पुरानी पेंशन बहाली की मांग के लिए लेकर रविवार को शिक्षकों, कर्मचारियों ने चमोली जनपद के कर्णप्रयाग में हुंकार रैली निकालकर प्रदर्शन किया। पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा के बैनर तले आयोजित रैली के दौरान सैकड़ों की संख्या में शिक्षकों, कर्मचारियों ने जल्द पुरानी पेंशन लागू करने की मांग की। उन्होंने कहा यदि जल्द पुरानी पेंशन लागू नहीं की गई तो तो पैनडाउन सहित कार्यबहिष्कार किया जाएगा। साथ ही आगामी विधानसभा में ओपीएस को देखकर ही वोट करेंगे।
उमा महेश्वर आश्रम से शुरू हुई हुंकार रैली पंचपुलिया से मुख्य बाजार तक निकाली गयी। इस दौरान कर्मचारियों और शिक्षकों ने पुरानी पेंशन बहाली के समर्थन में जोरदार नारेबाजी की। रैली में पूरे प्रदेश से भारी संख्या में शिक्षक और कर्मचारी पहुंचे।
रैली के बाद आयोजित जनसभा में पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष मनोज अवस्थी ने कहा कि 1 अक्तूबर 2005 के बाद उत्तराखंड में सरकार ने एनपीएस लागू किया। फिर 1 अप्रैल 2025 से जो यूपीएस लागू करने जा रही थी लेकिन पूरे देश में आंदोलन के कारण यूपीएस लागू नहीं हो पाया। हमारी सिर्फ एक मांग है कि ओपीएस दे दी जाए।
मोर्चा के प्रदेश महामंत्री पूरण फर्स्वाण ने कहा कि सरकार अपनी हठधर्मिता पर टिकी है। सरकार के विधायक और सांसद पुरानी पेंशन का लाभ ले रहे हैं लेकिन सरकार हमारे बुढ़ापा का सहारा छीनने का काम कर रही है।
जिला महासचिव दिनेश नेगी ने कहा कि कर्मचारी और शिक्षक अपनी मांग को लेकर सड़कों पर उतर चुके हैं, लेकिन सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
राजकीय शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष प्रकाश चौहान ने जोर दिया कि कर्णप्रयाग की रैली में उमड़ी भीड़ कर्मचारियों और शिक्षकों की पूर्ण एकजुटता दर्शाती है। उन्होंने कहा कि यदि अन्य प्रदेशों में पुरानी पेंशन लागू की जा रही है तो प्रदेश सरकार यहां लागू करने में क्यों पीछे है। उन्होंने कहा कि आगामी अक्तूबर माह में सभी कर्मचारी, शिक्षक सचिवालय घेराव कर सरकार को अपनी ताकत दिखाएंगे।
इस मौके पर प्रदेश प्रभारी विक्रम रावत, प्रांतीय संयोजक लक्ष्मण सिंह सजवाण, प्रदेश महिला अध्यक्ष रश्मि गौड़, मंडलीय अध्यक्ष शंकर भट्ट, मंडलीय महामंत्री राजीव उनियाल, मंडल उपाध्यक्ष सुनीता कप्रवाण, जयदीप रावत, राकेश रावत, माखन लाल शाह, प्रदीप भंडारी, अवधेश सेमवाल, संतन रावत, सुदर्शन बिष्ट, जगत सिंह फरस्वाण सहित बड़ी संख्या में अन्य कर्मचारी और शिक्षक मौजूद रहे।



