देहरादून: पद्मश्री सम्मानित देश के दिग्गज निशानेबाज और अंतरराष्ट्रीय कोच जसपाल राणा (49 वर्ष) का आज 12 जून शुक्रवार को दिल्ली के साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में निधन हो गया। बता दें कि तीन दिन पहले हार्ट अटैक के बाद उनको साकेत मैक्स में भर्ती कराया गया था। जहाँ आज उनका निधन हो गया। उनका पार्थिक शरीर देर शाम को उनके आवास देहरादून पहुंचा। दिवंगत जसपाल राणा के अंतिम दर्शन करने के लिए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत पूर्व सीएम हरीश रावत के अलावा प्रदेश की तमाम राजनीतिक और खेल से जुड़ी हस्तियां उनके घर पहुंची। इस दौरान जसपाल राणा की शिष्य और ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर भी भावुक दिखाई दी।

अपने कोच और मार्गदर्शक को श्रद्धांजलि देने पहुंचीं ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर इस दौरान भावुक नजर आईं। पार्थिव शरीर के सामने पुष्प अर्पित करते समय वह अपने आंसू नहीं रोक सकीं। मनु भाकर ने जसपाल राणा को भारतीय निशानेबाजी का एक युग बताया और कहा कि उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। जसपाल राणा के निधन की खबर से पूरे खेल जगत में शोक की लहर है। उनके आवास पर सुबह से ही लोगों का तांता लगा रहा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जसपाल राणा को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण समेत कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी ने राणा के निधन को खेल जगत की अपूरणीय क्षति बताया।

मैक्स अस्पताल के ग्रुप चेयरमैन का बयान:

मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के ग्रुप चेयरमैन डॉ बलबीर सिंह ने इंटरनेशनल शूटर और भारतीय शूटिंग टीम के हाई परफॉर्मेंस कोच जसपाल राणा को लेकर एक स्टेटमेंट जारी किया है। इस स्टेटमेंट के अनुसार मिस्टर जसपाल राणा को तीन दिन पहले एक्यूट हार्ट अटैक आया था। वह ट्रैवल कर रहे थे और हॉस्पिटल पहुंचने से पहले उन्हें सीने में दर्द हो रहा था। उनकी हालत बहुत क्रिटिकल थी। हार्ट अटैक के लिए जिम्मेदार आर्टरी पूरी तरह से ब्लॉक हो गई थी। पता चला कि उनके हार्ट का पंपिंग फंक्शन बहुत कमजोर हो गया था और उनका हार्ट फेलियर हो गया था।

हार्ट अटैक के बाद देर से आने वाले मरीजों को गंभीर कॉम्प्लीकेशंस का खतरा होता है, जिसमें कार्डियक रप्चर भी शामिल है, जिससे अचानक मौत हो सकती है। मिस्टर राणा काफी ठीक हो गए थे और आज डिस्चार्ज के लिए फिट थे। हालांकि, बदकिस्मती से सोते समय उनका कार्डियक रप्चर अचानक हो गया, जिससे उनकी मौत हो गई। (डॉ. बलबीर सिंह, ग्रुप चेयरमैन – कार्डियक साइंसेज, पैन मैक्स और चीफ ऑफ इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी एंड इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी, मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, साकेत)

बता दें कि जसपाल राणा भारतीय निशानेबाजी के सबसे बड़े नामों में शुमार थे। उन्होंने अपने शानदार करियर में कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स सहित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में कुल 23 पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। खिलाड़ी के साथ-साथ कोच के रूप में भी उन्होंने कई प्रतिभाओं को तराशा। मनु भाकर समेत अनेक निशानेबाजों की सफलता के पीछे उनके मार्गदर्शन को अहम माना जाता है।

दरअसल, जसपाल राणा विश्व कप प्रतियोगिता के सिलसिले में जर्मनी गए थे। वहां से लौटने के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें दिल्ली के मैक्स साकेत अस्पताल में भर्ती कराया गया। पिछले कई दिनों से उनका उपचार चल रहा था, लेकिन शुक्रवार सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली। शुक्रवार शाम उनका पार्थिव शरीर देहरादून के पोंधा स्थित मझौन गांव स्थित आवास लाया गया, जहां अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ी।

शनिवार को काशी में होगा अंतिम संस्कार

जसपाल राणा का अंतिम संस्कार शनिवार को वाराणसी के मर्णिकर्णिका घाट पर पूरे राजकीय और धार्मिक सम्मान के साथ किया जाएगा। उनका पार्थिव शरीर बाबतपुर एयरपोर्ट लाया जाएगा, जहां अंतिम सलामी दी जाएगी। कॉमनवेल्थ खेलों में नौ पदक जीतने वाले जसपाल राणा के निधन पर खेल जगत में शोक है। काशी के शूटरों ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की। जसपाल राणा के निधन से उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे भारतीय खेल जगत ने एक ऐसे खिलाड़ी, कोच और प्रेरणास्रोत को खो दिया है, जिसने अपनी प्रतिभा और समर्पण से देश को अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई पहचान दिलाई।