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उत्तराखंड : आज दोपहर तक मिले कोरोना के 43 नए केस, 1985 हुई संक्रमितों की संख्या

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देहरादून : उत्तराखंड में आज (बुधवार) दोपहर तक 43 नए कोरोना पॉजिटिव मामले सामने आये हैं। जिसके बाद राज्य में कोरोना संक्रमित मरीजों का आंकड़ा बढ़कर 1985 हो गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा बुधवार दोपहर को जारी स्वास्थ्य बुलेटिन के अनुसार आज 43 मामले पॉजिटिव आये जबकि 613 मामले नेगेटिव आये हैं। जिसके बाद राज्य में अब संक्रमित मरीजों की संख्या बढक़र 1985 हो गई है। हालांकि कुल संक्रमित मरीजों में से अब तक 1230 लोग स्वस्थ्य होकर अस्पतालों से डिस्चार्ज हो चुके हैं। जबकि विभिन्न अस्पतालों में 717 एक्टिव मरीज चिकित्सकों की निगरानी में भर्ती हैं। वहीँ अब तक कोरोना से 25 मरीजों की मौत भी हो चुकी है। आज सबसे ज्यादा 14 कोरोना के मरीज अल्मोड़ा जिले में सामने आये हैं, जबकि टिहरी में 09, देहरादून और नैनीताल में 8-8 कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। वहीँ दो मरीज रुद्रप्रयाग में तथा एक-एक कोरोना पॉजिटिव पौड़ी तथा उत्तरकाशी जिले में सामने आया है। आज कोरोना पॉजिटिव आये मरीजों में से ज्यादातर लोग बाहरी राज्यों से यहाँ लौटे हैं।

पौड़ी : गलवान घाटी में चीन की नापाक हरकत का युवा कांग्रेस ने किया विरोध, चीनी समान के आयात पर तत्काल रोक लगाने की मांग

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पौड़ी गढ़वाल : पूर्वी लद्दाख के गलवान घाटी में जिस प्रकार से चीन ने सीमा विवाद को लेकर वार्ता करने गए भारतीय जवानों पर कायरतापूर्ण हमला किया, जिसमें 20 भारतीय जवान शहीद हो गए। चीन द्वारा की गई इस गद्दारी का युवा कांग्रेस पौड़ी ने घोर विरोध किया। जिला उपाध्यक्ष युवा कांग्रेस आशीष नेगी ने केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि भारतीय जवानों की शहादत का बदला चीन से जल्द ही लिया जाए, ये 1962 का नही 2020 का हिंदुस्तान है। अब वक्त आ गया है कि चीन को आर्थिक रूप से भी क्षति पहुचाई जाए। जहां भारत मे चीन अपना अच्छा खासा व्यपार करता है और आज भारत को ही आंख दिखा रहा। प्रदेश सचिव एनएसयूआई मोहित सिंह ने कहा कि सभी आमजन के द्वारा सभी चीनी सामानों का बायकॉट किया जाना चाहिए। जिससे चीन को सबक मिल सके और सरकार को भी चीनी समान आयात पर तत्काल रोक लगाए और स्वेदशी अपनाए।

विरोध करने वालों में जिला उपाध्यक्ष युवा कांग्रेस आशीष नेगी, प्रदेश सचिव एनएसयूआई मोहित सिंह, राहुल नेगी,  दीपक नौटियाल, आकाश रावत, पवन गॉड, संजना गुजराल आदि मौजूद रहे।

सीएम त्रिवेन्द्र ने शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि चीन ने एक बार फिर छलावा किया

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Galvan Valley of Ladakh

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि चीन ने एक बार फिर से छलावा किया है। नियमित शांति वार्ता के दौरान चीन ने हमारे सैनिकों पर आक्रमण किया है। लेकिन हमारे सैनिकों ने जो शहादत दी और चीन को मुंहतोड़ जवाब दिया है, उससे चीन को समझ आ जाना चाहिए कि भारत की सेना किसी का भी सामना कर सकती है। अब चीन की गलतफहमी दूर हो जानी चाहिए। हमारे सैनिक निहत्थे थे, वे बातचीत करने गए थे, धोखे के साथ उनपर आक्रमण किया गया। लेकिन हमारे जवानों ने पराक्रम के साथ जवाब दिया। हमारे सैनिकों की शहादत और वीरता को नमन है।

