Home Blog Page 506

उत्तराखंड की शिक्षिका डॉ. ममता पुरोहित को मिला प्रतिष्ठित साराभाई राष्ट्रीय वैज्ञानिक शिक्षक पुरस्कार, राज्यपाल ने दी बधाई

0
Mamta Purohit received the Sarabhai National Scientific Teacher Award

उत्तराखंड की विज्ञान शिक्षिका डॉ ममता पुरोहित को साराभाई राष्ट्रीय वैज्ञानिक शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। राजकीय हाईस्कूल उत्तरौड़ा ( बागेश्वर) की विज्ञान शिक्षिका डॉ. ममता पुरोहित को विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए भारतीय राष्ट्रीय वैज्ञानिक शिक्षक परिषद और रमन साइंस एंड टेक्नोलॉजी फाउंडेशन की ओर से यह सम्मान दिया गया है। डॉ ममता पुरोहित की इस उपलब्धि पर उत्तराखंड में खुशी की लहर है।

भारतीय राष्ट्रीय शिक्षक परिषद ने साराभाई राष्ट्रीय वैज्ञानिक शिक्षक पुरस्कार के लिए बीते 27 और 28 फरवरी को आनलाइन प्रतियोगिता आयोजित की। जिसमें देशभर के 10 विज्ञान शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। कपकोट तहसील के राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय उत्तरौड़ा में नियुक्त विज्ञान शिक्षिका डा. ममता पुरोहित ने भी प्रतिभाग किया। शिक्षिका डॉ. ममता देशभर से चुने गए 10 शिक्षकों में दूसरा स्थान पाने में सफल रहीं। वह पुरस्कार पाने वाली उत्तर भारत की एकमात्र शिक्षिका हैं। डॉ ममता पुरोहित के स्कूल और उनके गृहक्षेत्र में हर कोई इस खबर से गौरवान्नित है। उन्हें भारतीय राष्ट्रीय वैज्ञानिक शिक्षक परिषद और रमन साइंस टेक्नालाजी फाउंडेशन ने संयुक्त रूप से पुरस्कृत किया।

बता दें कि इस अवार्ड के लिए बीते अक्टूबर 2022 में आनलाइन पंजीकरण हुए थे। चयन के लिए उनके शैक्षणिक उपलब्धि, शोध पत्र, छात्राओं के लिए विद्यालय स्तर पर आयोजित की गई वैज्ञानिक गतिविधियां, छात्रों के विकास खंड स्तर से राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित किए गए विज्ञान महोत्सव,बाल विज्ञान कांग्रेस, सीमांत विज्ञान महोत्सव, सामाजिक मानक, बालिका शिक्षा के क्षेत्र में किए गए प्रयास, लिंगभेद मिटाने के लिए प्रयास आदि को दर्ज किया गया। शिक्षिका ने आनलाइन माध्यम से प्रजेंटेंशन दिया। साक्षात्कार के बाद राष्ट्रीय फलक के माध्यमिक शिक्षा वर्ग में उन्होंने पूरे देश में द्वितीय स्थान प्राप्त किया।

उत्तराखंड के राज्यपाल रि. ले. जनरल गुरुमीत सिंह ने डॉ ममता पुरोहित को साराभाई राष्ट्रीय वैज्ञानिक शिक्षक पुरस्कार मिलने पर बधाई दी है। राज्यपाल रि. ले. जनरल गुरुमीत सिंह ने ट्वीट करते हुए लिखा डॉ. ममता जी ने पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया है। आपकी यह उपलब्धि देवभूमि की बेटियों के लिए प्रेरणा स्रोत है।

नये स्वरूप में नजर आएंगे आंगनबाड़ी केन्द्र, बच्चों के लिये खरीदे जायेंगे फर्नीचर्स और आउटडोर प्ले मैटिरियल: डॉ. धन सिंह रावत

0

देहरादून : प्रदेशभर में राजकीय विद्यालयों में संचालित 799 आंगनबाडी केन्द्रों की सूरत बदलने जा रही है। भारत सरकार द्वारा समग्र शिक्षा के तहत वर्ष 2022-23 हेतु चाइल्ड फ्रेंडली फर्नीचर एवं आउटडोर प्ले मैटिरियल के लिये 623 लाख की धनराशि जारी कर दी है। राज्य परियोजना कार्यालय उत्तराखंड द्वारा यह धनराशि सभी जनपदों को उपलब्ध करा दी गई है।

सूबे के शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने मीडिया को जारी एक बयान में बताया कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जहां सर्वप्रथम राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को लागू किया जा चुका है। राज्य सरकार ने प्रदेशभर के राजकीय विद्यालयों में संचालित आंगनबाडी केन्द्रों के आधुनिकीकरण एवं साज-सज्जा के लिये भारत सरकार को कार्ययोजना भेजी थी, जिसके क्रम में केन्द्र सरकार द्वारा सूबे के 799 आंगनबाडी केन्द्रों में भौतिक संसाधान उपलब्ध कराने के लिये 623.22 लाख की धनराशि जारी की है, जिसको राज्य परियोजना समग्र शिक्षा उत्तराखंड द्वारा जनपदों को आवंटित कर दी गई है।

