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उत्तराखंड : सीएम त्रिवेंद्र के क्वारंटाइन में जाने से मचा है हडकंप

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देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के होम क्वरंटाइन में जाने से राजधानी में हडकंप मचा हुआ है। मुख्यमंत्री की देखा-देखी कैबिनेट मंत्रियों ने भी कर ली और वह भी खुद ही होम क्वरंटाइन में चले गए हैं। इस बीच मुख्यमंत्री ने भी जिलाधिकारी को निर्देशित किया है कि 29 मई की कैबिनेट बैठक में मौजूद सभी मंत्रियों और स्टाप को अगर जरूरत पड़ती है तो होम क्वरंटाइन किया जाए।

सतपाल महाराज की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को होम क्वारंटाइन में रखा गया है। मुख्यमंत्री के बाद सोमवार को सभी मंत्री खुद ही क्वरंटाइन हो गए हैं। मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्रियों के होम क्वरंटाइन में चले जाने के बाद राजधानी में हडकंप मच गया है। सोमवार को सुबह से ही वह सारे लोग परेशान हो गए हैं जो 29 मई की बैठक में उपस्थित थे। पत्रकारों को तो न उगलते बन रहा है और न निगलते बन रहा है। क्योंकि 29 मई को कई पत्रकार कैबिनेट बैठक की कवरेज को गए थे और वहां वह लगभग सभी मंत्रियों को संपर्क में भी आए। एक्सक्लूसिव खबरे बनाने वालों का तो हाल ही बुरा है। बताया गया है कि कुछ पत्रकार अलग से खबर बनाने के चक्कर में पर्यटन मंत्री से अलग से भी मिले थे। इसके बाद पत्रकार अपने कार्यालयों में आकर अन्य सहयोगियों से मिले। ऐसे हालात में आगे क्या होगा उसका पता नहीं है। ऐसा ही कुछ हाल अधिकारियों का भी है। पूरे मंत्रिमंडल  से जुडे अधिकारी और कर्मचारियों में भी हड़कंप मच गया है।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से संपर्क करने पर उन्होंने बातया कि किसी को भी घबराने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने बताया कि बैठक में क्योंकि काबीना मंत्री सतपाल महाराज उनके बगल में बैठे थे और वहां पर वह एक घंटे से ज्यादा रहे इसलिए उन्होंने एतिहात के तौर पर खुद को क्वरंटाइन किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मंत्रिमंडल के सदस्य केंद्र द्वारा निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुसार राज्य के स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी गई सलाह का पालन कर रहे हैं। जब मुख्यमंत्री को काबीना मंत्रियों और बैठक में मौजूद अधिकारियों के खुद ही क्वरंटाइन होने की जानकारी दी गई तो उन्होंने कहा कि वैसे तो इसमें किसी को भी डरने या घबराने की आवश्यकता इसलिए नहीं है क्योंकि बैठक में अन्य कोई भी मंत्री या अधिकारी क्लोज कान्टेक्ट में नहीं थे। इसलिए अन्य सभी कम रिस्क वाले कान्टेक्ट के अंतर्गत आते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि फिर भी अगर किसी को शंका हो रही है तो इसके जिलाधिकारी को निर्देशित कर दिया गया है कि अगर कोई होम क्वरंटाइन होना चाहता है या अपनी जांच कराना चाहता है तो उसको वह सुविधा तत्काल ही उपलब्ध करा दी जाए।

कोरोना संकट में भी वीरान पड़े हैं कल्जीखाल ब्लॉक के ये गाँव, नहीं लौटे प्रवासी

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पौड़ी गढ़वाल : कोरोना वैश्विक महामारी से देशभर में हुए लॉकडाउन के चलते बाहरी राज्यों से प्रवासियों का उत्तराखंड लौटना लगातार जारी है। सरकारी आंकड़ों के हिसाब से उत्तराखंड में अब तक करीब 2 लाख प्रवासी अपने गांवों में लौट चुके हैं। वहीँ पौडी जनपद में अब तक करीब 50 हजार प्रवासी सपरिवार अपने गांव लौट आये हैं। कोरोना संकट ने जहाँ उत्तराखंड के वीरान पड़े ज्यादातर गांवों को फिर से गुलजार कर दिया है। वहीँ इस सब के बावजूद भी कुछ ऐसे गाँव हैं जो आज भी वीरान पड़े हैं। यानी कोरोना महामारी भी वर्षों पहले इन गांवों को छोड़कर गए वासिंदों को वापस लौटाने में सफल नहीं हो पाई है।

