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कोटद्वार में रोजगार मेला, 10 वीं पास से लेकर स्नातक तक के लिए नौकरी के अवसर, 30 से अधिक कंपनियां लेंगी हिस्सा

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Employment fair in Kotdwar

पौड़ी : पौड़ी जनपद के कोटद्वार शहर में आगामी 10 अप्रैल को रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा। मेले में 30 से अधिक कंपनियों द्वारा हिस्सा लिया जाएगा। क्षेत्रीय सेवायोजन अधिकारी ममता चौहान नेगी ने बताया कि विधानसभा अध्यक्ष एवं कोटद्वार विधायक ऋतु खंडूड़ी के निर्देशन पर 10 अप्रैल को कोटद्वार के एसजीआरआर पब्लिक स्कूल कोटद्वार में रोजगार मेला आयोजित किया जाएगा।

उन्होंने मीडिया को बताया कि मेले में हेल्थ, मार्केटिंग, फार्मा, बीपीओ सैक्टर, विनिर्माण, होटल आदि सेक्टरों के औद्योगित संस्थान हिस्सा लेंगे। रोजगार मेले में हाईस्कूल, इंटर, स्नातक, फार्मा, होटल प्रबंधन, आईटीआई, बीटेक आदि योग्यताधारक व 108 सेवा के लिए वाहन चालक के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।

देश में 24 घंटे में कोरोना के रिकॉर्ड मामले: बढ़ते मामलों के बीच सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, CJI ने वकीलों को दी ये बड़ी छूट

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cji supreme dy chandrachud court

नई दिल्ली: देश में कोरोना के मामले फिर तेजी से बढ़ने लगे हैं। आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटे में देश में रिकॉर्ड 4,435 लोग संक्रमित पाए गए। जोकि पिछले 163 दिन के आंकड़ों में सबसे अधिक है। इसी के साथ देश में एक्टिव केस की संख्या 23 हजार 91 पहुंच गई है। इसबीच कोरोना से होने वाली मौतें भी बढ़ गईं हैं। पिछले 24 घंटे के अंदर 15 लोगों ने जान गंवा दी। इनमें चार-चार केरल और महाराष्ट्र में मौतें हुईं। छत्तीसगढ़, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, पुडुचेरी और राजस्थान में एक-एक कोरोना संक्रमित ने जान गंवा दी। अगर शुरुआत से बात करें तो अब तक देशभर में कोरोना संक्रमण के चलते कुल पांच लाख 30 हजार 916 मौतें हो चुकी हैं।

कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ने वकीलों को बड़ी छूट दे दी। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने अधिवक्ताओं को कोर्ट में वर्चुअली पेश होने की अनुमति दे दी है।  CJI ने कहा, ‘अखबारों की रिपोर्ट बताती है कि कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं। ऐसे में अगर वकील अदालत के सामने वर्चुअली रूप से पेश होना चाहते हैं तो वे ऐसा कर सकते हैं। वे हाईब्रिड मोड में भी काम कर सकते हैं।’

यही नहीं पिछले चार दिन के अंदर ही मौत की रफ्तार 200 प्रतिशत बढ़ गई। इस बीच 40 लोगों ने जान गंवाई। एक अप्रैल को पांच लोगों की मौत हुई थी। दो अप्रैल को 11, तीन अप्रैल को नौ और चार अप्रैल को 14 लोगों ने जान गंवा दी।

गणतंत्र दिवस परेड में प्रथम स्थान पर रही उत्तराखंड की मानसखंड झांकी प्रदेश भर में ब्लॉक स्तर पर दिखाई जाएगी, सीएम धामी ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

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Manaskhand tableau will be shown at the block level across the state

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास से गणतंत्र दिवस परेड-2023 में प्रथम स्थान पर रही उत्तराखण्ड राज्य की झांकी ‘मानसखण्ड’ को प्रदेश के जनपदों/ब्लॉक मुख्यालयों तथा मुख्य स्थानों पर प्रदर्शन हेतु फलैग ऑफ किया।  गणतंत्र दिवस परेड-2023 में विभिन्न राज्यों व भारत सरकार के मंत्रालयों की 27 झांकियों में उत्तराखण्ड की मानसखण्ड झांकी को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। कर्त्तव्य पथ पर पहली परेड में उत्तराखण्ड को प्रथम स्थान मिलना एक बड़ी उपलब्धि है।

