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सीएम धामी ने जोशीमठ प्रभावित क्षेत्र के लिए राहत सामग्री के वाहनों का किया फ्लैग ऑफ

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देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय से जोशीमठ के प्रभावित क्षेत्र के लिए राहत सामग्री के वाहनों का फ्लैग ऑफ किया। यह राहत सामग्री  एचडीएफसी बैंक के CSR कार्यक्रम के अंतर्गत दी गई है।

मानव सेवा समाज संस्था द्वारा प्रभावितों  को जोशीमठ में यह राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। जोशीमठ में प्रभावितों को 1500 गरम पानी के बैग, 01 हजार कंबल, 8 सोलर चलित गीजर, 01 हजार एमरजेंसी सोलर चार्ज लाईट, 20 हजार सैनेट्री पैड, 260 अंगीठी एवं 460 रूम हीटर एचडीएफसी बैंक द्वारा उपलब्ध कराए गए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जोशीमठ के प्रभावितों के लिए दिए गए इस सहयोग के लिए एचडीएफसी बैंक एवं मानव सेवा समाज संस्था का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा की जोशीमठ के प्रभावितों को पुनर्वास एवं सारी व्यवस्थाएं व्यवस्थित तरीके से हो, इसके लिए सरकार कार्य कर रही है। सरकार के सहयोग के लिए संस्थाएं भी आगे आ रही हैं। प्रधानमंत्री जी ने जोशीमठ प्रभावित क्षेत्र के लिए समीक्षाएं की हैं, केंद्र सरकार की ओर से राज्य को हर संभव सहयोग का आश्वासन मिला है। इस बार के बजट में जोशीमठ के प्रभावित क्षेत्र के लिए एक हजार करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है।

इस अवसर पर एचडीएफसी बैंक के सर्कल हेड बकुल सिक्का, गौरव जैन, विवेक ग्रोवर, मानव सेवा समाज संस्था से आशीष गिरी, जितेंद्र मुदलियार, श्याम  सुंदर एवं सुउमा मौजूद थे।

उत्तराखंड चार धाम यात्रा 2023 : 22 अप्रैल को खुलेंगे यमुनोत्री धाम के कपाट, अब तक साढ़े छ: लाख श्रद्दालु करवा चुके हैं पंजीकरण

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  • अक्षय तृतीया 22 अप्रैल को दिन 12 बजकर 41 मिनट पर खुलेंगे श्री यमुनोत्री धाम के कपाट।
  • श्री यमुनोत्री मंदिर समिति ने पंचाग गणना पश्चात विधिवत घोषणा की।
  • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश के तहत चारधाम यात्रा तैयारियों में जुटे संबंधित विभाग।
  • पर्यटन- धर्मस्व मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि चारधाम यात्रा हेतु श्रद्धालुओं में उत्साह चारधाम यात्रा पंजीकरण साढ़े छ: लाख के निकट।
  • चारधाम यात्रा प्रशासन संगठन ने चारधाम यात्रा तैयारियों हेतु  जिलाधिकारियों को निर्देश दिये यात्रा तैयारियों की मानिटरिंग।

Chardham yatra News27 मार्च। श्री यमुनोत्री धाम के कपाट अक्षय तृतीया  शनिवार 22 अप्रैल को दिन में 12 बजकर 41  मिनट पर  कर्क लग्न,  अभिजीत मुहूर्त,कृतिका नक्षत्र में खुलेंगे। आज सोमवार को यमुना जयंती चैत्र नवरात्रि के शुभ अवसर पर  मां यमुना के शीतकालीन प्रवास खुशीमठ ( खरसाली) में मंदिर समिति यमनोत्री द्वारा मां यमुना की पूजा अर्चना के पश्चात विधि विधान पंचाग गणना के पश्चात  विद्वान आचार्यों- तीर्थपुरोहितों द्वारा श्री यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने की तिथि तथा समय तय किया गया। तथा श्री यमुनोत्री मंदिर समिति के सचिव सुरेश उनियाल ने मंदिर समिति पदाधिकारियों तथा तीर्थ पुरोहितों की उपस्थिति  कपाट खुलने की तिथि  समय की विधिवत घोषणा की।

मंदिर समिति के पूर्व सचिव कीर्तेश्वर उनियाल ने  बताया कि इस अवसर पर  मां यमुना जी की उत्सव डोली के धाम प्रस्थान का भी कार्यक्रम तय हुआ।  शनिवार 22 अप्रैल को  मां यमुना की उत्सव डोली, मां यमुना जी के भाई श्री सोमेश्वर देवता  जी के साथ समारोह पूर्वक सेना के बेंड  के साथ खुशीमठ  से प्रात: 8 बजकर 25 मिनट पर प्रस्थान  यमुनोत्री मंदिर परिसर में पहुंचेगी। अक्षय तृतीया  22 अप्रैल को दिन में 12 बजकर  41 मिनट पर श्री यमुनोत्री मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले जायेंगे।