CM Trivendra paid tribute to the martyred soldiers

उन्होंने कहा कि लद्दाख में भारत चीन सीमा पर झड़प में शहीद हुए भारतीय सेना के जवानों की शहादत को कोटि कोटि नमन करता हूं। विषम परिस्थितियों में भी हमारी सेना दृढ़ विश्वास से देश की रक्षा में डटी है। यह हमारी सेना के युद्धकौशल और पराक्रम को दर्शाता है। देश प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सेना के साथ है।

उत्तराखंड की रानी लक्ष्मीबाई वीर बाला तीलू रौतेली

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हिमालय की गोद में स्थित उत्तराखंड की अलौकिक सुन्दरता की आभा अपने आप में विशिष्ट व प्रभावकारी दृष्टिगोचर होती है। यहीं से सूर्य भगवान सर्वप्रथम अपनी रश्मियों से समूचे जगत को आलोकित करते हैं। यहां प्राचीन काल से अनेक नारी रत्नों ने अपने शौर्य रश्मियों का आलोक विकीर्ण किया है। इसी आधार पर मनुस्मृति में कहा गया है- यत्र नार्येस्तु पूज्यते रमन्ते तत्र देवता ‘अर्थात जहां नारियों की पूजा होती है ‘वहाँ देवता निवास करते हैं। छायावादी काव्य धारा के आधारभूत स्तम्भ जयशंकर प्रसाद ने भी नारी की मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए कहा कि-नर से बढकर नारी’। भारतीय मानस का आदि शक्ति अर्धांगनी, गृहलक्ष्मी, नारी के प्रति कृतज्ञता ज्ञापन नारायण के साथ लक्ष्मी, शिव के साथ भवानी, राम के साथ सीता और कृष्ण के साथ राधा की आराधना नारी शक्ति की ही अर्चना है। अपाला, गार्गी, मैत्रेयी, विदुला की गौरव मयी परम्परा को भारतीय नारी ने ही निभाया है। पुरूष और समाज के प्रति अपने दायित्वों का पूरी ईमानदारी से निर्वाह किया है। इस प्रकार किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से पीछे नहीं रही। इसी तरह की वीरागनाओं में ‘तीलू रौतेली’ का नाम भी आता है।

तीलू रौतेली का जन्म 17वीं शताब्दी में उत्तरार्द्ध में 8 अगस्त 1661 में चौन्दकोट परगना के गुराड गाँव में हुआ था। तीलू बचपन से अद्भुत प्रतिभा से युक्त बडी साहसी निडर तथा दृढ़ इच्छाशक्ति से ओत-प्रोत थी। उसकी अतुलनीय साहसिक वीरता के कारण उसे झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के नाम से जाना जाता है। अपनी छोटी अवस्था से ही साहस तथा पराक्रम की मिशाल थी। उसके अन्दर अलग से कुछ करने का जज्वा था। मात्र 15 से 22वर्ष की अवस्था में लडने वाली तीलू रौतेली ने नया कीर्तिमान स्थापित किया।

तीलू रौतेली के पारिवारिक जीवन की पृष्ठभूमि पर दृष्टि डालने पर यह जानकारी मिलती है कि इनके पिता का नाम भूपसिंह गोर्ला था। जो अपने समय के जाने माने थोकदार माने जाते थे। उसके जुडवा भाई थे। जिनका नाम भगतु तथा पत्वा था। ये दोनों बडे क्रांतिकारी तथा निर्भीक योद्धा थे। इनकी इस तरह की वीरता को देखकर राजा ने इन्हें 42 गाँवो की थोकदारी दी। उस समय बाल बिबाह का ज्यादा प्रचलन था। तीलू रौतेली की भी 15 वर्ष की बाल्यावस्था में ईडा गाँव पट्टी मौदांडस्यू भूप्पा नेगी के सुपुत्र के साथ हुई। लेकिन नियति को कुछ और मंजूर था। तीलू रौतेली के पिता और भाई तथा मंगेतर तीनों युद्ध भूमि में वीरगति को प्राप्त हो गये। शीतकाल के पश्चात कांडा के प्रसिद्ध मेले का समय आ गया था। तीलू रौतेली ने भी मां से मेले में चलने का आग्रह किया। कांडा मेला की बात को सुनकर उसकी मां को अपने दोनों पुत्रों की याद आ गई। उनकी याद में रोती हुई कहने लगी कि आज यदि मेरा कोई पुत्र होता तो वह अवश्य अपने पिता और भाईयों की मौत का बदला कत्यूरों के रक्त से उस स्थान पर तर्पण कर ही मेले का आनंद लेता।