डा. रावत ने बताया कि इस योजना के तहत प्रत्येक आंगनबाडी केन्द्र को चाइल्ड फ्रेंडली फर्नीचर एवं आउटडोर प्ले मैटिरियल हेतु 39-39 हजार की धनराशि जारी कर दी गई है। उन्होंने बताया कि आगामी वित्तीय वर्ष में शेष आंगनबाडी केन्द्रों के आधुनिकीकरण का प्रस्ताव भी भारत सरकार को भेजा जायेगा ताकि प्रदेश भर के साढ़े चार हजार आंगनबाडी केन्द्रों का भी कायाकल्प किया जा सकेगा।

प्रथम चरण में सूबे के जिन आंगनबाडी केन्द्रो को चयनित किया गया है उनमें अल्मोड़ा जनपद के 198, बागेश्वर 20, चमोली 58, चम्पावत 24, देहरादून 82, हरिद्वार 9, नैनीताल 69, पौड़ी 100, पिथौरागढ़ 47, रूद्रप्रयाग 10, टिहरी 39, ऊधमसिंह नगर 93 एवं उत्तरकाशी में 50 आंगनवाडी केन्द्र शामिल है। उन्होंने परियोजना में कार्यरत अधिकारियों एवं जिले के अधिकारियों को निर्देश दिये कि परियोजना का कार्य नियत समय पर पूर्ण करें ताकि आंगनबाडी केन्द्रों में अध्ययनरत नौनिहालों को बेहत्तर शिक्षा दी जा सके। विभागीय मंत्री ने उम्मीद जताई कि इस योजना के लागू होने से जहां एक ओर आंगनबाडी केन्द्रों की दशा और दिशा सुधरेगी वहीं इन केन्द्रों में नई शिक्षा नीति के अनुरूप बच्चों को एजुकेशन मिल सकेगी, जो कि देश के लिये एक मिशाल साबित होगी।

74वां श्रीराम शंकरलाल संगीत समारोह 2023: 10 से 12 मार्च तक श्रीराम भारतीय कला केंद्र लॉन, नई दिल्ली में

0

नई दिल्ली: श्रीराम भारतीय कला केंद्र का 74वां श्रीराम शंकरलाल संगीत समारोह शुक्रवार, 10 मार्च 2023 से रविवार, 12 मार्च 2023 तक श्रीराम भारतीय कला केंद्र लॉन, कोपरनिकस मार्ग नई दिल्ली में शाम 6:30 बजे से प्रस्तुत होगा । श्रीमती शोभा दीपक सिंह (निदेशक एवं उपाध्यक्ष) द्वारा निर्मित और उनके अवधारणा पर आधारित, श्रीराम शंकरलाल संगीत समारोह भारत के प्रमुख एवं बहुपूर्वकाल व्यापी समारहों में से एक है जिसमे पौराणिक और नवीन दोनो ही क्षेत्रों के कलाकारों को उभारा जाता है।

इस वर्ष दर्शकों को अपनी पेशकश से मंत्रमुग्ध करने के लिए निम्न कलाकारों ने इस आयोजन को संवारा है, उनमे राकेश चौरसिया (बांसुरी), कौशीकी चक्रवर्ती (हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायन), शाहिद परवेज खान (सितार), बॉम्बे जयश्री (कार्नाटिक संगीत), बिस्वजीत रॉय चौधरी (सरोद) और उस्ताद राशिद खान (हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायन) आदि शामिल हैं।

श्रीराम शंकरलाल संगीत समारोह के माध्यम से केंद्र ने कला प्रदर्शन के क्षेत्र में एक मुकाम हासिल किया है जो सर्वोपरी है। इस आयोजन का लक्ष्य है भारत की असीम और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को नूतन पीढ़ियों तक पहुंचना। इस उपलक्ष में श्रीमती शोभा दीपक सिंह का कहना है, “भारत और इसकी सांस्कृतिक विविधता के लिए मेरा आकर्षण कभी खत्म नहीं होता। प्रदर्शन कलाओं के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित करने के बाद मैं स्वयं को इंटरनेट पीढ़ी को अपनी जड़ों से अवगत कराने के लिए जिम्मेदार समझती हूं। वर्तमान समय अनिश्चित है और संगीत में लोगों को एक साथ जोड़ने की शक्ति है। केंद्र में, हमने संरक्षकों और नौसिखियों को समान रूप से मैनेज किया है, जिससे नौसिखियों को अपनी सांस्कृतिक विरासत के लिए भारत की सराहना करने में मदद मिलती है।”

