पौड़ी: उत्तराखंड में पौड़ी-देवप्रयाग राष्ट्रीय राजमार्ग से सटे ग्राम ऐराड़ी पौड़ी में दून हैचरीज लिमिटेड द्वारा खरीदी गई 112 नाली भूमि को लेकर विवाद गहरा गया है। इन दिनों सोशल मीडिया में भूमि खरीद से जुड़ा एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद उत्तराखंड के भू-कानून को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। ऐराड़ी के ग्रामीणों का आरोप है कि ऐराड़ी गांव में 112 नाली भूमि की खरीद की जा चुकी है। इस मामले को लेकर स्थानीय ग्रामीणों ने गंभीर आपत्ति जताई है। वहीं, डीएम स्वाति एस भदौरिया ने मामले में जांच कमेटी गठित कर दी है।
कोट ब्लॉक के सितोनस्यूं पट्टी के ग्राम ऐराड़ी में दून हैचरीज लिमिटेड द्वारा खरीदी गई भूमि से जुड़े मामले में जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए जांच प्रक्रिया तेज कर दी है। जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित चार सदस्यीय जांच समिति ने मौके का निरीक्षण कर आवश्यक अभिलेख एवं दस्तावेज एकत्रित किए हैं। साथ ही जांच पूरी होने तक संबंधित स्थल पर किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।
जिलाधिकारी ने बताया कि इस मामले में जनसामान्य एवं सोशल मीडिया के माध्यम से प्राप्त शिकायतों और तथ्यों का संज्ञान लेते हुए 3 अगस्त 2026 को अपर जिलाधिकारी एफ।आर। चौहान की अध्यक्षता में चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया था। समिति में संयुक्त मजिस्ट्रेट पौड़ी, उप निबंधक पौड़ी तथा जिला विकास प्राधिकरण के प्रभारी अधिशासी अभियंता को सदस्य बनाया गया है।
मौके पर पहुंचकर किया विस्तृत निरीक्षण
जांच समिति ने बुधवार शाम संबंधित स्थल का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान भूमि की वर्तमान स्थिति, वहां चल रही निर्माण गतिविधियों तथा राजस्व अभिलेखों से जुड़े तथ्यों का प्रारंभिक परीक्षण किया गया। समिति ने विभिन्न विभागों से आवश्यक अभिलेख और दस्तावेज भी एकत्रित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
प्रशासन के अनुसार जांच में भूमि की खरीद प्रक्रिया, भूमि के उपयोग का उद्देश्य, प्राप्त स्वीकृतियां, निर्माण संबंधी अनुमति तथा अन्य सभी कानूनी एवं प्रशासनिक पहलुओं की बिंदुवार जांच की जा रही है।
जांच पूरी होने तक निर्माण पर रोक
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जांच पूरी होने तक संबंधित भूमि पर किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने संबंधित पक्षों को भी इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं।
उन्होंने कहा कि यदि जांच के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता, नियमों के उल्लंघन अथवा अवैध निर्माण की पुष्टि होती है तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
पारदर्शी जांच का भरोसा
जिला प्रशासन ने कहा है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कैसे शुरू हुआ विवाद?
जानकारी के अनुसार, दून हैचरीज लिमिटेड कंपनी ने कोट ब्लॉक के ग्राम सभा ढुंगली के अंतर्गत ऐराड़ी गांव में कृषि परियोजना के लिए 112 नाली भूमि खरीदी। कंपनी ने ऐराड़ी गांव के एक ही कुटुंब के 12 परिवारों से यह भूमि खरीदी है। भूमि खरीद की प्रक्रिया वर्ष 2025 में शुरू हुई जबकि रजिस्ट्री फरवती और दाखिल खारिज जुलाई में हुआ।
भूमि खरीदने के बाद संबंधित स्थल पर निर्माण गतिविधियां शुरू हुईं। इसके बाद स्थानीय लोगों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने इस भूमि खरीद और प्रस्तावित निर्माण को लेकर कई सवाल उठाने शुरू कर दिए। सोशल मीडिया पर भी लगातार पोस्ट और वीडियो साझा किए जाने लगे, जिनमें दावा किया गया कि भूमि के उपयोग, निर्माण अनुमति और अन्य वैधानिक प्रक्रियाओं को लेकर जांच होनी चाहिए। इन पोस्टों के वायरल होने के बाद यह मामला तेजी से सार्वजनिक चर्चा का विषय बन गया।
किन मुद्दों पर उठे सवाल?
स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया पर मुख्य रूप से निम्नलिखित प्रश्न उठाए गए—
- क्या भूमि खरीद पूरी तरह नियमों के अनुरूप हुई?
- खरीदी गई भूमि का स्वीकृत भूमि उपयोग (Land Use) क्या है?
- क्या निर्माण कार्य के लिए सक्षम विभागों से आवश्यक अनुमतियां प्राप्त की गई हैं?
- क्या जिला विकास प्राधिकरण और अन्य संबंधित विभागों के नियमों का पालन किया गया?
इन प्रश्नों के कारण लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
प्रशासन ने क्या कदम उठाया?
जनशिकायतों और सोशल मीडिया के माध्यम से सामने आए तथ्यों का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने 3 अगस्त 2026 को अपर जिलाधिकारी एफ।आर। चौहान की अध्यक्षता में चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया। समिति को भूमि खरीद, राजस्व अभिलेख, स्वीकृतियां, निर्माण गतिविधियों और अन्य सभी संबंधित पहलुओं की जांच का जिम्मा सौंपा गया।
समिति ने मौके का निरीक्षण कर दस्तावेज जुटाने शुरू कर दिए हैं। साथ ही जांच पूरी होने तक संबंधित भूमि पर किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य पर रोक लगा दी गई है।
कंपनी के निदेशक नरेंद्र सिंह ने किया खंडन
कंपनी के निदेशक नरेंद्र सिंह ने हाउसिंग सोसायटी बनाने के आरोपों का खंडन किया है। उन्होंने बताया कि भूमि कृषि उपयोग के लिए खरीदी गई है, जहां सेब का बगीचा विकसित करने और भविष्य में होम-स्टे संचालित करने की योजना है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि जांच में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अभी जांच जारी है
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच अभी प्रारंभिक चरण में है। किसी भी व्यक्ति या संस्था को दोषी नहीं ठहराया गया है। यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या नियमों का उल्लंघन सामने आता है, तभी नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।