मां की इस बात से तीलू रौतेली के अन्दर एक औलोकिक ऊर्जा का प्रवेश हुआ। बडी ओजपूर्ण वाणी में अपनी माता से कहने लगी मां चिन्ता क्यों करती हो। क्या हुआ जो तुम्हारा पुत्र नहीं हैं तो मैं तो हूँ। मैं अवश्य ही अपने पिता तथा भाईयों का बदला लेकर ही चैन लूंगी। तीलू रौतेली ने सारे क्षेत्र में घोषणा करवा दी कि इस वर्ष मेले का आयोजन नहीं किया जायेगा। कत्यूरी आक्रमणकारियों के विनाश की जश्न मनाई जाएगी। तीलू के इस तरह की क्रांतिकारी घोषणा पर गांव के सारे लोग सहयोग करने के लिए एकजुट हो गये। इस प्रकार सभी लोगों को साथ लेकर तीलू रौतेली काले रंग के घोड़े पर सवार होकर अपनी दो प्रिय सहेलियां बेल्लू और रक्की को भी साथ लेकर रण के लिए कूच कर गई।

तीलू रौतेली ने सर्वप्रथम खैरागढ़ को मुक्त किया। टकोली खाल में कत्यूरियों की पहुचने की खबर मिली। तीलू रौतेली ने बांझ बृक्ष की आड़ में गोली चलाई। वह वृक्ष आज भी इस बात का साक्ष्य है। इस बृक्ष का नाम गोली बांज बृक्ष पड गया। मान्यता है कि स्थानीय लोग उस वृक्ष की पूजा करते हैं। तीलू रौतेली ने कत्यूरी सेना को बुरी तरह से पराजित कर दिया। वहां से तीलू ने उमरागढ पर धावा बोला। युद्ध में कई सैनिक मारे गए। चारों ओर से तीलू रौतेली को विजय श्री मिलती रही। इस खुशी में उस स्थान पर बूंगी देवी की स्थापना की गई। उमरागढी के बाद तीलू ने अपने पराक्रम से सल्ट महादेव में पहुंचे हुए शत्रुओं को भी भगाया। वहां पर शिव मन्दिर की स्थापना की। पूजा पाठ का अधिकार सन्तु उनियाल को दिया। इसके पश्चात भीलड़ भौन की ओर कूच किया। वहां भी शत्रुओं को बुरी तरह से खदेडा। लेकिन तीलू रौतेली की दोनों सहेलियां पंच तत्व में बिलीन हो गई। शत्रु सेना ने मौके का फायदा उठाते हुए ज्यूदाल्यू पर कब्ज़ा कर लिया। तीलू ने तुरन्त उन्हें वहां से भी भगाया। वहां मानसिंह को गणराज्य का सरदार नियुक्त किया। इस बीच जहां भी तीलू रौतेली को शत्रु दिखें उन्हें वही खदेडा।

तीलू रौतेली ने चारों ओर से शत्रुओं को पराजित करने के बाद अपने दल को नयार नदी के किनारे अपने दल को रोक दिया। जब सभी सैनिक विश्राम कर रहे थे। तीलू रौतेली नयार नदी में स्नान करने के लिए गईं। तभी झाड़ी में छिपे रामू रजवार नामक शत्रु ने उस पर प्रहार कर दिया। निहत्थी तीलू रौतेली ने घायल अवस्था में भी अपने शत्रु के प्राणों का अन्त किया। अन्ततः अपने इस तरह के सात वर्षों के निरन्तर संघर्ष के बाद यह अतुलनीय अदम्य साहस से सम्पन्न सूर्य सदा सदा के लिए अस्त हो गया। इतिहास में बलिदानियों की सूची में नया नाम अंकित हो गया। आज भी तीलू रौतेली की याद में कांडा और बीरोखाल के इलाके में हर वर्ष मेले का आयोजन किया जाता है। उत्तराखंड सरकार द्वारा उल्लेखनीय कार्य करने वालों को तीलू रौतेली पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है।

