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श्रीनगर से हरिद्वार जा रही कार अनियंत्रित होकर खाई में गिरी, दो लोगों की मौत, दो घायल

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car fell into ditch in badrinath highway

ऋषिकेश : ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर सोमवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। प्राप्त जानकारी के मुताबिक श्रीनगर से हरिद्वार जा रही एक आई-20 कार कौड़ियाला से करीब 2 किलोमीटर पहले सकनीधार के पास अचानक अनियंत्रित होकर करीब 100 मीटर गहरी खाई में गिर गई। इस दर्दनाक हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि दो लोग घायल बताए जा रहे हैं।

सूचना के मुताबिक रविवार को हरिद्वार से 4 लोग कार में सवार होकर श्रीनगर गए थे। आज शाम जब वे वापस हरिद्वार जा रहे थे, तभी कौड़ियाला से 2 किलोमीटर पहले सकनीधार के पास उनकी कार अचानक अनियंत्रित होकर करीब 100 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। इस हादसे में चालक प्रदीप कुमार (42) निवासी ज्वालापुर हरिद्वार और सरल (17) निवासी टिपड़ी हरिद्वार, की मौके पर मौत हो गई। जबकि  ओमप्रकाश (75) निवासी ज्वालापुर हरिद्वार तथा जतिन (17) निवासी ज्वालापुर, हरिद्वार घायल हो गए हैं। हादसे की सूचना घटनास्थल पर पहुंची पुलिस टीम ने घायलों रेस्क्यू कर इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया है। जबकि मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

श्रीनगर चुंगी में घूम रही असहाय महिला को परिजनो से मिलाकर, पुलिस ने निभाया मानवता का फर्ज

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Police fulfills duty of humanity, by handover helpless woman with family

श्रीनगर गढ़वाल : जनपद पौड़ी गढ़वाल के थाना श्रीनगर के अन्तरगत शनिवार को एक गरीब व असहाय महिला श्रीनगर चुंगी के पास में घूमती हुई मिली, जो पौड़ी जाने के लिये बस का इन्तजार कर रही थी। इस पर चीता पुलिस कर्मियों द्वारा उक्त महिला को सुरक्षा की दृष्टि से महिला थाना श्रीनगर लेकर आये, जहाँ पर पुलिस कर्मियों ने उक्त महिला से उनका पता जानने की कोशिश की ताकि उन्हें उनके परिजनों को सौंप दिया जाए, पूछताछ करने पर महिला ने अपना नाम पूनम उर्फ प्रिया पत्नी रमेश चन्द्र निवासी ग्राम-फैगू, पो0- नागजगई तहसील बसुकेदार, जनपद रूद्रप्रयाग बताया। उक्त महिला ने बताया कि अपने ससुरालियों से झगड़ा होने पर वह ससुराल से पैदल ही निकल गयी, और शनिवार रात्रि लगभग 9.00 बजे श्रीनगर पहुँची। परन्तु लॉकडाउन के चलते गाड़ी नही मिली तो वह पैदल अपनी बहन अनीता देवी पत्नी महावीर सिंह निवासी जीआईसी पौड़ी के पास जा रही थी।  इस पर महिला पुलिस कर्मियों द्वारा उक्त महिला की रूकने व भोजन पानी की व्यवस्था की गयी। रविवार को पुलिस द्वारा महिला के भाई से सम्पर्क कर, उक्त महिला को वाहन में बैठाकर सकुशल उनकी बहिन अनीता देवी के पास पौड़ी भिजवाया गया। पुलिस के इस सराहनीय कार्य की स्थानीय जनता और महिला के परिजनों द्वारा उत्तराखंड पुलिस की सराहना करने के साथ ही पुलिस का आभार व्यक्त किया गया।

पुलिस टीमः-

  1. उ0नि0 टीना रावत
  2. हे0 कान्स. 28 ना0पु0 विजय चौधरी
  3. कान्स. 170 ना0पु0 दिनेश बुटोला
  4. कान्स. 95 ना0पु0 नवीन थपलियाल

 

उत्तराखंड: सीएम त्रिवेन्द्र ने कोविड-19 के दृष्टिगत इन 3 जिलों के लिए कुल 7.5 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की