संगीत समारोह की अनुसूची:

  1. पहला दिन शुक्रवार, 10 मार्च, 2023: बांसुरी वादक राकेश चौरसिया की सुरीली प्रस्तुति और गायिका कौशिकी चक्रवर्ती की भावपूर्ण हिंदुस्तानी शास्त्रीय प्रस्तुति।
  2. दूसरा दिन शनिवार, 11 मार्च, 2023: शाहिद परवेज खान के सितार प्रदर्शन से मंत्रमुग्ध हो जाएं और कर्नाटक गायक बॉम्बे जयश्री द्वारा जटिल धुनों में डूब जाएं।
  3. तीसरा दिन रविवार, 12 मार्च, 2023: बिस्वजीत रॉय चौधरी आपको अपने सरोद नोटेशन और हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायक, उस्ताद राशिद खान के दिल को छू लेने वाले प्रदर्शन के साथ शांति की दुनिया में ले जाते हैं।

कलाकार प्रोफाइल:

राकेश चौरसिया: राकेश चौरसिया एक अभिनव आधुनिक बांसुरी प्रतिपादक हैं। उनकी शैली उनके प्रसिद्ध गुरु और चाचा पंडित हरिप्रसाद चौरसिया के नक्शेकदम पर चलती है, साथ ही उन्होंने अपना क्षेत्र भी बनाया है, हाला में किए जुगलबंदियों में जैज़, फ्लेमेंको और बॉलीवुड शामिल हैं। वह नई ध्वनियों को एक्सप्लोर करने के लिए प्रोत्साहित करने के साथ हरिप्रसाद के खुले विचारों वाले दर्शन को श्रेय देते हैं, और अभी भी अपने चाचा के शिक्षण में असीम प्रेरणा पाते हैं।

कौशिकी चक्रवर्ती: कौशिकी एक विलक्षण बाल कलाकार हैं जिन्होंने दो साल की उम्र में संगीत पैटर्न को पुन: पेश करना शुरू कर दिया था। उन्होंने 16 साल की उम्र में अपना पहला एकल अभिनय किया। कौशिकी ने अपनी मां श्रीमती चांदना चक्रवर्ती के तहत प्रशिक्षण शुरू किया। इसके बाद, उन्हें अपने पिता, मुखर उस्ताद पंडित अजॉय चक्रवर्ती की शिष्या बनने से पहले, प्रसिद्ध गुरु पंडित ज्ञान प्रकाश घोष की “गंदा बंद” शिष्या बनने का सौभाग्य मिला, जिसके तहत वह सीखती रहीं। बाद में, उन्हें पद्मविभूषण पंडित बालमुरली कृष्ण से कर्नाटक शास्त्रीय संगीत में तालीम पाने का भी सौभाग्य मिला। उनके गुरुओं, विशेष रूप से उनके पिता के अधीन उनकी तालीम ने यह सुनिश्चित किया है कि हिंदुस्तानी संगीत की छत्रछाया में आने वाले विभिन्न मुखर रूपों पर उनका समान अधिकार है। खयाल गायक के रूप में उनकी प्रतिभा जगजाहिर है, लेकिन वह ठुमरी, दादरा, कजरी, चैती, भजन आदि जैसे अन्य ‘हल्के शास्त्रीय’ शैलियों को गाने में निपुण हैं।

शाहिद परवेज खान: उस्ताद शाहिद परवेज खान सितार वादकों की छह पीढ़ियों के वंशज हैं।

राजकीय इंटर कॉलेज नवाखाल के विद्यार्थियों ने शैक्षिक भ्रमण कर प्राप्त की महत्वपूर्ण जानकारियां

0

Srinagar Garhwal News: समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत राजकीय इंटर कॉलेज नवाखाल, ब्लॉक खिर्सू, पौड़ी गढ़वाल के कक्षा 9 व 11 के विद्यार्थियों ने शैक्षिक भ्रमण कर महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की. विद्यालय के’ प्रधानाचार्य महेंद्र सिंह नेगी ने भ्रमण दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. विद्यार्थियों के साथ मार्गदर्शक के रुप में शरद रावत प्रवक्ता राजनीति विज्ञान एवं वंदना रावत सहायक अध्यापक विज्ञान शामिल थे.

सर्वप्रथम भ्रमण दल ने सहकारी दुग्ध संस्थान श्रीनगर पहुंचकर और जानकारियां हासिल की. संस्थान के प्रयोगशाला सहायक मनमोहन तलड़ियाल ने विद्यार्थियों को दूध से बनने वाले उत्पादों की निर्माण प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी. तथा बताया कि किस प्रकार दूध में होने वाली मिलावट की जांच की जाती है. उन्होंने प्रयोग में आने वाले उपकरणों एवं संयंत्रों की कार्यविधि के बारे में भी बताया. विद्यार्थी काफी जिज्ञासा से देख एवं सुन रहे थे. तत्पश्चात भ्रमण दल ने केंद्रीय गढ़वाल विश्वविद्यालय की HAPPRC संस्थान का भ्रमण किया.

