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प्रदेश में नकल विरोधी कानून लागू होने पर चम्पावत में मुख्यमंत्री का किया गया अभिनन्दन

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और सांसद अजय टम्टा भी रैली में हुए शामिल, खुली जीप में बैठकर किया जनता का अभिवादन।

राज्य सरकार द्वारा नकल विरोधी कानून बनाए जाने पर शुक्रवार को चंपावत जिला मुख्यालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सम्मान में अभिनंदन रैली आयोजित की गई। रैली में बड़ी संख्या में युवा एवं अन्य लोग शामिल हुए। स्थानीय जीआइसी चौक से गोरलचौड़ मैदान तक निकली आभार रैली में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और सांसद अजय टम्टा भी शामिल हुए। उन्होंने खुली जीप में रैली के साथ चलकर जनता का अभिवादन किया।

रैली को लेकर लोगों में काफी उत्साह नजर आया। कलेक्ट्रेट में अधिकारियों की बैठक लेने के बाद मुख्यमंत्री सीधे जीआईसी चौक पहुंचे जहां युवाओं एवं कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने आम जनता का आभार जताते हुए कहा कि उत्तराखंड सरकार ने ऐसा नकल विरोधी कानून बनाया है जिसकी पूरे देश में चर्चा हो रही है इस कानून से प्रतियोगी परीक्षा में शामिल होने वाले युवाओं का भविष्य सुरक्षित हो गया है। अब कोई भी नकल माफिया युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं कर पाएगा। इस अवसर पर महिलाओं ने भी मुख्यमंत्री के समर्थन में नारे लगाए उनका कहना था कि मुख्यमंत्री ने सख्त कानून बनाकर उनके बच्चों का भविष्य सुरक्षित किया है। इसी कारण वे मुख्यमंत्री को नकल विरोधी कानून लागू करने के लिए बधाई देने रैली में शामिल हुई हैं।

रैली में जिला पंचायत अध्यक्ष ज्योति राय, बाराकोट की ब्लाक प्रमुख विनीता फर्त्याल चंपावत की ब्लाक प्रमुख रेखा देवी, भाजपा जिलाध्यक्ष निर्मल मेहरा, नगर पालिका अध्यक्ष विजय वर्मा, लोहाघाट पालिका अध्यक्ष गोविंद वर्मा, श्याम नारायण पांडेय, शंकर खाती, पूर्व दर्जा मंत्री हयात सिंह मेहरा, पूर्व चेयरमैन प्रकाश तिवारी, गोविंद सामंत, भाजयुमो जिलाध्यक्ष गौरव पांडेय, सहित सैकड़ों की संख्या में युवा एवं भाजपा कार्यकर्ता व अन्य लोग मौजूद रहे।

चम्पावत में सीएम धामी ने किया 4884.21 लाख की योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास

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Champawat news: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को कलक्ट्रेट परिसर चम्पावत में जनपद चंपावत के विकास हेतु 4884.21लाख की कुल 10 योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया। जिसमें से 4628.36 लाख की लागत की 8 योजनाओं का शिलान्यास तथा 255.85 लाख की 2 योजनाओं का लोकार्पण शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जन कल्याण एवं सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर एवं त्वरित ढंग से हो यह सुनिश्चित करने के निर्देश सम्बन्धित अधिकारियों को दिये गये हैं।

शिलान्यास की गई योजनाओं में 35 लाख रुपये की लागत राजकीय पॉलिटेक्निक लोहाघाट में महिला छात्रावास का निर्माण, 1800 लाख की लागत से जनपद के अंतर्गत राजकीय पॉलिटेक्निक चंपावत का भवन निर्माण कार्य, 1600 लाख की लागत के राजकीय पॉलिटेक्निक टनकपुर का भवन निर्माण कार्य, राजकीय पॉलिटेक्निक चंपावत में एप्रोच रोड का निर्माण कार्य लागत 101.47 लाख रुपये, जनपद चंपावत के अंतर्गत ग्राम डड़ा बिष्ट (कुलेठी) चंपावत में 357.95 लाख स्वीकृत लागत से बनने वाले हेलीपोर्ट निर्माण कार्य के साथ ही 131.19 लाख की लागत के एबॉट माउंट लोहाघाट में हेलीपोर्ट विकसित किए जाने हेतु तत्संबंधी निर्माण कार्य, राजकीय पॉलिटेक्निक लोहाघाट में 200 लाख की लागत से बनाए जाने वाले बहुउद्देशीय हाल के निर्माण के साथ राज्य योजना के अंतर्गत जनपद चंपावत के विधानसभा क्षेत्र लोहाघाट के विकासखंड पाटी में 402.75 लाख की स्वीकृत लागत से रीठा ढोलीगांव मोटर मार्ग का सुधारीकरण/डामरीकरण का कार्य का शिलान्यास शामिल है।