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देहरादून : मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कोविड-19 के दृष्टिगत जिलाधिकारी नैनीताल को 03 करोड, ऊधम सिंह नगर को 2.50 करोड़ तथा पिथौरागढ़ को 02 करोड़ की धनराशि मुख्यमंत्री राहत कोष से स्वीकृत की है। मुख्यमंत्री द्वारा इससे पूर्व भी इस महामारी की रोकथाम एवं बचाव के साथ ही क्वारंटीन सेन्टरों की व्यवस्थाओं में सुधार तथा पीड़ितों को आवश्यक स्वास्थ्य सुविधायें उपलब्ध कराये जाने हेतु जनपद नैनीताल एवं ऊधम सिंह नगर को 03-03 करोड़ तथा पिथौरागढ़ को 02 करोड़ की धनराशि प्रदान की जा चुकी है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने सभी जिलाधिकारियों को उनके जनपद में बाहर से आने वाले लोगों की आवश्यक मदद करने एवं क्वारंटीन सेन्टरों की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं, ताकि यहां रह रहे लोगों को कोई कठिनाई न हो। उन्होंने कहा कि इसके लिये सभी जिलाधिकारियों को उनकी अपेक्षा अनुसार धनराशि की व्यवस्था की गई है। इसके लिये आगे भी धनराशि की कमी नहीं होने दी जायेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा है कि स्वास्थ्य विभाग को इस महामारी से निपटने के लिये आवश्यक धनराशि उपलब्ध करायी जा रही है। इसके लिए 25 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई थी जिसमें से 10 करोड़ पूर्व में स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध करायी जा चुकी है, जब कि अब अवशेष 15 करोड़ की धनराशि भी स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध करा दी गयी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वैश्विक आपदा के समय अपने गांव लौटे लोगों को आवश्यक सहयोग एवं सुविधा उपलब्ध कराने के लिये जिलाधिकारियों के माध्यम से पूर्व में सभी ग्राम प्रधानों को 10-10 हजार की धनराशि प्रदान की गई थी। प्रदेश में गांव हो या शहर कोविड- 19 की रोकथाम हेतु की जाने वाली व्यवस्थाओं एवं सुविधाओं पर पूरा ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि इस महामारी के पीड़ितों की हम मानवीय संवेदनाओं के साथ ही बेहतर सेवा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जनपदों में बाहर से आने वाले लोगों की उचित देखरेख एवं क्वारंटीन सेन्टरों की व्यवस्थाओं व सुविधाओं में कोई कमी न रहे।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि आपसी सहयोग एवं समन्वय से हम इस वैश्विक आपदा का सामना कर सकते हैं। इसके लिये जन जागरूकता के साथ जन सहयोग भी जरूरी है। उन्होंने शारीरिक दूरी व मास्क के उपयोग को इस बीमारी से बचाव के लिये जरूरी बताया है, इसका पालन हम सबको करना चाहिए।

राजकीय संयुक्त चिकित्सालय केंद्र मसूरी को हंस फाउंडेशन ने एम्बुलेंस सौंपी

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Hans Foundation handed over ambulance to State Joint Hospital Center Mussoorie

हंस फाउंडेशन की संस्थापक परम पूज्य माताश्री मंगला जी एवं भोले जी महाराज ने मुख्य चिकित्साधिकारी डाक्टर बीसी रमोला को मसूरी विधायक गणेश जोशी की उपस्थिति में एम्बुलेंस की चाबी सौंपी। इस अवसर पर माताश्री मंगला जी के कहा कि आज पूरा देश कोविड-19 संक्रमण से जूझ रहा है। लाखों लोग को इसके चलते कई संकटों से लड़ना पड़ रहा हैं। उन्होंने कहा कि देश को कोरोना महामारी से जल्द से जल्द उभारने के लिए हंस फाउंडेशन उत्तराखंड सहित देश के विभिन्न राज्यों में निरंतर सेवा प्रदान कर रहा है। जिसमें खाद्य सामग्री, मास्क, सैनेटाइजर, मैडिकल उपकरण सहित अन्य जरूरी सामान भी प्रदान किए जा रहे है।

इस संकट के समय में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य की सबसे ज्यादा आवश्यकता है। जिसके लिए हंस फाउंडेशन कटिबद्ध है। कोविड-19 संक्रमण से लड़ने के लिए आगे भी हंस फाउंडेशन की सेवाएं विभिन्न योजनाओं के तहत जारी रहेगी।

