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श्रीदेव सुमन : मात्र 29 वर्ष की अल्पायु में शहीद हुए महान क्रांतिकारी की जयंती पर विशेष

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आज उत्तराखंड के एक ऐसे महान क्रांतिकारी, जननायक, अमर बलिदानी, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सपूत का जन्मदिवस है जिन्हें अमर शहीद श्रीदेव सुमन के नाम से जाना जाता है। श्रीदेव सुमन एक लेखक, पत्रकार और जननायक ही नहीं बल्कि टिहरी की ऐतिहासिक क्रांति के भी महानायक थे। मशहूर हिंदी फिल्म आनन्द मे राजेश खन्ना को वह डायलॉग जिंदगी लंबी नहीं बड़ी होनी चाहिए बाबू मुशाय”, अगर किसी व्यक्ति की जिन्दगी पर फिट बैठता है, तो वो हैं मात्र 29 वर्ष की अल्पायु में ही अपने देश के लिए शहीद होने वाले अमर शहीद श्रीदेव सुमन।

स्वाधीनता-हितरधीता से दूं झुका जगदीश कोमां के पदों में सुमन सा रख दूं समर्पण शीश को। जैसे शब्दों से स्वयं को बोलेंदा बद्री यानी बोलते हुए बद्रीनाथ यानी ईश्वर बताने वाले टिहरी नरेश की राजशाही को अपना बलिदान देकर हमेशा के लिए समाप्त करने वाले सुमन श्रीदेव सुमन का जन्म आज ही के दिन यानी 25 मई, 1915 को टिहरी गढ़वाल की बमुण्ड पट्टी के जौल गांव में हुआ था। श्रीदेव सुमन का बचपन का नाम श्रीदत्त बडोनी था। उनके पिता का नाम पं. हरिराम बडोनी तथा माता का नाम तारा देवी था। मात्र 3 वर्ष की अल्पायु मे इसके सर से पिता का साया उठ गया था।

उन्होंने प्राईमरी की परीक्षा चंबा स्कूल से पास की और सन 1929 ई. में टिहरी मिडिल स्कूल से हिन्दी की मिड़िल परीक्षा में उत्तीर्ण हुए। मिडल परीक्षा के बाद वे शिक्षा के लिए राज्य की सीमा से बाहर निकल कर देहरादून चले गये। वहां वे कई प्रमुख व्यक्तियों के सम्पर्क में आये। वहां उन्होने लगभग डेढ़ वर्ष तक सनातनधर्म स्कूल में अध्ययन का कार्य भी किया।

1930 में उन्होंने मात्र 14 वर्ष की किशोरावस्था में ‘नमक सत्याग्रह’ आन्दोलन मे भाग लेकर श्रीदेव सुमन ने साबित कर दिया था कि उनके अन्दर देश प्रेम की भावना किस हद तक भारी हुई थी। इस दौरान उन्हें उन्हे 13-14 दिन जेल में रखा गया और फिर कम उम्र बालक समझ कर छोड़ दिया। इसके बाद स्कूल अध्यापन के साथ साथ पंजाब युनिवर्सिटी व हिन्दी साहित्य सम्मेलन की परीक्षाओं की तैयारी की। उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय की रत्न भूषण और प्रभाकर तथा हिन्दी साहित्य सम्मेलन की विशारद् और साहित्य रत्न परीक्षाएं सम्मान सहित पास कर ली और इस प्रकार हिन्दी साहित्य अध्ययन के अपने लक्ष्य को प्राप्त किया।

बाद में उन्होंने दिल्ली जाकर अध्ययन व अध्यापन कार्य शुरू किया और साथ-साथ सुमन साहित्य भी लिखने लगे। और 17 जून 1937  को ‘‘सुमन सौरभ’’ नामक 32 पेजों का अपनी कविताओं का संग्रह भी प्रकाशित किया। वे हिन्दू, धर्मराज, राष्ट्रमत, कर्मभूमि जैसे हिन्दी व अंग्रेजी के पत्रों के सम्पादन से जुड़े रहे। वे ‘हिन्दी साहित्य सम्मेलन’ के भी सक्रिय कार्यकर्ता थे। उन्होंने 22 मार्च 1938 को दिल्ली में ‘‘गढ़देश सेवा संघ’’ की स्थापना की। इसके अलावा उन्होंने हिमालय सेवा संघ, हिमालय प्रांतीय देशी राज्य प्रजा परिषद, हिमालय राष्ट्रीय शिक्षा परिषद आदि संस्थाओं के स्थापना की।