मुख्यमंत्री द्वारा लोकार्पण की गई योजनाओं में राज्य योजना अंतर्गत जनपद के विधानसभा क्षेत्र चंपावत के अंतर्गत धोन ड्यूरी मोटर मार्ग से बढ़ेगी (आगर तोक) मोटर मार्ग स्वीकृत लागत 110.90 लाख से पुनर्निर्माण एवं सुधारीकरण कार्य, विधानसभा क्षेत्र लोहाघाट के विकासखंड पाटी के खेतीखान तपनीपाल मोटर मार्ग कुल स्वीकृत लागत 144.95 लाख के पुनर्निर्माण एवं सुधारीकरण का कार्य शामिल है।

इस अवसर पर सांसद अजय टम्टा, अध्यक्ष जिला पंचायत ज्योति राय भाजपा विधायक लोहाघाट खुशाल सिंह अधिकारी क्षेत्र प्रमुख चंपावत रेखा देवी,बाराकोट विनीता फर्त्याल जिलाध्यक्ष निर्मल महरा जिलाधिकारी नरेन्द्र सिंह भंडारी पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र पींचा सीडीओ आर एस रावत सहित विभिन्न जनप्रतिनिधिगण अधिकारी आदि मौजूद रहे।

दिल्ली में फिर टकराव : केजरीवाल सरकार ने अपने अधिकारियों को दिए निर्देश, उपराज्यपाल से सीधे आदेश लेना बंद करें

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Kejriwal government and Lieutenant Governor

Delhi News: दिल्ली आम आदमी पार्टी सरकार और उपराज्यपाल के बीच लंबे समय से चली आ रही रार फिलहाल खत्म होती नहीं दिख रही है। दिल्ली के मौजूदा एलजी विनय सक्सेना और केजरीवाल सरकार के बीच आए दिन किसी न किसी मुद्दे पर टकराव देखने को मिल जाता है। इस बार दिल्ली आम आदमी पार्टी सरकार ने अपने अधिकारियों से उपराज्यपाल से सीधे आदेश लेना बंद करने को कहा है। दिल्ली सरकार का कहना है कि उपराज्यपाल कई अहम फाइलों पर खुद ही फैसला लेते हैं और मंत्रियों को इसकी खबर तक नहीं होती है। केजरीवाल सरकार ने उपराज्यपाल की ओर से सीधे अधिकारियों को आदेश दिए जाने पर नाराजगी जताते हुए इसे संविधान और सुप्रीम कोर्ट के फैसले का उल्लंघन बताया है। दिल्ली सरकार ने इसे लेकर अधिकारियों के लिए नए निर्देश जारी किए हैं।

केजरीवाल सरकार की ओर से जारी निर्देश में अधिकारियों से साफ कहा गया है कि वे एलजी से सीधे आदेश लेना बंद करें। अधिकारियों को ये भी निर्देश दिया गया है कि ट्रांजेक्शन ऑफ बिजनेस रूल्स (टीबीआर) का सख्ती से पालन करें। दिल्ली सरकार के सभी मंत्रियों ने अपने-अपने विभाग के सचिवों को ये निर्देश जारी कर दिए हैं। सभी विभाग के सचिवों को जारी किए गए निर्देश में ये भी कहा गया है कि अगर एलजी किसी भी अधिकारी को डायरेक्ट कोई आदेश देते हैं तो इसे लेकर अधिकारी संबंधित विभाग के मंत्री को रिपोर्ट करें।

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि एलजी से सीधे प्राप्त ऐसा कोई भी आदेश संविधान और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और संविधान के उल्लंघन में आदेशों के कार्यान्वयन को सरकार गंभीरता से लेगी। डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा, टीबीआर और सुप्रीम कोर्ट के फैसले के नियम 49 और 50 का उल्लंघन करते हुए एलजी निर्वाचित सरकार को दरकिनार करते हुए विभाग सचिवों को आदेश जारी कर रहे हैं। एलजी के ऐसे अवैध सीधे आदेशों को लागू करना टीबीआर के नियम 57 का उल्लंघन माना जाएगा।