इस मौके पर विधायक गणेश जोशी ने माता मंगला जी का आभार प्रकट करते हुए कहा कि कोरोना काल में स्वास्थ्य के क्षेत्र में हंस फाउंडेशन द्वारा अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे है।  मसूरी अस्पताल के लिए एक एम्बुलेंस प्रदान किये जाने का अनुरोध किया गया था जिसको स्वीकारते हुए आज मसूरी अस्पताल के लिए एम्बुलेंस की चाबी सीएमओ को दी गयी है। उन्होंने मसूरी की जनता की ओर से हंस फाउंडेशन की आभार प्रकट किया। विधायक जोशी ने बताया कि हमने माताश्री मंगला जी से मसूरी अस्पताल के लिए एक और बहु आयामी वाहन/एम्बुलेंस का अनुरोध किया था। जो शीघ्र ही हंस फाउंडेशन द्वारा प्रदान किया जाएगा।

उत्तराखंड : भारत-चीन सीमा को जोड़ने वाली मुनस्यारी-मिलम सड़क पर बना पुल टूटा

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पिथौरागढ़ : उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माने जाने वाली एवं भारत-चीन सीमा को जोड़ने वाली मुनस्यारी-मिलम सड़क पर बना पुल सोमवार को टूट गया। यह हादसा उस वक्त हुआ जब भारत-चीन सीमा पर एलएसी (Line of Actual Control) से 65 किमी की दूरी पर स्थित सेनरगाड़ नदी पर बने पुल के ऊपर से एक भारी भरकम पोकलैंड मशीन से लदा ट्राला गुजर रहा था। घटना सोमवार सुबह करीब 9 बजे की बताई जा रही है, जब मुनस्यारी-मिलम सड़क निर्माण के लिए एक ट्राला, पोकलैंड मशीन ले जा रहा था।

सेनरगाड़ नदी पर बने वैली ब्रिज के टूटते ही ट्राले में लदी पोकलैंड मशीन नदी में समा गई। हादसे में ट्राला चालक और पोकलैंड ऑपरेटर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना पर पहुंचे स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर ट्राला चालक गोवर्धन सिंह निवासी लमगड़ा अल्मोड़ा और पोकलैंड ऑपरेटर लखविन्दर सिंह निवासी पंजाब को अस्पताल पहुंचाया। दोनों घायलों का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुनस्यारी में उपचार चल रहा है।

सेनरगाड़ में पुल के टूटने से चीन सीमा से संपर्क टूट गया है। सीमा पर तैनात भारतीय सेना और आईटीबीपी की दिक्कतें बढ़ गई हैं। इसी रास्ते से भारतीय जवानों को रसद और खाद्य सामग्री पहुंचा जाती है। वहीँ दो दर्जन से अधिक माइग्रेशन गांवों का मुनस्यारी मुख्यालय से संपर्क टूट गया है।

उत्तराखंड में आज दोपहर तक मिले 57 नए कोरोना के केस, 10 पौड़ी गढ़वाल से, 2401 हुई संक्रमितों की संख्या,

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corona positive case in uttarakhand

देहरादून : उत्तराखंड में आज दोपहर तक कुल 57 नए लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है। जिसके बाद अब राज्य में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढक़र 2401 हो गई है। हालांकि अब तक कुल संक्रमित मरीजों में से 1511 लोग स्वस्थ्य होकर अस्पतालों से डिस्चार्ज हो चुके हैं। जबकि विभिन्न अस्पतालों में 848 एक्टिव मरीज चिकित्सकों की निगरानी में भर्ती हैं। वहीँ अब तक कोरोना से 27 मरीजों की मौत भी हो चुकी है।

स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार आज दोपहर में 57 लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है। आज मिले कोरोना पॉजिटिव मरीजों में से सबसे ज्यादा 17 लोग हरिद्वार के हैं। जबकि 15 उधमसिंह नगर से सामने आये हैं। इसके अलावा अल्मोड़ा से 11 तथा पौड़ी गढ़वाल से 10 कोरोना संक्रमित लोग मिले हैं। वहीँ नैनीताल में 02 तथा टिहरी और देहरादून में एक-एक कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं।

