श्रीनगर गढ़वाल : उत्तराखंड जनरल-ओबीसी एम्प्लाइज एसोसिएशन श्रीनगर शाखा द्वारा शनिवार को बयान जारी किया है। जिसमे कहा गया कि वतर्मान में उत्तराखंड एससी/एसटी फेडरेशन सरकार पर दबाव बना रहा है कि उत्तराखंड जनरल-ओबीसी एम्प्लाइज एसोसिएशन के प्रान्तीय अध्यक्ष दीपक जोशी को एससी/एसटी एक्ट के तहत गिरफ्तार किया जाये। इस सम्बंध में श्रीनगर शाखा के पदाधिकारियों और सदस्यों ने कहा है कि यदि प्रान्तीय अध्यक्ष दीपक जोशी को सरकार गिरफ्तार करने की कार्यवाही करती है तो इसका पुरजोर विरोध किया जायेगा और पूरे प्रदेश के जनरल-ओबीसी कर्मचारी कार्यालय में काम करना बन्द कर सड़कों पर उतर कर आन्दोलन करने पर मजबूर हो जायेंगे। जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन और उत्तराखंड सरकार की होगी। जनरल ओबीसी एम्लाइज एसोसिएशन श्रीनगर शाखा के मीडिया प्रभारी श्रीकृष्ण उनियाल ने बताया कि यह संयुक्त बयान में संरक्षक शिव सिंह नेगी, देवानंद बहुगुणा, मुख्य अध्यक्ष जसपाल सिंह गुसांई, मुख्य संयोजक महेश गिरि, महामंत्री मनोज भण्डारी, मीडिया प्रभारी श्रीकृष्ण उनियाल, उपाध्यक्ष पूजा नेगी, विवेक पुरोहित, संयुक्त मंत्री सौरभ नौटियाल, संयोजक राकेश रावत, राकेश सेमवाल, संतोष पोखरियाल, शंकर कैन्थुला, एसपी नौटियाल, आलोक उनियाल, शशि भूषण उनियाल द्वारा जारी किया गया है।
कोरोना महामारी पूरे विश्व के लिए चुनौती के साथ-साथ एक सीख भी
कोरोना रूपी बीमारी पूरे विश्व में महामारी के रूप मे फैल चुकी है। दुनियाभर के ज्यादातर देशों को कोरोना वायरस ने अपनी चपेट में ले रखा है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक दुनियाभर में कोरोना संक्रमण के अब तक 77 लाख 51 हजार से ज्यादा मामले आ चुके हैं। जबकि 4 लाख 28 हजार से ज्यादा लोगों की इस बीमारी से जान जा चुकी है।
भारत में अब इस बीमारी के लगातार मामले बढ़ते जा रहे हैं। भारत में अब तक कोरोना संक्रमण के 3 लाख से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं, वहीँ 8 हजार से ज्यादा लोगों की इस बीमारी से मौत हो चुकी है। भारत कोरोना संक्रमण के मामले में विश्व के चौथे स्थान पर खड़ा है। जाने माने देश जो चिकित्सा पद्धति के क्षेत्र में अग्रणी हैं। जिनकी गणना विकसित देशों में की जाती है। अमेरिका, इटली, ब्रिटेन, स्पेन, जर्मनी आदि देश इस बीमारी के आगे लाचार हो गये। इस बीमारी के विषय में तरह तरह का चिंतन किया जा रहा है। हेलन ब्रिग्स बीबीसी न्यूज़ के द्वारा अवगत कराया गया है कि चीन के किसी इलाके में एक चमगादड़ ने आकाश में मंडराते हुए अपने लीद के जरिए कोरोना वायरस का अवशेष छोडा जो जंगल में जमीन पर गिरा। एक जंगली जानवर पैंगोलिन ने इसे सूंघा और उसी के जरिए यह बीमारी अन्य जानवरों में फैल गई। इसके बाद वाइल्ड लाइफ मार्केट में कामगारों में यह बीमारी फैलने लगी। इसी से वैश्विक संक्रमण का जन्म हुआ। कनिंगम के अनुसार कई जंगली जानवर कोरोना वायरस के स्रोत हो सकते हैं। लेकिन खासकर चमगादड़ बडी संख्या में अलग-अलग तरह के कोरोना वायरस के अड्डे होते हैं। यूनिवर्सिटी काॅलेज लन्दन के प्रोफेसर कटे जोनस के अनुसार, चमगादड़ बीमार पडते हैं तो बडी संख्या में विषाणुओं से टकराते हैं। इसमें कोई शक नहीं है कि चमगादड़ जैसे रहते हैं। उसमें विषाणु खूब पनपते हैं। यूनिवर्सिटी