संस्थान’में शोधार्थी जयदेव चौहान ने विद्यार्थियों को उच्च शिखरीय हिमालय पादपों तथा औषधीय, सुगंधित पादपों में अंतर की जानकारी दी. चौहान ने सभी एल्टीट्यूड में उगने वाले पादपों के स्थानीय तथा वैज्ञानिक नामों के बारे में भी बताया. तथा स्पष्ट किया कि जीव जंतु तथा पादपों के वैज्ञानिक नाम क्यों रखे जाते हैं. तथा यह भी बताया कि विभिन्न एल्टीट्यूड में होने वाले पादपों को संस्थान में कैसे उगाया जाता है. उन्होंने पारिजात, तेजपत्ता, अश्वगंधा, जंगली पान, सान्दव, दालचीनी, हरड़ आदि उत्पादों की हमारे लिए उपयोगिता को भी स्पष्ट किया. तथा प्रयोगशाला में उच्च शिखरीय पादकों, दुर्लभ व विलुप्त पादपों के उत्तक संवर्धन की प्रक्रिया की भी जानकारी दी. तथा HAPPRC के उद्देश्यों तथा उसके तुंगनाथ स्थित परिसर की उपयोगिता की भी जानकारी दी.

मुद्रा सप्ताह के अंतर्गत यूनियन बैंक ऑफ इंडिया देहरादून द्वारा सिक्कों का वितरण करवाया गया

0

Dehradun News: भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा 6 मार्च से 10 मार्च 2023 तक मुद्रा सप्ताह के अंतर्गत यूनियन बैंक ऑफ इंडिया देहरादून के मुद्रा प्रकोष्ठ व विभिन्न शाखाओं (देहरादून क्षेत्र) द्वारा सिक्कों का वितरण करवाया गया।

इस उपलक्ष में आयोजित कैंप मे ग्रहकों को सिक्कों व छोटी मुद्रा के नोट के बारे मे जानकारी गई। मुद्रा प्रकोष्ठ (देहरादून) के प्रबन्धक हेमन्त सिंह नेगी द्वारा सिक्कों के बारे मे भ्रामक जानकारी या अफवाहों पर विश्वास न करने के बारे में बताया गया।

कैंप का आयोजन यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, देहरादून के क्षेत्र प्रमुख लोकनाथ साहू के मार्ग दर्शन में किया गया। कैंप में उप क्षेत्रप्रमुख अजय कुमार मसन्द, मुद्रा प्रकोष्ठ के प्रबन्धक हेमंत सिंह नेगी एवं विभिन्न शाखाओं के प्रबन्धक डी. के. चौधरी, दयाशंकर, अदित्या गुप्ता, आशीष कुकरेती, हरीश चन्द्र सिंह नेगी, सचिन कुमार , नवीन कुमार आदि उपस्थित थे।

ग्रेनो वेस्ट वासियों को प्राधिकरण के नए दफ्तर की जल्द मिलेगी सौगात, सीईओ रितु माहेश्वरी ने की प्रोजेक्टों की समीक्षा

0
Greater Noida West new authority

Greater Noida News: ग्रेटर नोएडा वेस्ट के निवासियों को प्राधिकरण के नए दफ्तर की सौगात शीघ्र मिलने जा रही है। टेकजोन फोर में प्राधिकरण का दफ्तर बनाने का काम लगभग पूरा हो चुका है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी ने समीक्षा बैठक में इसे शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

दरअसल, ग्रेटर नोएडा वेस्ट में करीब 200 बिल्डर सोसाइटियां हैं। सेक्टर व गांव इनसे अलग हैं। यहां तेजी से आबादी बढ़ रही है ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का मुख्यालय नॉलेज पार्क फोर में बना है। दूर होने के कारण ग्रेटर नोएडा वेस्ट से प्राधिकरण के दफ्तर तक आने-जाने में ग्रेनो वेस्ट के निवासियों को दिक्कत होती है। इसे देखते हुए टेकजोन फोर में प्राधिकरण का दफ्तर बनवाया जा रहा है। इस दफ्तर में सीईओ व एसीईओ का दफ्तर, मीटिंग व वेटिंग रूम, तीन केबिन, रिकॉर्ड रूम और ट्वॉयलेट ब्लॉक बनाए गए हैं। यह साइट ऑफिस करीब 1100 वर्ग मीटर में बना है। इसे बनाने मे करीब सवा दो करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।

