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धामी सरकार का गैरसैंण में होगा पहला बजट सत्र, कई महत्वपूर्ण विधेयक होंगे पारित, पुलिस प्रशासन के आला अधिकारी हुए रवाना

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Gairsain Assembly Session: उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली और पंजाब की सरकारें अपना बजट सत्र पेश कर चुकी हैं। उत्तराखंड की धामी सरकार अपना महत्वपूर्ण बजट पेश करने जा रही है। 2 दिन बाद 13 मार्च से उत्तराखंड विधानसभा का बजट सत्र शुरू होने जा रहा है। 13 मार्च से 18 मार्च तक 6 दिन चलने वाले बजट सत्र में धामी सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयक पारित करेगी। अब कुछ दिनों तक धामी सरकार और विपक्ष के विधायक समेत राज्य के पुलिस प्रशासन के आला अधिकारी गैरसैंण में ही नजर आएंगे।

बजट सत्र के दौरान धामी सरकार 15 मार्च को वित्तीय वर्ष 2023-24 का बजट पेश करेगी। 15 मार्च को राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पारित होगा। उसी दिन वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल बजट प्रस्ताव पेश करेंगे। 16 मार्च को बजट पर चर्चा होगी और विभागवार अनुदान मांगों का प्रस्तुतिकरण, उन पर विचार और मतदान होगा। 17 मार्च को असरकारी कार्य भी होगा। 18 मार्च को विनियोग विधेयक पास होगा। धामी सरकार का ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में पहला बजट सत्र होगा।

उत्तराखंड विधानसभा का बजट सत्र कई मायनों में सरकार के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि सरकार आगामी वित्तीय वर्ष के लिए कई योजनाएं लेकर आएगी और विकास का एजेंडा तय करेगी। ग्रीष्मकालीन राजधानी बनने के बाद बीजेपी सरकार का गैरसैंण में ये दूसरा सत्र होगा, इससे पहले जब त्रिवेंद्र सिंह रावत ने गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित किया था उसी दौरान वहां सत्र हुआ था। इस बार बजट सत्र में खास बात यह है कि सत्र की शुरुआत मुख्यमंत्री के कार्य दिवस सोमवार से हो रही है, जिसको लेकर विपक्ष आक्रामक नजर आ रहा है। वहीं विपक्ष सरकार को घेरने की रणनीति बना रहा है।

सरकार का प्रयास है कि जनता के सुझावों से एक अच्छा बजट प्रदेश की जनता के हित में पेश किया जाए, जिसमें सरकार अगले हफ्ते से प्रदेश भर में तमाम बुद्धिजीवी लोगों और आम लोगों से सुझाव लेगी। इसके लिए कई माध्यमों से सुझाव लिए भी जा रहे हैं, वित्त मंत्री प्रेमचंद्र अग्रवाल का कहना है कि जिस तरह से केंद्र सरकार ने जनता के हित में बजट पेश किया है उसी तरह से राज्य सरकार भी जनता के सुझाव लेकर जनता के हित में बजट पेश करेगी। इस बार विधायकों की ओर से करीब 600 से अधिक सवाल विधानसभा को भेजे गए हैं।

धामी सरकार ने बजट तैयार करने के लिए सभी वर्गों से सुझाव मांगे थे। ये सभी सुझाव व्हाट्स एप, ईमेल द्वारा मिले हैं। बजट को लेकर वित्त मंत्री प्रेम अग्रवाल और सीएम पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के सीनियर सिटिजन, उद्यमियों और कारोबारियों से बात की है। माना जा रहा है कि बजट में हर तबके का ध्यान रखा जाएगा। जानकारी के मुताबिक राज्य सरकार हिमाचल की तरह स्टेट में आने वाले बाहरी वाहनों से एंट्री टैक्स या ग्रीन टैक्स वसूलने का विचार कर सकती है। गैरसैंण को उत्तराखंड सरकार ने ग्रीष्म कालीन राजधानी घोषित की है। इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि बजट सत्र के बाद उत्तराखंड की शासन व्यवस्था गैरसैंण से ही चलाने की घोषणा भी धामी सरकार कर सकती है। बजट सत्र के लिए आज से विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी रवाना हो गए हैं।

विधानसभा सचिवालय की तरफ से भी बजट सत्र को लेकर व्यापक तैयारियां की गई है। सत्र के दौरान लॉ एंड ऑर्डर बनाए रखने के लिए पहले ही बैठक के जरिए विधानसभा अध्यक्ष ने निर्देश दिए हैं। बजट सत्र के दौरान सचिवालय और विधान सभा सचिवालय के कर्मचारियों की छुट्टी पर रोक रहेगी। विभाग सदन में रखे जाने वाले विधेयक, प्रत्यावेदन,सवालों के जवाब तैयार करने में जुटे हैं। भराड़ीसैंण में अनावश्यक भीड़ न बढ़े इसके लिए विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने विधायकों और अधिकारियों को संपर्क अधिकारी उपलब्ध नहीं कराने का फैसला लिया है।

