Home Blog Page 1411

केदारनाथ आपदा के 7 साल पूरे, तब और अब में कितना बदल गया है बाबा केदारनाथ का धाम : सीएम त्रिवेन्द्र ने आपदा में दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए की प्रार्थना

0
Kedarnath-disaster

देहरादून : केदारनाथ में आई भीषण प्राकृतिक आपदा को आज 7 साल बीत गए। आज ही के दिन 16 जून 2013 में आई उस भीषण त्रासदी को याद करके आज भी लोग सिहर जाते हैं। इस आपदा में हजारों लोगों की अकाल मृत्यु हो गई, कई लापता हुए, जानमाल का भीषण नुकसान हुआ। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार केदारनाथ घाटी में आई आपदा में तक़रीबन 4,200 लोग लापता हुए थे, जिसमें से 600 के कंकाल बरामद हुए। वहीं तत्कालीन सरकार ने लापता होने वालों की संख्या 3,322 बताई थी। 16 व 17 जून 2013 को बारिश, बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं ने उत्तराखंड के चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, बागेश्वर, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ जिलों में भारी तबाही मचाई। आपदा से उत्तराखंड को जान-माल की भारी क्षति हुई। इस आपदा में केदारनाथ यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव रामबाड़ा पूरी तरह तबाह हो गया।

2013 की आपदा से व्यापक रूप से प्रभावित केदारनाथ धाम 7 वर्षों से पुनर्निर्माण से गुजर रहा है। बाबा केदार में प्रधानमंत्री मोदी की गहरी आस्था है, पीएम की निगरानी में हो रहा पुनर्निर्माण में धाम की भव्यता और सुंदरता दिनों दिन निखर रही है। वैज्ञानिक तकनीक से लेकर पारंपरिक शैली से यहां निर्माण कार्य हो रहे हैं, लेकिन सात वर्ष बाद भी केदारनाथ तक आसान पैदल पहुंच के विकल्प नहीं तलाशे गए हैं। जो पैदल मार्ग उपयोग में है, वह एवलांच व भूस्खलन जोन में है, जिससे यहां खतरा बढ़ रहा है। भगवान केदारनाथ की पैदल यात्रा को सुलभ व सरल बनाने के लिए स्वीकृत रामबाड़ा-केदारनाथ रोपवे का निर्माण डेढ़ दशक बाद भी शुरू नहीं हो पाया है। जबकि केदारनाथ आपदा के बाद से तीन बार के सर्वेक्षण भी हो चुका है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने केदारनाथ आपदा में दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए की प्रार्थना

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने वर्ष 2013 में केदारनाथ आपदा में दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि आज ही के दिन (16 जून, 2013) केदारनाथ में भीषण आपदा आई थी जिसमें कई श्रद्धालुओं ने अपने प्राण गँवाए। त्रासदी के उस मंजर को पूरे सात साल बीत गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण किया गया। उनके मार्गदर्शन में दिव्य और भव्य केदारपुरी का नया स्वरूप आज हम सभी के सामने है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा आगे भी भगवान केदारनाथ एवं बद्रीनाथ के विकास के लिए केन्द्र द्वारा हर सम्भव सहायता का आश्वासन दिया गया है। आपदा में दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए मैं बाबा केदार से प्रार्थना करता हूँ।

उत्तराखंड बीस सूत्रीय कार्यक्रम एवं क्रियान्वयन समिति के उपाध्यक्ष नरेश बंसल ने भी जून 2013 मे आज ही के दिन केदारनाथ धाम में आई भीषण आपदा को याद किया। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन एवं सकारात्मक पहल व राज्य सरकार के संकल्प से केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण किया गया। दिव्य और भव्य केदारपुरी का नया स्वरूप आज हम सभी के सामने है तथा कुछ कार्य प्रगती पर है। नरेश बंसल जी ने आपदा में दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए मैं बाबा केदार से प्रार्थना की व श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उन्होंने पुनः निर्माण मे लगे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी, मुख्य मंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत जी व सभी सरकारी-गैर सरकारी अधिकारी व कर्मचारियों को साधुवाद दिया जिन्होंने वैश्विक आस्था के धाम का त्रासदी के बाद पुनर्निर्माण किया है।