प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी ने बृहस्पतिवार को सभी परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान दफ्तर में फर्नीचर लगवाने और बाहरी परिसर का कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए हैं, ताकि ग्रेनो वेस्ट के निवासियों को इसका लाभ शीघ्र मिल सके। सीईओ रितु माहेश्वरी का कहना है कि इस दफ्तर के बन जाने से न सिर्फ शिकायतें निपटाने में आसानी होगी, बल्कि ग्रेटर नोएडा के विकास कार्यों की रफ्तार और बढ़ जाएगी। एसीईओ स्तर के अधिकारी नियमित रूप से बैठेंगे। साथ ही ग्रेटर नोएडा वेस्ट से संबंधित इंजीनियर भी नियमित रूप से यहां बैठेंगे, जिससे परियोजनाओं को और तीव्र गति से पूरी करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही ईस्टर्न पैरिफेरल एक्सप्रेसवे के सिरसा प्रवेश द्वार के पास बने ट्रकर्स प्वाइंट के पहले चरण का कार्य भी लगभग पूरा हो चुका है।

सीईओ ने पहले फेज की सुविधाएं भी पब्लिक के लिए शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए हैं। सीईओ ने पहले चरण के आदर्श गांवों के विकास कार्यों को भी शीघ्र पूरा करने को कहा है। गांवों में स्थित तालाबों और स्कूलों के रेनोवेशन के कार्य भी तेजी से कराने के निर्देश दिए हैं। नए सेक्टरों में थीम पार्क बनाने के लिए उद्यान विभाग को निर्देशित किए हैं। बैठक के दौरान  एसीईओ मेधा रूपम, एसीईओ अमनदीप डुली व एसीईओ आनंद वर्धन, ओएसडी हिमांशु वर्मा, ओएसडी विशु राजा, ओएसडी संतोष कुमार,ओएसडी एनके सिंह समेत सभी वरिष्ठ अधिकारीगण मौजूद रहे।

ग्रेनो में सभी तरह की प्रॉपर्टी की स्कीमें जल्द आएंगी

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी ने उद्योग, वाणिज्यिक, संस्थागत और आवासीय संपत्ति विभाग की भी समीक्षा की। सीईओ ने इन सभी विभागों को भूखंड योजनाएं शीघ्र लाने के निर्देश दिए हैं। औद्योगिक भूखंड, दुकानें, डाटा सेंटर, शिक्षण संस्थान, वेयर हाउसिंग के भूखंड आदि की स्कीमें लाने को कहा है। सीईओ ने कहा कि बकाया भुगतान न देने वाले जिन आवंटियों के आवंटन निरस्त किए गए हैं, उन भूखंडों को भी इन स्कीमों में शामिल कर जल्द लांच करें।

सीईओ ने कहा है कि जिन निवेशकों  ने ग्रेटर नोएडा वेस्ट में निवेश के लिए करार किए हैं उनसे संपर्क कर निवेश के लिए प्रेरित करें। उनकी जरूरत के हिसाब से भूखंडों को इन स्कीमों में शामिल करें, ताकि उनको मिल सके और वे यहां अपनी इकाई लगा सकें। इससे ग्रेटर नोएडा में निवेश होगा। यहां के युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। सीईओ ने इसी माह ये सभी स्कीमें लाने के निर्देश दिए। सीईओ ने विभिन्न कोर्ट व फोरम में लंबित प्रकरणों की विभागवार समीक्षा की। इन प्रकरणों को शीघ्र निस्तारित करने के निर्देश दिए। लापरवाही करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।

सभी प्रमुख स्थलों पर अच्छे डस्टबिन लगवाने के निर्देश

ग्रेटर नोएडा : ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी ने बृहस्पतिवार को जनस्वास्थ्य विभाग की परियोजनाओं की भी समीक्षा की। सीईओ ने कहा है कि सभी सेक्टरों व गांवों के हर घर से कूड़ा उठाने के लिए कंपनी का चयन निर्धारित समयावधि में कर लें। इसी माह कंपनी का चयन कर 01 अप्रैल से हर घर से कूड़ा उठवाने की प्राधिकरण की योजना है। सीईओ रितु माहेश्वरी ने ग्रेटर नोएडा व ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सभी प्रमुख स्थलों पर अच्छे डस्टबिन रखवाने और उनका कूड़ा उठाकर नियमित सफाई कराने के निर्देश दिए। इस बैठक में एसीईओ मेधा रूपम, ओएसडी रजनीकांत व वरिष्ठ प्रबंधक उत्सव निरंजन आदि शामिल रहे।

उत्तराखंड में रेशम कीट बीमा योजना का शुभारंभ, देश का पहला राज्य बना, इन 4 जिलों में शुरू हुई नई योजना, कृषि मंत्री गणेश जोशी ने किया उद्घाटन

