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उत्तराखंड में आज से जी-20 शिखर समिट शुरू : 29 देशों के 56 डेलीगेट्स पहुंचे, रामनगर को आकर्षक ढंग से सजाया गया, इन बिंदुओं पर होगी चर्चा

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G-20-Summit-ramnagar-uttarakhand

G-20 Summit Uttarakhand: उत्तराखंड के रामनगर में जी-20 शिखर समिट के लिए विदेशी मेहमानों का जमावड़ा लग गया है। राज्य में जी-20 शिखर समिट की 3 बैठकें होंगी। ‌पहली बैठक की शुरुआत आज से नैनीताल के रामनगर में होने जा रही है। बैठक से धामी सरकार उत्साहित है। चीफ साइंस एडवाइजर राउंड टेबल कार्यक्रम की पहली बैठक दो दिन चलेगी। इसके बाद 25 से 27 मई को नरेंद्रनगर, ऋषिकेश में दूसरी बैठक होगी। यह बैठक भ्रष्टाचार विरोधी कार्य समूह की होगी। तीसरी बैठक नरेंद्रनगर, ऋषिकेश में ही 26 से 28 जून को होगी। बैठक में इंफ्रास्ट्रक्चर वर्किंग ग्रुप मंथन करेगा।

जी-20 शिखर समिट की पहली बैठक के लिए पूरे रामनगर को सजाया गया है । आज रामनगर में राउंड टेबल कार्यक्रम की शुरुआत होगी। सुरक्षा को लेकर भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी कुछ देर बाद रामनगर पहुंचेंगे। इसके साथ ही धामी सरकार के कई मंत्री और केंद्रीय मंत्री अजय भट्ट भी मौजूद हैं। शाम से रामनगर में राउंड टेबल कार्यक्रम की शुरुआत होगी। बैठक के लिए जी-20 देशों व मित्र देशों के 56 डेलीगेट्स पहुंच गए हैं। डेलीगेट्स को लेकर विमान पंतनगर पहुंच गया है।

बैठक के लिए कार्बेट राष्ट्रीय उद्यान के प्रवेश द्वार के रूप में विख्यात यह शहर पूरी तरह से तैयार है। बैठक के लिए यहां की दीवारें खूबसूरत पेंटिंग से सजा दी गई हैं। दीवारों पर की गई इस चित्रकारी में विदेशी मेहमानों को उत्तराखंड की झलक देखने को मिलेगी। जी-20 देशों के मुख्य विज्ञान सलाहकारों की गोलमेज बैठक में आने वाले मेहमानों को उत्तराखंड के कलाकार कुमाऊंनी और गढ़वाली लोकनृत्य के माध्यम से भी राज्य की जीवन शैली और सांस्कृतिक धरोहर से भी रूबरू कराएंगे। डेलीगेट्स को एयरपोर्ट अराइवल रूम में उत्तराखंड की संस्कृति व एपण की आकृतियों से रूबरू करवाया जाएगा। मां नंदा-सुनंदा के चित्र के साथ कलाकार छोलिया नृत्य भी प्रस्तुत करेंगे।

जी 20 शिखर समिट में 20 देश अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, कोरिया गणराज्य, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्की, यूनाइटेड किंगडम, संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोपीय संघ शामिल होंगे। वहीं मित्र देश बांग्लादेश, मिस्र, मॉरीशस, नीदरलैंड, नाइजीरिया, ओमान, सिंगापुर, स्पेन और संयुक्त अरब अमीरात के डेलीगेट भी शामिल होंगे।

केंद्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्यमंत्री अजय भट्ट ने बताया कि समिट में विश्व की 13 संस्थाएं भी हिस्सा लेंगी। इसमें संयुक्त राष्ट्र (यूएन), अंतरराष्ट्रीय मु्द्रा कोष (आईएमएफ), विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ), विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ), विश्व श्रम संगठन (आईएलओ), वित्तीय स्थिरता बोर्ड (एफएसबी), एटीडी (एशियाई विकास बैंक), ओईसीडी (ऑर्गनाइजेशन फॉर इकोनॉमिक कॉरपोरेशन एंड डेवलपमेंट), एयू चेयर (अफ्रीकन यूनियन), नेपाड चेयर (न्यू पाटर्नरशिप फॉर अफ्रीकन डिपार्टमेंट), एशियन चेयर (एसोसिएट ऑफ साउथ एशिया नेशन), आईएसए (इंटरनेशनल सोलर एलायंस), सीडीआरआई (कोलेशन फॉर डिजाइटर रिजलिंट इंफ्रास्ट्रक्चर) शामिल हैं। बैठक में हरित, विकास, जलवायु वित्त और जीवन, त्वरित, समावेशी और लचीला विकास,सबस्टेनिबल डवलपमेंट गोल्स पर तेजी लाना, तकनीकी परिवर्तन और डिजिटल सार्वजनिक महिलाओं के नेतृत्व में विकास आदि विषयों पर चर्चा की जाएगी।

अच्छी खबर: EPFO ने PF की ब्याज दरों में की बढ़ोतरी, 6 करोड़ लोगों को मिलेगा लाभ, जानिए अब कितना मिलेगा ब्याज

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PF Interest Rate Hike

PF Interest Rate Hike: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने सोमवार से शुरू हो रही अपनी दो दिन की बैठक में 2022-23 के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) पर ब्याज दर के बारे में घोषणा कर दी है। ईपीएफओ ने कर्मचारियों की PF पर ब्याज दरें बढ़ाकर 8.15 फीसदी कर दी गई हैं। मंगलवार को ईपीएफओ ने ब्याज दरें बढ़ाने की धोषणा कर दी। EPFO के इस फैसले का लाभ 6 करोड़ लोगों को मिलेगा।

सरकार ने बीते साल मार्च के महीने में पीएफ अकाउंट में जमा पर ब्याज दर को 8.5 फीसदी से घटाकर 8.1 फीसदी कर दिया था। यह 1977-78 के बाद 40 साल में सबसे कम थी। उम्मीद की जा रही थी कि बैठक के खत्म होने के साथ ही कर्मचारियों को खुशखबरी मिल सकती है। बता दें कि हर साल मार्च में सीबीटी (CBT) की बैठक में ब्याज दरों पर फैसला होता है। पिछले साल ईपीएफओ की अच्छी कमाई हुई थी। इसलिए इस बार ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीद की जा रही थी।

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के लिए कमाई के लिहाज से पिछला साल काफी अच्छा रहा है। ईपीएफओ की आमदनी बढ़ी है। बता दें कि ईपीएफओ आपके फंड को कई जगहों पर निवेश करता है। जहां से उसे रिटर्न मिलता है। इस कमाई के जरिये ही ईपीएफओ आपको निवेश पर ब्याज देता है। इस बार ब्याज दरों को बढ़ाए जाने के पीछे कई कारण बताए जा रहे थे। मीडिया रिपोर्ट्स में इस बात की उम्मीद जताई जा रही थी कि इस बार ब्याज दरें बढ़ाकर 8.20 फीसदी की जा सकती हैं। वहीं ब्याज दरों को स्थिर रखने की भी

ईपीएफओ ने पिछली बार ब्याज दर घटा दी थी। इससे कर्मचारियों को काफी झटका लगा था। ईपीएफओ ने ब्याज दर 8.5 फीसदी से कम करके 8.1 फीसदी कर दी थी। यह पिछले करीब 40 वर्षों की सबसे कम ब्याज दर थी। साल 1977-78 में ईपीएफओ ने आठ फीसदी का ब्याज दिया था। इसके बाद से ब्याज दर 8.25 फीसदी या इससे ज्यादा रही है।

कर्मचारी की सैलरी से होती है कटौती

किसी कर्मचारी की सैलरी पर 12 फीसदी की कटौती ईपीएफ अकाउंट के लिए होती है। एम्प्लॉयर की तरफ से एंप्लाई की सैलरी में की गई कटौती का 8.33 फीसदी ईपीएस (कर्मचारी पेंशन योजना) में, जबकि 3.67 फीसदी ईपीएफ में पहुंचता है। आप घर बैठे आसान तरीकों से अपने पीएफ खाते का मौजूदा बैलेंस चेक कर सकते हैं। इसके लिए कई ऑप्शन दिए गए हैं। आप उमंग ऐप, वेबसाइट या फिर अपने मोबाइल फोन से एक SMS कर इसका पता लगा सकते हैं। देशभर में करीब साढ़े 6 करोड़ EPFO सब्सक्राइबर्स हैं।

नेपाल में छुपा हो सकता है खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह, पुलिस और खुफिया एजेंसी कर रही तलाश

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Amritpal Singh

Khalistan supporter Amritpal Singh : पंजाब में खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह पुलिस को चकमा देकर कई दिनों से फरार है। अमृतपाल सिंह की पिछले दिनों खुफिया एजेंसियों को उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश में लोकेशन मिली थी। लेकिन अब बताया जा रहा है अमृतपाल सिंह नेपाल में कहीं छुपा हो सकता है। पंजाब पुलिस के साथ सुरक्षा एजेंसियों को भी इस भगोड़े की तलाश है। पंजाब से फरार हुए अमृतपाल के बारे में कहा गया कि वह हरियाणा, दिल्ली, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के रास्ते नेपाल तक पहुंच गया है।

अब भारतीय एजेंसियों ने नेपाल से अनुरोध किया है कि अमृतपाल को किस अन्य देश में न जाने दें। इनपुट मिले हैं कि अमृतपाल सिंह फर्जी पासपोर्ट का इस्तेमाल कर रहा है। वह नेपाल से निकल कनाडा भागने की तलाश में हैं। दूसरी तरफ, पंजाब सरकार लगातार कह रही है कि वह जल्द ही अमृतपाल को पकड़ लेगी लेकिन अभी तक उसके हाथ खाली हैं। अब काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने एक अलर्ट जारी किया है। भारतीय दूतावास ने नेपाल सरकार को बताया है कि अमृतपाल फर्जी भारतीय पासपोर्ट बनाकर नेपाल बॉर्डर से एंट्री ले सकता है।