 

 

उत्तराखंड में आज दोपहर तक मिले 67 नए कोरोना पॉजिटिव, 1912 हुई संक्रमितों की संख्या

0
corona-positive-case-in-noida

देहरादून : उत्तराखंड में आज (मंगलवार) दोपहर तक 67 नए कोरोना पॉजिटिव मामले सामने आये हैं। जिसके बाद राज्य में कोरोना संक्रमित मरीजों का आंकड़ा बढ़कर 1912 हो गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा मंगलवार दोपहर को जारी स्वास्थ्य बुलेटिन के अनुसार आज कुल 1289 सैंपल की रिपोर्ट आई, जिसमे से 67 मामले पॉजिटिव आये, जबकि 1222 मामले नेगेटिव आये हैं। जिसके बाद राज्य में अब संक्रमित मरीजों की संख्या बढक़र 1912 हो गई है। हालांकि कुल संक्रमित मरीजों में से अब तक 1194 (60 प्रतिशत से अधिक) लोग स्वस्थ्य होकर अस्पतालों से डिस्चार्ज हो चुके हैं। जबकि विभिन्न अस्पतालों में 680 एक्टिव मरीज चिकित्सकों की निगरानी में भर्ती हैं। वहीँ अब तक कोरोना से 25 मरीजों की मौत भी हो चुकी है।

आज दोपहर में आई रिपोर्ट के अनुसार सबसे ज्यादा टिहरी में 27 लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है। वहीं देहरादून में 12, अल्मोड़ा में 10, हरिद्वार और उधमसिंह नगर में 8-8, पिथोरागढ़ में 07, पौड़ी और नैनीताल में 2-2 तथा उत्तरकाशी में 04कोरोना के केस सामने आये हैं। आज कोरोना पॉजिटिव आये मरीजों में से ज्यादातर लोग बाहरी राज्यों से यहाँ लौटे हैं।

उत्तराखंड में अब तक कोरोना covid-19 के जिलेवार मामले

जनपद कोरोना के मरीज
देहरादून493
नैनीताल340
टिहरी308
उधमसिंह नगर122
हरिद्वार219
पौड़ी67
अल्मोड़ा85
पिथौरागढ़60
चमोली44
उत्तरकाशी38
बागेश्वर42
चंपावत48
रुद्रप्रयाग46
कुल1816

 

कोविड-19 के दृष्टिगत प्रदेशवासियों को रोजगार के अवसर प्रदान करना हमारी शीर्ष प्राथमिकता :मुख्यमत्री

0
employment opportunities to the people

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की अध्यक्षता में मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास में ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग की तीसरी बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग द्वारा प्रस्तुत जनपद टिहरी की रिपोर्ट का विमोचन किया। मुख्यमत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि कोविड-19 के दृष्टिगत प्रदेशवासियों को रोजगार के अवसर प्रदान करना हमारी शीर्ष प्राथमिकताओं में हैं। यह भी आकलन किया जाय कि उत्तराखण्ड में जो प्रवासी उत्तराखण्डी आये हैं, उनमें से कितने लोग प्रदेश में रहकर ही रोजगार करना चाहते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के लिए महिलाओं को बैंक से लोन लेने में कोई परेशानी न हो, इसके लिए भूमि खाताधारक के साथ उनकी पत्नी का नाम भी शामिल किया जाय।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत प्रदेशवासियों को विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराये जायेंगे। इसकी भी पूरी स्टडी की जाय कि किन क्षेत्रों में कार्य करने के लिए लोग अधिक रूचि दिखा रहे हैं। लोगों की आमदनी में कैसे वृद्धि की जा सकती है, किन क्षेत्रों में रोजगार की अधिक सम्भावना है। इसकी पूरी स्टडी की जाय। जो गांव अभी तक सड़क की सुविधाओं से नहीं जुड़ पाये हैं और जिन गांवों में पेयजल की समस्या है, उनको भी चिन्हित किया जाय। हमें स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ ही उसकी, पैकेजिंग एवं मार्केटिंग की दिशा में भी विशेष प्रयास करने होंगे। ग्रामीण क्षेत्र की योजनाओं एवं जन कल्याणकारी योजनाओं की दिशा में और तेजी से कार्य करने की जरूरत है। चाल-खाल के निर्माण की दिशा में राज्य में तेजी से कार्य हो रहे हैं। जल स्रोतों के पुनर्जीवन की दिशा में हमें प्रयास करने होंगे।