कपाट खुलने की तिथि तय होने के अवसर पर  शीतकालीन रावल ब्रह्मानंद उनियाल,मंदिर समिति  सचिव सुरेश सेमवाल, उपाध्यक्ष राजस्वरूप उनियाल, श्री यमुनोत्री महासभा अध्यक्ष पुरूषोत्तम उनियाल, यमुनोत्री मंदिर समिति के पूर्व सचिव कृतेश्वर उनियाल,    आदि उपस्थित रहे।

यहां यह उल्लेखनीय है कि मां यमुना  के कपाट भी अक्षय तृतीया के दिन खुलते है। वही श्री बदरीनाथ धाम के कपाट 27 अप्रैल प्रात: 7 बजकर 10 मिनट तथा श्री केदारनाथ धाम के कपाट 25 अप्रैल प्रात: 6 बजकर 20 मिनट पर तथा श्री गंगोत्री धाम के कपाट  अक्षय तृतीया 22 अप्रैल   दिन में 12 बजकर 35 मिनट पर श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ  खुलेंगे।

प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी चारधाम यात्रा तैयारियों को पूरा करने हेतु 15 अप्रैल तक पूरा करने के निर्देश दे चुके हैं। पर्यटन- धर्मस्व मंत्री सतपाल महाराज ने  कहा कि चारधाम यात्रा हेतु श्रद्धालुओं में उत्साह है अभी तक चारों धामों हेतु पंजीकरण की संख्या  छ: लाख चौंतीस हजार से अधिक पहुंच गयी है।

इसी संदर्भ में चारधाम यात्रा प्रशासन संगठन के विशेष कार्याधिकारी / अपर आयुक्त गढ़वाल नरेन्द्र सिंह क्वीरियाल ने बताया कि शासन के दिशा-निर्देशों के तहत चारों धामों में सभी विभागों को यात्रा संबंधित तैयारियां तथा कार्य को 15 अप्रैल तक पूरा किये जाने हेतु गढवाल कमिश्नर/ अध्यक्ष यात्रा प्रशासन संगठन सुशील कुमार  द्वारा जिलाधिकारी चमोली , रूद्रप्रयाग तथा उत्तरकाशी  तथा  सभी जिलाधिकारियों को आदेश  दिये हैं। लगातार बैठकों तथा वीडियो कांफ्रेंसिंग के द्वारा

लगातार यात्रा तैयारियों की मानंटरिंग की जा रही है। बदरीनाथ,  केदारनाथ,गंगोत्री, यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्गों सहित बिद्युत, पेयजल, संचार, चिकित्सा,आवास सुविधाओं को  समय बद्ध ढ़ग से व्यवस्थित किया  जा रहा है।  प्रशासन रूद्रप्रयाग द्वारा केदारनाथ में पैदल मार्ग से बर्फ हटाने का कार्य अंतिम चरण में है।

यात्रा प्रशासन संगठन के वैयक्तिक सहायक अरविंद कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि शासन के दिशा-निर्देश पर ऋषिकेश में चारधाम यात्रा ट्रांजिट केंप में  चारधाम यात्रा से पहले आवश्यक यात्री सुविथायें जुटायी जा रही है।

 

दिल्ली में सड़क से संसद तक कांग्रेस का ब्लैक प्रोटेस्ट, सोनिया गांधी और खड़गे ने काले कपड़े पहन कर किया विरोध

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CONGRESS Black Protest in Delhi

राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता रद किए जाने के बाद आज राजधानी दिल्ली में कांग्रेस ने काले कपड़े (ब्लैक प्रोटेस्ट) पहन कर अलग अंदाज में केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। कांग्रेस के इस विरोध प्रदर्शन में विपक्ष एकजुट नजर आया। इसमें 17 विपक्षी दल शामिल हुए। सोनिया गांधी भी काले कपड़े पहनकर संसद पहुंची। उधर, लोकसभा में विपक्षी सांसदों ने भारी हंगामा किया। एक सांसद तो लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला के आसन तक पहुंच गया और काला कपड़ा लहराने लगा। यह देख स्पीकर सभा को स्थगित कर चले गए।

खड़गे ने कहा, ‘हम काले कपड़ों में क्यों आए हैं? हम दिखाना चाहते हैं कि पीएम मोदी इस देश में लोकतंत्र को खत्म कर रहे हैं। पहले उन्होंने स्वायत्त संस्थाओं को खत्म किया, इसके बाद जहां-जहां जिसने चुनाव जीता, उसे डरा-धमकाकर पीएम ने अपनी सरकार बनवाई। जो लोग उनके आगे नहीं झुके, उन्हें झुकाने के लिए ईडी और सीबीआई का इस्तेमाल किया। नेता विपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोमवार सुबह 10 बजे विपक्षी दलों की बैठक बुलाई। इसमें सदस्यता रद किए जाने का विरोध करते हुए विपक्षी पार्टियों सांसद काले कपड़ों में पहुंचे। इस बैठक में टीएमसी और आप के सांसद भी मौजूद रहे।