भारत में अमृतपाल के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किए जाने के बाद नेपाल सरकार ने भी उसे सर्विलांस लिस्ट में डाल दिया है। माना जा रहा है कि अमृतपाल सिंह नेपाल में छिपा हो सकता  है। इसके लिए नेपाल के दूतावास ने नेपाल के सुरक्षाकर्मियों को अमृतपाल की अलग अलग तस्वीरें भी साझा की हैं। दूतावास ने अपने पत्र में लिखा है कि अमृतपाल अपने पासपोर्ट या किसी और नाम के फर्जी पासपोर्ट पर सफर कर सकता है।

पुलिस ने अमृतपाल के नेपाल से दुबई, कतर, सिंगापुर, बैंकॉक भागने की योजना होने की जानकारी के साथ इन सभी जगह जाने वाले विमान के यात्रियों की सख्ती से जांच कराने की मांग की है। भारत सरकार की तरफ से आधिकारिक जानकारी दिए जाने के बाद से पूरे नेपाल में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। वहीं भारत ने अमृतपाल को लेकर सभी स्टेशनों की जांच प्रक्रिया को कड़ा किया है। नेपाल सरकार संदिग्ध लोगों पर कड़ी नजर रख रही है।

चारधाम यात्रा में पहली बार शुल्क व्यवस्था होगी लागू: अब बदरीनाथ-केदारनाथ धाम में VIP दर्शन के लिए देना होगा शुल्क, BKTC बैठक में लिया गया फैसला

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Chardham Yatra 2023 केदारनाथ व बदरीनाथ धाम में पहली बार वीआईपी दर्शन के लिए 300 रुपये शुल्क देना होगा। देश के चार प्रमुख मंदिर तिरुपति बालाजी, वैष्णो देवी, महाकालेश्वर व सोमनाथ मंदिरों में पूजा व दर्शन व्यवस्था का अध्ययन करने के लिए बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने चारधाम यात्रा में शुल्क की व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा केदारनाथ मंदिर में 100 किलो भार का अष्टधातु से बना त्रिशूल स्थापित किया जाएगा।

सोमवार को कैनाल रोड स्थिति कार्यालय में बीकेटीसी के अध्यक्ष अजेंद्र अजय की अध्यक्षता में बोर्ड बैठक आयोजित की गई। इसमें केदारनाथ व बदरीनाथ धाम की व्यवस्थाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में आगामी वित्त वर्ष 2023-24 के लिए 76.26 करोड़ का बजट पारित किया। इसके अलावा चारधाम यात्रा को लेकर भी कार्ययोजना को स्वीकृति दी गई।

बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी योगेंद्र सिंह ने बजट पेश किया। इसमें बदरीनाथ मंदिर की व्यवस्था के लिए 39.90 करोड़ और केदारनाथ के लिए लगभग 36.35 करोड़ बजट का प्रावधान किया गया। बजट में बीते वर्ष की 65,53,11,583 करोड़ की आय के मुकाबले आगामी वित्तीय वर्ष के लिए 94,26,23,042 करोड़ रुपये आय का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही मार्कंडेय मंदिर मक्कूमठ के जीर्ण शीर्ण सभा मंडप का जीर्णोद्धार भी किया जाएगा।

प्रोटोकॉल के तहत दर्शनों के लिए आने वाले VIP को BKTC के कार्मिक ही मंदिरों में दर्शन कराने और प्रसाद वितरण इत्यादि की जिम्मेदारी संभालेंगे। इससे वीआईपी सुविधा के नाम पर अव्यवस्था पैदा नहीं होगी। अभी तक वीआईपी को दर्शन कराने के लिए पुलिस, प्रशासन, बीकेटीसी आदि अपने-अपने तरीके से दर्शन व्यवस्था संभालते हैं।

श्रद्धालु मंदिर के लिए जो भी दान या चढ़ावा देते हैं, उसे बीकेटीसी के वेतनधारी पुजारी और कर्मचारी ग्रहण नहीं करेंगे। पूजा व्यवस्था से जुड़े कार्मिक श्रद्धालुओं को दान व चढ़ावे को दान पात्र में डालने को प्रेरित करेंगे। अन्यथा कार्मिकों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। मंदिरों को मिलने वाली दान चढ़ावे की गिनती के लिए पारदर्शी व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए दोनों धामों में पारदर्शी शीशे के हट बनाए जाएंगे। जिन्हें सीसीटीवी कैमरों से लेस किया जाएगा।

