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उत्तराखंड में कई जगहों पर बादल फटे, रुद्रप्रयाग, टिहरी, चमोली में भारी नुकसान की खबर, कई लोग लापता, घरों में घुसा पहाड़ से आया मलबा

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Cloudburst in Uttarakhand: उत्तराखंड में एक बार फिर बारिश का कहर देखने को मिल रहा है। बादल फटने से राज्य के तीन जिलों में भारी तबाही की तस्वीर सामने आई है। चमोली, टिहरी गढ़वाल और रुद्रप्रयाग जिलों में लगातार बारिश और बादल फटने की घटनाओं से हालात गंभीर हो गए हैं। रुद्रप्रयाग में भूस्खलन से एक महिला की मलबे में दबने से मौत हो गई है. वहीँ चमोली जिले की थराली तहसील के देवाल विकास खंड के मोपाटा गांव में भी बादल फटने और भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन से आये मलबे में पति पत्नी दब गए थे। कई घंटे की मशक्कत के बाद दोनों के शव बरामद हुए हैं। बृहस्पतिवार को देर रात से हो रही तेज बारिश शुक्रवार को भी जारी है।

उधर भारी बारिश के चलते श्रीनगर में अलकनंदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। सिरोबगड़ और अन्य कई जगहों पर भूस्खलन के कारण सड़कें बंद हो गई हैं, जिससे यातायात ठप हो गया है।

रुद्रप्रयाग के बसुकेदार तहसील में बादल फटा:

रुद्रप्रयाग जिले के बसुकेदार तहसील में रात को बादल फटने से भारी तबाही मची है। यहां एक महिला की मलबे में दबने से मौत हो गई थी। कई लोग आपदा के बाद से लापता हैं। कई घरों को नुकसान पहुंचा है।अनेक वाहन मलबे में दब और बह गए हैं। रुद्रप्रयाग जिले के टेंडवाल गांव, छेनागाड़ डुगर गांव और जौला बड़ेथ गांव में बादल फटने के बाद पहाड़ से आये मलबे में कई लोग लापता बताये जा रहे हैं। रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार स्यूर इलाके में एक मकान क्षतिग्रस्त होने एवं बोलेरो वाहन बहने की सूचना है। बड़ेथ, बगड़धार और तालजामनी गांवों के दोनों ओर गदेरे में पानी और मलबा आने की सूचना मिली है। किमाणा में खेती की भूमि एवं सड़क पर बड़े-बड़े बोल्डर और मलबा आने की सूचना मिली है। अरखुण्ड में मछली तालाब एवं मुर्गी फार्म बहे हैं। इसके साथ ही छेनागाड़ के बाजार क्षेत्र में मलबा भरने एवं वाहनों के बहने की भी खबर है। छेनागाड़ डुगर गांव में कुछ लोगों के गुमशुदा होने की सूचना मिली है। इधर जौला बड़ेथ में कुछ लोगों के गुमशुदा होने की सूचना।

रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन प्रभावित लोगों को त्वरित सहायता एवं सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रहा है। राहत और बचाव कार्यों में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस एवं राजस्व विभाग की टीमें लगातार जुटी हुई हैं।

टिहरी के भिलंगना ब्लॉक में भी फटा बादल

टिहरी जिले में बृहस्पतिवार देर रात भारी बारिश और बादल फटने से बूढा केदार क्षेत्र के गेंवाली गांव में भारी तबाही की सूचना है। स्थानीय लोगों ने बताया कि घनसाली के बूढा केदार क्षेत्र के गेंवाली गांव में एक शौचालय और घर का आंगन आपदा की भेंट चढ गया। सिंचाई विभाग द्वारा पिछले वर्ष आपदा के बाद बनाई गई सुरक्षा दीवार भी मलबे और तेज बारिश की चपेट में आकर बह गई।  लगातार हो रही बारिश के कारण बालगंगा, धर्मगंगा और भिलंगना नदियां उफान पर हैं जिससे स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है।