उपाध्यक्ष ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग डॉ. एस.एस.नेगी ने अवगत कराया कि आयोग द्वारा अब तक तीन रिपोर्टें राज्य सरकार को प्रस्तुत की गई हैं, जिसमें पलायन को कम करने हेतु सिफारिशें दी गई हैं। आयोग द्वारा जनपद अल्मोड़ा के ग्राम पंचायतों में पलायन के विभिन्न पहलुओं पर अंतरिम रिपोर्ट जून 2019 प्रस्तुत की गई। सितम्बर 2019 में ग्राम्य विकास के क्षेत्र में योजनाओं एवं कार्यक्रमों का विश्लेषण एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए आयोग द्वारा सिफारिशें राज्य सरकार को प्रस्तुत की गई। जनपद पिथौरागढ़ के अन्तर्गत ग्रामीण क्षेत्र में सामाजिक-आर्थिक विकास को सुदृढ़ बनाने एवं पलायन को कम करने से संबंधित रिपोर्ट आयोग द्वारा अक्टूबर 2019 में सरकार के समक्ष प्रस्तुत की गई।

ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग द्वारा आज जनपद टिहरी गढ़वाल के ग्रामीण क्षेत्रों पर आधारित रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। आयोग द्वारा विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण कर बैठकें आयोजित की गई एवं स्थानीय नागरिकों से संवाद किया गया। जनपद टिहरी की रिपोर्ट में विकास खण्ड वार सामाजिक-आर्थिक आंकड़ों का विश्लेषण एवं रूझान, पलायन की स्थिति, वर्तमान ग्रामीण सामाजिक-आर्थिक विकास कार्यक्रमों के बारे में विश्लेषण तथा सिफारिशें की गई हैं।

बैठक में जानकारी दी गई कि आगामी वर्ष में जनपद चमोली, रूद्रप्रयाग एवं बागेश्वर के ग्रामीण क्षेत्रों में पलायन और सबंधित आर्थिक एवं सामाजिक मुद्दों के विभिन्न पहलुओं का विश्लेषण कर सामाजिक-आर्थिक विकास को सुदृढ़ बनाने एवं पलायन को कम करने पर रिपोर्ट तैयार की जायेगी। कोविड-19 के प्रकोप के बाद उत्तराखण्ड राज्य में पर्वतीय जनपदों में घर लौटे प्रवासियों के आर्थिक पुनर्वास हेतु सिफारिशें राज्य सरकार को प्रस्तुत करना आयोग की प्राथमिकता है। बैठक में अपर मुख्य सचिव श्रीमती मनीषा पंवार, मुख्यमंत्री के तकनीकि सलाहकार नरेन्द्र सिंह, आर्थिक सलाहकार आलोक भट्ट, अपर आयुक्त ग्राम्य विकास रोशन लाल, उपायुक्त ग्राम्य विकास एके राजपूत आदि उपस्थित थे।

भारत-चीन की सेनाओं में पूर्वी लद्दाख में हिंसक झड़प, एक अधिकारी, दो जवान शहीद

0
India-China forces violent clash in East Ladakh
साभार : आजतक

नई दिल्ली : पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। न्यूज एजेंसी एनएनआई के मुताबिक लद्दाख की गलवान घाटी में सेनाओं को पीछे करने की कवायद के दौरान दोनों देशों की सेनाओं में झड़प की खबर है। सेना के मुताबिक, हिंसक संघर्ष में भारत ने एक अधिकारी और दो जवान खो दिए हैं। चीन की तरफ कितना नुकसान हुआ है, इस बारे में अभी कोई जानकारी नहीं दी गई है। इस बड़े घटनाक्रम के बाद, दोनों सेनाओं के वरिष्‍ठ अधिकारी मौके पर मुलाकात कर हालात संभालने की कोशिश में लगे हुए हैं। 1975 के बाद पहली बार LAC पर शहीद हुए जवान। इस बीच चीन के जवान भी मारे गए हैं। इस खूनी संघर्ष में भारतीय सेना ने एक अधिकारी और दो जवानों को खो दिया। चीन के भी तीन या इससे अधिक सैनिकों के मारे जाने की खबर है लेकिन अभी तक चीनी सेना ने इसकी पुष्टि नहीं की है।