बीकेटीसी में आइटी संबंधी कार्यों को मजबूती देने के लिए स्वयं की सूचना प्रौद्योगिकी इकाई गठित जाएगी। इससे ई-ऑफिस की स्थापना, विभिन्न अनुभागों को कंप्यूटरीकृत करने आदि में आसानी होगी।

विद्यापीठ में तैयार होंगे आयुर्वेदिक उत्पाद बीकेटीसी ने विद्यापीठ (गुप्तकाशी) में वर्तमान में बंद पड़ी आयुर्वेदिक फार्मेसी को फिर से शुरू कर विभिन्न उत्पाद तैयार करने का निर्णय लिया है। इससे बीकेटीसी द्वारा संचालित आयुर्वेदिक कॉलेज के छात्रों को प्रैक्टिकल की सुविधा भी हासिल होगी।

बीकेटीसी के उपाध्यक्ष किशोर पंवार, सदस्य निवास पोस्ती, कृपा राम सेमवाल, वीरेंद्र असवाल, राजपाल जड़दारी, भास्कर डिमरी, आशुतोष डिमरी, जय प्रकाश उनियाल, पुष्कर जोशी, मुख्य कार्याधिकारी योगेंद्र सिंह, विशेष कार्याधिकारी रमेश रावत, अधिशासी अभियंता अनिल ध्यानी, कार्याधिकारी रमेश तिवारी आदि उपस्थित थे।

उत्तराखंड विधानसभा होगी पेपरलेस, एक क्लिक में मिलेगी सारी जानकारी

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uttarakhand assembly will be paperless

देहरादून: उत्तर प्रदेश, हिमाचल और गोवा की तर्ज पर उत्तराखंड में भी जल्द ही ई-विधानसभा बनाई जाएगी। इससे विधानसभा का सत्र पेपर लेस होगा। साथ ही एक क्लिक पर सभी जानकारी मुहैया होगी। विधानसभा स्पीकर ने कहा कि जल्द ही उत्तराखंड विधानसभा को ई-विधानसभा के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए हिमाचल प्रदेश में ई-विस में इस्तेमाल तकनीक का अध्ययन कर लिया गया है। यूपी की ई-विस का अध्ययन कर उत्तराखंड विस को भी ई-विधानसभा बनाया जाएगा। उत्तराखंड बनने से अभी तक की जितने भी विधानसभा सदन चले हैं, की पूरी जानकारी भी एक जगह डिजिटल संग्रहित की जाएगी।

विधानसभा स्पीकर ने कहा कि आगामी विधानसभा सत्र को पेपर लेस कराने पर तेजी से काम किया जाएगा। इस संबंध में सोमवार को विधानसभा स्पीकर ऋतु खंडूड़ी भूषण ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक फोरम से ई-विधानसभा का उपयोग करके अधिक संख्या में लोगों का समावेश करना आसान होगा है। विधायकों के अलावा आम जनता भी प्रक्रिया में भाग ले सकेंगे और अपनी राय रख दे सकते हैं।

सोमवार को विधानसभा भवन कार्यालय कक्ष में स्पीकर ऋतु खंडूड़ी भूषण ने मामले को लेकर विधायकों व सूचना एवं विज्ञान प्रौद्योगिकी के अफसरों संग बैठक में कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग से समय और श्रम की बचत होती है। इलेक्ट्रॉनिक फोरम से ई-विधानसभा का उपयोग करके अधिक संख्या में लोगों का समावेश करना आसान होगा है। विधायकों के अलावा आम जनता भी प्रक्रिया में भाग ले सकेंगे और अपनी राय रख दे सकते हैं।

विधानसभा स्पीकर ऋतु खंडूड़ी ने कहा, ई-विधानसभा बनाने से कागजों की बचत होगी। विधानसभा कार्यों में बहुत से दस्तावेजों का उपयोग किया जाता है। इससे काफी खर्चा आता है, लेकिन ई-विधानसभा के माध्यम से दस्तावेज इलेक्ट्रॉनिक रूप से उपलब्ध हो सकते हैं, जिससे कागजों की बचत हो सकती है। साथ ही ई-विस के माध्यम से दस्तावेजों को आसानी से संग्रहित किया जा सकता है। कम कागजों के उपयोग से पर्यावरण को भी बचाया जा सकता है।

बैठक में विधायक उमेश कुमार काऊ, खजान दास, वीरेंद्र कुमार, मोहम्मद शहजाद, राजकुमार पोरी, अपर सचिव सूचना एवं विज्ञान प्रौद्योगिकी विजय कुमार, अपर सचिव वित्त अरुणेंद्र चौहान, विधानसभा प्रभारी सचिव हेम पंत, अनु सचिव विधानसभा संजय कुमार रावत आदि मौजूद थे।

वरिष्ठ भू-वैज्ञानिक डॉ. एसपी सती को ‘रियल हीरोज’ सम्मान, राज्यपाल गुरमीत सिंह ने किया सम्मानित

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Real Heroes honor to geologist Dr. SP Sati

श्रीनगर गढ़वाल :  वीर चंद्र सिंह गढ़वाली औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय भरसार के रानीचौरी परिसर में बेसिक एवं सोशल साइंस विभाग के विभागाध्यक्ष व वरिष्ठ भू- वैज्ञानितक डॉ. एसपी सती को रियल हीरोज पुरस्कार से नवाजा गया है। उन्हें यह सम्मान प्रदेश के राज्यपाल ले. जनरल गुरमीत सिंह (से.नि) ने प्रदान किया है। डॉ. सती हिमालयी पर्यावरण के क्षेत्र में दो दशक से भी अधिक समय से निरंतर शोध कार्य कर रहे हैं.

