ग्रेटर नोएडा : कोरोना संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए केंद्र सरकार द्वारा लॉकडाउन की अवधि बढ़ा दिए जाने से दिहाड़ी मजदूरों और निराश्रित लोगों की परेशानी बढ़ गयी है। लॉकडाउन में फंसे जरूरतमंदों की मदद के लिए प्रशासन ने राहत सामग्री वितरण का काम तेज दिया गया है। साथ ही समाजसेवी संस्थाएं भी नये जोश के साथ जनसेवा में जुट गयी हैं। इंडिया एक्सपोजिशन मार्ट लिमिटेड ने भी मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाया है। इंडिया एक्सपो मार्ट ने सीएसआर पहल के तहत गौतमबुद्ध सोसायटी फॉर सोशल वेलफेयर के माध्यम से भोजन के पैकेट बांटे। जरुरतमंद लोगों की मदद के लिए भोजन के पैकेट बांटने में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से हाथ मिलाया है। सोसायटी द्वारा तुगलपुर, मुबारकपुर व तिलपता गांव में भोजन वितरित किया जा रहा है। इंडिया एक्सपो मार्ट के अध्यक्ष राकेश कुमार ने बताया कि जिले में अलग- अलग स्थानों पर निर्धारित मापदंडों के अनुसार खाने के पैकेट वितरित किए जा रहे हैं। इसके अलावा सोसायटी ने मेडिकल और सपोर्ट स्टॉफ को बांटने के लिए 20 हजार मास्क भी जिला चिकित्सा कार्यालय को मुहैया कराए हैं। गौतमबुद्ध सोसायटी फॉर सोशल वेलफेयर सामाजिक रूप से वंचित लोगों को शिक्षा, भोजन,सफाई एवं महिला सशक्तिकरण के कायरे के लिए प्रतिबद्ध है।
लॉकडाउन में जरूरतमंद लोगों की मदद के लिये बढ़ रहे हैं हाथ
ग्रेटर नोएडा: कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए देशभर में किये गए लॉकडाउन का सबसे ज्यादा असर दिहाड़ी मजदूरों और गरीब बेसहारा लोगों पर पड़ रहा है। लॉकडाउन में फंसे जरूरतमंदों की मदद के लिए शासन प्रशासन द्वारा तो राहत सामग्री का वितरण किया ही जा रहा है। साथ ही कुछ समाजसेवी एवं समाजसेवी संस्थाएं भी ऐसे में संकट की इस घड़ी में अपने-अपने क्षेत्र में जनसेवा में जुट गयी हैं।

इसीक्रम में गरीबों की मदद के लिए आगे आये जयवीर पहलवान निवासी ग्राम जुनेदपुर, द्वारा ग्रेटर नोएडा के सिटी पार्क के सामने सेक्टर अल्फा-2 के गेट नंबर 8 के पास सैकड़ों गरीब एवं असहाय लोगों के लिए बीते 28 मार्च से खाने की व्यवस्था की जा रही है। इसमें डॉक्टर आलोक, डॉक्टर अजय, विजेंद्र, तरुण व मनोज गर्ग भी सहयोग कर रहे हैं। गरीब व निराश्रितों को भोजन उपलब्ध कराने की इस मुहिम को आगे बढ़ाने के लिए शिव शक्ति पी.जी. के संचालक नगेंद्र सिंह नागर ने भी हाथ बढ़ाया है। नगेंद्र सिंह नागर द्वारा पिछले 8 अप्रैल से हर रोज शाम को 5:30 से 6:00 के बीच सेक्टर अल्फा-2 के गेट नंबर 8 के पास करीब 300 से 350 लोगों को अपनी रसोई में बनाये गए भोजन के पैकेट उपलब्ध कराये जा रहे हैं।
इसके अलावा भारतीय सेना (नेवी) से रिटायर्ड नगेंद्र सिंह नागर अपने गांव के मंदिर में जहाँ बड़ी संख्या में बंदर रहते हैं उनको भोजन कराते हैं
कोरोना की जांच करने गई स्वास्थ्य विभाग की टीम पर हमला, एंबुलेंस पर पथराव
मुरादाबाद: यूपी के मुरादाबाद के नवाबपुरा इलाके में बुधवार को कोरोना वायरस की जांच करने गई स्वास्थ्य विभाग की टीम पर कुछ लोगों ने हमला बोल दिया। हमले में एक डॉक्टर समेत कुछ स्वास्थ्य कर्मी घायल हो गए हैं। कुछ वाहन और एक एम्बुलेंस में भी तोड़फोड़ की गई है। घटना नागफनी थाने के हाजी नेब की मस्जिद के आसपास की है
