Delhi-Dehradun Expressway road caves in: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर करौंदा महाजन-खेड़ा मस्तान के पास सड़क धंसने के मामले में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने बड़ा एक्शन लिया गया है। NHAI की बागपत इकाई ने इंजीनियरिंग कंसल्टेंसी के टीम लीडर कुलदीप कुमार राजदान और निर्माण कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर नागेंद्र पाल सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वहीं, सहायक अभियंता अजय कुमार को डिबार करते हुए तीन अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
यह है मामला:
दरअसल बीती एक जुलाई की बारिश के बाद दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर करौंदा महाजन-खेड़ा मस्तान के पास एक हिस्से में सड़क धंस गई थी, जिससे दो जगह गहरे गड्ढे हो गए थे। जिसके बाद वहां से गुजर रहे एक यात्री की कार फंसकर क्षतिग्रस्त हो गई। घटना के बाद पीड़ित ने गड्ढों का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया था और एक्स हैंडल के माध्यम से भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधिकारियों से भी शिकायत की थी।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद मामला सुर्खियों में आया, जिसके बाद NHAI की टीम हरकत में आई और आनन-फानन में एक्सप्रेस-वे पर बने गड्ढों को भरवाया गया। वहीं, अब इस मामले में NHAI ने कार्रवाई करते हुए टीम लीडर का काम संभाल रहे कुलदीप राजदान और ठेकेदार के प्रोजेक्ट मैनेजर नागेंद्र पाल सिंह को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। इसके साथ ही चैतन्या प्रोजेक्ट्स कंसल्टेंसी (CPC) प्राइवेट लिमिटेड को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। NHAI ने CPC कंपनी से तीन दिन के अंदर जवाब देने को कहा है।
अब NHAI ने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे के प्रभावित हिस्से की मरम्मत का काम पूरा कर लिया है, जिसके बाद अब वहां यातायात पूरी तरह सुचारू हो गया है। हालांकि, पानी की निकासी के लिए बनाई गई नाली के मरम्मत का काम अभी चल रहा है। फिलहाल वैकल्पिक तौर पर एक अस्थाई नाली बनाई गई है, ताकि वहां जल भराव की समस्या न हो।
NHAI की परियोजना कार्यान्वयन इकाई (पीआईयू) बागपत के परियोजना निदेशक नरेंद्र कुमार सिंह की ओर से 2 जुलाई को जारी नोटिस में कहा गया है कि 1 जुलाई को निरीक्षण के दौरान एक्सप्रेसवे के पैकेज-2 में किमी 55+480 (लेफ्ट हैंड साइड) पर बारिश के कारण सड़क की ढलान धंस गई थी। जांच में सामने आया कि यह घटना केवल प्राकृतिक कारणों से नहीं, बल्कि निर्माण में खामियों, अपर्याप्त ढलान सुरक्षा और खराब ड्रेनेज व्यवस्था के कारण हुई।
नोटिस के अनुसार अथॉरिटी इंजीनियर ने नियमित निरीक्षण, गुणवत्ता परीक्षण, समय पर रिपोर्टिंग और ठेकेदार से सुधारात्मक कार्रवाई कराने जैसी जिम्मेदारियों का पालन नहीं किया। न तो खामियों की समय रहते पहचान की गई और न ही निर्माण कंपनी के खिलाफ नॉन-कनफॉर्मिटी रिपोर्ट जारी की गई। NHAI ने इसे गंभीर लापरवाही, कर्तव्य में चूक और प्राधिकरण के विश्वास का उल्लंघन माना है।
इस मामले में कंसल्टेंसी प्रोजेक्ट मैनेजर अजय कुमार, सीनियर इंजीनियर क्वालिटी राजेंद्र कुमार और परियोजना निदेशक नरेंद्र कुमार सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। साथ ही कंसल्टेंसी एजेंसी चैतन्य प्रोजेक्ट्स के सहायक राजमार्ग अभियंता आलोक कुमार को डिबार कर दिया है। कुलदीप कुमार राजदान को तत्काल परियोजना से हटाने और सात दिन के भीतर उनके स्थान पर नए टीम लीडर का प्रस्ताव देने के निर्देश दिए गए हैं। NHAI ने निर्माण एजेंसी एम/एस कृष्णा कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड को भी नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा है।
कंपनी पर गुणवत्ता मानकों का पालन न करने, रखरखाव में लापरवाही और सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा को खतरे में डालने का आरोप लगाया गया है। नागेंद्र पाल सिंह को परियोजना से हटाने के साथ पूरे पैकेज-2 का निरीक्षण कर बारिश से प्रभावित सभी स्थानों की मरम्मत अपने खर्च पर कराने और फोटो सहित रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। NHAI के पीडी नरेंद्र सिंह ने चेतावनी दी है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर भुगतान रोकने, जुर्माना लगाने, डिबार करने और भविष्य की परियोजनाओं से बाहर करने जैसी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
NHAI regrets the inconvenience caused to NH commuters due to the road surface cave-in at a location on the Delhi–Dehradun Economic Corridor following rainfall. The section has been restored and opened for regular traffic movement.
The incident occurred due to localized water… pic.twitter.com/c2LEo2qTxg
— NHAI (@NHAI_Official) July 2, 2026



