देहरादून, 23 जुलाई: पेपर लीक की घटनाओं को लेकर देश की राजधानी दिल्ली में चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच देहरादून में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय की परीक्षा में पेपर लीक का मामला सामने आया है। परीक्षा से पहले ही पेपर लीक का मामला सामने आते ही विश्वविद्यालय ने दो परीक्षाओं को रद्द करने के आदेश जारी कर दिए हैं। उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. वीके पटेल ने भी प्रश्नपत्र लीक होने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि दोनों विषयों की परीक्षाएं निरस्त कर दी गई हैं और अब इनका आयोजन दोबारा किया जाएगा। इस घटनाक्रम का सीधा असर विश्वविद्यालय से जुड़े 12 इंजीनियरिंग संस्थानों के हजारों विद्यार्थियों पर पड़ा है।

बता दें कि हाल ही में आयोजित परीक्षा के संबंध में विश्वविद्यालय को बिना नाम वाला एक ई-मेल मिला था, जिसमें शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग देहरादून में नियुक्त सहायक प्रोफेसर द्वारा व्हट्सअप ग्रुप के माध्यम से कुछ महत्वपूर्ण प्रश्नों को शेयर किये जाने की जानकारी दी गई, जिसका परीक्षा पूरी होने के बाद मिलान किया गया तो उक्त प्रश्नों में काफी समानता पाई गई। इसके बाद विश्वविद्यालय द्वारा गठित कमेटी की जांच के दौरान भी उक्त सहायक प्रोफेसर द्वारा परीक्षा से पूर्व छात्रों के पोर्टल व व्हट्सअप पर परीक्षा से सम्बन्धित समान प्रश्नों को साझा किया जाना प्रकाश में आया। पेपर लीक का यह मामला मशीन लर्निंग फॉर इंटरनेट ऑफ थिंग्स और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड थ्योरी विषयों की परीक्षाओं से संबंधित है। जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर प्रश्नपत्र लीक होने की पुष्टि की गई। रिपोर्ट सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने 8 जुलाई और 24 जून को हुई दोनों विषयों की परीक्षाओं को तत्काल प्रभाव से रद्द करने का निर्णय लिया। साथ ही मामले में जिम्मेदार बताए जा रहे संबंधित प्रोफेसर के खिलाफ भी कार्रवाई की गई के बाद सहारनपुर निवासी आरोपी सहायक प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता(40) को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। विश्वविद्यालय की ओर से उन्हें अगले सात वर्षों तक परीक्षा से जुड़े किसी भी कार्य में शामिल होने से प्रतिबंधित कर दिया गया है।

सेवा से किया बर्खास्त

सहायक प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। विश्वविद्यालय अब उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया में जुट गया है। शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के निदेशक प्रो. टीएस सिद्धू ने बताया कि प्रकरण सामने आते ही संबंधित शिक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी कर उनका इंक्रीमेंट रोक दिया गया था। संस्थान और विश्वविद्यालय की संयुक्त जांच में आरोप पुष्ट होने के बाद उनकी सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गईं। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली की गोपनीयता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

अगस्त में दोबारा होंगी यह परीक्षाएं

विश्वविद्यालय के अनुसार नई परीक्षाएं अगस्त के तीसरे सप्ताह में प्रस्तावित हैं। हालांकि परीक्षा की अंतिम तारीख और परीक्षा केंद्रों की जानकारी बाद में जारी की जाएगी। विश्वविद्यालय के इस फैसले से उन हजारों छात्रों की परीक्षा प्रभावित हुई है, जो इन दोनों विषयों की सेमेस्टर परीक्षाओं को पहले ही दे चुके थे। विश्वविद्यालय से संबद्ध करीब 12 इंजीनियरिंग संस्थानों के विद्यार्थियों को अब दोबारा परीक्षा की तैयारी करनी होगी।

इन कॉलेजों में परीक्षा रद्द

  • बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ एप्लाइड साइंसेज, भीमताल
  • तुलाज इंस्टीट्यूट, देहरादून
  • बिपिन त्रिपाठी कुमाऊं प्रौद्योगिकी संस्थान, द्वाराहाट
  • रुड़की इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, रुड़की
  • शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, देहरादून
  • जयराम भाई पटेल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, देहरादून
  • माया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, देहरादून
  • बाबा फरीद इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, देहरादून
  • टीएचडीसी इंस्टीट्यूट ऑफ हाइड्रोपावर इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, टिहरी
  • नन्हीं परी सीमांत इंजीनियरिंग संस्थान, पिथौरागढ़
  • वूमेंस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, देहरादून
  • इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, गोपेश्वर

इस मामले पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार परीक्षा प्रणाली की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है और भर्ती या शैक्षणिक परीक्षाओं में नकल, प्रश्नपत्र लीक अथवा गोपनीयता भंग करने के मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य में लागू नकलरोधी कानून के तहत ऐसे मामलों में कार्रवाई लगातार जारी है।

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की विवेचना जारी है। जांच पूरी होने और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही आरोपों की अंतिम पुष्टि होगी। आरोपी को न्यायालय में पेश किए जाने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।