गेंवाली के पूर्व ग्राम प्रधान कीर्ति सिंह राणा ने बताया कि भारी बारिश और बादल फटने से आए मलबे की चपेट में कई मंदिर दब गए । उन्होंने बताया कि कई मवेशियों के भी बहने की आशंका है। आलू के कई खेत भी मलबे से पूरी तरह से नष्ट गए हैं। घनसाली के भिलंगना क्षेत्र के ठेला गांव में भी तेज बारिश के कारण मयाल गाड़ बरसाती नाले में मलबा आने से इलाके में पुलिया, गूलों (छोटी नहरें) और फसलों को नुकसान की सूचना है। हांलांकि, इसमें किसी जनहानि की सूचना नहीं है। घनसाली के उपजिलाधिकारी संदीप कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही प्रशासन की टीम को मौके पर भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।

चमोली के देवाल में बादल फटने से भारी तबाही

चमोली जिले की थराली तहसील के देवाल विकास खंड के मोपाटा गांव में भी बादल फटा है। मोपाटा गांव में भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन के मलबे में पति पत्नी दब गए थे। कई घंटे की मशक्कत के बाद दोनों के शव बरामद हो गए हैं। यहां दो लोग भूस्खलन की चपेट में आने से घायल भी हुए हैं। घायलों को देवाल के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। साथ ही कई मवेशी मलबे में दबे हैं। बृहस्पतिवार रात को तहसील देवाल के मोपाटा में बादल फटने से भारी तबाही हुई है। कुछ घरों के मलबे में दबे होने की सूचना है। जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने बताया कि मोपाटा में रहने वाले तारा सिंह और उनकी पत्नी लापता बताए जा रहे हैं। जबकि विक्रम सिंह और उनकी पत्नी घायल हुए हैं। इनके आवास और गोशाला के मलबे में दबने की सूचना है। इसमें 15 से 20 जानवर भी मलबे में दबने की सूचना है।

गौरतलब है कि 23 अगस्त को भी थराली तहसील के थराली विकास खंड में आपदा का कहर देखने को मिला था जहां अतिवृष्टि से टूनरी गाड़ बरसाती नाले में बाढ के साथ आए मलबे में एक युवती की मृत्यु हो गयी थी और एक अन्य व्यक्ति लापता हो गया था। मलबा कई मकानों, दुकानों सहित तहसील कार्यालय में भी भर गया जबकि उपजिलाधिकारी का आवास भी क्षतिग्रस्त हो गया था। लगातार बारिश से अलकनंदा और उसकी सहायक नदियों और मंदाकिनी नदी का जल स्तर लगातार बढ रहा है। पुलिस द्वारा नदी के किनारे रहने वाले लोगों को मुनादी कर सतर्क किया जा रहा है। चमोली से गुजरने वाले बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग कई स्थानों- नंदप्रयाग, कमेड़ा, भनेरपानी, पागलनाला, जिलासू, गुलाबकोटी और चटवापीपल में मलबा आने से अवरूद्ध है। रुद्रप्रयाग जिले में भी बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग सिरोबगड़ में बंद है जबकि केदारनाथ राजमार्ग बांसवाड़ा (स्यालसौड़) व कुंड से चोपता के चार अलग-अलग स्थानों पर अवरुद्ध हो गया है।

प्रशासन के अनुसार, मार्ग खोलने हेतु संबंधित टीमें मौके पर कार्यरत हैं। यात्रियों से सड़क की जानकारी लेने के बाद ही यात्रा पर निकलने तथा पुलिस और प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी नवीनतम सूचनाओं पर ध्यान देने का अनुरोध किया गया है।

कर्णप्रयाग में मूसलाधार बारिश के चलते कालेश्वर में पहाड़ से आया मलबा

कर्णप्रयाग में मूसलाधार बारिश के चलते कालेश्वर में ऊपर पहाड़ से मलबा आया है जो लोगों के घरों में घुस गया। जेसीबी मशीन के द्वारा मलवा हटाने का प्रयास किया जा रहा है। इस दौरान पुलिस भी मौके पर मौजूद रही। अलकनंदा और पिंडर नदी का जलस्तर भी बढ़ गया है। कर्णप्रयाग के सुभाषनगर में पहाड़ी से बोल्डर और मलबा गिरने से सड़क बंद हो गई है।