जानकारी के मुताबिक सोमवार को इसी इलाके के एक शख्स की मौत हो गई थी, जो कोरोना संक्रमित था। उनके परिवार को तत्काल क्वारंटीन कर दिया गया था, लेकिन आज उसके संपर्क में आने वाले कुछ लोगों को क्वारंटीन किया जाना था। जिसके लिए आज लगभग 2 बजे स्वास्थ्य विभाग की टीम पर 108 एम्बुलेंस के साथ एक कोरोना संदिग्ध व्यक्ति को लेने गई। परन्तु जैसे ही मेडिकल टीम उक्त मरीज के साथ एम्बुलेंस में सवार हुई, अचानक भीड़ उमड़ी और उन्होंने मेडिकल टीम के साथ मारपीट कर एम्बुलेंस पर पथराव करना शुरू कर दिया। इस हमले में मेडिकल टीम के साथ एम्बुलेंस ड्राइवर और पुलिसकर्मी भी घायल हो गए है। इसके चलते टीम को उल्टे पांव भागकर अपनी जान बचानी पड़ी। घटना की जानकारी मिलने पर डीएम के साथ एसपी भी मौके पर पहुंच गए हैं।
मुरादाबाद: कुछ लोगों ने संभवत: #COVID19 से संक्रमित एक व्यक्ति को लेने गई मेडिकल टीम और पुलिस पर पथराव किया। “जब हमारी टीम मरीज के साथ एम्बुलेंस में सवार हुई, अचानक भीड़ उमड़ी और पथराव शुरू कर दिया। कुछ डॉक्टर अभी भी वहीं हैं। हम घायल हैं,” एम्बुलेंस ड्राइवर pic.twitter.com/BYdsmCgjeX
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 15, 2020
उत्तराखंड : राज्य की आर्थिकी में सुधार के हेतु सीएम के निर्देश पर उच्चस्तरीय समिति गठित
देहरादून : प्रदेश की आर्थिकी में सुधार लाने और आजीविका के संसाधनों में वृद्धि के लिए इंदु कुमार पाण्डे की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय सलाहकार समिति गठित की गई है। कोविड-19 कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाऊन से हुए नुकसान को कम करने और उत्तराखंड की आर्थिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिये मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के निर्देश पर इस समिति का गठन किया गया है। सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी इंदुकुमार पाण्डे को इसका अध्यक्ष नामित किया गया है। प्रमुख सचिव उद्योग श्रीमती मनीषा पंवार, सचिव वित्त श्रीमती सौजन्या, अपर सचिव वित्त भूपेश तिवारी और अपर सचिव नियोजन योगेन्द्र यादव समिति के सदस्य होंगे। अपर सचिव भूपेश तिवारी सदस्य सचिव होंगे।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर गठित यह समिति लॉकडाऊन से राज्य की अर्थव्यवस्था को हुए नुकसान का अध्ययन कर राज्य के आर्थिक संसाधनों में सुधार लाने के लिए संस्तुतियां देगी। इस पर भी विचार किया जाएगा कि लोगों को आजीविका उपलब्ध कराने के लिए किन क्षेत्रों को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी होगी। समिति जल्द से जल्द अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को देगी।
उत्तराखंड : थम रही है कोरोना संक्रमण की रफ्तार, सरकार ने लिए ये बड़े फैसले
देहरादून: प्रदेश में कोविड-19 कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने और बचाव कार्यों के लिए हर सम्भव कोशिश की जा रही है। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत लगातार हालात की समीक्षा कर रहे हैं। मुख्य सचिव स्तर पर भी स्थिति की लगातार मौनिटरिंग की जा रही है।
उत्तराखंड मे लाॅकडाऊन सख्ती से लागू किया गया : सम्पूर्ण उत्तराखंड को आपदा प्रभावित घोषित किया गया। राज्य में लाॅकडाउन को सख्ती से लागू कर दिया गया। दूसरे प्रदेशों के साथ सीमा को सील करने के साथ ही एक जिले से दूसरे जिले में जाने पर भी रोक लगाई गई। मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव स्तर पर स्थिति की लगातार माॅनिटरिंग की जा रही है।
मुख्यमंत्री, मंत्री और विधायकों के वेतन में 30 प्रतिशत कटौती, विधायक निधि में भी कटौती : राज्य कैबिनेट द्वारा 50 करोङ रूपए की स्वीकृति दी गई। मा0 मुख्यमंत्री, मंत्री और समस्त विधायक गणों के वेतन में 30 प्रतिशत कटौती, कोविड-19 फन्ड के लिए किया जायेगा तथा आगामी दो वर्षो में विधायक निधि के अन्तर्गत एक-एक करोड रूपये की कटौती कोविड-19 फन्ड के लिए की जाएगी।
कोरोना से लङने के लिए धनराशि निर्गत : कोरोना वायरस से निपटने के लिए एसडीआरएफ मद से 85 करोङ रूपए जारी किए गए हैं। इसमें हर जिले को 5-5 करोङ रूपए कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव की तैयारियों के लिए जबकि 20 करोङ रूपए चिकित्सा शिक्षा विभाग को कोरोना नोटिफाईड अस्पतालों के सुदृढ़ीकरण और आवश्यक उपकरणों की व्यवस्था के लिए दिए गए हैं। कोरोना वायरस की रोकथाम हेतु चिह्नित किए गए राजकीय मेडिकल कालेजों को सुदृढ़ किए जाने और उनकी क्षमता में वृद्धि किए जाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री राहत कोष से चिकित्सा शिक्षा विभाग को 10 करोङ रूपए अवमुक्त किए गए हैं।
कोरोना वारियर्स को 10 लाख का कवर : कोविड- 19 कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम और बचाव कार्यों में लगे सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों (संविदा, आउटसोर्स आदि) एवं सभी कोरोना वारियर्स जो कि कोविड-19 कोरोना संक्रमण से बचाव एवं राहत कार्यों में तैनात हैं, यदि वे संक्रमित होते हैं तो उनके उपचार का व्यय राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा। उनके जीवन की क्षति होने पर उनके आश्रित को मुख्यमंत्री राहत कोष से सीधे 10 लाख रूपए की राहत/सम्मान राशि के दी जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग समय समय पर गाइडलाइन जारी करता है जिसे मीडिया के माध्यम से आमजन तक पहुंचाया जा रहा है।
निजी चिकित्सा संस्थाओं से समन्वय : आवश्यकता होने पर अर्धसैनिक बलों, एनसीसी के उपयोग के लिए उच्च स्तर पर समन्वय बैठक कर योजना बनाई गई है। निजी चिकित्सा संस्थानों के सहयोग के लिये इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के साथ समन्वय स्थापित किया गया है। निजी अस्पतालों व नर्सिंग होम को ओपीडी खुली रखने के निर्देश। सामान्य जन की कठिनाई को कम करने के लिए हर सम्भव प्रयास किए गए हैं।
प्रदेश में अभी कोरोना से कोई मृत्यु नहीं, 5 मरीज ठीक होकर डिस्चार्ज : उत्तराखंड में 14 अप्रैल तक यहाँ कुल 37 पॉजिटिव केस पाए गए। इनमें से 9 ठीक होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं। अभी तक उत्तराखंड में कोरोना से एक भी मृत्यु नहीं हुई है। 2174 सेम्पल टेस्ट भेजे गए। इनमें से 1868 की रिपोर्ट निगेटिव आई है। होम और इंस्टीट्यूशनल क्वारेंटाईन में 55 हजार से अधिक व्यक्ति हैं।
प्रदेश में कोरोना के लिए डेडिकेटेड अस्पताल : डेडिकेटेड कोविड-19 अस्पताल नोटिफाईड किए गए हैं। बागेश्वर, चमोली, चम्पावत, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, ऊधमसिंहनगर, टिहरी, उत्तरकाशी के जिला चिकित्सालय, अल्मोड़ा का बेस चिकित्सालय, दून मेडिकल कालेज, मेला चिकित्सालय हरिद्वार, सुशीला तिवारी मेडिकल कालेज, बी डी पाण्डे चिकित्सालय नैनीताल, बेस चिकित्सालय कोटद्वार व श्रीनगर मेडिकल कालेज इनमें शामिल हैं।
कोविड-19 की दृष्टि से 400 से अधिक चिकित्सकों की नियुक्ति की गई है। एम्स ऋषिकेश और हल्द्वानी मेडिकल कालेज में सेम्पल टेस्ट किए जा रहे हैं। जल्द ही और भी टेस्टिंग लेब शुरू कर दी जाएगी। दिनांक 14 अप्रैल तक कोरोना पाजिटिव के लिए आइसोलेशन बेड 805 हैं, सभी जिलों में क्वारेंटाईन फेसिलिटी में 19220 बेड हैं। आईसीयू बेड 483 हैं। रोज इन सुविधाओं में बढोतरी हो रही है।
आवश्यक उपकरणों की मांग से अधिक है उपलब्धता : दिनांक 14 अप्रैल तक कुल पीपीई किट 31959 हैं, कोरोना मरीजों के लिए अभी 266 वेंटिलेटर आरक्षित हैं जबकि 42295 एन 95 मास्क उपलब्ध हैं। इनकी उपलब्धता भी बढ रही है।
लाॅकडाऊन में आमजन को राहत के लिए व्यवस्था : आमजन को राहत पहुंचाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। सभी सम्भावित कोरोना वायरस संक्रमित लोगों का अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना में निशुल्क ईलाज किया जा रहा है। राज्य में कोरोना संक्रमितों का पूरा उपचार किया जा रहा है। स्कूलों को लाकडाऊन की अवधि में फीस मांगने पर रोक लगाई है।