इसके आलावा छोटी सी उम्र में ही श्रीनगर गढ़वाल में आयोजित जिला राजनैतिक सम्मेलन में शामिल हुये, तथा इस अवसर पर उन्होंने पंडित जवाहर लाल नेहरु को अपने ओजस्वी भाषण से गढ़वाल राज्य की दुर्दशा से परिचित कराया, तथा खुद का मुरीद भी बना दिया। यहीं से उन्होंने ‘जिला गढ़वाल’ और ‘राज्य गढ़वाल’ की एकता का नारा बुलंद किया। साथ ही पूरी तरह से सार्वजनिक जीवन में आते हुए 23 जनवरी, 1939 को देहरादून में स्थापित ‘टिहरी राज्य प्रजा मंडल’ के संयोजक मंत्री चुने गये।

अगस्त 1942 में ‘भारत छोड़ो आन्दोलन’ प्रारम्भ होते ही उन्हें टिहरी आते समय 29 अगस्त 1942 को देवप्रयाग में गिरफ्तार कर लिया गया और 10 दिन मुनि की रेती जेल में रखने के बाद 6 सितम्बर को पहले ढाई महीने के लिए देहरादून जेल और फिर 15 महीने के लिए आगरा सेंट्रल जेल भेज दिया गया। 19 नवम्बर 1943 को आगरा जेल से रिहा होने के बाद वे फिर टिहरी में बढ़ रहे राजशाही के अत्याचारों के खिलाफ जनता के अधिकारों को लेकर अपनी आवाज बुलंद करने लगे। उन्हें 27 दिसम्बर 1943 को करीब डेढ़ माह में ही पुनः चम्बाखाल में गिरफ्तार कर लिया और 30 दिसम्बर को टिहरी जेल भिजवा दिया गया। 31 जनवरी 1944 को उन्हें दो साल का कारावास और 200 रुपये जुर्माना लगाकर उन्हें काल कोठरी में ठूंसकर भारी हथकड़ी व बेड़ियों में कस दिया। इस दुव्र्यवहार से खीझकर इन्होंने 29 फरवरी से 21 दिन का उपवास प्रारम्भ किया।

इस दौरान उन्हें बेंतों की सजा भी मिली। इस पर उन्होंने 3 मई 1944 से राजशाही के खिलाफ जेल में ही 84 दिन की ऐतिहासिक भूख हड़ताल-आमरण अनशन शुरु कर दिया। तमाम उत्पीड़न, उचित उपचार न दिये जाने व लंबे उपवास के कारण 24 जुलाई की रात से ही उन्हें बेहोशी आने लगी और 25 जुलाई 1944 को शाम करीब चार बजे इस अमर सेनानी ने अपने देश व अपने आदर्शों की रक्षा के लिये 209 दिन नारकीय जीवन बिताने के बाद अपने प्राणों की आहुति दे दी। कहते हैं कि इसी रात को जेल प्रशासन ने उनकी लाश को एक कम्बल में लपेट कर भागीरथी और भिलंगना नदियों के संगम से नीचे तेज प्रवाह में जल समाधि दे दी।

लेकिन उनकी शहादत व्यर्थ नहीं गयी। अपने जीते जी न सही, अपनी शहादत के बाद वे अपना मकसद पूरा कर गये। उनकी शहादत का जनता पर इतना गहरा प्रभाव पड़ा कि उनके बलिदान का अघ्र्य पाकर टिहरी राज्य में आंदोलन और तेज हो गया। जनता ने राजशाही के खिलाफ खुला विद्रोह कर दिया। इसके फलस्वरूप टिहरी रियासत को प्रजामंडल को वैधानिक करार देने को मजबूर होना पड़ा।

मई 1947 में प्रजामंडल का प्रथम अधिवेशन हुआ। 1948 में जनता ने देवप्रयाग, कीर्तिनगर और टिहरी पर अधिकार कर लिया और प्रजामंडल का मंत्रिपरिषद गठित हुआ।  इसके बाद 1 अगस्त 1949 को टिहरी गढ़वाल राज्य का भारतीय गणराज्य में विलय हो गया। पुराने टिहरी शहर की जेल और काल कोठरी तो अब बांध बन जाने से डूब गयी है, पर नई टिहरी की जेल में उन्हें बांधने वाली हथकड़ी व बेड़ियां अब भी मौजूद हैं। टिहरी मे श्रीदेव सुमन के बलिदान दिवस को सुमन दिवस के रूप मे बड़े धूमधाम से मनाया जाता है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने अमर शहीद श्रीदेव सुमन की जयंती के अवसर पर उनका भावपूर्ण स्मरण किया है। श्रीदेव सुमन की जयंती की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीदेव सुमन  महान स्वतंत्रता सेनानी तथा संघर्ष व बलिदान की प्रतिमूर्ति थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद श्रीदेव सुमन हमारे दिलों में सदैव एक महानायक के रूप में विराजमान रहेंगे। उनका व्यक्तित्व हमें सदैव प्रेरणा देता रहेगा।

