गाज़ियाबाद: उत्तराखण्ड की मातृभाषाओं एवं लोकसंस्कृति के संरक्षण और नई पीढ़ी तक उनके प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से रविवार को लोनी स्थित रामपार्क विस्तार में गढ़वाली, कुमाऊँनी एवं जौनसारी ग्रीष्मकालीन शिक्षण कक्षाओं–2026 का शुभारम्भ हर्षोल्लास के साथ किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन A-35, दुर्गा मंदिर, अलकनंदा कॉलोनी, इलायचीपुर, रामपार्क विस्तार, लोनी में किया गया। शुभारम्भ माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर बच्चों द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। प्रथम दिवस कुल 39 बच्चों की उपस्थिति दर्ज की गई।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने उत्तराखण्ड की मातृभाषाओं, लोकसंस्कृति एवं पारम्परिक संस्कारों को नई पीढ़ी तक पहुँचाने की आवश्यकता पर बल दिया। उत्तरांचल सांस्कृतिक भ्रातृ समिति, रामपार्क विस्तार, लोनी, गाज़ियाबाद के अध्यक्ष जयेंद्र नेगी ने शिक्षण केन्द्र में कार्यरत सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए भविष्य में हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने केन्द्र प्रमुख मंजू उनियाल, पुष्पा सती, सह-मीडिया प्रभारी संगीता भट्ट एवं बच्चों के उत्साहपूर्ण सहयोग की सराहना की।
कार्यक्रम में लोक भाषा साहित्य एवं मंच, दिल्ली के संरक्षक एवं डीपीएमआई के चेयरमैन डा. विनोद बच्छेती के विशेष योगदान को भी सराहा गया। वक्ताओं ने कहा कि आज गढ़वाली, कुमाऊँनी एवं जौनसारी भाषाओं का प्रचार-प्रसार देश ही नहीं बल्कि विदेशों तक हो रहा है, जिसका महत्वपूर्ण श्रेय डा. विनोद बच्छेती के सतत प्रयासों को जाता है।
इस अवसर पर समाज के लोगों से मातृभाषा संरक्षण एवं सांस्कृतिक जागरूकता के लिए अधिक से अधिक संख्या में इन शिक्षण कक्षाओं से जुड़ने का आह्वान किया गया।