इससे पहले उपराज्यपाल विनय सक्सेना और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल में राजधानी की कानून व्यवस्था को लेकर वार-पलटवार हुआ। बुधवार को सीएम अरविंद केजरीवाल ने एलजी विनय सक्सेना पर उस बयान पर निशाना साधा, जिसमें उन्होंने दिल्ली पुलिस के कामकाज पर नाराजगी जताई थी। इसे लेकर सीएम केजरीवाल ने ट्वीट किया, दिल्ली में पिछले एक साल में कानून व्यवस्था बहुत ज्यादा खराब हो गई है। ये जानकर अच्छा लगा कि एलजी साहब ने आखिरकार कानून व्यवस्था पर मीटिंग ली। एलजी साहब को कानून व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए और ऐसी मीटिंग जल्दी जल्दी करनी चाहिए।

खेल-इन्वेस्ट साथ-साथ : टीम इंडिया के पूर्व कप्तान विराट कोहली ने इस शहर में फिर खरीदा लग्जरी बंगला, जानिए कितनी है कीमत

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मौजूदा समय में खेल की दुनिया में खिलाड़ियों के पास बेशुमार दौलत है। अगर हम क्रिकेट की बात करें तो टीम इंडिया के खिलाड़ी खेल के साथ बिजनेस को लेकर भी गंभीर रहते हैं। हार्दिक पांड्या, रविंद्र जडेजा, पूर्व कप्तान विराट कोहली और रोहित शर्मा समेत कई ऐसे खिलाड़ी हैं जो होटल, रेस्टोरेंट और प्रॉपर्टी में भारी भरकम पूंजी लगाने के लिए जाने जाते हैं। इसके साथ इनकी आमदनी का बड़ा हिस्सा विज्ञापन से भी आता है।

ऐसे ही भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली है। क्रिकेट के साथ ही वे विज्ञापन से करोड़ों रुपये कमाते हैं। विराट कोहली इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट के लिए भी करोड़ों रुपये चार्ज करते हैं। कोहली को मुंबई शहर ज्यादा रास आता है। ‌विराट ने अभी कुछ समय पहले ही मुंबई स्थित जुहू में महान गायक किशोर कुमार के बंगले को किराया पर लेकर रेस्टोरेंट्स खोला है। कोहली के इस रेस्टोरेंट का नाम ‘वन8 कम्यून’ है। इसके अलावा विराट कोहली ने पिछले साल मुंबई में फॉर्महाउस खरीदा था। अब एक बार फिर से उन्होंने गुरुवार को मुंबई के पॉश एरिया अलीबाग में 2000 वर्ग फुट एक लग्जरी बंगला खरीदा है।

कोहली के इस लक्जरी बंगला की कीमत 6 करोड़ रुपये बताई जा रही है। मुंबई के इस लग्जरी इलाके में कोहली की यह दूसरी प्रॉपर्टी है। इससे पहले कोहली और वाइफ अनुष्का शर्मा ने शादी के बाद मुंबई के वर्ली इलाके में ओंकार टावर में घर खरीदा था। अलीबाग में स्थित विराट की यह प्रॉपर्टी भी शानदार है। एक रिपोर्ट के अनुसार, एडवोकेट महेश म्हात्रे ने बताया कि कोहली को यह बंगला प्राकृतिक सुंदरता के कारण पसंद है। कोहली ने लेन-देन के लिए 36 लाख की स्टांप ड्यूटी का भुगतान किया। इस डील में विराट को 400 वर्ग फुट का स्विमिंग पूल भी मिलेगा।

टीम इंडिया के पूर्व कप्तान विराट कोहली की अलीबाग इलाके में खरीदी गई यह दूसरी संपत्ति है। 1 सितंबर 2022 को विराट कोहली और पत्नी अनुष्का शर्मा ने जिराड विलेज में 36,059 स्क्वायर फुट में फैले फॉर्महाउस को 19.24 करोड़ रुपये में खरीदा था। बता दें कि विराट कोहली नाम दुनिया के सबसे अमीर क्रिकेटरों में शुमार किया जाता है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, कोहली की कुल नेटवर्थ करीब 127 मिलियन डॉलर यानी लगभग 1046 करोड़ रुपये है। विराट की सालाना औसत कमाई करीब 15 करोड़ रुपये है। जबकि महीने भर में वे करीब 1,25,00,000 रुपये कमाते हैं। हफ्तेभर में कोहली की कमाई 28,84,615 रुपये और एक दिन में करीब 5,76,923 रुपये होती है। सोशल मीडिया (Social Media) पर अपनी तस्वीरों और मशहूर कंपनियों के ब्रांड एंबेसडर के तौर पर भी पूर्व भारीतय क्रिकेट कप्तान की अच्छी खासी कमाई हो जाती है।