 

श्रीनगर गढ़वाल : मुख्यमंत्री ने कोविड-19 की तैयारियों को लेकर ली समीक्षा बैठक, क्वारंटाइन का पालन न करने वालों पर सख्त कार्रवाई के दिए निर्देश

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श्रीनगर गढ़वाल : मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने आज श्रीनगर गढ़वाल स्थित वीर चंद्र सिंह गढ़वाली राजकीय मेडिकल कॉलेज में अधिकारियों के साथ कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने श्रीनगर मेडिकल कालेज की व्यवस्था के साथ ही पौङी जिले में कोविड-19 से बचाव के लिए किये जा रहे कार्यों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि बाहर से आने वाले लोगों की मानकों के अनुसार टेस्टिंग हो। सेनेटाइजेशन की पूरी व्यवस्था हो। क्वारेंटाईन के नियमों का अक्षरशः पालन हो। इसका उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। ग्राम प्रधानों को हर सम्भव सहायता दी जाए। गरीबों और बाहर से आने वालों के लिए राशन की कमी न हो। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि अपने घर से बाहर निकलने पर लोग मास्क का उपयोग अनिवार्यता से करें। लोगों को निरंतर जागरूक किया जाए। किसी भी तरह की आवश्यकता होने पर शासन को तत्काल अवगत कराया जाए।
बताया गया कि हेमवती नंदन बहुगुणा बेस चिकित्सालय में बैड क्षमता को 500 से बढाकर 700 कर दिया गया है। अस्पताल परिसर को दो भागों में विभाजित किया गया है। 200 बैड कोविड-19 के लिए और 500 बैड नान कोविड-19 के लिए रखे गए हैं। 200 बैडेड कोविड ब्लाक में ही सस्पेक्टेड व कन्फर्म वार्ड भारत सरकार के दिशा-निर्देशो के अनुरूप तैयार किए गए हैं।
बैठक में उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डॉ धनसिंह रावत, सचिव अमित नेगी, जिलाधिकारी पौङी धीरज सिह गर्ब्याल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डी एस कुंवर, मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु खुराना, सीएमओ डॉ मनोज बहुखंडी, प्राचार्य डॉक्टर चंद्र मोहन सिंह रावत, चिकित्सा अधीक्षक बेस अस्पताल डॉ के पी सिंह, प्रोफेसर डॉ के एस बुटोला सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

कोरोना संकट काल में भारत स्काउट गाइड जनपद पौड़ी ने चलाया जनजागरूकता अभियान

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पौड़ी गढ़वाल : भारत स्काउट गाइड जनपद पौड़ी द्वारा जिला सचिव केशर सिंह असवाल के नेतृत्व में राजकीय इंटर कॉलेज उज्याड़ी में माधव सिंह भंडारी यूनिट के माध्यम से सेवित ग्राम सभा उज्याड़ी, बलोड़ी, ननकोट, डांग, बौंसरी एवं थपलियाल गांव में जन जागरण कर लोगों को स्काउट गाइड के द्वारा बनाए गए मास्क वितरित किये गए. तथा जनपद शाखा द्वारा जरूरतमंद एवं गरीब लोगों को खाद्यान्न सामग्री वितरित की गई. जिसमें ग्राम उज्याड़ी निवासी श्रीमती कमला देवी, वीणा देवी, नौरती देवी एवं बलोड़ी महादेव में 85 वर्ष की माई को संस्था द्वारा खाद्यान्न सामग्री दी गई. साथ में संस्था के स्काउट गाइड छात्र-छात्राओं को सामाजिक दूरी बनाए रखने, मास्क का प्रयोग करने एवं साफ सफाई पर अत्यधिक ध्यान देने के लिए लोगों को प्रेरित किया गया.

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छात्र-छात्राओं ने जन जागरण कर रैली भी निकाली तथा गीतों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया. इस अवसर पर समिति के राकेश भारती ने छात्र-छात्राओं को मास्क बनाने हेतु उन्हें प्रशिक्षण दिया. समिति के इस कार्यक्रम में राकेश भारती, ब्लॉक सचिव कल्जीखाल हरेंद्र चौहान, महेंद्र सिंह, रघुराज चौहान, सुधा रौथाण, प्रदीप रावत, आशीष नेगी आदि मौजूद थे. समिति की इस पहल पर ग्राम प्रधान सुदर्शन सिंह नेगी ने समिति का आभार व्यक्त किया.