भारतीय सेना की ओर से जारी किए गए आधिकारिक बयान में कहा गया है, ‘गलवान घाटी में सोमवार की रात को डि-एस्केलेशन की प्रक्रिया के दौरान भारत और चीन के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई। इस दौरान भारतीय सेना के एक अफसर और दो जवान शहीद हो गए हैं। दोनों देशों के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी इस वक्त इस मामले को शांत करने के लिए बड़ी बैठक कर रहे हैं’।

चीनी विदेश मंत्रालय ने दिया बयान

सोमवार रात हुई घटना के बाद चीनी विदेश मंत्रालय का आधिकारिक बयान सामने आया है। बीजिंग ने उलटे भारत पर घुसपैठ करने का आरोप लगाया है। अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी एएफपी के मुताबिक, बीजिंग का आरोप है कि भारतीय सैनिकों ने बॉर्डर क्रॉस करके चीनी सैनिकों पर हमला किया था। चीनी विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि भारत ऐसी स्थिति में एकतरफा कार्रवाई ना करे।

उधर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तीनों सेना प्रमुखों और विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत के साथ बैठक की। पूर्वी लद्दाख के घटनाक्रमों पर चर्चा की गई।

क्वारंटाइन में रह रहे युवाओं ने बदली स्कूल व पंचायत भवन की तस्वीर

0
Youth living in quarantine changed the picture of school and panchayat building

सतपुली : कोरोना महामारी के कारण देशभर में चल रहे लॉकडाउन के चलते प्रवासियों को अपने-अपने गाँव पहुँचने का सिलसिला लगातार जारी है। देश के 31 सबसे ज्यादा कोरोना प्रभावित राज्यों से जाने वाले प्रवासियों को पहले 7 दिनों के लिए गाँव के नजदीकी स्कूलों में क्वारंटाइन रहना पड़ रहा है। इस दौरान कई प्रवासी युवा क्वारंटाइन टाइम का सदुपयोग स्कूल की साफ-सफाई एवं अन्य कार्य कर रहे हैं। ऐसे ही कुछ प्रवासी, विकासखंड कल्जीखाल की ग्राम सभा पल्ली मल्ली में क्वारंटाइन रह रहे हैं। जिन्होंने प्राथमिक विद्यालय व पंचायत भवन की तस्वीर बदल डाली।

चड़ीगढ़ से आये मेहरबान सिंह व दिल्ली से आयी दो बहिने प्रियंका व कंचन ने प्राथमिक विद्यालय व पंचायत भवन के आस पास की झाड़ियां काटने के साथ-साथ प्रांगण में वृक्षारोपण किया। यही नहीं इन लोगों ने प्रांगण में सफेदी कर सरकारी भवनों की काया ही पलट डाली। चड़ीगढ़ से आये मेहरबान सिंह का कहना है कि इस कोरोना महामारी ने हमें अपने मातृभूमि की उपयोगिता को दिखाया है अब हम अपने गांव में स्वरोजगार को अपनाएंगे। वहीँ ग्राम प्रधान जयवीर रावत का कहना है कि ये लोग अपने गांव के प्रति जागरूक हैं जिसका प्रमाण आज दिख रहा है।

मनीष खुगशाल स्वतंत्र

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन अस्पताल में भर्ती, तेज बुखार के साथ सांस लेने में दिक्कत