आफ नाॅटिगम के प्रोफेसर जोनाथन बाॅल कहते हैं कि ये स्तनपायी होते हैं। इसलिए आंशका होती है कि ये या तो इन्सान को सीधे संक्रमित कर सकते हैं, या फिर किसी के जरिए भी प्रभावित कर सकते हैं। ईष्ट एंगलिका की प्रोफेसर डायना वेल कहती हैं, हम सतर्क हो जाएं तो अगले खतरनाक विषाणु से बच सकते हैं. हम अलग-अलग देशों, भिन्न-भिन्न जलवायु और भिन्न-भिन्न जीवन शैली वाले जानवरों को साथ ला रहें हैं। पानी में रहने वाले जीवों और पेड़ो पर रहने वाले जीवों का हम जिस तरह से हिंसा कर रहे हैं। हमें वे सब रोकने की जरूरत है। लंदन में कोरोना वायरस पर अनुसंधान कर रहे वैज्ञानिकों का कहना है कि ये अभी शुरूवाती दौर है। ठीक ठीक कुछ नहीं कहा जा सकता है। कुछ रिपोर्टस इस बात को भी उजागर करते हैं कि सांप और चमगादड़ दोनों में कोरोना वायरस पाया गया। यहीं से यह वायरस ह्यूमन बाॅडी में आ गया। चीन इस प्रकार का देश है कि जो सभी प्रकार के जानवरों का मांस खाता है। चीन में चमगादड़, सांप, कुत्ता आदि जो भी मिले सबके भक्षण किया जाता है। चीन की इस तरह की कुप्रवृत्ति का फल पूरे विश्व को भोगना पड रहा है। इनकी हिस॔क वृत्ति ने सम्पूर्ण विश्व के सामने खतरा खडा कर दिया है। गार्डियन रिपोर्ट में इस बात का खुलासा किया गया है कि चीन एक वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन लॉ है। लेकिन 30 सालों में इसे सुधारा नहीं गया है, न ही अधिकारियों द्वारा उसमें रूचि दिखाई है। प्राकृतिक संसाधनों और वन्य जीवन का दमन इस देश के गुण सूत्रो में है। समय के साथ नहीं चेते तो बहुत बडी प्राकृतिक आपदा है, जिसके परिणाम भुगतने पडेंगे।
कोरोना वायरस सर्वप्रथम फेफडों को ही संक्रमित करता है। इसके दो लक्षण होते हैं। बुखार और सूखी खांसी। कई बार इसके कारण व्यक्ति को सांस लेने में भी कठिनाई होती है। कोरोना वाली खांसी आम खासी नहीं होती है। इसके कारण लगातार खासी होती है। ’24’ घन्टे में कम से कम तीन बार चक्कर या दौरे पड सकते हैं। खासी में बलगम का आना चिन्ता के विषय को दर्शाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार-वायरस के शरीर में पहुचने और लक्षण दिखने के बीच 14 दिन का समय होता है। सामान्य तौर पर जिन लोगों में कोरोना वायरस का संक्रमण है उनमें से अधिकतर लोग पैरासिटामोल जैसे दर्द कम करने की दवा ले सकते हैं। अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत तब होती है जब व्यक्ति को सांस लेने में दिक्कत होती है।
कोरोना वायरस महामारी के बचाव निम्नलिखित हैं-नियमित स्वच्छता का ध्यान रखें। अपने हाथ साबुत और पानी से अच्छी तरह धूलें। इस रोग से ग्रसित ब्यक्ति जब खासता है ‘छींकता है तो उसके थूक के बेहद बारीक कण हवा में फैलते हैं। इन कणों में वायरस के जीवाणु रहते हैं। संक्रमित व्यक्ति के समीप रहने से जीवाणु सांस के रास्ते शरीर में प्रवेश कर जाते हैं। अगर आप किसी ऐसी जगह छूते हैं जहां ये कण गिरे हुए हैं। फिर उसके बाद अपने हाथ आँख कान मुंह को छूते हैं तो ये कण शरीर में प्रवेश कर जाते हैं। इस कारण जब भी बाहर निकलते हैं तो मास्क का जरूर प्रयोग करें। इस महामारी के चलते हुए सम्मानित तेजस्वी प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी जी ने स्वाध्याय चिंतन मनन के बाद एक दिन के लिए सम्पूर्ण