राज्य के खाद्य तेल विनिर्माताओं को 50 प्रतिशत स्टाक राज्य के लिए आरक्षित रखने के निर्देश दिये हैं: सार्वजनिक वितरण प्रणाली में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत अन्त्योदय अन्न योजना व प्राथमिक परिवारों के लिए अप्रैल से जून तक प्रति व्यक्ति प्रति माह 5 किलो चावल का अतिरिक्त आवंटन निशुल्क किया जा रहा है। पेयजल एवं सीवर सुविधा के सभी प्रकार के उपभोक्ताओं के देयों की वसूली 31 मई तक स्थगित की गई है। बिजली उपभोक्ताओं को भी राहत दी गई है।
बाजार में आटे की पर्याप्त उपलब्धता रहे, इसके लिए आटा मिलों का निरंतर संचालन सुनिश्चित किया गया है। भारतीय खाद्य निगम डिपो से राज्य में कार्यरत आटा मिलों को गेहूँ आवंटित करवाया जा रहा है। राशन की दुकानों को गेहूँ, चावल, चीनी, दाल व मिट्टी तेल के साथ ही पैक्ड आटा, खाद्य तेल, अन्य दालें, आयोडाइज्ड नमक, चाय, मसाले, साबुन, टूथपेस्ट, माचिस, मोमबत्ती, सेनेटाइजर, मास्क की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जा रही है।
वरिष्ठ नागरिकों, बीमार व्यक्तियों, गर्भवती महिलाओं के लिए आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता घर पहुंचाकर की जा रही है। ईएसआई में पंजीकृत श्रमिकों को प्रतिमाह एक हजार रू दिए जा रहे हैं। ऐसे श्रमिक जो पंजीकृत नहीं हैं, और अन्य ज़रूरतमंदों की तत्काल सहायता के लिए जिलाधिकारियों को सीएम राहत कोष से कुल मिलाकर 30 करोङ रूपए दिये गये।
कृषि से संबंधित उत्पादों और पशु आहार को भी आवश्यक वस्तुओं में शामिल किया गया है: सहकारी बैंकों से फसलों एवं कृषि के लिए किसानों द्वारा लिए गए ऋण के भुगतान हेतु 3 माह की समयावधि बढ़ा दी गई है| प्रदेश में इस तरह के लगभग तीन लाख 50 हजार किसान हैं जिन्होंने विभिन्न योजनाओं के तहत ऋण लिया है| खाद्यान सुरक्षा योजना के अन्तर्गत सभी नागरिकों को पर्याप्त राशन उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया। इसके तहत अन्त्योदय योजना के अन्तर्गत 35 किग्रा0 राशन गेहूँ और चावल के रूप में 03 माह का राशन उपलब्ध रहेगा।
खाद्यान सुरक्षा योजना सफेद कार्ड धारक को प्रति यूनिट 05 किग्रा0 चावल, दाल फ्री उपलब्ध कराया जाएगा।
उन दोनों कार्ड से अलग 40 लाख युनिट वाले 10 लाख राशन कार्ड धारकों को 7.5 किग्रा0 राशन की मात्रा को दोगुना कर 15 किग्रा0 राशन कार्ड धारकों को अप्रैल, मई, और जून तीन माह के लिए वितरण किया जाएगा। जिसके पास कोई भी राशन कार्ड नही होगा उन्हे राशन किट दिया जाएगा।
कोरोना से बचाव कार्यों की मानिटरिंग : कोरोना वायरस की लेटेस्ट स्थिति और किए जा रहे प्रयासों की मुख्यमंत्री व मुख्य सचिव स्तर से लगातार माॅनिटरिंग की जा रही है। जिलों में जिलाधिकारी तो काम कर ही रहे हैं, कोरोना वायरस (COVID-19) की रोकथाम, प्रभावी नियंत्रण एवं अनुश्रवण हेतु राज्य के मंत्रीगणों एवं राज्यमंत्रियों को उत्तराखण्ड के जनपदों का प्रभारी नियुक्त किया गया है। इस क्रम में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज को हरिद्वार, सुबोध उनियाल को टिहरी व उत्तरकाशी, डॉ हरक सिंह रावत को पौड़ी, अरविन्द पाण्डेय को चम्पावत व पिथौरागढ़, यशपाल आर्य को अल्मोड़ा व नैनीताल एवं मदन कौशिक को देहरादून व उधमसिंह नगर, राज्यमंत्री डॉ धनसिंह रावत को रुद्रप्रयाग व चमोली एवं श्रीमती रेखा आर्या को बागेश्वर का प्रभारी नियुक्त किया गया है।
