देहरादून, 24 अक्टूबर। उत्तराखंड के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने प्रदेश के विभिन्न जनपदों में प्राथमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत रिक्त पड़े 400 से अधिक बेसिक शिक्षकों के पदों पर शीघ्र भर्ती कराने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने राजकीय इंटर कॉलेजों में प्रधानाचार्यों के रिक्त पदों पर पदोन्नति प्रक्रिया में तेजी लाने के भी निर्देश अधिकारियों को दिए, ताकि विद्यालयों में शिक्षण एवं प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके।
शनिवार को अपने शासकीय आवास पर विद्यालयी शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश के कई विद्यालयों में शिक्षकों की कमी के कारण शैक्षणिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती प्रक्रिया शुरू कर विद्यालयों में पर्याप्त शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने विभागीय अधिकारियों को शिक्षकों के समायोजन (रैशनलाइजेशन) की प्रक्रिया भी तेज करने के निर्देश दिए। डॉ. रावत ने कहा कि जिन विद्यालयों में छात्र संख्या कम होने के बावजूद शिक्षकों की संख्या अधिक है, वहां से शिक्षकों को उन विद्यालयों में भेजा जाए जहां छात्र संख्या अधिक है लेकिन शिक्षकों की कमी बनी हुई है। इससे उपलब्ध मानव संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा।
बैठक में शिक्षा मंत्री ने राजकीय इंटर कॉलेजों में लंबे समय से रिक्त पड़े प्रधानाचार्यों के पदों पर पदोन्नति प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि प्रधानाचार्यों की समय पर नियुक्ति से विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता के साथ-साथ प्रशासनिक कार्यों में भी गति आएगी।
डॉ. रावत ने विभाग की विभिन्न विकास योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्माण कार्यों से जुड़े भूमि-पूजन, शिलान्यास, उद्घाटन एवं लोकार्पण कार्यक्रमों में भी तेजी लाने के निर्देश दिए।
प्रत्येक ब्लॉक में विकसित होंगे खेल मैदान
बैठक के दौरान शिक्षा मंत्री ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि प्रदेश के प्रत्येक जनपद में ब्लॉक स्तर पर एक-एक विद्यालय में आधुनिक खेल मैदान विकसित किए जाएंगे। इसके लिए शिक्षा विभाग अपने विद्यालय परिसरों में भूमि उपलब्ध कराएगा तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के साथ शीघ्र ही एमओयू (समझौता ज्ञापन) किया जाएगा। इसके लिए विभागीय अधिकारियों को विस्तृत कार्ययोजना (एसओपी) तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पहले ही शिक्षा विभाग और युवा कल्याण विभाग का संयुक्त वार्षिक खेल कैलेंडर लागू किया जा चुका है, जिससे विद्यार्थियों को खेल गतिविधियों में अधिक अवसर मिल रहे हैं।
समीक्षा बैठक में सचिव शिक्षा ज्योति यादव, अपर सचिव नमामि बंसल, महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा आकांक्षा कोंडे, निदेशक एससीईआरटी वंदना गब्र्याल, निदेशक माध्यमिक शिक्षा विनोद कुमार सिमल्टी, निदेशक प्राथमिक शिक्षा के.एस. रावत, उप निदेशक जे.पी. काला सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

