इस बार विधानसभा सत्र के लिए अधिकारियों की भी रोटेशन में ड्यूटी लगाई है, जिससे भीड़ बढ़ने से व्यवस्था प्रभावित न हो।विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने बताया कि ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में बजट सत्र बेहतर ढंग से संचालित करने के लिए सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गईं हैं। गैरसैंण में पहले भी बजट सत्र हुए हैं। विधानसभा सचिवालय का सिस्टम बजट सत्र के लिए पूरी तरह से तैयार है। सत्र के दौरान कानून व्यवस्था बनाने के लिए पहले ही उच्च अधिकारियों के साथ बैठक हो चुकी है। इस बार विधायकों और अधिकारियों को संपर्क अधिकारी नहीं दिए जाएंगे।

Chaitra Navratri 2023: चैत्र नवरात्रि किस दिन से शुरू हो रही है ? जानिए शुभ मुहूर्त, पूजा और घटस्थापना की विधि

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Chaitra Navratri 2023 : यूँ तो हिंदू पंचाग के अनुसार साल भर में 4 बार नवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। जिनमे चैत्र नवरात्रि और शारदीय नवरात्रि महत्वपूर्ण हैं जबकि दो गुप्त नवरात्रि है। हर साल चैत्र माह के शुक्ल पक्ष से नवरात्रि की शुरुआत होती है। इसके साथ ही हिंदू नववर्ष भी शुरू हो जाता है। हिंदू नववर्ष के पहले दिन को हिंदू संवत्सर या फिर विक्रम संवत के नाम से जाना जाता है।

हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को चैत्र नवरात्रि का त्योहार मनाया जाएगा। इस दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि-विधान के साथ पूजा की जाती है। इस बार चैत्र नवरात्रि का त्योहार 22 मार्च, बुधवार से शुरू होगा और इसका समापन 30 मार्च को होगा। नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना की जाती है। मान्यता है कि नवरात्रि में माता का पाठ करने से देवी भगवती की खास कृपा होती है। मां दुर्गा को सुख, समृद्धि और धन की देवी माना जाता है। जो भक्त पूरी श्रद्धा से मां दुर्गा की पूजा करता है उसे माता का खास आशीर्वाद प्राप्त होता है।

चैत्र नवरात्रि 2023 की तिथि और शुभ मुहूर्त

हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र नवरात्रि के पूरे 9 दिन मां देवी को समर्पित है। इस साल चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ 22 मार्च से हो रहा है और 30 मार्च तक चलेगा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार नवरात्रि का पहला दिन बेहद खास होता है। घटस्थापना यानी कलश का खास महत्व होता है। अगर शुभ मुहूर्त की बात करें तो चैत्र नवरात्रि शुभ मुहूर्त 22 मार्च 2023 दिन बुधवार से सुबह 6 बजकर 30 मिनट से शुरू है और उसी दिन सुबह 7 बजकर 32 तक है।

  • चैत्र नवरात्रि बुधवार, 22 मार्च 2023 को
  • चैत्र नवरात्रि घटस्थापना का मुहूर्त – सुबह 06 बजकर 23 मिनट से लेकर सुबह 07 बजकर 32 मिनट तक (अवधि 01 घंटा 09 मिनट)
  • प्रतिपदा तिथि प्रारंभ – मार्च 21, 2023 को रात 10 बजकर 52 मिनट से शुरू
  • प्रतिपदा तिथि समाप्त – मार्च 22, 2023 को रात 08 बजकर 20 मिनट पर समाप्त

चैत्र नवरात्रि कलश स्थापना विधि

हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्रि मां देवी को पूरी तरह से समर्पित होते हैं। नवरात्रि के पहले ही दिन घटस्थापना यानी कलश स्थापना की जाती है। कलश स्थापना के लिए सबसे पहले सुबह उठकर स्नान आदि करके साफ कपड़े पहनें। मंदिर की साफ-सफाई कर सफेद या लाल कपड़ा बिछाएं। इस कपड़े पर थोड़े चावल रखें। एक मिट्टी के पात्र में जौ बो दें। इस पात्र पर जल से भरा हुआ कलश स्थापित करें। कलश पर स्वास्तिक बनाकर इसपर कलावा बांधें। कलश में साबुत सुपारी, सिक्का और अक्षत डालकर अशोक के पत्ते रखें। एक नारियल लें और उस पर चुनरी लपेटकर कलावा से बांधें। इस नारियल को कलश के ऊपर पर रखते हुए देवी दुर्गा का आवाहन करें। इसके बाद दीप आदि जलाकर कलश की पूजा करें। नवरात्रि में देवी की पूजा के लिए सोना, चांदी, तांबा, पीतल या मिट्टी का कलश स्थापित किया जाता है।