असहयोग करने पर सख्त कार्रवाई : कोरोना वायरस को रोकने में प्रशासनिक कार्यवाही का विरोध करने वालों पर डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट 2005 के तहत कङी कार्रवाई की जा रही है। क्वारेंटाईन किए गए लोग अगर छुपते हैं या कोई उन्हें छुपाते हैं तो छुपने वाले व छुपाने वाले दोनों पर सख्त एक्शन। दिनांक 14 अप्रैल 2020 तक प्रदेश में अभी तक कुल 1534 अभियोगों 6109 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। इसके साथ ही अभी तक एमवी एक्ट के अन्तर्गत कुल 16608 वाहनों के चालान, 4200 वाहन सीज एवं 79.01 लाख रूपये शुल्क वसूला गया।
राज्य की आर्थिकी में सुधार के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित : मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के निर्देश पर बनाई समिति लाॅकडाउन के बाद आर्थिक संसाधनों व आजीविका में सुधार के लिए सुझाव देगी। लाॅकडाऊन से राज्य की अर्थव्यवस्था को हुए नुकसान का अध्ययन कर राज्य के आर्थिक संसाधनों में सुधार लाने के लिए संस्तुतियां देगी। इस पर भी विचार किया जाएगा कि लोगों को आजीविका उपलब्ध कराने के लिए किन क्षेत्रों को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी होगी। समिति जल्द से जल्द अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को देगी।
थलीसैंण पुलिस ने निभाया मानवता का धर्म, असहाय बुजुर्गों को घर-घर जाकर बांटी खाद्य सामग्री
पौड़ी गढ़वाल: वर्तमान में कोरोना वाय़रस संक्रमण (COVID-19) पूरे विश्व के साथ-साथ भारत में भी फैल चुका है, जिस कारण भारत सरकार व उत्तराखण्ड सरकार द्वारा राज्य में कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए राज्य को लॉक डाउन किया गया है। जिसमें आवश्यक सेवाओं को छोड़कर सभी सेवाओं को बन्द करने के आदेश पारित किए गये हैं, जिसके क्रम में थानाध्यक्ष थलीसैण संतोष पैथवाल, कांस्टेबल टीकम सिंह एवं कांस्टेबल राकेश चौहान द्वारा मानवता का धर्म निभाते हुए थाना क्षेत्रान्तर्गत गाँव के गरीब असहाय वृद्ध व्यक्ति जिनका कोई आश्रित नही है, जो बाजार आने-जाने में सक्षम नही है, उनकी सहायता के लिए पुलिस टीम द्वारा घर-घर जाकर खाद्य सामग्री (आटा, चावल, सब्जी, तेल, मसाले, चायपत्ती, चीनी) के पैकेट बनाकर दिए गये। जिस पर बुजुर्गो द्वारा पुलिस का आभार व्यक्त धन्यवाद किया गया। इस क्रम में अब तक थाना क्षेत्र के गांव नैनी, मसोटी, जल्लु, बांगर, संयोसी, जिंवई, जखोला, धारा मासों में पुलिस टीम द्वारा ऐसे बुजुर्गों को राशन सामग्री वितरित की गयी है। थाना पुलिस टीम आगे भी यह कार्य जारी रखेगी। पुलिस के इस नेक कार्य की स्थानीय जनता व जन प्रतिनिधियों द्वारा भी सराहना गयी।
जगमोहन डांगी
गृह मंत्रालय ने जारी की लॉकडाउन 2.0 की गाइडलाइंस : देखें किसे मिली छूट
नई दिल्ली : कोरोनो वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 3 मई तक 19 दिनों के लिए की गई लॉकडाउन 2.0 की घोषणा के बाद आज गृह मंत्रालय द्वारा इसको लेकर गाइडलाइंस जारी हो गई हैं। जिसके अनुसार कुछ चीजों में पूरी तरह से प्रतिबंध है तो कुछ में शर्तों के साथ आंशिक रूप से छूट दी गई है। परिवहन पर पूरी तरह रोक जारी रहेगी। राज्यों के बॉर्डर भी सील ही रहेंगे। यानी बस, मेट्रो, हवाई और ट्रेन सफर नहीं किया जा सकेगा। इसके अलावा स्कूल, कोचिंग सेंटर भी बंद ही रहेंगे। सरकार ने कहा है कि किसानी से जुड़े कामों को छूट जारी रहेगी। इसके साथ ही मुंह कवर करना अब जरूरी कर दिया गया है। थूकने पर जुर्माना भी लगेगा। देश में अब तक 11,439 लोग कोरोना वायरस की चपेट में आ चुके हैं। जबकि 377 लोगों की इस बीमारी से मौत हो चुकी है। वहीँ अब तक करीब 1306 लोग इलाज के बाद ठीक हो चुके हैं।
लॉकडाउन 2.0 में (3 मई तक) इन पर सेवाओं पर रहेगा प्रतिबंध