पौड़ी में आज मिले 10 कोरोना पॉजिटिव लोगों में से 6 लोग दिल्ली से गए है। वहीँ  02 लोग वहीँ के लोकल है, जबकि 2 अन्य की हिस्ट्री अभी पता नहीं लग पाई है।

उत्तराखंड में अब तक कोरोना covid-19 के जिलेवार मामले

जनपद कोरोना के मरीज
देहरादून607
नैनीताल368
टिहरी377
हरिद्वार288
उधमसिंह नगर152
पौड़ी109
अल्मोड़ा149
पिथौरागढ़64
चमोली63
उत्तरकाशी57
बागेश्वर59
चंपावत48
रुद्रप्रयाग60
कुल2401

 

मुख्यमंत्री ने त्रिस्तरीय पंचायतों को 238.38 करोड़ की धनराशि का किया डिजिटल हस्तान्तरण

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15वें वित्त आयोग की 143.50 करोड़ रूपये की अनटाईड अनुदान धनराशि का हस्तान्तरण। राज्य वित्त आयोग की 94.88 करोड़ की धनराशि का हस्तान्तरण।

देहरादून : मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सोमवार को सचिवालय में डिजिटल माध्यम से त्रिस्तरीय पंचायतों (ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत) को कुल 238.38 करोड़ रूपये की धनराशि का हस्तान्तरण किया। जिसमें 15वें वित्त आयोग की प्रथम किश्त एवं राज्य वित्त आयोग की धनराशि का एक साथ डिजिटल हस्तान्तरण किया गया। जिसमें उत्तराखण्ड की 7791 ग्राम पंचायतों, 95 क्षेत्र पंचायतों एवं 13 जिला पंचायतों के लिए 15 वें वित्त आयोग की 143.50 करोड़ रूपये की अनटाईड अनुदान धनराशि एवं राज्य वित्त आयोग की 94.88 करोड़ की धनराशि शामिल है।

डिजिटल इंडिया प्रोग्राम के तहत 15 वें वित्त आयोग एवं राज्य वित्त आयोग द्वारा पंचायतों हेतु संस्तुत अनुदानों को ऑनलाइन एक साथ डिजिटल हस्तान्तरण के माध्यम से संबंधित पंचायतों को हस्तान्तरित करने की शुरूआत की गई। इस महत्वाकांक्षी योजना के प्रथम चरण में 09 फरवरी 2020 को हरिद्वार में आयोजित जिला पंचायत अध्यक्षों/उपाध्यक्षों एवं क्षेत्र पंचायत प्रमुखों के अभिमुखीकरण कार्यक्रम में केन्द्रीय पंचायतीराज मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर एवं मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत द्वारा 14वें वित्त आयोग एवं राज्य वित्त आयोग की धन राशियों के एकमुश्त डिजिटल हस्तान्तरण की शुरूआत की गई।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि भारत सरकार द्वारा लागू मा. प्रधानमंत्री जी की महत्वाकांक्षी योजना डिजिटल इंडिया का प्रोग्राम का उद्देश्य सरकारी सेवाओं को उन्नत करना, सरकारी योजनाओं की जानकारी ऑनलाइन पंहुचाना एवं ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देना है। प्रधानमंत्री जी द्वारा राष्ट्रीय पंचायत दिवस के अवसर पर 24 अप्रैल 2020 को ई-ग्राम स्वराज पोर्टल का शुभारम्भ किया गया। उन्होंने कहा कि इससे जहां एक ओर राजकीय कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी वहीं पोर्टल के माध्यम से पंचायत को केन्द्रीय वित्त एवं राज्य वित्त व अन्य स्त्रोतों से प्राप्त धनराशि एवं पंचायत में कराये जा रहे विकास कार्यों की प्रगति के साथ-साथ अन्य जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि पंचायतों को एक साथ धनराशि का डिजिटल हस्तान्तरण से पंचायतों को विकासपरक योजनाओं के साथ-साथ कोरोना वायरस महामारी से ग्रामवासियों केे बचाव हेतु आवश्यक उपायों और बाहर से आये नागरिकों को संस्थागत क्वारंटीन सबंधी व्यवस्था हेतु सामुदायिक भवनों की स्वच्छता, विद्युत व्यवस्था, पेयजल, सैनिटाइजेशन एवं अन्य आवश्यक कार्यों को पूर्ण करने में सहायता मिलेगी।