बैठक में डीएमके, सपा, जदयू, बीआरएस, माकपा, राजद, एनसीपी, सीपीआई, टीएमसी, आप, शिवसेना समेत कई पार्टियां शामिल हुईं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोमवार को केंद्र सरकार और पीएम मोदी पर हमला बोला। उन्होंने कहा, भाजपा लोकतंत्र को खत्म कर रही है। नरेंद्र मोदी जी लोकतंत्र नहीं चाहते, इसलिए हम विरोध कर रहे हैं। हमारी संयुक्त संसदीय समिति की मांग भी नहीं मानी जा रही। हम चाहते हैं कि सत्य बाहर आए।

उन्होंने कहा, अगर प्रधानमंत्री मोदी पास ऐसा कोई जादू है कि 2.5 साल में 12 लाख करोड़ बन सकते हैं, वह हम देश के लोगों को बताएं। हम जनता, लोकतंत्र के लिए लड़ रहे हैं। जो लोग इस मुहिम का समर्थन कर रहे हैं उनका धन्यवाद करता हूं। बता दें कि रविवार को कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने राजघाट पर राहुल गांधी के संसद से डिस्क्वालिफिकेशन पर पार्टी के नेताओं के साथ सत्याग्रह किया। जिसमें प्रियंका गांधी वाड्रा, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, केसी वेणु गोपाल, कांग्रेस के पूर्व सांसद और 1984 के सिख विरोधी दंगों के आरोपी जगदीश टाइटलर भी शामिल हुए।

माफिया अतीक अहमद को कड़ी सुरक्षा के साथ साबरमती जेल से लाया जा रहा है यूपी, पूरी रात सोशल मीडिया पर बनी रही हलचल

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Mafia Atiq Ahmed

नेता और माफिया अतीक अहमद को 4 साल बाद अहमदाबाद की साबरमती जेल से प्रयागराज लाया जा रहा है। अतीक को प्रयागराज लाए जाने पर रविवार रात से चैनलों से लेकर सोशल मीडिया पर जबरदस्त हलचल बनी हुई है। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने तमाम प्रकार के मीम्स भी बनाकर शेयर किए। रविवार शाम करीब 6 बजे से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच गुजरात की साबरमती जेल से अतीक अहमद को प्रयागराज का सफर शुरू हुआ जो अभी भी जारी है।

यूपी पुलिस की टीम रविवार शाम को अतीक को लेकर साबरमती जेल से निकली थी। उसे 6 गाड़ियों के काफिले से यूपी के प्रयागराज लाया जा रहा है, जिनमें 2 वज्र वाहन भी हैं। अतीक को वज्र वाहन से ही लाया जा रहा है। अतीक को लाने वाली टीम में 45 पुलिसकर्मी हैं। सभी पुलिसकर्मियों और एसटीएफ जवानों को आधुनिक हथियार और बुलेट प्रूफ जैकेट भी दी गई है। अतीक को मंगलवार को कोर्ट में उसकी पेशी होनी है। प्रयागराज लाने के दौरान अतीक एसटीएफ की वैन में करीब 1300 किलोमीटर का रास्ता तय करेगा। सफर 22 से 24 घंटे का है। शाम करीब 4 बजे एसटीएफ अतीक अहमद को लेकर प्रयागराज पहुंचेगी ।

कई चैनलों के कैमरे भी अतीक के काफिले में पीछे पीछे चल रहे हैं। उमेश पाल के अपहरण मामले में अतीक आरोपी है। कोर्ट इस मामले में 28 मार्च को फैसला सुनाएगी। इस दौरान सभी अभियुक्तों को कोर्ट में पेश होना है। साबरमती जेल से निकलते समय अधिक में कहा- कोर्ट के कंधे पर बंदूक रखकर मुझे जान से मारना चाहते हैं। पुलिस शाम करीब 5:40 बजे अतीक को साबरमती जेल से लेकर निकली थी। शाम 8.15 बजे के बाद ये काफिला राजस्थान की सीमा में पहुंचा। वहां से उदयपुर, कोटा होते हुए शिवपुरी पहुंचा। यहां से काफिला झांसी और चित्रकूट से सीधे प्रयागराज पहुंचेगा।

बता दें कि अतीक के खिलाफ करीब 100 मामले चल रहे हैं। उसने 2006 में उमेश पाल को गन पॉइंट पर अगवा कर लिया था। उमेश ने 2007 में अतीक और उसके भाई अशरफ के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज कराया था। अतीक को जबरन वसूली और दंगा भड़काने के केस में प्रयागराज की कोर्ट में पेश होना है। अतीक का नाम उमेश पाल की हत्या में भी शामिल है। इस केस में भी उसकी गिरफ्तारी हो सकती है। अतीक को जून 2019 में साबरमती जेल शिफ्ट किया गया था। उस पर रियल एस्टेट व्यवसायी मोहित जायसवाल के अपहरण और हमले की साजिश रचने का आरोप है।

इधर अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन फरार है। पुलिस का कहना है कि उसकी कोई भी तस्वीर बगैर नकाब के मौजूद नहीं है। उसकी पहचान नहीं हो सकी है। वह शायद विदेश भाग गई है। उमेश पाल मर्डर केस के आरोपी गैंगस्टर अतीक अहमद को मंगलवार सुबह 11 बजे प्रयागराज के एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश किया जाना है। अतीक ने साल 2006 में उमेश पाल को अगवा किया था। इसी मामले में मंगलवार को प्रयागराज की एमपी-एमएलए कोर्ट फैसला सुनाएगी। दरअसल, अतीक और उसका भाई अशरफ उमेश पाल हत्याकांड में भी आरोपी हैं।

अतीक के भाई और पूर्व विधायक अशरफ की बात करें तो वह बरेली जेल में कैद है। उसे सोमवार सुबह 10 बजे यहां से प्रयागराज ले जाया जाएगा। मंगलवार को कोर्ट में उसकी पेशी होनी है। अतीक के साथ अशरफ को भी ट्रायल का सामना करना होगा । वहीं दूसरी ओर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक सवाल के जवाब में योगी सरकार पर तंज कसते हुए कहा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने मंत्रियों को बता दिया होगा कि गाड़ी पलट जाएगी। तभी उनके मंत्री ऐसे बयान दे रहे हैं।

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के तहत उत्तराखण्ड में चल रहे कार्यों का का CM धामी ने किया निरीक्षण, मात्र 2 से 2.30 घंटे में तय होगा सफ़र

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Delhi-Dehradun Expressway

Dehradun News: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के तहत उत्तराखण्ड में चल रहे कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने डाटकाली के निकट एलीवेटेड रोड के निर्माण कार्य एवं डाटकाली में बन रहे टनल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने एनएचएआई के अधिकारियों से कार्य प्रगति की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने कार्यदाई संस्थाओं को निर्धारित समयावधि में कार्य पूर्ण करने एवं गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने को कहा। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से सबंधित जो भी कार्य होने हैं, उनमें तेजी लाने के लिए एनएचएआई को जो भी आवश्यक सहयोग चाहिए होगा, राज्य की ओर से दिया जायेगा, ताकि कार्यों में किसी भी प्रकार से विलंब न हो। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के उत्तराखण्ड में होने वाले कार्यों के लिए रात्रि में भी अनुमति दी गई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे बन जाने के बाद दिल्ली से देहरादून की दूरी मात्र दो से ढ़ाई घण्टे में पूर्ण होगी। इस परियोजना के पूर्ण होने से उत्तराखण्ड को बहुत फायदा होगा। दिल्ली और उसके आस-पास के लोगों को उत्तराखण्ड आने में काफी सुगमता होगी। उन्होंने कहा कि राज्य में जिस तेज गति से सड़क कनेक्टिविटी बढ़ रही है। इससे आने वाले समय में राज्य में आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी आयेगी।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर कार्य कर रहे श्रमिकों से बातचीत की और उनका हालचाल जाना। मुख्यमंत्री ने एनएचआई के अधिकारियों से कहा कि इन श्रमिकों के स्वास्थ्य, रहने एवं खाने की व्यवस्थाओं का पूरा ध्यान रखा जाए।

एनएचएआई के अधिकारियों ने बताया कि मार्च 2024 तक एक्सप्रेसवे के कार्यों को पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रयास किये जा रहे हैं, कि उससे पूर्व ही ये कार्य पूर्ण किये जाएं।

इस अवसर पर चीफ इंजीनियर लोक निर्माण विभाग अयाज अहमद, जिलाधिकारी देहरादून श्रीमती सोनिका, अपर सचिव विनीत कुमार एवं एनएचएआई के अधिकारी उपस्थित थे।

पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर एक मई को संसद मार्च के लिए उत्तराखंड के कार्मिकों ने कसी कमर

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Parliament march on May 1

राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा उत्तराखंड के पदाधिकारियों की बैठक आज देहरादून में संपन्न हुई। बैठक में ऑनलाइन माध्यम से प्रदेश के जिलों के पदाधिकारी भी जुड़े। प्रांतीय महासचिव सीताराम पोखरियाल ने कहा कि मोर्चे द्वारा पुरानी पेंशन बहाली हेतु अप्रैल माह में पुरानी पेंशन बहाली पखवाड़ा मनाया जाएगा। जिसके निमित्त प्रत्येक दिवस भिन्न भिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से पुरानी पेंशन बहाली की आवाज बुलंद की जाएगी। इन समस्त कार्यक्रमों में प्रदेश के अधिक से अधिक कार्मिकों को सम्मलित किया जाएगा। इन कार्यक्रमों के माध्यम से 1 मई संसद मार्च की तैयारी की जाएगी।