भारत वर्ष को बन्द रखने की अपील की। फिर स्थितियों को देखकर प्रथम, द्वितीय, तृतीय, चतुर्थ, चरण मे लौक डाउन की अवधि बडा दी। सम्मानित प्रधानमंत्री महोदय जी ने भी अपने भाषण में भारतीय सन्स्कृति के उच्च आयामों के आधार पर जनता को धैर्य और संयम में रहने की नसीहत देते हुए कहा कि कोरोना महामारी किसी से छिपी हुई नहीं है। इसने पूरी दुनिया को हिला दिया है। बेबस कर दिया है। ऐसा नहीं है कि ये देश प्रयास नहीं कर रहें हैं। या इनके पास संसाधनों की कमी है। लेकिन कोरोना महामारी इस तरह से फैल रही है कि तमाम तैयारियों व प्रयासों के बावजूद इन देशों में चुनौती बढती जा रही है। इन सभी देशों की दो महीने की स्टडी से जो निष्कर्ष निकल रहा है और जो विशेषज्ञ कह रहे हैं कि इस महामारी से प्रभावी मुकाबले के लिए एकमात्र विकल्प सामाजिक दूरी है। यानी एक दूसरे से दूर रहना, घरो में ही बन्द रहना। कोरोना बीमारी से बचने का इसके अतिरिक्त कोई तरीका नहीं है। कोरोना को फैलने से रोकना है तो उसके संक्रमण की साइकिल को तोडना होगा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने यह भी कहा कि भारत आज उस स्टेज पर है। जहाँ आज हमारे एक्शन तय करेंगे कि इस बडी आपदा के प्रभाव को हम कितना कम कर सकते हैं। यह वक्त कदम कदम-कदम पर संयम बरतने का हैं। याद रखें कि जान है तो जहान है। धैर्य और अनुशासन की घडी है। कोरोना महामारी पूरे विश्व के लिए बहुत बडी चुनौती बनी हुई है। साथ ही यदि सकारात्मक चिंतन किया जाय तो यह बात भी स्पष्ट रूप से सामने आ जाती है कि पूरे विश्व को जगत् गुरु के रूप में मार्गदर्शन करने वाला भारत वर्ष और यहाँ की वैदिक संस्कृति जो कि आदर्श आत्म संयम व सदाचार में जीवन जीने का बोध कराती है। आज पूरे विश्व की दृष्टि पुनः इसकी संस्कृति पर टिकी हुई है। कोरोना महामारी एक चुनौती बनी हुई है। एक वायरस ने अपना प्रकोप इस तरह से फैला दिया है कि हम इसके सामने बौने साबित हो रहे हैं। यह चिंतन का विषय है। परम सत्ता हमें सचेत कर रही है। हम प्रकृति से लेने का कार्य कर रहे हैं। प्रकृति नहीं चाहती है कि इस धरा पर रहकर कोई हिंसात्मक कार्य करे।पर्यावरण को प्रदूषित करें। हमारी इस तरह की मूर्खतापूर्ण चतुराई ने हमें इस तरह रोगों के लिए आमंत्रित किया है। इस सत्यता को भी झुटलाया नहीं जा सकता है कि हमारे भारत वर्ष में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या अन्य देशों की तुलना में बहुत कम है। यहां पर आत्म संयम व चिकित्सकीय परामर्श के दिशा निर्देशन में रहकर उपचार से रोगियों को भरपूर लाभ मिल रहा है। यह भी सच है कि कोई भी समस्या जन्म लेती है तो समाप्त भी होती है। उसका समाधान भी निकल जाता है। यह एक प्रकार से असीम धैर्य की परीक्षा है। हम बहुत जल्दी ही इह महामारी से मुक्त होकर नूतन शुभ प्रभात के साथ ऊर्जा रूपी किरणों से संचालित होंगे ।लेकिन साथ ही ध्यान देने योग्य बात यह भी है कि यदि समय रहते अभी भी हमनें अपनी मूल भूत संस्कृति को अनदेखा किया तो इसके भविष्य में गम्भीर परिणाम भुगतने पडेंगे।
लेखक-अखिलेश चन्द्र चमोला।
देश में 3 लाख के पार हुआ कोरोना के मरीजों का आंकड़ा, 24 घंटे में रेकॉर्ड 11,458 केस, 386 मौतें,