इस अवसर पर जानकारी दी गई कि वित्त विभाग के शासनादेश के अनुसार केन्द्रीय वित्त के संदर्भ में प्राथमिक अनुदान अनटाईड है, जिसका उपयोग स्थानीय निकायों द्वारा स्थान-विशिष्ट आवश्यकताओं के लिए किया जा सकता है। राज्य वित्त आयोग की अनुदान राशि से निर्वाचित जन प्रतिनिधियों का मानदेय पंचायतीराज विभाग द्वारा भुगतान किया जायेगा। अवशेष धनराशि में से 20 प्रतिशत धनराशि कोरोना महामारी के बचाव हेतु प्रचार-प्रसार, सेनेटाईजेशन व महामारी से सबंधित अन्य कार्यों पर व्यय की जायेगी। इसके अलावा जलापूर्ति व्यवस्था, सीवरेज ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, जल निकासी एवं स्वच्छता, सामुदायिक परिसम्पतियों के रख-रखाव, स्ट्रीट लाईट तथा आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण/अतिरिक्त कक्षा कक्ष का निर्माण एवं सामुदायिक भवन निर्माण आदि विकास कार्य किये जायेंगे। इस अवसर पर सचिव पंचायतीराज बृजेश कुमार संत, निदेशक पंचायतीराज एच.सी. सेमवाल एवं पंचायतीराज विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

अपने ऊपर हावी न होने दें नकारात्मक सोच, निराशा से लड़ने की जरूरत है डरने की नहीं : डॉ. कुमार विश्वास

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ग्रेटर नोएडा : वैश्विक महामारी कोरोना की वजह से आज हर क्षेत्र प्रभावित हुआ है। संकट के इस काल में मन में किसी तरह का नकारात्मक विचार उत्पन्न न हो यह बहुत जरूरी है। कोरोना महामारी से लड़ने के साथ शासन व प्रशासन लोगों का हौंसला बढ़ाने का भी काम कर रहा है। इस दिशा में आगे बढ़ते हुए गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय भी छात्रों में नये उत्साह का संचार करने की कोशिश में लगा है। ऑनलाइन तकनीक के माध्यम से नये छात्रों के इंडक्शन पखवाड़ा कार्यक्रम के तहत ऐसी हस्तियों से रूबरू कराया जा रहा है,जो अपने प्रेरणादायक संबोधन से नये ऊर्जा का संचार कर रहे हैं। देश के सुप्रसिद्ध कवि डॉ. कुमार विश्वास ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में छात्रों को बताया कि एजुकेटेड होना और लर्नेद (काबिल) होने में क्या अंतर है। उन्होंने कहा कि ये अंतर सिर्फ और सिर्फ भारत की शिक्षा पद्धति में ही मिल सकता है। विश्वविद्यालय शिक्षित कर सकता है, लेकिन जीवन में जीने के लिए लर्नेद यानी ज्ञानी होना होगा। डॉ. कुमार विश्वास ने भारत के प्राचीन मूल्यों का उदाहरण देते हुए छात्रों का उत्साहवर्धन किया। इतिहास की कई घटनाओं के जरिए यह समझाने का प्रयास किया कि किस तरह प्राचीन काल से लेकर आज के समय तक लोगों ने हर विषय परिस्थिति का सामना किया और उस पर जीत हासिल की। कोशिश करने पर हर विषयम परिस्थिति का मुकाबला किया जा सकता है। डॉ.विश्वास ने फिल्म कलाकार सुशांत सिंह राजपूत द्वारा आत्महत्या करने के मुद्दे को भी साझा किया, जिनके साथ चंदा मामा नामक फिल्म पे वो काम कर रहे थे। आत्महत्या को उन्होंने साफ शब्दों में नकारा ही नहीं बल्कि इस बात पर जोर दिया कि ऐसी कोई परिस्थिति को अपने आप पर हावी ही नहीं होने देना चाहिए कि कोई व्यक्ति आत्महत्या जैसा कदम उठाने को सोचे भी। एक छात्र द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए डॉ. कुमार विश्वास ने इतिहास के कई उदाहरण दिए, जिसमें महात्मा गांधी से लेकर रोजेवेल्ट, विन्स्टॉन चर्चिल, मुस्सोलिनी, हिट्लर आदि का जिक्र कर यह समझाने की कोशिश की कि निराशा से लड़ने की जरूरत है डरने की नहीं। इस मौके पर कुलपति प्रो. भगवती प्रकाश शर्मा, डॉ. मनमोहन सिंह शिशौदिया, डॉ. अरविंद कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।