उत्तराखण्ड गठन से अब तक पहली बार राज्य की झांकी को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। मानसखण्ड झांकी में जागेश्वर मंदिर, कार्बेट नेशनल पार्क, ऐपण आर्ट, योग तथा वनों का समावेश किया गया था। इस उपलब्धि से उत्तराखण्ड की धार्मिक, सांस्कृतिक धरोहर, कला एवं संस्कृति का प्रचार-प्रसार पूरे विश्व में हुआ। 05 अप्रैल, 2023 से 18 मई 2023 तक प्रदेश के ब्लॉक मुख्यालयों एवं मुख्य शहरों में झांकी का प्रदर्शन जनमानस के सम्मुख किया जाएगा। मानसखण्ड झांकी के संबंध में 02 मिनट की वीडियो भी तैयार की गई है। इस शॉर्ट फिल्म का एलईडी के माध्यम से जन सामान्य हेतु प्रसारण किया जाएगा। समस्त जनपद मुख्यालयों पर जिलाधिकारी के सहयोग से स्थानीय विधायक की उपस्थिति में झांकी से सम्बन्धित कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा ।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह हमारे लिए अत्यन्त गौरव का विषय है कि उत्तराखण्ड स्थापना के 22 वर्ष के इतिहास में पहली बार हमारे राज्य की झांकी को देश के कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस की ऐतिहासिक परेड के अवसर पर पहला स्थान प्राप्त हुआ है। यह सभी उत्तराखण्डवासियों की सांझी उपलब्धि है। सभी उत्तराखण्डवासियों व इस झांकी में प्रतिभाग करने वाले कलाकारों तथा झांकी के निर्माण व प्रस्तुतिकरण से जुड़े लोगों को विशेष बधाई एवं शुभकामनाएँ। मानसखण्ड झांकी में राज्य के प्रमुख धाम जागेश्वर धाम, उत्तराखण्ड की संस्कृति, कला को दर्शाया गया है। मानसखण्ड झांकी उत्तराखण्ड के सभी ब्लॉक मुख्यालयों व मुख्य शहरों में 05 अप्रैल से लेकर 18 मई तक भ्रमण पर रहेगी। इससे राज्य के सभी जगहों के लोग विशेषकर बच्चे इस झांकी से अवगत हो पाएंगे। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार द्वारा मानसखण्ड मंदिर माला मिशन पर मिशन मोड पर कार्य किया जा रहा है। राज्य सरकार उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक व धार्मिक धरोहरों के पुर्नउद्धार के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, अपर निदेशक सूचना आशीष त्रिपाठी, झांकी लीडर केएस चौहान, आचार्य मनमोहन लोहनी उपस्थित थे।

कांग्रेस के पूर्व नेता गुलाम नबी आजाद आज आत्मकथा ‘आजाद’ करेंगे लॉन्च, पुस्तक में 55 सालों का राजनीतिक अनुभव,अपने ही साथी जयराम रमेश और सलमान खुर्शीद पर उठाए सवाल

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कांग्रेस के पूर्व वरिष्ठ नेता और डेमोक्रेटिक आजाद पार्टी के अध्यक्ष गुलाम नबी आजाद राजधानी दिल्ली में अपनी आत्मकथा ‘आजाद’ लॉन्च करने जा रहे हैं। ‌कांग्रेस नेता डॉ कर्ण सिंह इस पुस्तक का विमोचन करेंगे। पूर्व कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने इस पुस्तक में अपने 55 सालों के राजनीतिक अनुभवों का जिक्र किया है। अपनी किताब के विमोचन से एक दिन पहले मंगलवार को गुलाम नबी ने कांग्रेस नेताओं पर तीखा बयान दिया था। उन्होंने राजनीतिक और वैचारिक संघर्ष को लेकर जयराम रमेश और सलमान खुर्शीद जैसे वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

इसके अलावा आजाद ने पीएम मोदी की भी तारीफ की। आजाद ने कहा- मैंने प्रधानमंत्री के साथ क्या किया, और उन्होंने मेरे साथ कैसा व्यवहार किया। इसका श्रेय मोदी को दिया जाना चाहिए। वे बड़े त्यागी हैं। गुलाम नबी आजाद ने पीएम मोदी को उदार बताते हुए कहा कि विपक्ष के नेता के तौर पर मैंने उनका कई बार विरोध किया। मैंने उन्हें धारा 370, सीएए और हिजाब के मुद्दे पर भी नहीं बख्शा। लेकिन मोदी ने कभी भी बदले की भावना नहीं रखी। वो हमेशा एक नर्म दिल वाले राजनेता की तरह पेश आए।