नई दिल्ली : दुनियाभर भर में महामारी का रूप ले चुके कोरोना वायरस ने अब भारत में भी विकराल रूप ले लिया है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीते 24 घंटे में भारत में कोरोना के अब तक के रिकॉर्ड 11,458 नए मामले सामने आए हैं जबकि 386 लोगों की मौत हुई है। यही नहीं देश में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 3,08,993 हो चुकी है। हालंकि इनमें से 1,54,330 लोग ठीक भी हो चुके हैं, वहीं अब तक कोरोना ने देश में 8,884 लोगों की जान ली है। और उससे भी बड़ी बात यह है कि देश में कोरोना मरीजों के आंकडे को 2 लाख से 3 लाख होने में केवल 10 दिन का समय लगा, अब आप समझ सकते हैं कि भारत में कोरोना कि रफ़्तार से बढ़ रहा है।
सबसे ज्यादा बुरा हाल महाराष्ट्र का है। जहाँ कोरोना मरीजों की संख्या एक लाख से ऊपर पहुँच गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा आज सुबह जारी आंकड़ों के अनुसार महाराष्ट्र में अब तक 1,01,141 लोग कोरोना की चपेट में आ चुके हैं। वहीँ दूसरे नंबर पर तमिलनाडु है जहाँ 40,698 लोग कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। इसके अलावा राजधानी दिल्ली का भी बुरा हाल है यहाँ अबतक 36,824 लोगों में कोरोना की पुष्टि हो चुकी है।
देखें राज्यवार कोरोना मरीजों की लिस्ट।
| S. No. | States | Confirmed | Cured | Death |
| 1 | Maharashtra | 101141 | 47796 | 3717 |
| 2 | Tamil Nadu | 40698 | 22047 | 367 |
| 3 | Delhi | 36824 | 13398 | 1214 |
| 4 | Gujarat | 22527 | 15493 | 1415 |
| 5 | Uttar Pradesh | 12616 | 7609 | 365 |
| 6 | Rajasthan | 12068 | 8898 | 272 |
| 7 | Madhya Pradesh | 10443 | 7201 | 440 |
| 8 | West Bengal | 10244 | 4206 | 451 |
| 9 | Karnataka | 6516 | 3440 | 79 |
| 10 | Haryana | 6334 | 2475 | 70 |
| 11 | Bihar | 6103 | 3587 | 36 |
| 12 | Andhra Pradesh | 5680 | 3105 | 80 |
| 13 | Jammu and Kashmir | 4730 | 2086 | 53 |
| 14 | Telangana | 4484 | 2278 | 174 |
| 15 | Assam | 3498 | 1537 | 8 |
| 16 | Odisha | 3498 | 2474 | 10 |
| 17 | Punjab | 2986 | 2282 | 63 |
| 18 | Kerala | 2322 | 1000 | 19 |
| 19 | Uttarakhand | 1724 | 947 | 21 |
| 20 | Jharkhand | 1617 | 672 | 8 |
| 21 | Chhattisgarh | 1429 | 550 | 6 |
| 22 | Tripura | 961 | 278 | 1 |
| 23 | Himachal Pradesh | 486 | 297 | 6 |
| 24 | Goa | 463 | 69 | 0 |
| 25 | Manipur | 385 | 77 | 0 |
| 26 | Chandigarh | 334 | 286 | 5 |
| 27 | Ladakh | 239 | 62 | 1 |
| 28 | Puducherry | 157 | 67 | 2 |
| 29 | Nagaland | 156 | 49 | 0 |
| 30 | Mizoram | 104 | 1 | 0 |
| 31 | Arunachal Pradesh | 67 | 4 | 0 |
| 32 | Sikkim | 63 | 2 | 0 |
| 33 | Meghalaya | 44 | 22 | 1 |
| 34 | Andaman and Nicobar Islands | 38 | 33 | 0 |
| 35 | Dadra and Nagar Haveli and Daman and Diu | 30 | 2 | 0 |
| Cases being reassigned to states | 7984 | 0 | 0 | |
| Total confirmed cases | 308993 | 154330 | 8884 | |
उत्तराखंड के महान लोक गायक हीरा सिंह राणा का निधन