जनपद चमोली के पोखरी ब्लॉक स्थित देवस्थानम गांव निवासी स्व. सच्चिदानंद सती व विश्वंवरी देवी के बेटे सरस्वती प्रकाश सती को बचपन से ही से हिमालय से लगाव रहा। 1995 से उन्होंने गढ़वाल विश्वविद्यालय के भू-गर्भ विज्ञान विभाग में शिक्षण कार्य शुरू किया जो 2017 तक जारी रहा। डॉ. सती 2018 से वीर चंद्र सिंह गढ़वाली औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय भरसार के रानीचौरी परिसर में बेसिक एवं सोशल साइंस विभाग में सेवारत हैं। वर्तमान में वह विभागाध्यक्ष का दायित्व संभाल रहे हैं।

इससे पहले डॉ. सती ने एक साल तक भरसार विश्वविद्यालय के कुलसचिव का दायित्व भी संभाला। वे भारतीय भू-विज्ञान यूनियन, भारतीय भूकंप विज्ञान सोसायटी व भारतीय भू-वैज्ञानिक सोसायटी के फैलो हैं। साथ ही एक दर्जन से ज्यादा भू-वैज्ञानिक संगठनों के सदस्य भी हैं।

वरिष्ठ भू-वैज्ञानिक डॉ. एसपी सती इटली, आस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका सहित विश्व के कई देशों में अपने व्याख्यान दे चुके हैं। भारत में 60 से अधिक सेमीनारों में हिस्सा लेने के साथ ही व्याख्यान दे चुके हैं। डा. एसपी सती के जल विद्युत परियोजनाओं के पर्यावरणीय प्रभावों, हिमालयी ग्लेशियरों से लेकर प्राकृतिक आपदाओं, प्रचलित विकास मॉडलों पर उनके अनेक शोध पत्र प्रकाशित हो चुके हैं। 2013 में आई केदारनाथ आपदा पर प्रकाशित उनके शोध पत्र पर उत्तराखंड ही नहीं बल्कि संपूर्ण देश में बड़ी चर्चा हुई थी।

फूलदेई महोत्सव पर निबंध, पेन्टिंग सहित विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित

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पौड़ी: 27 मार्च को पोखरीखेत संकुल गिठाली विकास खंड पावौ पौड़ी गढ़वाल में हंस फाउंडेशन के माध्यम से फूलदेई (फूल संग्राद)  महोत्सव मनाया गया। जिसके तहत विभिन्न प्रतियोगिताए करायी गयी। जिसमें निबंध, पेन्टिंग व रंगोली प्रतियोगिता प्राथमिक व जूनियर वर्ग में आयोजित की गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि शिक्षाविद प्रेम सिंह रावत व विशिष्ट अतिथि अनुराग चमोली, महेश गिरि, आशीष थपलियाल रहे।

प्रतियोगिता के परिणाम निम्नवत रहे

निबन्ध प्रतियोगिता प्राथमिक वर्ग

  1. कुमारी संध्या राजकीय प्राथमिक विद्यालय चोरकण्डी प्रथम
  2. कुमारी राधिका राजकीय प्राथमिक विद्यालय पोखरीखेत द्वितीय
  3. सत्यम राजकीय प्राथमिक विद्यालय पोखरीखेत तृतीय रहे

निबंध प्रतियोगिता जूनियर वर्ग

  1. कुमारी मानसी राजकीय जूनियर हाईस्कूल क्यार्द प्रथम
  2. कुमारी दिशा राजकीय जूनियर हाईस्कूल गिठाली द्वितीय
  3. कुमारी कृतिका राजकीय जूनियर हाईस्कूल क्यार्द तृतीय स्थान पर रही

पेन्टिंग प्रतियोगिता प्राथमिक

  1. कुमारी खुशी राजकीय प्राथमिक विद्यालय पोखरीखेत प्रथम
  2. कुमारी कनिका असवाल राजकीय प्राथमिक विद्यालय पोखरीखेत द्वितीय
  3. आदित्य कुमार राजकीय प्राथमिक विद्यालय पोखरीखेत तृतीय स्थान पर रहे