यही नहीं इस दिग्गज भारतीय क्रिकेटर ने कई कंपनियों इन्वेस्टमेंट (Virat Investment) भी किया हुआ है, जहां से उन्हें शानदार रिटर्न मिलता रहता है। साथ ही उनकी कमाई में एक बड़ा हिस्सा एंडोर्समेंट से भी आता है। विराट मान्यवर, एमपीएल, पेप्सी, फिलिप्स, फास्टट्रैक, बूस्ट, ऑडी, एमआरएफ, हीरो, वॉल्वोलिन, Puma जैसे ब्रांड के विज्ञापनों से मोटा पैसा कमाते हैं। वहीं इन्वेस्टमेंट की बात करें तो कोहली ने Blue Tribe, Chisel Fitness, Nueva, Galactus Funware Technology Pvt. Ltd, Sport Convo और Digit जैसी कंपनियों के शेयरों में निवेश किया हुआ है।

चंपावत में मॉर्निंग वॉक पर निकले सीएम धामी दुकान पर चाय की चुस्की लेते नजर आये, लोगों से मिलकर विकास कार्यों का फीडबैक भी लिया

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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने चंपावत दौरे के दूसरे दिन आज सुबह अकेले मॉर्निंग वॉक पर निकले। इस दौरान उन्होंने रास्ते में आम लोगों से खुलकर मुलाकात की और बात की। ‌सीएम धामी को अचानक सड़क पर देखकर लोग खुश नजर आए। इससे पहले भी सीएम धामी अपने दौरे के दौरान सुबह मॉर्निंग वॉक पर लोगों से मिलते रहे हैं।

‌शुक्रवार सुबह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मॉर्निंग वॉक पर निकले और इस दौरान उन्होंने क्षेत्र के लोगों से बातचीत कर विकास कार्यों को लेकर फीडबैक लिया। साथ ही आमजन की समस्याओं को भी जाना। सर्किट हाउस से निकलते हुए ब्लॉक रोड स्थित नित्यानंद जोशी की चाय की दुकान पर सीएम पहुंचे। फिर चाय की चुस्की के साथ नित्यानंद जोशी और अन्य लोगों से बात करते हुए उनका हाल चाल जाना। इस दौरान उन्होंने सरकारी योजनाओं, कार्यक्रमों और विकास कार्यों पर चर्चा की।

उसके बाद मुख्यमंत्री धामी गोरलचौड़ मैदान आ गए हैं। मैदान पर बच्चे क्रिकट का अभ्यास कर रहे हैं। बच्चों ने अपने सीएम को पहचानने में पल भर की देरी नहीं की। मुख्यमंत्री धामी ने बच्चों को खेलों के लिए प्रोत्साहित किया। उज्ज्वल भविष्य के लिए आशीर्वाद देते हुए बोले, खुले मैदान को जल्द ही स्टेडियम का रूप दिया जाएगा। इससे प्रेक्टिस अच्छे से हो सकेगी। बच्चे उत्साहित हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी यहां पर भी नहीं रुके।

इसके बाद उन्होंने बाजार होते हुए गोरलचोड़ जाने का फैसला किया। मुख्य बाजार में उन्होंने दुकान स्वामियों से बात की और उनका हालचाल जाना। पास में ही विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं की प्रैक्टिस कर रहे युवाओं से भी सीएम धामी ने बातचीत की और उनका हौसला बढ़ाया। एक घंटे घूमने के बाद सीएम अब सर्किट हाउस के लिए लौट गए।

फ्रांस और स्विटजरलैंण्ड की तर्ज पर बनेगा यमुनोत्री रोपवे, घंटों का सफर मिनटों में होगा तय, प्रोजेक्ट के लिए पर्यटन विभाग ने किया अनुबंध