जब भी गढवाल में फसल काटी जाती थी’ वैसे ही कुमाऊं से कत्यूर के सैनिक लूटपाट करने आ जाते थे। फसल के साथ वहां के लोगों का तरह तरह का सामान तथा बकरियां उठा करके ले जाते थे। तीलू रौतेली का जीवन धरती से आसमान तक उठने की प्रेरणा प्रद गाथा है। उन्होंने अपनी इस सोच को भी उजागर किया कि मातृभूमि है तो हम हैं। मातृभूमि नहीं है तो हमारा कोई अस्तित्व नहीं है। इस तरह की अद्भुत नारी सदा वन्दनीय स्वार्थ हिन्सा और अनैतिकता के अंधकार में भटकती हुई मानवता के लिए एक मात्र प्रकाश पुंज है। यह इस तरह का प्रकाश पुंज है जो युग युगों तक चमकता रहेगा।

लेखक अखिलेश चन्द्र चमोला।

पौड़ी गढ़वाल : खाई में गिरी कार, ग्राम प्रधान सहित तीन की मौत

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सतपुली : चौबटृटाखाल विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत सतपुली बैजरो मोटर मार्ग पर एक कार के दुर्घटनाग्रस्त होने से उसमें सवार एक ग्राम प्रधान समेत एक ही गांव के तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को उपचार हेतु कोटद्वार भेजा गया है। तहसीलदार राजस्व उपनिरीक्षक कांता प्रसाद के अनुसार मंगलवार सायं 9 बजे के आस पास पोखड़ा से बैजरो की ओर जा रही एक कार UK15B/8346 पोखड़ा, बैज़रो मोटरमार्ग पर मटगलधार नामक स्थान पर अचानक अनियंत्रित 100 मीटर नीचे गहरी खाई में गिर गई। दुर्घटना की खबर लगते ही आसपास के लोग मौके पर पहुँचे और पुलिस को घटना की जानकारी दी।

दुर्घटना में पोखड़ा विकासखंड की बगड़ीगाड़ ग्राम पंचायत के प्रधान प्रीतम सिंह (48) पुत्र महिपाल सिंह और अनूप सिंह (47) पुत्र शिवचरण की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि कृपाल सिंह (65) पुत्र ध्यान सिंह और प्रेमसिंह (67) पुत्र कुंदन सिंह गंभीर रुप से घायल हो गए। घायल कृपाल सिंह ने हायर सेंटर ले जाते समय सतपुली के पास दम तोड़ दिया। दुर्घटना की सूचना पर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने घायलों को खाई से निकालकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पोखड़ा पंहुचाया। क्षेत्रीय विधायक एवं पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने दुर्घटना पर गहरा शोक जताते हुए मृतकों का पोस्टमार्टम पोखड़ा में ही करने के निर्देश दिए। जिसके बाद प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पोखड़ा में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे गए। गांव के पैतृक घाट पर गमगीन माहौल में तीनों मृतकों का एक साथ अंत्येष्टि की गई।

प्रसिद्ध लोक गायक हीरा सिंह राणा को 17 जून शाम 4:00 बजे वीडियो कांफ्रेंसिग के माध्यम से दी जाएगी श्रद्धांजलि

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चिन्हित राज्य आंदोलनकारी समिति के केंद्रीय मुख्य संरक्षक और उत्तराखंड कांग्रेस के उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप ने ऐलान किया है कि प्रसिद्ध लोक गायक स्व. हीरा सिंह राणा को कल 17 जून को सांय 4:00 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्यभर के राजनेता कलाकार, लेखक, पत्रकार, साहित्यकार, आंदोलनकारी व अन्य सामाजिक कार्यों से जुड़े हुए लोग श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।

स्व. हीरा सिंह राणा को उत्तराखंड के संगीत जगत का मान पुरोधा बताते हुए धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि वे अपने सुंदर, कालजयी और मधुर गीतों से सदैव लाखों प्रशंसको के मनों में बसे रहेगे। धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन में उनका योगदान अविस्मरणीय है और इसलिए हीरा सिंह राणा की स्मृति को चिरस्थाई बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने देहरादून, हल्द्वानी और गोपेश्वर में राज्य के कलाकारों, कवियों, साहित्यकारों, नाटक कलाकारों आदि की याद में एक-एक बड़े और भव्य ऑडिटोरियम बनाए जाने और उसमें उनकी स्मृति की तमाम वस्तुएं पुस्तकें, साहित्यिक दस्तावेज गीतों के संग्रह आदि रखे जाने का भी सरकार को सुझाव दिया है।

