ग्रेटर नोएडा : कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए लंबे समय तक लागू किए गए लॉकडाउन से अस्त व्यस्त हो चुके जन जीवन को पटरी पर लाने का प्रयास किया जा रहा है। बीते एक जून से अधिकांश गतिविधियां फिर से प्रारंभ कर दी गई है, लेकिन हर रोज मिल रहे नये केस के बीच जन जीवन को सामान्य करना एक बड़ी चुनौती है। जिला प्रशासन द्वारा इस निपटने के लिए की जा रही तैयारियों के बीच जिलाधिकारी सुहास एल.वाई. ने जनपद वासियों के नाम पत्र लिख अपील की है कि कोरोना वायरस से न घबराएं और न ही बचाव के बारे में बरती जाने वाली सावधानियों के प्रति लापरवाह रहें। कोरोना वायरस के प्रसार की रोकथाम की जिम्मेदारी प्रत्येक नागरिक के कंधों पर है। जनपदवासियों के नाम लिखे गए मार्मिक पत्र में जिलाधिकारी ने कहा कि हमें यह कोशिश करने की आवश्यकता है कि कोरोना वायरस के प्रभाव को समुदाय में कैसे कम से कम रखें। हम जितना अधिक परीक्षण करेंगे,उतने अधिक मामलों की पहचान हो पाएगी। जितनी जल्दी इस बीमारी का पता लगाते हैं, उतने बेहतर तरीके से ठीक कर सकते हैं। इस रणनीति का परिणाम रहा है कि जिले में मृत्यु दर 1.5 प्रतिशत रही है। 15 दिन पहले भर्ती हुए ज्यादातर लोग स्वस्थ होकर अपने घर चले गए हैं। चुनौतियों से निपटने के लिए हमें सबसे पहले यह सावधानी बरतनी है कि ऐसे क्षेत्र जहां बहुत अधिक संख्या में कोरोना केस पाए गए हैं,उन क्षेत्र से आवागमन को रोकना है। बुजुर्ग और अन्य बीमारियों से ग्रसित लोगों का कोरोना से ग्रसित व्यक्तियों के प्रभाव से बचाना। जिलाधिकारी ने पत्र के माध्यम से लोगों को आस्त किया है कि कोरोना वायरस की रोकथाम करने की तथा उसके प्रभाव से निपटने की कोशिश कर रहे हैं। पर्याप्त संख्या में आइसोलेशन बेड तैयार किए जा रहे हैं,ताकि आवश्यकतानुसार जरूरतें पूरी हो सकें। जिलाधिकारी का कहना है कि जिले में इलाज की बेहतर से बेहतर सुविधाएं हैं। कोरोना वायरस से लड़ाई में स्व अनुशासन से ही जीत मिलेगी। कोरोना वासरस से बचाव के लिए बताए गए तौर तरीकों का पालन करना होगा।
सीएल मौर्य