आजाद ने अगस्त 2022 में कांग्रेस से इस्तीफा देते हुए कहा था कि भारत जोड़ो यात्रा की जगह कांग्रेस जोड़ो यात्रा निकालनी चाहिए। आत्मकथा में आजाद ने लिखा है- गृह मंत्री अमित शाह ने जिस वक्त जम्मू-कश्मीर से 370 हटाने का एलान किया, मैंने अपना ईयर फोन फेंका और विरोध के लिए वेल में जाकर धरने पर बैठ गया। विपक्ष के नेताओं को भी मैंने वहां बुलाया, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि जयराम रमेश अकेले अपनी सीट पर बैठे रहे और धरने में शामिल ही नहीं हुए। तब वो राज्यसभा में पार्टी के चीफ व्हिप थे।

आजाद ने किताब में सलमान खुर्शीद को पर भी निशाना साधा है। आजाद के मुताबिक, सलमान ने जी-23 में उनके रोल पर सवाल उठाए थे। खुर्शीद और कुछ दूसरे नेताओं ने उन्हें एक मकसद के लिए एकजुट हुए बागी करार दिया था। कुछ लोग तो कांग्रेस में ऐसे हैं जिन्होंने अपने पद का नाजायज फायदा उठाया और बदले में पार्टी को कुछ नहीं दिया। ये लोग अपनी मौजूदगी सिर्फ ट्विटर पर दर्ज कराते रहे।

UKPSC ने JE परीक्षा के बाद अब AE की परीक्षा भी की रद्द, 9 नकलचियों की हुई पुष्टि

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UKPSC AE Exam Cancelled

UKPSC AE Exam Cancelled:  उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने उत्तराखंड जूनियर अभियंता (JE) के बाद अब ने उत्तराखंड सहायक अभियंता (AE) की भर्ती परीक्षा भी रद्द कर दी है। अब तक आयोग की ओर से इस परीक्षा समेत तीन परीक्षा रद्द हो चुकी है। इस परीक्षा में हरिद्वार पुलिस ने 9 नकलचियों की पुष्टि की है। इसके बाद आयोग ने मंगलवार को परीक्षा रद्द कर दी।

उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित उत्तराखंड संयुक्त राज्य इंजीनियरिंग सेवा परीक्षा 2021 में नकल का मामला सामने आया था। मामले की जांच करने पर 9 अभ्यर्थियों के खिलाफ नकल करने के साक्ष्य मिले। जिसके बाद आयोग ने उत्तराखंड संयुक्त राज्य कनिष्ठ अभियंता सेवा परीक्षा 2021 में नकल करने वाले 9 अभ्यर्थियों को 5 साल तक परीक्षा देने पर रोक लगाई है। साथ ही उत्तराखंड संयुक्त राज्य इंजीनियरिंग सेवा परीक्षा 2021 को रद्द कर दिया गया है।

इस भर्ती से आवास विभाग में AE के 15, ग्रामीण निर्माण विभाग में 25, सिंचाई विभाग में 47, लघु सिंचाई विभाग के आठ, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के 21, ऊर्जा विभाग के दो और लोक निर्माण विभाग के 43 पदों पर भर्ती की जानी थी।

उत्तराखंड लोक सेवा आयोग के सचिव गिरधारी सिंह रावत के मुताबिक, हरिद्वार एसएसपी एसएसपी अजय सिंह की ओर से आयोग कार्यालय को एक सूची उपलब्ध कराई गई है। जिसके बाद सूची में शामिल सभी अभ्यर्थियों को आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। यह भी निर्णय लिया गया कि इन सभी अभ्यर्थियों को अगले 5 सालों तक आयोजित होने वाली सभी प्रतियोगी परीक्षाओं से वंचित रखा जाएगा। ऐसे में ये 9 नकलची अब किसी भी परीक्षा में नहीं बैठ पाएंगे।

आयोग की ओर से परीक्षा का नवीन विज्ञापन जल्द ही प्रकाशित किया जाएगा। आयोग की यह परीक्षा 13, 14, 16, 17 और 18 अगस्त को आयोजित की जाएगी। उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की पेपर लीक व नकल के कारण अब तक कई भर्ती परीक्षाएं निरस्त की जा चुकी हैं। जिसमें जेई, लेखपाल परीक्षा, पीसीएस मुख्य परीक्षा, वन आरक्षी और सहायक लेखाकार परीक्षा शामिल है।

ड्रैगन की शर्मनाक हरकत : चीन ने अरुणाचल प्रदेश के 11 जगहों के नाम बदले, भारत सरकार ने दिया करारा जवाब