एक प्राइवेट कंपनी के 11 कर्मचारियों सहित नोएडा-ग्रेटर नोएडा में 21 लोग कोरोना पॉजिटिव, 345 पहुंची जिले में संक्रमितों की संख्या

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ग्रेटर नोएडा : उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर जनपद में कोरोना वायरस का संक्रमण लगातार जारी है। रविवार को नोएडा-ग्रेटर नोएडा में कोरोना वायरस के 27 नए मामले सामने आए, हालाँकि इनमे से 21 लोग ही गौतमबुद्ध नगर जिले के रहने वाले हैं, जबकि 6 कोरोना पॉजिटिव अन्य जिलों के निवासी हैं। एक साथ 21 नये मरीज पॉजिटिव मिलने से अब जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या अब 345 हो गई है। कोरोना वायरस का संक्रमण बढ़ने से लोगों में दहशत का माहौल है। वहीं रविवार को 9 मरीजों को डिस्चार्ज भी किया गया।

जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. सुनील दोहरे ने बताया कि ग्रेटर नोएडा स्थित एक नामी मोबाइल फोन कंपनी में काम करने वाले 11 कर्मचारी कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। इनमें 6 मरीज गौतमबुद्धनगर के और 5 मरीज चंदौली, रायबरेली, मथुरा, बुलंदशहर व गाजीपुर के रहने वाले हैं। वहीं नोएडा के सेक्टर-16ए स्थित एक कंपनी के 7 कर्मचारी भी जांच में कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। इनमें 6 मरीज गौतमबुद्धनगर के रहने वाले हैं, जबकि एक मरीज दिल्ली का रहना है। बाहर के मरीजों को चिन्हित कर लिया गया है। कोरोना संक्रमित सभी मरीजों को अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। सर्विलांस अधिकारी ने बताया कि जिले के विभिन्न इलाके में 9 मरीज और कोरोना संक्रमित मिले हैं। बाहर के मरीजों को छोड़ दें तो गौतमबुद्धनगर में रविवार को कोरोना संक्रमित मिले मरीजों की संख्या 21 है। वहीं रविवार को जिम्स से 4, नोएडा अस्पताल से 2 और शारदा अस्पताल से 3 मरीज समेत कुल 9 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया। जिले में अब तक 230 मरीज ठीक हो चुके हैं। 110 मरीजों का इलाज चल रहा है।

उत्तराखंड में कोरोना का कहर जारी, देर शाम आये 19 नए मामले, आज 73 लोगों में कोरोना की पुष्टि, 317 पहुंचा कुल संक्रमितों का आंकड़ा

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देहरादून : उत्तराखंड में कोरोना वायरस का कहर जारी है. आज दोपहर को जारी रिपोर्ट के अनुसार 54 लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी. वहीँ शाम 7.30 बजे के हेल्थ बुलेटिन में राज्य में 19 और नए लोगों में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई है. जिसके बाद अब राज्य में कोरोना के मरीजों का आंकड़ा बढ़कर 317 पहुँच गया है. अभी अभी प्राप्त रिपोर्ट में जिन 19 लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है उनमे से 08 मरीज उधमसिंह नगर जनपद के (सभी मुम्बई से लौटे हुए), 05 चमोली जिले के (04 नई दिल्ली से तथा एक कोरोना मरीजों के संपर्क से आया हुआ शख्स), 04 देहरादून से (03 मुम्बई से, 01 लोकल), 02 बागेश्वर जिले से (01 नई दिल्ली तथा 01 अहमदाबाद से ) हैं.

इससे पहले आज दोपहर में जो 54 लोग कोरोना पॉजिटिव पाये गए थे उनमे नैनीताल से 32 (सभी महाराष्ट्र से आये हैं), अल्मोड़ा से 05 (03 गुडगाँव तथा 02 मुम्बई से), टिहरी में 03 (मुम्बई से), चमोली से 03 (दिल्ली से), पौड़ी से 01 (मुम्बई से), देहरादून से 01 (नोएडा से), उधमसिंह नगर से 01 (मुम्बई से), चम्पावत से 01 (मुम्बई से), जबकि 07 लोग बाहरी राज्यों के रहने वाले हैं। ये सभी लोग बाहरी राज्यों से उत्तराखंड पहुंचे हैं। इसके अलावा अब तक तीन कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत भी हो चुकी है। इस तरह प्रदेश में कुल कोरोना के मरीजों की संख्या 317 पहुँच गई है। वहीँ 58 लोग इलाज के बाद ठीक हो चुके हैं जबकि 3 की मौत हो चुकी है.

