Noida International Airport Inauguration

Noida International Airport Inauguration: उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जनपद के जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन कल यानी 28 मार्च 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। पीएम मोदी सुबह करीब 11.30 बजे गौतमबुद्ध नगर के जेवर पहुंचेगे। यहां नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पीएम पहले टर्मिनल भवन का निरीक्षण करेंगे। इसके बाद दोपहर करीब 12 बजे पीएम नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के प्रथम चरण का उद्घाटन करेंगे। उद्घाटन समारोह में प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सिविल एविएशन मिनिस्ट्री के मंत्री राम मोहन नायडू शामिल होंगे। इस मौके पर पीएम मोदी एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। जनसभा में एक लाख से ज्यादा लोगों के आने की उम्मीद है।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम, सात हजार पुलिसकर्मी रहेंगे तैनात

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन से पहले सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पीएम मोदी के कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा में सात हजार पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। पीएम का चार स्तर का सुरक्षा घेरा होगा। पहली लेयर में एसपीजी कमांडो होंगे। दूसरी लेयर में आरएएफ, पुलिस अधिकारी और अर्धसैनिक बल शामिल होंगे। तीसरी लेयर पीएसी की होगी। चौथी लेकर पुलिस की होगी। जिसमें करीब 7 हजार पुलिसकर्मी होंगे। एसपीजी बिना पहचान पत्र के किसी को अंदर नहीं जाने देगी।

दिल्ली-NCR क्षेत्र के लिए दूसरा बड़ा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट होगा

चार चरणों में बनने वाला नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट एशिया का सबसे बड़ा और 2040 तक दुनिया का छठा बड़ा हवाई अड्डा बनने की क्षमता रखता है। यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल की सहायक कंपनी) द्वारा विकसित यह हवाई अड्डा दिल्ली-NCR क्षेत्र को वैश्विक कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। ये भारत के सबसे बड़े ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट प्रोजेक्ट्स में से एक है। सालाना करीब 7 करोड़ यात्रियों की क्षमता और लगभग 10 लाख टन कार्गो हैंडलिंग के साथ यह देश का सबसे बड़ा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनने जा रहा है। नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के पहले चरण को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप-PPP) मॉडल के तहत लगभग 11,200 करोड़ रुपये के कुल निवेश से विकसित किया गया है। शुरुआती चरण में हवाई अड्डे की यात्री संचालन क्षमता 12 मिलियन यात्री प्रति वर्ष (एमपीपीए) होगी जो हवाई अड्डे के पूरी तरह विकसित होने तक 70 एमपीपीए तक हो जाएगा। ये एयरपोर्ट NCR को दुनिया के प्रमुख एविएशन हब में बदलने में अहम भूमिका निभाएगा। यह दिल्ली-NCR क्षेत्र के लिए दूसरा बड़ा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट होगा।

दिल्ली-NCR से सीधी और तेज कनेक्टिविटी

नोएडा में यातायात को नई रफ्तार देने के लिए चिल्ला रोड से सेक्टर-94 तक 1.8 किमी लंबा एलिवेटेड मार्ग बन रहा है। इसके लिए नोएडा प्राधिकरण ने 150 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत कर दिया है। यह मार्ग दिल्ली से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक सीधी पहुंच प्रदान करेगा और सेक्टर-18 तथा फिल्म सिटी के भारी ट्रैफिक जाम से निजात दिलाएगा। यह परियोजना न सिर्फ NCR की भीड़ को कम करेगी। बल्कि क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी को भी बढ़ावा देगी।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कब से शुरू होगी उड़ान

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 28 मार्च 2026 को किया जाएगा। हालाँकि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से व्यवसायिक उड़ानों के लिए यात्रियों को अभी और इंतजार करना होगा। पहली उड़ान कब होगी और किस शहर के लिए होगी इसका निर्धारण उद्घाटन समारोह के बाद किया जाएगा। तारीख निर्धारित होते ही 15 से 20 दिन पहले टिकटों की बुकिंग और बिक्री शुरू कर दी जाएगी। वहीँ व्यावसायिक उड़ानें उद्घाटन के 45 दिनों के भीतर, यानी मई 2026 के मध्य तक शुरू होने की उम्मीद है। शुरुआत में घरेलू उड़ानें (जैसे- मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद) शुरू होंगी। पहले चरण में देश के 12 शहरों के लिए विमान सेवाएं शुरू होंगी। एयर इंडिया एक्सप्रेस, एयर इंडिया, इंडिगो और विस्तारा एयरलाइंस जैसी कंपनियां मुंबई, बेंगलूरु, चेन्नई, कोलकाता, कानपुर, लखनऊ समेत 12 शहरों के लिए उड़ानें शुरू करेंगी। यात्रियों की संख्या बढ़ने पर यहां से 47 शहरों के लिए उड़ानें शुरू होंगी। वहीं, विदेशी उड़ान के लिए बातचीत चल रही है। एनआईए अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए भी विमानन कंपनियों से लगातार संपर्क कर रही है। एयर इंडिया एक्सप्रेस, एयर इंडिया, इंडिगो और विस्तारा एयरलाइंस की कॉमर्शियल फ्लाइट समेत अन्य देशों की फ्लाइट्स से यात्री विदेश यात्रा कर सकेंगे।