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China-Change-Name-in-Arunachal

China Name Change Arunachal: चीन ने एक बार फिर से भारत के आंतरिक मामले में दखलंदाजी की है। ड्रैगन ने अरुणाचल प्रदेश की 11 जगहों का नाम बदला है। चीन के नागरिक मामलों के मंत्रालय की ओर से यह नाम बदले गए हैं। नाम बदलने की यह तीसरी घटना है। चीन ने अरुणाचल से जुड़ी जगहों का नाम अपने नक्शे में बदला है। चीन की इस हरकत के बाद भारत सरकार ने मुंह तोड़ जवाब दिया है।

भारत ने कहा कि नाम बदलने से हकीकत नहीं बदल जाएगी। अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न अंग था और आगे भी रहेगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब चीन ने इस तरह की कोशिश की हो, चीन पहले भी ऐसा कर चुका है, हम चीन के इस कदम को सिरे से खारिज करते हैं। उन्होंने कहा कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न अंग है। उन्होंने कहा कि चीन भले ही अरुणाचल की जगहों का नाम बदले, लेकिन इससे हकीकत नहीं बदली जा सकती है।

बता दें कि रविवार को चीनी मंत्रालय ने अरुणाचल प्रदेश के 11 स्थानों की सूची जारी की थी। इसमें को-ओर्डिनेट्स के साथ जगहों के नाम बताए गए हैं। चीनी सरकार ने सूची में दो जमीनी क्षेत्र, दो आवासीय क्षेत्र, पांच पहाड़ी चोटियां और दो नदियों के नाम दिए हैं। ऐसा पहली बार नहीं है कि चीन ने भारतीय क्षेत्र का नामकरण अपने हिसाब से किया हो। पहले भी दो बार वो ऐसी गुस्ताखी कर चुका है।

द ग्लोबल टाइम्स रिपोर्ट के मुताबिक ऐसा तीसरी बार किया गया है। 2017 में छह और 2021 में 15 स्थानों का नाम बदला गया था। नई दिल्ली हर बार चीन की इस करतूत पर उसे जवाब देता रहा है। 2017 में दलाई लामा के अरुणाचल प्रदेश दौरे से भारत के खिलाफ चीन बौखलाया हुआ था और दलाई लामा के दौरे के बाद चीन ने पहली लिस्ट जारी की थी। दिसंबर, 2021 में चीन ने जब दूसरी बार ऐसा किया था तब भी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा था- ‘यह पहली बार नहीं है जब चीनी सरकार ने अरुणाचल प्रदेश का नाम बदलने की कोशिश की है। अरुणाचल प्रदेश भारत का है और हमेशा भारत का रहेगा।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मिले मुख्यमंत्री धामी, सौंग बांध पेयजल परियोजना के लिए मांगे 1774 करोड़

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नई दिल्ली: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण से शिष्टाचार भेंट की। भेंट के दौरान मुख्यमंत्री ने केंद्रीय वित्त मंत्री से सौंग बांध पेयजल परियोजना हेतु 1774 करोड की धनराशि का वित्त पोषण भारत सरकार के पूंजीगत व्यय हेतु विशेष सहायता के अन्तर्गत कराने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से देहरादून की पेयजल समस्या का समाधान हो जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि  देहरादून नगर एवं इसके उपनगरीय क्षेत्रों में पेयजल की व्यवस्था मुख्य रूप से नलकूप के द्वारा की जा रही है, जिसके फलस्वरूप भूजल स्तर में लगातार गिरावट हो रही है। देहरादून की बढ़ती हुई आबादी के कारण पेयजल की मांग निरन्तर तेजी से बढ़ती जा रही है, जिसके कारण वर्तमान पेयजल आपूर्ति व्यवस्था भविष्य की पेयजल मांग को पूर्ण करने में सक्षम नहीं होगी। इस समस्या के दृष्टिगत व भविष्य में सतत पेयजल की सुविधा प्रदान करने हेतु गंगा नदी की सहायक नदी सौग नदी पर सौंग बांध पेयजल परियोजना’ प्रस्तावित है प्रस्तावित परियोजना की कुल लागत 2021 करोड़ रुपये है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजना के निर्माण से 150 एम.एल.डी. पेयजल ‘गुरुत्व’ के माध्यम से देहरादून नगर व इसके उपनगरीय क्षेत्रों के लगभग 10 लाख आबादी को पेयजल उपलब्ध होगा। परियोजना के निर्माण उपरान्त पेयजल व्यवस्था की नलकूपों पर निर्भरता लगभग समाप्त हो जाएगी, जिससे भूजल दोहन में भारी कमी आएगी जिसके फलस्वरूप भू जल स्तर में बढोत्तरी होगी ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन में कमी आयेगी एवं भविष्य में नए नलकूपों एवं उन पर होने वाले संचालन व रखरखाव सम्बन्धी व्यय में भी भारी कमी आएगी। इसके अतिरिक्त परियोजना के निर्माण से झील का निर्माण होगा जो कि क्षेत्र में पर्यटन को बढावा देगा, जिससे रोजगार सृजन होगा एवं स्थानीय नागरिकों के आय में वृद्धि होगी। झील निर्माण से पर्यावरण को भी लाभ होगा। इस परियोजना का एक अन्य मुख्य लाभ बाद नियंत्रण है, परियोजना के निर्माण के फलस्वरूप