बैठक में मोर्चे के प्रांतीय आईटी सेल प्रमुख अवधेश सेमवाल ने कहा कि मोर्चे का एकमात्र मिशन पुरानी पेंशन है। पेंशन पखवाड़े के माध्यम से उत्तराखंड में 2024 तक पेंशन प्राप्ति का लक्ष्य रखा गया है। मोर्चे के गढ़वाल मंडल अध्यक्ष पूरण फर्स्वाण ने कहा कि किसी भी कीमत पर उत्तराखंड का कार्मिक पुरानी पेंशन बहाली चाहता है। फर्स्वाण ने कहा कि गैरसैंण विधानसभा सत्र में वित्त मंत्री प्रेमचंद्र अग्रवाल के दिये गए बयान का उत्तराखंड के समस्त कार्मिक घोर विरोध करते हैं।

गढ़वाल मंडल महासचिव नरेश कुमार भट्ट ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली की लड़ाई ब्लॉक स्तर से लेकर गांव गांव तक लड़ी जाएगी। कार्मिकों के साथ साथ उत्तराखंड का जन जन पुरानी पेंशन बहाली की लड़ाई लड़ेगा। मोर्चे की रुद्रप्रयाग महिला उपाध्यक्ष शशि चौधरी ने कहा कि पेंशन बहाली की लड़ाई उत्तराखंड की महिला कार्मिक वीरांगनाओं की भूमिका अदा करेंगी। उत्तराखंड के कार्मिकों के साथ अन्याय बर्दाश्त नही किया जाएगा। मोर्चे के टिहरी जनपद के जिलाध्यक्ष राजीव उनियाल ने कहा उत्तराखंड के टिहरी का इतिहास क्रांति का रहा है और यह क्रांति पुरानी पेंशन बहाली के लिए भी दिखेगी।

मोर्चे के जनपद चमोली महासचिव सतीश कुमार ने कहा कि हमारा लक्ष्य 2024 तक पुरानी पेंशन बहाली का है और हम इसे प्राप्त कर के रहेंगे। मोर्चे के देहरादून जिलाध्यक्ष माखन लाल शाह ने कहा पेंशन पखवाड़े के अंतर्गत देहरादून जनपद में भी व्यापक कार्यक्रम किये जायेंगे। मोर्चे की जनपद चमोली महिला उपाध्यक्ष  लक्ष्मी नेगी ने कहा यदि उत्तराखंड में जल्द ही पुरानी पेंशन बहाली नही की गई तो आने वाले लोकसभा चुनावों में सरकार को कर्मचारियों के रोष का सामना कर पड़ सकता है।

बैठक में राकेश रावत, कमलेश कुमार मिश्र, प्रवीण घाघट, अरविंद सिंह, अनुसूया प्रसाद जुगराण, बलवीर रावत, मनोज ध्यानी, दिवाकर हलदार, सुनील रतूडी, अमिता भट्ट, सहित आदि पदाधिकारी मौजूद रहे।

ग्रेटर नोएडा : रिजर्व प्राइस से 3 गुना अधिक रेट पर बिके आवासीय भूखंड, पहले दिन 26 भूखंडों का हुआ ऑक्शन, 30 मार्च तक चलेगा ऑनलाइन ऑक्शन

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Greater Noida News: ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की आवासीय भूखंड योजना बेहद सफल साबित हो रही है। इस योजना के 26 भूखंडों का ऑनलाइन ऑक्शन रविवार को हुआ, जिसमें इन भूखंडों पर रिजर्व प्राइस से लगभग 3 गुना अधिक कीमत पर बोली लगाई गई। सेक्टर 2 स्थित 162 वर्ग मीटर का एक भूखंड निर्धारित रिजर्व प्राइस 172 फीसदी अधिक दर पर बिका है। भूखंडों का ड्रा 4 दिन और चलेगा।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ रितु माहेश्वरी के निर्देश पर संपत्ति विभाग ने बीते 20 जनवरी को 166 आवासीय भूखंडों की योजना लॉन्च की गई थी।  इस योजना में 162 वर्ग मीटर से लेकर 738 वर्ग मीटर एरिया तक के भूखंड शामिल किए गए हैं। ये भूखंड ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 2, सेक्टर चाई थ्री, फाई थ्री, डेल्टा टू, डेल्टा थ्री, सिग्मा 2, सिग्मा वन में स्थित हैं। इस योजना में आवेदन करने की अंतिम तिथि 13 फरवरी थी। इस योजना के भूखंडों के लिए एसबीआई के पोर्टल https://etender.sbi के जरिए आवेदन किये गये। रविवार से इन भूखंडों का ऑनलाइन ऑक्शन शुरू हो गया है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ आनंद वर्धन ने बताया कि