हम बात कर रहे हैं पौड़ी गढ़वाल के कल्जीखाल ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले शहीद मनीष पटवाल एवं प्रसिद्ध वैधराज स्वर्गीय भरोसानंद कबटियाल के गांव तकलना-सुरालगाँव की। एक-दो दशक पहले खेती किसानी पर आत्म निर्भर रहने वाले इस गाँव के वासिंदे मूलभूत सुविधाओं के अभाव में गाँव से पलायन कर कोटद्वार, श्रीनगर, ऋषिकेश, देहरादून, रायवाला, हरिद्वार, चंडीगढ़, दिल्ली जैसे शहरों में गए और वहीँ बस गए हैं। और केवल 2-4 बुजुर्ग ही इन गांवों में दिन गुजार रहे हैं। इस बार कोरोना संकट जहाँ ज्यादातर प्रवासियों को वापस लाने में सफल रहा है। वहीँ इन गांवों का एक भी प्रवासी लौट कर नहीं आया।

हमारे संवाददाता ने उन गांवो का दौरा किया जहाँ से पूरी तरह पलायन हो गया था। तकलना गांव में एक मात्र सेवानिर्वित शिक्षक आचार्य सुदामा प्रसाद कबटियाल ने बातया कि एक दूसरे की देखादेखी में गाँव के लोग बाहर चले गए हैं, और गांव में केवल बुगुर्ग ही रह गए हैं। खेती बाड़ी जंगली जानवरों के कारण बर्बाद हो चुकी है। जगमोहन डांगी

दिल्ली-नोएडा बॉर्डर अभी रहेगा सील, देखें जिला प्रशासन की नई गाइडलाइन्स, कहाँ मिलेगी कितनी छूट

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photo: ANI twitter

नोएडा : लॉक डाउन 5.0 को लेकर केंद्रीय गाइड लाइन जारी होने तथा उत्तरप्रदेश सरकार के आदेश के बाद रविवार देर रात गौतमबुद्ध नगर जिला प्रशासन ने नई गाइडलाइन्स के साथ जनपद के लिए निर्देश जारी किये हैं। एक जून से गौतमबुद्ध नगरगौतमबुद्ध नगर जिला प्रशासन ने कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए जनहित में नोएडा और दिल्ली सीमा को सील रखने का निर्णय लिया है। जिलाधिकारी सुहास एल वाई ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने रविवार को रिपोर्ट दी कि पिछले 20 दिनों में कोविड-19 के जितने मामले मिले हैं, उन मामलों में से 42 प्रतिशत में संक्रमण का स्रोत दिल्ली को पाया गया है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग और पुलिस विभाग के साथ परामर्श एवं सहमति के उपरांत जनहित में निर्णय लिया गया है, कि नोएडा-दिल्ली सीमा को पूर्व की भांति सील रखा जाए। दिल्ली से नोएडा में अधिकृत पास के बिना किसी भी व्यक्ति को आवागमन की इजाजत नहीं दी जाएगी। जिलाधिकारी ने बताया कि दुकानें और बाजार खोलने के संबंध में राज्य सरकार के दिशानिर्देशों के अनुसार जिले में जारी पिछले निर्देश बने रहेंगे। पहले की ही तरह शहरी क्षेत्रों में 50 फीसदी दुकानों को ऑड-इवन के आधार पर खोलने की व्यवस्था लागू रहेगी। दुकानदारों और व्यापार मंडल के अनुरोध के आधार पर श्रम विभाग को व्यापारियों से परामर्श करने के बाद, साप्ताहिक अवकाश को संशोधित करने को कहा गया है।

आवासीय क्षेत्र में कंटेनमेंट जोन के संबंध में नियम लागू

इंसीडेंट कमांडर, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम अब नए निर्देशों के मुताबिक कंटेनमेंट जोन की परिभाषा के तहत दोबारा निर्धारण करेंगे। जिलाधिकारी ने बताया कि आवासीय क्षेत्रों में बहुमंजिला आवासीय भवनों में कंटेनमेंट जोन के संबंध में यह नियम लागू होगा कि, यदि मल्टी स्टोरी सोसाइटी में स्थित एक टावर में एक या एक से अधिक संक्रमित मरीज पाए जाते है, तो वह टावर जहां संक्रमित केस पाया गया है, को ही कंटेनमेंट जोन के रूप में चिन्हित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यदि किसी सोसाइटी में एक से अधिक टावरों में मामले पाए जाते हैं तो ऐसे सभी टावर कंटेनमेंट जोन होंगे। वहां पार्क, जिम, स्विमिंग पूल, बैंक्वेट हॉल आदि जैसी सभी सुविधाएं कंटेनमेंट जोन के अंतर्गत ही मानी जाएगी।