Heera Singh Rana : उत्तराखंड के लिए आज बेहद दुखद खबर है। उत्तराखंड लोक संस्कृति के पुरोद्धा, पहाड़ी लोक संगीत की शान माने जाने वाले सुप्रसिद्ध लोक कलाकार एवं गढ़वाली-कुमाऊँनी-जौनसारी” भाषा अकादमी दिल्ली के पहले उपाध्यक्ष हीरा सिंह राणा जी अब हमारे बीच नहीं रहे। 77 वर्षीय राणा जी का अपने विनोदनगर, दिल्ली स्थित आवास में कल देर रात करीब 2:30 बजे अचानक दिल का दौरा पढ़ने से स्वर्गवास हो गया है। उनके देहांत की खबर फैलते ही उत्तराखंड में शोक की लहर दौड़ पड़ी है। उनकी अंतिम यात्रा आज 8 :30 बजे निगमबोध घाट के लिए निकलेगी।
आपको बतादें कि महज 15 साल की उम्र से पहाड़ की संस्कृति से जुड़कर लोक गीतों की रचना करने वाले हीरा सिंह राणा का नाम उत्तराँखण्ड के प्रमुख गायक कलाकारो में प्रथम पंक्ति में आता है। उन्हें लोग हीरदा कुमाऊनी के नाम से भी पुकारते हैं। हीरदा ने रामलीला, पारंपरिक लोक उत्सव, वैवाहिक कार्यक्रम से अपने गायन का सफ़र शुरू किया और बाद में आकाशवाणी नजीबाबाद, दिल्ली, लखनऊ ही नहीं अपितु देश-विदेश में भी अपनी बेहद सुरीली आवाज में पहाड़ी लोक गीतों की धाक जमाई है।
जाने माने कवि, गीतकार एवं लोक गायक हीरा सिंह राणा का जन्म 16 सितंबर 1942 को मानिला डंढ़ोली जिला अल्मोड़ा में हुआ उनकी माताजी स्व: नारंगी देवी, पिताजी स्व: मोहन सिंह थे। राणा जी प्राथमिक शिक्षा मानिला में हुई। उन्होंने दिल्ली में सेल्समैन की नौकरी की लेकिन इसमें उनका मन नहीं लगा और इस नौकरी को छोड़कर वह संगीत की स्कालरशिप लेकर कलकत्ता चले गए और संगीत के संसार में पहुँच गए। इसके बाद हीरा सिंह राणा ने उत्तराखंड के कलाकारों का दल नवयुवक केंद्र ताड़ीखेत 1974, हिमांगन कला संगम दिल्ली 1992, पहले ज्योली बुरुंश (1971), मानिला डांडी 1985, मनख्यु पड़यौव में 1987, के साथ उत्तराखण्ड के लोक संगीत के लिए काम किया।
इस बीच राणा जी ने कुमाउनी लोक गीतों के 6- कैसेट ‘रंगीली बिंदी, रंगदार मुखड़ी’, सौमनो की चोरा, ढाई विसी बरस हाई कमाला’, ‘आहा रे ज़माना’ भी निकाले। राणा जी ने कुमाँउ संगीत को नई दिशा दी और ऊचाँई पर पहुँचाया। राणा ने ऐसे गाने बनाये जो उत्तराखण्ड की संस्कृति और रिती रीवाज को बखुबी दर्शाते हैं। यही वजह कि भूमंडलीकरण के इस दौर में हीरा सिंह राणा के गीत खूब गाए बजाए जाते हैं।

वर्ष 2011 में हमारी संस्था “उत्तराखण्ड सांस्कृतिक समिति” ने हीरा सिंह राणा जी को एक सांस्कृतिक संध्या में ग्रेटर नोएडा में आमंत्रित किया था और राणा जी ने अपने सुपरहिट गीत रंगीली बिंदी, घाघर काई—हाई रे मिजाता से पूरे ग्रेटर नोएडा शहर को झूमने पर मजबूर कर दिया था। जिसे आप नीचे दिए गए विडियो में देख सकते हैं।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने लोकगायक के अकस्मात निधन को उत्तराखंड की अपूर्णनीय क्षति बताते हुए कहा कि ऐसे बहुमुखी प्रतिभा के धनी व्यक्तिव बिरले ही होते हैं जो कला के माधयम से समाज में अपनी पहचान बनाते हुए समाज को दिशा देने में सक्षम होते हैं, उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति की कामना करते हुए परिवार को दुःख सहने की कामना प्रभु से की है।
आयुष मंत्री ने दिए श्रीनगर मेडिकल कॉलेज को 25 लाख रुपये तथा कॉलेज स्टाफ को आयुष किट, पीपीई किट, मास्क और सैनिटाइजर
श्रीनगर गढ़वाल : कोरोना संकट काल में जिले के कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज कर रहे श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के कोरोना वारियर्स डॉक्टर्स एवं मेडिकल कॉलेज स्टाफ को कोरोना संक्रमण से बचाव को लेकर आयुष मंत्रालय की ओर से आयुष किट, पीपीई किट, मास्क और सैनिटाइजर प्रदान किए।