मां दुर्गा के 9 स्वरूप की पूजा

  1. नवरात्रि पहला दिन 22 मार्च 2023 दिन बुधवार: मां शैलपुत्री पूजा (घटस्थापना)
  2. नवरात्रि दूसरा दिन 23 मार्च 2023 दिन गुरुवार: मां ब्रह्मचारिणी पूजा
  3. नवरात्रि तीसरा दिन 24 मार्च 2023 दिन शुक्रवार: मां चंद्रघंटा पूजा
  4. नवरात्रि चौथा दिन 25 मार्च 2023 दिन शनिवार: मां कुष्मांडा पूजा
  5. नवरात्रि पांचवां दिन 26 मार्च 2023 दिन रविवार: मां स्कंदमाता पूजा
  6. नवरात्रि छठवां दिन 27 मार्च 2023 दिन सोमवार: मां कात्यायनी पूजा
  7. नवरात्रि सातवं दिन 28 मार्च 2023 दिन मंगलवार: मां कालरात्रि पूजा
  8. नवरात्रि आठवां दिन 29 मार्च 2023 दिन बुधवार: मां महागौरी
  9. नवरात्रि 9वां दिन 30 मार्च 2023 दिन गुरुवार: मां सिद्धिदात्री

बॉलीवुड अभिनेता सतीश कौशिक की मृत्यु के मामले में दिल्ली पुलिस को फार्म हाउस से मिली कुछ दवाइयां, जांच में जुटी पुलिस

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satish kaushik death case

बॉलीवुड अभिनेता और डायरेक्टर सतीश कौशिक की दिल्ली में हार्ट अटैक से हुई मृत्यु के बाद पुलिस ने नया खुलासा किया है। दिल्ली पुलिस ने फार्म हाउस से कुछ दवाइयां बरामद की है। दिल्ली के फार्महाउस में पार्टी के बाद ही तबीयत बिगड़ी थी। बता दें कि अब दिल्ली पुलिस फाइनल पोस्टमार्टम रिपोर्ट के इंतजार में है। पिछले दिनों पुलिस अधिकारियों ने बताया था पोस्टमॉर्टम में कुछ संदिग्ध नहीं पाया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एक उद्योगपति के फार्म हाउस पर पार्टी का आयोजन किया गया था। पुलिस मेहमानों की सूची खंगाल रही है।

सूत्रों के अनुसार, पार्टी में एक उद्योगपति शामिल था जो एक मामले में वांछित है। सतीश कौशिक 8 मार्च को होली मनाने मुंबई से दिल्ली आए थे। सतीश कौश‍िक द‍िल्‍ली के कापसहेड़ा इलाके में ठहरे हुए थे। रात करीब 12 बजे खाने के बाद उन्हें बेचैनी महसूस हुई। यहां अचानक से उनकी तबीयत खराब हो गई, जिसके बाद आनन-फानन में उन्‍हें गुरुग्राम के फोर्टिस अस्‍पताल में भर्ती कराया गया था, जहां डाक्टरों ने उपचार के दौरान कौशिक को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टर्स ने इसे हार्ट अटैक ही बताया है बाकी शरीर में मौत से पहले क्या कुछ था, वो पूरी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही साफ होगा जिसके लिए विसरा सेम्पल प्रिजर्व करवा दिया गया है।

दिल्ली पुलिस का कहना है कि वह मौत का सही कारण जानने के लिए विस्तृत पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। जिला पुलिस की एक क्राइम टीम ने दक्षिण पश्चिम दिल्ली के उस फार्महाउस का दौरा किया जहां पार्टी आयोजित की गई थी और कुछ ‘दवाएं’ बरामद कीं। पुलिस को जो आपत्तिजनक दवाई के पैकेट मिले हैं वो किसके लिए थे, किसने इस्तेमाल किए, उनसे सतीश कौशिक का कोई संबंध है या नहीं ये जांच के बाद साफ होगा। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि, सतीश कौशिक दिन में कहां थे, वे बिजवासन के फार्महाउस किसलिए गए थे, उनके अचानक अस्वस्थ होने के पीछे क्या कारण हो सकता है? इन सभी सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं।

जानकारी के मुताबिक, एक उद्योगपति के फार्म हाउस पर पार्टी आयोजित की गई थी। पुलिस गेस्ट लिस्ट को खंगाल रही है। पार्टी में वो उद्योगपति भी शामिल हुआ था, जिसकी पुलिस को तलाश है सतीश कौशिक की मौत के बाद से वह फरार चल रहा है।

