DOON MEDICAL COLLEGE RAGGING CASE: राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस छात्र के साथ हुए रैगिंग प्रकरण पर विभाग द्वारा सख्त कार्यवाही अमल में लायी जायेगी। इस संबंध में कॉलेज की प्राचार्या को प्रकरण की विस्तृत जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दे दिए गए हैं, ताकि भविष्य में छात्रों के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार न हो।

प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने दून मेडिकल कॉलेज में घटित रैगिंग की घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने घटना की जानकारी मिलते ही कॉलेज प्रशासन को तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। डॉ रावत ने कॉलेज की प्राचार्या को प्रकरण से जुड़े सभी तथ्यों, परिस्थितियों एवं आरोपों की गहनता से जांच करने के निर्देश दिये। उन्होंने आवश्यकता पड़ने पर अन्य छात्रों एवं संबंधित व्यक्तियों से भी पूछताछ करने को कहा, ताकि सही तथ्य सामने आ सकें और दोषियों के विरुद्ध ऐसी कार्रवाई की जा सके जो भविष्य के लिए नजीर बने। उन्होंने जांच रिपोर्ट आने तक आरोपी छात्रों को डिबार करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये। डॉ रावत ने रैगिंग जैसी घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षण संस्थानों में रैगिंग की घटनाएं संस्थागत अनुशासन एवं व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगाती हैं। उन्होंने कॉलेज प्रशासन को रैगिंग की रोकथाम के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुरूप सभी आवश्यक एवं प्रभावी कदम उठाने को कहा।

दून मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने बताया कि विभागीय मंत्री के निर्देशों के अनुरूप मामले की जांच की जा रही है। कॉलेज में गठित एंटी-रैगिंग कमेटी ने जांच प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। पीड़ित छात्र की शिकायत के आधार पर आरोपी छात्रों के बयान भी दर्ज कर लिए गए हैं। जांच रिपोर्ट शीघ्र ही  सौंप दी जाएगी।

क्या है मामला

देहरादून के राजकीय दून मेडिकल कॉलेज से रैगिंग और मारपीट का मामला सामने आया था। कॉलेज के 2025 बैच के एक जूनियर छात्र ने आरोप लगाया है कि सीनियर छात्रों ने न उसके साथ जमकर मारपीट की। उसे बेल्ट और चप्पलों से बुरी तरह पीटा गया। पीड़ित छात्र ने यह शिकायत कॉलेज प्रशासन और चीफ वार्डन को लिखित रूप में दी।

शिकायत में छात्र ने बताया कि 2024 और 2023 बैच के दो सीनियर छात्रों ने पहले हॉस्टल में उसे पीटा और फिर कैंपस के बाहर भी उस पर हमला करने की कोशिश की। उसने आरोप लगाया कि सीनियरों ने उसके बाल काटने की भी कोशिश की। इस घटना से वह मानसिक रूप से टूट चुका है और उसका आत्मविश्वास बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

घटना सामने आने के बाद दून मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. गीता जैन ने कहा कि एंटी-रैगिंग कमेटी मामले की विस्तृत जांच कर रही है। उन्‍होंने कहा कि अनुशासन तोड़ने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। डिसिप्लिन कमेटी ने संबंधित छात्रों के बयान भी दर्ज कर लिए हैं।

साथ ही कॉलेज प्रशासन ने साफ किया है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें सस्पेंशन तक शामिल हो सकता है।

इस प्रकरण में राजकीय दून मेडिकल कॉलेज मे पुरुष छात्रावास के चीफ वार्डन ने दो छात्रों को छात्रावास से निष्कासित कर दिया है। उन्होंने 2023 और 2024 बैच के दो छात्रों के द्वारा जूनियर छात्र के साथ किए गए कथित दुर्व्यवहार के बाद दी गई शिकायत के आधार पर जांच प्रक्रिया जारी होने के मद्देनजर पुरुष छात्रावास से निष्कासित किया है।