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उत्तराखंड के सहायता प्राप्त अशासकीय विद्यालयों में खुला भर्तियों का पिटारा, सरकार ने हटाई भर्ती पर लगी रोक

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देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश के सहायता प्राप्त अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में शैक्षिक एवं शिक्षणेत्तर संवर्ग के रिक्त पदों पर भर्ती का रास्ता खोल दिया है। लंबे समय से इन पदों पर भर्ती प्रक्रिया पर लगी रोक को हटाते हुए राज्य सरकार ने विद्यालय प्रबंधन समितियों को छात्र संख्या के अनुरूप रिक्त पदों पर नियुक्तियां करने की अनुमति दे दी है। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के हजारों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ-साथ विद्यालयों में शिक्षकों और कर्मचारियों की कमी भी दूर हो सकेगी।

विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने मीडिया को जारी बयान में कहा कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और विद्यालयों में आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से सहायता प्राप्त अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में शैक्षिक एवं शिक्षणेत्तर पदों पर लगी भर्ती रोक समाप्त कर दी गई है। अब संबंधित विद्यालयों की प्रबंधन समितियां निर्धारित नियमों एवं मानकों के अनुसार रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर सकेंगी।

उन्होंने बताया कि कई विद्यालयों की प्रबंधन समितियां भर्ती प्रक्रिया शुरू कराने के लिए उच्च न्यायालय की शरण ले रही थीं, जबकि दूरस्थ क्षेत्रों के अनेक विद्यालय शिक्षकों की कमी के कारण सीमित संसाधनों के साथ संचालित हो रहे थे। इन परिस्थितियों को देखते हुए सरकार ने सभी सहायता प्राप्त अशासकीय विद्यालयों में नियमित शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की नियुक्ति का निर्णय लिया है।

शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और निर्धारित नियमों के अनुरूप संपन्न कराई जाएगी। केवल उन्हीं स्वीकृत रिक्त पदों पर भर्ती होगी, जिन्हें सक्षम स्तर से पुनर्जीवित अथवा बहाल किया गया है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की प्रशासनिक अथवा कानूनी बाधा उत्पन्न न हो।

उन्होंने कहा कि शिक्षकों की नियुक्ति विद्यालयों की वास्तविक आवश्यकता एवं छात्र संख्या के आधार पर की जाएगी। छात्र संख्या के अनुरूप ही पदों पर भर्ती सुनिश्चित की जाएगी, जिससे विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ेगी और शिक्षा की गुणवत्ता में भी सुधार होगा। साथ ही विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान सभी शासनादेशों एवं निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।

प्रमुख बिंदु

  • सहायता प्राप्त अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में भर्ती पर लगी रोक समाप्त।
  • शैक्षिक एवं शिक्षणेत्तर दोनों संवर्गों के रिक्त पदों पर होगी भर्ती।
  • छात्र संख्या के अनुरूप विद्यालय प्रबंधन समितियां करेंगी नियुक्तियां।
  • केवल पुनर्जीवित एवं स्वीकृत रिक्त पदों पर ही होगी भर्ती।
  • पारदर्शी एवं नियमसम्मत प्रक्रिया के तहत होगी चयन प्रक्रिया।
  • सरकार का उद्देश्य विद्यालयों में शिक्षकों और कर्मचारियों की कमी दूर कर शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाना।

बयान

*”राज्य सरकार ने छात्रहितों को देखते हुए सहायता प्राप्त अशासकीय विद्यालयों में भर्ती पर लगी रोक हटा दी है। अब विद्यालयों की छात्र संख्या के अनुरूप रिक्त पदों पर भर्ती का मार्ग प्रशस्त हो गया है। विद्यालयों की प्रबंधन समितियां निर्धारित नियमों एवं मानकों का पालन करते हुए भर्ती प्रक्रिया शुरू कर सकेंगी। इससे विद्यालयों में शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की कमी दूर होगी और शैक्षणिक व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ हो सकेगी।”

— डॉ. धन सिंह रावत, विद्यालयी शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड