Attacks on Journalists

अल्मोड़ा के नर्सिंग कॉलेज प्रबंधक पर कार्रवाई की मांग, प्रदेशभर के पत्रकारों में रोष

नेशनलिस्ट यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (NUJ) ने अल्मोड़ा स्थित ‘मां अम्बे इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग’ में कवरेज के दौरान पत्रकारों के साथ हुई अभद्रता और हमले के प्रयास की कड़ी निंदा की है। यूनियन ने इसे प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला बताते हुए आरोपी प्रबंधक संदीप ठाकुर के खिलाफ तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

यूनियन का कहना है कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर इस तरह का हमला किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस घटना के बाद प्रदेशभर के पत्रकारों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।

पुलिस की मौजूदगी में हुआ विवाद

जानकारी के अनुसार, उक्त नर्सिंग कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने प्रबंधन पर शारीरिक व मानसिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए थे। मामले की जांच के लिए पुलिस टीम संस्थान पहुंची थी। इसी दौरान कवरेज कर रहे वरिष्ठ पत्रकार किशन जोशी ने प्रबंधक संदीप ठाकुर से उनका पक्ष जानना चाहा।

आरोप है कि प्रबंधक ने संतुलन खोते हुए पत्रकार का माइक आईडी और कैमरा छीन लिया तथा उनके साथ अभद्रता की। स्थिति तब और बिगड़ी जब उन्होंने कथित रूप से पत्रकार पर शारीरिक हमला करने का प्रयास किया। मौके पर मौजूद पत्रकार मोहित अधिकारी और अभिषेक साह ने हस्तक्षेप कर स्थिति को संभाला।

यूनियन ने दी आंदोलन की चेतावनी

NUJ की प्रदेश अध्यक्ष दया जोशी ने उत्तराखंड पुलिस के पुलिस महानिदेशक (DGP) और अल्मोड़ा के पुलिस अधीक्षक (SP) को पत्र भेजकर आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को उनके कर्तव्यों के निर्वहन से रोकना संविधान प्रदत्त अधिकारों का उल्लंघन है।

यूनियन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि आरोपी के खिलाफ जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो प्रदेशभर में उग्र आंदोलन किया जाएगा।

प्रदेशभर के पत्रकारों का समर्थन

यूनियन के संरक्षक त्रिलोक चन्द्र भट्ट, महासचिव गोपालदत्त गुरूरानी, उपाध्यक्ष दीपक पाठक व सुनील शर्मा सहित सभी पदाधिकारियों ने घटना की निंदा की है। बागेश्वर, चंपावत, देहरादून, पौड़ी, पिथौरागढ़, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार के जिला प्रतिनिधियों ने भी एकजुट होकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

सचिव जगदीश उपाध्याय, पुष्पेंद्र राणा, गिरीश सिंह बिष्ट, कैलाश चन्द्र भट्ट, हरपाल सिंह, बाबा आदित्य दास, समीर परवेज सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी घटना को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया है।