- मास्क पहनना अनिवार्य किया गया है। घर में बना मास्क, दुपट्टा या गमछा भी इस्तेमाल में लाया जा सकता है।
- थूकने पर लगेगा जुर्माना।
- शादी ब्याह के समारोह, जिम, और धार्मिक स्थान बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।
- घरेलू उड़नों पर फिलहाल पाबंदी जारी रहेंगी। मेट्रो और बस सेवा भी फिलहाल नहीं चलेंगी।
- टैक्सी (ऑटो और साइकिल रिक्शा सहित) और कैब एग्रीगेटर्स की सेवाएं 3 मई तक प्रतिबंधित रहेंगी।
- स्कूल, कोचिंग संस्थान भी फिलहाल बंद ही रहेंगे।
- राजनीतिक और खेल आयोजन पर भी रोक।
- अंतिम संस्कार के मामले में 20 से अधिक व्यक्तियों को अनुमति नहीं दी जाएगी।
इन पर सेवाओं पर दी गई है छूट (जिन क्षेत्रों में छूट की घोषणा की है, वहां 20 अप्रैल के बाद ही छूट मिलेगी)
- किसानों को फसल की कटाई के लिए कुछ रियायतें दी गई हैं।
- खेती से जुड़ी सभी गतिविधियां चालू रहेंगी, किसानों और कृषि मजदूरों को हार्वेस्टिंग से जुड़े काम करने की छूट रहेगी।
- कृषि उपकरणों की दुकानें, उनके मरम्मत और स्पेयर पार्ट्स की दुकानें खुली रहेंगी। खाद, बीज, कीटनाशकों के निर्माण और वितरण की गतिविधियां चालू रहेंगी, इनकी दुकानें खुली रहेंगी।
- कटाई से जुड़ी मशीनों (कंपाइन) के एक राज्य से दूसरे राज्य में मूवमेंट पर कोई रोक नहीं रहेगी।
- कन्स्ट्रक्शन के प्रॉजेक्ट को सीमित छूट दी गई है।
- हॉस्पिटल, नर्सिंग होम, क्लीनिक, डिस्पेंसिरी, केमिस्ट शॉप, मेडिकल लैब, सेंटर खुले रहेंगे। पैथ लैब, दवाई से जुड़ी कंपनी खुली रहेंगी।
- बैंक, एटीएम आदि भी खुले रहेंगे।
- पोस्ट ऑफिस भी खुले रहेंगे
- एलपीजी, पेट्रोल-डीजल सप्लाइ जारी रहेगी।
कृषि और पशुपालन उद्योग को क्या-क्या छूट
• खेती से जुड़ी सभी गतिविधियां चालू रहेंगी, किसानों और कृषि मजदूरों को हार्वेस्टिंग से जुड़े काम करने की छूट रहेगी.
• कृषि उपकरणों की दुकानें, उनके मरम्मत और स्पेयर पार्ट्स की दुकानें खुली रहेंगी
• खाद, बीज, कीटनाशकों के निर्माण और वितरण की गतिविधियां चालू रहेंगी, इनकी दुकानें खुली रहेंगी.
• कटाई से जुड़ी मशीनों (कंपाइन) के एक राज्य से दूसरे राज्य में मूवमेंट पर कोई रोक नहीं रहेगी
• मछली पालन से जुड़ी गतिविधियां, ट्रांसपोर्ट चालू रहेंगी
• दूध और दुग्ध उत्पाद के प्लांट और इनकी सप्लाई चालू रहेगी.
• मवेशियों के चारा से जुड़े प्लांट, रॉ मटिरिलय की सप्लाई चालू रहेगी
इन इंडस्ट्री को लॉकडाउन 2.0 में छूट
• ग्रामीण क्षेत्रों में (जो म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन या म्यूनिसिपलिटी के तहत न हों) काम करने वाले उद्योगों को छूट.
• स्पेशल इकनॉमिक जोन में मैन्यूफैक्चरिंग और दूसरे औद्योगिक संस्थानों, निर्यात से जुड़ी इकाइयों को शर्तों के साथ छूट। यहां ये उद्योग अपना काम शुरू कर सकते हैं लेकिन उन्हें वर्करों को अपने परिसर में ही ठहराने का भी इंतजाम करना होगा। वर्करों को वर्कप्लेस पर लाने की जिम्मेदारी नियोक्ता की होगी और उसे इस दौरान सोशल डिस्टेसिंग के मानकों का पालन करना होगा।
• दवा, फार्मा, मेडिकल डिवाइसेज समेत जरूरी सामानों के निर्माण और रॉ मटिरियल्स से जुड़ीं इकाइयों को छूट.
• ग्रामीण क्षेत्रों में फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स को काम करने की इजाजत.
• आईटी हार्डवेयर के निर्माण की छूट.
• पैकेजिंग मरटिरियल्स की मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट्स को छूट.
• जूट इंडस्ट्री को छूट, अलग-अलग शिफ्ट में सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखते हुए.
• ग्रामीण इलाकों में ईंट भट्ठों को इस बार छूट.
इन निर्माण गतिविधियों को छूट
• सड़क की मरम्मत और निर्माण को छूट, जहां भीड़ नहीं हो.
• सड़क निर्माण, सिंचाई परियोजनाओं, बिल्डिंग निर्माण को छूट.
