पीछे खुलेंगे आत्मनिर्भरता के नए द्वार: जिला कारागार पिथौरागढ़ में 21 दिवसीय उद्यमिता विकास एवं सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ

पिथौरागढ़। जिला कारागार पिथौरागढ़ में बंदियों के कौशल विकास एवं पुनर्वास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए उद्योग निदेशालय, उत्तराखंड शासन के तत्वावधान तथा जिला उद्योग केंद्र पिथौरागढ़ के प्रायोजन में “उपलब्धि” सामाजिक एवं स्वैच्छिक समिति द्वारा 21 दिवसीय उद्यमिता विकास एवं सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। यह प्रशिक्षण 16 अक्टूबर से 5 नवंबर तक संचालित किया जाएगा।

कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि श्रीमती मंजू देवी, सिविल जज एवं सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए), पिथौरागढ़ ने किया। इस अवसर पर जिला उद्योग केंद्र की महाप्रबंधक श्रीमती कविता भगत, जिला कारागार अधीक्षक अनुभव त्रिपाठी, डिप्टी जेलर विजय भंडारी, सहायक प्रबंधक भगवती प्रसाद अवस्थी, “उपलब्धि” समिति के अध्यक्ष नरेंद्र उपाध्याय, सचिव अरविंद सिंह ज्याला, सिलाई प्रशिक्षक मुहम्मद सुल्तान खान सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत एवं सम्मान के साथ हुआ। संस्था के अध्यक्ष नरेंद्र उपाध्याय ने कहा कि कारागार के भीतर शुरू किया गया यह प्रशिक्षण बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सिलाई जैसे व्यावहारिक कौशल से उन्हें स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे और समाज की मुख्यधारा में सम्मानजनक वापसी का मार्ग प्रशस्त होगा।

महाप्रबंधक कविता भगत ने उद्यमिता विकास एवं स्वरोजगार योजनाओं की विस्तृत जानकारी देते हुए प्रतिभागियों को प्रशिक्षण का पूरा लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बंदियों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया।

कारागार अधीक्षक अनुभव त्रिपाठी ने संस्था की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि कौशल विकास कार्यक्रम बंदियों के व्यक्तित्व निर्माण और पुनर्वास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण के दौरान अनुशासन बनाए रखने का आह्वान किया।

okसंस्था के सचिव अरविंद सिंह ज्याला ने कहा कि यह कार्यक्रम केवल सिलाई प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और सामाजिक पुनर्स्थापन की दिशा में एक सार्थक प्रयास है। उन्होंने बंदियों से कौशल के माध्यम से सम्मानजनक जीवन की ओर आगे बढ़ने का संकल्प लेने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के अंत में सभी प्रशिक्षणार्थियों को सिलाई प्रशिक्षण के लिए आवश्यक सामग्री वितरित की गई तथा प्रशिक्षक मुहम्मद सुल्तान खान ने सिलाई मशीनों के संचालन एवं प्रशिक्षण की प्रारंभिक जानकारी दी।