पौड़ी गढ़वाल: उत्तराखंड के जननायक, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. हेमवती नंदन बहुगुणा की जयंती प्रदेशभर में श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर हिमालय क्रांति पार्टी (HKP) द्वारा पौड़ी गढ़वाल स्थित जिला कार्यालय में कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
कार्यक्रम में पार्टी के प्रदेश महासचिव डॉ. दिनेश सिंह बिष्ट ने बहुगुणा जी के चित्र पर पुष्प अर्पित करते हुए कहा कि वे केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि पहाड़ की अस्मिता और स्वाभिमान के प्रतीक थे। उन्होंने कहा कि बहुगुणा जी ने 1970 के दशक में ही अलग उत्तराखंड राज्य की परिकल्पना कर दूरदर्शिता का परिचय दिया था। टिहरी बांध आंदोलन से लेकर चिपको आंदोलन तक, उन्होंने हमेशा पहाड़ के हित में केंद्र की सत्ता से टकराने का साहस दिखाया। आज जब उत्तराखंड पलायन, बेरोजगारी और भू-कानून जैसी समस्याओं से जूझ रहा है, तब बहुगुणा जी के विचार और अधिक प्रासंगिक हो जाते हैं।
उन्होंने कहा कि बहुगुणा जी का प्रसिद्ध कथन “पहाड़ का पानी और पहाड़ की जवानी पहाड़ के काम नहीं आ रही” आज भी राज्य आंदोलन का मूलमंत्र बना हुआ है। उनके अनुसार, पहाड़ का विकास स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप ही संभव है, मैदानों का मॉडल यहां कारगर नहीं हो सकता।
इस मौके पर हिमालय क्रांति पार्टी ने संकल्प लिया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में “जल, जंगल और जमीन पर पहला हक पहाड़ के लोगों का” के सिद्धांत को प्रमुख मुद्दा बनाया जाएगा। साथ ही गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित करने और सशक्त भू-कानून लागू करने की मांग भी उठाई गई।
कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने “पहाड़ का गांधी अमर रहे” के नारे लगाते हुए बहुगुणा जी को श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर जिला महासचिव पपेंद्र सिंह रावत, नगर उपाध्यक्ष सुरेश चमोली, नगर महासचिव विपिन कुकरेती, सूरज सिंह नेगी, राजवीर सिंह बिष्ट व सुधीर कुमार सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन पपेंद्र सिंह रावत ने किया।