• ग्रामीण क्षेत्र में सभी तरह के इंडस्ट्रियल प्रॉजेक्ट्स (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों समेत) को छूट.
• रीन्यूएबल एनर्जी के निर्माण को छूट.
• शहरी क्षेत्रों में भी कंस्ट्रक्शन वर्क को छूट लेकिन सिर्फ उन्हीं को जहां साइट पर ही वर्कर उपलब्ध हैं
बैंकिंग, पोस्टल सर्विसेज
• बैंक शाखाएं, एटीएम, पोस्टल सर्विसेज चालू रहेंगी.
• ऑनलाइन टीचिंग और डिस्टेंस लर्निंग को प्रोत्साहित किया जाएगा.
ग्रामीण रोजगार के लिए छूट
• मनरेगा के काम की इजाजत रहेगी, सोशल डिस्टेंसिंग का सख्ती से पालन करते हुए.
• मनरेगा के कामों को सोशल डिस्टेंसिंग का सख्ती से पालन करते हुए किया जाएगा.
• मनरेगा में सिंचाई और वॉटर कंजर्वेशन से जुड़े कामों को प्राथमिकता दी जाएगी.
इमर्जेंसी में प्राइवेट गाड़ियों के मूवमेंट को शर्तों के साथ इजाजत
• इमर्जेंसी के हालात में फोर वीलर में ड्राइवर के अलावा केवल एक ही रहेगा.
• दुपहिया पर सिर्फ एक ही शख्स यानी उसका चालक सवार हो सकता है, उल्लंघन करने पर जुर्माना.
• कोई शख्स क्वारंटीन किया गया है मगर नियमों का उल्लंघन करता है तो आईपीईस की धारा 188 के तहत कार्रवाई.
• तेल और गैस सेक्टर का ऑपरेशन चलता रहेगा, इनसे जुड़ीं ट्रांसपोर्टेशन, डिस्ट्रिब्यूशन, स्टोरेज और रिटेल से जुड़ी गतिविधियां चलती रहेंगी.
इन-इन चीजों के ट्रांसपोर्टेशन को छूट
• गुड्स/कार्गो के लोडिंग-अनलोडिंग के काम को छूट.
• जरूरी सामानों जैसे पेट्रोलियम और एलपीजी प्रोडक्ट्स, दवाओं, खाद्य सामग्रियों के ट्रांसपोर्टेशन को इजाजत रहेगी.
• सभी ट्रकों और गुड्स/कैरियर वीइकल्स को छूट रहेगी, एक ट्रक में 2 ड्राइवरों और एक हेल्पर की इजाजत.
• इस बार ट्रकों के मरम्मत की दुकानों को भी छूट, हाईवेज पर ढाबे भी खुले रहेंगे ताकि ट्रकर्स को दिक्कत न हो.
• रेलवे की मालगाड़ियों को छूट बरकरार.
• सभी जरूरी सामानों की सप्लाई चेन की इजाजत
दुकानें जिनको छूट
• किराना की दुकानों, राशन की दुकानों, फल, सब्जी, मीट, मछली, पोल्ट्री, खाद्यान्न, डेयरी और मिल्क बूथ, मवेशियों के चारे की दुकानों को छूट बरकरार.
• प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को छूट, डीटीएच और केबल सर्विस को भी छूट.
• आईटी से जुड़ी कंपनियों को वर्कफोर्स के 50 प्रतिशत स्ट्रेंथ के साथ काम करने की इजाजत (जोखिम वाले क्षेत्रों के रूप चिह्नित इलाकों में नहीं).
• ई-कॉमर्स कंपनियों की गतिविधियों, इनके ऑपरेटरों की गाड़ियों को छूट, इसके लिए इजाजत लेनी होगी
सरकारी काम में लगे कॉल सेंटरों को भी छूट
• सरकारी काम में लगीं डेटा और कॉल सेंटर सर्विसेज को इजाजत.
