देहरादून: उत्तराखंड में देहरादून, पौड़ी, टिहरी, नैनीताल, चंपावत तथा ऊधमसिंह नगर जिलों के कई शहरों में आज से तीन मई तक एक सप्ताह के लिए कोविड कर्फ्यू लग गया है। देहरादून जिले में देहरादून और ऋषिकेश नगर निगम, गढ़ी और क्लेमनटाउन क्षेत्र में कर्फ्यू लगा है। इसी तरह नैनीताल जिले में हल्द्वानी नगर निगम, काठगोदाम, लालकुंआ और रामनगर में और चंपावत जिले में टनकपुर व बनबसा में कर्फ्यू लगा है। वहीं पौड़ी जिले में पौड़ी गढ़वाल के नगर निगम, कोटद्वार एवं नगर पंचायत, जौंक- स्वर्गाश्रम- लक्ष्मणझूला क्षेत्रों में पूर्ण कोरोना कर्फ्यू लगा है। इसके अलावा टिहरी जिले के आगराखाल सहित कई कस्बों में तथा ऊधमसिंह नगर जिले के सभी नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों में भी आगामी तीन मई तक कोरोना कर्फ्यू लगा दिया गया है।
देहरादून में बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए आज यानी 26 अप्रैल शाम सात बजे से कोविड कर्फ्यू शुरू हो गया है। 26 अप्रैल से आगामी 3 मई तक लगाये गए कोविड कर्फ्यू के दौरान कई सेवाओं को सशर्त छूट रहेगी। इसके लिए पास करने की जिम्मेदारी अलग-अलग अफसरों को सौंपी गई है। सोमवार को जिलाधिकारी डा. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने अलग-अलग सेवाओं व कार्यों और उनके लिए अधिकृत अधिकारियों की सूची जारी की।
डीएम ऑफिस से अनुमति वाले 50 लोगों को पुलिस जारी करेगी कूपन
जिलाधिकारी ने बताया कि शादी में अधिकतम 50 लोगों के शामिल होने की अनुमति है। इसके लिए आयोजक डीएम कार्यालय से अनुमति लेनी होगी। अधिकतम 50 लोगों के साथ विवाह समारोह की अनुमति के लिए संबंधित उप जिला मजिस्ट्रेट और नगर मजिस्ट्रेट को अधिकृत किया गया है। उस अनुमति पत्र पर ही शामिल होने वाले मेहमानों का नाम लिखा होगा। लेकिन, केवल इस अनुमति पत्र के माध्यम से ही आवाजाही नहीं होगी। इसके लिए पुलिस अब कूपन जारी करेगी। शादी में शामिल होने वाले व्यक्ति को पुलिस लाइन से वह कूपन हासिल करना होगा। इस संबंध में सभी थानों को अपने-अपने स्तर से 50-50 कूपनों वाली बुकलेट छपवाने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसी व्यवस्था मंगलवार से शुरू हो जाएगी। किसी गाड़ी में यदि एक से अधिक लोग होंगे तो उनके पास भी अलग-अलग कूपन होगा।
सोमवार शाम सात बजे से कोविड कर्फ्यू शुरू हो गया है। इससे पहले एसएपी ने सभी एएसपी और सीओ के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि यदि कोई नियमों का पालन नहीं कर रहा है तो उसके खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज किया जाए। इसके साथ ही जो भी एसओपी शासन और जिला स्तर पर बनाई गई हैं, उनका पालन करना पुलिस की ही जिम्मेदारी है।
केंद्र और राज्य सरकार के अधीनस्थ कार्यालय में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व, समस्त बैंकिंग सेवाओं, वित्तीय संस्थानों व बीमा कंपनियों के पास संबंधित शाखा प्रबंधक पास जारी कर सकेंगे।
पौधरोपण, वनाग्नि रोकथाम और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए संबंधित प्रभागीय वनाधिकारी, किसानों और खेत श्रमिकों को कृषि कार्य के लिए मुख्य कृषि अधिकारी पास जारी करेंगे। बागवानी गतिविधियों के संचालन के लिए मुख्य उद्यान अधिकारी, पशुपालन व उससे जुड़े कार्यों के लिए मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी और बिजली, नलकूप, जल आपूर्ति व संचार सुविधा के लिए पास जारी करने का अधिकार संबंधित ईई के पास होगा।
इमरजेंसी की स्थिति में आवागमन करने वालों को संबंधित एसडीएम, सिटी मजिस्ट्रेट और थानाध्यक्ष पास दे सकेंगे। अंतरराज्यीय परिवहन करने वालों को पहले स्मार्ट सिटी के पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। जिलाधिकारी ने कहा कि इमरजेंसी वाहन, आवश्यक सेवा के वाहन और माल वाहकवाहनों को पहले से आवागमन में छूट मिली हुई है। इसलिए इन्हें नहीं रोका जाएगा।

