0
Delhi Health Minister Satyendar Jain admitted to hospital

नई दिल्ली : राजधानी दिल्ली में कोरोना संक्रमण के लगातार बढ़ते मामलों में बीच दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन को सोमवार की रात तेज बुखार और सांस लेने में दिक्कत होने पर राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। जैन को कल रात ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है। जैन का कोरोना का टेस्ट भी कराया गया है और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। बता दें कि स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन पिछले काफी दिनों से दिल्ली में कोरोना से निपटने के लिए हो रही है हर बैठकों में भाग ले रहे हैं, और दिल्ली में कोरोना की तैयारियों में लगातार जुटे थे। वह गृह मंत्री अमित शाह की बैठक में भी शामिल हुए थे।

सत्येंद्र जैन ने खुद ट्वीट कर अपने अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी दी है। उन्होंने कहा, ‘ज्यादा बुखार और ऑक्सीजन के स्तर में अचानक कमी के कारण कल रात मैं राजीव गांधी अस्पताल में भर्ती हुआ हूं। आपको आगे की जानकारी देता रहूंगा।’ दिल्ली कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों में हैं। यहां कोरोना के अब तक 42,000 से ज्यादा केस आ चुके हैं।

नोएडा, ग्रेटर नोएडा में आज मिले 76 कोरोना पॉजिटिव केस, 03 की मौत, 1011 पहुंचा जिले में कोरोना के मरीजों का आंकड़ा

0
coronavirus

नोएडा : गौतमबुद्धनगर जिले में कोरोना वायरस का संक्रमण के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। सोमवार को जिले में कोरोना वायरस के 76 नए मामले सामने आए हैं, जबकि 3 लोगों की मौत हुई है। इसी के साथ अब गौतमबुद्धनगर में कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 1011 हो गई है। हालाँकि अब तक जिले में 510 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। जबकि 489 सक्रिय मामले हैं। कोरोना वायरस से जिले में अब तक12 लोगों की मौत हो चुकी है। वैसे अब तक गौतमबुद्ध नगर जिले में कोरोना वायरस से संक्रमित होने वाले लोगों की संख्या 1085 तक पहुंच गई है। हालांकि इनमें 74 लोग क्रॉस नोटिफाइड किए गए हैं।

जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. सुनील कुमार दोहरे द्वारा सोमवार को जारी मेडिकल बुलेटिन के अनुसार सोमवार को 3 लोगों की मौत हुई है। इनमें एक 70 वर्षीय बुजुर्ग शामिल है, जो नोएडा के सेक्टर 76 के निवासी थे। उनकी सोमवार की सुबह मौत हो गई। मौत की वजह कार्डियॉरेस्पिरेट्री अरेस्ट और एक्यूट रेस्पिरेट्री डिस्ट्रेस सिंड्रोम बने हैं। उनमे अलावा सोमवार को नोएडा के निठारी गांव में रहने वाले 42 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई है। मौत की वजह कार्डियॉरेस्पिरेट्री अरेस्ट व एक्यूट रेस्पिरेट्री डिस्ट्रेस सिंड्रोम बने हैं। वहीँ नोएडा के सेक्टर 57 में रहने वाले 29 वर्षीय युवक की मौत भी सोमवार तड़के हुई है। उन्हें भी कार्डियॉरेस्पिरेट्री अरेस्ट हुआ था। सोमवार को 76 लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है। इनमें से 21 लोगों को प्राइवेट प्रयोगशालाओं ने संक्रमित घोषित किया है। 55 मरीजों टेस्ट रिपोर्ट सरकारी प्रयोगशालाओं से आई हैं।

noida-covid-19-report

मुंबई में फंसे 2600 प्रवासियों को लाने की कार्ययोजना बनाकर 2 दिन में जवाब दे सरकार : उत्तराखंड हाईकोर्ट