इससे पहले कल शनिवार को एक साथ 92 लोगों के कोरोना संक्रमित पाए गए थे जिनमे से 57 लोग अकेले नैनीताल जिले के थे. वहीँ आज 73 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं. जिनमे से 32 कोरोना संक्रमित अकेले नैनीताल जनपद के हैं। ये सभी ट्रेन से महाराष्ट्र से लौटे हुए हैं। इस तरह उत्तराखंड में दो दिनों में अब तक 165 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं. जिनमे से तक़रीबन सभी लोग बाहरी राज्यों से यहाँ पहुंचे हैं.

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उत्तराखंड में कोरोना के बढ़ते मामलों पर मुख्य सचिव बोले घबराएं नहीं, सरकार पूरी तरह है तैयार

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मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने कहा कि वर्तमान में बढ़ते मामलों को देखते हुए घबराने की आवश्यकता नहीं है। पूरे देश के साथ ही उत्तराखण्ड में भी केस बढ़ रहे हैं। शासन-प्रशासन इसके लिए पूरी तरह से तैयार है। हमारे यहां बैड, आक्सीजन, वेंटीलेटर, आईसीयू आदि आवश्यक संसाधन पर्याप्त मात्रा में हैं। हमारे चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। हमारे यहां मृत्यु दर कम है। बस कुछ सावधानियां रखने की आवश्यकता है, जरूरी होने पर ही घर से निकलें, निर्धारित व्यक्तिगत दूरी बनाकर रखें, मास्क का अनिवार्यता से प्रयोग करें, कार्यस्थल पर सेनेटाईजेंशन की व्यवस्था हो और क्वारेंटाइन के नियमों का अक्षरक्षः पालन करें।

मुख्य सचिव ने प्रेस ब्रीफिंग करते हुए बताया कि अभी तक कुल पॉजिटिव केस 298 आए हैं इनमें से 56 केस ठीक होकर जा चुके हैं। वर्तमान में एक्टीव केस 238 हैं। पिछले कुछ दिनों में संख्या में बढ़ोतरी हुई है। उत्तराखण्ड के प्रत्येक जिले में एक्टीव केस हैं। उत्तराखण्ड में सेम्पल के पॉजिटिव पाए जाने की दर 1.75 प्रतिशत है। हमारे यहां संक्रमित मामलों में से मृत्यु की दर भी अन्य बहुत से राज्यों की तुलना में कम है। अभी इन कुछ दिनों में पॉजिटिव केस सामने आए है। भारत सरकार की गाईडलाईन के अनुसार इनका अगले 10 दिनों तक परीक्षण किया जाएगा। अगर इस दौरान इनमें कोई सिम्पटम नहीं पाए जाते हैं और 7 वें दिन से 10 दिन के तक बुखार नहीं है तो इन्हें डिस्चार्ज किया जा सकता है।

मुख्य सचिव ने बताया कि 2 लाख 47 हजार से अधिक लोगों ने उत्तराखण्ड वापस आने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है, इनमें से 1 लाख 54 हजार से अधिक लोगों को विभिन्न माध्यमों से वापस लाया जा चुका है। अगले कुछ दिनों में गुजरात, तेलंगाना, पुणे, दिल्ली, जयपुर से ट्रेन से प्रवासी लोगों को लाने की योजना तैयार की जा रही है। त्रिवेन्द्रम से एक स्पेशल ट्रेन हरिद्वार आएगी। चेन्नई से भी ट्रेन की व्यवस्था की जा रही है। जयपुर से काठगोदाम भी प्रस्तावित है। उत्तराखण्ड के 200 व्यक्ति 24 देशों से भारत वापस आ चुके है। इनमें से तीन क्वारेंटाईन अवधि को पूरा कर चुके है। जबकि शेष अभी क्वारेंटाईन में हैं।

मुख्य सचिव ने बताया कि घरेलू उड़ाने भी शुरू होने जा रही हैं। दिल्ली-देहरादून, मुम्बई-देहरादून व पंतनगर-देहरादून के लिए उडाने संचालित होंगी। इसके लिए एसओपी जारी की जा चुकी है। पूरी सावधानी से सारी व्यवस्थाएं रखी जाएंगी। जो भी इन उड़ानों से आएंगे, उन्हें क्वारेंटाईन रखा जाएगा। होटल में क्वारेंटाईन का भुगतान स्वयं करना होगा।

मुख्य सचिव ने कहा कि बहुत सारे उद्योग व व्यवसाय चालू हो गए हैं। इनके संचालन के लिए कई बार तकनीकी विशेषज्ञों की आवश्यकता होती है। ऐसे लोगों को अल्प समय के लिए अनुमति दी जाएगी। वे एक निर्धारित स्थान पर रूकेंगे। वहां से कार्यस्थल पर जाएंगें और फिर वापस चले जाएंगे। इसमें उनकी जिम्मेवारी सुनिश्चित की जाएगी।