शुक्रवार को श्रीनगर मेडिकल कॉलेज पहुंचे प्रदेश के वन एवं आयुष मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होने कोविड-19 को लेकर चिकित्सालय की तैयारियों आदि के बारे में जानकारी ली। इस दौरान डॉ. हरक सिंह रावत ने पर्यावरण प्रदूषण बोर्ड की ओर से 25 लाख रुपये श्रीनगर मेडिकल कॉलेज को देने की घोषणा की। इस धनराशि से कोरोना के खिलाफ की जा रही व्यवस्थाओं को और प्रभावी बनाया जाएगा।
डॉ. रावत ने कहा कि कोरोना वार्ड में अपनी सेवाएं दे रहें डॉक्टर, स्टाफ नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ अग्रिम पंक्ति के कोरोना वॉरियर्स हैं। उन्होंने सभी उपस्थित स्टाफ को मलाओं व पीपीआई किट देकर सम्मानित किया। उन्होंने आगे कहा कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम में स्वास्थ्य कर्मियों के साथ-साथ प्रशासन, पुलिस कर्मियों, सफाई कर्मियों व मीडिया कर्मियों की भूमिका महत्वपूर्ण रही है वे भी कोरोना योद्धा हैं। उनके लिए भी आयुष किट और सैनिटाइजर मंत्रालय की ओर से तहसील कार्यालय और कोतवाली तथा श्रीकोट चौकी में पहुंचाया जाएगा।
इस अवसर पर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर डॉ. सीएमएस रावत, बेस अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केपी सिंह, मेडिकल कॉलेज कोरोना नोडल अधिकारी प्रोफेसर डॉ. केएस बुटोला, कोरोना लैब प्रभारी और नोडल अधिकारी डॉ. पूजा शर्मा के साथ ही पैरामेडिकल स्टाफ के लोग मौजूद रहे।
शिक्षा मंत्री के बयान की युवा कांग्रेस पौड़ी के पदाधिकारियों ने की निंदा
पौड़ी गढ़वाल : भारतीय राष्ट्रीय युवा कांग्रेस पौड़ी के पदाधिकारियों द्वारा प्रदेश के शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे द्वारा दिए गए उस बयान का कड़े शब्दों में निंदा कर विरोध किया है जिसमे उन्होंने कहा कि जो अभिभावक फीस नहीं दे पा रहे हैं, वह अपने बच्चों का एडमिशन सरकारी स्कूलों में कराएं। जिला उपाध्यक्ष युवा कांग्रेस व पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष आशीष नेगी ने कहा कि युवा कांग्रेस ने कुछ दिन पहले ही इस वैश्विक महामारी को देखते हुए सरकार से 3 माह का बिजली का बिल, 3 माह पानी का बिल व 3 माह की छात्र-छात्राओं की फीस माफी के लिए मुख्यमंत्री जी को ज्ञापन भेजा था लेकिन सरकार ने अभी तक इस पर कोई भी ध्यान नहीं दिया है।
आशीष नेगी ने कहा कि एक तरफ सरकार प्रतिवर्ष शिक्षा बजट में कटौती कर छात्रों के साथ खिलवाड़ करने का काम कर रही है। वहीं दूसरी ओर सूबे के शिक्षा मंत्री इस तरीके का बयान दे रहे हैं जो की उन्हें सोभा नही देता। फीस अभिभावक पहले भी दे रहे थे लेकिन सरकार से फीस माफी की मांग इस वैश्विक महामारी कोरोना के चलते की गई है। जब लोगों की आर्थिकी पर प्रभाव पड़ा है, कई लोग बेरोजगार हो चुके हैं, लोगों के पास खाने के लिए पैसे नहीं है। सरकार अपनी शिक्षा नीतियों में बदलाव न करके इस तरीके का बयान दे रही है जबकि उन्हें अपने शिक्षा तंत्र में सुधार करने की आवश्यकता है और अभिभावक सरकारी स्कूलों में भी अपने बच्चों को पढ़ाएंगे इसके लिए सरकार पहल तो करें। अपने सरकारी स्कूलों का आधुनिकीकरण तो करें सिर्फ बयान दे देना कहीं भी इसका इलाज नहीं है।युवा कांग्रेस पौड़ी द्वारा सरकार से मांग की गयी कि शिक्षा बजट में कटौती न की जाए और 3 माह की छात्र-छात्राओं की फीस माफ की जाए। जिससे इस वैश्विक महामारी में अभिभावकों के साथ-साथ आमजन को राहत मिल सके।
