उत्तराखंड में देहरादून जिले के चकराता, चमोली जिले के लामबगङ, उत्तरकाशी के यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग सहित कई स्थानों से अतिवृष्टि और भूस्खलन से भारी नुकसान की खबर है। मूसलाधार बारिश के चलते कई जगह राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित हैं, नदी-नाले उफान पर हैं। तो कई जगहों से पहाड़ी क्षेत्रों में नुकसान की खबरें सामने आ रही हैं। वहीं देहरादून कि चकराता तहसील से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। जहां बादल फटने से पिता-पुत्री समेत तीन लोगों की मौत हो गई है। जबकि 26 मवेशियों की भी मलबे में दबने से मौत हो गई। मलबे से प्रभावित परिवारों के घरों में रखा सारा सामान नष्ट हो गया। इसके अलावा अल्मोड़ा जिले के लमगड़ा क्षेत्र में दो मंजिला मकान भरभरा कर गिर गया। गनीमत ये रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। वहीं मकान के क्षतिग्रस्त होने से पहले ही ग्रामीणों ने सूझबूझ दिखाते हुए इस घर के परिवार जनों और जानवरों को सुरक्षित जगह पर पहुंचा दिया था। वहीं घर टूट जाने से लोग बेघर हो गए हैं, और फिलहाल पड़ोसी के घर शरण ली है। चमोली जिले में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश से कई सड़कों पर यातायात बाधित हो गया है। बारिश की वजह से गदेरों में जल स्तर बढ़ने और मलवा आने से बदरीनाथ हाईवे पर लामबगड़ में भारी नुकसान हुआ है। बदरीनाथ हाईवे लामबगड़ में 100 मीटर टूटने से यह राष्ट्रीय राजमार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है। उफनते नाले ने बदरीनाथ हाइवे को 100 मीटर से अधिक तोड़ दिया, जिससे हाईवे पूरी तरह बाधित हो गया है।
अतिवृष्टि और भूस्खलन की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने संबंधित जिलाधिकारियों को फोन कर प्रभावितों तक तुरंत सहायता पहुंचाने तथा घायलों के समुचित इलाज और बेघर लोगों के भोजन व रहने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मृतकों के परिजनों और घायलों को अनुमन्य सहायता राशि अविलंब उपलब्ध कराई जाए।
मुख्यमंत्री ने यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग, बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग सहित बाधित मार्गों को जल्द से जल्द खोलने के भी निर्देश दिये। साथ ही अधिकारियों को नुकसान का आकलन करते हुए प्रभावितों को अविलंब अनुमन्य सहायता राशि उपलब्ध करवाने के भी निर्देश दिए हैं। किसानों कि फसलों को हुए नुक़सान का आँकलन कर शीघ्र मुआवज़ा देने के लिए भी ज़िलाधिकारियों को निर्देशित किया।
मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं में प्रभावित लोगों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाने और राष्ट्रीय राजमार्ग सहित अन्य प्रमुख मार्गों पर आवागमन सुचारू करने के लिए राज्य सरकार समुचित प्रबंध कर रही है। उन्होंने बताया कि विभिन्न स्थानों पर अतिवृष्टि से हुए नुकसान की जानकारी मिलते ही राजस्व पुलिस, पुलिस, प्रशासन और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंच कर राहत एवं बचाव कार्यों में जुट गई।
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