 

उत्तराखंड में लॉकडाउन 5.0 की गाइडलाइन जारी, बिना पास के नहीं होगी मूवमेंट, जानिये कहाँ मिली राहत, कहाँ रहेगी पाबंदी

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देहरादून : उत्तराखंड सरकार ने एक जून से शुरू हो रहे लॉकडाउन 5.0 या अनलॉक-1 के लिए नई गाइडलाइन जारी कर दी है। केंद्रीय गाइड लाइन जारी होने के बाद रविवार को राज्य के मुख्य सचिव उत्पल कुमारं सिंह ने प्रदेश के लिए निर्देश जारी किये हैं। जिसके अनुसार राज्य सरकार के चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के द्वारा चिकित्सा एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के पूर्व में निर्गत निर्देशों के अनुरूप जनपदों को रेड, आरेंज तथा ग्रीन के रूप में चिन्हित किया जायेगा।

  • रेड जोन में व्यावसायिक व वाणिज्यिक गतिविधियों का संचालन प्रात: 7 बजे से सांय 4 बजे तक ही हो सकेगा।
  • रेड जोन में आवश्यक सेवाओं के अतिरिक्त समस्त कार्यालय सांय 4 बजे तक ही खुलेंगे। कार्मिकों की 33 प्रतिशत उपस्थिति के साथ सेवाएं दे सकेंगे तथा इन सभी में गृह मंत्रालय, भारत सरकार के सामाजिक दूरी तथा साफ-सफाई संबंधी निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन किया जायेगा।
  • हवाई जहाज और ट्रेन से यात्रियों को लाने और ले जाने को छोड़ शेष सार्वजनिक परिवहन प्रतिबंधित रहेगा।
  • इसके साथ ही आरेंज व ग्रीन जोन में आने वाले जनपदों में सांय 7 से प्रात 7 बजे तक सभी गैर जरूरी गतिविधियाँ प्रतिबन्धित रहेंगी।
  • अंतरराज्यीय आवागमन में अभी भी पास लेकर आना और जाना अनिवार्य किया गया है। अंतरजिला आवागमन के लिए पंजीकरण अनिवार्य किया गया है।
  • राज्य के अन्दर, अन्तर-जनपदीय परिवहन के लिये देहरादून स्मार्ट सिटी लिमिटेड के वेब पोर्टल पर अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराना होगा।
  • अन्य प्रदेशों से सड़क मार्ग से (निजी व वाणिज्यिक वाहनों के द्वारा) राज्य में आगमन के लिये देहरादून स्मार्ट सिटी लिमिटेड के वेब पोर्टल पंजीकरण व सक्षम प्राधिकारी द्वारा निर्गत वैध पास का होना अनिवार्य होगा।
  • हवाई जहाज व रेल से आने वाले व्यक्तियों के सन्दर्भ में राज्य आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण द्वारा निर्गत मानक प्रचालन कार्यविधियों के अनुरूप कार्यवाही की जाएगी।
  • पर्यटन और तीर्थाटन पर अभी प्रदेश सरकार द्वारा कोई फैसला नहीं लिया गया है।
  • संक्रमण के आधार पर जिलाधिकारी कंटेनमेंट जोन का निर्धारण करेंगे। यहां 30 जून तक लॉकडाउन लागू रहेगा। यहां केवल आवश्यक गतिविधियां को ही अनुमति दी जाएगी। किसी भी व्यक्ति को कंटेनमेंट जोन के भीतर आने और बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। केवल स्वास्थ्य सेवाएं और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति को इससे छूट रहेगी। यहां सख्ती से संपर्कों की पहचान की जाएगी और घर-घर पर निगरानी रहेगी।
  • प्रदेश सरकार द्वारा ही कंटेनमेंट जोन से बाहर बफर जोन चिह्नित किए जाएंगे। यहां जिलाधिकारी अपने विवेक के अनुसार प्रतिबंधों पर निर्णय लेंगे।
  • अनलॉक वन के संबंध में केंद्र द्वारा दी गई गाइडलाइन के अनुसार आठ जून से धार्मिक स्थानों, होटल, रेस्टोरेंट और अन्य सेवा क्षेत्र और शॉपिंग मॉल खोले जाएंगे।