पेन्टिंग प्रतियोगिता जूनियर स्तर

  1. प्रिंस राजकीय जूनियर हाईस्कूल क्यार्द प्रथम
  2. अंश कुमार राजकीय जूनियर हाईस्कूल क्यार्द द्वितीय
  3. दीपक राजकीय जूनियर हाईस्कूल गिठाली तृतीय स्थान पर रहे

रंगोली प्रतियोगिता जूनियर स्तर

  1. कृष्णा राजकीय जूनियर हाईस्कूल गिठाली प्रथम
  2. कुमारी प्रियांशी राजकीय जूनियर हाईस्कूल क्यार्द द्वितीय
  3. सुमित राजकीय जूनियर हाईस्कूल गिठाली तृतीय स्थान पर रहे

रंगोली प्रतियोगिता प्राथमिक

  1. प्रथम स्थान सत्यम व राधिका राजकीय प्राथमिक विद्यालय पोखरीखेत
  2. कुमारी प्रियंका राजकीय प्राथमिक विद्यालय पोखरीखेत द्वितीय
  3. कुमारी आकृति राजकीय प्राथमिक विद्यालय पोखरीखेत तृतीय स्थान पर रहे

इस अवसर पर प्रवीन नेगी ने नशा मुक्ति पर बोलते हुए बच्चों को भविष्य में कभी भी नशा न करने की शपथ दिलाई। साथ ही इस अवसर पर नशा मुक्त हो भारत हमारा के नारे के साथ छात्रों ने रैली निकाली। इस मौके पर हंस फाउंडेशन की तरफ से सभी छात्रों को आकर्षक पुरस्कार दिए गए। साथ ही शिक्षण सामग्री वितरित की गई। निर्णायक मंडल में प्रवीन नेगी, विमला रावत, मालती चौहान व चंद्र किशोर राणा रहे।

कार्यक्रम के अंत में आयोजक संयोजक प्रदीप रावत ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। अतिथियों द्वारा इस प्रकार के आयोजन के लिए हंस फाउंडेशन का आभार व्यक्त किया गया। आयोजन में  विजयलक्ष्मी, शैला नेगी, प्रकाश गैरोला, लवलीता, विश्वनाथ रावत, बुदिश कुकरैती, अनिता, कुसुम आदि ने सहयोग प्रदान किया।

 

दर्दनाक हादसा: श्रीनगर ऋषिकेश राष्ट्रीय राजमार्ग पर तेज रफ्तार बस ने स्कूटी को मारी टक्कर, गढ़वाल विवि की शोध छात्रा की मौत

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NANDNI-KOTHIYAL bus accident

श्रीनगर : ऋषिकेश बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर मलेथा के समीप आज सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। मिली जानकारी के मुताबिक कीर्तिनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत ऋषिकेश बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर मलेथा में पेट्रोल पंप के समीप एक तेज रफ़्तार बस ने आगे चल रही स्कूटी पर जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में 24 साल की छात्रा की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद बस चालक घटनास्थल से फरार हो गया। मृतक छात्रा की पहचान देवप्रयाग निवासी नंदिनी कोठियाल के रूप में हुई है। वह गढ़वाल विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग में पीएचडी कर रही थी। हादसे के बाद पुलिस ने बस को कब्जे में ले लिया है।

पुलिस के मुताबिक हादसा कीर्तिनगर थाना क्षेत्र के मथेला स्थित पेट्रोल पंप के पास हुआ। छात्रा देवप्रयाग से अपनी स्कूटी पर सवार होकर श्रीनगर जा रही थी, तभी देहरादून से रुद्रप्रयाग जा रही एक बस ने पीछे से स्कूटी को टक्कर मार दी। इस हादसे में छात्रा की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद बस चालक मौके से फरार हो गया। नंदिनी गढवाल विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग से पीएचडी कर रही थी। नंदिनी की मौत की खबर के बाद से देवप्रयाग से लेकर श्रीनगर में शौक की लहर है। पुलिस ने पंचनामा भरकर नंदिनी के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। वहीं जिस बस से हादसा हुआ, उसे भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस बस ड्राइवर की तलाश कर रही है।

देहरादून में आयोजित संवाद से समृद्धि तक कार्यक्रम में चकबंदी आंदोलन के प्रणेता गणेश सिंह गरीब के जीवन पर आधारित पुस्तक का विमोचन

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samvad se samriddhi tak

देहरादूनः प्रदेश की राजधानी देहरादून के टाउन हॉल में रविवार को टूरिस्ट संदेश फाउंडेशन द्वारा संवाद से समृद्धि तक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी, विशिष्ठ अतिथि राज्य सूचना आयुक्त योगेश भट्ट रहे। इस अवसर पर चकबंदी आन्दोलन के अप्रतिम नायक गणेश सिंह गरीब के जीवन पर आधारित पुस्तक का विमोचन भी किया गया। विमोचन के दौरान गणेश सिंह गरीब स्वयं भी मौजूद रहे। इस मौके पर उन्हें सम्मानित किया गया।