मुख्य सचिव ने कहा कि बाहर से आए लोगों को क्वारेंटाईन का पालन करना है। इसका उल्लंघन करने पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई की भी गई है। उन्होंने वापस लौटे प्रवासी लोगों से अपील की कि धैर्य और संयम बनाए रखें। क्वारेंटाईन का उल्लंघन न करें, स्वयं भी सुरक्षित रहें और अपने परिवार और समाज को भी सुरक्षित रखें।

मुख्य सचिव ने कहा कि दूसरे राज्यों से उत्तराखण्ड के प्रवासी लोगों को वापस लाने में सभी आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है। निर्धारित नियमों के अनुसार आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। आने वाले व्यक्तियों की सूचना, जिला प्रशासन और ग्राम स्तर तक तैनात कार्मिकों को भी दी जा रही है। इसके अलावा वापस आए लोगों से फोन पर भी कंट्रोल रूम द्वारा निरंतर सम्पर्क रखा जाता है। प्रत्येक जिले में रेस्पोंस टीमों का गठन किया गया है जो कि लगातार फील्ड में जाकर क्वारेंटाईन किए गए लोगों पर नजर रखते हैं।

मुख्य सचिव ने बताया कि राज्य में 4500 से अधिक औद्योगिक इकाइयां शुरू की गई हैं। 6 हजार से अधिक कन्स्ट्रक्शन साईटों पर काम शुरू हुआ है। आर्थिक गतिविधियां प्रारम्भ हुई हैं। मनरेगा में 2 लाख 20 हजार से अधिक लोगों को काम मिला है। 8 हजार नए लोगों ने मनरेगा में पंजीकरण कराया है। इनमें से 5 हजार से अधिक लोगों को काम मिल चुका है।

मुख्य सचिव ने बताया कि दिसम्बर में आस्ट्रेलिया से 240 मेरिनो भेड़ें मंगाई गई थीं। इन्हें टिहरी में रखा गया था। इन भेड़ों की ऊन की कटाई की गई है। इसके बेहतर परिणाम मिले हैं। अंतरराष्ट्रीय क्वालिटी की ऊन मिली है। भेड़ से सामान्यतः 1.5 से 2 किग्रा ऊन मिलती है। इन मेरिनों भेड़ से 5 से 6 किग्रा ऊन प्रति भेड़ प्राप्त हुई है। अब इनके माध्यम से भेड़ नस्ल सुधार का काम किया जाएगा। प्रदेश के भेड़पालकों को इससे बहुत लाभ होगा।

उत्तराखंड में कोरोना ने पकड़ी रफ़्तार, आज फिर सामने आये 54 नए मामले, 298 पहुंचा संक्रमितों का आंकड़ा

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देहरादून : उत्तराखंड में शनिवार को एक साथ 92 लोगों के कोरोना संक्रमित पाए जाने से जो कोरोना का विस्फोट हुआ था उसके बाद से अब यहाँ कोरोना ने रफ्तार पकड़ ली है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा रविवार दोपहर को जारी पहले मेडिकल बुलेटिन में उत्तराखंड में आज फिर 54 नए लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है। इनमे से 32 कोरोना संक्रमित अकेले नैनीताल जनपद के हैं। यह सभी लोग ट्रेन से महाराष्ट्र से लौटे हुए हैं। बतादें कि कल शनिवार को भी नैनीताल जनपद में 57 कोरोना के मरीज सामने आये थे। इस तरह पिछले 24 घंटे में अकेले नैनीताल जिले में 89 कोरोना के मरीज मिले गए हैं।

आज जो 54 लोग कोरोना पॉजिटिव पाये गए हैं उनमे नैनीताल से 32 (सभी महाराष्ट्र से आये हैं), अल्मोड़ा से 05 (03 गुडगाँव तथा 02 मुम्बई से), टिहरी में 03 (मुम्बई से), चमोली से 03 (दिल्ली से), पौड़ी से 01 (मुम्बई से), देहरादून से 01 (नोएडा से), उधमसिंह नगर से 01 (मुम्बई से), चम्पावत से 01 (मुम्बई से), जबकि 07 लोग बाहरी राज्यों के रहने वाले हैं। ये सभी लोग बाहरी राज्यों से उत्तराखंड पहुंचे हैं। इसके अलावा अब तक तीन कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत भी हो चुकी है। इस तरह प्रदेश में कुल कोरोना के मरीजों की संख्या 298 पहुँच गई है।

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पौड़ी के इस गाँव में प्रवासियों को क्वारंटाइन के लिए बंजर खेतों में लगाए गए हैं टेन्ट

