नई दिल्ली: दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लोरिश B&B होटल में हुए भीषण अग्निकांड के आरोपी कुक केसर नेगी को जमानत मिल गई है। दिल्ली के साकेत कोर्ट ने मालवीय नगर अग्निकांड के मामले में गिरफ्तार उत्तराखंड मूल के कुक केसर सिंह नेगी को जमानत दे दी है। एडिशनल सेशंस जज समर विशाल ने जमानत देने का आदेश दिया।
जमानत देते हुए अदालत ने कहा कि अभी तक फॉरेंसिक रिपोर्ट रिकॉर्ड पर नहीं है। ऐसे में यह निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता कि आग किस कारण से लगी। अदालत ने यह भी माना कि केवल एक गवाह के बयान के आधार पर आरोपी पर आपराधिक जिम्मेदारी तय करना उचित नहीं होगा। इसी आधार पर केसर नेगी को जमानत दे दी गई।
इसके पहले कोर्ट ने 8 जून को केशर नेगी की जमानत याचिका खारिज कर दिया था। दिल्ली पुलिस ने जून को केशव नेगी को गिरफ्तार किया था। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में केशर नेगी के अलावा होटल के मालिक लवकेश बजाज और मैनेजर जय मिश्रा को गिरफ्तार किया था।
पुलिस ने बताई थी आग लगने की ये वजह
दिल्ली पुलिस की जांच में दावा किया गया था कि होटल की रसोई में रखा ऑयल फ्रायर (Oil Fryer) आग की वजह बना। पुलिस के मुताबिक, केसर नेगी ने अपने लिए चाय बनाने से पहले तेल से भरा फ्रायर ऑन किया था और फिर उसे बंद करना भूल गया। ज्यादा गर्म होने पर तेल ने अपने आप आग पकड़ ली, जिससे आग छत तक पहुंच गई और वहां रखे ज्वलनशील सामान की वजह से पूरे परिसर में तेजी से फैल गई। पुलिस का यह भी आरोप था कि जब कुक वापस लौटा तो उसने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग बेकाबू होने पर वहां से निकल गया। जांच एजेंसी का कहना था कि उसने न तो होटल में ठहरे लोगों को सतर्क किया और न ही तुरंत पुलिस या फायर ब्रिगेड को सूचना दी।
मजिस्ट्रियल जांच में कई एजेंसियों पर सवाल
इस मामले में इससे पहले आई मजिस्ट्रियल जांच रिपोर्ट में सिर्फ कुक ही नहीं, बल्कि कई सरकारी एजेंसियों और होटल प्रबंधन की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठाए गए थे। 111 पन्नों की जांच रिपोर्ट में दिल्ली पुलिस, नगर निगम (MCD), दिल्ली सरकार के पर्यटन विभाग और बीएसईएस राजधनी पावर लिमिटेड (BRPL) की कार्यप्रणाली में गंभीर खामियों का जिक्र किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, इन लापरवाहियों के कारण नियमों का उल्लंघन करने वाली इमारत लंबे समय तक बेड एंड ब्रेकफास्ट (B&B) के रूप में संचालित होती रही।
6 कमरों की मंजूरी, चल रहे थे 26 कमरे
जांच में सामने आया कि होटल को केवल छह कमरों के संचालन की अनुमति मिली थी, लेकिन कथित तौर पर वहां 26 कमरे चलाए जा रहे थे। इनमें बेसमेंट और छत पर बने कमरे भी शामिल थे। इसके अलावा, जिस ग्राउंड फ्लोर पर केवल चाय-नाश्ते की दुकान चलाने की अनुमति थी, वहां कथित तौर पर पूरा रेस्टोरेंट संचालित किया जा रहा था।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि इमारत में बाहर निकलने का पर्याप्त इंतजाम नहीं था। बेसमेंट का निकास बंद था और कई कमरों में डिजिटल लॉक लगे होने के कारण लोगों को बाहर निकलने में भी मुश्किल हुई।
अग्निकांड में 22 लोगों की गई थी जान
दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लोरिश स्टे (Flourish Stay) B&B होटल में बीते 3 जून 2026 को हुए भीषण अग्निकांड में कुल 22 लोगों की मृत्यु हो गई थी। प्रारंभ में 21 लोगों की मौत की पुष्टि हुई थी, लेकिन बाद में उपचार के दौरान एक अन्य विदेशी नागरिक की भी मृत्यु हो गई, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर 22 हो गई। मरने वालों में ज्यादातर विदेशी थे। बचाव कार्य के दौरान आग और धुएं की चपेट में आने से 10 पुलिसकर्मी भी घायल हो गए थे।