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Yamunotri Ropeway Project

Yamunotri Ropeway Project : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज की उपस्थिति में गुरूवार को मुख्यमंत्री आवास में यमुनोत्री रोपवे प्रोजेक्ट के लिए पर्यटन विभाग, निजी निर्माण कंपनी एस.आर.एम. इंजीनियरिंग एवं एफआईएल इंडस्ट्री प्रा. लि. के बीच अनुबंध किया गया। ले. कमान्डर दीपक खण्डूरी (से.नि.) निदेशक अवस्थापना एवं अविरल जैन ने एमओयू हस्ताक्षरित किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस इस रोपवे परियोजना के पूर्ण होने के बाद यमुनोत्री धाम अपने शीतकालीन स्थल खरसाली से जुड़ जायेगा। इस रोपवे परियोजना के बनने के बाद श्रद्धालुओं को यमुनोत्री धाम के दर्शन करने में सुगमता होगी। अभी पैदल मार्ग से यमुनोत्री धाम पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को 2 से 3 घण्टे का समय लग जाता है, रोपवे बन जाने के बाद मात्र 15 से 20 मिनट में श्रद्धालु यमुनोत्री के दर्शन के लिए पहुंच जायेंगे एवं प्रदूषण मुक्त प्राकृतिक सौन्दर्य का लाभ उठा पायेंगे। इस रोपवे परियोजना के पूर्ण होने पर श्रद्धालुओं को तो सुविधा मिलेगी ही साथ ही स्थानीय स्तर पर लोगों के रोजगार के संसाधन भी बढ़ेंगे।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि खरसाली से यमुनोत्री धाम तक बनने वाला यह रोपवे मॉ यमुना के ग्रीष्मकालीन व शीतकालीन धामों को एक साथ जोड़ने एवं उत्तराखण्ड में धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं में एक और नये अध्याय का कार्य करेगा। परियोजना का क्रियान्वयन तय सीमा में पूर्ण किये जाने का लक्ष्य रखा गया है।

सचिव पर्यटन सचिन कुर्वे ने कहा कि जानकीचट्टी (खरसाली) से यमुनोत्री बनने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा साथ ही श्रद्धालुओं को आवागमन की बेहतर सुविधा मिलेगी।

यमुनोत्री धाम के लिए बनने वाला 3.38 किमी लंबाई का यह रोपवे मोनोकेबल डिटैच्चेबल प्रकार का होगा। जिसका निर्माण यूरोपीय मानकों के अनुसार फ्रांस और स्विटजरलैंण्ड की तर्ज पर किया जायेगा। इस रोपवे की यात्री क्षमता एक घंटे में लगभग 500 लोगों को ले जाने की होगी। रोपवे के एक कोच की क्षमता आठ लोगों को ले जाने की होगी। यह रोपवे पर्यटन विभाग द्वारा पीपीपी  मोड पर निर्मित किया जाना प्रस्तावित है। यमुनात्री को रोपवे से जोड़ने के साथ ही पार्किंग, आवासीय व्यवस्था, रेस्टोरेंट के निर्माण भी प्रस्तावित हैं। लगभग 166.82 करोड़ रूपये की लागत से बनने वाले रोपवे का लोअर टर्मिनल खरसाली में 1.787 हेक्टेयर भूमि पर बनाया जायेगा, जबकि अपर टर्मिनल 0.99 हेक्टेयर भूमि पर बनाया जायेगा।

इस अवसर पर विधायक यमुनोत्री संजय डोभाल, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (साहसिक विंग) कर्नल अश्वनि पुण्डीर (से.नि.), अपर निदेशक पर्यटन पूनम चंद, साहसिक खेल अधिकारी सीमा नौटियाल उपस्थित थे।

नकल विरोधी कानून लाये जाने पर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों एवं विद्यार्थियों ने सीएम धामी का जताया आभार

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को राधा स्वामी सत्संग व्यास रुद्रपुर में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों एवं विद्यार्थियों द्वारा आयोजित हस्ताक्षर अभियान में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री द्वारा प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता एवं सुचिता को सुनिश्चित कराने के लिए राज्य में नकल विरोधी कानून लाये जाने पर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों एवं विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में सभी प्रतियोगी परीक्षाएं नकलविहीन होंगी, पारदर्शिता के साथ होंगी, आप अपनी परीक्षाओं की तैयारियां करें, हमारे भाई-बहनों का समय भी खराब नहीं होगा, भर्तियां कैलेण्डर के अनुसार होंगी’’ लिखकर अपने हस्ताक्षर भी किये।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य में भर्ती घोटाले नासूर एवं कैंसर की तरह फैल रहा था, जिसकी सरजरी करना बहुत जरूरी था। इस बार कुछ छात्र-छात्राओं द्वारा वीपीडीओ भर्ती परीक्षा में भी पेपर लीक होने की आशंका जताई गई थी, जिसकी कराने पर प्रारम्भिक रूप से ये लगने लगा कि इस परीक्षा में गड़बड़ी हुई है। उन्होने कहा तभी से हमने तय किया कि यही नही हम पुरानी सभी भर्तियों की जांच करायेगें और हमने जांच का निर्णय लिया जिसमें जांच करने पर इस अपराध में जो संलिप्त थे वो 60 से भी ज्यादा लोग जेल जा चुके हैं।

उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में होने वाली गड़बड़ी को जड़ से खत्म करने के लिए हमने भारतवर्ष का सबसे सख्त कानून बनाया है जिसमें नकल कराने वाले व्यक्ति के लिए उम्र कैद तक का भी प्रावधान करने के साथ ही सारी सम्पत्ति जब्त करने का भी प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि जो अभ्यर्थी नकल करने में एक बार पकड़ा गया तो 03 साल तक अगर वह इसमें फिर से संलिप्त पाया जाता है तो अगले 10 वर्षो तक वह किसी परीक्षा में भाग नही ले सकता है और पूरे देश का सर्वाधिक सख्त कानून है। उन्होने कहा कि बच्चे हमारे देश का भविष्य हैं, उनके भविष्य से कोई खिलवाड़ न कर,े उनकी उम्मीदों को ना तोडे़, इन सभी बातों पर गहनता से विचार करते हुए हमने ये नकल विरोधी सख्त कानून बनाया।

मुख्यमंत्री ने कहा गरीब माता-पिता अपने बच्चे को पढ़ाने के लिए अपनी सारी जमा पूँजी लगा देते है, अगर उस पर ही ऐसी डकैती हो जायेगी तो उन माता-पिता के पास क्या बचेगा। उन्होने कहा कि हमारे पास संसाधनों का आभाव होते हुए भी हमारे बच्चे और हमारे युवा बेरोजागार भाई-बहनों को मिलने वाली नौकरियों में हम कोई कटोती नही करेंगे, चाहे अन्य संसाधनों में कटौती करनी पड़े। उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षाओं का केलेण्डर जारी कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि भर्तियां पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता से नकलविहीन सम्पन्न होंगी, जिससे पात्र व्यक्तियों का चयन होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दिनों सम्पन्न हुई पटवारी एवं लेखपाल भर्ती परीक्षा में  एक लाख तीन हजार अभ्यर्थी शामिल हुए थे, जिनके आने-जाने हेतु मुफ्त यात्रा सुविधा दी गई थी। उन्होंने कहा कि पीसीएस की शुरू हो रही मुख्य परीक्षाओं में भी उत्तराखण्ड परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा की व्यवस्था की है।

इस दौरान विधायक शिव अरोरा, मेयर रामपाल सिंह, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला, भाजपा प्रदेश मंत्री विकास शर्मा, जिलाध्यक्ष कमल जिन्दल, सहित आईजी नीलेश आनन्द भरणे, जिलाधिकारी युगल किशोर पन्त, एसएसपी मन्जूनाथ टीसी, मुख्य विकास अधिकारी विशाल मिश्रा, अपर जिलाधिकारी जय भारत सिंह, उप जिलाधिकारी प्रत्यूष सिंह, कौस्तुभ मिश्रा, सहित अमित नारंग, भारत भूषण चुघ, सुरेश कोली सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।

उत्तराखंड में बड़े भूकंप की संभावना, वैज्ञानिकों ने जताई तुर्की जैसे विनाशकारी भूकंप की आशंका

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Earthquake Uttarakhand : हैदराबाद स्थित नेशनल जियोफिजिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट के साइंटिस्ट डॉक्टर एन पूर्णचंद्र राव ने उत्तराखंड, हिमाचल और पश्चिमी नेपाल में तुर्की से भी भयानक भूकंप या फिर ग्रेटर भूकंप आने की संभावना जताई है। साइंटिस्ट एन पूर्णचंद्र राव ने दावा किया है कि टेक्टॉनिक प्लेट हर साल करीब 5 सेंटीमीटर आगे बढ़ रही है। टेक्टॉनिक प्लेट बढ़ने के चलते हिमालयी बेल्ट में तनाव उत्पन्न हो रहा है। लिहाजा तनाव से उत्पन्न एनर्जी कभी भी बड़े भूकंप के रूप में बाहर आ सकती है।