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सतपुली : कोरोना महामारी में अपने घर वापसी की छूट मिलते ही विभिन्न राज्यों में रोजगार के लिए गये युवा अपने गांव लौट रहे हैं। भारत सरकार के निर्देशानुसार विभिन्न प्रदेशों एवं जिलों से आए लोगों को 14 दिन के लिए संस्थागत व होम क्वारंटाइन रहना अति आवश्यक है। पौड़ी गढ़वाल के विकासखंड बीरोंखाल के ग्राम सुकई में अभी तक कुल 44 प्रवासी अपने गांव लौट चुके है। गांव पहुँचे प्रवासियों में से 11 को प्राथमिक विद्यालय सुकई में तथा 19 को गांव के एकांत में दो खाली मकानों में क्वारंटाइन किया गया है। जब गांव में प्रवासियों के रहने की जगह नही बची तो ग्राम सभा की ग्राम प्रधान धनेश्वरी देवी के पति सन्दीप ने गाँव के खाली पड़े बंजर खेतों में स्वयं के खर्च से टेन्ट हाउस बनाकर लगवाये हैं। जिसमें 09 प्रवासियों को क्वारंटाइन किया गया है। यहाँ लाइट, पानी व शौचालय की व्यवस्था भी की गयी है।

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क्वारंटाइन में रह रहे एक प्रवासी भाई ने बताया कि रोजगार के लिए मैं गाँव से बाहर जाकर दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करता हूँ। कोरोना महामारी के कारण हमें अपने गांव लौटना पड़ा। यहाँ पर ग्राम प्रधान के द्वारा हमें क्वारंटाइन में रहने के लिए टेन्ट में ही घर जैसी सारी सुविधायें दी गयी हैं। जहाँ पर हम स्वयं ही अपना भोजन बनाते है जिससे कि गांव के लोग भी सुरक्षित रहें।

ग्राम प्रधान धनेश्वरी देवी का कहना है कि सभी लोग क्वारंटाइन का अच्छे से पालन कर रहे हैं। जिसका एक प्रत्यक्ष उदाहरण है विगत दो दिन पहले क्वारंटाइन में रह रहे अमर सिंह के 75 वर्षीय पिता आनंद सिंह की गांव में ही मृत्यु हो गयी थी, लेकिन क्वारंटाइन में रहने के कारण अमर सिंह अपने पिता को मुखाग्नि नहीं दे सके और चचेरे भाई यशपाल में अपने चाचा को मुखाग्नि दी।

बीरौंखाल से देवभूमि संवाद के लिए मनीष खुगशाल स्वतन्त्र की रिपोर्ट।

दुखद: उत्तराखंड के सुपरहिट अभिनेता जयपाल नेगी का निधन, “पुष्पा छोरी पौड़ीखाळ की” में किया था अभिनय

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Uttarakhand superstar Jaipal Negi dies

उत्तराखंड के लोगों के बहुत ही बहुत ही दुखद समाचार है. पुष्पा छोरी पौड़ीखाळ की जैसे उत्तराखंड के कई सुपरहिट गीतों में अपने अभिनय से चार चाँद लगाने वाले उत्तराखंड के सुपरस्टार अभिनेता जयपाल नेगी के आकस्मिक निधन की खबर आ रही है. अभी अभी सोशल मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक उत्तराखण्ड के जाने माने फिल्म व रंग मंच के कलाकार जयपाल नेगी का आज सुबह निधन हो गया है. वे पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे. जयपाल नेगी के निधन की खबर उनके तमाम साथी कलाकारों द्वारा सोशल मीडिया पर दी गई है. जयपाल नेगी पिछले कई सालों से उत्तराखण्ड फिल्म एवं नाट्य संस्थान से लगातार जुड़े हुए थे. अभी दो महीने पहले ही उत्तराखंड एक उन्दा कलाकारा पुष्पा छोरी फेम रीना रावत का भी बीते 12 मार्च को 38 वर्ष की उम्र में निधन हो गया था. बतादें कि सुपरहिट गढ़वाली वीडियो सॉंग पुष्पा छोरी पौड़ी खाल की, लगदी छै तु बड़ी कमाल की में सुप्रसिद्ध अभिनेत्री रीना रावत के साथ जिस कलाकार ने एक्टिंग की है वे जयपाल नेगी ही थे. उत्तराखंड फिल्म एवं संगीत जगत से इस तरह छोटी उम्र में एक के बाद एक युवा कलाकारों का जाना बहुत बड़ी क्षति है. पन्नू गुसाईं, बिशन हराला, मन्नू भाई जौनपुरी सहित उनके तमाम साथी कलाकारों ने उनके आकस्मिक निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है.