चमोली जिले के सभी ब्लॉकों के स्कूलों में आज अवकाश घोषित

डीएम ने बताया कि तहसील प्रशासन की टीम मौके लिए रवाना हो गई है। इधर, भारी बारिश को देखते हुए चमोली जनपद के सभी विकास खंडों में शुक्रवार को अवकाश घोषित कर दिया गया है। भारी बारिश के चलते देवाल में रास्ते जगह-जगह टूट गए हैं। थराली में भी रात से हो रही बारिश से लोग सहमे हैं। आदिबदरी, कर्णप्रयाग में भी तेज बारिश हो रही है।

मौसम विभाग का अलर्ट

बता दें कि प्रदेश में मौसम विभाग ने भारी बारिश का अलर्ट जारी किया हुआ है, जिसमें पिथौरागढ, उधम सिंह नगर, अल्मोड़ा, नैनीताल, देहरादून समेत जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी कर रखा है। इसके साथ ही रुद्रप्रयाग, चमोली, टिहरी, और उत्तरकाशी में येलो अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन भी हाई अलर्ट पर है और लोगों को नदी-नालों से दूरी बनाए रखने की चेतावनी दी है। मौसम वैज्ञानिक सी। एस। तोमर के अनुसार शुक्रवार से अगले चार दिन (29, 30, 31 अगस्त और 1 सितंबर) तक भारी बारिश होने की आशंका है। उन्होंने आईएएनएस को बताया, त्त्पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में भारी वर्ष की रिपोर्ट दर्ज की गई है। अधिकांश इलाकों में अगले छह दिनों के लिए हल्के से मध्यम स्तर की बारिश का अनुमान है। वहीं, 1 सितंबर तक के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जिस दौरान तेज से बहुत तेज बारिश होने का अनुमान है।

कुमाऊं में भी भारी बारिश से हाल बेहाल:

कुमाऊं में भी गढ़वाल जैसा ही हाल है। यहां भी बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो रखा है। हल्द्वानी-भीमताल स्टेट हाईवे पर रानीबाग इलाके में पुल के पास जबरदस्त लैंडस्लाइड हुआ है। इस लैंडस्लाइड में पहाड़ का बड़ा हिस्सा भरभरा कर गिर गया। जिसके चलते के हल्द्वानी से भीमताल और अल्मोड़ा को जाने वाला राज्य मार्ग बंद हो गया था। नया पुल ट्रैफिक के लिए अभी बंद है। पुराने पुल से छोटे वाहन आ-जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने जताया दुःख

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को इस हादसे पर दुख जताया और युद्धस्तर पर राहत बचाव कार्य तेज होने की जानकारी दी। रुद्रप्रयाग के तहसील बसुकेदार क्षेत्र के अंतर्गत बड़ेथ डुंगर तोक और चमोली के देवाल क्षेत्र में बादल फटने की घटना ने भारी तबाही मचाई है। इलाके में कुछ परिवारों के फंसने की भी खबर है। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बादल फटने की घटना को संज्ञान में लिया। उन्होंने तेजी से राहत बचाव कार्य चलाने की बात कही। सीएम धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स‘ पर पोस्ट करते हुए लिखा, त्त्जनपद रुद्रप्रयाग के तहसील बसुकेदार क्षेत्र के अंतर्गत बड़ेथ डुंगर तोक और जनपद चमोली के देवाल क्षेत्र में बादल फटने के कारण मलबा आने से कुछ परिवारों के फंसे होने का दु:खद समाचार प्राप्त हुआ है। स्थानीय प्रशासन द्वारा राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है, इस संबंध में निरंतर अधिकारियों से संपर्क में हूं, आपदा सचिव और जिलाधिकारी से बात कर बचाव कार्यों के प्रभावी संचालन हेतु आवश्यक निर्देश दिए हैं। बाबा केदार से सभी के सकुशल होने की प्रार्थना करता हूं।