उन्होंने दावा किया है कि यह भूकंप खासकर उत्तराखंड, हिमाचल और पश्चिमी नेपाल में आने की संभावना है। इतना ही नहीं, राव ने ग्रेटर भूकंप आने की संभावना जताई है। हालांकि, भूकंप की भविष्यवाणी नहीं की जा सकती। क्योंकि अभी तक ऐसा कोई इक्विपमेंट्स या फिर तकनीकी तैयार नहीं हो पाई है। जिससे आने वाले भूकंप की भविष्यवाणी की जा सके।

बता दें कि हाल ही में तुर्की में 7.8 मेग्नीट्यूड वाला भूकंप आया था, जिसके चलते 45000 से ज्यादा लोगों की जान गई है। डॉ राव के मुताबिक उत्तराखंड का खासकर हिमालयन इलाका जो कि पश्चिमी नेपाल से सटा हुआ है यह सीस्मिक जोन 4 की कैटेगरी में आता है और यहां कभी भी बड़ा भूकंप नहीं आया है लेकिन जमीन के भीतर हो रहे बदलाव के चलते ऐसा भूकंप आना तय है लेकिन इसकी तारीख या समय सीमा नहीं बताई जा सकती।

वैज्ञानिकों के मुताबिक पूरा हिमालय रीजन जम्मू कश्मीर से लेकर के अरुणाचल प्रदेश तक 4 और 5 की कैटेगरी में आता है जो कि भूकंप प्रभावी क्षेत्र हैं। रिक्टर स्केल पर 8 की तीव्रता तक का भूकंप आखरी बार हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में 50 के दशक में देखा गया था और 90 के दशक में बिहार- नेपाल के बॉर्डर पर ऐसा एक भूकंप आया था लेकिन उसके बाद हाल-फिलहाल के सालों में इस पूरे हिमालयन रीजन में 8 की तीव्रता का भूकंप नहीं आया है। साल 1991 में उत्तरकाशी में 6.5 मैग्नीट्यूड, साल 1999 में चमोली में आई 6.0 मैग्नीट्यूड के साथ ही 2017 में करीब 5.8 मैग्नीट्यूड की भूकंप के दौरान हजारों लोगों की मौत हुई थी।

राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के तहत छात्र-छात्राओं को दी नमामि गंगे कार्यक्रम की जानकारी

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Namami Gange program

Srinagar News: भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के तत्वाधान में राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन एवं राज्य परियोजना प्रबंधन ग्रुप के महत्वकांक्षी कार्यक्रम नमामि गंगे और अर्थ गंगा के अंतर्गत महाविद्यालय की आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ  एवं नमामि गंगे इकाई के संयुक्त तत्वाधान में राजकीय इंटर कॉलेज पलेठी  डोबल्यों में अपशिष्ट जल प्रबंधन विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. प्रीति कुमारी एवं राजकीय इंटर कॉलेज पलेठी के प्रधानाचार्य द्वारा दीप प्रज्वलित क किया गया।

इस मौके पर नमामि गंगे कार्यक्रम की नोडल अधिकारी शीतल वालिया द्वारा छात्र-छात्राओं को नमामि गंगे कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। साथ ही नमामि गंगे के तहत संचालित की जा रही सीवेज उपचार संयंत्र, नदी सतह की सफाई, जैव विविधता संरक्षण, वृक्षारोपण, जन जागरूकता अभियान आदि गतिविधियों से छात्र छात्राओं को अवगत कराया गया। इस दौरान इंटर कॉलेज के छात्र छात्राओं द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किये गए।

डॉ गुरु प्रसाद थपलियाल ने अपशिष्ट जल प्रबंधन विषय पर अपने द्वारा किए गए अनुसंधान कार्य के आधार पर  छात्र-छात्राओं को अपशिष्ट जल का शोधन और उसे शुद्ध करके पुनः उपयोग के योग्य बनाने के उपायों की विस्तृत जानकारी दी। महाविद्यालय की प्राचार्य द्वारा छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा गया कि अपने पर्यावरण और जल संसाधनों के संरक्षण के लिए संकल्प धारण करते हुए इसके लिए हमें स्वयं से पहल करनी चाहिए।