नंदा गौरा योजना फर्जीवाड़ा मामले में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने दिए कार्रवाई के निर्देश

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Nanda Gaura scheme forgery

Nanda Gaura scheme : उत्तराखंड में भर्ती घोटालों के बाद अब एक और सरकारी योजना में फर्जीवाड़ा होने का मामला सामने आया है।  हरिद्वार जिले में अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से नंदा गौरा योजना का लाभ अपात्रों को दिए जाने का बड़ा खेल पकड़ में आया है। सीडीओ ने योजना के पहले और दूसरे चरण के अंतर्गत ऐसे 193 मामले पकड़े हैं। ममाले की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश की महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य ने संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों और अपात्रों के अभिभावकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

गौरतलब है कि हरिद्वार जनपद में साल 2022-23 में नंदा गौरा योजना का लाभ लेने के लिए कुल 1,328 आवेदन मिले। जिसमें से 70 आवेदनों के आय प्रमाण पत्रों में छेड़छाड़ की गई। वहीं, 12वीं उत्तीर्ण के आधार पर कुल 4,174 आवेदन मिले। जिसमें से 123 आवेदनों के आय प्रमाण पत्रों में छेड़छाड़ की गई। इस तरह देखा जाए तो कुल 193 आवेदनों के आय प्रमाण पत्रों में छेड़छाड़ की गई थी। हालाँकि ऐसे आवेदनों को मुख्य विकास अधिकारी हरिद्वार द्वारा निरस्त कर दिया गया है।

इस संबंध में महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य ने हरिद्वार में वित्तीय वर्ष 2022-23 की नंदा गौरा योजना में गलत तरीके से लाभ प्राप्त करने वाले अपात्रों के अभिभावकों और इसमें संलिप्त अधिकारियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सभी आरोपियों के खिलाफ तत्काल प्रभाव से दंडात्मक कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए हैं।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि आय प्रमाण पत्र में छेड़खानी कर इतनी बड़ी संख्या में अपात्रों द्वारा पात्र बालिका का हक छीना जाना खेदजनक स्थिति है, जिसे हर हाल में रोका जाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा जनमानस में यह स्पष्ट संदेश जाए कि प्रदेश सरकार अनुचित कार्रवाई में संलिप्त किसी भी व्यक्ति, विभागीय अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है।

क्या है  नंदा गौरा योजना

उत्तराखंड सरकार द्वारा बाल विकास परियोजना के माध्यम से बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेश की कन्याओं हेतु नंदा गौरा योजना संचालित की जा रही है। जिसमें आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आने वाली कन्याओं को लाभ दिया जाता है। नंदा गौरा देवी कन्या धन योजना के तहत बालिकाओं के जन्म के समय 11000 रूपए बालिका के माता पिता को और इस के बाद 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद 51000 रूपए की धनराशि दिए जाने का प्राविधान है।

 

अग्निवीर जवानों को BSF में आरक्षण के साथ आयु में भी छूट देगी केंद्र सरकार

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Agniveer Reservation

Agniveer Reservation : अग्निवीर में भर्ती होने वाले जवानों के लिए एक अच्छी खबर है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सीमा सुरक्षा बल की भर्तियों में पूर्व अग्निवीरों को 10 फीसदी आरक्षण देने का एलान किया है। इसके साथ ही ऊपरी आयु-सीमा मानदंडों में भी छूट की घोषणा की गई है। हालांकि, आयु सीमा में छूट इस बात पर निर्भर करेगी कि वे पहले बैच का हिस्सा हैं या बाद के बैचों के। पिछले साल सरकार ने तीनों सेवाओं (सेना, नौसेना और वायु सेना) में सैनिकों की भर्ती के लिए अग्निपथ योजना की घोषणा की थी।

केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, यह घोषणा सीमा सुरक्षा बल, जनरल ड्यूटी कैडर (अराजपत्रित) भर्ती नियम, 2015 में संशोधन के बाद एक अधिसूचना के माध्यम से की गई थी और यह 9 मार्च से प्रभावी होगा। मंत्रालय ने कहा कि पूर्व-अग्निवर्स के पहले बैच के उम्मीदवारों के लिए ऊपरी आयु सीमा में 5 साल तक की छूट दी जाएगी, जबकि अन्य बैच के उम्मीदवारों के लिए यह सीमा तीन साल तक की छूट दी जाएगी।