पहले दिन 26 भूखंडों का ऑनलाइन ऑक्शन हुआ। पहले दिन के ड्रा में 162 वर्ग मीटर और 220 वर्ग मीटर एरिया के भूखंड शामिल किए गए थे। इन 26 भूखंडों से रिजर्व प्राइस के आधार पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को 18.22 करोड़ रुपए मिलने की उम्मीद थी, लेकिन ऑनलाइन ऑक्शन होने पर ये भूखंड औसतन लगभग 3 गुना अधिक कीमत पर भूखंड बिके।  प्राधिकरण को इन 26 भूखंडों से 3 माह में लगभग 52 करोड़ रुपए मिलेंगे। इतना ही नहीं, ग्रेटर नोएडा में आवासीय भूखंड पाने  की चाहत किस कदर हावी है, इसका एक उदाहरण भी रविवार को ऑक्शन के दौरान देखने को मिला।

सेक्टर 2 स्थित 162 वर्ग मीटर का एक भूखंड निर्धारित रिजर्व प्राइस 172 फीसदी अधिक दर पर बिका है। रिजर्व प्राइस के हिसाब से इस भूखंड की कीमत 58.32 लाख रुपए थी, लेकिन ऑनलाइन ऑक्शन होने पर यह भूखंड लगभग 1.58 करोड़ रुपए में बिका है। इसी तरह सेक्टर 2 स्थित डी ब्लॉक में 220 वर्ग मीटर का भूखंड भी रिजर्व प्राइस से लगभग 160 फीसदी अधिक दर पर बिका है। रिजर्व प्राइस के हिसाब से इस भूखंड की कीमत 83.16 लाख रुपए तय की गई थी, लेकिन ऑनलाइन ऑक्शन में यह भूखंड 2,15,88,000 पर बिका।

एसीईओ ने बताया कि शेष बचे हुए भूखंडों का ऑक्शन 27, 28 29 व 30 मार्च को भी होगा। ऑक्शन के लिए पात्र आवेदकों की सूची ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की वेबसाइट पर अपलोड है। ‌प्राधिकरण के सीईओ रितु माहेश्वरी ने कहना है कि एनसीआर के सबसे हरे -भरे शहर ग्रेटर नोएडा में ना सिर्फ औद्योगिक और वाणिज्यिक निवेश, बल्कि रिहायश के प्रति भी जबरदस्त क्रेज देखने को मिल रहा है। रिजर्व प्राइस से 3 गुना अधिक कीमत प्राप्त होना, इसका ताजा उदाहरण है।

दस कथाकार दस कहानियों के साथ नई पीढ़ी तक जायेगी उत्तराखण्ड के साहित्य की विरासत

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उत्तराखण्ड की नई पीढ़ी तक उत्तराखण्ड के साहित्य और सरोकार पहुंचाना और उसे शामिल करना सबका सामाजिक दायित्व है और इस दिशा में धाद की पहल पर सहयोग से चल रहे सामाजिक अभियान कोना कक्षा का, दस कथाकारों की दस कहानियों धाद के सहयोग से प्रदेश के विभिन्न स्कूलों और छात्रों को भेंट की जाएगी। उत्तराखण्ड के दस कथाकारों की दस कहानियों के लोकार्पण के साथ यह बात धाद के केंद्रीय सचिव तन्मय ने कही।

फूलदेई के अवसर पर रूम टू रीड के सहयोग से धाद स्मृति वन में नगर के गणमान्य लोगों की उपस्थिति में लोकार्पण समारोह आयोजित हुआ। डॉ विद्या सिंह के संपादन और कल्पना बहुगुणा, सुनील भट्ट और मुकेश नौटियाल के संपादन सहयोग के साथ प्रकाशित इस किताब को रूम टू रिड की स्टेट हेड पुष्पलता रावत, धाद के केंद्रीय उपाध्यक्ष डीसी नौटियाल, कोना कक्षा का के संयोजक गणेश चंद्र उनियाल के साथ सभी वक्ताओं ने जारी किया।

पुस्तक का परिचय देते हुए डॉ विद्या सिंह ने कहा उत्तराखंड के श्रेष्ठ कथाकारों की कहानियों का चयन उसकी लिखित पाठकों यानि छात्रों को ध्यान में रखते हुए करना एक चुनौती थी। लक्ष्य था कि बच्चे इस बहाने कहानी और पठान के नजदीक पहुँचें। दस कथाकार दस कहानियों के नाम से तैयार इस किताब में रमा प्रसाद घिडियाल ‘पहाड़ी’, शिवानी, दयानंद अनंत, कुसुम चतुर्वेदी, शैलेश मटियानी, शेखर जोशी, विद्यासागर नौटियाल, मनोहर श्याम जोशी, मोहन थपलियाल, ओम प्रकाश वाल्मीकि की कहानियां शामिल की गयी है।

साहित्य एकांश की सह संयोजिका कल्पना बहुगुणा ने कहा कि एकांश का लक्ष्य समाज में साहित्य सृजन औऱ पठन पाठन के लिये वातावरण बनाना है। जिसमे आने वाले समय में छात्रों के साथ उनकी पाठकीय जिज्ञासा क्षमता विकसित करने के लिए कार्यक्रम प्रारम्भ किये जायेंगे।