ब्लड बैंक श्रीकोट के लिए रोटरी क्लब द्वारा आयोजित रक्तदान शिविर में किया गया 62 यूनिट रक्तदान

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श्रीनगर गढ़वाल : रोटरी क्लब श्रीनगर द्वारा रविवार को अदिति वेडिंग प्वांइट में एक बड़े रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। बेस अस्पताल श्रीकोट के ब्लड बैंक के लिए आयोजित इस रक्तदान शिविर में श्रीनगर क्षेत्र के जागरूक लोगों ने बडी संख्या में रक्तदान किया। शिविर में कुल 62 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया।

रक्तदान शिविर का शुभारम्भ मुख्य अतिथि, नगर पालिका अध्यक्ष पूनम तिवाडी ने किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वयं भी रक्तदान किया और सभी से रक्दान करने के अपील करते हुए कहा कि रक्तदान सबसे बडा दान है। उन्होंने कहा रक्तदान कर हम किसी की जिन्दगी बचा सकते है और किसी का जीवन बचाने से बडा और क्या हो सकता है। उन्होने कहा कि यदि हम मिल कर इसी प्रकार रक्दान शिविर आयोजित करते रहेगें तो कोई भी व्यक्ति बिना रक्त के नहीं मरेगा, उसे जरूरत के समय अस्पताल में रक्त मिल जायेगा। तिवाडी ने रोटरी क्बल के सराहना करते हुये कहा कि रोटरी क्बल हमेशा सामाजिक कार्यो को करता रहता है। रोटरी क्बल का इसी महीने यह तीसरा रक्तदान शिविर है जो कि हम सभी के लिए एक अच्छा उदाहरण है।blood-donation-camp-srinagar-garhwal

इस दौरान ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. सतीश कुमार ने उपस्थित लोगों के रक्तदान से सम्बंधित जानकारी विस्तार पूर्वक दी। उन्होंने रक्तदानदाताओं के स्वास्थ्य को देखते हुए 62 लोगों को ही रक्तदान के लिए चुना। इस अवसर पर रोटरी क्लब अध्यक्ष नवलकिशोर जोशी, महासचिव अर्जुन गुसांई की पहल पर रक्तदानदाताओं की सूची भी बनायी। जिससे जरूरत पड़ने पर समय-समय पर बेस अस्पताल के ब्लड बैंक को रक्तदानदाता तत्काल उपलब्ध भी कराए जा सकें।

रोटरी क्लब अध्यक्ष नवलकिशोर जोशी ने कहा कि क्लब का यह इसी महीने महीने का तीसरा रक्दान शिविर है। वहीं उन्होने सभी रक्तदाताओं का धन्यवाद भी किया। रक्दान करने वालों में नगर पालिका अध्यक्ष पूनम तिवाडी, नगर पालिका अघिशासी अधिकारी राजेश नैथानी, सभासद हिमांशु बहुगुणा, सूरज कुमार, संजय फौजी सहित शेफाली घिल्डिलयाल, गुड्डी घिल्डियाल, सृष्टि मल्ल, आरती जोशी, साक्षी, सुमन आदि महिलाओं ने रक्तदान में बढ चढ कर भाग लिया। रक्तदान शिविर आयोजन में रोटरी क्लब सचिव अर्जुन गुसांई, मनोज कंडवाल, वेदव्रत शर्मा, प्रदीप मल्ल, एसपी घिल्डियाल, एसएन कोठियाल, अनूप घिल्डियाल, दिनेश जोशी आदि का विशेष सहयोग रहा।

