ग्रेटर नोएडा: यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण कर लिए हैं। इस अवसर पर आयोजित प्रेस वार्ता में प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राकेश कुमार सिंह ने बीते 25 वर्षों की उपलब्धियों और विकास यात्रा पर प्रकाश डाला।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2001 में ‘ताज एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण’ के रूप में स्थापित इस संस्था का नाम वर्ष 2008 में बदलकर ‘यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण’ किया गया। वर्तमान में प्राधिकरण का क्षेत्रफल छह जनपदों के 1149 ग्रामों में फैला हुआ है, जो लगभग 3.35 लाख हेक्टेयर में विस्तारित है।

सीईओ राकेश कुमार सिंह ने कहा कि पिछले ढाई दशकों में यमुना प्राधिकरण क्षेत्र ने तेजी से विकास करते हुए खुद को एक उभरते हुए वैश्विक औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित किया है। उन्होंने बताया कि जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, इंटरनेशनल फिल्म सिटी, सेमीकंडक्टर पार्क, जापानी पार्क, अपैरल पार्क तथा मेडिकल डिवाइस पार्क जैसी कई महत्वाकांक्षी परियोजनाएं तेजी से प्रगति पर हैं, जो क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई गति दे रही हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी, आधुनिक आधारभूत संरचना और निवेश के अनुकूल वातावरण के कारण यमुना प्राधिकरण क्षेत्र निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है।

मास्टर प्लान-2041 से विकास को नई दिशा

प्राधिकरण द्वारा तैयार मास्टर प्लान-2041 को उत्तर प्रदेश सरकार ने 27 अक्टूबर 2024 को मंजूरी दी है। इसके तहत 769 वर्ग किमी क्षेत्र में योजनाबद्ध विकास किया जाएगा, जिसमें 37 लाख आबादी का लक्ष्य रखा गया है। औद्योगिक, आवासीय, परिवहन, हरित क्षेत्र और संस्थागत उपयोग के लिए अलग-अलग भूमि आरक्षित की गई है। वहीं फेज-2 के अंतर्गत अलीगढ़, मथुरा, हाथरस और आगरा जिलों के लिए भी मास्टर प्लान को 2025 में स्वीकृति मिल चुकी है।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बना विकास का केंद्र

जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन 28 मार्च 2026 को प्रधानमंत्री द्वारा किया गया। 11,672 करोड़ रुपये की लागत से बने इस एयरपोर्ट के पहले चरण में 1.2 करोड़ यात्रियों की क्षमता विकसित की गई है। भविष्य में इसके चार चरणों पर कुल 36,000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। एयरपोर्ट के विस्तार के लिए 13,407 एकड़ भूमि का अधिग्रहण भी प्रस्तावित है।

कनेक्टिविटी में ऐतिहासिक विस्तार

165 किमी लंबे यमुना एक्सप्रेसवे को आगरा-लखनऊ, पूर्वांचल, बुंदेलखंड, दिल्ली-मुंबई और गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ा जा रहा है। साथ ही ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, रैपिड रेल (RRTS) और प्रस्तावित हाईस्पीड रेल कनेक्टिविटी से यह क्षेत्र देश के सबसे बेहतर कनेक्टेड क्षेत्रों में शामिल हो रहा है।

औद्योगिक निवेश में तेजी, 3116 इकाइयों का आवंटन

प्राधिकरण क्षेत्र में अब तक 3116 औद्योगिक इकाइयों को भूमि आवंटित की जा चुकी है, जिससे लगभग 50 हजार करोड़ रुपये का निवेश और 4 लाख रोजगार सृजन की संभावना है। विवो, हैवल्स, एवरी डेनिसन, पतंजलि, मिंडा, सीएनएच जैसी प्रमुख कंपनियों ने यहां उत्पादन शुरू या प्रस्तावित किया है।

सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और मेडिकल डिवाइस पार्क

सेक्टर-28 में 3706 करोड़ रुपये के निवेश से सेमीकंडक्टर यूनिट (HCL-Foxconn संयुक्त उद्यम) स्थापित की जा रही है। वहीं सेक्टर-10 में 417 करोड़ रुपये की लागत से इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर विकसित हो रहा है। मेडिकल डिवाइस पार्क में 3800 करोड़ निवेश और 15 हजार रोजगार की संभावना जताई गई है।

इंटरनेशनल फिल्म सिटी और फिनटेक पार्क

सेक्टर-21 में 1000 एकड़ में इंटरनेशनल फिल्म सिटी विकसित की जा रही है, जिसका पहला चरण 230 एकड़ में शुरू हो चुका है। इसके अलावा सेक्टर-11 में 250 एकड़ में फिनटेक पार्क विकसित करने की योजना पर कार्य जारी है।

स्मार्ट विलेज और शिक्षा क्षेत्र में सुधार

प्राधिकरण 29 गांवों को स्मार्ट विलेज के रूप में विकसित कर रहा है, जिनमें से 12 गांवों में कार्य पूरा हो चुका है। साथ ही ‘अभ्युदय कम्पोजिट विद्यालय’ योजना के तहत आधुनिक सुविधाओं से युक्त स्कूल विकसित किए जा रहे हैं।

ऊर्जा, शिक्षा और सामाजिक ढांचे को मजबूती

क्षेत्र में 220 केवी तक के विद्युत उपकेंद्र स्थापित किए गए हैं और 24×7 बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। 100 शैय्या अस्पताल, विश्वविद्यालय, नर्सिंग होम और कौशल विकास केंद्र भी विकसित किए जा रहे हैं।

निवेश के लिए बना आकर्षक गंतव्य

बेहतर कनेक्टिविटी, एयरपोर्ट, औद्योगिक पार्क और नीतिगत समर्थन के चलते यमुना प्राधिकरण क्षेत्र एनसीआर में निवेश का प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र देश के सबसे बड़े औद्योगिक और आर्थिक हब के रूप में विकसित होगा।