 

 

पौड़ी गढ़वाल में रविवार को 3 बच्चों सहित 6 लोग निकले कोरोना पॉजिटिव

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पौड़ी गढ़वाल : पौड़ी जनपद में रविवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 6 नए मामले सामने आये हैं। इसके साथ ही जिले में कोरोना वायरस सक्रमण के अब तक 34 मामले सामने आ चुके हैं। रविवार को जिला चकित्सालय पौड़ी में आइसोलेशन में रह रहे  6 लोगों का कोरोना सेंपल पॉजीटिव पाया गया है। इनमे एक महिला, दो पुरुष तथा 3 बच्चे शामिल हैं। बतादें कि पाबौ ब्लॉक की एक बुजुर्ग महिला  बीते 22 मई को अपनी बहू व तीन बच्चों के साथ दिल्ली से एक प्राइवेट कार से गांव में लौटी थी। बुजुर्ग महिला का कोरोना सैंपल 25 मई को पॉजिटिव आया था। जिसके बाद उनकी बहू व तीनों बच्चों को जिला चिकित्सालय में आइसोलेट किया गया था। जबकि बुजुर्ग महिला को बेस अस्पताल श्रीकोट भेज दिया गया था। रविवार को बहू तथा तीनों बच्चों का कोरोना सैंपल पॉजिटिव पाया गया है। इसके अलावा महाराष्ट्र से लौटे थलीसैंण ब्लाक के एक व्यक्ति का कोरोना सैंपल भी पॉजिटिव आया है। साथ ही देहरादून से लौटा खिर्सू ब्लाक का एक युवक भी कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। सूचना के मुताबिक कोरोना पॉजिटिव पाए गए सभी 6 लोगों को कोविड अस्पताल श्रीनगर भेज दिया गया है। जबकि इनका उपचार कर रहे जिला चिकित्सालय की टीम को क्वारंटाइन कर दिया गया है। इसमें एक चिकित्सक, तीन स्टाफ नर्स व तीन वार्ड ब्वाय शामिल हैं।

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उत्तराखंड : देर शाम मिले 105 नए मामले, रेड जोन में पहुंचा नैनीताल जिला, 907 हुई प्रदेश में मरीजों की संख्या

उत्तराखंड : देर शाम मिले 105 नए मामले, रेड जोन में पहुंचा नैनीताल जिला, 907 हुई प्रदेश में मरीजों की संख्या

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CORONAVIRUS UPDATE : उत्तराखंड में रविवार देर शाम कोरोना के 105 नए मामले सामने आये हैं. इससे पहले आज दोपहर में भी 53 लोगों में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई थी. जिसके बाद अब राज्य में कोरोना के मरीजों का कुल आंकड़ा 907 पहुँच गया है.

स्वास्थ्य विभाग द्वारा रात 8 बजे जारी हेल्थ बुलेटिन में जिन 105 लोगों में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई है, उनमे से 31 लोग अकेले नैनीताल जिले से हैं. जिसके बाद नैनीताल जिला एक बार फिर रेड जोन में चला गया है. अब तक नैनीताल जिले में कुल 260 कोरोना पॉजिटिव मिल चुके हैं जो कि राज्य में सबसे बड़ा आंकड़ा है. इसके अलावा आज अभी 24 कोरोना पॉजिटिव लोग देहरादून में, 18 अल्मोड़ा में, 20 उधमसिंह नगर में, 04 चम्पावत में, 02 हरिद्वार में, 02 चमोली ने तथा 01 उत्तरकाशी में कोरोना पॉजिटिव मिला है.

इससे पहले आज दोपहर में जारी हेल्थ बुलेटिन में राज्य में 53 नए लोगों में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई थी. जिनमे से 25 लोग देहरादून से, 15 हरिद्वार से, 06 पौड़ी गढ़वाल से, 06 उत्तरकाशी से तथा 01 रुद्रप्रयाग से थे. ज्यादातर कोरोना पॉजिटिव महाराष्ट्र तथा दिल्ली से लौटे हुए हैं. अब तक 102 लोग ठीक होकर घर भी लौटे हैं. जबकि 05 लोगों की मौत हो चुकी है. आज एक बार फिर से नैनीताल जिला रेड जोन में पहुँच गया. वहीँ उधमसिंह नगर ग्रीन जोन ने आ गया है.

इसके अलावा आज उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज और उनके पूरे परिवार, स्टाफ कर्मचारियों सहित कुल 22 लोगों में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई है.