विरोध करने वालों में पूर्व विश्वविद्यालय प्रतिनिधि मोहित सिंह, छात्रसंघ सचिव गोपाल नेगी, पूर्व छात्रसंघ सचिव आकाश रावत, पूर्व छात्रसंघ कोषाध्यक्ष अंकित सुंद्रियाल, पूर्व छात्रसंघ सहसचिव शिवानी भंडारी, छात्र नेता दीपक नौटियाल, संजना गुजराल, निशा ममगाईं,कामिनी आदि शामिल थे।
नोएडा, ग्रेटर नोएडा में आज मिले रिकॉर्ड 95 कोरोना पॉजिटिव, 830 पहुंचा जिले में संक्रमितों का आंकड़ा
Coronavirus case in Noida : नोएडा, ग्रेटर नोएडा में आज फिर कोरोना वायरस का कहर टूट पड़ा है। आज शुक्रवार को गौतमबुद्ध नगर जिले में अब तक के एक दिन में सबसे ज्यादा 95 कोरोना के मामले सामने आये हैं। जबकि एक कोरोना संक्रमित व्यक्ति की मौत हो गई है। इसके साथ ही जिले में अब कुल कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 830 हो गई है। हालाँकि इनमें से 477 मरीज ठीक हो चुके है। वहीं कोरोना से12 लोगों की मौत भी हो चुकी है।
गौतमबुद्ध नगर के जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ सुनील कुमार दोहरे द्वारा शुक्रवार देर रात जारी मेडिकल बुलेटिन अनुसार आज नोएडा, ग्रेटर नोएडा में 95 लोग संक्रमित पाए गए हैं। जिसके बाद जिले में कुल कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या 830 हो चुकी है। अब जिले के अस्पतालों में 341 लोगों का उपचार किया जा रहा है। वहीँ जिले में क्रॉस नोटिफाई (अन्य जिलों/राज्यों के निवासी) मरीजों की संख्या भी 69 हो गई है। जिला सर्विलांस अधिकारी ने बताया कि नोएडा के बरौला गांव में रहने वाला एक 45 वर्षीय युवक कोरोना वायरस से पॉजिटिव पाया गया था। उसकी शुक्रवार की सुबह मौत हो गई है।
आज जारी रिपोर्ट में जिन 95 लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है, वे नोएडा/ग्रेटर नोएडा के किस सेक्टर से हैं इसका कुछ भी जिक्र नहीं किया गया है।
कोरोना मरीजों के साथ-साथ कंटेनमेंट जोन की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। वर्तमान में जिले के कोरोना मरीजों की संख्या 800 के पार है, वहीं 184 क्षेत्र कंटेनमेंट जोन में तब्दील हो चुके हैं।

पौड़ी : कंडोलिया में अनावश्यक रूप से घूमने पर 10 युवकों का चालान
पौड़ी गढ़वाल : कोरोना संकट काल में मास्क न पहनने व अनावश्यक रूप से घूमने वालों पर पौड़ी पुलिस द्वारा कड़ी नजर रखी जा रही है। आज पौड़ी के कंडोलिया क्षेत्र में अनावश्यक रूप से घूम रहे 10 युवकों का जिला पुलिस ने चालान किया है। वहीं एक दुपहिया वाहन को सीज किया गया है। पौड़ी कोतवाल लक्ष्मण सिंह कठैत ने बताया कि कोरोना संकट काल में शहर क्षेत्र में पेट्रोलिंग के लिए टीमें गठित की गई हैं। इस दौरान शहरी क्षेत्र में अनावश्यक रूप से घूम रहे लोगों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। तथा जो भी बिना मास्क पहने या फिर अनावश्यक रूप से घूमता दिखाई दे रहा है उस पर कड़ी कार्यवाही की जा रही है।
उत्तराखंड में आज कोरोना के 69 नये केस, 05 मरीजों की मौत, 1724 हुई संक्रमितों की संख्या
