पौड़ी गढ़वाल : कोरोना महामारी के प्रथम चरण में ग्राम प्रधानों द्वारा सरकार के दिशा निर्देश पर अपने अपने ग्रामीण क्षेत्र में सेनिटाइजेशन से लेकर कोरोना काल में अपने गाँव लौटे प्रवासियों को क्वारेंटाइन करने की व्यवस्था समेत अनेक कार्य किए गए। इसके बाद भी ग्राम प्रधानों को कोई सम्मान नहीं मिला है। अपने आपको उपेक्षित महसूस कर रहे ग्राम प्रधानों में इसको लेकर रोष है। कोरोना काल में कई अन्य समस्याओं का सामना कर रहे प्रधानों द्वारा इसकी शिकायत जिला पंचायत राज अधिकारी पौड़ी गढ़वाल से की गई है। ग्राम प्रधानों का कहना है कि विगत वर्ष कोरोना महामारी को लेकर लगाए गए लॉक डाउन के दौरान ग्राम पंचायतों में सेनिटाइजेशन, पेयजल आपूर्ति, प्रवासी उत्तराखण्डियों के क्वारेंटाइन सेंटरों के देखरेख सहित आने वालों की पूरी जानकारी का दायित्व सरकार ने ग्राम प्रधानों से करवाया। ग्राम प्रधानों द्वारा भी कोरोना काल में सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य किया गया। प्रधानों ने अपनी जेब से पैसा खर्च कर व्यवस्था जुटाने के बावजूद सरकार के जिम्मेदार मंत्रियों द्वारा बयान आए कि ग्राम पंचायतों को पर्याप्त मात्रा में पैसा दिया है, जबकि सरकार की ओर से कोई मदद नहीं दी गई। ग्राम प्रधानों की यह भी शिकायत है कि जब कोरोना योद्धा घोषित करने का नंबर आया तो सरकार ने मीडिया के प्रचारित दफ्तरों व सोशल मीडिया में अपनी फोटो डालकर वाहवाही लूटने वालों फर्जी सामाजिक कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया। शिकायत है की वैक्सिनेशन के लिए भी ग्राम प्रधान को अग्रिम पंक्ति में रखने योग्य नहीं समझा गया। जबकि आशा, आंगनवाड़ी सहित अन्य कार्मिकों को वैक्सीन लगाई गई, लेकिन ग्राम प्रधान आज भी लाइनों में खड़ा हो कर अपनी बारी का इन्तजार करने को मजबूर हैं।
सरकार ने कोरोना महामारी के चलते मात्र बीस हजार रुपए ग्राम पंचायत के खाते से ही ग्राम प्रधानों को देने की बात कही। ग्राम प्रधान संगठन द्वारा एकता विहार में 15 दिन धरने पर बैठने के बावजूद 12 सूत्रीय मांगों पर आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुई। मनरेगा कर्मियों की हड़ताल डेढ़ माह से चल रही है, जिससे गांव के सारे कार्य ठप्प है। प्रधान संगठनों का आरोप है कि सरकार के समय समय पर उचित दिशा निर्देशों का पालन करने के बाद जब ग्राम प्रधान को सम्मानित करने का मौका मिलता है तब जानबूझकर ग्राम प्रधान को हर समय अंतिम छोर पर खड़ा कर दिया जाता है। ग्राम प्रधानों के साथ समय समय पर छलावा व झूठे आश्वासनों द्वारा प्रधानों को उग्र होने पर मजबूर किया जा रहा है। प्रधान संगठनों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर बहुत जल्द हमारी समस्याओं का निदान नहीं किया जाता है तो आने वाला समय समस्त प्रधान साथियों के साथ हड़ताल का रुख अपनाया जाएगा।
जगमोहन डांगी
यह भी पढ़ें:
सतपुली : कोविड गाइडलाइन का उल्लंघन करते हुए पाए गए 141 लोगो के विरुद्ध की गई कार्यवाही