अधिसूचना में कहा गया है कि पूर्व अग्निधारियों को भी शारीरिक दक्षता परीक्षा से छूट दी जाएगी। केंद्र ने पिछले साल 14 जून को सेना, नौसेना और वायु सेना में साढ़े 17 से 21 वर्ष की आयु के युवाओं की भर्ती के लिए अग्निपथ योजना की शुरुआत की थी, जो मोटे तौर पर चार साल के अल्पकालिक अनुबंध के आधार पर थी। योजना के तहत भर्ती होने वालों को ‘अग्नि‍वीर’ के नाम से जाना जाएगा।

चार साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद प्रत्येक बैच से 25 प्रतिशत भर्तियों को नियमित सेवा की पेशकश की जाएगी। इसके अलावा केंद्रीय गृह मंत्रालय लगभग सभी केंद्रीय सशस्त्र बलों जैसे सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, असम राइफल्स, आईटीबीपी, एसएसबी, बीएसएफ में पूर्व अग्निवीरों के लिए 10 फीसदी आरक्षण की घोषणा कर चुका है।

पारदर्शिता के साथ सम्पन्न हो बोर्ड परीक्षाएं: डॉ. धन सिंह रावत

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Uttarakhand News: उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की परीक्षाएं पूरे पारदर्शिता  के साथ आयोजित की जायेंगी। नकलविहीन परीक्षा आयोजित किये जाने को लेकर विभागीय अधिकारियों को जरूरी निर्देश दे दिये गये हैं। इसके अलावा विभिन्न स्तरों पर उड़नदस्तों की तैनाती करने एवं संवेदनशील व अतिसंवेदनशील परीक्षा केन्द्रों पर अतिरिक्त निगरानी रखने के निर्देश भी अधिकारियों को दे दिये गये हैं। विद्यालयी शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षाओं का परिणाम 25 मई से पहले घोषित कर दिया जायेगा। इस वर्ष दसवीं एवं बारहवीं की बोर्ड परीक्षाओं के आयोजन के लिये 1253 परीक्षा केन्द्र बनाये गये हैं जिनपर कुल 2 लाख 59 हजार 439 छात्र-छात्राएं परीक्षा देंगे।

सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज विद्यालयी शिक्षा महानिदेशालय में बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक ली। डा. रावत ने बताया कि उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाओं को पूरी पारदर्शित के साथ आयोजित किया जायेगा। उन्होंने बताया कि राज्य में नकलविहीन परीक्षाएं सुनिश्चित करने के लिये विभागीय अधिकारियों को जरूरी निर्देश दे दिये गये हैं। बोर्ड परीक्षाओं के दौरान परीक्षा केन्द्रों पर मोबाइल पूर्णतया प्रतिबंधित करने, विभिन्न स्तरों पर उडनदस्तों की तैनाती करने के साथ ही अतिरिक्त सतर्कता बरतने को भी अधिकारियों को कहा गया है।

विभागीय मंत्री ने कहा कि उड़नदस्ते सभी परीक्षा केन्द्रों पर जायेंगे, खासकर सड़क मार्ग से अधिक दूरी पर स्थित केन्द्रो पर भी अनिवार्य रूप से जाना होगा। इसके साथ ही तीन बार से अधिक संवेदनशील श्रेणी में रहे परीक्षा केन्द्रों पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जायेगी ताकि नकलविहीन परीक्षा का आयोजन सफलतापूर्वक किया जा सके। डॉ. रावत ने बताया कि आगामी 16 मार्च से 6 अप्रैल तक  आयोजित होने वाली हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाओं में कुल 2 लाख 59 हजार 439 छात्र-छात्राएं प्रतिभाग करेंगे। जिसमें हाईस्कूल के 1लाख 32 हजार 115 तथा इंटरमीडिएट के 1 लाख 27 हजार 324 छात्र-छात्राएं शामिल हैं।

डा. रावत ने बताया कि इस वर्ष प्रदेशभर में 1253 परीक्षा केन्द्रों पर बोर्ड परीक्षा आयोजित की जायेंगी, जिसमें 195 परीक्षा केन्द्रों को संवेदनशील जबकि 14 परीक्षा केन्द्रों को अतिसंवेदनशील की श्रेणी रखा गया है। उन्होंने बताया कि सर्वाधिक 136 परीक्षा केन्द्र पौड़ी जनपद में जबकि सबसे कम 39 केन्द्र चम्पावत जनपद में बनाये गये हैं। आगामी 15 अप्रैल से 29 अप्रैल तक बोर्ड परीक्षाओं के मूल्यांकन का कार्य सम्पन्न किया जायेगा, जबकि 25 मई तक परिषदीय परीक्षाओं का परीक्षाफल घोषित कर दिया जायेगा।

