पौड़ी। अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर विकास भवन सभागार में आयोजित ‘पीढ़ियों का कारवाँ’ कार्यक्रम में जनपद के वरिष्ठ नागरिक आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले वरिष्ठजनों का सम्मान किया गया तथा उन्होंने अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए युवा पीढ़ी को संस्कार, संस्कृति और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का संदेश दिया।
कार्यक्रम में वरिष्ठ नागरिक गणेश सिंह गरीब, हरिश्चंद्र मुंडेपी, गणेश वीरान, विमल बहुगुणा, केसर सिंह असवाल सहित अन्य वरिष्ठजनों ने अपने लंबे जीवन के अनुभवों को साझा किया। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता का आधार मेहनत, ईमानदारी, अनुशासन और सामाजिक सरोकार हैं। बदलते समय के साथ आधुनिकता को अपनाना आवश्यक है, लेकिन अपनी संस्कृति, परंपराओं और मातृभाषा से जुड़ाव बनाए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
वरिष्ठजनों ने अपने संबोधन के साथ-साथ गीतों के माध्यम से भी उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपनी लोक संस्कृति, लोकभाषा और पारिवारिक मूल्यों को संजोकर रखें तथा बुजुर्गों के अनुभवों का सम्मान करते हुए उनसे निरंतर सीखने का प्रयास करें।
कार्यक्रम में मौजूद बच्चों और युवाओं ने भी वरिष्ठ नागरिकों के विचारों को गंभीरता से सुना। वक्ताओं ने कहा कि बुजुर्ग केवल परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे समाज की अमूल्य धरोहर हैं और उनके अनुभव आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक साबित हो सकते हैं।
इस अवसर पर वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने कहा कि समाज में बुजुर्गों का सम्मान केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। नई पीढ़ी यदि वरिष्ठजनों के अनुभवों और आदर्शों को अपनाएगी तो मजबूत और संस्कारवान समाज का निर्माण संभव होगा।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, विभिन्न विभागों के अधिकारियों, वरिष्ठ नागरिकों, बच्चों तथा बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने भाग लिया।