देहरादून : उत्तराखंड में भी कोराना का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। ज्यादातर मामले महाराष्ट्र, दिल्ली, हरियाणा, यूपी, राजस्थान आदि राज्यों से आने वाले प्रवासियों से आ रहे हैं। बीते कुछ दिनों से लगातार कई कोरोना संक्रमित मरीज मिल रहे हैं। विभिन्न राज्यों से वापस लौटे प्रवासियों के बाद अब स्थानीय स्तर पर भी कोरोना संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं। चिंता इस बात को लेकर भी कि कोरोना के खिलाफ छिड़ी जंग में फ्रंटलाइन पर खड़े कोरोना वारियर्स डॉक्टर्स, स्वास्थ्य कर्मियों के अलावा पुलिस के जवान भी इस जानलेवा वायरस की चपेट में आ रहे हैं। शुक्रवार को भी प्रदेश में कोरोना के 69 नये मामले मिले हैं। जिसके बाद राज्य में अब संक्रमित मरीजों की संख्या बढक़र 1724 हो गई है। हालांकि कुल संक्रमित मरीजों में से अब तक 947 (52 प्रतिशत से अधिक) लोग स्वस्थ्य होकर अस्पतालों से डिस्चार्ज हो चुके हैं। जबकि विभिन्न अस्पतालों में 777 एक्टिव मरीज चिकित्सकों की निगरानी में भर्ती हैं। वहीँ अब तक कोरोना से 21 मरीजों की मौत भी हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार दोपहर अलग—अलग लैबों से कुल 1119 सैंपलों की जांच रिपोर्ट मिली है। जिनमें 37 मामलों में रिपोर्ट पॉजीटिव आई है। वहीँ रात 9 बजे आई रिपोर्ट में 32 और लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है।
आज सबसे ज्यादा हरिद्वार जिले में 30 लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है। जिनमे से ज्यादातर लोग बाहरी राज्यों से यहाँ लौटे हैं। इसके अल्वा देहरादून में 17 लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है। इनमें 5 लोग कुछ दिन पहले ही दिल्ली से वापस लौटे हैं। जबकि 12 लोगों की कोई ट्रेवल हिस्ट्री नहीं है। माना जा रहा है कि ये किसी संक्रमित मरीज के संपर्क में आने से कोरोना की चपेट में आये हैं। स्वास्थ्य विभाग इनके संपर्क में आये अन्य लोगों को भी तलाश कर रहा है। इसके अलावा उधमसिंहनगर जिले में 09, रुद्रप्रयाग में 07, चमोली में टिहरी गढ़वाल में भी 03 लोग कोरोना पॉजिटिव आये हैं।
घंडियाल-देवल-सैण-बेडगाँव सड़क निर्माण में हो रही देरी को लेकर ग्रामीणों ने अधिशासी अभियंता को दिया ज्ञापन
कल्जीखाल : पौड़ी गढ़वाल के कल्जीखाल विकासखंड के अंतर्गत घंडियाल-देवल-सैण-बेडगाँव सड़क निर्माण के कार्य में हो रही देरी को लेकर आज क्षेत्र के ग्रामीणों ने क्षेत्र पंचायत सदस्य, एवं ग्राम प्रधानों के नेतृत्व में लोक निर्माण विभाग पौड़ी के अधिशासी अभियंता को एक लिखित ज्ञापन सौंपा. ग्रामीणों ने उक्त सड़क निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा करने की मांग की है.
ग्रामीणों ने अधिशासी अभियंता को पत्र के माध्यम से अवगत कराया कि घंडियाल-साकनी बड़ी-साकनी छोटी-देवल-सैण-बेडगाँव सड़क का लोक निर्माण विभाग द्वारा अधिकांश काश्तकारों को मुआवजा भी दिया जा चुका है, परंतु सड़क का काम अभी तक छोटी साकनी तक ही पहुंच पाया है. छोटी साकनी से आगे ग्राम देवल, बेडगाँव तक सड़क बनाई जानी है. इस सड़क के बनने से इन गांवों के सैकड़ों ग्रामीणों को लाभ होगा. ग्रामीणों ने अधिशासी अभियंता को सड़क निर्माण में हो रही देरी पर उचित कार्यवाही करने की मांग की है.