उत्तराखंड में अब तक कोरोना covid-19 के जिलेवार मामले

जनपद कोरोना के मरीज
नैनीताल260
देहरादून234
टिहरी77
उधमसिंह नगर82
हरिद्वार68
पौड़ी34
अल्मोड़ा63
पिथौरागढ़21
चमोली13
उत्तरकाशी21
बागेश्वर16
चंपावत12
रुद्रप्रयाग6
कुल907

 

बड़ी खबर : उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज निकले कोरोना पॉजिटिव, पूरे मंत्रिमंडल पर कोरोना का संकट

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देहरादून : उत्तराखंड में कोरोना वायरस सत्ता के गलियारों तक पहुँच गया है। आज उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज समेत 22 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इससे पहले शनिवार को सतपाल महाराज की पत्नी अमृता रावत कोरोना पॉजिटिव निकली थी। जिसके बाद शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सतपाल महाराज और उनके पूरे परिवार का सैंपल लिया था। घर में काम करने वाले लोगों के भी सैंपल लिए गए थे।

रविवार को मिली रिपोर्ट में सतपाल महाराज, उनके एक बेटे, पोते और बहुओं में भी कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। एक बेटे की रिपोर्ट पर संशय होने पर सैंपल दोबारा लिया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सतपाल महाराज सहित 41 लोगों के सैंपल लिए थे, जिसमें 35 स्टाफ के लोग भी शामिल हैं। आज 22 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, जिनमे से 17 कर्मचारी भी शामिल हैं। जबकि 12 लोगों की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। वहीँ पांच की जांच दोबारा की जाएगी। जिसके बाद अब उत्तराखंड कैबिनेट के पूरे मंत्रिमंडल पर कोरोना का संकट पैदा हो गया है. क्योकि शुक्रवार को हुई प्रदेश कैबिनेट बैठक में सतपाल महाराज भी मौजूद थे। शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में महाराज की अन्य मंत्रियों और अधिकारियों से मुलाकात हुई थी।

“सोचि नि छौ मिल” एक बुजुर्ग माँ के लिए सुखद अहसास लेकर आया कोरोना

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कोरोना वायरस महामारी एक तरफ जहाँ दुनियाभर में एक बड़ा संकट लेकर आई है, वहीँ कुछ लोग ऐसे भी हैं जिनके लिए कोरोना दुःख के साथ-साथ सुखद अहसास भी ले आया है। पलायन की मार झेल रहे उत्तराखंड (पहाड़) में वीरान और खाली पड़े गाँव किसी से छुपे नहीं हैं। उत्तराखंड में रोजगार तथा शिक्षा एवं स्वास्थ्य के सीमित संसाधनों के चलते यहाँ के युवा दिल्ली, मुम्बई, चंडीगढ़ आदि बड़े शहरों में गए और वहीँ के होकर रह गए हैं। ऐसे में उत्तराखंड के ज्यादातर गांवों में अब बस बुजुर्ग (बोडी-बोडा) ही रह गए हैं। जो अपने पोते-पोतियों को देखने के लिए तरस रहे हैं। या यूँ कहें कि उनके लौट आने की चाह में जिन्दा है। गाँव में दिन गुजार रहे ऐसे ही बुजुर्गों के लिए कोरोना रूपी महामारी एक सुखद अहसास लेकर आई है। बतादें कि कोरोना महामारी की वजह से सरकार द्वारा देशभर में किये गए लॉकडाउन के चलते लोग शहरों को छोड़कर अपने-अपने गाँव लौट रहे हैं। अकेले उत्तराखंड में अब तक एक लाख अस्सी हजार से ज्यादा प्रवासी अपने गाँव लौट चुके हैं। ऐसे ही एक बुजुर्ग माता को जब पता चला कि कोरोना के चलते उसका बेटा अपने बच्चों के साथ उसके पास गाँव लौट रहा है। तो उस वृद्ध माँ के मन की भावनाएं कैसी होंगी। इसको उत्तराखंड मूल के प्रवासी समाजसेवी उदय ममगाई राठी ने अपनी एक खूबसूरत गढ़वाली कविता “सोचि नि छौ मिल” के जरिये आप लोगों तक पहुँचाया है। नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक कर आप उनकी इस कविता को जरुर सुने।

उत्तराखंड में आज फिर मिले 53 नए कोरोना पॉजिटिव, 802 पहुंचा मरीजों का आंकड़ा

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Coronavirus Update uttarakhand : उत्तराखंड में आज (रविवार) फिर कोरोना वायरस के 53 नए मामले सामने आये हैं. जिसके बाद अब प्रदेश में कोरोना के मरीजों का आंकड़ा बढ़कर 802 पहुँच गया है.