नमामि गंगे परियोजना की जानकारी के साथ ही उन्होंने कहा कि जीवन में कठिन परिश्रम के माध्यम से आप किसी भी क्षेत्र में सफल हो सकते हैं। कार्यक्रम के अंत में डॉ दिनेश नेगी द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित सभी का आभार व्यक्त किया गया। इसके बाद महाविद्यालय की प्राचार्य द्वारा कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रतिभाग करने वाले छात्र-छात्राओं को  प्रशस्ति चिन्ह एवं प्रमाण पत्र प्रदान करके उनका उत्साहवर्धन किया गया। कार्यक्रम में राजकीय इंटर कॉलेज के अध्यापक, छात्र छात्राएं और राजकीय महाविद्यालय देवप्रयाग के छात्रसंघ अध्यक्ष अरविंद रावत एवं विश्वविद्यालय छात्र प्रतिनिधि नवीन कुमार आदि उपस्थित रहे।

ग्रेटर नोएडा : सीईओ ने जी-20 से पहले सड़कें ही नहीं, पूरा शहर चमकाने का दिया लक्ष्य

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ग्रेटर नोएडा : ग्रेटर नोएडा नोएडा प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी ने जी-20 समिट से पहले पूरे शहर को चमकाने का लक्ष्य दिया है। सीईओ ने बुहस्पतिवार को जी-20 की तैयारियों की समीक्षा की। परियोजना विभाग, उद्यान विभाग, विद्युत अभियांत्रिकी और जनस्वास्थ्य विभाग को जी-20 को ध्यान में रखते हुए कार्यों की गति तेज करने के निर्देश दिए।

सीईओ ने कहा कि जी-20 से पहले सिर्फ मुख्य सड़कों और गोलचक्करों को ही नहीं, बल्कि पूरे शहर को चमकाना है। सीईओ ने ग्रेटर नोएडा की सभी सड़कों अभियान चलाकर दुरुस्त करने के निर्देश दिए। जरूरत के हिसाब से पैच रिपेयर करने या फिर री-सर्फेसिंग करने को कहा है। सेंट्रल वर्ज पर लगे क्षतिग्रस्त कर्व स्टोन और तार फेंसिंग को दुरुस्त कर पेंट कराने, जेब्रा क्रॉसिंग बनाने व लेन निर्धारित कर सफेद पट्टी बनवाने के निर्देश दिए हैं।

सीईओ ने उद्यान विभाग को सड़कों के किनारे अच्छी प्रजाति के पौधे लगाने के निर्देश दिए। शहर में करीब 36 जगहों पर जी-20 के लोगो लगाए जाने की योजना है। इन जगहों का सौंदर्यीकरण भी किया जाएगा। इसके लिए सीईओ ने कंसल्टेंट के चयन शीघ्र करने के निर्देश दिए हैं। रिहायशी सेक्टरों में खाली प्लॉटों की सफाई कराने के निर्देश दिए हैं।

सीईओ ने विद्युत अभियांत्रिकी विभाग को निर्देश दिए हैं कि किसी भी रोड पर दिन ढलने के बाद अंधेरा नहीं रहना चाहिए। ऐसे जगहों को चिंहित कर लाइंटिंग का इंतजाम कराया जाए। शहर भर में ट्राई कलर पोल व लाइट्स, फसाड लाइटें लगाई जाएंगी। इस बैठक के दौरान एसीईओ अदिति सिंह, मेधा रूपम, अमनदीप डुली व आनंद वर्धन समेत सभी वरिष्ठ अधिकारीगण मौजूद रहे।

लीज प्लान जारी करने में देरी पर लगाई फटकार

ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी ने किसानों के आबादी भूखंडों का लीज प्लान जारी करने में देरी प्रोजेक्ट, नियोजन व भूलेख विभाग को कड़ी फटकार लगाई। सीईओ ने बृहस्पतिवार को समीक्षा कर लीज प्लान की प्रगति रिपोर्ट देखी। सीईओ ने एसीईओ को इन विभागों की नियमित बैठक कर साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। सीईओ ने नए औद्योगिक सेक्टरों के लिए जमीन खरीदने में ढिलाई पर भी भूलेख विभाग को आड़े हाथों  लिया। सीईओ ने चेतावनी दी है कि अगर नए सेक्टरों के लिए जल्द जमीन न खरीदी गई तो भूलेख विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने भूलेख व परियोजना विभाग को मिलकर अतिक्रमण हटाने के खिलाफ प्रभावी ढंग से अभियान चलाने के भी निर्देश दिए।