• प्राइवेट सिक्यॉरिटी सर्विसेज को इजाजत
घर बुला सकेंगे इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर, कारपेंटर
उपरोक्त सभी छूट 20 अप्रैल के बाद ही मिलेगी
गृह मंत्रालय (MHA) ने #COVID19 प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय निर्देश जारी किया। सभी सार्वजनिक स्थानों और कार्यस्थलों पर फेस मास्क पहनना अनिवार्य है। सार्वजनिक स्थानों पर थूकना दंडनीय होगा। pic.twitter.com/lcPOICrRjd
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 15, 2020
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नई दिल्ली: देश में कोरोना वायरस संक्रमण के कुल मामलों का आंकड़ा 11 हजार से ज्यादा पहुंच चुका है। भारत सरकार के स्वास्थ्य विभाग की वेबसाइट के अनुसार अब तक देश में 11,439 लोग कोरोना वायरस की चपेट में आ चुके हैं। जबकि 377 लोगों की इस बीमारी से मौत हो चुकी है। वहीँ अब तक करीब 1306 लोग इलाज के बाद ठीक हो चुके हैं। सबसे बुरा हाल महाराष्ट्र का है जहां सबसे ज्यादा 2,687 केस सामने आ चुके हैं। वहीँ राजधानी दिल्ली दूसरे नंबर पर है, दिल्ली में अब तक 1561 कोरोना के केस आ चुके हैं। यहाँ देखें अन्य राज्यों की स्थिति।
| S. No. | Name of State/UT | Confirmed cases | Cured/Discharged | Death |
| 1 | Maharashtra | 2687 | 259 | 178 |
| 2 | Delhi | 1561 | 30 | 30 |
| 3 | Tamil Nadu | 1204 | 81 | 12 |
| 4 | Rajasthan | 969 | 147 | 3 |
| 5 | Madhya Pradesh | 730 | 51 | 50 |
| 6 | Uttar Pradesh | 660 | 50 | 5 |
| 7 | Gujarat | 650 | 59 | 28 |
| 8 | Telengana | 624 | 100 | 17 |
| 9 | Andhra Pradesh | 483 | 16 | 9 |
| 10 | Kerala | 387 | 211 | 3 |
| 11 | Jammu & Kashmir | 278 | 30 | 4 |
| 12 | Karnataka | 260 | 71 | 10 |
| 13 | West Bengal | 213 | 37 | 7 |
| 14 | Haryana | 199 | 34 | 3 |
| 15 | Punjab | 176 | 14 | 12 |
| 16 | Bihar | 66 | 29 | 1 |
| 17 | Odisha | 60 | 18 | 1 |
| 18 | Uttarakhand | 37 | 9 | 0 |
| 19 | Chhattisgarh | 33 | 13 | 0 |
| 20 | Himachal Pradesh | 33 | 13 | 1 |
| 21 | Assam | 32 | 0 | 1 |
| 22 | Jharkhand | 27 | 0 | 2 |
| 23 | Chandigarh | 21 | 7 | 0 |
| 24 | Ladakh | 17 | 10 | 0 |
| 25 | Andaman & Nicobar | 11 | 10 | 0 |
| 26 | Goa | 7 | 5 | 0 |
| 27 | Puducherry | 7 | 1 | 0 |
| 28 | Manipur | 2 | 1 | 0 |
| 29 | Tripura | 2 | 0 | 0 |
| 30 | Arunachal Pradesh | 1 | 0 | 0 |
| 31 | Meghalaya | 1 | 0 | 0 |
| 32 | Mizoram | 1 | 0 | 0 |
| Total cases in India | 11439 | 1306 | 377 | |
कोविड-19 के दृष्टिगत एमडीडीए देहरादून ने मुख्यमंत्री राहत कोष हेतु 2 करोड़ 51 लाख रुपए का चेक
देहरादून: कोविड-19 के दृष्टिगत एमडीडीए देहरादून ने मुख्यमंत्री राहत कोष हेतु 2 करोड़ 51 लाख रुपए का चेक दिया है। पंचायती अखाड़ा के महंत निरंजन गिरी ने 26 लाख रुपए का चेक दिया है। मनसा देवी ट्रस्ट ने भी 25 लाख रुपए का चेक मुख्यमंत्री राहत कोष हेतु दिया है। नगर आयुक्त रुड़की सुश्री नूपुर वर्मा ने नगर निगम रुड़की की ओर से 21 लाख रुपए तथा नगर निगम रुड़की के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के वेतन से मुख्यमंत्री राहत कोष हेतु 2 लाख रुपए का चेक दिया है। मोहकमपुर निवासी मनमोहन रावत ने भी कोविड-19 के दृष्टिगत मुख्यमंत्री राहत कोष हेतु 2 लाख 51 हजार रुपए का चेक दिया है।
झबरेड़ा विधायक देशराज कर्णवाल ने भीमराव अंबेडकर जी की जयंती के अवसर पर 1 लाख रुपए का चेक मुख्यमंत्री राहत कोष हेतु दिया है। कैप्टन (रिटा.) जंग बहादुर कार्की ने 51 हजार, ड्रग कंट्रोलर ताजवर सिंह ने 25 हजार एवं सत्या स्वीट शॉप भानियावाला ने 11 हजार रुपए कोविड-19 के दृष्टिगत मुख्यमंत्री राहत कोष हेतु दिए हैं। जंग बहादुर कार्की ने 51 हजार रूपए का चेक पीएम केयर्स फंड के लिए भी दिए हैं। इस अवसर पर शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक, उपाध्यक्ष भी एमडीडीए आशीष श्रीवास्तव, सचिव एमडीडीए गिरीश गुणवंत, सुंदरलाल सेमवाल, एमडीडीए कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सूर्य प्रकाश राणाकोटी आदि उपस्थित थे।












