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श्रीनगर गढ़वाल: वरिष्ठ पत्रकार, उमेश डोभाल स्मृति ट्रस्ट के महासचिव ललित मोहन कोठियाल का शनिवार को ह्रदय गति रुक जाने से आकस्मिक निधन हो गया है। उनके निधन की खबर से समूचे पत्रकारिता जगत, समाजसेवकों तथा साहित्यकारों को गहरा अघात पहुंचा है। उनका अंतिम संस्कार रविवार को श्रीनगर में किया जाएगा।

ललित मोहन कोठियाल को शनिवार सुबह करीब ग्यारह बजे सीने में दर्द की शिकायत हुई। जिसके बाद उन्हें जिला चिकित्सालय पौड़ी में भर्ती कराया गया। जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद श्रीनगर बेस चिकित्सालय के लिए रैफर कर दिया। श्रीनगर पहुंचते पहुंचते कोठियाल ने दम तोड़ दिया। उनके निधन का समाचार मिलते ही पौड़ी व श्रीनगर के उनके सभी परिचित श्रीनगर पहुंच गए। साठ वर्षीय स्व0 कोठियाल पौड़ी में अकेले रहते थे। वे अविवाहित थे व परिवार में उनका एक भाई है जोकि जालंधर स्थित एक यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं। देर शाम तक उनके परिजनों से संपर्क नहीं हो पाया था। इस कारण उनका दाह संस्कार रविवार को श्रीनगर में ही किये जाने का निर्णय लिया गया है। उनके निधन पर समूचे पौड़ी में शोक की लहर छा गई। पौड़ी के कई वरिष्ठ रंगकर्मियों, साहित्यकर्मियों व संस्कृत प्रेमियों ने उनके निधन पर शोक जताया है।

एल मोहन कोठियाल ने अपना पूरा जीवन समाज सेवा व पत्रकारिता को समर्पित किया हुआ था। वे पिछले दो माह से पौड़ी जिला चिकित्सालय की स्वास्थ्य सेवाओं को पटरी पर लाने के लिए संघर्षरत थे। जिस चिकित्सालय की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए उन्होंने इतना लंबा आंदोलन किया, उसी चिकित्सालय में उन्हें उपचार न मिल पाने के कारण दम तोड़ना पड़ा।

वह पहाड़ के हितेषी होने के साथ-साथ गैरसैण में राजधानी के प्रबल समर्थक थे। वे पौड़ी नागरिक मंच के सह संयोजक, उमेष डोभाल ट्रस्ट के महासचिव के साथ राज्य स्तरीय मान्यता प्राप्त पत्रकार भी थे। चंकबंदी आंदोलन को पहाड़ का आंदोलन बनाने में भी उनकी अहम भूमिका रही है। देवभूमि संवाद एल मोहन कोठियाल के आकस्मिक निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त करता है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने वरिष्ठ पत्रकार श्री एल. मोहन कोठियाल के असमय निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति व शोक संतप्त परिवारजनों को दुख की इस घड़ी में धैर्य प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि दिवंगत कोठियाल का जीवन सदैव पत्रकारिता के लिये समर्पित रहा है। उन्होंने दिवंगत श्री एल.मोहन कोठियाल के निधन को पत्रकारिता के क्षेत्र में अपूर्णीय क्षति बताया है।