इसी के साथ धीरेंद्र प्रताप ने कोरोना के भयानक दौर में गरीबी और मुफलिसी में जी रहे उत्तराखंडी कलाकारों को फिर से आर्थिक पैकेज दिए नहीं दिए जाने की सरकार से मांग उठाई है।

पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ हिंसक झड़प में भारत के 20 जवान शहीद होने की खबर

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violent face-off with China in Galwan valley

नई दिल्ली : पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। न्यूज एजेंसी एनएनआई के मुताबिक एलएसी पर भारतीय और चीन के सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प में भारत के 20 सैनिक शहीद हुए हैं। इससे पहले मंगलवार दोपहर में भारतीय सेना की ओर से जारी किए गए आधिकारिक बयान में कहा गया था कि, ‘गलवान घाटी में सोमवार की रात को डि-एस्केलेशन की प्रक्रिया के दौरान भारत और चीन के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई। इस दौरान भारतीय सेना के एक अफसर और दो जवान शहीद हो गए हैं। लेकिन सूत्रों के मुताबिक, इस झड़प में भारत के 20 सैनिक शहीद हुए हैं। बताया जा रहा है कि ये संख्या बढ़ भी सकती है।

वहीं न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई में चीनी सेना के 43 जवानों की भी मौत हुई है और कुछ घायल भी हुए हैं। हालांकि चीन ने आधिकारिक तौर पर अभी कुछ भी स्वीकार नहीं किया है।

बता दें कि सोमवार रात को दोनों देशों की सेनाओं के बीच हिंसक झड़प हुई थी। ये घटना तब हुई जब सोमवार रात को गलवान घाटी के पास दोनों देशों के बीच बातचीत के बाद सब कुछ सामान्य होने की स्थिति आगे बढ़ रह थी।

 

उत्तराखंड में मंगलवार को फिर कोरोना का कहर, 97 नए कोरोना पॉजिटिव मिले, 1942 हुई संक्रमितों की संख्या

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corona positives found in Uttarakhand

देहरादून : उत्तराखंड में भी कोराना का कहर लगातार जारी है। ज्यादातर मामले बाहरी राज्यों से आने वाले प्रवासियों से आ रहे हैं। बीते कुछ दिनों से लगातार कई कोरोना संक्रमित मरीज मिल रहे हैं। विभिन्न राज्यों से वापस लौटे प्रवासियों के बाद अब स्थानीय स्तर पर भी कोरोना संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं।

मंगलवार को एक बार फिर प्रदेश में कोरोना के 97 नये मामले मिले हैं। जिसके बाद राज्य में अब संक्रमित मरीजों की संख्या बढक़र 1942 हो गई है। हालांकि कुल संक्रमित मरीजों में से अब तक 1216 (62 प्रतिशत से अधिक) लोग स्वस्थ्य होकर अस्पतालों से डिस्चार्ज हो चुके हैं। जबकि विभिन्न अस्पतालों में 726 एक्टिव मरीज चिकित्सकों की निगरानी में भर्ती हैं। वहीँ अब तक कोरोना से 25 मरीजों की मौत भी हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार दोपहर में 67 मामले सामने आये थे। वहीँ रात 9 बजे आई रिपोर्ट में 30 और लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है।

आज सबसे ज्यादा हरिद्वार में 27 लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है। वहीं देहरादून में 18, टिहरी में 14, अल्मोड़ा में 10, उधमसिंह नगर में 08, पिथोरागढ़ में 07, पौड़ी में 06, उत्तरकाशी में 05 तथा नैनीताल में 02 कोरोना के केस सामने आये हैं। आज कोरोना पॉजिटिव आये मरीजों में से ज्यादातर लोग बाहरी राज्यों से यहाँ लौटे हैं।

उत्तराखंड में अब तक कोरोना covid-19 के जिलेवार मामले

जनपद कोरोना के मरीज
देहरादून499
नैनीताल340
टिहरी308
उधमसिंह नगर122
हरिद्वार238
पौड़ी71
अल्मोड़ा85
पिथौरागढ़60
चमोली44
उत्तरकाशी39
बागेश्वर42
चंपावत48
रुद्रप्रयाग46
कुल1942

 

गौतमबुद्ध नगर में आज मिले कोरोना के 27 नये केस, जिले में 1038 पहुंचा मरीजों का आंकड़ा, कोरोना की वजह से हुई थी 29 वर्षीय युवक की मौत