पुरानी पेंशन बहाली को लेकर संयुक्त मोर्चा ने चलाया पोस्टर, बैनर अभियान

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पौड़ी गढ़वाल : राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा ने रविवार को जिला मुख्यालय पौड़ी में पुरानी पेंशन की बहाली को लेकर पोस्टरों व बैनरों के माध्यम से जन-जागरूकता अभियान चलाया। जन जागरूकता अभियान के दौरान कर्मचारियों ने प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को संबोधित पोस्टर बैनरों के माध्यम से सरकार से पुरानी पेंशन को फिर से बहाल करने की मांग उठाई। राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली मोर्चा द्वारा पूरे देश में रविवार को अपने पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर पोस्टर व बैनरों के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान कर्मचारियों ने अपने-अपने घरों पर रहकर विभिन्न जागरूकता संबंधी पोस्टर व बैनर सोशल मीडिया पर प्रचारित करते हुए सरकार से पुरानी पेंशन को फिर से बहाल करने की मांग उठाई। अभियान में कर्मचारियों के परिजनों ने भी बढ़चढ़कर हिस्सा लिया। मोर्चा के प्रदेश संहसंयोजक सीताराम पोखरियाल ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर पोस्टर व बैनरों के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया गया है। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली की मांग लंबे समय से की जा रही है लेकिन केंद्र व राज्य सरकार इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है। जिससे कर्मचारियों को अपने भविष्य की चिंता सता रही है। उन्होने कहा कि 01 अक्टूबर 2005 के बाद से सरकारी सेवा में नियुक्त कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बंद कर दी गई है। पुरानी पेंशन बंद होने से कर्मचारियों का भविष्य अंधकार में चला गया है। लंबी सरकारी सेवा करने बाद अधिकारियों, शिक्षकों व कर्मचारियों की सेवानिवृत्ती होने पर इस पुरानी पेंशन से कर्मचारियों को कोई लाभ मिलेगा। कहा कि नई पेंशन योजना के तहत कर्मचारियों का पैसा शेयर मार्केट में लगाया जा रहा है। इस पैसे का कोई लेखा-जोखा भी नहीं है। कहा कि सासंदों व विधायकों को 5 साल चुनने के बाद पेंशन का लाभ दिया जाता है लेकिन कर्मचारियों के साथ अन्याय किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन को फिर से लागू करने के लिए मोर्चा लगातार संघर्षरत है और कोरोना महामारी में भी नियमों का पालन करते हुए पेंशन की बहाली को लेकर कार्यक्रम किए जा रहे है। अभियान में मंडल अध्यक्ष जयदीप रावत, गढ़वाल संयोजक जसपाल रावत, सोहन रावत, कुलदीप आदि मौजूद रहे।

 

पुरानी पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा देहरादून

देहरादून : पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा देहरादून के कर्मचारी पुरानी पेंशन बहाली आंदोलन के तहत 26 जून को ट्विटर पर आंदोलन चलाएंगे। आंदोलन के प्रदेश अध्यक्ष रघुवीर सिंह बिष्ट, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष जीत मणि पैन्यूली और महामंत्री मुकेश रतूड़ी ने बताया कि यह तय किया गया है कि 26 को आंदोलन कोरोना योद्धाओं के प्रति सम्मान प्रकट करेगा साथ ही कोरोना से लड़ते हुए जान गंवाने वाले कोरोना वारियर्स को श्रद्धांजलि देगा। आंदोलन के तहत कर्मचारी एक पोस्टर लेकर अपनी फोटो या वीडियो ट्वीट करेंगे।

पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा श्रीनगर ने प्रधानमंत्री से की पुरानी पेंशन बहाली की मांग

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श्रीनगर: राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा श्रीनगर के तत्वाधान में मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीपी रावत, प्रदेश संयोजक मिलिन्द बिष्ट तथा मण्डलीय सचिव सीताराम पोखरियाल के नेतृत्व में रविवार 21 जून को राष्ट्रीय जागरूकता दिवस मनाया गया। इस अवसर पर सभी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं शिक्षकों द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से 2004 के पश्चात नियुक्त कर्मचारियों हेतु पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग की गई। कार्यक्रम में संयुक्त सचिव गढ़वाल मंडल सौरभ नौटियाल, महेश गिरी, जसपाल सिंह गुंसाई, मनोज भण्डारी, श्रीकृष्ण उनियाल, पूर्व मण्डलीय मंत्री शिव सिंह नेगी, मनोज काला, पूजा नेगी, शैलेन्द्र सिंह, शांति खत्री, सुरेंद्र गोदियाल, अमित आदि ने प्रतिभाग किया।