स्वास्थ्य विभाग द्वारा आज (रविवार) दोपहर में जारी हेल्थ बुलेटिन में राज्य में 53 नए लोगों में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई है. आज जो 53 कोरोना पॉजिटिव मिले हैं उनमे से 25 लोग देहरादून से, 15 हरिद्वार से, 06 पौड़ी गढ़वाल से, 06 उत्तरकाशी से तथा 01 रुद्रप्रयाग से हैं. ज्यादातर कोरोना पॉजिटिव महाराष्ट्र तथा दिल्ली से लौटे हुए हैं. अब तक 102 लोग ठीक होकर घर भी लौटे हैं. जबकि 05 लोगों की मौत हो चुकी है.

उत्तराखंड में अब तक कोरोना covid-19 के जिलेवार मामले

जनपद कोरोना के मरीज
नैनीताल229
देहरादून210
टिहरी74
उधमसिंह नगर62
हरिद्वार66
पौड़ी34
अल्मोड़ा45
पिथौरागढ़21
चमोली11
उत्तरकाशी20
बागेश्वर16
चंपावत8
रुद्रप्रयाग6
कुल802

 

 

हंस फाउंडेशन की एम्बुलेंस बनी कोरोना पॉजिटिव अमृता रावत का सहारा

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कहते है समय बड़ा बलवान होता है। जिसकी बनागी आज उत्तराखंड में देखने को मिली। जैसे की सभी को विदित हैं कि उत्तराखंड में सेवा के पटल पर हंस फाउंडेशन माता मंगला जी एवं श्री भोले जी महाराज जी के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य-शिक्षा के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है।

स्वास्थ्य की बात करें तो आज के समय में उत्तराखंड के दूरगामी क्षेत्रों में कोई अस्पताल ऐसा नहीं है। जिसे हंस फाउंडेशन का सहयोग न मिल रहा हो। उत्तराखंड में तमाम अस्पतालों का कायाकल्प हो या इन अस्पतालों में आईसीयू की स्थापना करना हो। हंस फाउंडेशन ने पिछले दस वर्षों में उत्तराखंड में स्थापित अस्पतालों को अत्याधुनिक तकनीकी से लेस कर पहाड़ के हर ग्रामीण तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने में अग्रणीय भूमिका निभा रहा है।

इस कड़ी में हंस फाउंडेशन ने इन अस्पतालों को अत्याधुनिक तकनीकी से लेस एम्बुलेंस प्रदान की है। आज यही एम्बुलेंस उत्तराखंड के पूर्व कैबिनेट मंत्री अमृता रावत के लिए जीवन दायनी बनकर आई। दरअसल उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज की पत्नी एवं राज्य की पूर्व मंत्री अमृता रावत की जांच रिपोर्ट में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई हैं। जिसके बाद उन्हें एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया।

महत्वपूर्ण बात यह है कि जिस एम्बुलेंस से अमृता रावत को देहरादून से एम्स ऋषिकेश ले जाया गया। वह एम्बुलेंस सतपाल महाराज के छोटे भाई भोले जी महाराज की संस्था हंस फाउंडेशन की है और यह किससे छुपा है कि सतपाल महाराज और श्री भोले जी महाराज जी के रिश्ते किस तरह के है।

बताया जा रहा कि इस बारे में जब राज्य सरकार के अधिकारियों ने सतपाल महाराज को अवगत कराया कि इस  अत्याधुनिक सुविधाओं लेस एम्बुलेंस से बेहतर कोई दूसरी एम्बुलेंस राज्य में नहीं है तो सतपाल महाराज के पास इस बारे में कुछ भी कहने को नहीं था। लेकिन उत्तराखंड में चर्चा है कि आखिर सतपाल महाराज और अमृता रावत के लिए वही हंस फाउंडेशन जीवन दायिनी बना जो हर आपात स्थिति में देश के साथ खड़ा दिखता है। जिसके बाद अमृता रावत को हंस फाउंडेशन की अत्याधुनिक सुविधाओं से लेस इस एम्बुलेंस से एम्स ऋषिकेश ले जाया गया। आपको बता दें अमृता रावत की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद पूरा परिवार क्वारंटीन कर दिया गया है। वहीं अमृता रावत को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।  सतपाल महाराज और उनका परिवार घर में पृथक-वास में रह रहा है।