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ग्रेटर नोएडा : गौतमबुद्ध नगर जिले में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। मंगलवार को जिले में कोरोना के 27 नये केस मिले। जिसके बाद जिले में अब कोरोना के मरीजों का आंकड़ा 1038 पहुंच गया है। वहीं सोमवार को नोएडा के रहने वाले 29 वर्षीय जिस युवक युवक की मौत हो गई थी, उसकी जांच रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है। जिले में कोरोना वायरस की वजह से अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है। मंगलवार को 15 मरीजों को डिस्चार्ज भी किया गया। जिले में मरीजों की संख्या 1038 हो गई है। कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने संवेदनशील स्थानों पर कैंप के साथ-साथ सैंपल लेने का काम तेज कर दिया है। अब तक 13, 682 लोगों के सैंपल लिए जा चुके हैं।

जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. सुनील दोहरे ने बताया कि सरकारी व प्राइवेट लैब में कोरोना वायरस के संदिग्ध मरीजों की कराई गई जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई। सोमवार को मिले 76 मरीजों के मुकाबले मंगलवार को 27 लोग पॉजिटिव पाए गए। प्राइवेट लैब में जांच कराने वाले मरीजों की संख्या 16 है, जबकि सरकारी लैब से प्राप्त रिपोर्ट में 11 लोग पॉजिटिव पाए गए हैं। इनमें 7 मरीज ऐसे हैं,जो कोरोना पॉजिटिव के संपर्क में आए थे। डॉ.सुनील दोहरे ने बताया कि सोमवार को नोएडा सेक्टर-57 के रहने वाले 29 वर्षीय एक युवक की मौत हो गई थी,जिसकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है। युवक का इलाज ग्रेटर नोएडा के शारदा अस्पताल में चल रहा था। जिले में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि मंगलवार को शारदा, जिम्स समेत अन्य कोविड अस्पतालों से 15 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया। कुल पॉजिटिव पाए गए 1038 मरीजों में से अब तक 525 मरीज ठीक हो चुके हैं, जबकि 500 मरीजों का इलाज चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने 75 ऐसे मरीजों को चिन्हित किया है,जो दिल्ली, गाजियाबाद, आंध्र प्रदेश, वेस्ट बंगाल, आगरा,हापुड़, बुलंदशहर व हरियाणा के रहने वाले हैं।

corona cases in GautamBudh nagar

प्रदेश में कोरोना के बाद करीब 90 प्रतिशत उद्योगों में काम शुरूः मुख्यमंत्री

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After Corona in Uttarakhand, work started in about 90 percent industries

देहरादून : मंगलवार को मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की  मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिग में प्रतिभाग किया।  वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कोविड-19 एवं अनलॉक-1 के बाद की परिस्थितियों पर विचार विमर्श किया गया। आत्मनिर्भर भारत की दिशा में उठाए गए कदमों पर भी विचार विमर्श किया गया।

वीडियो कांफ्रेंसिग के बाद मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने  मीडिया से अनौपचारिक बात करते हुए कहा कि इस दिशा में उत्तराखण्ड द्वारा काफी प्रगति की गई है। राज्य सरकार द्वारा लगभग 300 करोड़ के प्रोजेक्टों पर कार्य शुरू किया गया है। कोरोना के बाद लगभग 90 प्रतिशत उद्योगों ने कार्य करना आरम्भ कर दिया है। राज्य में तमाम विपरीत परिस्थितियों के बावजूद आर्थिक गतिविधियों को बढाने के लिए काम किया गया है। राज्य के युवाओं एवं राज्य में लौटे प्रवासियों के लिये रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना प्रारम्भ की गई है। योजना का लाभ आधिक से अधिक युवाओं को उपलब्ध हो इसके लिये जिलाधिकारियों को धनराशि उपलब्ध करायी गई है। कल ही 110 करोड़ रूपये जिलाधिकारियों को स्वीकृत की गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मनरेगा में 23 हजार से अधिक नए  रजिस्ट्रेशन कराए गए है। इनमें से 17 हजार से अधिक लोगों को काम भी उपलब्ध कराया गया है। मनरेगा में कुल 3 लाख 64 हजार श्रमिक नियोजित हैं।  जबकि कृषि एवं इससे सम्बन्धित कार्यों के लिये 05 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। राज्य में पर्यटन को गति देने के लिये भी योजना बनायी जा रही है।