देहरादून जनपद के 10 ग्रामों की लगभग 15000 आबादी को सौंग नदी में प्रतिवर्ष आने वाली बाढ से सुरक्षा प्रदान होगी। परियोजना देहरादून नगर के जलापूर्ति हेतु अत्यन्त महत्वपूर्ण है परियोजना से सम्बन्धित सभी आवश्यक तकनीकी वन भूमि हस्तान्तरण स्टेज-1 एवं अन्य आवश्यक स्वीकृतियाँ सम्बन्धित विभागों / मंत्रालयों प्राप्त की जा चुकी है। परियोजना से प्रभावित होने वाले कुटुम्बों के पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन हेतु व्ययभार (रू. 247 करोड़) राज्य सरकार द्वारा वहन किया जायेगा।

सिक्किम के गंगटोक में हिमस्खलन होने से 7 टूरिस्टों की मौत और 11 घायल, कई लोग दबे, रेस्क्यू जारी

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avalanch in Sikkim Gangtok

सिक्किम के गंगटोक में मंगलवार को हिमस्खलन की चपेट में आकर 7 लोगों की मौत हो गई। 11 घायल हुए हैं। अधिकारियों के मुताबिक कई लोग घायल भी बताए जा रहे हैं। घटना के तुरंत मौके पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। तकरीबन 350 लोगों को घटनास्थल से सुरक्षित निकाल लिया गया है।

मरने वालों में चार पुरुष, एक महिला और एक बच्चा बताया जा रहा है। हिमस्खलन मंगलवार की दोपहर तकरीबन साढ़े 12 बजे हुआ। अभी तक मिली जानकारी के मुताबिक यह हादसा गंगटोक और नाथुला दर्रे को कनेक्ट करने वाले जवाहरलाल नेहरू रूट पर हुआ। हिमस्खलन के बाद बर्फ में और भी लोगों के दबे होने की आशंका जताई गई है।

नाथुला दर्रा चीन की सीमा पर स्थित है। प्राकृतिक सुंदरता के कारण पर्यटकों के लिए आकर्षक जगह है। गंगटोक को नाथुला से जोड़ने वाले जवाहरलाल नेहरू मार्ग पर 14वें मील पर बचाव अभियान जारी है। बर्फ में फंसे 22 पर्यटकों को रेस्क्यू कर लिया गया है। सड़क से बर्फ हटाने के बाद 350 फंसे पर्यटकों और 80 वाहनों को भी बचा लिया गया है।

चेकपोस्ट के महानिरीक्षक सोनम तेनजिंग भूटिया ने बताया कि पास केवल 13वें मील के लिए जारी किए जाते हैं, लेकिन पर्यटक बिना अनुमति के 15वें मील की ओर जा रहे हैं। ये घटना 15वें मील में हुई। फिलहाल सिक्किम पुलिस, सिक्किम के ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन, पर्यटन विभाग के अधिकारियों और वाहन चालकों की ओर से बचाव अभियान चलाया जा रहा है।

 

उत्तराखंड में शिक्षकों के रिक्त पद जल्द भरे जाएंगे, बेसिक व माध्यमिक विद्यालयों में दुरूस्त होगी ढ़ांचागत व्यवस्था : डॉ. धन सिंह रावत

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देहरादून : विद्यालयी शिक्षा विभाग के अंतर्गत प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा में लम्बे समय से रिक्त शिक्षकों के पदों को शीघ्र भरा जायेगा, इसके लिये विभागीय अधिकारियों को दो टूक निर्देश दे दिये गये हैं। इसके अलावा प्रदेशभर के विद्यालयों में ढ़ांचागत व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये गये। साथ ही कलस्टर स्कूलों के मानक निर्धारण के लिये भी अधिकारियों को कहा गया।

सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज यमुना कालोनी स्थित शासकीय आवास पर विद्यालयी शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने अधिकारियों को प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में लम्बे समय से रिक्त चल रहे शिक्षकों के पदों को सीधी भर्ती के माध्यम से भरे जाने की प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिये।

उन्होंने कहा कि शिक्षकों के रिक्त पदों पर भर्ती के लिये आयोग को तत्काल अधियाचन भेजा जाय ताकि विभाग को समय पर नये शिक्षक उपलब्ध हो सके और स्कूलों में पठन-पाठन सुचारू हो सके। विभागीय मंत्री ने कहा कि शिक्षा में गुणावत्ता लाने के उद्देश्य से प्रदेश में कलस्टर मॉडल स्कूल बनाये जाने हैं, इन स्कूलों के मानक निर्धारण के लिये विभागीय अधिकारियों को निर्देश दे दिये गये हैं, साथ ही उन्हें शासन को जल्द रिपोर्ट उपलब्ध कराने को भी कहा गया है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में प्राथमिक, जूनियर, हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट विद्यालयों को एक साथ जोड़कर कलस्टर स्कूल स्थापित किये जायेंगे। इससे विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर होगी साथ ही विद्यालयों को साधन सम्पन्न बनाने में भी आसानी होगी। डा. रावत ने कहा कि प्रदेश के विद्यालयों में ढ़ांचागत सुविधाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये गये हैं। स्कूलों के नवीन एवं जीर्ण-शीर्ण भवनों के निर्माण को जनपदवार शीघ्र प्रस्ताव तैयार कर शासन को उपलब्ध कराने को कहा गया है।

बैठक में महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा बंशीधर तिवारी, निदेशक माध्यमिक शिक्षा सीमा जौनसारी, निदेशक बेसिक शिक्षा वन्दना गर्ब्याल सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

बागेश्वर धाम के बाबा आचार्य धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ मुंबई में FIR दर्ज, जानिए क्या है मामला?

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FIR lodged against Baba Acharya Dhirendra Shastri of Bageshwar Dham

मध्यप्रदेश के बागेश्वर धाम के बाबा धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ मुंबई में एफआईआर दर्ज की गई है। धीरेंद्र शास्त्री ने पिछले दिनों शिरडी के साईं बाबा पर विवादित बयान दिया था। शास्त्री के इस बयान को लेकर मुंबई के बांद्रा पुलिस में शिकायत की गई थी। शिवसेना (उद्धव गुट) युवा सेना के नेता और शिरडी साईं संस्थान के पूर्व ट्रस्टी राहुल कनाल ने आचार्य धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाया था।

बता दें कि मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में 25 से 31 मार्च तक एक सभा आयोजित की गई थी। इस दौरान प्रबुद्ध जनों से चर्चा करते हुए उन्होंने साईं बाबा को लेकर कई बातें कही थी। उन्होंने कहा कि हमारे सर्वोच्च गुरु शंकराचार्य ने कभी भी साईं बाबा को देवता का स्थान नहीं दिया था। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य हिंदू धर्म के प्रधानमंत्री हैं, इसलिए हर सनातनी को उनकी बात मानना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा था कि गीदड़ की खाल पहनकर कोई शेर नहीं हो सकता।

इस दौरान उन्होंने साईं बाबा को भगवान मानने से इनकार किया था। उन्होंने कहा कि साईं बाबा कोई भगवान नहीं हैं। वे संत और फकीर हो सकते हैं, लेकिन भगवान नहीं हो सकते। धीरेंद्र शास्त्री बागेश्वर धाम मंदिर के मुख्य पुजारी हैं। यह मंदिर मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के गढ़ा गांव में स्थित है। 26 वर्षीय धर्मगुरु लंबे समय से मीडिया और राजनीति के केंद्र में बने हुए हैं। उन्होंने भारत को एक हिंदू राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया हुआ है।

धीरेंद्र शास्त्री की भागवत कथा में लाखों की भीड़ पहुंचती है। इसके अलावा वह अपने गांव गढ़ा में बालाजी मंदिर में हर मंगलवार और शनिवार को एक बैठक करते हैं। इसे दिव्य अदालत कहा जाने लगा है। कोई उन्हें चमत्कारी संत बताता है तो कोई कहता है कि वह अंधविश्वास को बढ़ा रहे हैं।