नोएडा: गौतमबुद्ध नगर कमिश्नरेट पुलिस ने आधुनिक तकनीक और प्रभावी पुलिसिंग के दम पर मोबाइल चोरी एवं गुमशुदगी के मामलों में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। बीते लगभग साढ़े तीन वर्षों में पुलिस ने 7,809 चोरी और गुम हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को वापस सौंप दिए हैं। बरामद किए गए मोबाइल फोन की कुल अनुमानित कीमत करीब 23.55 करोड़ रुपये बताई गई है।
पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, 1 दिसंबर 2022 से 31 मई 2026 के बीच जिले के विभिन्न थानों में दर्ज शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए मोबाइल फोन की ट्रैकिंग की गई। इस दौरान सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर (CEIR) पोर्टल और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की सहायता से मोबाइल फोन की लोकेशन का पता लगाया गया। कई मामलों में पुलिस मोबाइल चोरी करने वाले आरोपियों तक भी पहुंची और उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई की गई।
गौरतलब है कि नोएडा के तीनों जोन के थानों और चौकियों में प्रतिदिन मोबाइल चोरी, झपटमारी और गुमशुदगी की शिकायतें दर्ज होती हैं। शिकायत प्राप्त होने के बाद पुलिस संबंधित मोबाइल के आईएमईआई (IMEI) नंबर को ट्रैकिंग सिस्टम में सक्रिय करती है। मोबाइल के कहीं भी चालू होते ही CEIR पोर्टल और आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस तकनीक के माध्यम से उसकी लोकेशन का पता चल जाता है।
इसके बाद संबंधित जानकारी प्रत्येक जोन में तैनात विशेष टीमों को उपलब्ध कराई जाती है। टीम वर्तमान में मोबाइल का उपयोग कर रहे व्यक्ति से संपर्क कर मामले की जानकारी देती है और आवश्यक सत्यापन के बाद मोबाइल को कब्जे में लेकर उसके वास्तविक स्वामी को वापस सौंप देती है।
पुलिस कमिश्नर के निर्देशन में चल रहा ‘मिशन सहयोग’
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में कमिश्नरेट पुलिस द्वारा ‘मिशन सहयोग’ अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चोरी या गुम हुए मोबाइल फोन किसी अन्य व्यक्ति के उपयोग में न रहें, बल्कि उनके वास्तविक मालिकों तक वापस पहुंच सकें।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि समय-समय पर बरामद मोबाइल फोन उनके मालिकों को लौटाए जाते हैं। यह पहल संवेदनशील और जनहितैषी पुलिसिंग का उदाहरण है। अधिकारियों के अनुसार, मिशन सहयोग केवल मोबाइल फोन वापस दिलाने का अभियान नहीं है, बल्कि यह पुलिस और आमजन के बीच विश्वास को मजबूत करने का भी माध्यम बन रहा है।
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने बताया कि मोबाइल चोरी और गुमशुदगी के मामलों के निस्तारण के लिए विशेष अभियान चलाया गया, जिसके तहत CEIR पोर्टल और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से मोबाइल फोन की लोकेशन ट्रेस कर उन्हें बरामद किया गया। सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ये मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे गए।