टूरिस्ट संदेश फाउंडेशन की ओर से संवाद से समृद्धि कार्यक्रम में वक्ताओं ने चकबंदी पर सभी को एकजुट होकर कार्य करने, चकबंदी अनिवार्य रूप से होने व इस कार्य के लिए प्रशिक्षित लोग के होने पर जोर दिया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि कहा कि चकबंदी को लेकर आमजन में जागरूकता होनी चाहिए। कहा कि राज्य के कई गांवों में रहने वाले ग्रामीणों ने चकबंदी पर सहमति जताई है। ग्राम व ब्लाक स्तर पर उन्हें सही जानकारी के साथ जागरूक करना जरूरी है। तभी चकबंदी सफल साबित होगी।

राज्य सूचना आयुक्त योगेश भट्ट ने कहा कि यदि प्रदेश का मूलमंत्र चकबंदी है तो क्यों अब तक कार्य नहीं हुआ। जो कार्य राज्य बनने के दौरान होना चाहिए था, आज यहां उस पर चर्चा करना दुर्भाग्यपूर्ण है। जनता सरकार को कार्य के लिए तैयार ना होने व सरकार का जनता की मंशा न होने की बात कहते हैं। उन्होंने कहा कि वह अपने स्तर से भी चकबंदी के संबंध में सरकार को पत्र भेजेंगी। चकबंदी को लेकर कार्य कर रहे लोग के प्रयास को सराहा। पूर्व विधायक केदार सिंह रावत ने सुझाव दिया कि चकबंदी समिति कार्यकाल के दौरान तकरीबन 86 गांवों से स्वैच्छिक प्रस्ताव मांगे गए थे। वहां पर चकबंदी लागू होना चाहिए। इसके बाद चकबंदी आदि रहे।

चकबंदी आंदोलन के प्रणेता गणेश सिंह गरीब ने कहा कि पहाड़ के लिहाज से चकबंदी व्यवस्था लागू ना होने से पर्वतीय जिलों से बदस्तूर पलायन हुआ है। कृषि उत्पादन में भी कमी आई है। पहाड़ की हजारों नाली कृषि योग्य भूमि आज बंजर है।

कार्यक्रम में पूर्व विधायक एवं चकबंदी समिति के पूर्व अध्यक्ष केदार सिंह रावत, पूर्व बंदोबस्त अधिकारी आयोजक लेखक सुभाष चंद्र नौटियाल, राकेश मोहन ध्यानी, प्रकाश थपलियाल आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुंवर सिंह भंडारी ने की। कार्यक्रम का संचालन राकेश मोहन ध्यानी ने किया। प्रथम सत्र में सभी ने चकबंदी पर अपने अपने विचार रखे। वहीं दूसरे सत्र में लोक संस्कृति एवं लोकाचार में राकेश मोहन ध्यानी द्वारा लिखी गजलें लोक गायक विजय सैलानी ने प्रस्तुत की। इसके अलावा कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों के लिए भोजन में दीपिका डोभाल एवं कपिल डोभाल द्वारा मोटे अनाज से निर्मित सुरुचिपूर्ण उत्तराखंडी व्यंजन की गयी। सभी ने पहाड़ी स्ट्रीट फूड जंक्शन का जायका लिया।

देहरादून से जगमोहन डांगी की रिपोर्ट

 

ग्रेटर नोएडा से उत्तराखंड के तीन शहरों के लिए सीधी बस सेवा का शुभारंभ, क्षेत्रीय प्रबंधक तथा सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना, देखें बसों का किराया एवं टाइम टेबल

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ग्रेटर नोएडा: ग्रेटर नोएडा वासियों के लिए खुशखबरी है। आज से ग्रेटर नोएडा से उत्तराखण्ड के तीन शहरों (हरिद्वार, कोटद्वार तथा रुद्रपुर) के लिए सीधी बस सेवा शुरू हो गयी है। आज दोपहर करीब 12 बजे ग्रेटर नोएडा के सिटी पार्क में आयोजित उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि क्षेत्रीय प्रबंधक नोएडा मनोज कुमार, विशिष्ट अतिथि सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक नोएडा एनपी सिंह तथा उत्तराखंड सांस्कृतिक समिति के अध्यक्ष जेपीएस रावत ने उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बस को हरी झंडी दिखकर कोटद्वार के लिए रवाना किया। इसके साथ ही आज से कोटद्वार, हरिद्वार तथा रुद्रपुर के लिए उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बसों को विधिवत संचलान शुरू हो गया है।greater-noida-to-kotdwar-roadways-bus-service