बैठक में सचिव विद्यालयी शिक्षा रविनाथ रमन, अपर सचिव शिक्षा योगेन्द्र यादव, महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा बंशीधर तिवारी, निदेशक माध्यमिक शिक्षा सीमा जौनसारी, सचिव उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा बोर्ड डॉ. नीता तिवारी, अपर निदेशक आर.के. उनियाल, महावीर सिंह बिष्ट, डा. मुकुल सती सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे जबकि सभी जनपदों के मुख्य शिक्षा अधिकारी एवं खंड शिक्षा अधिकारियों ने बैठक में वर्चुअल माध्यम से प्रतिभाग किया।

बोर्ड परीक्षाओं के आयोजन में पुलिस एवं जिला प्रशासन की भूमिका अहम

विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य में हाईस्कूल एवं इंटरमीडिटएट की बोर्ड परीक्षाओं के आयोजन में विभाग के साथ-साथ पुलिस एवं जिला प्रशासन की भी अहम भूमिका होती है। उन्होंने विभाग के जिला स्तरीय अधिकारियों को बोर्ड परीक्षाएं शुरू होने से पूर्व संबंधित जिला अधिकारी के साथ नकलविहीन परीक्षा सम्पन्न कराने के लिये विधिवत बैठक कर परीक्षा एवं मूल्यांकन केन्द्रों हेतु आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था की मांग करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि परीक्षा एवं मूल्यांकन केन्द्रो पर प्रश्नपत्रों एवं उत्तरपुस्तिकाओं की सुरक्षा के लिये विभाग के चतुर्थ श्रेणी कार्मिक की तैनाती भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।

जीजीआईसी श्रीनगर में आयोजित विकासखण्ड स्तरीय सपनों की उड़ान कार्यक्रम में इन बच्चों ने मारी बाजी

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श्रीनगर गढ़वाल: विकासखण्ड स्तरीय सामुदायिक सहभागिता के अन्तर्गत सपनों की उड़ान कार्यक्रम का आयोजन 10 मार्च को राजकीय बालिका इंटर कॉलेज श्रीनगर मे नोडल अधिकारी प्रधानाचार्या सुमनलता पंवार के दिशा निर्देशन में विभिन्न प्रतियोगिताओं का शुभारम्भ किया गया। सपनों की उड़ान कार्यक्रम में विकासखण्ड स्तर पर खिर्सू  ब्लॉक के छः संकुलों द्वारा प्रतिभाग किया गया। इस दौरान निम्लिखित प्रतियोगिताएं आयोजित की गयी।

  1. स्टॉल संयोजन

प्राथमिक

  1. रा० प्रा० वि० नवाखाल प्रथम
  2. रा० प्रा० वि० भट्टीसेरा द्वितीय
  3. रा० प्रा० वि० चोपडा तृतीय

जूनियर

  1. राजकीय जूनियर हाई स्कूल प्रथम
  2. राजकीय उच्च प्राथमिक द्वितीय

2 . सपनों की दौड़

प्राथमिक

  1. हेमन्त रा० प्रा० वि० चोपड़ा प्रथम
  2. अभिनव रा०प्रा० वि० सुमाडी द्वितीय
  3. इरफान रा०प्रा० वि०डांग तृतीय

जूनियर

  1. उपासना रा० उ० प्रा० दत्ताखेत प्रथम
  2. साहिल रा० उ० प्रा० कमेड़ा
  3. श्रुती रा० उ० प्रा० कठूली

3. सपनों की चित्र

प्राथमिक

  1. खुशी रा० प्रा० वि०श्रीकोट गंगानाली प्रथम
  2. रुपेश रा० प्रा० वि० खण्डाह द्वितीय
  3. नितिन रा० प्रा० वि०गहड़ तृतीय

जूनियर

  1. अनुज रा० उ० प्रा० वि० काण्डईखाल प्रथम
  2. हिमानी रा० उ० प्रा० वि० चमराड़ा द्वितीय
  3. मानसी रा० उ० प्रा० वि० कठूली तृतीय

4. सपनों की फ़ैन्सी ड्रेस प्राथमिक

  1. आयशा रा० न० पा० श्रीनगर प्रथम
  2. सोनाली रा० प्रा० वि० कोटी द्वितीय
  3. समीर बिष्ट रा० प्रा० वि० गोदा तृतीय

5. राष्ट्रीय आविष्कार अभियान

जूनियर

  1. रा० उ० प्रा०चमराड़ा
  2. रा० प्रा० वि० डांग

6. निबन्ध लेखन

प्राथमिक

  1. अवन्तिका रा० प्रा० वि० कठूड़ प्रथम
  2. आरुषि रा० प्रा० वि०भट्टीसेरा द्वितीय
  3. सानवी रा० प्रा० वि० गहड़ तृतीय

जूनियर

  1. वंदिता ठाकुर रा० उ० प्रा० कमेडा
  2. श्रुति रा० उ० प्रा० कठूली
  3. उपासना रा० उ० प्रा० वि० दत्ताखेत

