Uttarakhand SIR Draft Voter List: उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के प्रथम चरण का काम पूरा होने के बाद आज यानी मंगलवार 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर दी गई है। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम के निर्देशन में उत्तराखंड में SIR प्रक्रिया के प्रथम चरण का कार्य पूरा होने के बाद जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में 71,33,785 मतदाताओं के नाम शामिल किए गए हैं।
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने कहा कि एक जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर एसआईआर की कार्रवाई की जा रही है। राज्य में 8 जून से 7 जुलाई तक गणना पत्रों के वितरण और डिजिटलाइजेशन का कार्य पूरा किया गया। इसके बाद 14 जुलाई को ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया।
19 लाख वोटरों के फार्म में गड़बड़ी
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल 71,33,785 मतदाताओं में से लगभग 19 लाख मतदाताओं में विभिन्न प्रकार की विसंगति प्राप्त हुई हैं। उन्हें संबंधित ईआरओ/एईआरओ की ओर से नोटिस जारी किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि नोटिस की सुनावाई के लिए न्याय पंचायत स्तर पर कल्सटर में कैंप लगाए जाएंगे। इसके साथ ही मैदानी क्षेत्र के मतदाताओं की सुविधा के लिए तहसील के अतरिक्त नगर निगम, नगर पंचायत और वार्ड लेवल पर कैंप लगाने के भी निर्देश डीईओ-ईआरओ को दिए गए हैं। 14 जुलाई से 11 सितंबर तक सभी को नोटिस जारी कर दावे आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा.
13 अगस्त तक दावे-आपत्तियां
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि एसआईआर के प्रथम चरण पूर्ण होने के बाद प्रदेश में 71,33,785 मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल किए गए हैं। एसआईआर से पहले राज्य में 11,733 मतदान केंद्र थे। अब यह संख्या बढ़ाकर 12,543 कर दी गई है। आयोग ने मतदाताओं को 14 जुलाई से 13 अगस्त 2026 तक फार्म-6, 7 और 8 के माध्यम से दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर दिया है। फार्म-6 के साथ घोषणा पत्र देना अनिवार्य होगा। उन्होंने बताया कि 14 जुलाई से 11 सितंबर 2026 तक नोटिस की अवधि एवं दावे आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 15 सितंबर 2026 को किया जाएगा।
जिनके नाम वोटर लिस्ट में नहीं वे फॉर्म 6 भर सकेंगे
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि ऐसे योग्य नागरिक, जिनका नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं है, वे फार्म 6 भर सकते हैं। इसको भरकर अपना नाम वोटर लिस्ट में दर्ज करवा सकते हैं। ऑफलाइन मोड में लोग अपने संबंधित बीएलओ से और ऑनलाइन मोड में ईसीआईनेट ऐप के जरिए आवेदन कर सकते हैं। इसके साथ ही फार्म 7 आरै 8 के जरिए नाम हटवाने और नाम में सुधार किया जा सकता है। वर्तमान में फार्म 6 और 8 के साथ एनेक्चर 4 भरना अनिवार्य है।
इनमें से कोई डॉक्यूमेंट लगाना होगा
- किसी भी केंद्रीय सरकार/राज्य सरकार/पीएसयू के नियमित कर्मचारी/पेंशनभोगी को जारी कोई भी पहचान पत्र/पेंशन भुगतान आदेश।
- 01 जुलाई 1987 से पूर्व भारत में सरकार/स्थानीय प्राधिकारी/बैंक/डाकघर/एलआईसी/पीएसयू द्वारा जारी कोई भी पहचान पत्र/प्रमाण पत्र/दस्तावेज ।
- सक्षम प्राधिकारी की ओर से जारी जन्म प्रमाण पत्र।
- पासपोर्ट ।
- मान्यता प्राप्त बोर्ड/विश्वविद्यालयों द्वारा जारी मैट्रिकुलेशन/शैक्षिक प्रमाण पत्र।
- सक्षम राज्य प्राधिकारी की ओर से जारी स्थायी निवास प्रमाण पत्र।
- वन अधिकार प्रमाण पत्र।
- सक्षम प्राधिकारी की ओर से जारी ओबीसी/एससी/एसटी या किसी भी जाति का प्रमाण पत्र।
- राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (जहां कहीं अस्तित्व में हो)।
- राज्य/स्थानीय प्राधिकरणों द्वारा तैयार परिवार रजिस्टर।
- सरकार की ओर से जारी कोई भी भूमि/मकान आवंटन प्रमाण पत्र।



