देहरादून: उत्तराखंड के बागेश्वर जिले की उभरती महिला क्रिकेटर प्रेमा रावत को भारतीय महिला क्रिकेट टीम में शामिल किया गया है। 24 वर्षीय प्रेमा रावत का चयन टी-20 विश्व कप के लिए भारतीय सीनियर महिला क्रिकेट टीम में हुआ है। दाएं हाथ की बल्लेबाज और लेग स्पिन गेंदबाज प्रेमा का यह चयन उत्तराखंड क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक है।
टीम इंडिया की जर्सी पहनकर विश्व क्रिकेट के सबसे बड़े मंच पर उतरने जा रही प्रेमा रावत की इस उपलब्धि ने पूरे उत्तराखंड को गौरवान्वित किया है। उनके चयन की खबर सामने आने के बाद खेल जगत, क्रिकेट प्रेमियों और युवा खिलाड़ियों में खुशी की लहर है।
आईसीसी महिला टी-20 विश्व कप 2026 के दौरान आफ स्पिनर श्रेयंका पाटिल के चोटिल होकर टूर्नामेंट से बाहर होने के बाद प्रेमा रावत को भारतीय टीम में बतौर प्रतिस्थापन खिलाड़ी शामिल किया गया है। आईसीसी की तकनीकी समिति ने उनके चयन को मंजूरी दे दी है।
12 नवंबर 2001 को जन्मीं प्रेमा रावत की खेल यात्रा बेहद प्रेरणादायक रही है। बहुत कम लोग जानते हैं कि उन्होंने अपने खेल करियर की शुरुआत क्रिकेट से नहीं बल्कि हॉकी से की थी। शुरुआती दिनों में वह एक समर्पित हॉकी खिलाड़ी थीं और राज्य स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुकी थीं।
प्रेमा ने कक्षा दो तक की शिक्षा गांव के प्राथमिक स्कूल से हासिल की थी। इसके बाद उनका परिवार बरेली बस गया। भाइयों के साथ गली-मोहल्ले में क्रिकेट का ककहरा सीखने के बाद प्रेमा ने बड़े मैदानों में अपने खेल को निखारा। उत्तराखंड की अंडर-19, अंडर-23, रणजी टीम और डब्ल्यूपीएल में अपनी छाप छोड़ने के बाद अब प्रेमा राष्ट्रीय टीम में शामिल होकर विश्व कप में फिरकी का दम दिखाने को तैयार हैं। प्रेमा के पिता केदार सिंह रावत एयरफोर्स में कार्यरत हैं। इन दिनों वह असम में पोस्टेड हैं। उनकी मां बसंती देवी गृहिणी हैं। बड़े भाई हिमांशु रावत बेंगलुरु में नौकरी करते हैं जबकि छोटे भाई विमल पढ़ाई कर रहे हैं।
प्रेमा रावत का भारतीय टीम में चयन उत्तराखंड क्रिकेट के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है। बागेश्वर के कपकोट तहसील के सुमटी, बैसानी गांव की प्रेमा दाएं हाथ की बल्लेबाज और लेग स्पिन गेंदबाज हैं। उन्होंने घरेलू क्रिकेट में उत्तराखंड महिला टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए अपनी पहचान बनाई है। शानदार लेग स्पिन तथा उपयोगी बल्लेबाजी के दम पर उन्होंने लगातार चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।
घरेलू क्रिकेट में प्रेमा का प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा है। सीनियर महिला टी-20 प्रतियोगिताओं में उन्होंने लगातार विकेट चटकाकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। वर्ष 2023 के सीनियर महिला टी-20 टूर्नामेंट में वह सर्वाधिक विकेट लेने वाली गेंदबाजों में शामिल रहीं और 10 मैचों में 16 विकेट हासिल किए थे।
प्रेमा रावत हाल के वर्षों में महिला क्रिकेट की सबसे चर्चित युवा खिलाड़ियों में रही हैं। महिला प्रीमियर लीग में भी उन्हें पहचान मिली और वह रायल चेलेंजर बंगलुरु से जुड़ी रहीं। उनके प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें भारत-ए टीम में भी अवसर मिला, जहां उन्होंने प्रभावशाली गेंदबाजी की।
बीसीसीआई के पूर्व उपाध्यक्ष माहिम वर्मा, क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड (सीएयू) की सचिव किरण रौतेला वर्मा और सीएयू अध्यक्ष दीपक मेहरा ने प्रेमा को बधाई देते हुए इसे उत्तराखंड क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया है। सभी ने विश्वास जताया है कि प्रेमा विश्व कप में अपने प्रदर्शन से भारतीय टीम को मजबूती प्रदान करेंगी और देश के साथ-साथ उत्तराखंड का नाम भी रोशन करेंगी।