7. स्वरचित कविता पाठ

प्राथमिक

  1. ऋतिका रा० प्रा० वि० गहड़ प्रथम
  2. मानसी रा० प्रा० वि० भट्टीसेरा द्वितीय
  3. आरुषि रा० प्रा० वि० श्रीकोट गंगा० तृतीय

जूनियर

  1. सोनिया रा० न० नपा० जूनियर प्रथम
  2. प्रतिभा रा० उ० प्रा० मरगांव द्वितीय
  3. नैन्सी रा० उ० प्रा० वि० कमेडा तृतीय

8. एसएमसी पुरुस्कार

प्राथमिक

  1. रा० प्रा० वि० गहड़ प्रथम
  2. रा० प्रा० वि० मरगांव द्वितीय
  3. रा० प्रा० वि० उल्ली

जूनियर

  1. रा० उ० प्रा० वि० चमराड़ा प्रथम
  2. रा० उ ० प्रा० वि० सौडू द्वितीय

सपनों की उड़ान कार्यक्रम प्रतियोगिताओं के प्रभारी और निर्णायक के रुप में प्राथमिक स्तर के निर्णायकों में सीआरसी भारत सिह असवाल, मुकेश बहुगुणा, जयदयाल चौहान, विपिन गौतम, संजय नौडियाल, शंकरमणि थपलियाल, संजय कठैत, किरन नैथानी, सुबोध चमोली, मंजू रावत, पदमेन्द्र लिंगवाल, प्रकाश रावत, पूनम रतूडी, शैलेन्द्र नयाल, कुसुम लता काला, वन्दना उनियाल, अनिता गुसांई, आरती बहुगुणा, पूनम उनियाल, चन्द्रमोहन बिष्ट, कुसुम काला, सीमा नेगी, उषा धिल्डियाल, रजनीकान्त आदि शामिल रहे।  कार्यक्रम का आयोजन बीआरसी खिर्सू द्वारा किया गया। कार्यक्रम का संचालन प्रभारी बीआरसी मुकेश काला द्वारा किया गया।

इस वर्ष चारधाम यात्रा पर पहुंचेंगे रिकॉर्ड श्रद्धालु, अब तक 2 लाख से अधिक करा चुके हैं पंजीकरण, तैयारियों को लेकर आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री धामी ने दिए निर्देश

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Chardham yatra 2023: उत्तराखण्ड में आगामी माह से शुरू होने जा रही चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में चारधाम यात्रा से जुड़े होटल व्यवसायियों, तीर्थपुरोहित समाज व टूर ऑपरेटर्स के साथ बैठक आयोजित की गई।

अपर मुख्य सचिव ने कहा कि पिछले वर्ष चारधाम यात्रा में जितनी संख्या में श्रद्धालु पहुँचे थे, इस बार उससे अधिक आने की संभावना है, लिहाज़ा सरकार हर स्तर पर तैयारियों की समीक्षा कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री धाम में कपाट खुलने से पहले बिजली- पानी की व्यवस्था को सुचारू कर दिया जाए। अपर मुख्य सचिव ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को और भी सुलभ बनाए जाने के निर्देश दिए। अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने चारधाम यात्रा से जुड़े सभी प्रतिनिधियों से अपील करते हुए कहा कि चारधाम यात्रा को लेकर पूरे देश में सकारात्मक संदेश जाए उस दिशा में हम सबको को सामूहिक प्रयास करना होगा। उन्होंने कहा कि देश दुनिया में हमारे प्रदेश की छवि पर्यटन प्रदेश कि रूप में है  ऐसे में हम सबको को इस बात को ध्यान रखना होगा कि जो भी यात्री प्रदेश में आए वह एक अच्छा अनुभव लेकर वापस जाए।

बैठक  में सचिव पर्यटन सचिन कुर्वे ने कहा जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष चारधाम यात्रा के लिए गुरुवार तक 2 लाख 12 हज़ार से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं। चारधाम यात्रियों को पंजीकरण के लिए 65 दिनों का समय दिया गया है, इसके अलावा यात्रियों की सुविधा हेतु ऑन कॉल पंजीकरण और व्हास्ट्सएप्प के माध्यम से पंजीकरण की व्यवस्था भी लागू की गई है। सचिव पर्यटन ने बताया कि हेलीकॉप्टर सेवा के पंजीकरण के लिए और भी बेहतर और पारदर्शी व्यवस्था इस वर्ष लागू की जा रही है।