0

Silkworm Insurance Scheme: रेशम कीट बीमा योजना शुरू करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन गया है। प्रदेश के कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने गुरुवार को देहरादून में एक निजी होटल में उत्तराखण्ड राज्य के रेशम कीट पालकों के लिए भारतीय कृषि बीमा कंपनी द्वारा रेशम निदेशालय, उत्तराखण्ड के सहयोग से ‘सरल कृषि बीमा’ के उद्घाटन कार्यक्रम में प्रतिभाग रेशम कीट बीमा योजना का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मंत्री गणेश जोशी ने कहा वर्तमान समय में पूरे प्रदेश में रेशम के कार्यों से लगभग 12000 कृषक परिवार जुड़े हैं जिनमें से गतवर्ष 6691 किसानों द्वारा शहतूती रेशम का कीटपालन कार्य करते हुए लगभग 300 मी०टन रेशम कोये का उत्पादन किया है।

इस अवसर पर मंत्री गणेश जोशी ने अपने संबोधन में कहा किसानों के हितों के संरक्षण पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का विशेष ध्यान है। उन्होंने कहा देश के किसानों के अधिक से अधिक लाभ मिले, किसानों के आर्थिक स्तर में सुधार हो इसके लिए राष्ट्रीय स्तर पर अनेकों योजनाओं का संचालन किया जा रहा है।

प्राकृतिक कारणों से किसानों को होने वाले आर्थिक नुकसान से बचाने के प्रयासों के लिए अनेकों सार्थक प्रयास राष्ट्रीय स्तर पर किये जा रहे हैं, जिसमें से एक फसल बीमा योजना का संचालन भी है। इसी को ध्यान में रखते हुए हमारे राज्य उत्तराखण्ड में भी कृषि कार्यों से जुड़े किसानों को प्राकृतिक कारणों से होने वाले नुकसान की भरपाई हेतु फसल बीमा के क्षेत्र में भारतीय कृषि बीमा कम्पनी द्वारा फसलों का बीमा किया जा रहा है।

मंत्री गणेश जोशी ने कहा भारतीय कृषि बीमा कम्पनी द्वारा प्रदेश में वर्ष 2016 की खरीफ फसल से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना चलाई जा रही है, मंत्री ने कहा इस योजना के अन्तर्गत अब तक 4.90 लाख किसानों को लगभग 480 करोड़ की धनराशि प्राकृतिक कारणों से उनकी फसलों की क्षतिपूर्ति के रूप में प्रदान की जा चुकी है।

सरकार की प्राथमिकता फसल बीमा योजना के साथ ही कृषि से संबद्ध अन्य क्षेत्रों से जुड़े किसानों जैसे- रेशम, मत्स्य, पशुपालन इत्यादि को भी योजना का लाभ पहुँचाने का है। इसी पहल के अन्तर्गत आज रेशम निदेशालय एवं भारतीय कृषि बीमा कम्पनी द्वारा सरल कृषि बीमा में रेशम कीट बीमा योजना का शुभारम्भ किया गया है।

चूँकि रेशम कीटपालन का कार्य करने के लिए मौसम का अनुकूल होना जरूरी होता है, अत्यधिक गर्मी या अत्यधिक वर्षा के कारण रेशम के कीटों में बीमारी आने की बहुत अधिक सम्भावना होती है, जिससे हमारे किसानों भाईयों को उनके मेहनताने का पूरा लाभ नहीं मिल पाता है।

प्रदेश के 4 जनपदों में किया गया शुभारम्भ

उन्होंने कहा किसान भाईयों को होने वाले इस नुकसान से बचाने के लिए प्रदेश के चार जनपदों देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल एवं ऊधमसिंह नगर के 5 विकास – खण्ड़ों के 250 किसानों को वर्तमान में इस योजना से आच्छादित करते हुए पायलेट प्रोजैक्ट के रूप में योजना को प्रारम्भ करने का निर्णय भारतीय कृषि बीमा कम्पनी एवं विभाग द्वारा लिया गया है।

यदि योजना के उत्साहवर्धक परिणाम हमारे सामने होंगें तो आने वाले सालों में हम पूरे प्रदेश के रेशम से जुड़े किसानों को इस योजना के अन्तर्गत लाभान्वित करेंगें । मंत्री जोशी ने कहा मेरे संज्ञान लाया गया है कि राज्य के अधिकांश रेशम कीटपालन का कार्य कर रहे किसान लघु/ सीमान्त श्रेणी के हैं तथा आर्थिक रूप से सम्पन्न नहीं है। जिस कारण बीमित धनराशि के प्रीमियम का भुगतान करने में सक्षम नहीं हैं।

आगे गणेश जोशी ने घोषणा करते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में बीमा प्रीमियम धनराशि का भुगतान राज्य सरकार द्वारा वहन किया जायेगा जिसके लिए निदेशक, रेशम उत्तराखण्ड, तत्काल प्रस्ताव तैयार कर शासन को उपलब्ध करायें।