मूल रूप से पौड़ी के संगलाकोटी निवासी जयपाल नेगी वर्तमान में अपने परिवार के साथ बुराड़ी, दिल्ली में रहते थे. बताया गया है कि उनको किडनी की समस्या थी. आज सुबह अचानक तबीयत खराब होने पर उन्हें राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन उन्होंने सुबह करीब 6 बजे रास्ते में ही दम तोड़ दिया.

उत्तराखंड: सरकार ने सीधी भर्ती में नया आरक्षण रोस्टर किया जारी, पहला पद अनुसूचित जाति को, जनरल ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन में रोष

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देहरादून : उत्तराखंड सरकार द्वारा राज्य में सरकारी नौकरी में सीधी भर्ती के रोस्टर में एक बार फिर बदलाव करते हुए नया आरक्षण रोस्टर जारी कर दिया गया है। अब राज्य में सरकारी सेवाओं में सीधी भर्ती में पहला पद फिर से अनुसूचित जाति के लिए कर दिया गया है। अपर मुख्य सचिव कार्मिक राधा रतूड़ी ने इस सम्बन्ध में शासनादेश जारी कर दिया है। बतादें कि अभी कुछ महीने पहले ही सरकार ने भर्ती रोस्टर में बदलाव करते हुए पहले पांच पद सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित कर दिए थे, जबकि छठा पद आरक्षित वर्ग के लिए रखा गया था। हालाँकि इसको लेकर अनुसूचित जाति (आरक्षित वर्ग) ने विरोध जताया था। जिसके बाद सरकार ने कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक की अध्यक्षता में एक समिति बनाई थी। इस समिति ने अपनी संस्तुति में पूर्व की व्यवस्था को बहाल करते हुए पहला पद अनुसूचित जाति के लिए रखने की सिफारिश की थी। इसी के आधार पर अब राज्य में सरकारी सेवाओं में सीधी भर्ती के लिए नया रोस्टर चार्ट लागू किया गया है। शासन ने सभी विभागीय प्रमुखों को नया रोस्टर भेजकर इसी आधार पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

सीधी भर्ती में नया रोस्टर जारी होने के बाद जनरल ओबीसी कर्मचारी भड़क गए हैं। जनरल ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन ने इसके खिलाफ आवाज बुलंद करने की चेतावनी दी है।

उत्तराखंड जनरल ओबीसी इम्पलाइज एसोसिएशन पौड़ी शाखा ने जताया कड़ा विरोध

उत्तराखंड सरकार द्वारा सरकारी सेवाओं में सीधी भर्ती के रोस्टर में बदलाव किये जाने का उत्तराखंड जनरल ओबीसी इम्पलाइज एसोसिएशन पौड़ी गढ़वाल ने कड़ा विरोध किया है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ओर से कहा गया है कि सरकार द्वारा पूर्व में जो रोस्टर जारी किया गया था, उसमें सरकार और जनरल ओबीसी इम्पलाइज एसोसिएशन के प्रांतीय नेतृत्व के साथ यह समझौता हुआ था कि अब रोस्टर से कोई छेड़छाड़ नहीं की जायेगी। परन्तु अचानक सरकार ने कुछ अनूसूचित जाति वर्ग के विधायकों और मंत्रियों के दबाव में पुनः नियुक्ति रोस्टर में पहला पद अनुसूचित जाति को दे दिया है जो कि इस प्रदेश की 80 प्रतिशत जनसंख्या पर एक तमाचा जैसा है। इससे समान्य वर्ग के बेरोजगारों को आने वाले समय में भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। इसलिए आम जनमानस को भी इसका विरोध करना चाहिए जिससे नवीन नियुक्तियों में हमारे सामान्य वर्ग और ओबीसी वर्ग को नुकसान न उठाना पड़े। उन्होंने कहा कि पूरा विश्व करोना महामारी से संघर्ष कर रहा है इसलिए जैसे ही स्थिति सामान्य होगी प्रान्तीय नेतृत्व के आह्वान पर हम सभी सामान्य और ओबीसी वर्ग के सदस्य युवाओं को लेकर उनके आदेश का पालन करते हुए बड़े आंदोलन के लिए तैयार होगें। यह जानकारी जनरल ओबीसी इम्पलाइज एसोसिएशन पौड़ी के मुख्य संयोजक सीताराम पोखरियाल, अध्यक्ष सोबन सिंह रावत, शाखा श्रीनगर गढ़वाल के अध्यक्ष जसपाल सिंह गुसाई, मुख्य संयोजक महेश गिरि एवं मीडिया प्रभारी कृष्ण उनियाल द्वारा दी गई।