बैठक के दौरान गंगा सभा के अध्यक्ष संजीव सेमवाल ने गंगोत्री धाम में नए घाट निर्माण को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और राज्य सरकार का आभार प्रकट किया।  उत्तरकाशी होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष शैलेंद्र मटूड़ा ने पार्किंग संबंधी सुझाव दिए। इस दौरान उत्तराखण्ड टूर ऑपरेटर एसोसिएशन के अभिषेक आहलूवालिया, चारधाम महापंचायत से डॉ बृजेश सती, गंगोत्री तीर्थपुरोहित समाज से रजनीकांत सेमवाल ने भी महत्वपूर्ण सुझाव दिये। इस दौरान अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि बैठक में विभिन्न धामों से आये प्रतिनिधियों द्वारा जो भी महत्वपूर्ण सुझाव दिये गये हैं उन्हें माननीय मुख्यमंत्री को भी अवगत कराया जाएगा।

इस दौरान मुख्यमंत्री के पूर्व जनसंपर्क अधिकारी किशोर भट्ट, बदरीनाथ होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश मेहता समेत चारों धामों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

रहें सावधान:देश में तेजी के साथ पैर पसार रहा H3N2 इन्फ्लूएंजा वायरस, 2 मरीजों की मौत, कोविड जैसे ही लक्षण, जानिए कैसे फैलता है और बचाव

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H3N2 influenza virus

H3N2 influenza virus : देश में एक बार फिर जानलेवा वायरस H3N2 ने परेशानी बढ़ानी शुरू कर दी है। ‌यह वायरस कोरोना जैसा ही बताया जा रहा है। ‌क्योंकि इससे जूझ रहे मरीजों में कोरोना जैसे ही लक्षण देखने को मिल रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से संक्रमित मरीजों की संख्या तेजी के साथ बढ़ रही है। ‌दिल्ली, हरियाणा, कर्नाटक और राजस्थान में इन्फ्लूएंजा वायरस तेजी के साथ पैर पसार रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक हरियाणा और कर्नाटक में इन्फ्लूएंजा वायरस H3N2 पीड़ित 2 मरीजों की मौत हो चुकी है। ‌अभी फिलहाल देश में इस वायरस की जांच सरकारी अस्पतालों में नहीं हो रही है। ‌प्राइवेट लैब में ही इन्फ्लूएंजा की जांच उपलब्ध है।

अभी देशभर में इसके 90 मरीज ही सामने आए हैं। लेकिन संख्या हर दिन तेजी के साथ बढ़ भी रही है। सूअर से आए इन्फ्लूएंजा वायरस H3N2 के संक्रमण के मामले भी काफी तेजी से दर्ज किए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ये बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार चल रहे लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकता है। कोविड की तरह ही इस वायरस से बचने के लिए मास्क लगाने और भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचने की सलाह दी जा रही है।

ये वायरस सूअरों से मनुष्य में पहुंचा है। आमतौर पर सूअरों में फैलने वाले वायरस “स्वाइन इन्फ्लूएंजा वायरस” होते हैं। जब ये वायरस इंसानों को संक्रमित करते हैं, तो उन्हें “वैरिएंट” वायरस कहा जाता है। 2011 में एवियन, स्वाइन और 2009 में H1N1 महामारी वायरस के साथ एक विशिष्ट H3N2 वायरस का पता चला था। यह वायरस 2010 में सूअरों में फैल रहा था और पहली बार अमेरिका में मनुष्य में 2011 में इसका पता चला था। संक्रमण के लक्षण मौसमी फ्लू वायरस के समान होते हैं और इसमें बुखार और सांस संबंधी लक्षण, जैसे कि खांसी और नाक बहना और संभवतः अन्य लक्षण, जैसे शरीर में दर्द, मतली, उल्टी या दस्त शामिल हो सकते हैं। कई मामलों में तेज ठंड लगना, तेज बुखार, जी मिचलाना, उल्टी करना, गले में दर्द/गले में खराश, मांसपेशियों और शरीर में दर्द, दस्त आदि लक्षण भी देखे जाते हैं।

इन्फ्लूएंजा वायरस H3N2 का संक्रमण कभी-कभी स्वस्थ लोगों में भी गंभीर बीमारी का कारण बन सकते हैं। इस संक्रमण के बढ़ने से निमोनिया हो सकता है। इससे मुश्किल बढ़ सकती है और आपको अस्पताल में भर्ती होना पड़ सकता है। इस संक्रमण से कभी-कभी मृत्यु भी हो सकती है। ऐसे में इसे हल्के में न लें।‌एम्स के पूर्व निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने पिछले दिनों H3N2 इन्फ्लूएंजा से लोगों को सावधान रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह कोरोना के जैसे ही फैलता है। इससे बचने के लिए मास्क पहनें, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें और बार-बार हाथ धोते रहें। बुजुर्गों और पहले से ही किसी बीमारी से परेशान लोगों को इससे ज्यादा परेशानी हो सकती है।