इस मौके पर उत्तराखण्ड सांस्कृतिक समिति ग्रेटर नोएडा के अध्यक्ष जेपीएस रावत बस सेवा शुरू करने के लिए समिति की ओर से क्षेत्रीय प्रबंधक मनोज कुमार, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक एनपी सिंह का आभार व्यक्त किया। साथ ही परिवहन निगम के पधाधिकारियों से देहरादून, हल्द्वानी तथा रामनगर के लिए भी बस सेवा शुरू करने का आग्रह किया। जेपीएस रवात ने कहा कि ग्रेटर नोएडा में रह रहे हजारों उत्तराखंड मूल के लोगों की यह एक बड़ी समस्या थी जिसका समाधान दोनों अधिकारियों द्वारा तत्काल प्रभाव से निकाला गया है। इसके लिए समिति दोनों अधिकारियों का आभार प्रकट करती है। उहोने कहा कि इन बसों के परिचालन से न सिर्फ उत्तराखंड मूल के लोगों अपितु समस्त ग्रेटर नोएडा वासियों को फायदा मिलेगा। क्योंकि हरिद्वार कुंभ स्नान हो या फिर चारधाम यात्रा के दर्शन, हर साल हजारों की संख्या में लोग यहाँ से देवभूमि उत्तराखंड के लिए आवागमन करते हैं।

गौरतलब है कि ग्रेटर नोएडा वासी विशेष रूप से उत्तराखंड मूल के लोग लम्बे समय से ग्रेटर नोएडा से उत्तराखंड के विभिन्न शहरों के लिए सीधी बस सेवा की मांग कर रहे थे। उत्तराखंड सांस्कृतिक समिति के प्रयासों से आज उनकी मांग पूरी हो गयी है। इस बस सेवा के शुरू हो जाने से यहाँ रह रहे हजारों लोगों को आवागमन में अत्यधिक सहूलियत हो जाएगी। साथ ही समय और पैसे की भी बचत होगी।greater-noida-to-kotdwar-roadways-bus-service

उद्घाटन समरोह में मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए नोएडा के क्षेत्रीय प्रबंधक मनोज कुमार तथा सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक एनपी सिंह ने कहा कि आज ग्रेटर नोएडा से उत्तराखंड के तीन शहरों के लिए जो सीधी बस सेवा शुरू हुयी है उसका श्रेय उत्तराखंड सांकृतिक समिति को जाता है। उन्होंने कहा कि यह समिति के प्रयासों कही परिणाम है। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही उत्तराखंड के अन्य मार्गों के लिए भी बसों का संचालन शुरू किया जायेगा।

फ़िलहाल ग्रेटर नोएडा के सिटी पार्क से पारी चौक होते हुए उत्तराखंड के तीन शहरों कोटद्वार, हरिद्वार तथा रुद्रपुर के लिए रोड़वेज बसों का परिचालन शुरू हो गया है।

बसों की समय सारिणी

  स्टार्ट पॉइंट                      टाइम             एंड पॉइंट     

  • ग्रेटर नोएडा (सिटीपार्क/परी चौक) 06:00 AM   कोटद्वार
  • ग्रेटर नोएडा (सिटीपार्क/परी चौक) 07:00 AM   हरिद्वार
  • ग्रेटर नोएडा (सिटीपार्क/परी चौक) 06:20 AM   रूद्रपुर

कितना लगेगा किराया

  • ग्रेटर नोएडा से कोटद्वार 356/- रुपये प्रति सवारी
  • ग्रेटर नोएडा से हरिद्वार 401/- रुपये प्रति सवारी
  • ग्रेटर नोएडा से रूद्रपुर 416/- रुपये प्रति सवारी

इस मौके पर मुख्य अतिथि क्षेत्रीय प्रबंधक नोएडा मनोज कुमार, विशिष्ट अतिथि सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक नोएडा एनपी सिंह, एक्टिव सिटीजन टीम के हरेन्द्र भाटी, अलोक सिंह, राहुल नम्बरदार, महिला उत्थान समिति की रूपा गुप्ता, अंजू पुंडीर, उत्तराखंड समिति के अध्यक्ष जेपेएस रावत, महासचिव तारादत्त शर्मा, कोषाध्यक्ष बच्ची राम रतूड़ी, वरिष्ठ सलाहकार जनेंद्र पाल रावत, केएन लखेड़ा, त्रिलोक पंवार, जीसी भट्ट, नत्थी सिंह पुंडीर, एससी गौरोली, सुबोध नेगी, सुरेन्द्र सिंह रावत, कृष्णा पन्त, के.के. नौटियाल, चंद्रा नौटियाल, मोहन ढौंडियाल, दिनेश कुंजवाल, विजेंद्र बिष्ट, दिनेश, भारती रावत, मीना नेगी, कविता रावत, आरती डबराल, शोभा शर्मा, रेनू चंदोला, कमला जोशी, जानकी देवी, दीपा कांडपाल, जया मेहरा, प्रमिला भट्ट, विमला न्योलिया, शेर सिंह नेगी, गोविंद सिंह मेहरा, डीएस फर्त्याल, खिमानन्द फुलरा, मोहन चंद्र जोशी, पंडित खंडूरी जी सहित समिति के सैकड़ों सदस्य मौजूद रहे।