0
uttarakhand-high court

नैनीताल : उत्तराखंड हाइकोर्ट ने सोमवार को राज्य सरकार और भारतीय रेलवे से मुम्बई में फंसे 2600 उत्तराखंडी प्रवासियों को वापस लाने के मामले में त्वरित कार्ययोजना बनाकर 17 जून को न्यायालय में जवाब दायर करने के लिए कहा है। मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन और आरसी खुल्बे की खण्डपीठ ने यह आदेश प्रवासी सहयोगी टीम की सदस्या रामनगर निवासी श्वेता मासीवाल की हस्तक्षेप याचिका का संज्ञान लेते हुए दिया है। बतादें कि प्रवासियों को उत्तराखंड लाने के लिए प्रवासी सहयोगी टीम की सदस्या ने हाईकोर्ट में हस्तक्षेप याचिका दायर की है। इसमें कहा गया है कि बीती 30 अप्रैल से पोर्टल पर पंजीकरण के बाद 2600 उत्तराखंडी प्रवासी घर वापसी का इंतजार कर रहे हैं। परन्तु उत्तराखंड सरकार की ओर से उन्हें मुम्बई से वापस लाने के मामले में अड़ियल रवैया अपनाया जाया रहा है। प्रवासी सहायता टीम के अधिवक्ता दुष्यन्त मैनाली ने बताया कि टीम के कई बार संपर्क करने के बाद भी राज्य सरकार की ओर से इस मामले में महाराष्ट्र को एनओसी नहीं दी गई, जबकि टीम के अनुरोध पर महाराष्ट्र सरकार के अफसरों ने उत्तराखंड के नोडल अधिकारियों से संपर्क किया। टीम ने भी लगातार 26 मई से कई बार संपर्क कर उत्तराखंड सरकार से अनुरोध किया था। सोमवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने उत्तराखंड सरकार और रेलवे को आदेश देते हुए इस सम्बन्ध में त्वरित कार्ययोजना बनाकर 17 जून को न्यायालय में जवाब दाखिल करने के लिए कहा है।

उत्तराखण्ड कैम्पा को प्रभावशाली एवं क्रियाशील बनाने के लिए दिए आवश्यक दिशा निर्देश

0
cm-trivendra-meeting

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की अध्यक्षता में सोमवार को सचिवालय में उत्तराखण्ड प्रतिकरात्मक वन रोपण निधि प्रबन्धन और योजना प्राधिकरण (Compensatory Afforestation Fund Management and Planning Authority) (उत्तराखण्ड कैम्पा) के शासी निकाय की प्रथम बैठक आयोजित हुई। बैठक में वन मंत्री हरक सिंह रावत एवं मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह सहित अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित थे। बैठक में प्रतिकरात्मक वन रोपण निधि नियमावली के प्राविधानों के तहत किये जाने वाले कार्यों पर व्यापक चर्चा हुई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि भविष्य में इस प्रकार की महत्वपूर्ण बैठकें निर्धारित समयावधि में आयोजित की जाए। इससे योजनाओं की समीक्षा एवं बेहतर क्रियान्वयन में मदद मिलेगी। उन्होंने जंगलों में जल प्रबंधन पर ध्यान देने की बात कही। जंगलों में बड़ी संख्या में तालाबों आदि के निर्माण से जंगली जानवरों को पीने का पानी उपलब्ध होने के साथ ही वनावरण व जल स्रोतों को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि पिरूल एकत्रीकरण के लिये भी धनराशि का प्राविधान इसके तहत किया जाना चहिए, साथ ही वन पंचायतों को व्यावसायिक गतिविधियों के संचालन की दिशा में भी पहल की जानी चाहिए। बड़ी संख्या में गिलोय आदि औषधीय पौधों के उत्पादन से इसकी मांग की पूर्ति होने के साथ ही पंचायतों के आय के स्रोत भी बढ़ेंगे। उन्होंने वन विभाग से व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण की कार्य योजना बनाने के भी निर्देश दिये। बंदरों से खेती को हो रहे नुकसान को कम करने के लिये उन्होंने अधिक से अधिक बंदर वार्डे़ बनाने पर भी ध्यान देने को कहा।