30 रूट्स पर शुरू होंगी उड़ान सेवाएं

शुरुआती चरण में जेवर एयरपोर्ट से कुल 30 उड़ानें शुरू की जाएगी। इनमें 3 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शामिल होंगी, जो ज्यूरिख, सिंगापुर और दुबई के लिए होंगी। इसके अलावा 25 घरेलू उड़ानें देश के प्रमुख शहरों को जोड़ेगी, जिसमें मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, कोलकाता, पुणे, लखनऊ, अहमदाबाद, चेन्नई, गोवा और जयपुर शामिल है। इससे पूरे भारत में बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। यह एयरपोर्ट यात्रियों के साथ‑साथ कार्गो सेवाओं के लिए भी तैयार किया गया है। इससे कनेक्टिविटी बेहतर होगी और नोएडा व ग्रेटर नोएडा के लोगों को बड़ी सुविधा मिलेगी, जिन्हें अब तक उड़ानों के लिए दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर निर्भर रहना पड़ता था।

जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन के लिए ट्रैफिक एडवाइजरी जारी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 मार्च 2026 को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे। इस कार्यक्रम में बड़े नेताओं के साथ-साथ आसपास के इलाकों से लगभग 1 लाख लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। वीआईपी मूवमेंट को देखते हुए नोएडा ट्रैफिक पुलिस ने एडवाइजरी जारी की है। जिसमें सड़कों पर ट्रैफिक डायवर्जन से लेकर पार्किंग की व्यवस्था तक की जानकारी दी गई है।

नोएडा ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, 28 मार्च को सुबह 7 बजे से रात 11 बजे तक कई सड़कों पर रूट डायवर्जन रहेगा। ऐसे में घर से निकलने से पहले नोएडा ट्रैफिक एडवाइजरी जरूर पढ़ लें।

बंद रहेगा नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे

नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे पर पूरे दिन भारी (HGV), मध्यम (MGV) और हल्के (LGV) मालवाहकों (ट्रक, ट्रॉली आदि) के आने-जाने पर पाबंदी रहेगी। हालांकि, इमरजेंसी वाहन (एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड) को अनुमति रहेगी।

अलग-अलग जिलों से आने वाले लोगों के लिए रूट

  •  मेरठ, गाजियाबाद से आने वालों को Eastern Peripheral Expressway → सिरसा टोल → डाढ़ा → सुपरटेक → नट मढ़ैया → होण्डा सीएल चौक → पुस्ता तिराहा → गलगोटिया यूनिवर्सिटी → फलैदा → दयानतपुर होते हुए अस्थाई गेट से एंट्री करनी है। वहीं, पार्किंग P-06 और P-07 में करनी होगी।
  •  मथुरा और अलीगढ़ से यमुना एक्सप्रेसवे होकर आने वालों को जेवर टोल के बाद जेवर कट से उतरकर सबौता अंडरपास → किशोरपुर गेट से प्रवेश करना है। पार्किंग P-05, P-09, P-11 में होगी।
  •  हापुड़, बुलंदशहर, खुर्जा की तरफ से आने वालों को जेवर-खुर्जा रोड पर थोरा से दाहिना मुड़कर पारोही गेट से प्रवेश करना है। इनके लिए पार्किंग P-13 और P-14 में होगी।

गौतमबुद्धनगर (नोएडा-ग्रेटर नोएडा) के लोगों के लिए रूट

  • नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे से आने वालों को गलगोटिया कट → एक्सपोमार्ट → आईएफएस विला → एनएसजी गोलचक्कर → पुस्ता तिराहा → दयानतपुर होते हुए अस्थाई गेट से प्रवेश तथा पार्किंग P-07 में करनी होगी।
  • ग्रेटर नोएडा वेस्ट, सूरजपुर से आने वालों को परी चौक → होण्डा सीएल चौक → पुस्ता तिराहा → दयानतपुर होते हुए एंट्री करनी होगी और पार्किंग P-07 में होगी।
  • दनकौर, रोनीजा, खुपुरा से आने वालों को दनकौर-बुपूरा रोड → फलैदा कट → दयानतपुर → नवनिर्मित अस्थाई गेट से एंट्री और P-07 में पार्किंग की व्यवस्था होगी।
  • जेवर कस्बा से आने वालों को सबौता अंडरपास → किशोरपुर गेट → P-12 पार्किंग।
  • दो पहिया और हल्के वाहन वाले किशोरपुर गेट से P-04 पार्किंग में पार्क करें।

VIP और खास लोगों के लिए क्या व्यवस्था?