इस अवसर पर रेशम फेडरेशन अध्यक्ष अजीत चौधरी, सीएमडी भारतीय कृषि बीमा कम्पनी गिरिजा सुब्रमन्यम, निदेशक रेशम विभाग आन्नद कुमार यादव, सीजीएम नाबार्ड वी.के. बिष्ट, डीजीएम आरबीआई मनोज कुमार, जीएम भारतीय कृषि बीमा कम्पनी डी.सिंह, सीईओ पशुपालन आर.के.नेगी, चाय बोर्ड निदेशक जगदीश कैंप सहित कई लोग उपस्थित रहे।

सीएम धामी ने चंपावत में एडवेंचर स्पोर्ट्स का किया शुभारंभ, शारदा नदी में की 11 किमी की राफ्टिंग

0

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को टनकपुर में टनकपुर-जौलजीबी रोड स्थित चरण मंदिर से बूम तक महाकाली नदी (शारदा नदी) में लगभग 11 किमी. राफ्टिंग की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि महाकाली नदी एवं टनकपुर क्षेत्र भारत के साथ ही पूरे विश्व के नक्शे में आए इसके लिए राज्य सरकार लगातार कार्यरत है। उन्होंने कहा साहसिक खेल को बढ़ावा देकर हम इस क्षेत्र को एक नई पहचान दिलवाना चाहते हैं। आगामी सितंबर माह में महाकाली नदी में नेशनल राफ्टिंग प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। जिसमें विभिन्न राज्य के प्रतिभागी भाग लेंगे। इस हेतु 50 लाख की धनराशी जारी की गई है। उन्होंने कहा राज्य सरकार के नए उत्तराखंड के संकल्प में साहसिक पर्यटन प्राथमिकता है। इसे बढ़ावा देने के लिए राज्य के विभिन्न स्थानों पर कई कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में टनकपुर क्षेत्र को भी राफ्टिंग से जोड़ने के विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मां पूर्णागिरि मंदिर में आने वाले श्रद्धालु  तीर्थ यात्रा के साथ साहसिक गतिविधियों  का भी आनंद लेंगे। इससे स्थानीय लोगों को भी रोजगार मिलेगा। जिससे जिले एवं राज्य की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। उन्होंने कहा पूर्णागिरी मेले में आने वाले श्रद्धालु चंपावत एवं अन्य जिलों के धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों तक पहुंचे उस पर भी कार्य किया जा रहा है। इस दौरान सांसद अजय टम्टा जिलाधिकारी नरेंद्र भंडारी, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

हॉट एयर बैलून एवं पैरा मोटर एडवेंचर एक्टिविटीज का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को अपने टनकपुर पूर्णागिरि भ्रमण के दौरान किरोड़ा नाला, टनकपुर में पूर्णागिरि मेले के दौरान आयोजित हॉट एयर बैलून एवं पैरा मोटर एडवेंचर एक्टिविटीज का शुभारंभ किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हॉट एयर बैलून एवं पैरामोटर के संबंध में विशेषज्ञों से जानकारी ली। उन्होंने जिला अधिकारी चंपावत को निर्देशित करते हुए कहा कि इस तरह की गतिविधियों को जिले के अन्य जगहों पर भी शुरू किया जाए। उन्होंने कहा जिले के अन्य स्थान जहां भी हॉट एयर बैलून एवं पैरामोटर स्पोर्ट्स को शुरू किया जा सकता है उन स्थानों को भी चिह्नित कर विकसित किया जाए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हॉट एयर बैलून एवं पैरामोटर एडवेंचर एक्टिविटीज से क्षेत्र के युवाओं को भी जोड़ा जाए ताकि अधिक से अधिक युवा साहसिक गतिविधियों से जुड़ सकें और इस क्षेत्र में अपना स्वरोजगार अपना सकें। उन्होंने कहा इससे स्थानीय लोगों को भी अधिक से अधिक रोजगार मिलेगा। इस दौरान स्थानीय महिलाओं आदि ने क्षेत्र में साहसिक गतिविधियों को बढ़ावा देने हेतु मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर सांसद अजय टम्टा, अध्यक्ष जिला पंचायत ज्योति राय, भाजपा जिला अध्यक्ष निर्मल महरा, प्रदेश मंत्री भाजपा हेमा जोशी, जिला अधिकारी नरेंद्र भंडारी, पुलिस अधीक्षक अमित श्रीवास्तव एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

CM धामी ने किया सुप्रसिद्ध मां पूर्णागिरि मेले का शुभारंभ, इको टूरिज्म हब के रूप में विकसित होगा पूर्णागिरि क्षेत्र

0
Maa Purnagiri fair cm dhami

Maa Purnagiri fair: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को टनकपुर के ठुलीगाड़, पूर्णागिरी मार्ग  में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए उत्तर भारत के प्रसिद्ध मां पूर्णागिरि मेले का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने पूजा अर्चना कर प्रदेश में सुख, शांति एवं खुशहाली की कामना की।

इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा करते हुए कहा कि ककराली गेट, टनकपुर से मां पूर्णागिरि धाम तक यात्रा मार्ग में विद्युत विभाग द्वारा स्ट्रीट लाइट लगाई जाएगी। मां पूर्णागिरि धाम में लगने वाले मेले व्यवस्थाओं के सुचारू संचालन हेतु मंदिर समिति को अनुदान दिया जाएगा। टनकपुर जौलजीबी मोटर मार्ग के बाटनागाड़ में पुल का निर्माण किए जाने, भैरव मंदिर में स्थाई पुलिस चौकी बनाए जाने, पूर्णागिरि क्षेत्र को इको टूरिज्म हब के रूप में विकसित किए जाने, टनकपुर शारदा नदी के तट पर कर्मशाला का निर्माण किए जाने, बनबसा में मुक्तिधाम का निर्माण किए जाने, बनबसा खटीमा सितारगंज होते हुए टनकपुर से राजस्थान खाटूश्याम के लिए बस सेवा शुरू किए जाने, चम्पावत पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग को यातायात हेतु रात्रि में भी खोले जाने, राजकीय प्राथमिक विद्यालय भजनपुर में एक फ्लोर और चार अतिरिक्त कक्ष बनाये जाने, चंपावत में साइंस सेण्टर का निर्माण किए जाने, पूर्णागिरी मंदिर घाटी क्षेत्र में हेलीपेड का निर्माण किया जाने एवं आदि कैलाश, ओम पर्वत की यात्रा को जाते वक्त अल्मोड़ा से एवं चम्पावत के रास्ते यात्रा को वापस लाए जाने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने माँ पूर्णागिरि मेले के शुभारंभ अवसर पर बधाई देते हुए कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि आज मुझे इस पावन मेले का शुभारंभ कर मां पूर्णागिरि मैया के चरणों में शीश नवाने का सुअवसर प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा मां पूर्णागिरि मैया की महिमा से हम सभी भली-भांति परिचित हैं। उन्होंने कहा पूर्णागिरि मेला उत्तर भारत का प्रसिद्ध मेला है जहां लाखों की संख्या में श्रद्धालु विभिन्न स्थानों से आते हैं। उन्हें प्रत्येक सुविधा मुहैया कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।

इस दौरान मुख्यमंत्री धामी द्वारा समूह की महिलाओं द्वारा पूर्णागिरि धाम हेतु तैयार किए गए प्रसाद  तथा प्रसाद रखने हेतु समूह की महिलाओं द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत पीरुल की टोकरी जो बनाई गई है, उसका भी शुभारंभ  किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्णागिरि मेले में आए श्रद्धालुओं का माल्यार्पण कर स्वागत किया एवं भक्तों द्वारा लगाए गए भंडारे में पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया।

शुभारंभ के अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष ज्योति राय, भाजपा जिला अध्यक्ष निर्मल महरा, पूर्णागिरि मंदिर समिति के अध्यक्ष किशन तिवारी , भाजपा प्रदेश मंत्री हेमा जोशी, नगर पालिका अध्यक्ष टनकपुर विपिन कुमार, नगर पंचायत अध्यक्ष बनबसा रेनू अग्रवाल, जिला अधिकारी नरेंद्र भंडारी, पुलिस अधीक्षक अमित श्रीवास्तव एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

ग्राम थैर में धूमधाम से मनाया गया होली का त्यौहार

0

कल्जीखाल: पौडी गढवाल के विकासखण्ड कल्जीखाल के अंतर्गत ग्राम थैर में होली का त्योहार युवाऔ द्वारा बडी धूमधाम से मनाया गया. होली मिलन समरोह में युवाओं के साथ मातृ शाक्ति एवं बुर्जग लोग भी शामिल हुए.

होली मिलन समरोह में शामिल होने पहुंचे दिल्ली से उद्योगपति महाराज सिहं नेगी एवं समाज सेवी ताजवर सिहं रावत तथा वर्तमान भाजपा कल्जीखाल ब्लाक अध्यक्ष एवं जेष्ठ प्रमुख अनिल नेगी ने युवाओं का उत्साह बढ़ाया. होली मिलन में सभी ग्राम वासियों ने बढचढ कर हिस्सा लिया.

इस मौके पर जयेन्द्र नेगी दिल्ली एनसीआर गाजियाबाद निवासी एवं अध्यक्ष उत्तराचलं सांस्कृतिक भ्रातृ समिति (पजी:) ने फैसला किया की आने वाला हर त्यौहार में हर ग्रामवासी जो प्रवासी बनकर देश प्रदेश के किसी भी कौने में हो कौशिश करे कि त्यौहार पर गाँव आये और ग्राम वासियों के साथ त्यौहार मानाए.