आयोजन का विचार पक्ष रखते हुए तन्मय ममगाईं ने बताया कि कोना कक्षा का के विचार ने अपने जन्म के साथ यह तय किया था कि दुनिया के हर बच्चे को हर अच्छी किताब देना एक सामाजिक दायित्व और संस्कृति का रूप ले। इसलिए हम लगातार समाज में धाद (आवाज) दे रहे है कि अपने गाँव शहर के उन सभी बच्चों तक श्रेष्ठ किताबे पहुँचाने की कोशिश हो जहाँ इसकी जरूरत है। इस दिशा में उत्तराखंड की भाषा, संस्कृति, साहित्य पर आधारित कुछ किताबे छात्रों के लिए तैयार की जा रही है जो उनकी स्थानीयता की समझ उसे पढ़ने समझने की जिज्ञासा और रुझान पैदा कर सके।

कथाकार और पुस्तक में सम्पादकीय सहयोग करने वाले मुकेश नौटियाल ने कहा कि इस पुस्तक के कहानीकार भले ही उत्तराखंड के साथ सम्बन्ध रखते हो लेकिन उनकी दृष्टि और फलक वैश्विक रहा है और उन्होंने अपने कालखंड में साहित्य में अपना एक विशिष्ट स्थान बनाया है। उनकी कहानियों को किशोर पाठकों के वय के अनुसार ढालना और उनके अनुरूप बनान इस पुस्तक का एक बड़ा पक्ष रहा है। इस दिशा  यह प्रयास एक विशिष्ट स्थान रखता है।

कोना कक्षा का के संयोजक गणेश चंद्र उनियाल ने कहा आज इस अभियान में सैकड़ों लोग जुटे हैं और हजारों बच्चों तक लाखों की किताब पहुंचाई जा रही हैं। 700 से अधिक कोनो की स्थापना के बाद अब इसका लक्ष्य 1000 किताबो के कोने स्थापित करने का है। उन्होंने साहित्यकारो और आम समाज से इस अभियान का हिस्सा बनने के लिये अपील की।आयोजन का संयोजन अर्चना ग्वाड़ी और सञ्चालन डॉ अवनीश उनियाल द्वारा किया गया।

 कल्यो फ़ूड फेस्टिवल :

ग्वाल पूजै आयोजन का विशिष्ट पक्ष कल्यो फ़ूड फेस्टिवल का पक्ष भी रहा जहाँ फूलदेई के अवसर पर बच्चों द्वारा किये जाने वाले ग्वाल पूजै के आधार पर इस बार का भोज का विषय रखा गया काल्यो की संयोजक मंजू काल ने कहा कि पहाड़ के  चरवाहे बच्चों के द्वारा  सामूहिक रूप से  जंगलों और खेतों में बनाये गये भोजन को कहते हैं, त्यौहार पर बच्चों  द्वारा घरों की देहरी पर अलसुबह डाले गये  फूलों की एवज में दक्षिणा के तौर पर जो मोटा अनाज, आलू  आदि मिलता था। उसे पहाड़ के बच्चे गाय चुगाते वक्त  खेतों में या जंगलों में सामूहिक रूप से भोज बनाते वक्त उपयोग में लाते थे। इस बार के समूह भोज में हरे सेब का सुगंधित फ्रूट पंच, बाजरे के  कटलेट (उर्फ़ चिमिया), मूंग- आलू की बड़ी, पुदीना-हरे  टमाटर की चटनी, बाजरे की मीठी मठरी, आलू का खास” पहाड़ी झोल”, कोदों का उपमा, रिखणी दाल, डले वाला पहाड़ी भात, सीताफल (पके लाल कद्दू का रायता), रल्यौ” सलाद,बाजरे की लाप्सी, अदरक की मसाला चाय शामिल रही। इस अवसर पर ऑर्गेनिक उत्पादन के लिए काम कर रहे कर्नल विकास गुसाईं और साहित्यकार लक्ष्मी नौडियाल ने भी अपनी बात रखी।

इस अवसर पर आशा डोभाल, सुशांत डबराल, डॉ राम विनय, शादाब अली, डॉ राकेश बलूनी, डॉली डबराल, गंभीर सिंह पालनी, डॉ नीलम प्रभा वर्मा, कुसुम पंत, डॉ आशा रावत, आभा सक्सेना, मोहिनी रतूड़ी, चंदर शेखर तिवाड़ी, मनोज पंजानी, आशा डोभाल, अवनीष उनियाल, पुष्पा कठैत, विजय गौड़, उषा झा, सुबोध सिन्हा, अलका अनुपम, डॉ अनिता सब्बरवाल, राजेश्वरी सेमवाल, राजेश पाल, डॉ मधु डी सिंह, नरेंद्र उनियाल, साकेत रावत, सुशील पुरोहित, वीरेंदर खंडूरी, किशन सिंह, बिमल रतूड़ी, मनीषा ममगाईं, पूनम भटनागर, मीना जोशी मौजूद रही।

पौड़ी गढ़वाल: पेड़ से लटका मिला 19 साल के लड़के का शव, घर वालों से नौकरी के लिए कहकर हरिद्वार के लिए निकला था युवक