  • VIP लोग यमुना एक्सप्रेसवे के 32 किमी इंटरचेंज से सीधे P-01, P-02, P-03 में पार्किंग करेंगे और शटल से कार्यक्रम स्थल जाएंगे।
  • मीडिया वाहन: किशोरपुर गेट → P-08
  • पुलिस/प्रशासनिक अधिकारी: किशोरपुर गेट → P-10
  • प्रशासनिक बसें: दयानतपुर मार्ग → P-15

मालवाहक वाहनों के लिए डायवर्जन

जेवर की ओर आने वाले ट्रक आदि को टप्पल, पलवल, चचुरा, खुर्जा आदि से पहले ही डायवर्ट कर दिया जाएगा। जबकि आगरा की ओर से आने वाले यातायात को जेवर टोल से पहले यू-टर्न से वापस कर दिया जाएगा।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की मुख्य विशेषताएं:

स्थान: जेवर, गौतम बुद्ध नगर (उत्तर प्रदेश)।

क्षमता: चालू होने पर, यह सालाना 70 मिलियन (7 करोड़) यात्रियों को संभालने वाला सबसे बड़ा एयरपोर्ट बन जाएगा।

6 रनवे के बाद बनेगा सबसे बड़ा एयरपोर्ट

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट में पहले चरण में एक रनवे बनकर तैयार हुआ है। इसके बाद तीन चरण में और इसके काम को पूरा किया जाएगा और कुल 6 रनवे बनकर तैयार हो जाएंगे। इस एयरपोर्ट को एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट के तौर पर विकसित किया जा रहा है। एयरपोर्ट की कुल अनुमानित लागत 29561 करोड़ रुपये है। 2050 तक जेवर एयरपोर्ट के सभी चार चरणों का निर्माण पूरा किया जाना है। जिसके बाद इस एयरपोर्ट की 7 करोड़ यात्री क्षमता होगी।

3.9 किलोमीटर लंबा और 45 मीटर चौड़ा रनवे

नोएडा एयरपोर्ट का पहला रनवे 3.9 किलोमीटर लंबा और 45 मीटर चौड़ा है। इस रनवे पर विमान दोनों साइट से टेकआफ और लैंडिंग कर सकते हैं। एयरपोर्ट पर दूसरा रनवे बनने के बाद एक ही समय में दोनों रनवे पर विमान टेकआफ एवं लैंडिंग कर सकेंगे। यह CAT III और कोड F रनवे से लैस है, जो प्रतिकूल मौसम में भी सुरक्षित लैंडिंग सुनिश्चित करता है।

घने कोहरे और बारिश में होगी उड़ान और लैंडिंग

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट में घने कोहरे, बहुत कम विजिबिलिटी और बारिश के दौरान भी विमानों की उड़ान और लैंडिंग हो सकेगी। एयरपोर्ट में इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (आईएलएस) के सबसे हाई लेवल तकनीकि सिस्टम कैट थ्री का इस्तेमाल किया जाएगा। इस तकनीकि के जरिए कम दृश्यता में भी सुरक्षित लैंडिंग कराई जाती है। आमतौर पर पायलट इस तकनीकि का इस्तेमाल तब करते हैं, जब उन्हें बाहर कुछ भी दिखाई न दे रहा हो और लैंडिंग के लिए पूरी तरह से उन्हें तकनीकि पर निर्भर होना पड़ता है।

एक घंटे में लैंडिंग और उड़ान भर सकेंगे 30 विमान

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट में सामानांतर उड़ानों की सुविधा रहेगी। वहीं एयर ट्रैफिक और यात्रियों का भार ज्यादा होने पर जब इसे पूरी क्षमता से चलाया जाएगा तो यहां से एक घंटे में 30 विमान लैंडिंग करने के साथ ही उड़ान भर सकेंगे। जिससे यात्रियों को समय से उनके गंतव्य तक पहुंचाया जा सकेगा। एयरपोर्ट की तकनीकि टीम उद्घाटन के बाद इसके लिए अपने ट्रायल शुरू कर देगी।

पर्यावरण: यह एक जीरो-कार्बन फुटप्रिंट वाला एयरपोर्ट होगा, जो 50% से अधिक ऊर्जा सौर और पवन ऊर्जा से प्राप्त करेगा।

सड़क और रेल कनेक्टविटी

देश में पहला ऐसा एयरपोर्ट है जिसकी सड़क और रेल कनेक्टिविटी है। इसे मेट्रो, बस, टैक्सी और दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड रेल लिंक से जोड़ा जाएगा, यह दिल्ली-एनसीआर के लिए एक प्रमुख एयर कार्गो और लॉजिस्टिक्स हब भी होगा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट यमुना एक्सप्रेसवे के साथ गंगा एक्सप्रेसवे, दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के अलावा नमो भारत रैपिड रेल, दिल्ली वाराणसी हाई स्पीड रेल के अलावा अर्बिटल रेल और रुंधी से चोला के बीच प्रस्तावित नए रेलवे लिंक से जुड़ा होगा।