बैठक में बताया गया कि कैम्पा निधि में अप्रैल 2020 तक कुल रू. 303694.24 लाख की धनराशि उपलब्ध है। इसके तहत इस वर्ष किये जाने वाले कार्यों के लिये वार्षिक कार्य योजना के अन्तर्गत भारत सरकार द्वारा प्रथम चरण में महत्वपूर्ण वचनबद्ध गतिविधियों हेतु 15868 लाख की कार्य योजना स्वीकृत की है। इसके तहत वनाग्नि सुरक्षा एवं प्रबंधन हेतु प्रथम चरण में 4531.73 लाख, वन पंचायतों के सुदृढ़ीकरण, वृक्षारोपण, चारागाह विकास व प्रशिक्षण आदि हेतु 600 लाख, वर्ष 2021 में आयोजित कुम्भ मेले के दौरान मानव वन्य जीव संघर्ष रोकथाम हेतु 1090 लाख, संरक्षित क्षेत्रों में लगे ग्रामीण क्षेत्रों में मानव वन्य जीव संघर्ष की रोकथाम हेतु 135 इको विकास समितियों के सुदृढ़ीकरण क्षमता विकास हेतु 375 लाख, बुग्यालों के संरक्षण व संवर्धन हेतु 400 लाख वन्य जीव अनुसंधान कार्यों हेतु 300 लाख, वन रक्षक चौकियों/पैट्रोलिंग शेल्टरों व वाच टावरों के निर्माण हेतु 900 लाख, प्रकृति अनुभूति केन्द्र देहरादून की स्थापना हेतु 100 लाख, कोसी, शिप्रा, खोह, नयार आदि नदियों के पुनर्जीवीकरण के लिये 1500 लाख की धनराशि प्रमुख है।

बैठक में पर्यावरण मंत्री भारत सरकार की अध्यक्षता में गठित कैम्पा राष्ट्रीय प्राधिकरण के न्यासी निकाय के सदस्य के रूप में राज्य सरकार की ओर से सचिव/प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारी को नामित करने, वार्षिक योजना को निर्धारित मानकों के अनुसार  स्वीकृत किये जाने का दायित्व पूर्व की भांति मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित कैम्पा संचालन समिति में निहित किये जाने, उत्तराखण्ड जैसे पर्वतीय राज्यों के लिये मृदा एवं जल संरक्षण कार्यों को वन क्षेत्रों के बाहर भी कराये जाने हेतु नियमावली में प्राविधान किये जाने हेतु भारत सरकार को संदर्भित किये जाने पर सहमति बनी। इसके साथ ही एक्ट के प्राविधानों के अनुसार राज्य कैम्पा फण्ड में जमा करायी गई धनराशि का केन्द्र सरकार के खाते में स्थानान्तरण 10 प्रतिशत के स्थान पर 2 प्रतिशत सीमित किये जाने के साथ ही राज्यहित से सम्बन्धित अन्य कई गतिविधियों को भी इसमें शमिल किये जाने के सम्बन्ध में भी सहमति बनी। इस सम्बन्ध में पूर्व में भी मुख्यमंत्री द्वारा केन्द्रीय पर्यावरण मंत्री से अनुरोध किया गया है।

बैठक में बताया गया कि उत्तराखण्ड कैम्पा के तहत सम्पादित कार्यों की भारत सरकार के निर्देशों के क्रम में एफआरआई देहरादून के स्तर पर तृतीय पक्ष मूल्यांकन एवं अनुश्रवण का कार्य किया जा रहा है, उनके द्वारा 14506 हैक्टेयर क्षेत्र का अनुश्रवण किया जा रहा है। बैठक में अपर मुख्य सचिव श्रीमती मनीषा पंवार, प्रमुख सचिव आनन्द वर्धन, सचिव श्रीमती सौजन्या, प्रमुख वन संरक्षक जयराज, उत्तराखण्ड कैम्पा के मुख्य कार्याधिकारी समीर सिन्हा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

उत्तराखंड लौटे प्रवासियों को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिये मुख्यमंत्री ने 110 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की

0
110 crore funds approved to provide self-employment opportunities to the returned migrants of Uttarakhand

देहरादून : मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कोविड- 19 के दृष्टिगत राज्य में लौटे प्रवासियों को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिये तात्कालिक रूप से प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को कुल 110 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अपने गांव/घर लौटे प्रवासी उत्तराखण्ड वासियों को राज्य सरकार पूरी मदद कर रही है। उनके व्यापक हित में मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना शुरू की गई है। इसके तहत आसान शर्तों के अधीन उन्हें अपेक्षित धनराशि उपलब्ध करायी जा रही है। यही नहीं विभिन्न विभागों के स्तर पर संचालित स्वरोजगार योजनाओं को भी इससे जोड़ा गया है।