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श्रीनगर गढ़वाल : श्रीनगर क्षेत्र के खंडाह इंटर कॉलेज से कुछ दूर सुमाड़ी-बुगाणी रोड़ के समीप एक युवक का शव पेड़ से लटका मिला। इस घटना से क्षेत्र में सनसनी फ़ैल गई। मृतक युवक की पहचान आकाश नेगी (19 वर्ष) उर्फ अक्कू के रूप में हुई है। जो धारी गांव, खिर्सू ब्लॉक का रहने वाला था। मिली जानकारी के मुताबिक युवक घर वालों से नौकरी के लिए कहकर हरिद्वार के लिए निकला था।

मृतक के परिजनों ने शव की शिनाख्त कर ली है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक आकाश 25 मार्च को अपने घर से नौकरी के लिए कहकर हरिद्वार के लिए निकला था। परन्तु शाम तक भी वह हरिद्वार नहीं पहुंचा था और उसका मोबाइल भी स्विच ऑफ बता रहा था। जिसके बाद 25 मार्च को रात 8 बजे धारी गांव पट्टी कटूलस्यू थाना श्रीनगर के रहने वाले देवराज सिंह नेगी ने खिर्सू चैकी पर तैनात कांस्टेबल राजेंद्र सिंह को सूचना दी कि उनका बेटा आकाश सिंह नेगी उर्फ़ अक्कू उम्र 19 वर्ष घर से नौकरी के लिए हरिद्वार जाने की बात कहकर सुबह 8:30 बजे निकला था, लेकिन वह अभी तक नहीं पहुंचा है। उसका मोबाइल भी बंद आ रहा है। कांस्टेबल राजेंद्र सिंह ने तत्काल घटना की सूचना प्रभारी निरीक्षक कोतवाली श्रीनगर को दी।

घटना की सूचना पर प्रभारी कोतवाल ने युवक के मोबाइल नंबर की लोकेशन निकलवायी। जिसकी लोकेशन खंडाह पौड़ी सुमाड़ी रोड श्रीनगर पौड़ी गढ़वाल मिली। जिसके बाद मोबाइल नंबर की लोकेशन के आधार पर जांच की गई। और आज सुबह युवक का शव पेड़ से लटका हुआ मिला। अब पुलिस मामले की जांच कर रही है। श्रीनगर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक रवि सैनी ने बताया प्रथम दृष्ट्या मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। पोस्टमार्टम के बाद ही घटना के बारे में जानकारी हो पाएगी। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। घटना के बारे में परिजनों को सूचित कर दिया गया है।

श्रीनगर रेनबो स्कूल के प्रेरित ममगाईं एवं शुभम ममगाईं बने बैडमिंटन चैंपियन, दोनों भाईयो ने किया शहर का नाम रोशन

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Shubham and prerit Mamgain of Srinagar Rainbow Schoo

श्रीनगर गढ़वाल: रेनबो पब्लिक स्कूल श्रीनगर के छात्र प्रेरित ममगाईं एवं शुभम ममगाईं ने अपनी खेल प्रतिभा के दाम पर अपनी स्कूल के साथ-साथ पूरे शहर का नाम रोशन किया है। मैंमस स्पोर्टस अकादमी द्वारा 25 एवं 26 मार्च को आयोजित बैडमिंटन प्रतियोगिता के अंडर-19 डबल्स वर्ग में प्रेरित ममगाईं एवं शुभम ममगाईं ने जीत का परचम लहराया। गौरतलब है कि प्रेरित ममगाईं एवं शुभम ममगाईं आपस में चचेरे भाई हैं। वहीँ अंडर-19 वर्ग एवं अंडर-17 वर्ग के सिंगल इवेंट में प्रेरित ममगाईं चैंपियन बने।

अंडर 19 सिंगल के फाइनल में प्रेरित और शुभम के बीच कड़ा मुकाबला हुआ। जिसमें छोटे भाई प्रेरित ने बड़े भाई शुभम को हरा कर चैंपियनशिप अपने नाम की। स्कूल की प्रधानचार्य डॉ रेखा उनियाल कहा कि प्रतियोगिता में प्रदेश भर से आये बच्चो में दोनों भाईयों ने ही विजेता और उपविजेता का खिताब अपने नाम किया है, जो कि विद्यालय और श्रीनगर के लिए गौरव की बात है।

इस मौके पर दोनों विजेताओं ने दोनों ने अपने माता पिता एवं परिवार वालो और खास तौर पर अपने कोच सूरज ममगाईं जो प्रेरित के पिता एवं शुभम के चाचा हैं का आभार व्यक्त किया। इसके साथ ही विद्यालय प्रबंधन एवं प्रधानचार्य डॉ रेखा उनियाल तथा सभी गुरुजनो का भी धन्यवाद किया। राईका नवाखाल के प्रधानाचार्य महेंद्र सिंह नेगी उनकी इस सफलता पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी।